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अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में गड़बड़ी के आरोप, SIT जांच में कई खामियां उजागर

अयोध्या अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा की चोरी के लिए बनाई गई एसआईटी ने छह दिनों तक लगातार जांच के बाद अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट लगभग तैयार कर ली है। 15 जून को अयोध्या आई एसआईटी शनिवार की शाम लखनऊ लौट गई। सोमवार की सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी जाएगी। बताया जा रहा है कि छह दिनों की जांच और करीब डेढ़ सौ लोगों से पूछताछ के बाद एसआईटी को यहां कदम कदम पर गड़बड़ियां और खामियां मिली हैं। हालत यह रही कि व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव ने एसआईटी के सामने ही एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ा है। एसआईटी को सीसीटीवी फुटेज तक डिलीट मिले हैं। सोना-चांदी के ब्योरे में तो बड़ी गड़बड़ी मिली है। बताया जा रहा है कि इसका ब्योरा ही नहीं रखा जाता था। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट से पहले ही निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने भी कई संगीन आरोप यहां की व्यवस्था पर लगा दिए हैं। उन्होंने तो चढ़ावे में हुई चोरी को डाका तक करार दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि सीएम योगी को रिपोर्ट मिलते ही बड़ी कार्रवाई हो सकती है।ट्रस्ट में बड़े स्तर पर बदलाव या पूरी व्यवस्था ही बदलने की संभावना जताई जा रही है। अखिलेश यादव के आरोपों के बाद गरमाया मामला समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सबसे पहले राम मंदिर के चढ़ावा में चोरी का आरोप लगाकर सनसनी फैलाई थी। सात जून को अखिलेश ने एक्स पर लिखा कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पाई गई है। उन्होंने कोर्ट से मामले के स्वतः संज्ञान लेने की मांग की। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने आरोपों को नकार तो दिया लेकिन कुछ भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इस पर अखिलेश के हमले और तेज हो गए। अखिलेश के बाद आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और कांग्रेस ने भी इसे लेकर हमले तेज कर दिए। पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह के आरोपों से बना दबाव अखिलेश यादव के आरोपों के बीच राम मंदिर में चढ़ावा की गिनती करने वाले पूर्व लेखा प्रभारी और विश्व हिंदू परिषद के नेता महिपाल सिंह ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए सीधे चंपत राय और गोपाल राव को निशाने पर ले लिया। महिपाल सिंह ने 2021 से ही चढ़ावा में चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने खुद पांच लाख की चोरी पकड़ी थी। उन्होंने यह भी बताया कि किस तरह से नोटों की गड्डियों की गलत गिनती करके चोरी हो रही थी। महिपाल सिंह ने दावा किया कि उन्होंने इस चोरी के बारे में गोपाल राव और चंपत राय को बताया। इसके बाद महिपाल को ही वहां से हटा दिया गया। सीसीटीवी फुटेज भी डिलीट करा दिए गए। अचानक अयोध्या पहुंचे नृपेंद्र मिश्रा अखिलेश यादव और महिपाल सिंह के आरोपों ने श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के साथ ही भाजपा पर भी दबाव बढ़ा दिया। चढ़ावा में गड़बड़ी को लेकर कई खबरें मीडिया में आने लगीं। महिपाल के वीडियो वायरल होने लगे तो चौतरफा दबाव बढ़ा। निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा अचानक अयोध्या पहुंचे। उन्होंने मामले को देखा, समझा। कहा गया कि दिल्ली से विशेष निर्देश पर नृपेंद्र मिश्रा यहां आए थे। उन्होंने इशारों में गड़बड़ी की बात भी मानी। बाद में खुलकर बोला तो खबली मच गई। विनय कटियार और संतों के हमले से बैकफुट पर आया ट्रस्ट इसी बीच राम मंदिर आंदोलन के हीरो रहे यहीं के पूर्व सांसद विनय कटियार और कई संतों ने भी ट्रस्ट पर हमला बोल दिया। जांच की मांग कर दी। इससे बैकफुट पर आए ट्रस्ट ने सेना के पूर्व अधिकारी को मामले की जांच सौंप दी। विनय कटियार का सीधा हमला चंपत राय पर भी था। ऐसे में ट्रस्ट की भूमिका पर ही प्रश्नचिह्न लगने लगा। कई और संत भी मैदान में खुलकर सामने आ गए। संतों ने भी ट्रस्ट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। राम मंदिर आंदोलन में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने वाले संतोष दुबे ने तो ऐसे आरोप लगाए जिसका जवाब किसी के पास नहीं था। एसआईटी जांच का ऐलान अयोध्या के संतों और राम भक्तों के साथ ही पूर्व सांसद विनय कटियार के भी इस मामले पर आक्रामक होते ही मामला और गंभीर हो गया। ट्रस्ट के अनुरोध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यी एसआईटी का गठन कर दिया। लखनऊ के मंडलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पंत की अगुवाई में आईजी लखनऊ रेंज किरन एस. और विशेष सचिव वित्त नील रतन को एसआईटी का सदस्य बनाते हुए मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई। एसआईटी को सात दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में फाइनल रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया। 15 जून को एसआईटी की टीम अयोध्या पहुंची और जांच शुरू कर दी। सबसे पहले चंपत राय से जानकारी श्रीराम मंदिर पहुंचते ही एसआईटी की टीम ने सबसे पहले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से पूरे मामले की जानकारी ली। गणना कक्ष में ही पूरी व्यवस्थाओं को परखा। वहां मौजूद कर्मचारियों की कार्य प्रणाली को देखा। कई अभिलेखों की जांच कर अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद एक-एक कर कर्मचारियों से पूछताछ के लिए लिस्ट बनी और अगले दिन से सभी तलब हुए। चंपत राय के सबसे करीबी टिल्लू यादव से लगातार दो दिनों तक पूछताछ हुई और उससे संपत्ति का ब्यूरो भी मांगा गया। कर्मचारियों से पूछताछ के बाद जांच का दायरा बढ़ा जैसे-जैसे एसआईटी ने जांच को आगे बढ़ाया गड़बड़ियां उतनी ही ज्यादा मिलने लगीं। ऐसे में जांच का दायरा भी बढ़ा दिया गया। जांच की जद में सामानों की आपूर्ति और ट्रस्ट की धनराशि से अलग-अलग स्थानों पर कराए गए निर्माण के अलावा जमीनों की खरीद-फरोख्त को भी शामिल कर लिया गया। आपूर्तिकर्ताओं और ठेकेदारों को भी तलब कर उनसे अभिलेख मांगे गए। छठे और अंतिम दिन शनिवार को राम मंदिर के तीनों महत्वपूर्ण पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की गई। तीनों ने एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ा। नृपेंद्र मिश्रा के आरोपों ने घेरा, मची खलबली एसआईटी जांच के बीच ही निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर में चढ़ावा की चोरी को डाका करार दे दिया। … Read more

