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एक दिन नहीं, पूरे 365 दिन योग: चंडीगढ़ में नई पहल से फिटनेस पर जोर

चंडीगढ़. 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय समारोह उत्साह और जनभागीदारी के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और नागरिकों से योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" रही। इस अवसर पर कोलकाता के रेड रोड से आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग मानवता को जोड़ने वाली शक्ति है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को जीवन के हर चरण में स्वस्थ, सक्रिय और ऊर्जावान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समारोह को संबोधित करते हुए प्रशासक कटारिया ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक ऐसी पद्धति है जो शरीर को स्वस्थ, मन को शांत और जीवन को संतुलित बनाए रखने में सहायक है। उन्होंने कहा कि योग का नियमित अभ्यास लोगों को अधिक स्वस्थ और प्रसन्न जीवन जीने में मदद करता है। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन अपनी ‘योग 365’ पहल के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक योग पहुंचाने के लिए कार्य कर रहा है, ताकि योग केवल एक दिन का आयोजन न रहकर पूरे वर्ष की जीवनशैली बन सके। उन्होंने समेकित अस्पतालों, मोबाइल चिकित्सा इकाइयों और विभिन्न आयु वर्गों के लिए चलाए जा रहे वेलनेस कार्यक्रमों के माध्यम से आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चंडीगढ़ के युवा योगासन खिलाड़ियों अनुष्का शर्मा, अभय मिश्रा और देव को सम्मानित किया गया। इसके अलावा शहर में योग के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 14 संगठनों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया। प्रशासक ने आयुष विभाग, योग प्रशिक्षकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और शैक्षणिक संस्थानों के योगदान की सराहना करते हुए विशेष रूप से युवाओं से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध चंडीगढ़ के निर्माण में योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस अवसर पर महापौर सौरभ जोशी, वित्त सचिव दिप्रवा लकड़ा, नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, खेल सचिव प्रेरणा पुरी, सचिव (आतिथ्य) स्वप्निल एम. नाइक, उपायुक्त निशांत कुमार यादव सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक एवं योग प्रेमी उपस्थित रहे।

स्विट्जरलैंड में शांति वार्ता से पहले अमेरिका-ईरान में टकराव, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना विवाद का केंद्र

नई दिल्ली अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के अंतरिम युद्धविराम और स्विट्जरलैंड में होने वाली शांति वार्ता के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को साफ किया कि युद्धविराम के दौरान या उसके बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से कोई टोल नहीं वसूला जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शांति वार्ता विफल रही तो अमेरिका खुद इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपना टोल लागू कर देगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यदि स्विट्जरलैंड में रविवार से शुरू होने वाली वार्ता निर्धारित 60 दिनों में किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचती है तो अमेरिका अपनी तरफ से टोल लगा सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, "युद्धविराम के दौरान 60 दिनों तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कोई टोल नहीं होगा और 60 दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद भी कोई टोल नहीं लिया जाएगा। लेकिन, अगर समझौता पूरा नहीं होता है तो संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा और केवल अमेरिका के लिए ही टोल लगाया जा सकता है। यह टोल मिडिल ईस्ट के देशों के लिए गार्जियन एंजेल (रक्षक) के रूप में दी गई सेवाओं के अतीत, वर्तमान और भविष्य के खर्चों की भरपाई के लिए होगा।" ईरान का रास्ता बंद करने का दावा ट्रंप की इस घोषणा ने तकनीकी स्तर की अमेरिका-ईरान वार्ताओं की शुरुआत में ही कड़वाहट पैदा कर दी है। मुख्य मध्यस्थ पाकिस्तान और कतर की भागीदारी के साथ यह बातचीत रविवार से स्विट्जरलैंड में शुरू होने वाली है। वार्ता से ठीक पहले ईरान के संयुक्त सैन्य कमान ने दावा किया कि अमेरिका द्वारा युद्ध को समाप्त करने की अपनी प्रतिबद्धताओं का स्पष्ट उल्लंघन करने के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया गया है। ईरान का कहना है कि यह अंतरिम समझौता सभी मोर्चों पर लड़ाई रोकने के लिए था, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। अमेरिका ने ईरान के दावे को नकारा अमेरिकी सेना ने ईरान के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है कि जलमार्ग बंद है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा, "स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण नहीं है। वहां समुद्री यातायात सामान्य रूप से चल रहा है और अमेरिकी सेना स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आवाजाही निर्बाध बनी रहे।" अमेरिकी सेना के अनुसार, शनिवार को भी उस जलमार्ग से 55 व्यापारिक जहाज सुरक्षित गुजरे, जिनमें 1.7 करोड़ बैरल से अधिक कच्चा तेल ले जाया जा रहा था। स्विट्जरलैंड रवाना हुई ईरान की टीम जलडमरूमध्य को बंद करने के अपने दावे के तुरंत बाद ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर ने बताया कि उनकी वार्ताकार टीम स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो चुकी है। इस टीम में ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ-साथ केंद्रीय बैंक और तेल मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं। इस समझौते के तहत ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को भी वापस बहाल किया जाना है। दूसरी ओर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पुष्टि की है कि वाइट हाउस के प्रमुख वार्ताकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ पहले से ही स्विट्जरलैंड में मौजूद हैं और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर होने वाली वार्ताओं के तकनीकी विवरणों पर काम कर रहे हैं। वेंस ने फॉक्स न्यूज को बताया कि वे खुद भी अगले एक-दो दिनों में स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होंगे।

