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स्वास्थ्य मंत्री के आग्रह पर सीएम सम्राट चौधरी का ऐलान, शिक्षा व्यवस्था में जुड़ेगा योग

नई दिल्ली  भारत समेत पूरी दुनिया में विश्व योग दिवस की धूम है। रविवार यानी 21 जून को दुनिया भर में लोगों ने अलग-अलग जगहों पर योग किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर योग किया और देशवासियों के स्वस्थ रहने की कामना की है। बिहार में भी योग दिवस को लेकर लोगों में उत्साह नजर आया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित कंकड़बाग पाटलिपुत्र खेल परिसर में योग दिवस पर योग किया। उनके साथ बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, सांसद ललन सिंह पूर्व मंत्री मंगल पांडेय समेत कई नेताओं ने योग किया है। इस बेहद ही खास मौके पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मुख्यमंत्री से एक मांग की जिसे लेकर सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान भी किया। दरअसल बिहार के स्वास्थ्य मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मैंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अनुरोध किया है कि बिहार के जितने भी स्कूल और कॉलेज हैं उसके पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि स्कूल-कॉलेजों में योग से संबंधित आधे घंटे का एक प्रोग्राम होना चाहिए जिसमें योग, ध्यान इत्यादि चीजें कराई जाए। हालांकि, इसके लिए किसी को बाध्य नहीं किया जाएगा बल्कि यह छात्रों की इच्छा पर निर्भर करेगा कि अगर उन्हें करना है तो इसे करें या ना करें। इसके लिए हाजिरी बनाने या फिर क्लास करने की भी जरूरत नहीं होगी और ना ही इसकी परीक्षा होगी। सम्राट चौधरी ने किया बड़ा ऐलान निशांत कुमार के इस आग्रह पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य के स्कूल-कॉलेजों में योग के पाठ्यक्रम को शामिल किया जाएगा। सीएम ने कहा कि जिस जिले से मैं आता हूं उसी जिले से योग का केंद्र दुनिया में गया और दुनिया के लोग आज भी मुंगेर की धरती पर आते हैं और योग को दुनिया भर में फैलाने का काम करते हैं। इसलिए मैं सबसे स्वस्थ रहने की कामना करता हूं। सरकार का एक बड़ा बजट इसमें खर्च होता है और सरकार चाहती है कि आप स्वस्थ रहें तथा आपके जीवन में खुशहाली रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 50 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत से जोड़ना पड़ा ताकि देश स्वस्थ रहे। इसके बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि हमारे मंत्री का विशेष आग्रह है कि योग को हमारे पाठ्यक्रम में जोड़ना चाहिए। इसलिए मैं जरूर यह कहता हूं कि हमारे यहां जो पीटी की व्यवस्था है और तमाम जो अन्य कार्य स्कूल-कॉलेज में किए जाते हैं तो अब साल से मैं जरूर निर्देशित करूंगा कि योग को भी अपने पाठ्यक्रम में जोड़कर इसको आगे बढ़ाने का काम करें। हमारा जीवन तब ही सफल होगा जब हम स्वस्थ रहें। आप अगर अपने जीवन में अगर योग का सहारा लेंगे तो जीवन की उन्नति खुद-ब-खुद बढ़ जाएगी।

वैभव सूर्यवंशी का तूफान, तिलक वर्मा की फिफ्टी: इंडिया A की दमदार बल्लेबाज़ी फाइनल में