सीमा पर योग का संदेश, अटारी-वाघा बॉर्डर पर BSF संग हजारों लोगों ने किया अभ्यास

अमृतसर. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) पंजाब फ्रंटियर द्वारा अटारी संयुक्त चेक पोस्ट (जेसीपी) में एक हजार से अधिक लोगों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। इस दौरान बीएसएफ के अधिकारी, जवान, उनके परिवारजन, विद्यार्थी, स्थानीय गणमान्य नागरिक और सीमावर्ती गांवों के लोग शामिल हुए। बीएसएफ पंजाब ने अपने हीरक जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में इस वर्ष की थीम ‘स्वस्थ वृद्धावस्था हेतु योग’ के तहत सभी मुख्यालयों, यूनिटों और सीमा चौकियों पर योग सत्र आयोजित किए। मुख्य कार्यक्रम जेसीपी अटारी में हुआ, जबकि गुरदासपुर स्थित करतारपुर साहिब कारिडोर, फिरोजपुर के जेसीपी हुसैनीवाला और फाजिल्का सीमा पर स्थित जेसीपी सादकी में भी विशेष आयोजन किए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बीएसएफ पंजाब के महानिरीक्षक अतुल फुलझेले ने कहा कि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकता है। नियमित योगाभ्यास मन और शरीर को संतुलित रखने के साथ जीवन के प्रत्येक चरण में सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में सहायक है। योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया। इस दौरान श्वास संबंधी क्रियाओं और शरीर की सही मुद्रा पर विशेष जोर दिया गया।