पटना में अस्पताल का फायर ऑडिट फिर फेल, ऑटोमैटिक सिस्टम और इमरजेंसी निकास अब भी अधूरे

पटना नोटिस मिलने के बावजूद खान सर के अस्पताल में फायर सेफ्टी से जुड़े खामियों को अब तक दूर नहीं किया जा सका है। सात जून को अग्निशमन विभाग ने खान सर के पटना स्थित अस्पताल में फायर सेप्टी के लिए किए गए इंतजामों की ऑडिट की थी। लेकिन इस ऑडिट में कई कमियां उजागर होने के बाद अस्पताल प्रबंधन को नोटिस दिया गया था। अब अग्निशमन विभाग ने एक बार पिर शनिवार को अशोक राजपथ स्थित खान सर के अस्पताल का ऑडिट किया। अग्निशमन अधिकारियों ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में एक बार फिर आग से सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं मिले। इसके बाद विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को दोबारा नोटिस जारी कर खामियां दूर करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। अग्निशमन विभाग की ओर से 14 दिन पहले भी ऑडिट की गई थी। उस वक्त वहां आग से बचाव के पर्याप्त उपाय नहीं होने पर प्रबंधन को नोटिस दिया गया था। पिछली बार विभाग ने कई सुझाव दिए थे। उसकी प्रगति काफी धीमी पाई गई है। अब 10 दिन बाद एक बार फिर अस्पताल का निरीक्षण किया जाएगा। विभाग ने अशोक राजपथ के एनी बेसेंट रोड स्थित खान सर के अस्पताल का पहली बार सात जून को ऑडिट किया। इस दौरान वहां आग से बचाव के पर्याप्त प्रबंध नहीं पाए गए थे। अस्पताल में ऑटोमेटिक फायर अलार्म सिस्टम, फिक्सड फायर फाइटिंग सिस्टम, आपातकालीन निकास, तय संख्या में पोर्टेबल अग्निशमन सिलेंडर व भूमिगत पानी की टंकी की व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद विभाग ने नोटिस जारी कर 10 दिनों में आग से सुरक्षा की सारी व्यवस्था का निर्देश दिया था। नोटिस के 14 दिन पूरा होने पर लोदीपुर अग्निशमन केंद्र प्रभारी इंद्रजीत कुमार के नेतृत्व में अग्निशमन कर्मी शनिवार की दोपहर दोबारा खान सर के अस्पताल पहुंचे थे। अग्निशमन कर्मियों ने वहां आग से बचाव के किए जा रहे कार्य को देखा। निरीक्षण में अग्निशमन की टीम ने पाया कि पिछली बार जो हिदायत दी गई थी, उसमें धीमी गति से कार्य कराया जा रहा है। इंद्रजीत कुमार ने बताया कि अस्पताल में अभी भी काफी कमियां है। विभाग ने फायर निकास निर्माण का सुझाव दिया था। यह कार्य अभी अधूरा है। ऑटोमेटिक फायर डिटेक्टर और स्प्रिंकलर सिस्टम भी नहीं लगाया गया है। लिहाजा विभाग ने व्यवस्था के लिए अस्पताल प्रबंधन को दोबारा से 10 दिन का समय दिया है। उन्होंने बताया कि रोजाना अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इसलिए फायर सेफ्टी व्यवस्था में किसी प्रकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  खान सर  की अग्रिम जमानत 25 तक बढ़ी इधर खान ग्लोबल कोटिंग इंस्टीच्यूट परिसर में फायरिंग से जुड़े एक केस का सामना कर रहे खान सर उर्फ फैजल खान की अग्रिम जमानत पर सुनवाई के लिए पुलिस ने शनिवार को अदालत के समक्ष सील बंद लिफाफे में कांड की केस डायरी और साक्ष्य पेश किया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रुपेश देव की अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी सुनवाई हुई। अदालत ने अग्रिम जमानत अर्जी पर सरकार की ओर से बहस करने की तैयारी के लिए सील बंद केस डायरी और साक्ष्य को लोक अभियोजक राजेश कुमार को सौंप दिया। लोक अभियोजक ने सील बंद केस डायरी प्राप्त की। 23 जून को केस डायरी और साक्ष्य सील बंद लिफाफा कोर्ट को सौंप देंगे। अदालत ने फैजल खान के खिलाफ दंडात्मक कारवाई पर रोक को 25 जून तक बढ़ा दी। इससे पहले कोर्ट ने 9 जून को अग्रिम जमानत पर सुनवाई के बाद फैजल खान के खिलाफ दंडात्मक कारवाई पर रोक लगा दी थी, और उनके दो गार्ड के खिलाफ पुलिस ने कदमकुंआ थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी कांड में फैजल खान के दो गार्ड को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

