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बुंदेलखंड को मिला बड़ा तोहफा, योगी बोले—माफिया राज खत्म कर बदला क्षेत्र का चेहरा

महोबा उत्तर प्रदेश के महोबा दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 697 करोड़ रुपये से ज्यादा की 88 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने बुंदेलखंड के विकास, जल संरक्षण, कनेक्टिविटी और रक्षा क्षेत्र में हो रही प्रगति का जिक्र किया. इसके साथ ही, विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि नकारात्मक सोच रखने वाले लोग विकास और सकारात्मक बदलाव को स्वीकार नहीं कर पाते. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि उनकी सरकार ने माफिया राज खत्म करके बुंदेलखंड को एक्सप्रेसवे, सिंचाई परियोजनाओं और इन्वेस्टमेंट से जोड़ने का काम किया है. 'माफिया को मिट्टी मे मिलाकर…' योगी आदित्यनाथ ने कहा, "गोरखगिरी एडवेंचर टूरीज्म बने, महोबा को पहचान दें, यहां निकलने वाले पत्थर को पहचान दें. यह सिर्फ नींव नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका का निर्वहन करता है." उन्होंने आगे कहा कि जब पान की बात आती है, तो मुझे महोबा का देसवारी पान याद आता है, आल्हा ऊदल जैसे वीर पैदा हुआ गुरु गोरखनाथ ने लंबे वक्त तक पूजा की थी. इसलिए मैं यहां की परम्परा को नमन करता हूं. यहां के देशवारी पान को हमारी सरकार ने जियो टैग देकर वैश्विक मान्यता दिलाई है. सीएम योगी ने कहा, "बुन्देलखण्ड को बदनाम किया गया था. यहां पर भू और खनिज माफिया हावी थे. माफिया को मिट्टी मे मिलाकर बुंदेलखंड को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने का काम हमारी सरकार ने किया है. मुझे महोबा ओर चरखारी में आकर खुशी होती है कि यहां जल संरक्षण का कार्य हो रहा है. माफिया को मिट्टी में मिलाने का संकल्प लिया था, आज एक्सप्रेसवे बन रहा है." उन्होंने आगे कहा कि जल संरक्षण के लिए चंदेल कालीन राजाओं की तर्ज पर आगे बढ़ाएंगे. यहां की बनी ब्रह्मोस मिसाइल जब ऑपरेशन सिंदूर में मिसाइल दागी तो पाकिस्तान घबड़ाने लगा. कबरई के जिन किसानों ने अपनी भूमि डैम के लिए दी थी, उन्हें कई साल तक मुआवजा नहीं मिला लेकिन हमने उन किसानों को मुआवजा दिया. युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों की उलटी गिनती शुरू होना तय है. 'पानी की समस्या होगी खत्म. सीएम योगी ने कहा, "प्रदेश में उत्सव के पहले उपद्रव होता था. विकास की योजनाएं ठप्प पड़ी थीं. महोबा, बांदा, झांसी हमीरपुर की कनेक्टविटी नहीं थी. भारत का सबसे लंबा शहर बुन्देलखण्ड में केन बेतवा नहर की परियोजना पूरी होने को है. केन बेतवा लिंक परियोजना पूर्ण होने से पानी की समस्या का समाधान होगा." महोबा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, "जो लोग कब्जा करने की प्रवृत्ति रखते हैं और समाज में नकारात्मकता फैलाते हैं, उनकी सोच और मानसिकता दूषित होती है. ऐसे लोगों की आत्मा और बुद्धि मलिन हो चुकी है, इसलिए वे विकास और सकारात्मक परिवर्तन को स्वीकार नहीं कर पाते. इसी नकारात्मक और स्वार्थी सोच के कारण विपक्षी दलों ने पहले प्रदेश को विकास से दूर रखा और उत्तर प्रदेश को पीछे धकेला." मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी सरकार सकारात्मक सोच, सुशासन और विकास के एजेंडे पर काम कर रही है, जबकि विपक्ष सिर्फ भ्रम और नकारात्मकता फैलाने में लगा है.    

