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सीमा पर नशा तस्करी पर बड़ा वार, अमृतसर में संयुक्त कार्रवाई में 27 किलो हेरोइन जब्त

अमृतसर. भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित पुल मोरां के पास बीएसएफ और पुलिस ने सर्च अभियान चलाकर कुल 27 किलो हेरोइन की खेप बरामद की है। 25 पिस्तौल और एके 47 की बरामदगी के बाद यह बड़ी खेप है। आशंका जताई जा रही है कि यहीं हथियारों की खेप भी पाकिस्तानी तस्करों ने गिराई है। सर्च अभी तक जारी है। बीएसएफ को सूचना मिली थी कि पाक तस्करों ने ड्रोन के जरिए घरिंडा इलाके में हेरोइन की बड़ी खेप गिराई है। पुलिस के साथ ज्वाइंट आपरेशन के दौरान जवानों ने यह खेप बरामद की। भार करने पर इसका वजन 27 किलो बताया गया है। बता दें इससे पहले बुधवार को रमदास इलाके में 25 पिस्तौल, एक एके 47, 360 कारतूस, 47 मैगजीन और एक बुलेट प्रूफ जाकेट सहित एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इंदौर में NEET अभ्यर्थियों की सख्त चेकिंग, क्लचर से लेकर कानों की बाली तक हटवाई गई

इंदौर. मेडिकल में प्रवेश के लिए देश की सबसे बड़ी री परीक्षा NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर मध्यप्रदेश में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। नीट-यूजी परीक्षा केंद्र के बाहर सुबह 11 बजे से ही गहमागहमी शुरू हो गई थी। डेढ़ बजे तक प्रवेश मिलना था, लेकिन सुरक्षा के नियम इतने कड़े थे कि छात्र-छात्राएं हैरान रह गए। पेन-पेंसिल ले जाने पर भी पाबंदी केंद्र के बाहर ही पेन-पेंसिल रखवा लिए गए और बताया गया कि ये अंदर ही मिलेंगे। परीक्षार्थियों को केवल आधार कार्ड और प्रवेश पत्र ले जाने की अनुमति थी। जांच के दौरान पानी की पारदर्शी बोतलों से स्टिकर हटाए गए, हाथ के पवित्र धागे कटवाए गए और बालिकाओं के बालों से क्लच व पोनीटेल तक निकलवा दिए गए। पुलिस अधिकारियों ने संभाला छात्रा का मोबाइल इसी बीच छात्रा सेजल गुप्ता मोबाइल के साथ पहुंची। परिजन साथ नहीं थे, तो गेट पर तैनात पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसका मोबाइल सुरक्षित संभाला। कान की बाली के लिए भी छात्रा को रोका गया वहीं एक छात्रा सानिया मनियार की एक कान की बाली लाख कोशिशों के बाद भी नहीं निकली, तो गहन जांच के बाद उसे उसी हाल में प्रवेश दिया गया। सबसे ज्यादा परेशानी तब हुई जब एक अन्य छात्रा अपना आधार कार्ड लाना भूल गई। उसे रोका गया तो वह रोने लगी; उसके माता-पिता तुरंत प्रिंट आउट निकलवाने के लिए दौड़े। परीक्षा से पहले का यह दृश्य किसी कड़े इम्तिहान से कम नहीं था।

झारखंड में परिसीमन पर आदिवासी प्रतिनिधिमंडल की चिंता, आरक्षित सीटों पर असर का दावा

