samacharsecretary.com

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: AIIMS दिल्ली में सुबह 5:30 बजे विशेष सत्र

नई दिल्ली  अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर आज एम्स में आयोजित एक विशेष योग सत्र में काफी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। यह सत्र आज 21 जून रविवार की सुबह 5:30 बजे से आयोजित किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों के बीच योग और अच्छे स्वास्थ्य के संदेश को पहुंचाना था। इस सत्र में एम्स के डायरेक्टर, सीनियर डॉक्टर, फेकल्टी मेंबर, नर्सेस, मरीज और तीमारदारों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। सेहतमंद जीवनशैली अपनाने पर दिया जोर एम्स परिसर में सुबह से ही सभी लोग जुटना शुरू हो गए थे। स्वास्थ्य को लेकर संदेश देने वाले इस युग सत्र में मौजूद लोगों के साथ मिलकर डायरेक्टर ने विभिन्न योगासन किया और सेहतमंद जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। एम्स दिल्ली में हुआ आयोजन 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आज इस विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया था। इस वर्ष योग दिवस की थीम Start Your Day with Yoga रखी गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को दैनिक जीवन में स्वास्थ्य और योग के प्रति जागरूक करना था। इस खास कार्यक्रम के दौरान लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। कब से मनाया जा रहा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आपको बता दें कि साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया और देखते ही देखते दुनिया के कई देश इस मुहिम में शामिल हो गए। आज भी दुनिया के ज्यादातर देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मु, पीएम मोदी, उप राष्ट्रपति सहित देश के बड़े नेताओं ने आम लोगों के साथ योग किया।  

योग दिवस पर अंजय शुक्ला का संदेश, योग को बताया स्वास्थ्य और जीवन संतुलन का आधार

रायपुर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अंजय शुक्ला, उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड तथा प्रदेश संयोजक बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ ने रविवार सुबह योगाभ्यास कर अपने दिन की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को संतुलित एवं स्वस्थ रखने की एक प्राचीन और प्रभावशाली भारतीय पद्धति है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से मजबूत तथा आत्मिक रूप से संतुलित रहता है। शुक्ला ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और समृद्ध भारत की आधारशिला हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उन्होंने सभी को शुभकामनाएं देते हुए संदेश दिया कि योग को जन-जन तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। "करें योग, रहें निरोग" के संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

यशस्वी जायसवाल बाहर, विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह की वापसी से बदली भारत की ODI टीम

नई दिल्ली इंग्लैंड के खिलाफ जुलाई में होने वाली 3 मैचों की वनडे इंटरनेशनल सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है। विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गजों की वापसी हो गई है। ऐसे में कई खिलाड़ी इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। उन्हें मजबूरी में ड्रॉप करना पड़ा है। यहां तक कि अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे मैच में दमदार शतक जड़ने वाले यशस्वी जायसवाल को भी बाहर रखना पड़ गया है। इसके अलावा कौन अंदर है और कौन बाहर है और पूरा स्क्वॉड कैसा है? ये आप नीचे जान सकते हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज का हिस्सा रहे और लखनऊ में डेब्यू करने वाले प्रिंस यादव को इंग्लैंड दौरे के लिए टीम में नहीं रखा गया है। इसके अलावा ऑलराउंडर हर्ष दुबे भी इंग्लैंड दौरे पर जाने वाली वनडे टीम का हिस्सा नहीं हैं। हालांकि, अच्छी खबर ये है कि विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह के अलावा अक्षर पटेल की वापसी हो गई है, जबकि हार्दिक पांड्या भी अभी तक चोट से नहीं उबर सके हैं। ऐसे में नीतीश कुमार रेड्डी ही भारत के इस समय टॉप ऑलराउंडर पेसर के रूप में होंगे। विराट कोहली अभी भी फिटनेस के अधीन हैं। उन्हें फिटनेस टेस्ट पास करना होगा, तभी उन्हें स्क्वॉड में एंट्री मिलेगी। संभावना है कि वे इंग्लैंड में ही फिटनेस टेस्ट देंगे। भारत की ODI टीम इस प्रकार है शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली*, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, नीतीश कुमार रेड्डी, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और गुरनूर बरार। हर्षित राणा को अफगानिस्तान के खिलाफ आखिरी मैच से ठीक पहले टीम में जोड़ा गया था और वह भी इंग्लैंड दौरे पर वनडे सीरीज के लिए चुनी गई 15 सदस्यीय टीम का हिस्सा होंगे। इसके पीछे का कारण यह है कि चोटिल होने से पहले वह दमदार गेंदबाजी कर रहे थे। वनडे क्रिकेट में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था। इस तरह इंग्लैंड में पेस अटैक के रूप में जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, गुरनूर बरार और नीतीश कुमार रेड्डी होंगे। इंडिया वर्सेस इंग्लैंड वनडे सीरीज का शेड्यूल टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज 14 जुलाई से शुरू होगी। पहला मैच एजबेस्टन में खेला जाएगा। इसके अलावा दूसरा मुकाबला सीरीज का 16 जुलाई को कार्डिफ में खेला जाएगा, जबकि सीरीज का अंतिम मुकाबला लंदन के लॉर्ड्स में 19 जुलाई को आयोजित होना है T20 टीम में भी एक बदलाव सिलेक्टर्स को आयरलैंड के खिलाफ इसी महीने के आखिर में खेले जाने वाले दो टी20 मैचों के लिए टीम में बदलाव करना पड़ा है। वरुण चक्रवर्ती अभी फिट नहीं हैं। ऐसे में उनकी जगह हर्षित राणा को टीम में शामिल किया गया है। आयरलैंड T20Is के लिए भारत की अपडेटेड टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, वैभव सूर्यवंशी और प्रसिद्ध कृष्णा।