भारतीय नौसेना का अनूठा योग सत्र: 40 कर्मियों ने अंडरवॉटर योग से दिखाया संतुलन और शक्ति

विशाखापत्तनम  देशभर में आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। तीनों भारतीय सेनाओं ने भी योग कार्यक्रम आयोजित किए, लेकिन भारतीय नौसेना विशाखापत्तनम में योग का एक अनोखा प्रदर्शन किया। INS सतवाहन में शनिवार को एक अनूठे अंडरवॉटर योग (पानी के भीतर योग) सत्र का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में यूनिट के 40 कर्मियों ने भाग लिया और पानी की सतह के नीचे कई योगासन कर अपनी एकाग्रता, श्वास नियंत्रण, सहनशक्ति और मानसिक संतुलन का शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय नौसेना के अनुसार, इस कार्यक्रम का संचालन नौसेना के ही योग विशेषज्ञों ने किया और इसका नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर आरुष शर्मा ने किया। यह कार्यक्रम भारतीय नौसेना की स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता तथा फिटनेस के क्षेत्र में नवाचार को अपनाने के संकल्प का प्रतीक बना। साथ ही यह अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मोटो -'एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग'को भी मजबूत करता है। 'मन शांत, शरीर मजबूत…' नौसेना की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा गया, 'मन से शांत। शरीर से मजबूत। सेवा के प्रति समर्पित।' नौसेना की ओर से आगे लिखा गया, 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर नौसेना ने 'स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग' थीम को अपनाया है, जिससे एक स्वस्थ और मिशन के लिए तैयार फोर्स की नींव मजबूत हो रही है। योग मुद्राएं कर दिखाया दम इस अंडर वाटर योग में प्रतिभागियों ने पानी के भीतर योग मुद्राएं अपनाकर यह दिखाया कि कठिन परिस्थितियों में भी योग कैसे शारीरिक और मानसिक क्षमता को मजबूत बना सकता है। कार्यक्रम ने योग की प्राचीन परंपरा और पानी के भीतर काम करने वाले चुनौतीपूर्ण वातावरण का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। नौसेना के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता, भावनात्मक संतुलन और परिचालन तत्परता को बढ़ावा देना था। प्रतिभागियों ने प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया कि नियंत्रित श्वास, सजगता और अनुशासन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नए नियम लागू: रेलवे में बिना लाइसेंस फेरी और गलत यात्रा पर सख्त कार्रवाई

 रांची  रेलवे में बिना टिकट और नियम तोड़कर यात्रा करने वालों पर अब पहले से अधिक सख्ती होगी। रेल मंत्रालय की ओर से जारी गजट अधिसूचना के बाद ‘जन विश्वास अधिनियम’ के तहत रेलवे से जुड़े कई दंड प्रविधानों में बड़ा बदलाव किया गया है। नए नियम 19 जून से पूरे देश में लागू हो गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव बिना टिकट यात्रा करने वालों के लिए किया गया है। अब बिना वैध टिकट या पास के सफर करने पर यात्रियों को कम से कम 500 रुपये जुर्माना देना होगा। पहले यह न्यूनतम राशि 250 रुपये थी। रेलवे ने गलत टिकट, कम दूरी का टिकट लेकर लंबी दूरी तय करने तथा गलत श्रेणी में यात्रा करने पर भी न्यूनतम दंड 500 रुपये कर दिया है। रेलवे के अनुसार, किसी दूसरे व्यक्ति के टिकट पर यात्रा करने पर अब टिकट जब्त कर लिया जाएगा और किराये के साथ न्यूनतम 500 रुपये दंड वसूला जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य रेलवे को होने वाली राजस्व हानि रोकना और यात्रियों में नियम पालन की आदत विकसित करना है। नए प्रविधानों में रेलवे परिसरों में अनुशासनहीनता और अवैध गतिविधियों पर भी शिकंजा कसा गया है। बिना लाइसेंस फेरी या सामान बेचने पर अब सीधे 2000 रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। दोबारा पकड़े जाने पर यह राशि 5000 रुपये तक पहुंच सकती है। रेलवे परिसर में भीख मांगने वालों को अब सीधे परिसर से हटाने का प्रविधान किया गया है। महिला आरक्षित कोच में प्रवेश करने वाले पुरुष यात्रियों पर 2500 रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, आरक्षित सीट खाली नहीं करने पर 2000 रुपये तक दंड देना पड़ सकता है। रेलवे परिसर में धूम्रपान करने वालों पर अब 2000 रुपये जुर्माना लगाने के साथ टिकट भी रद किया जा सकता है। रेलवे संपत्ति या यात्री सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने पर 1000 रुपये से 5000 रुपये तक दंड तय किया गया है। प्रतिबंधित यात्री क्षेत्रों में अनधिकृत प्रवेश करने पर मौके पर ही 500 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। नशे की हालत में यात्रियों को परेशान करने वालों पर 1000 रुपये तक जुर्माना या सामुदायिक सेवा की सजा का प्रविधान रखा गया है। खतरनाक और ज्वलनशील सामान लेकर यात्रा करने वालों पर रेलवे ने सबसे कड़ा प्रविधान लागू किया है। ऐसे मामलों में न्यूनतम 10000 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा और यात्री को ट्रेन से उतारने की कार्रवाई भी की जाएगी। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गजट अधिसूचना जारी होते ही सभी नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो चुके हैं। आने वाले दिनों में टिकट जांच अभियान और अधिक तेज किए जाएंगे। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे वैध टिकट और सही श्रेणी में ही यात्रा करें, अन्यथा जांच के दौरान कड़ी कार्रवाई और बढ़ा हुआ जुर्माना देना पड़ सकता है।