 दांबुला इंडिया ए और श्रीलंका ए टीम के बीच आज ट्राई नेशन वनडे सीरीज का फाइनल मुकाबला दांबुला में खेला जा रहा है। इस खिताबी मैच में श्रीलंका की टीम के कप्तान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। हालांकि, भारत ने 377 रन बनाकर श्रीलंका के होश उड़ा दिए। श्रीलंका ए के सामने अब 378 रनों का विशाल लक्ष्य इस दबाव भरे फाइनल में है। इस मैच में वैभव सूर्यवंशी ने तूफानी 94 रनों की पारी खेली, जबकि तिलक वर्मा ने 67 रन बनाए। अनुकूल रॉय ने 15 गेंदों में 39 रन बनाकर मैच को अच्छे से फिनिश किया। ऋतुराज गायकवाड़ और प्रियांश आर्या के बल्ले से भी रन आए। इंडिया ए की पारी टॉस हारने के बाद इंडिया ने पहले बल्लेबाजी की और 3 ओवर में ही 50 रनों का आंकड़ा वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्या ने पूरा कर लिया था। 6.3 ओवर में ही 100 रन भी दोनों ने जोड़ लिए थे। इस दौरान वैभव ने महज 11 गेंदों में फिफ्टी पूरी की थी। वे 29 गेंदों में 94 रन बनाकर आउट हुए। उस गेंद पर छक्का लगता तो वे संयुक्त रूप से सबसे तेज शतक जड़ने वाले लिस्ट ए क्रिकेटर बन जाते। धक्का-मुक्की भूलकर वैभव सूर्यवंशी इस बार बल्ले से बरसे और श्रीलंका के खिलाफ 18 चौके-छक्के जड़ दिए। पिछले मैच में उन्होंने धक्का-मुक्की की थी। प्रियांश आर्या 29 गेंदों में 39 रन बनाकर आउट हो गए। 6 चौके और एक छक्का उन्होंने अपनी पारी में लगाया। दुलज समुदिता ने उनको वियासकांत के हाथों कैच आउट कराया। मोहम्मद शिराज ने ऋतुराज गायकवाड़ को बोल्ड किया। इस तरह भारत ने तीसरा विकेट गंवाया। 51 गेंदों में 40 रन 2 चौके और एक छक्के की मदद से गायकवाड़ ने बनाए। 70 गेंदों में तिलक वर्मा ने अपना अर्धशतक पूरा किया, जो इस सीरीज में उनका चौथा अर्धशतक है। कमाल की बल्लेबाजी उन्होंने इन पांच मैचों में की है। वे इस ट्राई नेशन सीरीज में कप्तान भी हैं। कुमार कुशाग्र के रूप में भारत ने चौथा विकेट गंवाया। वे 39 गेंदों में 36 रनों की पारी खेलकर आउट हुए। 3 चौके और एक छक्का इस पारी में उन्होंने जड़ा। रविंदु फर्नांडो ने उन्हें lbw आउट किया। तिलक वर्मा ने फाइनल मैच में 90 गेंदों में 67 रनों की पारी खेली। 4 चौके और एक छक्का अपनी इस पारी में उन्होंने जड़ा। वनुजा सहन ने उन्हें अविष्का फर्नांडो के हाथों कैच आउट कराया और भारत को पांचवां झटका दिया। रविंदु फर्नांडो ने सूर्यांश शेड्गे को भी बोल्ड कर दिया। वे 6 गेंदों में सिर्फ दो रन बना सके। कुछ इसी तरह कुमार कुशाग्र भी आउट हुए थे। इंडिया A की प्लेइंग इलेवन प्रियांश आर्य, वैभव सूर्यवंशी, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), कुमार कुशाग्र (विकेट कीपर), सूर्यांश शेडगे, निशांत सिंधु, अनुकूल रॉय, विपराज निगम, अशोक शर्मा और यश ठाकुर श्रीलंका A की प्लेइंग इलेवन निरोशन डिकवेला (विकेट कीपर), अविष्का फर्नांडो, नुवानिडू फर्नांडो, सदीरा समरविक्रमा, सहान अराचिगे (कप्तान), रविन्दु फर्नांडो, वानुजा सहान, मोहम्मद शिराज, विजयकांत व्यासकांथ, दुलाज समुदिता, कुगाथास मथुलन इंडिया A स्क्वाड: प्रियांश आर्य, वैभव सूर्यवंशी, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), कुमार कुशाग्र (विकेट कीपर), सूर्यांश शेडगे, निशांत सिंधु, विप्रज निगम, अनुकूल रॉय, अंशुल कंबोज, यश ठाकुर, आयुष बडोनी, प्रभसिमरन सिंह, अरशद खान, अशोक शर्मा श्रीलंका A स्क्वाड: निरोशन डिकवेला (विकेट कीपर), अविष्का फर्नांडो, नुवानिडू फर्नांडो, सदीरा समरविक्रमा, सहान अराचिगे (कप्तान), अहान विक्रमसिंघे, रविन्दु फर्नांडो, वानुजा सहान, विजयकांथ व्यासकांथ, दुलाज समुदिता, कुगाथास मथुलन, विशेन हलम्बगे, गरुका संकेथ, चमिका गुणसेकरा, मोहम्मद शिराज, चमिका करुणारत्ने