 रांची  आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उरांव के नेतृत्व में आदिवासी छात्र संघ के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने लोकभवन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की। वर्ष 2027 में प्रस्तावित परिसीमन, अनुसूचित जनजातियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की सुरक्षा, पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों के संवैधानिक संरक्षण एवं आगामी जनगणना में पृथक सरना धर्म कोड लागू करने की मांग को ले ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि परिसीमन प्रक्रिया में आदिवासी समाज के ऐतिहासिक, सामाजिक एवं संवैधानिक अधिकारों को ध्यान में रखा जाए तथा वर्ष 1971 की जनगणना के आधार पर अनुसूचित जनजाति आरक्षित सीटों की वर्तमान संरचना को सुरक्षित रखा जाए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि वर्ष 2027 की जनगणना के आधार पर परिसीमन किया जाता है, तो झारखंड में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों में लगभग 6 सीटों तथा लोकसभा की 1 अनुसूचित जनजाति आरक्षित सीट के प्रभावित होने की आशंका है। इससे राज्य के आदिवासी समाज का राजनीतिक प्रतिनिधित्व कमजोर होगा। इसी संवैधानिक चिंता को देखते हुए आदिवासी छात्र संघ द्वारा प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया का विरोध किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि झारखंड राज्य का गठन आदिवासी समाज के ऐतिहासिक संघर्ष, बलिदान एवं जल-जंगल-जमीन की रक्षा की भावना से हुआ है। इसलिए केवल जनसांख्यिकीय परिवर्तन के आधार पर आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। सुशील उरांव ने कहा कि बिहार राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के प्रविधानों के तहत झारखंड के आदिवासियों को प्राप्त जनजातीय राजनीतिक प्रतिनिधित्व पूरी तरह अक्षुण्ण है और हमेशा अक्षुण्ण रहना चाहिए। इस संवैधानिक अधिकार में किसी भी प्रकार की कटौती या हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं, खनन, औद्योगिकीकरण एवं विस्थापन के कारण हुए जनसांख्यिकीय बदलाव का राजनीतिक नुकसान आदिवासी समाज को नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा आदिवासी भूमि, मूलवासी भूमि एवं राज्य सरकार की गैर-मजरूआ भूमि पर हुए अनाधिकृत कब्जे, बाहरी व्यापारिक गतिविधियों, व्यावसायिक विस्तार, मुटिया मजदूरी तथा औद्योगिक श्रमिक आबादी से हुए जनसांख्यिकीय बदलाव को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। ऐसे बदलाव को निर्वाचन क्षेत्र के परिसीमन एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। कहा कि झारखंड के मूल निवासियों के लोकतांत्रिक अधिकार, सांस्कृतिक पहचान एवं जल-जंगल-जमीन से जुड़े अधिकारों की रक्षा करना आवश्यक है। उन्होंने आदिवासी समाज से अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति सजग, सतर्क एवं एकजुट रहने का आह्वान किया। आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय कोषाध्यक्ष सह संयोजक जलेश्वर भगत ने कहा सरना धर्म कोड की मांग कई दशकों पुरानी है और वर्ष 2027 की जनगणना से पूर्व हर हाल में पृथक सरना धर्म कोड लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा आदिवासी छात्र संघ द्वारा झारखंड सहित ओड़िशा, बिहार, पश्चिम बंगाल एवं असम में जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में सुशील उरांव, डा. जलेश्वर भगत, मनोज उरांव, विद्यासागर, संजय व रवि उपस्थित रहे।