5000 साधकों ने किया योगाभ्यास, मध्यप्रदेश में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन

जबलपुर राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि हम भारत की उस महान योग परंपरा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने मानवता को स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग प्रदान किया है। योग विश्व समुदाय को हमारी सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल उपहार है। यह हमारे ऋषियों-मुनियों की हजारों वर्षों की साधना का परिणाम है। जिस भारतभूमि ने पूरे विश्व को योग का अमूल्य ज्ञान प्रदान किया, आज उसी पावन धरती से स्वास्थ्य, संतुलन, शांति और आत्मकल्याण का संदेश पुनः समस्त विश्व में प्रसारित किया जा रहा है। “योग स्वस्थ आयु के लिए” थीम पर राष्‍ट्रीय स्‍तरीय कार्यक्रम कलकत्‍ता में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के मुख्‍य आतिथ्‍य में आयोजित किया गया। साथ ही राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम महामहिम राष्‍ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु के मुख्‍य आतिथ्‍य में जबलपुर के गैरीसन ग्राउंड में राज्यस्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के कोलकाता से आयोजित कार्यक्रम का लोगो ने सजीव प्रसारण देखा व सुना। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्‍यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, राज्‍यसभा सांसद सुमित्रा वाल्‍मीक, सांसद आशीष दुबे, विधायक सर्वश्री अजय विश्‍नोई, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, डॉ. अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, संतोष बरकड़े, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्‍नू, मुख्‍य सचिव अनुराग जैन, मध्‍यप्रदेश तीर्थ क्षेत्र एवं मेला प्राधिकरण अध्‍यक्ष विनोद गोंटिया, भाजपा नगर अध्‍यक्ष रत्‍नेश सोनकर, भाजपा ग्रामीण अध्‍यक्ष राजकुमार पटेल, भाजपा प्रदेश कोषाध्‍यक्ष अखिलेश जैन, प्रदेश महिला भाजपा अध्‍यक्ष अश्विनी परांजपे, नगर निगम अध्‍यक्ष रिकुंज विज,  संभागायुक्‍त धनंजय सिंह, कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्‍याय, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा लगभग 5 हजार योग साधकों ने सहभागिता कर सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महामहिम राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्‍होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को जीवन की सफलता का आधार माना गया है। योग उसी संतुलन को स्थापित करने का मार्ग है। ‘योग’ शब्द का अर्थ है जोड़ना  व्यक्ति को स्वयं से, समाज को प्रकृति से और सम्पूर्ण मानवता को व्यापक विश्व चेतना से जोड़ना। योग एक सशक्त माध्यम है, जो हमें आंतरिक शांति, संतुलन और सामूहिक कल्याण की दिशा में आगे बढ़ाता है। आज जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब योग मानवता को शांति, संतुलन, समरसता और सामूहिक कल्याण का मार्ग दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2014 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। इस पहल से योग को विश्व कल्याण के एक सशक्त माध्यम के रूप में नई पहचान और व्यापक स्वीकार्यता मिली है। आज दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। योग अब जीवन शैली का अंग बनता जा रहा है। विदेशों में भी योग के प्रति लोगों का आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है, और यह भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रेरक उदाहरण है। राष्‍ट्रपति ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” है। यह थीम समाज के वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य, सक्रियता, आत्मनिर्भरता और गरिमापूर्ण जीवन में योग की उपयोगिता को रेखांकित करती है। योग बढ़ती आयु में भी व्यक्ति को स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में बहुत सहायक है। योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन को शांति और भावनात्मक संतुलन प्रदान करता है। आज की व्यस्त जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां हमारे सामने एक बड़ी चुनौती हैं। इनकी रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य के लिए योग एक सरल, प्रभावी और सुलभ उपाय है। यह प्रसन्नता का विषय है कि भारत सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए योग शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और जन-जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। सामूहिक प्रयासों से योग जन-जन तक पहुंचेगा और सामूहिक मानवता के कल्याण का आधार बनेगा। उन्‍होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों को योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्‍प दिलाया। योग को दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लें – राज्यपाल मंगुभाई पटेल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ बनाने का माध्यम ही नहीं, बल्कि यह संपूर्ण जीवन को संतुलित, सरल और आनंदमयी बनाने की पद्धति है। भारतीय ज्ञान परंपरा ने स्वस्थ जीवन का जो मार्ग दिखाया था, आज पूरी दुनिया उसे अपना रही है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा भारतीय योग को अंतरराष्ट्रीय सम्‍मान दिया गया। योग को पूरी दुनिया में सम्मान दिलवाने में प्रधानमंत्री श्री मोदी की दूरदृष्टि और अटूट प्रतिबद्धता के प्रति आभार व्यक्त करना हम सभी का कर्तव्य है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्राणायाम के जरिए हम नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच को  अपनाते हैं। ध्यान हमें अपने अंदर झांकने का अवसर देता है और मन की शांति प्रदान करता है। रोजाना केवल 20 से 30 मिनट का योगाभ्यास, ध्यान और प्राणायाम हमारे लिए प्रभावी और सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे सरल माध्यम है। आज  योग को आत्मिक उन्नति का माध्यम बनाकर दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लें। स्वस्थ तन, प्रसन्न मन और योग बने जीवन का धन। यही विकसित भारत का पथ है। वैश्विक शांति के लिए योग  एकमात्र उपाय – मुख्यमंत्री डॉ यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दुनियाभर में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम -योग फॉर हेल्दी एजिंग है। योग दिवस वैश्विक शांति और वैश्विक कल्याण को बढ़ावा देता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने पर यह सुखद संयोग बना है, इस वर्ष राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगरी कोलकाता से किया गया । दुनिया के करीब 2500 स्थानों पर योगाभ्यास किया , 210 से अधिक दूतावासों ने भी  भागीदारी की । भारत ने योग के रूप में दुनिया को मानव कल्याण का उपहार सौंपा है। योग का अर्थ है जोड़ना, भारत ने अपने ज्ञान- विवेक और विचार से सदैव सभी को … Read more

स्वास्थ्य मंत्री के आग्रह पर सीएम सम्राट चौधरी का ऐलान, शिक्षा व्यवस्था में जुड़ेगा योग