एनएमडीसी ने 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया, 500 कर्मचारियों ने लिया हिस्सा

हैदराबाद भारत की सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक और इस्पात मंत्रालय के अधीन  सार्वजनिक क्षेत्र की एक नवरत्न उपक्रम, एनएमडीसी लिमिटेड  ने देश भर में अपने कॉर्पोरेट मुख्यालय, खनन परियोजनाओं और क्षेत्रीय कार्यालयों में व्‍यापक उत्‍साह व  भागीदारी के साथ 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया। मुख्य समारोह हैदराबाद स्थित एनएमडीसी के कॉर्पोरेट कार्यालय में आयोजित किया गया, श्री विनय कुमार, निदेशक (तकनीकी); श्री कृष्ण कुमार ठाकुर, निदेशक (कार्मिक); और श्री सी. नीलकंठ रेड्डी, मुख्य सतर्कता अधिकारी ने कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ मिलकर इस उत्सव में भाग लिया। इस सत्र का संचालन 'नमस्ते इंडिया' के योगाचार्य श्री बृज भूषण पुरोहित द्वारा किया गया, जिनके प्रबुद्ध मार्गदर्शन ने प्रतिभागियों को शारीरिक तंदुरुस्ती, मानसिक स्पष्टता और आंतरिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए योग को जीवन शैली के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। कर्मचारियों के समग्र कल्याण के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, कंपनी के खनन परिसरों और क्षेत्रीय कार्यालयों में भी एक साथ योग सत्र आयोजित किए गए। कुल मिलाकर, 500 से अधिक कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों ने इस योग  सत्र में भाग लिया, जिसमें प्राणायाम, माइंडफुल स्ट्रेच  तथा  ध्यान का अभ्यास शामिल था। इस वर्ष  की ग्लोबल थीम, “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) को ध्यान में रखते हुए, एनएमडीसी के इस कार्यक्रम ने जीवन के हर पड़ाव में लंबी उम्र, मानसिक-शारीरिक मजबूती और संपूर्ण स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के वैश्विक संदेश को आगे बढ़ाया। इस वार्षिक आयोजन के अतिरक्ति, एनएमडीसी ने वेलनेस  को अपनी दैनिक कार्य संस्कृति के हिस्से के रूप में शामिल किया है। कंपनी अपने हैदराबाद कॉर्पोरेट कार्यालय में प्रत्‍येक दिन सुबह 30 मिनट का एक संरचित योग सत्र आयोजित करती है। यह पहल निरंतर शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्पष्टता और कार्यस्थल पर एक सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है।  

अजीत डोभाल की अगुवाई में BRICS देशों के NSA जुटेंगे, भारत उठाएगा सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा

नई दिल्ली भारत की अध्यक्षता में सोमवार से देश की राजधानी नई दिल्ली में ब्रिक्स (BRICS) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSAs) और सुरक्षा मामलों के उच्च प्रतिनिधियों की एक बेहद महत्वपूर्ण दो दिवसीय बैठक शुरू होने जा रही है। इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल करेंगे। बैठक में सीमा पार आतंकवाद, पश्चिम एशिया के बदलते सुरक्षा हालात और रूस-यूक्रेन युद्ध सहित कई वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों पर गहन चर्चा होने की उम्मीद है। यह बैठक इस साल सितंबर में भारत में ही आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। भारत इस समय ब्रिक्स समूह का मौजूदा अध्यक्ष है। चीनी विदेश मंत्री से भी होगी बात इस सुरक्षा सम्मेलन में सदस्य देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव और पूर्व रक्षा मंत्री सेर्गेई शोइगु और ईरानी सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप सचिव नेजामीपुर शामिल हैं। चीनी विदेश मंत्री वांग यी की इस यात्रा के दौरान जीत डोभाल के साथ एक अलग द्विपक्षीय बैठक होने की भी संभावना है, जिस पर विश्लेषकों की पैनी नजर रहेगी। भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कहा है कि चीन वैश्विक सुरक्षा स्थिति और पारंपरिक-गैर-पारंपरिक चुनौतियों पर ब्रिक्स सदस्यों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करने और सितंबर शिखर सम्मेलन के लिए राजनीतिक जमीन तैयार करने को उत्सुक है। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार इस बैठक का मुख्य विषय ‘विश्व के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां’ रखा गया है। इस दौरान तेजी से बदलते राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों का स्वरूप, नई और उभरती प्रौद्योगिकियों की भूमिका और उनसे पैदा होने वाले खतरे के साथ-साथ आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त कार्यबल और सूचना व संचार प्रौद्योगिकियों (ICT) के सुरक्षित उपयोग की समीक्षा की जाएगी। भारत उठाएगा सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत इस मंच पर आतंकवाद, विशेष रूप से पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूहों द्वारा जम्मू-कश्मीर को निशाना बनाकर की जाने वाली सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों का मुद्दा मजबूती से उठाएगा। इसके अलावा, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी मौजूदा तनाव और टकराव पर भी बैठक में बात हो सकती है। सहमति बनाने की चुनौती यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर ब्रिक्स गुट के भीतर ही अलग-अलग रुख और भू-राजनीतिक तनाव देखने को मिल रहे हैं। इससे पहले मई में हुई ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों को लेकर ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच गहरे मतभेदों के कारण कोई साझा बयानृ जारी नहीं हो सका था, जिसके बाद भारत को चेयरमैन स्टेटमेंट जारी करना पड़ा था। चूंकि ब्रिक्स में सभी फैसले आम सहमति (से होते हैं, इसलिए भारत के सामने सभी देशों को एक मंच पर लाने की बड़ी कूटनीतिक जिम्मेदारी होगी। अब इस समूह में 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र (Egypt), इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देश हैं। यह संगठन अब वैश्विक राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा मुद्दों पर विचार-विमर्श का एक बेहद शक्तिशाली और बड़ा मंच बन चुका है।

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की कार्रवाई, पिकअप वाहन चालक पर जांच के आदेश

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने महासमुंद जिले के प्रवास के दौरान तुमगांव थाना क्षेत्र में बाल श्रम का मामला पकड़ा। सड़क पर एक पिकअप वाहन में बैंड पार्टी द्वारा 6 नाबालिग लड़कों को श्रम के लिए ले जाते देख उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप किया।   मौके पर अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा आधे फोन घंटे उपस्थित रही । डॉ. शर्मा ने मौके से ही एसजेपीयू (स्पेशल जूविनाइल पुलिस ऑफिसर), डीपीओ एवं डीसीपीओ की टीम को निर्देशित कर सभी 6 बच्चों को रेस्क्यू कराया। बच्चों को सुरक्षित तुमगांव थाना भिजवाया गया। साथ ही बाल श्रम में प्रयुक्त वाहन क्रमांक CG06GM4266 पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान डॉ. वर्णिका शर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बाल श्रम जैसी लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चाइल्डलाइन की टीम को लगातार निरीक्षण एवं निगरानी रखने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।   आयोग निश्चित ही बाल अधिकार संरक्षण नियम 2005 के तहत धारा 13 एवं सहपठित धारा 14 के तहत विषय में संज्ञान लेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा एवं बाल श्रम उन्मूलन के लिए आयोग पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर निकली साइकिल रैली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में दिखा स्वास्थ्य के प्रति उत्साह