होटल से लेकर रेपिडो तक बना हमले का पूरा नेटवर्क, जांच में बड़ा खुलासा

रांची रांची में आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने की साजिश और हमले की जांच में गिरफ्तार सायन अंसारी ने जेल जाने से पहले कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। उसने बताया कि घटना से पहले वह अपने बचपन के दोस्त अमन अंसारी उर्फ गोलू और सैफ अंसारी उर्फ रोहित के साथ टुकटुक (टोटो) से आरएसएस कार्यालय की रेकी करने गया था। अमन ने पहले ही उसे उस स्थान का लोकेशन भेज दिया था और वह मौके का मुआयना कर चुका था। बाद में तीनों आरोपित रेपिडो से निवारणपुर पहुंचे और घटना को अंजाम देकर वापस कांटाटोली लौट आए। सायन के बयान से यह भी सामने आया है कि कांटाटोली स्थित एक होटल में अमन अंसारी के नाम से कमरा बुक किया गया था, जहां पेट्रोल बम तैयार किया गया था। ऑटो चालक है सायन अंसारी सायन अंसारी ने बताया कि वह टोटो चलाकर जीविका चलाता है। उसके पिता का टोटो है, जिसे वह चलाकर कमाई करता है। उसका ननिहाल लोहरदगा के आजाद बस्ती में है, जहां अमन अंसारी उर्फ गोलू का भी घर है। दोनों बचपन के दोस्त हैं और अमन जब भी रांची आता था तो उससे मुलाकात करता था। दिसंबर 2025 में सायन की शादी रुकसार परवीन से हुई थी और वह सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा था। सायन के अनुसार, अमन अंसारी ने उसे फोन कर कहा कि एक काम करना है, जिसके बदले 50 हजार रुपये और अतिरिक्त इनाम मिलेगा। इसके बाद अमन उसके घर आया। टुकटुक में ही सभी के बीच चर्चा हुई कि काम को अंजाम देने के लिए कुछ सामान की जरूरत है। सड़क किनारे होटल में खाना खाकर रिश्तेदार के घर गया था अमन सड़क के किनारे स्थित एक होटल में तीनों आतंकियों ने खाना खाया था। इसके बाद अमन कुछ देर के लिए अपनी खाला के घर गया। लौटने के बाद तीनों कांटाटोली स्थित एक होटल पहुंचे, जहां अमन अंसारी के नाम पर एक कमरा बुक कराया गया। होटल संचालक ने एक हजार रुपये लेकर तीन लोगों के ठहरने की व्यवस्था की। कमरे की बुकिंग के समय अमन ने अपना आधार कार्ड होटल में जमा किया था। होटल में कुछ देर रुकने के बाद तीनों नीचे उतरे और होटल के सामने स्थित पेट्रोल पंप के पास एक चाउमीन दुकान से 10 रुपये में चिली सास की खाली बोतल खरीदी। सायन ने बताया कि दुकानदार ने उन्हें यह भी कहा था कि किसी लड़ाई-झगड़े या किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं करना। उसी दुकान के बगल में एक बंद दुकान के बाहर कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतल पड़ी थी, जहां से उन्होंने स्प्राइट की एक खाली बोतल उठा ली। होटल से चादर लेकिन निकले थे आतंकी सैफ और अमन ने पहचान छिपाने के लिए होटल का तौलिया और बिस्तर पर बिछी हरे-सफेद रंग की चादरनुमा कपड़ा अपने चेहरे पर लपेट लिया। रात के समय सायन और अमन के मोबाइल फोन बंद हो गए थे। इसके बाद सैफ अंसारी के मोबाइल से रेपिडो बुक किया गया। जब रेपिडो चालक आया तो उससे भी सैफ के मोबाइल से ही बातचीत की गई। सायन ने बताया कि रेपिडो को पहले डोरंडा का लोकेशन दिया गया बाद में आरएसएस कार्यालय का दिया गया। इसके बाद रेपिडो चालक को निवारणपुर चलने के लिए कहा गया। लोकेशन के आधार पर तीनों निवारणपुर पहुंचे, जहां घटना को अंजाम दिया गया। इसके तुरंत बाद वे उसी रेपिडो से वापस कांटाटोली लौट आए। रेपिडो का 400 रुपये किराया अमन ने दिया। उसके पास खुले पैसे नहीं थे, इसलिए पास की एक दुकान से छुट्टा कराया गया। घटना के बाद तीनों फिर होटल लौट आए और तीनों ने राणा से तय 50,50 हजार रुपये की मांग की। इस पर राणा ने कहा कि पैसे अगले दिन सुबह दे दिए जाएंगे। हालांकि उन्हें कोई भुगतान नहीं मिला। नगर निगम की निर्माणाधीन इमारत के पीछे छिपाया कपड़ा तीनों आतंकी घटना को अंजाम देने के बाद अगली सुबह करीब नौ बजे तीनों उठे और दस बजे होटल छोड़ दिया। होटल के नीचे स्थित एक कपड़े की दुकान पर जाकर उन्होंने सस्ते कपड़े खरीदने की कोशिश की, लेकिन वहां 100-150 रुपये के कपड़े नहीं मिले। इसके बाद दूसरी दुकान से 150-150 रुपये में कपड़े खरीदे गए। अमन और सैफ ने अपने पुराने कपड़े बदलकर सायन को दे दिए। बाद में तीनों ने उन कपड़ों को खादगढ़ा बस स्टैंड के पास नगर निगम की निर्माणाधीन इमारत के पीछे पहले से पड़े एक प्लास्टिक पोस्टर के अंदर छिपा दिया। पहले जाना था लखनऊ लेकिन डायरेक्ट ट्रेन नहीं होने से गए कानपुर सायन ने बताया कि राणा ने अमन और सैफ को लखनऊ जाने का निर्देश दिया था। जब दोनों ने ट्रेन की जानकारी जुटाई तो पता चला कि रांची से लखनऊ के लिए सीधी ट्रेन नहीं है। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि दोपहर करीब पौने तीन बजे एक ट्रेन कानपुर जाती है। दोनों ने आपस में बातचीत कर कानपुर तक जाने और वहां से दूसरी ट्रेन पकड़कर लखनऊ पहुंचने की योजना बनाई। उन्होंने सायन को भी साथ चलने का प्रस्ताव दिया, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद वह अपने घर लौट गया, जबकि अमन और सैफ रेलवे स्टेशन की ओर निकल गए

नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरल, एनकाउंटर विवाद में सम्राट सरकार पर विपक्ष का तीखा हमला

पटना  बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले ने राज्य की सियासत को पूरी तरह गरमा दिया है। इस मुठभेड़ के बाद उठ रहे गंभीर सवालों के बीच वर्तमान सम्राट सरकार विपक्ष और मानवाधिकार संगठनों के निशाने पर है। विवाद इतना बढ़ चुका है कि सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। इसी सियासी हलचल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीब तीन साल पुराना एक बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा में है। लोग इस पुराने बयान के जरिए मौजूदा कानून-व्यवस्था और पुलिसिया कार्रवाई की तुलना कर रहे हैं। नीतीश कुमार ने एनकाउंटर पर क्या कहा था? 17 अप्रैल 2023 को नीतीश कुमार ने मीडिया से कहा था, 'अपराधियों का सफा माने मार दीजिए, यह कोई तरीका है? इसका मतलब जो जेल में जाएगा तो उसको मार दीजिए। ऐसा कोई नियम है? आप बताइए तो अरे तो कोर्ट ना फैसला करता है ? अगर, किसी को यह भी सजा होती है कि उसको फांसी होगी। फांसी हो जाती है। लेकिन, बाकी को साल तक (सजा) का होता है कितने तक का होता है? सजा या कोई जेल में हो तो इलाज के लिए ले जा रहा है या किसी काम के लिए ले जा रहा है और रास्ते में हो गया (एनकाउंटर) ये बहुत दुखद है।' नीतीश कुमार यहीं नहीं रूके। उन्होंने कहा, 'इसपर तो निश्चित रूप से लोगों को एक्शन करना चाहिए। क्या ठीक है? किसी को सजा होती है या किसी पर केस होता है, कोई जेल में है उस पर हमको नहीं कुछ करना है। हमारा यह है कि कोई भी जेल में रहेगा और कोई भी किस तरह से बाहर जाए और उसको ऐसे ही मार दें? ये तो बड़ा दुखद बात है ना?' अपराधियों का सफा माने मार दीजिए, यह कोई तरीका है? इसका मतलब जो जेल में जाएगा तो उसको मार दीजिए। भरत तिवारी कथित मुठभेड़ से मुश्किल में सम्राट सरकार भोजपुर में पुलिस कार्रवाई के दौरान मारे गए भरत तिवारी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के सामने आए कुछ वीडियो साक्ष्यों के बाद पुलिस की थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसके चलते राज्य की सम्राट चौधरी सरकार बैकफुट पर है। सरकार ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत न्यायिक जांच (ज्यूडिशियल इंक्वायरी) के आदेश जारी कर दिए हैं, ताकि निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके। नीतीश कुमार के पुराने बयानों की दुहाई देकर अब विपक्ष सम्राट सरकार पर चौतरफा हमले कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस एनकाउंटर ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि जेडीयू और बीजेपी के बीच नीतिगत मतभेदों को भी हवा दे दी है। अब सभी की नजरें इस मामले में आने वाली न्यायिक जांच की रिपोर्ट पर टिकी हैं। भरत तिवारी कथित मुठभेड़ मामला क्या है?     बिहार के भोजपुर में पुलिस ने कथित एनकाउंटर किया।     पुलिस मुठभेड़ में आरोपी भरत तिवारी की मौत हो गई।     वायरल वीडियो में सरेंडर के बाद गोली मारते देखा गया।     मानवाधिकार उल्लंघन और फर्जी एनकाउंटर के गंभीर आरोप लगे।     चौतरफा सियासी दबाव के बाद न्यायिक जांच के आदेश दिए।  