80 यात्रियों से भरी बस में अचानक भड़की आग, लुधियाना में अफरा-तफरी का माहौल

लुधियाना. खन्ना के नजदीक लुधियाना–अमृतसर नेशनल हाईवे पर रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब यात्रियों से भरी एक एसी स्लीपर बस में अचानक आग भड़क उठी। बस में करीब 80 यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। गनीमत रही कि चालक और कंडक्टर की सूझबूझ से सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और एक बड़ा जानलेवा हादसा टल गया। जानकारी के मुताबिक, यह बस लुधियाना के समराला चौक से उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की ओर जा रही थी। जैसे ही बस बिजा गांव के पास पहुंची, पीछे के केबिन के नीचे बने लगेज कंपार्टमेंट से धुआं निकलने लगा। कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते पूरी बस इसकी चपेट में आ गई। धुआं और गर्मी ऊपर के केबिन तक पहुंचते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई यात्री घबराहट में अपनी सीटें छोड़कर इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोगों ने तो चलती बस से उतरने की कोशिश भी की, जिसमें उन्हें मामूली चोटें आईं। हालात बिगड़ते देख ड्राइवर ने तुरंत बस को सड़क किनारे रोका और कंडक्टर ने तेजी से सभी यात्रियों को नीचे उतारना शुरू किया। हालांकि, आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को अपना सामान निकालने का मौका तक नहीं मिला। आग की चपेट में आकर सभी यात्रियों का सामान जलकर राख हो गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। घटना स्थल का निरीक्षण करने पहुंचीं स्वाति तिवाना ने बताया कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। प्रशासन की ओर से प्रभावित यात्रियों को प्राथमिक उपचार, आवश्यक सहायता और आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक बस की व्यवस्था की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों की गहन पड़ताल की जा रही है।