कवर्धा. कबीरधाम जिले का एक ऐसा गांव, जहां के लोग वर्षों तक अपने ही गांव का नाम बताने में झिझक महसूस करते थे, लोगों को उपहास का सामना करना पड़ता था, क्योंकि गांव का नाम गधहाभाटा था। अब गांव का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर सोनपुर करने से ग्रामीणों की यह पीड़ा खत्म हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इसका राजपत्र में प्रकाशन भी किया जा चुका है। इसी खुशी के मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ग्राम सोनपुर पहुंचे और ग्रामीणों को राजपत्र की प्रति सौंपकर नई पहचान के लिए बधाई दी। इस दौरान उन्होंने गांव के विकास के लिए 7 लाख 50 हजार रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा भी की। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सिर्फ गांव का नाम ही नहीं बदला है, बल्कि अब सोनपुर की तस्वीर भी बदल रही है। गांव में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों ने गांव का नाम परिवर्तन होने पर उपमुख्यमंत्री का आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि पहले गधहाभाटा नाम होने के कारण उन्हें कई जगह शर्मिंदगी महसूस करनी पड़ती थी। लोग मजाक उड़ाते थे, जिसका असर सामाजिक रिश्तों और बच्चों के विवाह संबंधों पर भी पड़ता था। अब गांव का नाम सोनपुर होने से ग्रामीण गर्व के साथ अपनी पहचान बता सकेंगे।

वास्तु शास्त्र के अनुसार फ्रिज के ऊपर ये चीजें रखना हो सकता है अशुभ, बढ़ती है नकारात्मक ऊर्जा

वास्तु शास्त्र में घर की हर वस्तु का अपना महत्व होता है, और फ्रिज भी इससे अछूता नहीं है. रसोई में रखा फ्रिज न केवल भोजन को ताज़ा रखता है, बल्कि यह घर की ऊर्जा और आर्थिक स्थिति पर भी असर डालता  है.  वास्तु के अनुसार, फ्रिज जल तत्व का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए इसे सही दिशा में रखना और इसके ऊपर रखी जाने वाली चीजों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. फ्रिज के ऊपर क्या न रखें? फ्रिज के ऊपर सामान रखने की आदत अक्सर घर में नकारात्मक ऊर्जा को खींच कर वास्तु दोष का कारण बनती है. इसलिए कुछ चीजों को फ्रिज के ऊपर कभी न रखें: दवाइयां: फ्रिज के ऊपर दवाइयां रखने से उनकी प्रभावशीलता कम हो जाती है. इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा vibrations) बढ़ते हैं. धन और कीमती वस्तुएं: नकदी, सिक्के या गहने फ्रिज के ऊपर रखने से धन के आगमन में रुकावट आती है. अनावश्यक आर्थिक हानि हो सकती है. इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: माइक्रोवेव या टोस्टर जैसे भारी बिजली के उपकरण फ्रिज के ऊपर रखने से ऊर्जाओं में टकराव होता है.  साथ ही, फ्रिज के कंपन से इनके गिरने का खतरा भी बना रहता है. मृत पौधे: सूखे फूल, बोनसाई या मुरझाए हुए पौधे कभी न रखें. ये घर में मृत और नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं. खाने-पीने की चीजें: फ्रिज के मोटर से निकलने वाली गर्मी के कारण ऊपर रखे ब्रेड, अनाज या शराब जैसे खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब हो जाती हैं, जिससे घर में वास्तु दोष पैदा होता है. फ्रिज के ऊपर/अंदर क्या रखें (सकारात्मक ऊर्जा के लिए) घर की सकारात्मकता और समृद्धि बढ़ाने के लिए आप ये उपाय अपना सकते हैं: आध्यात्मिक प्रतीक: फ्रिज के दरवाजे पर स्वास्तिक जैसे शुभ प्रतीक या वास्तु के मुताबिक मैग्नेट लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है. क्लीयर क्वार्ट्ज क्रिस्टल: फ्रिज के ऊपर एक छोटा, साफ क्लीयर क्वार्ट्ज क्रिस्टल रखने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. यह रसोई में सुरक्षा घेरा बनता है. प्रकाश: वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, फ्रिज के पास एक छोटा घी का दीपक या सुगंधित मोमबत्ती रखना तत्वों को संतुलित करने और ऊर्जा को शुद्ध करने में मदद करता है. सेंधा नमक (Rock Salt): एक छोटी कांच की कटोरी में थोड़ा सेंधा नमक रखें. यह रसोई की नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है. इसे हर 15-20 दिन में बदलते रहें. सुगंधित मोमबत्ती: एक छोटी सुगंधित मोमबत्ती (बिना जलाए) रखने से भी वातावरण ताज़ा बना रहता है. फ्रिज के लिए कुछ महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स दिशा का चुनाव (Ideal Placement): वास्तु के अनुसार, फ्रिज को हमेशा रसोई या डाइनिंग रूम के दक्षिण-पश्चिम (South-West) या दक्षिण-पूर्व (South-East) कोने में रखें. फ्रिज को कभी भी उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा में न रखें. साफ-सफाई: फ्रिज को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखें. उसे गैरजरूरी सामानों से न भरें (Overstuffing न करें). एक्सपायरी चेक करें: फ्रिज में रखा बासी या खराब भोजन ऊर्जा के प्रवाह को रोकता है. इसलिए, समय-समय पर फ्रिज चेक करें , एक्सपायर हो चुके सामान को तुरंत बाहर निकालें.