छत्तीसगढ़ में योग दिवस समारोह, योग को जीवन का हिस्सा बनाने का दिया आह्वान

रायपुर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के नगर पंचायत सरिया में आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने योग को भारतीय संस्कृति की आत्मा और राष्ट्र निर्माण का आधार बताया।   डॉ. शर्मा ने कहा कि योग का पहला परिचय धर्म की रक्षा के लिए कुरुक्षेत्र की रणभूमि में ही हुआ था, जब भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश देते हुए सांख्य योग के माध्यम से अधर्मी शक्तियों से लड़ने का मार्ग दिखाया था। आज जब हम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का 12वां वर्ष मना रहे हैं, यह गर्व का विषय है कि एक योग-धर्मी के त्याग, समर्पण और सेवा भाव से योग वैश्विक पहचान पा चुका है।   उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में योग की परिभाषा बदली है। यह अब केवल शारीरिक कसरत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तन और मन के बीच सेतु बनकर व्यक्ति का समग्र विकास करने वाला विज्ञान बन गया है।   भारत के डेमोग्राफिक डिविडेंड पर बोलते हुए डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा, भारत केवल आयु वर्ग के आंकड़ों से युवाओं का देश नहीं कहलाएगा। असली युवाओं का देश वह भारत होगा जो योग से युवा रहेगा। योग शरीर को लचीलापन ही नहीं देता, बल्कि मानसिक दृढ़ता और संतुलन भी देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह धारणा गलत है कि योग केवल युवाओं के लिए है। वास्तविकता यह है कि योग करने वाला प्रत्येक व्यक्ति युवा हो जाता है। योग युवापन का पर्याय है। जब हम योग से अपने मन और मस्तिष्क को नियंत्रित करना सीख लेते हैं, तब जीवन के हर क्षेत्र में हमारी जवाबदेही और क्षमता बढ़ जाती है। डॉ. शर्मा ने आह्वान किया कि योग को केवल एक दिन का आयोजन न बनाएं, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर घर-घर तक पहुंचाएं। तभी हम एक स्वस्थ, सशक्त और उज्ज्वल भारत का निर्माण कर पाएंगे। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष अरुण शराप, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही, पार्षदगण सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

राम मंदिर ट्रस्ट पर फंड हेराफेरी के आरोप, SIT रोजाना भेज रही जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को

अयोध्या अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले फंड में कथित हेराफेरी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों और मंदिर के अधिकारियों को अयोध्या न छोड़ने का निर्देश दिया है. मंदिर से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है. बताया जा रहा है कि रोजाना की इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट को डिजिटल फॉर्म में सुरक्षित रखा गया है. इसमें ट्रस्ट के अधिकारियों और जांच से जुड़े अन्य लोगों से की गई पूछताछ की डिटेल्स भी शामिल हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पेश करने से पहले इस रिपोर्ट को फाइनल रूप दिया जाएगा. इसके साथ ही, एसआईटी अपनी जांच से जुड़ीं जानकारियां रोजाना मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेज रही है. सूत्रों का कहना है कि एसआईटी की जांच सिर्फ फंड की कथित हेराफेरी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अलग-अलग फेज में मंदिर ट्रस्ट की ओर से खरीदी गई जमीन और मंदिर के लिए निर्माण सामग्री की खरीद को भी शामिल किया गया है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, आरोप लगाए जा रहे हैं कि मंदिर ट्रस्ट ने मार्केट रेट से ज्यादा कीमत पर जमीनें खरीदी थीं. इस मुद्दे को समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी समेत कई अलग-अलग राजनीतिक दलों ने उठाया था. अयोध्या राम मंदिर में मिले दान के गलत इस्तेमाल के आरोपों के बाद, मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया था. एसआईटी में लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक (IG) किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं.