नवनीत कौर और सुनेलिता टोप्पो के गोल से भारत ने फाइनल में दर्ज की शानदार जीत

ऑकलैंड  भारतीय महिला हॉकी टीम ने FIH हॉकी नेशंस कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने मेजबान न्यूजीलैंड को 2-0 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। ऑकलैंड में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और विपक्षी टीम को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया। न्यूजीलैंड की टीम भारत की चुनौती की किसी भी हद तक सामना नहीं कर सकी। नवनीत कौर दिलाई शानदार शुरुआत टीम इंडिया की जीत की नींव मैच के शुरुआती मिनटों में ही पड़ गई थी। चौथे मिनट में नवनीत कौर ने शानदार गोल दागकर टीम इंडिया को 1-0 की बढ़त दिलाई। इस शुरुआती बढ़त ने भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा दिया और टीम ने लगातार न्यूजीलैंड के डिफेंस पर दबाव बनाए रखा। मेजबान टीम बराबरी का गोल करने की कोशिश करती रही। लेकिन भारत ने हर हमले को नाकाम कर दिया। सुनेलिता टोप्पो ने दागा दूसरा गोल पहले क्वार्टर में बढ़त हासिल करने के बाद भारत ने दूसरे क्वार्टर में भी अपना दबदबा जारी रखा। 15वें मिनट में सुनेलिता टोप्पो ने शानदार फील्ड गोल कर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। इस गोल के बाद न्यूजीलैंड की टीम पर दबाव और बढ़ गया। भारतीय मिडफील्ड और डिफेंस ने शानदार तालमेल दिखाते हुए विरोधी टीम को गोल करने के अवसर नहीं दिए। पूरे टूर्नामेंट में रहा भारत का दबदबा भारत FIH नेशंस कप 2026 में बिना कोई मैच हारे आगे चैंपियन बना है। पहले टीम इंडिया ने USA, जापान और उरुग्वे के खिलाफ एक-एक गोल के अंतर से जीत हासिल की और अपने ग्रुप में टॉप किया। फिर सेमीफाइल में चिली को 6-0 से हराकर फ़ाइनल में जगह बनाई। इसके साथ ही आपको बता दें कि यह भारत की नेशंस कप में दूसरी खिताबी जीत है। इससे पहले साल 2022 में पहला संस्करण जीता था।  

खराब सड़क ने ली दो जिंदगियां, जबलपुर में तड़पती रही गर्भवती; मां और अजन्मे शिशु की मौत

जबलपुर. स्मार्ट सिटी और विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच जबलपुर से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने व्यवस्था की संवेदनशीलता और जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर सीमा से लगे एपीजे अब्दुल कलाम वार्ड की ब्रजपुरी कॉलोनी में सड़क की बदहाली एक गर्भवती महिला और उसके अजन्मे बच्चे की जिंदगी पर भारी पड़ गई। समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण 22 वर्षीय ममता कुशवाहा और उसके गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई। यह केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की विफलता की कहानी है, जो विकास के दावे तो करती है, लेकिन मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पाती। प्रसव पीड़ा शुरू हुई, लेकिन रास्ता बना सबसे बड़ी बाधा शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात महीने की गर्भवती ममता कुशवाहा को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उस समय उनके पति अमन कुशवाहा मजदूरी के लिए घर से बाहर गए हुए थे। घर पर मौजूद जेठानी ने तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन कॉलोनी तक पहुंचने वाली सड़क कीचड़, गड्ढों और खराब हालात के कारण वाहन चालकों ने अंदर आने से मना कर दिया। दर्द से कराह रही ममता के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा। मजबूरी में उन्हें जेठानी के सहारे पैदल ही मुख्य सड़क तक जाना पड़ा। करीब दो किलोमीटर का यह सफर उनके लिए किसी यातना से कम नहीं था। हर कदम के साथ दर्द बढ़ता जा रहा था और समय हाथ से निकलता जा रहा था। अस्पतालों के बीच दौड़ती रही जिंदगी मुख्य मार्ग पर पहुंचने के बाद किसी तरह ऑटो मिला और ममता को लेडी एल्गिन अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए तुरंत नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक पहुंचने की इस जद्दोजहद में कीमती समय निकल चुका था। मेडिकल कॉलेज पहुंचते-पहुंचते गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई। कुछ ही देर बाद ममता ने भी अंतिम सांस ले ली। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अब सवालों के घेरे में व्यवस्था ब्रजपुरी कॉलोनी के रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र की खराब सड़क और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ममता और उसके अजन्मे बच्चे की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर विकास के दावे तब किस काम के हैं, जब एक गर्भवती महिला को इलाज के लिए दो किलोमीटर पैदल चलना पड़े और उसकी कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़े।