शुक्र का अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश, वृषभ समेत 4 राशियों को मिलेगा बड़ा आर्थिक लाभ

शुक्र देव का नक्षत्र परिवर्तन ज्योतिष शास्त्र में भौतिक सुख-सुविधाओं, धन, वैभव और ऐश्वर्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. 23 जून को शुक्र ग्रह बुध की ओनरशिप वाले अश्लेषा नक्षत्र (Ashlesha Nakshatra) में प्रवेश करने जा रहे हैं. अश्लेषा नक्षत्र में शुक्र का आना कई राशियों के जीवन में सुख-समृद्धि लेकर आएगा, लेकिन मुख्य रूप से 4 राशियां ऐसी हैं जिन्हें इस दौरान जबरदस्त आर्थिक लाभ और करियर में तरक्की मिलने वाली है. आइए जानते हैं उन लकी राशियों के बारे में. 1. वृषभ राशि (Taurus) शुक्र आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए इनका नक्षत्र परिवर्तन आपके लिए बेहद शुभ और फलदायी रहने वाला है. करियर व व्यापार: नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर नई और बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. व्यापारियों के लिए मुनाफे के नए स्रोत बनेंगे. आर्थिक लाभ: आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी. यदि आप प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो समय अनुकूल है. लव लाइफ: पार्टनर के साथ रिश्ते मजबूत होंगे और सिंगल लोगों के जीवन में किसी खास की एंट्री हो सकती है. 2. मिथुन राशि (Gemini) चूंकि अश्लेषा नक्षत्र के स्वामी बुध देव हैं और बुध की मिथुन राशि के साथ गहरी मित्रता है, इसलिए यह गोचर आपके लिए भाग्यशाली रहेगा. वाणी से लाभ: मीडिया, राइटिंग, मार्केटिंग या कंसल्टेंसी से जुड़े लोगों को अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स के दम पर बड़ा फायदा होगा. धन लाभ: फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है. अचानक से धन लाभ होने के योग बनेंगे, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. पारिवारिक सहयोग: भाई-बहनों और परिवार के सदस्यों का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे आपके रुके हुए काम पूरे होंगे. 3. कर्क राशि (Cancer) शुक्र का यह नक्षत्र परिवर्तन कर्क राशि के जातकों के लिए मान-सम्मान और सुख लेकर आ रहा है. व्यक्तित्व में निखार: आपके आकर्षण में वृद्धि होगी और समाज में आपका कद बढ़ेगा. लोग आपकी बातों से प्रभावित होंगे. करियर में ग्रोथ: ऑफिस में सीनियर्स और बॉस आपके काम की तारीफ करेंगे. क्रिएटिव फील्ड से जुड़े लोगों के लिए यह समय गोल्डन पीरियड साबित हो सकता है. मानसिक शांति: पिछले कुछ समय से चल रहा तनाव दूर होगा और आप खुद को काफी रिलैक्स महसूस करेंगे. 4. कन्या राशि (Virgo) बुध की दूसरी राशि कन्या के लिए भी शुक्र का अश्लेषा नक्षत्र में जाना बेहद लाभकारी सिद्ध होगा. आर्थिक पक्ष: आपकी इनकम के साधनों में बढ़ोतरी होगी. निवेश (Investment) से अच्छा रिटर्न मिलने की पूरी संभावना है. बिजनेस में मुनाफा: अगर आप पार्टनरशिप में कोई बिजनेस कर रहे हैं, तो कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है जो भविष्य में तगड़ा मुनाफा देगी. इच्छाओं की पूर्ति: लंबे समय से अटकी हुई कोई इच्छा इस दौरान पूरी हो सकती है, जिससे घर में खुशियों का माहौल रहेगा.