योग से स्वस्थ जीवन और सशक्त समाज का निर्माण संभव : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर. राज्यपाल रमेन डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित योग शिविर में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। राज्यपाल ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संदेश का वाचन किया एवं सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया। अपने संबोधन में राज्यपाल ने बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी और कहा कि यह हर्ष का विषय है कि पूरा छत्तीसगढ़ इस ऐतिहासिक अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रहा है। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी और समृद्ध रहने की कामना की। डेका ने प्रदेशवासियों से कहा कि योग को जीवनशैली में शामिल करें, प्रतिदिन योगाभ्यास की आदत बनाए और बच्चों को भी इसकी आदत डाले जिससे उनका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और वे  भविष्य में देश के अच्छे नागरिक बनेंगे। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को ही नहीं बल्कि मन और भावनाओं को सुदृढ़ बनाकर व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस अवसर पर डेका ने विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।  योगाभ्यास कार्यक्रम में विधायकगण पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, सुनील सोनी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव विकास शील, पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, पुलिस कमिश्नर रायपुर संजीव शुक्ला, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुए। बलरामपुर में हजारों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बलरामपुर जिले में “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम के साथ व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय स्थित स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल के हाई स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिले की प्रभारी मंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सहभागिता करते हुए विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास किया तथा नागरिकों को नियमित योग अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। आज विश्व के अनेक देशों में योग को स्वास्थ्य, संतुलन और मानव कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का विज्ञान है। योग और अध्यात्म एक-दूसरे के पूरक हैं तथा यह व्यक्ति को स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवन की दिशा प्रदान करते हैं। योग हमारी सांस्कृतिक विरासत और स्वस्थ जीवन का आधार है : ओ.पी. चौधरी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज जांजगीर-चांपा जिला मुख्यालय स्थित भीमा तालाब के जाज्वल्य देव द्वार परिसर में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों के सदस्यों तथा नागरिकों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास में भाग लिया। इस अवसर पर वित्त मंत्री चौधरी ने जिलेवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों के कारण योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज पूरी दुनिया भारतीय संस्कृति की इस अमूल्य धरोहर को अपना रही है। उन्होंने कहा कि योग “विकास भी, विरासत भी” की अवधारणा का जीवंत उदाहरण है, जिसने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को विश्व मंच पर सम्मान दिलाया है।

राष्ट्रपति मुर्मु की मौजूदगी में सजा दीक्षांत समारोह, मेधावी छात्रों को मिले गोल्ड मेडल

जबलपुर. रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का 36वां दीक्षांत समारोह रविवार को उस समय ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण का साक्षी बना, जब राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने समारोह में पहुंचकर मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए। विश्वविद्यालय परिसर में सुबह से ही उत्साह और गरिमा का माहौल था। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। सर्किट हाउस से विश्वविद्यालय तक पूरे मार्ग पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती रही। समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। राष्ट्रपति के पहुंचते ही परिसर में मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। शोभायात्रा और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के विश्वविद्यालय पहुंचने के बाद पारंपरिक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें मंचासीन अतिथि शामिल हुए। इसके बाद राष्ट्रपति ने दीप प्रज्वलित कर 36वें दीक्षांत समारोह का विधिवत शुभारंभ किया। कुलगान और अन्य औपचारिक कार्यक्रमों के साथ समारोह आगे बढ़ा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की थीं। कुलगुरु ने गिनाईं विश्वविद्यालय की उपलब्धियां दीक्षांत भाषण की शुरुआत करते हुए कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने वीरांगना रानी दुर्गावती को नमन किया। उन्होंने कहा कि 24 जून को रानी दुर्गावती का 462वां बलिदान दिवस है और विश्वविद्यालय उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए शिक्षा और शोध के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। कुलगुरु ने बताया कि 23 जुलाई 2024 को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) ने विश्वविद्यालय को 'ए' ग्रेड प्रदान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय मात्र 0.04 अंक से 'ए++' ग्रेड हासिल करने से चूक गया। इसके बावजूद यह उपलब्धि संस्थान की गुणवत्ता और शैक्षणिक उत्कृष्टता को दर्शाती है। रोजगारोन्मुखी शिक्षा और डिजिटल सुधारों पर जोर प्रो. वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय में कई नवाचार लागू किए गए हैं। रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) से 10 करोड़ रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने 28 घंटे में 28 परीक्षा परिणाम घोषित कर एक उल्लेखनीय रिकॉर्ड बनाया है। साथ ही डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को पूरी तरह लागू करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। 'भारत' शब्द को बनाया पहचान का हिस्सा अपने संबोधन में कुलगुरु ने एक विशेष पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय ने अपने सभी आधिकारिक दस्तावेजों में 'इंडिया' के स्थान पर 'भारत' शब्द का उपयोग प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय अस्मिता और आत्मगौरव से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया। मेधावियों को मिला राष्ट्रपति के हाथों सम्मान समारोह के अंतिम चरण में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने विभिन्न संकायों के चयनित विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और उपाधियां प्रदान कर सम्मानित किया। राष्ट्रपति के हाथों सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह क्षण जीवनभर की याद बन गया। पूरे समारोह के दौरान विश्वविद्यालय परिसर तालियों की गूंज और उपलब्धियों के उत्सव से सराबोर नजर आया।