न्यूयॉर्क से टेक्सास तक योग का जश्न, अमेरिका में बढ़ी योग की लोकप्रियता

वॉशिंगटन  टेक्सास के पार्कों और न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर से लेकर राज्य विधानसभाओं और गवर्नर के ऑफिस तक, इस हफ्ते के अंत में पूरे अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। यह दिखाता है कि भारत में शुरू हुई यह परंपरा अब एक देशव्यापी स्वास्थ्य कल्याण आंदोलन बन गई और इसे आम लोगों में कितना पसंद किया जा रहा है। इस साल का थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" रहा, जिसमें निवारक स्वास्थ्य देखभाल, सक्रिय जीवनशैली और मानसिक कल्याण पर विशेष जोर दिया गया। अमेरिका में भारत की सांस्कृति पहचान संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने के एक दशक से अधिक समय बाद अब इसका आयोजन पूरे अमेरिका में व्यापक स्तर पर किया जाता है। देशभर के पार्कों, विश्वविद्यालयों, सामुदायिक केंद्रों, सार्वजनिक स्थलों और सरकारी संस्थानों में योग दिवस मनाया जाता है। करोड़ों अमेरिकी नियमित रूप से योग का अभ्यास करते हैं और यह अमेरिका में भारत की सांस्कृतिक पहचान तथा प्रभाव के सबसे प्रमुख उदाहरणों में से एक बन चुका है। सबसे बड़े समारोह में से एक, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को टेक्सास के शुगर लैंड में हुआ। यहां कॉन्सुल जनरल डी.सी. मंजूनाथ, हिंदू स्वयंसेवक संघ और हिंदू युवा के एक इवेंट के लिए ब्रेजोस रिवर पार्क में मेयर कैरल मैककचियन के साथ शामिल हुए। इस इवेंट में लोग, चुने हुए अधिकारी और योग के शौकीन लोग आउटडोर योग सत्र और कल्याणकारी गतिविधियों के लिए इकट्ठा हुए। मंजूनाथ ने "होलिस्टिक हेल्थ, वेल-बीइंग और तालमेल" को बढ़ावा देने में योग की भूमिका के बारे में बात की। न्यूयॉर्क में, भारत के महावाणिज्यदूत ने मुख्य कार्यक्रम से पहले सेंट्रल पार्क में एक योग सत्र आयोजित किया। इसे "जबरदस्त ऊर्जा वाली शाम" बताते हुए, महावाणिज्यदूत ने कहा कि यह इवेंट न्यूयॉर्क शहर के बीचों-बीच वेलनेस का जश्न मनाता है। टाइम्स स्कावयर में बड़े आयोजन की तैयारी हर वर्ष आयोजित होने वाले ‘सोल्स्टिस इन टाइम्स स्क्वायर’ कार्यक्रम में इस बार हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। यह आयोजन उस परंपरा को आगे बढ़ाता है, जिसके तहत जून महीने में दुनिया के सबसे व्यस्त व्यावसायिक इलाकों में से एक टाइम्स स्क्वायर को खुले आसमान के नीचे एक विशाल योग स्टूडियो में बदल दिया जाता है। वाशिंगटन डीसी में, भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को लिंकन मेमोरियल में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम के आयोजन का नेतृत्व किया। सैकड़ों योग के शौकीन लोग नेशनल मॉल के पीछे वाली जगह में "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" थीम पर एक सामूहिक योग सत्र के लिए इकट्ठा हुए। इस इवेंट में डिप्लोमैट, कानून बनाने वाले, कम्युनिटी लीडर, योग करने वाले और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्य शामिल हुए, जिससे पूरे अमेरिका में योग की बढ़ती अपील पर जोर दिया गया। न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली में योग दिवस का प्रस्ताव इस वर्ष के आयोजनों को अमेरिकी लॉमेकर्स और सरकारी अधिकारियों से व्यापक मान्यता मिली है। न्यूयॉर्क स्टेट सीनेट ने सीनेटर शेली मेयर द्वारा प्रायोजित प्रस्ताव 'जे1895' को सर्वसम्मति से पारित किया। इस प्रस्ताव के माध्यम से गवर्नर कैथी होचुल से 21 जून 2026 को न्यूयॉर्क राज्य में आधिकारिक तौर पर 'योग दिवस' घोषित करने का आह्वान किया गया है। पारित प्रस्ताव में प्राचीन भारत में योग की ऐतिहासिक जड़ों, अमेरिकी नागरिकों के बीच इसकी बढ़ती लोकप्रियता और मानसिक तनाव को कम कर समग्र स्वास्थ्य व कल्याण को बढ़ावा देने में इसके लाभों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली में योग दिवस का एक प्रस्ताव पेश किया गया। यह इस साल किसी स्टेट गवर्नमेंट द्वारा योग दिवस को मिले सबसे बड़े आधिकारिक समर्थन में से एक को दर्शाता है। डेलावेयर के गवर्नर मैथ्यू मेयर (मैट मेयर) ने 21 जून 2026 को आधिकारिक रूप से अपने प्रांत में 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' मनाने का घोषणापत्र जारी किया है। पूरे अमेरिका में योग को लेकर कार्यक्रम इसके अलावा, कैलिफोर्निया में, रेडलैंड्स शहर ने भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए समर्थन जताया। वहीं कई दूसरी नगर पालिकाओं ने स्थानीय समारोह के साथ-साथ इसकी सराहना करते हुए समर्थन जताया। वेस्ट कोस्ट पर, सैन फ्रांसिस्को के क्रिसी मैदान में गोल्डन गेट ब्रिज के पास योग दिवस मनाया गया। भारतीय डिप्लोमेटिक मिशन और सामुदायिक संगठन ने लॉस एंजिल्स, सिएटल और पैसिफिक नॉर्थवेस्ट के दूसरे शहरों में योग कार्यक्रम आयोजित किए। शिकागो, अटलांटा, मियामी, डेनवर, डेट्रॉइट, बोस्टन और देश भर के यूनिवर्सिटी कैंपस में भी सामुदायिक योग सत्र की जानकारी सामने आईं। योग दिवस के अवसर पर आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों में न्यूयॉर्क के हेम्पस्टेड स्थित वैदिक हेरिटेज हनुमान मंदिर में ‘ए लोटस इन द मड’ मैगजीन की तरफ से आयोजित भक्ति-आधारित योग कार्यक्रम भी शामिल रहा। इस आयोजन में 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में ध्यान, संगीत, नृत्य और ‘आध्यात्मिक विकास के लिए भक्ति एक राजमार्ग’ विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में पद्म भूषण से सम्मानित और मशहूर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. दत्तात्रेयुडू नोरी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। आयोजक ने कहा कि इस कार्यक्रम का मकसद योग के आध्यात्मिक पहलुओं के साथ-साथ इससे होने वाले शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य फायदों को भी हाईलाइट करना था। पूरे अमेरिका में योग दिवस के जश्न का बढ़ना दिखाता है कि यह कैसे एक सालाना डिप्लोमैटिक पहल से बढ़कर एक बड़े पैमाने पर सर्व-कल्याणकारी आंदोलन बन गया है। यह 2014 में भारत की तरफ से पेश किए गए संयुक्त राष्ट्र के एक प्रस्ताव के तौर पर शुरू हुआ था और अब पूरे अमेरिका में राज्य विधानसभाओं, गवर्नर के कार्यालय, सिटी हॉल, सार्वजनिक पार्क और सामुदायिक केंद्रों में मनाया जाता है।  