योग दिवस आयोजन में बिजली व्यवस्था पर विवाद, विभाग ने कहा नियमों के तहत होगी जांच

करौली राजस्थान में भजनलाल सरकार बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाकर दोषियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. इस बीच करौली में आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह के दौरान सरकारी कार्यक्रम में ही बिजली चोरी का मामला सामने आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं. इस कार्यक्रम को आयुर्वेदिक विभाग ने आयोजित किया था. इस संबंध में आयुर्वेदिक विभाग के डिप्टी डायरेक्टर (DD) डॉ. कालूराम मीना ने बताया कि विभाग की ओर से व्यवस्थाओं के लिए पहले ही पत्र लिखा गया था, जिसमें संबंधित विभागों के नाम दिए गए थे. उन्होंने कहा कि खेल अधिकारी की तरफ से हमें यह व्यवस्था करवाई गई. अब देखना होगा कि किस विभाग पर बिजली विभाग कार्रवाई करता है. क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय स्थित मुंशी त्रिलोकचंद माथुर पर स्टेडियम में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम के लिए बिजली लाइन से सीधे तार डालकर अवैध रूप से बिजली सप्लाई लेने का आरोप लगा है. कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के सीनियर अधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद कथित रूप से खुलेआम बिजली का उपयोग किया गया. आम आदमी पर लगता है भारी जुर्माना गौरतलब है कि बिजली अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत विद्युत चोरी दंडनीय अपराध है. सामान्य उपभोक्ता द्वारा बिजली चोरी पकड़े जाने पर विद्युत निगम बीसीआर भरकर भारी जुर्माना वसूलता है और कानूनी कार्रवाई भी करता है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि सरकारी आयोजन में ही बिजली चोरी हुई है तो क्या संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ भी वही कार्रवाई होगी या फिर नहीं. योग दिवस के मंच से कानून पालन का संदेश योग दिवस के मंच से कानून पालन और जागरूकता का संदेश दिया गया, लेकिन दूसरी ओर विद्युत नियमों की अनदेखी ने पूरे आयोजन की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है. अब देखना होगा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ बीसीआर और विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है या फिर मामला केवल चर्चा तक ही सीमित रह जाएगा. बिजली चोरी के मामले पर क्या बोले सुपरिटेंडेंट इंजीनियर? इस मामले में विद्युत विभाग करौली के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर रूपसिंह गुर्जर ने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में बिजली चोरी होने की जानकारी फिलहाल हमारे संज्ञान में नहीं है. यदि कहीं अवैध रूप से विद्युत लाइन से कनेक्शन लेकर बिजली का उपयोग किया गया है तो मामले की जांच कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि, 'जांच में विद्युत चोरी की पुष्टि होने पर संबंधित विभाग के खिलाफ विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.' उन्होंने आगे कहा कि विभाग बिजली चोरी के मामलों को गंभीरता से लेता है और किसी को भी नियमों के उल्लंघन की अनुमति नहीं दी जाएगी. वहीं, आयुर्वेदिक विभाग करौली के डिप्टी डायरेक्टर (DD) डॉ. कालूराम मीना ने कहा, 'राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के आयोजन को लेकर हमने पहले ही जिला कलेक्टर को पत्र देकर विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तय कर दी थीं. बिजली व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित विभागों को अवगत कराया गया था. कार्यक्रम से पहले जब हम स्टेडियम पहुंचे तो वहां खेल स्टेडियम प्रशासन की ओर से हमें बताया गया कि लाइट की व्यवस्था यहां से कर लें. यदि बिजली चोरी जैसा कोई मामला सामने आया है तो इसकी जांच संबंधित विभाग करेगा. हमारी ओर से सभी आवश्यक पत्राचार और सूचना पूर्व में दे दी गई थी.