सामंथा की ‘मा इंटी बंगारम’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाल, दूसरे दिन बढ़ी कमाई

साउथ एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु लंबे ब्रेक के बाद फिल्म ‘मा इंटी बंगारम’ के जरिए बड़े पर्दे पर लौटी हैं. फिल्म को रिलीज के बाद दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. पहले दिन दमदार शुरुआत करने के बाद अब दूसरे दिन भी फिल्म की कमाई में बढ़ोतरी देखने को मिली है. सरे दिन बढ़ी ‘मा इंटी बंगारम’ की कमाई Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘मा इंटी बंगारम’ ने रिलीज के दूसरे दिन करीब 7.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है. फिल्म की कमाई में शनिवार का फायदा साफ देखने को मिला. पहले दिन फिल्म ने 5.35 करोड़ रुपये की ओपनिंग की थी. ऐसे में अब फिल्म का कुल इंडिया नेट कलेक्शन 12.85 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जबकि इंडिया ग्रॉस कलेक्शन लगभग 14.90 करोड़ रुपये हो चुका है.  फिल्म की कहानी ने जीता दर्शकों का दिल ‘मा इंटी बंगारम’ की कहानी स्वर्णा नाम की महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार सामंथा रुथ प्रभु ने निभाया है. स्वर्णा शादी के बाद पहली बार अपने पति अनिरुद्ध के परिवार से मिलने जाती है. वह अपने ससुरालवालों पर अच्छा प्रभाव डालना चाहती है, लेकिन तभी उसके अतीत से जुड़ा करुणा उसकी जिंदगी में वापस आ जाता है और सबकुछ बदलने लगता है. फिल्म में सामंथा के अलावा दिगंत और गुलशन देवैया भी अहम भूमिका में नजर आए हैं. फिल्म की निर्देशक बीवी नंदिनी रेड्डी ने किया है, जबकि इसे राज निदिमोरू, सामंथा और हिमांक रेड्डी दुव्वुरु ने मिलकर प्रोड्यूस किया है. फिल्म को मिल रहे प्यार से सामंथा काफी खुश नजर आईं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दर्शकों का धन्यवाद करते हुए लिखा कि किसी फिल्म का पहले दिन इतना अच्छा प्रदर्शन करना उनके लिए बेहद भावुक पल है. सामंथा ने कहा कि उन्हें खुशी है कि दर्शक अब फिल्म को सिर्फ मेल लीड या फीमेल लीड नजरिए से नहीं देख रहे हैं. अभिनेत्री ने आगे लिखा कि सबसे ज्यादा खुशी उन्हें इस बात की है कि बड़ी संख्या में महिलाएं भी फिल्म देखने सिनेमाघरों तक पहुंची. सामंथा ने कहा कि दर्शकों का स्वाद लगातार बदल रहा है और यह सिनेमा के लिए बहुत खूबसूरत बदलाव है.