सुकमा की 53 महिलाओं को मिला विशेष प्रशिक्षण, बढ़ेगी आय और मजबूत होगा पर्यावरण संरक्षण

सुकमा/रायपुर. बांस के उपयोग को बढ़ावा देने और इससे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आय के नए साधन अर्जित करने के लिए एक नवाचार के तहत महिलाओं को बांस से ट्री गार्ड निर्माण का विशेष प्रशिक्षण देकर सक्षम बनाया जा रहा है l सुकमा जिले के तोंगपाल में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 14 स्व-सहायता समूहों की 53 महिलाओं को बांस से ट्री गार्ड निर्माण का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना है। बांस आधारित उत्पाद निर्माण की दी गई जानकारी प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को बांस से ट्री गार्ड बनाने की तकनीक, डिजाइन और गुणवत्ता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। विशेषज्ञों ने बताया कि स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर कम लागत में टिकाऊ और उपयोगी ट्री गार्ड तैयार किए जा सकते हैं। पौधों की सुरक्षा में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका प्रशिक्षण के बाद स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जाने वाले बांस के ट्री गार्डों का उपयोग राष्ट्रीय राजमार्गों, सार्वजनिक स्थलों एवं विभिन्न पौधारोपण स्थलों पर किया जाएगा। इससे पौधों को पशुओं और अन्य संभावित नुकसान से सुरक्षा मिलेगी तथा हरित आवरण बढ़ाने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी। अतिरिक्त रोजगार और आय का अवसर बांस से निर्मित ट्री गार्डों की बढ़ती मांग महिलाओं के लिए आय का नया स्रोत बनेगी। इससे स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं अतिरिक्त आय अर्जित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के साथ उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी सहायक होगी। ‘लखपति दीदी’ अभियान को मिलेगा बढ़ावा यह पहल केंद्र और राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण एवं आजीविका संवर्धन की योजनाओं के अनुरूप है। बांस आधारित आजीविका गतिविधियों से जुड़कर महिलाएं ‘लखपति दीदी’ अभियान के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकेंगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी भी बढ़ेगी। महिला सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण तोंगपाल में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और सतत आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल जिले की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ हरित एवं समृद्ध समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

मकान बनाने के लिए नए मानक लागू, नक्शा पास कराने में अब सख्ती बढ़ेगी

पटना अगर आप बिहार में किसी जगह पर अपना नया मकान बनाना चाहते हैं या फिर आप कोई बिल्डर हैं और नया अपार्टमेंट बनाना चाहते हैं तो आपको यह खबर जरूर पढ़नी चाहिए। राज्य में ने मकानों, रसोईघर या शौचालय की ऊंचाई कितनी हो, इसे लेकर नए मानक बनाए गए हैं। इन मानकों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई भी होगी। दरअसल बिहार में अपार्टमेंट और मकान के कमरे, रसोई, शौचालय आदि के क्षेत्रफल और ऊंचाई के मानक तय कर दिए गए हैं। कमरे की ऊंचाई कम से कम 2.75 वर्गमीटर या 9 फीट और क्षेत्रफल 9 वर्गमीटर या 97 वर्गफीट होगा। इसका उल्लंघन करने वालों पर गाज गिरेगी। नक्शा स्वीकृत नहीं होगा। नगर विकास विभाग ने भवन निर्माण उपविधि के ड्राफ्ट में इसे शामिल किया है। सम्राट चौधरी कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे पूरे बिहार में लागू किया जाएगा। ड्राफ्ट में मकान के सभी घटक(कंपोनेंट) की ऊंचाई, चौड़ाई और क्षेत्रफल के मानक निर्धारित किए गए हैं। न्यूनतम मानकों का पालन करना सभी बिल्डर या मकान निर्माण करने वालों के लिए जरूरी होगा। इसके अनुसार रहने योग्य कमरे का क्षेत्रफल कम से कम 9 वर्गमीटर या 97 वर्गफीट, चौड़ाई 2.4 मीटर या 8 फीट और ऊंचाई 2.75 मीटर या 9 फीट होगी। इसी तरह रसोई का क्षेत्रफल 4.5 वर्गमीटर, चौड़ाई 1.8 मीटर या 6 फीट और ऊंचाई 2.75 मीटर या 9 फीट होगी। केवल स्नानागार यानी बाथरूम का क्षेत्रफल कम से कम 1.8 वर्गमीटर, चौड़ाई 1.2 मीटर और ऊंचाई 2.2 मीटर होगी। केवल शौचालय का क्षेत्रफल कम से कम 1.2 वर्गमीटर, चौड़ाई 0.9 मीटर होना चाहिए। इसी तरह प्लिंथ और छत की मुंडेर की ऊंचाई भी निर्धारित की गई है। वर्तमान में निर्माण के दौरान मानकों का पालन नहीं किया जाता है। बिल्डर स्वीकृत ऊंचाई में ज्यादा से ज्यादा फ्लोर बनाने के फेर में कमरे की ऊंचाई कम कर देते हैं। कई जगह आठ फुट तक ऊंचाई होती है। इससे आम लोगों को परेशानी होती है। जाहिर है नई भवन निर्माण उपविधि के लागू होने से ऐसी गतिविधियों पर काफी हद तक लगाम लगेगी। घटक – क्षेत्रफल (वर्गफीट) – चौड़ाई (फीट) – ऊंचाई (फीट) कमरा- 97 – 8 – 9 रसोई – 48.5 – 6 – 9 रसोई और डायनिंग – 81 – 7 – 9 केवल स्नानागार – 20 – 4 – 7.25 केवल शौचालय – 13 -3 – 7.25 शौचालय और स्नानागार – 30 – 4- 7.25 छत की मुंडेर – तय नहीं – तय नहीं – 3.95 से 4.92 फीट