राजनीतिक विज्ञापनों पर पाबंदी से संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि राजनीतिक विज्ञापनों पर रोक लगाने से संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं होता। कोर्ट ने चुनाव आयोग (ECI) के 2019 के उस फैसले को सही ठहराया, जिसमें आदर्श आचार संहिता (MCC) के दौरान दिल्ली मेट्रो में ऐसे विज्ञापनों पर रोक लगाई गई थी। हाई कोर्ट उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जो उन कंपनियों के समूह ने दायर की थीं जिनके पास दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के साथ विज्ञापन के अधिकार हैं। इन अधिकारों में ट्रेनों के अंदर और बाहर, साथ ही सिविल स्ट्रक्चर पर विज्ञापन लगाने के कॉन्ट्रैक्ट शामिल हैं। DMRC के फैसले को सही ठहराया इन याचिकाओं में एक सिंगल जज के जनवरी 2020 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें MCC (आदर्श आचार संहिता) लागू रहने के दौरान मेट्रो स्टेशनों और ट्रेनों में राजनीतिक विज्ञापनों पर रोक लगाने के DMRC के फैसले को सही ठहराया गया था। याचिकाकर्ताओं ने जून 2019 में ECI की ओर से DMRC को भेजे गए एक संदेश का जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान कमर्शियल विज्ञापनों के लिए लीज पर दी गई जगह पर कोई भी राजनीतिक विज्ञापन नहीं लगाया जाएगा। अचार संहिता में तुरंत हटेगा विज्ञापन अगर दी गई जगह पर कोई राजनीतिक विज्ञापन है, तो आदर्श आचार संहिता लागू होते ही उसे तुरंत हटा दिया जाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि यह निर्देश संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करता है, क्योंकि MCC के दौरान राजनीतिक प्रचार के लिए बस शेल्टर जैसी जगहों के इस्तेमाल पर ऐसी कोई पाबंदी नहीं थी। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि अपील करने वालों पर अपना बिजनेस करने को लेकर 'कोई पूरी रोक नहीं' थी। कोर्ट ने कहा कि MCC लागू होने के दौरान भी वे ऐसे विज्ञापन दिखाने के लिए आजाद थे जो राजनीतिक नहीं थे। बेंच ने कहा कि राजनीतिक विज्ञापनों पर सीमित रोक का मतलब विज्ञापनों पर पूरी तरह से रोक लगाना नहीं है। संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन नहीं कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक विज्ञापनों को दिखाने पर रोक (वह भी सीमित समय के लिए) का मतलब यह नहीं है कि कंपनियों को कोई भी विज्ञापन दिखाने से रोका गया था। इसलिए, यह दलील कि इससे संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) (बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी) और (g) (किसी भी पेशे को अपनाने का अधिकार) का उल्लंघन हुआ है, बेबुनियाद है।  

महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल, उद्धव ठाकरे गुट से 6 सांसदों के टूटने की तैयारी