नई दिल्ली  भारत समेत पूरी दुनिया में विश्व योग दिवस की धूम है। रविवार यानी 21 जून को दुनिया भर में लोगों ने अलग-अलग जगहों पर योग किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर योग किया और देशवासियों के स्वस्थ रहने की कामना की है। बिहार में भी योग दिवस को लेकर लोगों में उत्साह नजर आया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित कंकड़बाग पाटलिपुत्र खेल परिसर में योग दिवस पर योग किया। उनके साथ बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, सांसद ललन सिंह पूर्व मंत्री मंगल पांडेय समेत कई नेताओं ने योग किया है। इस बेहद ही खास मौके पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मुख्यमंत्री से एक मांग की जिसे लेकर सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान भी किया। दरअसल बिहार के स्वास्थ्य मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मैंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अनुरोध किया है कि बिहार के जितने भी स्कूल और कॉलेज हैं उसके पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि स्कूल-कॉलेजों में योग से संबंधित आधे घंटे का एक प्रोग्राम होना चाहिए जिसमें योग, ध्यान इत्यादि चीजें कराई जाए। हालांकि, इसके लिए किसी को बाध्य नहीं किया जाएगा बल्कि यह छात्रों की इच्छा पर निर्भर करेगा कि अगर उन्हें करना है तो इसे करें या ना करें। इसके लिए हाजिरी बनाने या फिर क्लास करने की भी जरूरत नहीं होगी और ना ही इसकी परीक्षा होगी। सम्राट चौधरी ने किया बड़ा ऐलान निशांत कुमार के इस आग्रह पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य के स्कूल-कॉलेजों में योग के पाठ्यक्रम को शामिल किया जाएगा। सीएम ने कहा कि जिस जिले से मैं आता हूं उसी जिले से योग का केंद्र दुनिया में गया और दुनिया के लोग आज भी मुंगेर की धरती पर आते हैं और योग को दुनिया भर में फैलाने का काम करते हैं। इसलिए मैं सबसे स्वस्थ रहने की कामना करता हूं। सरकार का एक बड़ा बजट इसमें खर्च होता है और सरकार चाहती है कि आप स्वस्थ रहें तथा आपके जीवन में खुशहाली रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 50 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत से जोड़ना पड़ा ताकि देश स्वस्थ रहे। इसके बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि हमारे मंत्री का विशेष आग्रह है कि योग को हमारे पाठ्यक्रम में जोड़ना चाहिए। इसलिए मैं जरूर यह कहता हूं कि हमारे यहां जो पीटी की व्यवस्था है और तमाम जो अन्य कार्य स्कूल-कॉलेज में किए जाते हैं तो अब साल से मैं जरूर निर्देशित करूंगा कि योग को भी अपने पाठ्यक्रम में जोड़कर इसको आगे बढ़ाने का काम करें। हमारा जीवन तब ही सफल होगा जब हम स्वस्थ रहें। आप अगर अपने जीवन में अगर योग का सहारा लेंगे तो जीवन की उन्नति खुद-ब-खुद बढ़ जाएगी।

वैभव सूर्यवंशी का तूफान, तिलक वर्मा की फिफ्टी: इंडिया A की दमदार बल्लेबाज़ी फाइनल में