जेल के भीतर मोबाइल फोन बरामद, फरीदकोट में 5 कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज

फरीदकोट. केंद्रीय जेल फरीदकोट में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त बनाने के लिए की गई अचानक तलाशी के दौरान 6 मोबाइल फोन बरामद होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में थाना सिटी पुलिस ने 2 हवालातियों और 3 बंदियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार सहायक सुपरिटेंडेंट भिवमतेज सिंगला द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया कि डिप्टी सुपरिटेंडेंट (सिक्योरिटी) रवि कुमार की निगरानी में जेल के विभिन्न ब्लॉकों और बैरकों की अचानक तलाशी ली गई। इस दौरान हवालाती गगनदीप सिंह निवासी कोटकपूरा, हवालाती धर्मपाल निवासी जिला श्री मुक्तसर साहिब, बंदी हरमनप्रीत सिंह निवासी जिला फाजिल्का तथा बंदी मनप्रीत सिंह निवासी जिला मोगा के कब्जे से 2 टच स्क्रीन और 3 कीपैड मोबाइल फोन बरामद किए गए। सहायक सुपरिटेंडेंट प्रभदयाल सिंह द्वारा इसी दौरान दी गई सूचना के आधार पर की गई एक अन्य अचानक तलाशी के दौरान सिक्योरिटी जोन के ब्लॉक-बी की बैरक नंबर 6 में बंदी नवजोत सिंह निवासी जिला बरनाला के कब्जे से एक टच स्क्रीन मोबाइल फोन बरामद हुआ। दोनों मामलों में जेल प्रशासन द्वारा थाना सिटी फरीदकोट को सूचित किया गया, जिसके बाद पुलिस ने जेल एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज कर लिए। मामलों की जांच सहायक थानेदार गुरपाल सिंह, इन्वेस्टिगेशन विंग फरीदकोट द्वारा की जा रही है।

हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी: मृतक शिक्षाकर्मी के आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता

बिलासपुर. हाई कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति के एक मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए कहा है कि यदि दिवंगत पंचायत शिक्षक का आश्रित शिक्षक पद की अनिवार्य योग्यता नहीं रखता, तो केवल इस आधार पर उसकी अर्जी खारिज करना अनुचित है। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की एकल पीठ ने दुर्ग जिला पंचायत के पुराने आदेश को रद्द करते हुए प्रशासन को निर्देशित किया है कि वे याचिकाकर्ता की शैक्षणिक योग्यता के अनुसार किसी भी स्वीकृत और रिक्त चतुर्थ श्रेणी पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने पर विचार करें। याचिकाकर्ता राकेश कुमार वर्मा (30 वर्ष) के पिता चमन लाल वर्मा दुर्ग जिले में 'सहायक शिक्षक पंचायत के पद पर कार्यरत थे। 15 अक्टूबर 2015 को उनके आकस्मिक निधन के बाद राकेश ने 23 सितंबर 2016 को अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, जिसे 30 जुलाई 2018 को खारिज कर दिया गया। प्रशासन का तर्क था कि याचिकाकर्ता के पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यता नहीं है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि विभाग की अनुकंपा नीतियां लगातार बदलती रहीं। 2014 में दिवंगत शिक्षक के आश्रित को सीधे सहायक शिक्षक बनाया जा सकता था, जबकि 2016 में नियम बदलकर ''''ग्राम पंचायत सचिव'''' के रिक्त पद पर नियुक्ति का प्रावधान किया गया। हाई कोर्ट ने जिला पंचायत के आदेश को कानूनन गलत पाया और कहा कि अनुकंपा नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य पीड़ित परिवार को संकट से उबारना है। अदालत ने चार महीने के भीतर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

दांबुला में भारतीय युवा बल्लेबाजों का तूफान, श्रीलंका ए के खिलाफ 377 रन ठोककर ट्राई-सीरीज फाइनल जीता