LPG–PNG डुप्लीकेट कनेक्शन पर सख्ती, सरकार ने जारी किए नए नियम

नई दिल्ली अगर आप लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल, केंद्र सरकार ने नया नियम लागू करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन लिया जाएगा, उन्हें 30 दिनों के भीतर अपना एलपीजी (LPG) कनेक्शन सरेंडर करना होगा। यह नियम इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस के ग्राहकों पर लागू होगा। इसका मकसद डुप्लिकेट कनेक्शन खत्म करना, सब्सिडी को बेहतर बनाना और सिलेंडर की सप्लाई को उन ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में भेजना है जहां पाइप्ड गैस की सुविधा नहीं है। 30 दिन में कनेक्शन सरेंडर करने का नियम बीते मई महीने में सरकार ने LPG (सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन का नियमन) संशोधन आदेश, 2026' को जारी किया था। इन संशोधित नियमों के तहत जो परिवार PNG कनेक्शन लेते हैं, उन्हें 30 दिनों के भीतर अपना मौजूदा LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा। अगर उदाहरण से समझें तो अगर कोई परिवार 1 जून को PNG कनेक्शन लेता तो उसे 1 जुलाई तक अपना LPG अकाउंट बंद करना होगा। अगर इस समय-सीमा का पालन नहीं किया जाता है, तो LPG रिफिल पर रोक लग सकती है और अकाउंट बंद भी किया जा सकता है। किसे मिलेगा ट्रांसफर वाउचर ? हालांकि, नौकरी या पढ़ाई के कारण एक शहर से दूसरे शहर जाने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विशेष प्रावधान भी किया है। ऐसे उपभोक्ताओं को LPG कनेक्शन सरेंडर करने के बाद ट्रांसफर वाउचर दिया जाएगा। इसके तहत जहां PNG सुविधा नहीं होगी वहां पर एलपीजी कनेक्शन दोबारा हासिल करने में मदद करेगा। इससे किरायेदारों, छात्रों, प्रवासी कर्मचारियों और ट्रांसफरेबल जॉब करने वाले लोगों की बड़ी चिंता दूर होने की उम्मीद है। वर्तमान नियमों के तहत उपभोक्ता अपनी श्रेणी और क्षेत्र के अनुसार 25 दिन, 35 दिन या 45 दिन के अंतराल पर सिलेंडर बुक करा सकते हैं। इस बीच, खबर है कि तेल मार्केटिंग कंपनियां उन ग्राहकों की पहचान करने के लिए डेटाबेस की सक्रिय रूप से जांच कर रही हैं जिनके पास दोनों तरह के कनेक्शन हैं, ताकि उन्हें पूरी तरह से PNG पर स्विच करने के लिए कहा जा सके, जहां नेटवर्क मौजूद है। अधिकारियों का कहना है कि डुप्लीकेट कनेक्शन खत्म करने से कालाबाजारी रुकती है, सब्सिडी वाले कमर्शियल सिलेंडर के दुरुपयोग को रोका जा सकता है और पूरी तरह से LPG पर निर्भर घरों के लिए ईंधन वितरण को बेहतर बनाया जा सकता है। नए नियम के तहत अब डिलीवरी एजेंट के सिलेंडर सौंपने से पहले, ग्राहकों को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा गया वैलिड वन-टाइम पासवर्ड (OTP) बताना होगा।