भारत में बढ़ी डेटा खपत, यूजर हर महीने कर रहे 37GB इंटरनेट इस्तेमाल

 क्या आप जानते हैं कि भारत में मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जी हां हालिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि भारतीय स्मार्टफोन यूजर हर महीने औसतन 37 GB मोबाइल डेटा यूज कर रहे हैं। यह आंकड़ा ग्लोबल मानकों के हिसाब से काफी ज्यादा है। इतना ही नहीं आने वाले सालों में डेटा इस्तेमाल और 5G नेटवर्क के विस्तार के मामले में भी भारत दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल रह सकता है। रिपोर्ट्स से ये भी पता चलता है कि दुनियाभर में 5G सब्सक्रिप्शन की संख्या पहली बार 300 करोड़ के पास पहुंच गई है। सिर्फ मार्च 2026 तिमाही के दौरान ही 16.2 करोड़ नए 5G यूजर्स जुड़े हैं। इसके साथ ही वर्ल्ड के कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक का लगभग आधा हिस्सा अब 5G नेटवर्क पर शिफ्ट हो गया है। डेटा खपत में सबसे आगे भारत भारत में आज हर स्मार्टफोन यूजर लगभग 37GB तक हर महीने डेटा यूज कर रहा है, जबकि ग्लोबल एवरेज 22GB है। यानी भारतीय यूजर्स दुनिया के एवरेज यूजर्स की तुलना में लगभग 68 प्रतिशत ज्यादा डेटा यूज कर रहे हैं। ऐसा अनुमान है कि 2031 तक भारत में ये आंकड़ा बढ़कर 70GB पर-मंथ तक पहुंच सकता है, जबकि उस टाइम ग्लोबल एवरेज करीब 42GB तक रहने की उम्मीद है। 5G का तेजी से विस्तार रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में फिलहाल 43 करोड़ 5G सब्सक्रिप्शन मौजूद हैं, जो कुल मोबाइल कनेक्शनों का लगभग 35 परसेंट हिस्सा है। ऐसा कहा जा रहा है कि 2031 तक भारत में 5G कनेक्शंस की संख्या 111 करोड़ तक पहुंच सकती है। उस टाइम देश में 5G पेनिट्रेशन 81 परसेंट रहने की संभावना है, जो ग्लोबल एवरेज 67 परसेंट से काफी ज्यादा होगा। बेहतर कवरेज और ब्रॉडबैंड विस्तार भी पिछले कुछ वक्त में देश के कई इलाकों में 5G नेटवर्क का विस्तार तेजी से हुआ है और आज देश की लगभग 95 प्रतिशत आबादी 5G कवरेज वाले एरिया में रह रही है। इतना ही नहीं फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस यानी FWA और फाइबर बेस्ड ब्रॉडबैंड सर्विस का भी तेजी से विस्तार हुआ है। आने वाले सालों में भारत इस एरिया में नई ऊंचाइयों को छू सकता है। 6G के लॉन्च की तैयारी भी शुरू रिपोर्ट्स में ऐसा भी कहा जा रहा है कि दुनिया भर में 6G टेक्नोलॉजी पर काम शुरू हो चुका है और पहला व्यावसायिक 6G नेटवर्क 2030 के आसपास आने की उम्मीद है। 2031 तक ग्लोबल लेवल पर 6G सब्सक्रिप्शन 18 करोड़ तक पहुंच सकते हैं। अमेरिका, चीन, जापान, कोरिया और जर्मनी जैसे देशों के साथ भारत भी इस नेक्स्ट GEN टेक्नोलॉजी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।  