दांबुला  दांबुला के मैदान पर भारतीय युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी के तूफान और गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन के बूते इंडिया ए ने श्रीलंका ए को फाइनल मुकाबले में करारी शिकस्त दे दी है। इस धमाकेदार जीत के साथ ही भारत ने ट्राई-सीरीज का खिताबी ताज अपने सिर सजा लिया है। मैच के असली हीरो 15 साल के ओपनर वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए महज 29 गेंदों पर 94 रनों की हैरतअंगेज पारी खेली। उनकी इस आतिशी बैटिंग के दम पर भारत ने श्रीलंका को एकतरफा अंदाज में 66 रनों से मात दी। टॉस हारकर पहले बैटिंग, वैभव-प्रभसिमरन ने मचाई तबाही इस खिताबी भिड़ंत में श्रीलंका ए के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था, लेकिन भारतीय ओपनर्स ने उनके इस फैसले को पूरी तरह गलत साबित कर दिया। भारत की ओपनिंग जोड़ी वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह ने मैदान पर उतरते ही चौके-छक्कों की बारिश कर दी। दोनों ने विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए पहले विकेट के लिए महज 53 गेंदों पर 132 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी कर डाली। इस दौरान वैभव ने सिर्फ 11 गेंदों पर लिस्ट-ए इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी पूरी की और कुल 94 रन बनाए। ओपनर्स से मिली इस ड्रीम शुरुआत की बदौलत इंडिया ए ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 377 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। 378 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य के आगे ढह गई श्रीलंकाई टीम जवाब में 378 रनों के एवरेस्ट जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका ए की टीम इस भारी दबाव को झेल नहीं सकी। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही शिकंजा कसे रखा और नियमित अंतराल पर विकेट चटकाए। भारतीय गेंदबाजों के घातक प्रदर्शन के आगे श्रीलंकाई टीम पूरी तरह ऑलआउट हो गई और लक्ष्य से काफी पीछे रह गई। भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका ए को 311 रनों पर ऑलआउट कर दिया।  

स्वैच्छिक ट्रांसफर में शिक्षकों की बढ़ी मुश्किलें, ई-अटेंडेंस के चलते रिक्त पद भी दिखे ‘रिजर्व’

भोपाल. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्वैच्छिक स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू किए जाने से पहले ही शिक्षकों के सामने नई परेशानियां खड़ी हो गई हैं। प्रदेश के कई शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों में रिक्त पदों को स्थानांतरण पोर्टल पर रिजर्व दर्शाए जाने से हजारों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। वहीं पोर्टल पर आवेदन की तैयारी कर रहे अनेक शिक्षकों को 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता भी बड़ी बाधा बन रही है। शिक्षकों का कहना है कि दो दिन पहले तक पोर्टल पर जो पद रिक्त दिखाई दे रहे थे, वे अब उपलब्ध सूची से गायब हो गए हैं। इससे उन्हें वास्तविक रिक्त पदों की जानकारी नहीं मिल पा रही है और वे अपनी पसंद के स्थानों के लिए आवेदन करने से वंचित हो रहे हैं। कई शिक्षकों को पोर्टल पर यह संदेश भी मिल रहा है कि उनकी ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम होने के कारण वे आवेदन के पात्र नहीं हैं। पारदर्शिता पर उठ रहे सवाल शिक्षक संगठनों ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि जब तक स्थानांतरण आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो जाती और सभी पात्र शिक्षकों को विकल्प चयन का अवसर नहीं मिल जाता, तब तक रिक्त पदों को रिजर्व या भरा हुआ दर्शाना उचित नहीं है। विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों में रिक्त पदों को रिजर्व दिखाए जाने से ऐसे शिक्षक प्रभावित होंगे जो वर्षों से पारिवारिक, स्वास्थ्य या अन्य आवश्यक कारणों से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इससे उन्हें अपनी पसंद के स्थानों का चयन करने का अवसर नहीं मिल पाएगा। नियमों में संशोधन की मांग शिक्षक संगठनों ने शासन और स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्वैच्छिक स्थानांतरण पोर्टल पर सभी वास्तविक रिक्त पदों को प्रदर्शित किया जाए तथा आवेदन प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी पद को अनावश्यक रूप से रिजर्व न रखा जाए। साथ ही, स्वैच्छिक स्थानांतरण नीति में संशोधन करते हुए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की शर्त समाप्त करने और जनगणना ड्यूटी में संलग्न शिक्षकों को भी स्थानांतरण के लिए पात्र घोषित करने की मांग की गई है। ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त हो 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त हो, साथ ही जनगणना वाले शिक्षकों को भी मौका दिया जाए। यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के शिक्षक लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने के लिए बाध्य होंगे। – उपेन्द्र कौशल,कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष,शासकीय शिक्षक संगठन। जनगणना कार्य के बाद कार्यमुक्त जनगणना कार्य करने वाले शिक्षकों को स्थानांतरण से वंचित करना उनके साथ अन्याय है। यदि शासन को जनगणना कार्य प्रभावित होने की आशंका हो, तो स्थानांतरण आदेश में यह शर्त जोड़ी जा सकती है कि संबंधित शिक्षक को जनगणना कार्य पूर्ण होने के बाद ही कार्यमुक्त किया जाए। नीति में संशोधन किया जाए। – जगदीश यादव, प्रांताध्यक्ष,राज्य शिक्षक संघ।