महाराष्ट्र महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो सकता है. शिवसेना यूबीटी खेमे में आज फूट का औपचारिक ऐलान होने के संकेत मिल रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, 6 बागी सांसदों के अलग होने की तैयारी पूरी हो चुकी है. कई दिनों की ज़बरदस्त अटकलों, आरोपों और तीखी टिप्पणियों के बाद, आज शिवसेना (उद्धव ठाकरे) खेमे में फूट की औपचारिक घोषणा होने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक, बागी सांसद रविवार को संयुक्त रूप से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें वे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ अपनी बैठक की तस्वीरें और वीडियो फुटेज जारी करेंगे. इसके साथ ही, स्पीकर को सौंपे गए पत्र की एक कॉपी भी पेश करेंगे. उम्मीद की जा रही है कि बागी सांसद उद्धव ठाकरे खेमे से अलग होने के पीछे की वजहों का भी जिक्र करेंगे. कब क्या हुआ? पूरी टाइमलाइन…. उद्धव ठाकरे खेमे में पाला बदलने की चर्चा तेज होने के बाद महाराष्ट्र के सियासी हलकों में नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला है. संजय जाधव, संजय देशमुख, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल अष्टिकर और संजय दीना पाटिल सहित 6 बागी सांसद पहले देश के अलग-अलग हिस्सों से दिल्ली पहुंचे, नोएडा के एक होटल में रुके और दिल्ली में एकनाथ शिंदे तथा उनके बेटे श्रीकांत के साथ मीटिंग में शामिल हुए. अगली सुबह, श्रीकांत और निंबालकर दोनों ने सुबह करीब 7 बजे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की. सुबह करीब 10.20 बजे, बाकी पांच सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात की और एक पत्र सौंपा जिसमें कहा गया था कि वे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय कर रहे हैं और सदन में उनके बैठने की जगह बदलने की गुजारिश की. मीटिंग के बाद, सांसद चेन्नई, वाराणसी, पुणे और मुंबई सहित अलग-अलग जगहों के लिए रवाना हो गए. आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दो सांसद चेन्नई से और दो कोलकाता से मुंबई पहुंचेंगे, जबकि एक सांसद पहले से ही मुंबई में है और दूसरा पुणे में है.

रांची एयरपोर्ट की उड़ानों में बदलाव, अहमदाबाद, पटना और चेन्नई रूट प्रभावित

 रांची मानसून सीजन को देखते हुए विमानन कंपनियों ने अपनी उड़ान सेवाओं के शेड्यूल में बदलाव किया है। इंडिगो एयरलाइंस ने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से संचालित होने वाली कुछ प्रमुख उड़ानों के दिनों में परिवर्तन किया है। नए शेड्यूल के अनुसार यात्रियों को यात्रा से पहले फ्लाइट की स्थिति जरूर जांच लेने की सलाह दी गई है। इंडिगो की रांची-अहमदाबाद विमान सेवा अब सप्ताह में पांच दिन संचालित होगी। यह उड़ान रविवार, मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार और शनिवार को उपलब्ध रहेगी। वहीं रांची-पटना रूट पर विमान सेवा मंगलवार और गुरुवार को छोड़कर सप्ताह के बाकी दिनों में संचालित होगी। रांची से कोलकाता जाने वाले यात्रियों के लिए भी बदलाव किया गया है। इंडिगो की उड़ान संख्या 6ई-7251 अब सप्ताह में तीन दिन उपलब्ध नहीं होगी। यह सेवा सोमवार, बुधवार और शनिवार को संचालित नहीं की जाएगी। इसके अलावा रांची-चेन्नई विमान सेवा सप्ताह में चार दिन रविवार, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को उड़ान भरेगी। मानसून के दौरान मौसम की स्थिति का असर विमान परिचालन पर पड़ सकता है। तेज बारिश, कम दृश्यता या खराब मौसम की स्थिति में उड़ानों के समय में बदलाव या देरी की संभावना रहती है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि एयरपोर्ट पहुंचने से पहले एयरलाइंस की वेबसाइट, मोबाइल एप या हेल्पलाइन से फ्लाइट का ताजा अपडेट जरूर प्राप्त कर लें। यात्रियों को बोर्डिंग समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने और यात्रा के दौरान जरूरी दस्तावेज साथ रखने की भी अपील की गई है, ताकि अंतिम समय में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।  

भोपाल स्टेशन पर ‘हरित युवा–हरित भारत’ अभियान की शुरुआत, यात्रियों को बांटे गए 500 पौधे