iPhone 18 Pro सीरीज: डिजाइन, कैमरा और कीमत के नए लीक्स

ऐपल इस साल अपनी न्यू आईफोन सीरीज को पेश करेगी, जिसका नाम iPhone 18 Pro और iPhone 18 सीरीज होगी. बीते 2-3 साल का ट्रेंड देखें तो इस बार भी कंपनी सितंबर महीने में लॉन्चिंग कर सकती है. न्यू सीरीज का इंतजार लाखों लोगों को है. न्यू आईफोन सीरीज कई नए अपग्रेड्स के साथ दस्तक देगी. iPhone 18 और 18 Pro सीरीज को लेकर अब तक कई लीक्स सामने आ चुके हैं, जिनमें डिजाइन, डिस्प्ले, कैमरा से लेकर कीमत तक को लेकर अलग -अलग दावे किए हैं. हालांकि अभी तक कंपनी ने इसको लेकर कोई डिटेल्स शेयर नहीं की है. आइए इनके बारे में जानते हैं. iPhone 18 Pro का डिजाइन और कलर्स किसी भी स्मार्टफोन को अगर कोई आम आदमी खरीदता है तो सबसे पहले उसके डिजाइन को देखता है, जिसके बाद उसकी बॉडी कैमरा प्लेसिंग आदि को परखता है. उसके बाद प्रोसेसर, कैमरा क्वालिटी आदि को चेक करता है. लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईफोन हर साल बेहतर होते जा रहा है. इस साल भी कैमरा और LED लाइट प्लेसिंग में बदलाव हो सकता है. कंपनी बीते दो साल से कैमरे डिजाइनिंग को बदल रही है. लीक्स के मुताबिक, इस साल कंपनी न्यू कलर को लेकर टेस्टिंग कर रहा है, जिसके तहत डार्क चेरी, लाइट ब्लू, डार्क ग्रे और सिल्वर फिनिश का यूज होगा. कंपनी कॉस्मिक ओरेंज की जगह डार्क चेरी को लॉन्च करेगी. iPhone 18 Pro का डिस्प्ले iPhone 18 Pro का डिस्प्ले साइज बीते साल लॉन्च किए गए आईफोन 17 प्रो सीरीज के मॉडल्स के जैसे होंगे. हालांकि डिस्प्ले में कुछ बड़े अपग्रेड्स नजर आएंगे. इस बार कंपनी प्रो सीरीज में न्यू LTPO Plus OLED पैनल के साथ हैंडसेट को लॉन्च करेगी. रिपोर्ट में दावा किया है कि इसकी वजह से ज्यादा पावर सेविंग और बेहतर परफॉर्मेंस मिलेगी. iPhone 18 Pro का प्रोसेसर ऐपल इस साल अपनी iPhone 18 Pro सीरीज में नेक्स्ट जनरेशन प्रोसेसर का यूज करेगी. संभवतः कंपनी इस बार A20 प्रो चिपसेट का यूज करेगी, जिसको 2nm पर प्रोसेस करती है. यह प्रोसेसर iPhone 17 Pro की तुलना में 15 परसेंट फास्ट और करीब 30 परसेंट बेहतर एफिसिएंसी देगा. iPhone 18 Pro का कैमरा iPhone 18 Pro में बेहतर कैमरा सेंसर देखने को मिलेंगे. प्राइमरी कैमरा के साथ वेरिएबल अपर्चर सिस्टम देखने को मिलेगा, जिसकी मदद से यूजर्स कंट्रोल कर सकेंगे कि कितनी रोशनी की जरूरत है. यह कम रोशनी की फोटोग्राफी को बेहतर कर सकेगा. iPhone 18 Pro की कीमत iPhone 18 Pro की कीमत को लेकर कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा चुका है कि कंपनी इस बार दाम में इजाफा करेगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार अमेरिका में iPhone 18 Pro  की शुरुआती कीमत 1,299 अमेरिका डॉलर (करीब 1,22,500 रुपये) अमेरिका में होगी. वहीं, आईफोन 17 प्रो की शुरुआती कीमत 1099 अमेरिकी डॉलर (करीब 1,03,600 रुपये) थी.

ट्रेन से उतरते समय हुआ झगड़ा, उज्जैन में युवक को चाकू मारे; नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती

उज्जैन. नर्मदा एक्सप्रेस के जनरल कोच में युवक पर जानलेवा हमला हो गया। कोच के गेट पर खड़े एक युवक को भीड़ में धक्का लग गया था। इस पर उसने चाकू निकालकर युवक पर हमला कर दिया। दोस्तों ने घायल को बचाया और आरोपित को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। उपचार के लिए घायल को चरक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां उसकी हालत नाजुक होने पर उसे इंदौर रैफर किया गया है। जीआरपी ने बताया कि अंशुमान पुत्र दिलीप कुमार तिवारी उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम सिलोटा रामनगर जिला बाराबंकी उत्तर प्रदेश किसी काम से इंदौर आया था। जहां से वह शुक्रवार को अपने साथियों के साथ ट्रेन संख्या 18233 नर्मदा एक्सप्रेस के जनरल कोच में इंदौर से उज्जैन की यात्रा कर रहा था। कोच में बहुत अधिक भीड थी। उज्जैन स्टेशन पर उतरने के लिए तिवारी कोच के गेट पर खड़ा था। ट्रेन की गति अचानक से धीमी होने के कारण तिवारी सामने खड़े एक व्यक्ति से टकरा गया था। जिससे आक्रोशित होकर सामने वाले व्यक्ति ने उसे गालियां देना शुरू कर दी थी। तिवारी ने उसे गाली देने से मना किया तो उसने जेब से चाकू निकालकर तिवारी पर हमला कर दिया। सिर में कान के पीछे और पेट पर चाकू लगने से तिवारी घायल हो गया। तिवारी ने चाकू पकड़ लिया था। इससे उसके हाथ में भी चोट लग गई थी। महाकाल मंदिर क्षेत्र में तिलक लगाता है आरोपित तिवारी के साथी देवा राजपूत ,लवलीन पांडे, और रामनाथ गुप्ता ने उसे बचाया। चाकू मारने वाले आरोपित ने अपना नाम अरुण वर्मन उर्फ लल्ला बताया था। घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां से उसे इंदौर रैफर कर दिया गया। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धारा 115(2),118(1),296(b), 351(2),बीएनएस व 25 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। जीआरपी ने बताया कि आरोपित अरुण महाकाल मंदिर क्षेत्र में दर्शनार्थियों को तिलक लगाने का काम करता है।