पौराणिक कथाओं में हनुमान जी और मच्छिंद्रनाथ के बीच योग-शक्ति संघर्ष का उल्लेख

हिंदू धार्मिक ग्रंथों में पवनपुत्र हनुमान जी को सबसे शक्तिशाली माना गया है. मान्यता है कि उनके बिना न तो राम कथा पूर्ण है और न ही रामायण. राम-रावण युद्ध में हनुमान जी ऐसे योद्धा थे, जिन्हें कोई भी किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचा सका. उनके पराक्रम, सेवा, दया और शक्ति की अनगिनत गाथाएं प्रसिद्ध हैं. लेकिन कुछ कथाओं के अनुसार, तीन ऐसे योद्धा भी हुए हैं, जिनके सामने हनुमान जी को भी झुकना पड़ा. यह सुनने में भले ही आश्चर्यजनक लगे, लेकिन पुराणों और लोक कथाओं में इसका उल्लेख मिलता है. 1. मच्छिंद्रनाथ रामायण के अनुसार, मच्छिंद्रनाथ एक महान सिद्ध योगी और तपस्वी थे. एक बार वे रामेश्वरम पहुंचे और राम सेतु को देखकर भावविभोर हो गए. इसके बाद वे समुद्र में स्नान करते हुए भगवान राम की भक्ति में लीन हो गए. उसी समय हनुमान जी, जो वानर रूप में वहाँ उपस्थित थे, उनकी परीक्षा लेना चाहते थे. उन्होंने तेज वर्षा उत्पन्न कर दी और स्वयं एक वानर के रूप में पर्वत पर गुफा बनाने का अभिनय करने लगे. मच्छिंद्रनाथ ने उन्हें समझाते हुए कहा कि संकट आने से पहले ही सुरक्षित स्थान खोज लेना चाहिए. इस पर हनुमान जी ने उनसे उनकी शक्ति का परिचय मांगा और युद्ध की चुनौती दे दी. इसके बाद दोनों के बीच युद्ध हुआ, जिसमें मच्छिंद्रनाथ की योग शक्ति के सामने हनुमान जी की शक्ति निष्फल हो गई. अंत में वायुदेव के हस्तक्षेप के बाद यह युद्ध समाप्त हुआ और इस कथा में हनुमान जी की हार मानी जाती है. 2. मेघनाद (इंद्रजीत) जब हनुमान जी माता सीता की खोज में लंका पहुंचे, तो उन्होंने अशोक वाटिका में उत्पात मचाया और रावण के पुत्र अक्षय कुमार का वध कर दिया था. इसके बाद रावण ने अपने शक्तिशाली पुत्र मेघनाद को हनुमान जी को पकड़ने के लिए भेजा. मेघनाद ने ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया. हनुमान जी को वरदान प्राप्त था, इसलिए उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन ब्रह्मास्त्र का सम्मान करते हुए उन्होंने स्वयं को उसके बंधन में जाने दिया. इस प्रकार, तकनीकी रूप से यह भी एक स्थिति थी जहां हनुमान जी को रोका गया था. 3. लव और कुश यह घटना उस समय की है जब भगवान श्रीराम ने अश्वमेध यज्ञ किया था. यज्ञ का घोड़ा जंगल में छोड़ा गया, जिसे लव और कुश ने पकड़ लिया और चुनौती स्वीकार कर ली. श्रीराम की सेना से युद्ध में लव-कुश ने शत्रुघ्न और लक्ष्मण तक को पराजित कर दिया. इसके बाद भरत, सुग्रीव और हनुमान जी भी युद्ध के लिए पहुंचे. जब हनुमान जी ने लव-कुश का पराक्रम देखा, तो उन्हें संदेह हुआ. ध्यान लगाने पर उन्हें ज्ञात हुआ कि ये दोनों श्रीराम और माता सीता के पुत्र हैं. यह जानने के बाद हनुमान जी ने युद्ध करना उचित नहीं समझा और शांत भाव से खड़े रहे. इसके बावजूद लव-कुश ने उन पर प्रहार किया, लेकिन हनुमान जी ने प्रतिकार नहीं किया था.