 दांबुला इंडिया ए और श्रीलंका ए टीम के बीच आज ट्राई नेशन वनडे सीरीज का फाइनल मुकाबला दांबुला में खेला जा रहा है। इस खिताबी मैच में श्रीलंका की टीम के कप्तान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। हालांकि, भारत ने 377 रन बनाकर श्रीलंका के होश उड़ा दिए। श्रीलंका ए के सामने अब 378 रनों का विशाल लक्ष्य इस दबाव भरे फाइनल में है। इस मैच में वैभव सूर्यवंशी ने तूफानी 94 रनों की पारी खेली, जबकि तिलक वर्मा ने 67 रन बनाए। अनुकूल रॉय ने 15 गेंदों में 39 रन बनाकर मैच को अच्छे से फिनिश किया। ऋतुराज गायकवाड़ और प्रियांश आर्या के बल्ले से भी रन आए। इंडिया ए की पारी टॉस हारने के बाद इंडिया ने पहले बल्लेबाजी की और 3 ओवर में ही 50 रनों का आंकड़ा वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्या ने पूरा कर लिया था। 6.3 ओवर में ही 100 रन भी दोनों ने जोड़ लिए थे। इस दौरान वैभव ने महज 11 गेंदों में फिफ्टी पूरी की थी। वे 29 गेंदों में 94 रन बनाकर आउट हुए। उस गेंद पर छक्का लगता तो वे संयुक्त रूप से सबसे तेज शतक जड़ने वाले लिस्ट ए क्रिकेटर बन जाते। धक्का-मुक्की भूलकर वैभव सूर्यवंशी इस बार बल्ले से बरसे और श्रीलंका के खिलाफ 18 चौके-छक्के जड़ दिए। पिछले मैच में उन्होंने धक्का-मुक्की की थी। प्रियांश आर्या 29 गेंदों में 39 रन बनाकर आउट हो गए। 6 चौके और एक छक्का उन्होंने अपनी पारी में लगाया। दुलज समुदिता ने उनको वियासकांत के हाथों कैच आउट कराया। मोहम्मद शिराज ने ऋतुराज गायकवाड़ को बोल्ड किया। इस तरह भारत ने तीसरा विकेट गंवाया। 51 गेंदों में 40 रन 2 चौके और एक छक्के की मदद से गायकवाड़ ने बनाए। 70 गेंदों में तिलक वर्मा ने अपना अर्धशतक पूरा किया, जो इस सीरीज में उनका चौथा अर्धशतक है। कमाल की बल्लेबाजी उन्होंने इन पांच मैचों में की है। वे इस ट्राई नेशन सीरीज में कप्तान भी हैं। कुमार कुशाग्र के रूप में भारत ने चौथा विकेट गंवाया। वे 39 गेंदों में 36 रनों की पारी खेलकर आउट हुए। 3 चौके और एक छक्का इस पारी में उन्होंने जड़ा। रविंदु फर्नांडो ने उन्हें lbw आउट किया। तिलक वर्मा ने फाइनल मैच में 90 गेंदों में 67 रनों की पारी खेली। 4 चौके और एक छक्का अपनी इस पारी में उन्होंने जड़ा। वनुजा सहन ने उन्हें अविष्का फर्नांडो के हाथों कैच आउट कराया और भारत को पांचवां झटका दिया। रविंदु फर्नांडो ने सूर्यांश शेड्गे को भी बोल्ड कर दिया। वे 6 गेंदों में सिर्फ दो रन बना सके। कुछ इसी तरह कुमार कुशाग्र भी आउट हुए थे। इंडिया A की प्लेइंग इलेवन प्रियांश आर्य, वैभव सूर्यवंशी, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), कुमार कुशाग्र (विकेट कीपर), सूर्यांश शेडगे, निशांत सिंधु, अनुकूल रॉय, विपराज निगम, अशोक शर्मा और यश ठाकुर श्रीलंका A की प्लेइंग इलेवन निरोशन डिकवेला (विकेट कीपर), अविष्का फर्नांडो, नुवानिडू फर्नांडो, सदीरा समरविक्रमा, सहान अराचिगे (कप्तान), रविन्दु फर्नांडो, वानुजा सहान, मोहम्मद शिराज, विजयकांत व्यासकांथ, दुलाज समुदिता, कुगाथास मथुलन इंडिया A स्क्वाड: प्रियांश आर्य, वैभव सूर्यवंशी, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), कुमार कुशाग्र (विकेट कीपर), सूर्यांश शेडगे, निशांत सिंधु, विप्रज निगम, अनुकूल रॉय, अंशुल कंबोज, यश ठाकुर, आयुष बडोनी, प्रभसिमरन सिंह, अरशद खान, अशोक शर्मा श्रीलंका A स्क्वाड: निरोशन डिकवेला (विकेट कीपर), अविष्का फर्नांडो, नुवानिडू फर्नांडो, सदीरा समरविक्रमा, सहान अराचिगे (कप्तान), अहान विक्रमसिंघे, रविन्दु फर्नांडो, वानुजा सहान, विजयकांथ व्यासकांथ, दुलाज समुदिता, कुगाथास मथुलन, विशेन हलम्बगे, गरुका संकेथ, चमिका गुणसेकरा, मोहम्मद शिराज, चमिका करुणारत्ने

एनएमडीसी ने 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया, 500 कर्मचारियों ने लिया हिस्सा