मुख्यमंत्री साय का आह्वान- रोज़मर्रा की जिंदगी में अपनाएं योग, बनेगा स्वस्थ समाज

अम्बिकापुर/रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं,  युवाओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की सनातन ऋषि परंपरा का अमूल्य उपहार है, जिसने आज संपूर्ण विश्व को स्वस्थ, संतुलित और शांतिपूर्ण जीवन का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को आत्मबल, अनुशासन, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण प्रदान करती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” वर्तमान समय की आवश्यकता को प्रतिबिंबित करती है। तेजी से बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग प्रत्येक आयु वर्ग के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से सक्रिय, मानसिक रूप से सजग और भावनात्मक रूप से संतुलित बनाए रखता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला होता है, इसलिए योग को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखकर जीवन का हिस्सा बनाना होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत द्वारा रखे गए प्रस्ताव को रिकॉर्ड समय में व्यापक समर्थन प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि विश्व ने भारतीय ज्ञान परंपरा और योग की उपयोगिता को स्वीकार किया है। आज 21 जून को पूरी दुनिया जिस उत्साह से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रही है, वह भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक नेतृत्व का गौरवशाली उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि योग स्वास्थ्य और आरोग्य की ऐसी विश्वसनीय साधना है, जो जीवन के हर चरण में व्यक्ति का मार्गदर्शन करती है। योग शरीर को निरोग, मन को शांत और विचारों को सकारात्मक बनाता है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तनाव, अनिद्रा और मोटापे जैसी जीवनशैली जनित समस्याओं से बचाव में योग अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी आज योग की उपयोगिता को स्वीकार कर रहा है और इसे बेहतर स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण आधार के रूप में देख रहा है। मुख्यमंत्री ने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि महर्षि पतंजलि ने योग को व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान किया। भगवान शिव को आदियोगी के रूप में स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक चेतना में योग सदियों से जीवन का अभिन्न अंग रहा है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग का संदेश देकर संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवन का मार्ग प्रशस्त किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार योग के व्यापक विस्तार और संस्थागत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से योग विषय को समाज कल्याण विभाग से चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि योग आयुष पद्धति का महत्वपूर्ण अंग है और इस निर्णय से योग शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा जनजागरूकता गतिविधियों को नई दिशा और गति मिलेगी। राज्य सरकार का लक्ष्य योग को गांव-गांव, स्कूलों, कॉलेजों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है ताकि स्वस्थ जीवनशैली को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। विद्यालयों में योग को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं, बल्कि एकाग्रता, आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि जो लोग अब तक योग से नहीं जुड़ पाए हैं, वे आज से इसकी शुरुआत करें, क्योंकि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कोई भी समय देर नहीं होता। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार में उनका योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि योग को घर-घर तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आयोग प्रदेश में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जनजातीय युवाओं की शिक्षा और भविष्य को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। हाल ही में जनजातीय वर्ग के 13 युवाओं द्वारा यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें देश और समाज के नेतृत्व के लिए तैयार कर रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ब्रह्ममुहूर्त का विशेष महत्व है और इसी समय योगाभ्यास करना सबसे अधिक लाभकारी माना गया है। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है। इस अवसर पर विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष राम किशुन सिंह, सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, आयुष विभाग के संचालक राजेंद्र कुमार कटारा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक उपस्थित थे।