अयोध्या विवाद के बाद बड़ा फैसला, MP के मंदिरों में लागू होगा QR कोड आधारित दान सिस्टम

खंडवा. अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में दान राशि को लेकर उठे विवाद के बीच मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के प्रमुख मंदिरों की दान और प्रबंधन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की तैयारी कर रही है। देश के प्रतिष्ठित मंदिरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर नया मॉडल तैयार किया जाएगा, जिसे महाकाल एवं ओंकारेश्वर सहित प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में लागू किया जाएगा। दान और चढ़ावे का होगा पारदर्शी प्रबंधन ओंकारेश्वर प्रवास पर पहुंचे धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, संस्कृति तथा पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे के पारदर्शी प्रबंधन को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी, जो देश के प्रमुख मंदिरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के विश्वास और आस्था की रक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उज्जैन और ओंकारेश्वर की सतत निगरानी मौजूदा व्यवस्था ओंकारेश्वर दान पेटियां प्रशासन और मंदिर समिति की मौजूदगी में तय दिनों पर खोली जाती हैं। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होती है। शीघ्र दर्शन से प्राप्त राशि पूरी तरह ऑनलाइन जमा होती है। दान राशि के उपयोग और गणना पर सतत निगरानी रखी जाती है। महाकाल मंदिर नकद, ऑनलाइन और क्यूआर कोड से दान की व्यवस्था है। भेंट पेटियों की राशि पारदर्शी कांच कक्ष में सीसीटीवी निगरानी के बीच गिनी जाती है। बैंक कर्मचारी राशि सीधे मंदिर खाते में जमा करते हैं। दान राशि से श्रद्धालु सुविधाएं, निर्माण कार्य और सेवा प्रकल्प संचालित होते हैं। आय-व्यय की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अलग-अलग प्रकल्पों की पृथक लेखा व्यवस्था विकसित की जा रही है। पारदर्शिता के प्रमुख उपाय दान पेटियों की निगरानी वीडियोग्राफी और सीसीटीवी रिकार्डिंग ऑनलाइन दान और क्यूआर कोड व्यवस्था बैंक के माध्यम से राशि जमा आय-व्यय का पृथक लेखा-जोखा प्रशासनिक निगरानी में गणना प्रक्रिया।