भोपाल पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से आज भोपाल रेलवे स्टेशन पर **हरित युवा–हरित भारत अभियान** का शुभारंभ मध्य प्रदेश समाज सेवा संस्था (MPSSS), ICYM एवं YCS द्वारा MIJARC के सहयोग से किया गया। अभियान के अंतर्गत भोपाल स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को 500 निःशुल्क फलदार पौधों का वितरण कर पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  आशीष दुबे  स्टेशन डायरेक्टर, भोपाल रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में  हैरिस लाल (मुख्य कार्यालय अधीक्षक, वाणिज्यिक – डीआरएम, भोपाल), राकेश (डिप्टी एसएस) तथा  सुरेन्द्र मोहन शर्मा (सेवानिवृत्त रिजर्वेशन सुपरिटेंडेंट) उपस्थित रहे। इस अवसर पर फादर शिल्टों अब्राहम, फादर जोशी, मध्य प्रदेश समाज सेवा संस्था (MPSSS) के समस्त स्टाफ सदस्य तथा एम.पी.आर.वाई.सी. (MPRYC) के सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत फादर शिल्टों द्वारा अभियान के परिचय के साथ की गई। इसके बाद MPRYC के सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत फलदार पौधे भेंट कर किया। मुख्य अतिथि श्री आशीष दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है तथा प्रत्येक नागरिक को वृक्षारोपण एवं पौधों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने इस जन-जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए इसे समाज और पर्यावरण के हित में एक सराहनीय पहल बताया। साथ ही उन्होंने भारतीय रेलवे द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि हैरिस लाल ने कहा कि पर्यावरण हमारे जीवन का आधार है। इसमें वायु, जल, भूमि, पेड़-पौधे और सभी जीव-जंतु शामिल हैं। स्वच्छ पर्यावरण स्वस्थ जीवन प्रदान करता है। बढ़ते प्रदूषण और पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, इसलिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण, जल संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रयास करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ पर्यावरण ही हमारे सुरक्षित भविष्य की नींव है। कार्यक्रम के दौरान यात्रियों को पौधों का वितरण किया गया तथा उन्हें पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और हरित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित अतिथियों एवं सदस्यों ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का सफल आयोजन मध्य प्रदेश समाज सेवा संस्था (MPSSS), ICYM, YCS, MIJARC तथा MPRYC के संयुक्त सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का समापन फादर जोशीके आभार उद्बोधन एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

भूमिहीन कृषि मजदूरों को बड़ी राहत, हर पात्र परिवार को मिलेंगे 10 हजार रुपये

सूरजपुर. राज्य सरकार द्वारा भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों की शुद्ध आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करने के उद्देश्य से "दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना" संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र हितग्राही परिवार को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों तक आर्थिक सहायता पहुंचाना है, जो खेती में परिश्रम तो करते हैं, परंतु उनके पास स्वयं की भूमि नहीं है। यह सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में जमा की जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो। यह योजना भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है, ताकि वे शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा कर सकें, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। योजना के अंतर्गत आवेदन के लिए आवेदक का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना आवश्यक है। पात्र समूह में भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी सहित अनुसूचित क्षेत्रों में देवस्थलों से जुड़े पुजारी, वैद्य, गुनिया एवं मांझी परिवार शामिल हैं। इन समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शासन द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। योजना के अंतर्गत आवेदन की प्रक्रिया अत्यंत सरल रखी गई है। इच्छुक हितग्राही ग्राम/नगर पंचायत कार्यालय से ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। पूर्ण आवेदन जमा करने के पश्चात विभाग द्वारा सत्यता जांच की जाएगी। इसके अतिरिक्त पंजीयन विवरण ऑनलाइन मोबाइल नंबर, आधार नंबर अथवा पंजीयन क्रमांक के माध्यम से भी देखा जा सकता है। नियमित वित्तीय सहायता भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के लिए स्थायी लाभ सुनिश्चित करेगी। यह पहल राज्य सरकार की ग्रामीण कल्याण नीति में कमजोर वर्ग के उत्थान की प्राथमिकता को दर्शाती है।

