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राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की कार्रवाई, पिकअप वाहन चालक पर जांच के आदेश

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने महासमुंद जिले के प्रवास के दौरान तुमगांव थाना क्षेत्र में बाल श्रम का मामला पकड़ा। सड़क पर एक पिकअप वाहन में बैंड पार्टी द्वारा 6 नाबालिग लड़कों को श्रम के लिए ले जाते देख उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप किया।   मौके पर अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा आधे फोन घंटे उपस्थित रही । डॉ. शर्मा ने मौके से ही एसजेपीयू (स्पेशल जूविनाइल पुलिस ऑफिसर), डीपीओ एवं डीसीपीओ की टीम को निर्देशित कर सभी 6 बच्चों को रेस्क्यू कराया। बच्चों को सुरक्षित तुमगांव थाना भिजवाया गया। साथ ही बाल श्रम में प्रयुक्त वाहन क्रमांक CG06GM4266 पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान डॉ. वर्णिका शर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बाल श्रम जैसी लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चाइल्डलाइन की टीम को लगातार निरीक्षण एवं निगरानी रखने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।   आयोग निश्चित ही बाल अधिकार संरक्षण नियम 2005 के तहत धारा 13 एवं सहपठित धारा 14 के तहत विषय में संज्ञान लेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा एवं बाल श्रम उन्मूलन के लिए आयोग पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर निकली साइकिल रैली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में दिखा स्वास्थ्य के प्रति उत्साह

कवर्धा. कबीरधाम जिले का एक ऐसा गांव, जहां के लोग वर्षों तक अपने ही गांव का नाम बताने में झिझक महसूस करते थे, लोगों को उपहास का सामना करना पड़ता था, क्योंकि गांव का नाम गधहाभाटा था। अब गांव का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर सोनपुर करने से ग्रामीणों की यह पीड़ा खत्म हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इसका राजपत्र में प्रकाशन भी किया जा चुका है। इसी खुशी के मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ग्राम सोनपुर पहुंचे और ग्रामीणों को राजपत्र की प्रति सौंपकर नई पहचान के लिए बधाई दी। इस दौरान उन्होंने गांव के विकास के लिए 7 लाख 50 हजार रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा भी की। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सिर्फ गांव का नाम ही नहीं बदला है, बल्कि अब सोनपुर की तस्वीर भी बदल रही है। गांव में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों ने गांव का नाम परिवर्तन होने पर उपमुख्यमंत्री का आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि पहले गधहाभाटा नाम होने के कारण उन्हें कई जगह शर्मिंदगी महसूस करनी पड़ती थी। लोग मजाक उड़ाते थे, जिसका असर सामाजिक रिश्तों और बच्चों के विवाह संबंधों पर भी पड़ता था। अब गांव का नाम सोनपुर होने से ग्रामीण गर्व के साथ अपनी पहचान बता सकेंगे।

वास्तु शास्त्र के अनुसार फ्रिज के ऊपर ये चीजें रखना हो सकता है अशुभ, बढ़ती है नकारात्मक ऊर्जा

वास्तु शास्त्र में घर की हर वस्तु का अपना महत्व होता है, और फ्रिज भी इससे अछूता नहीं है. रसोई में रखा फ्रिज न केवल भोजन को ताज़ा रखता है, बल्कि यह घर की ऊर्जा और आर्थिक स्थिति पर भी असर डालता  है.  वास्तु के अनुसार, फ्रिज जल तत्व का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए इसे सही दिशा में रखना और इसके ऊपर रखी जाने वाली चीजों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. फ्रिज के ऊपर क्या न रखें? फ्रिज के ऊपर सामान रखने की आदत अक्सर घर में नकारात्मक ऊर्जा को खींच कर वास्तु दोष का कारण बनती है. इसलिए कुछ चीजों को फ्रिज के ऊपर कभी न रखें: दवाइयां: फ्रिज के ऊपर दवाइयां रखने से उनकी प्रभावशीलता कम हो जाती है. इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा vibrations) बढ़ते हैं. धन और कीमती वस्तुएं: नकदी, सिक्के या गहने फ्रिज के ऊपर रखने से धन के आगमन में रुकावट आती है. अनावश्यक आर्थिक हानि हो सकती है. इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: माइक्रोवेव या टोस्टर जैसे भारी बिजली के उपकरण फ्रिज के ऊपर रखने से ऊर्जाओं में टकराव होता है.  साथ ही, फ्रिज के कंपन से इनके गिरने का खतरा भी बना रहता है. मृत पौधे: सूखे फूल, बोनसाई या मुरझाए हुए पौधे कभी न रखें. ये घर में मृत और नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं. खाने-पीने की चीजें: फ्रिज के मोटर से निकलने वाली गर्मी के कारण ऊपर रखे ब्रेड, अनाज या शराब जैसे खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब हो जाती हैं, जिससे घर में वास्तु दोष पैदा होता है. फ्रिज के ऊपर/अंदर क्या रखें (सकारात्मक ऊर्जा के लिए) घर की सकारात्मकता और समृद्धि बढ़ाने के लिए आप ये उपाय अपना सकते हैं: आध्यात्मिक प्रतीक: फ्रिज के दरवाजे पर स्वास्तिक जैसे शुभ प्रतीक या वास्तु के मुताबिक मैग्नेट लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है. क्लीयर क्वार्ट्ज क्रिस्टल: फ्रिज के ऊपर एक छोटा, साफ क्लीयर क्वार्ट्ज क्रिस्टल रखने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. यह रसोई में सुरक्षा घेरा बनता है. प्रकाश: वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, फ्रिज के पास एक छोटा घी का दीपक या सुगंधित मोमबत्ती रखना तत्वों को संतुलित करने और ऊर्जा को शुद्ध करने में मदद करता है. सेंधा नमक (Rock Salt): एक छोटी कांच की कटोरी में थोड़ा सेंधा नमक रखें. यह रसोई की नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है. इसे हर 15-20 दिन में बदलते रहें. सुगंधित मोमबत्ती: एक छोटी सुगंधित मोमबत्ती (बिना जलाए) रखने से भी वातावरण ताज़ा बना रहता है. फ्रिज के लिए कुछ महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स दिशा का चुनाव (Ideal Placement): वास्तु के अनुसार, फ्रिज को हमेशा रसोई या डाइनिंग रूम के दक्षिण-पश्चिम (South-West) या दक्षिण-पूर्व (South-East) कोने में रखें. फ्रिज को कभी भी उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा में न रखें. साफ-सफाई: फ्रिज को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखें. उसे गैरजरूरी सामानों से न भरें (Overstuffing न करें). एक्सपायरी चेक करें: फ्रिज में रखा बासी या खराब भोजन ऊर्जा के प्रवाह को रोकता है. इसलिए, समय-समय पर फ्रिज चेक करें , एक्सपायर हो चुके सामान को तुरंत बाहर निकालें.