हैदराबाद भारत की सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक और इस्पात मंत्रालय के अधीन  सार्वजनिक क्षेत्र की एक नवरत्न उपक्रम, एनएमडीसी लिमिटेड  ने देश भर में अपने कॉर्पोरेट मुख्यालय, खनन परियोजनाओं और क्षेत्रीय कार्यालयों में व्‍यापक उत्‍साह व  भागीदारी के साथ 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया। मुख्य समारोह हैदराबाद स्थित एनएमडीसी के कॉर्पोरेट कार्यालय में आयोजित किया गया, श्री विनय कुमार, निदेशक (तकनीकी); श्री कृष्ण कुमार ठाकुर, निदेशक (कार्मिक); और श्री सी. नीलकंठ रेड्डी, मुख्य सतर्कता अधिकारी ने कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ मिलकर इस उत्सव में भाग लिया। इस सत्र का संचालन 'नमस्ते इंडिया' के योगाचार्य श्री बृज भूषण पुरोहित द्वारा किया गया, जिनके प्रबुद्ध मार्गदर्शन ने प्रतिभागियों को शारीरिक तंदुरुस्ती, मानसिक स्पष्टता और आंतरिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए योग को जीवन शैली के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। कर्मचारियों के समग्र कल्याण के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, कंपनी के खनन परिसरों और क्षेत्रीय कार्यालयों में भी एक साथ योग सत्र आयोजित किए गए। कुल मिलाकर, 500 से अधिक कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों ने इस योग  सत्र में भाग लिया, जिसमें प्राणायाम, माइंडफुल स्ट्रेच  तथा  ध्यान का अभ्यास शामिल था। इस वर्ष  की ग्लोबल थीम, “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) को ध्यान में रखते हुए, एनएमडीसी के इस कार्यक्रम ने जीवन के हर पड़ाव में लंबी उम्र, मानसिक-शारीरिक मजबूती और संपूर्ण स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के वैश्विक संदेश को आगे बढ़ाया। इस वार्षिक आयोजन के अतिरक्ति, एनएमडीसी ने वेलनेस  को अपनी दैनिक कार्य संस्कृति के हिस्से के रूप में शामिल किया है। कंपनी अपने हैदराबाद कॉर्पोरेट कार्यालय में प्रत्‍येक दिन सुबह 30 मिनट का एक संरचित योग सत्र आयोजित करती है। यह पहल निरंतर शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्पष्टता और कार्यस्थल पर एक सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है।  

अजीत डोभाल की अगुवाई में BRICS देशों के NSA जुटेंगे, भारत उठाएगा सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा

नई दिल्ली भारत की अध्यक्षता में सोमवार से देश की राजधानी नई दिल्ली में ब्रिक्स (BRICS) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSAs) और सुरक्षा मामलों के उच्च प्रतिनिधियों की एक बेहद महत्वपूर्ण दो दिवसीय बैठक शुरू होने जा रही है। इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल करेंगे। बैठक में सीमा पार आतंकवाद, पश्चिम एशिया के बदलते सुरक्षा हालात और रूस-यूक्रेन युद्ध सहित कई वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों पर गहन चर्चा होने की उम्मीद है। यह बैठक इस साल सितंबर में भारत में ही आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। भारत इस समय ब्रिक्स समूह का मौजूदा अध्यक्ष है। चीनी विदेश मंत्री से भी होगी बात इस सुरक्षा सम्मेलन में सदस्य देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव और पूर्व रक्षा मंत्री सेर्गेई शोइगु और ईरानी सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप सचिव नेजामीपुर शामिल हैं। चीनी विदेश मंत्री वांग यी की इस यात्रा के दौरान जीत डोभाल के साथ एक अलग द्विपक्षीय बैठक होने की भी संभावना है, जिस पर विश्लेषकों की पैनी नजर रहेगी। भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कहा है कि चीन वैश्विक सुरक्षा स्थिति और पारंपरिक-गैर-पारंपरिक चुनौतियों पर ब्रिक्स सदस्यों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करने और सितंबर शिखर सम्मेलन के लिए राजनीतिक जमीन तैयार करने को उत्सुक है। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार इस बैठक का मुख्य विषय ‘विश्व के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां’ रखा गया है। इस दौरान तेजी से बदलते राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों का स्वरूप, नई और उभरती प्रौद्योगिकियों की भूमिका और उनसे पैदा होने वाले खतरे के साथ-साथ आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त कार्यबल और सूचना व संचार प्रौद्योगिकियों (ICT) के सुरक्षित उपयोग की समीक्षा की जाएगी। भारत उठाएगा सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत इस मंच पर आतंकवाद, विशेष रूप से पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूहों द्वारा जम्मू-कश्मीर को निशाना बनाकर की जाने वाली सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों का मुद्दा मजबूती से उठाएगा। इसके अलावा, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी मौजूदा तनाव और टकराव पर भी बैठक में बात हो सकती है। सहमति बनाने की चुनौती यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर ब्रिक्स गुट के भीतर ही अलग-अलग रुख और भू-राजनीतिक तनाव देखने को मिल रहे हैं। इससे पहले मई में हुई ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों को लेकर ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच गहरे मतभेदों के कारण कोई साझा बयानृ जारी नहीं हो सका था, जिसके बाद भारत को चेयरमैन स्टेटमेंट जारी करना पड़ा था। चूंकि ब्रिक्स में सभी फैसले आम सहमति (से होते हैं, इसलिए भारत के सामने सभी देशों को एक मंच पर लाने की बड़ी कूटनीतिक जिम्मेदारी होगी। अब इस समूह में 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र (Egypt), इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देश हैं। यह संगठन अब वैश्विक राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा मुद्दों पर विचार-विमर्श का एक बेहद शक्तिशाली और बड़ा मंच बन चुका है।