अवैध खनन और माफियाओं पर जीरो टॉलरेंस: योगी आदित्यनाथ ने झांसी में दिए कड़े आदेश

झांसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आयुक्त सभागार में जनपद झांसी के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए जाने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार संवाद किए जाने का निर्देश देते हुए कहा कि ऐसा करने से विकास को गति मिलती है। उन्होंने नए कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण जनप्रतिनिधियों से कराए जाने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी गौरांग राठी द्वारा "जनसंवाद" एक नई पहल को प्रदेश स्तर तक लागू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य सचिव के समक्ष वीसी के माध्यम से जनसंवाद की जानकारी दिए जाने का सुझाव दिया, ताकि अन्य जिलों में भी इस पहल को प्रारंभ कराया जा सके। उन्होंने जिलाधिकारी द्वारा "न्यायालय आपके द्वार" अंतर्गत वादों की सुनवाई भी जनसंवाद के माध्यम से किए जाने की जानकारी देनें पर प्रसन्नता व्यक्त की। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट और कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जनपद में अवैध खनन, गो तस्करी, भू माफिया, शराब माफिया पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जहां से अवैध खनन होता है, उसे वहीं रोका जाए। सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाएं। इसके साथ ही उन्होंने ओवरलोडिंग पर भी कड़ा एक्शन लेने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश अकेला ऐसा राज्य है जहां खनन नीति बनाई गई है। उन्होंने निर्देश दिया कि जहां अवैध खनन किया गया, वहां समतलीकरण करते हुए व्यापक वृक्षारोपण कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को पशुपालन विभाग की सहभागिता योजना का लाभ दिए जाने का सुझाव दिया। सीएम ने कहा कि गो आश्रय स्थल से ऐसे परिवार को एक गाय दें, जिसका लालन-पालन करते हुए दूध का इस्तेमाल स्वयं करें, उन्हें सरकार 1500 रुपये का भुगतान भी करेगी। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में उन्होंने आयुष्मान योजना अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों को किए जा भुगतान के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उद्यमी बनाकर आत्मनिर्भर बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने जनपद में एफपीओ द्वारा तैयार किए जा रहे मिलेट्स के उत्पादों को मार्केट उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण को पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि जो पट्टे दिए गए हैं, उनके परिजनों को मुआवजा दें या आवास। उन्होंने बीडा में स्किलिंग के लिए भी ट्रेनिंग कराए जाने का सुझाव दिया ताकि बेरोजगारों को यहीं पर रोजगार मिल सके। उन्होंने बीडा में इच्छुक निवेशकों को डेटा सेंटर की भूमि आवंटन पर सुझाव दिए की जरूरत के मुताबिक उन्हें भूमि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बीडा की समीक्षा करते हुए कहा कि क्षेत्र के युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए उन्हें गांव में ही प्रशिक्षण दिया जाए ताकि क्षेत्र में जो औद्योगिक इकाई स्थापित हो वहां उन्हें नौकरी मिल सके। उन्होंने कहा कि जनपद में माफियाओं पर जीरो टॉलरेंस के साथ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। महिलाओं और बालिकाओं को किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो इसके लिए पेट्रोलिंग को और बेहतर बनाते हुए अधिक से अधिक किया जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने पैदल पैट्रोलिंग करने के भी निर्देश दिए।      समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी गौरांग राठी ने जनपद में जनसंवाद अभिनव पहल की जानकारी दी। जल संरक्षण के कार्यों से लगभग 03 मीटर भूजल बढ़ जाने की जानकारी दी। उन्होंने जनपद में आगामी 02 माह में विद्युत व्यवस्था में काफी कुछ सुधार लाए जाने की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद की सभी गोशालाओं पर सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से लगातार विकास भवन कार्यालय से निगरानी की जा रही है। उन्होंने जनपद में तुलसी की खेती के विस्तार हेतु बुंदेलखंड औषधि फार्मर समिति के गठन की जानकारी दी और लगातार किसानों की संख्या में बढ़ोतरी। इसके अतिरिक्त उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति सहित राजस्व वादों के निस्तारण की संबंध में जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने कानून व्यवस्था की जानकारी देते हुए मिशन शक्ति के तहत की किए गए कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने जनपद में माफियाओं पर की गई कार्यवाही की जानकारी दी। बैठक में सीईओ संजय खत्री ने बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण में भू अर्जन की जानकारी दी। उन्होंने आवश्यक तकनीकी कार्मिकों की आवश्यकता के संबंध में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा भी सुझाव रखे गए। सर्वप्रथम सांसद झांसी ललितपुर अनुराग शर्मा ने एम्स और आईआईटी के लिए जगह भूमि की उपलब्धता का सुझाव दिया। विधायक बबीना राजीव सिंह ने मुआवजे में आ रही दिक्कतों की जानकारी दी। इसी क्रम में विधायक मऊरानीपुर डॉ रश्मि आर्य, एमएलसी रमा निरंजन, एमएलसी डा बाबू लाल तिवारी से भी जानकारी ली। मेयर बिहारी लाल आर्य ने जनपद में डिफेंस कॉरिडोर और बीडा के दृष्टिगत एयरपोर्ट का अनुरोध किया।