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की कार्रवाई, पिकअप वाहन चालक पर जांच के आदेश

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने महासमुंद जिले के प्रवास के दौरान तुमगांव थाना क्षेत्र में बाल श्रम का मामला पकड़ा। सड़क पर एक पिकअप वाहन में बैंड पार्टी द्वारा 6 नाबालिग लड़कों को श्रम के लिए ले जाते देख उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप किया।   मौके पर अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा आधे फोन घंटे उपस्थित रही । डॉ. शर्मा ने मौके से ही एसजेपीयू (स्पेशल जूविनाइल पुलिस ऑफिसर), डीपीओ एवं डीसीपीओ की टीम को निर्देशित कर सभी 6 बच्चों को रेस्क्यू कराया। बच्चों को सुरक्षित तुमगांव थाना भिजवाया गया। साथ ही बाल श्रम में प्रयुक्त वाहन क्रमांक CG06GM4266 पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान डॉ. वर्णिका शर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बाल श्रम जैसी लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चाइल्डलाइन की टीम को लगातार निरीक्षण एवं निगरानी रखने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।   आयोग निश्चित ही बाल अधिकार संरक्षण नियम 2005 के तहत धारा 13 एवं सहपठित धारा 14 के तहत विषय में संज्ञान लेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा एवं बाल श्रम उन्मूलन के लिए आयोग पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर निकली साइकिल रैली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में दिखा स्वास्थ्य के प्रति उत्साह

कवर्धा. कबीरधाम जिले का एक ऐसा गांव, जहां के लोग वर्षों तक अपने ही गांव का नाम बताने में झिझक महसूस करते थे, लोगों को उपहास का सामना करना पड़ता था, क्योंकि गांव का नाम गधहाभाटा था। अब गांव का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर सोनपुर करने से ग्रामीणों की यह पीड़ा खत्म हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इसका राजपत्र में प्रकाशन भी किया जा चुका है। इसी खुशी के मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ग्राम सोनपुर पहुंचे और ग्रामीणों को राजपत्र की प्रति सौंपकर नई पहचान के लिए बधाई दी। इस दौरान उन्होंने गांव के विकास के लिए 7 लाख 50 हजार रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा भी की। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सिर्फ गांव का नाम ही नहीं बदला है, बल्कि अब सोनपुर की तस्वीर भी बदल रही है। गांव में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों ने गांव का नाम परिवर्तन होने पर उपमुख्यमंत्री का आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि पहले गधहाभाटा नाम होने के कारण उन्हें कई जगह शर्मिंदगी महसूस करनी पड़ती थी। लोग मजाक उड़ाते थे, जिसका असर सामाजिक रिश्तों और बच्चों के विवाह संबंधों पर भी पड़ता था। अब गांव का नाम सोनपुर होने से ग्रामीण गर्व के साथ अपनी पहचान बता सकेंगे।