शुक्र का अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश, वृषभ समेत 4 राशियों को मिलेगा बड़ा आर्थिक लाभ

शुक्र देव का नक्षत्र परिवर्तन ज्योतिष शास्त्र में भौतिक सुख-सुविधाओं, धन, वैभव और ऐश्वर्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. 23 जून को शुक्र ग्रह बुध की ओनरशिप वाले अश्लेषा नक्षत्र (Ashlesha Nakshatra) में प्रवेश करने जा रहे हैं. अश्लेषा नक्षत्र में शुक्र का आना कई राशियों के जीवन में सुख-समृद्धि लेकर आएगा, लेकिन मुख्य रूप से 4 राशियां ऐसी हैं जिन्हें इस दौरान जबरदस्त आर्थिक लाभ और करियर में तरक्की मिलने वाली है. आइए जानते हैं उन लकी राशियों के बारे में. 1. वृषभ राशि (Taurus) शुक्र आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए इनका नक्षत्र परिवर्तन आपके लिए बेहद शुभ और फलदायी रहने वाला है. करियर व व्यापार: नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर नई और बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. व्यापारियों के लिए मुनाफे के नए स्रोत बनेंगे. आर्थिक लाभ: आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी. यदि आप प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो समय अनुकूल है. लव लाइफ: पार्टनर के साथ रिश्ते मजबूत होंगे और सिंगल लोगों के जीवन में किसी खास की एंट्री हो सकती है. 2. मिथुन राशि (Gemini) चूंकि अश्लेषा नक्षत्र के स्वामी बुध देव हैं और बुध की मिथुन राशि के साथ गहरी मित्रता है, इसलिए यह गोचर आपके लिए भाग्यशाली रहेगा. वाणी से लाभ: मीडिया, राइटिंग, मार्केटिंग या कंसल्टेंसी से जुड़े लोगों को अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स के दम पर बड़ा फायदा होगा. धन लाभ: फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है. अचानक से धन लाभ होने के योग बनेंगे, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. पारिवारिक सहयोग: भाई-बहनों और परिवार के सदस्यों का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे आपके रुके हुए काम पूरे होंगे. 3. कर्क राशि (Cancer) शुक्र का यह नक्षत्र परिवर्तन कर्क राशि के जातकों के लिए मान-सम्मान और सुख लेकर आ रहा है. व्यक्तित्व में निखार: आपके आकर्षण में वृद्धि होगी और समाज में आपका कद बढ़ेगा. लोग आपकी बातों से प्रभावित होंगे. करियर में ग्रोथ: ऑफिस में सीनियर्स और बॉस आपके काम की तारीफ करेंगे. क्रिएटिव फील्ड से जुड़े लोगों के लिए यह समय गोल्डन पीरियड साबित हो सकता है. मानसिक शांति: पिछले कुछ समय से चल रहा तनाव दूर होगा और आप खुद को काफी रिलैक्स महसूस करेंगे. 4. कन्या राशि (Virgo) बुध की दूसरी राशि कन्या के लिए भी शुक्र का अश्लेषा नक्षत्र में जाना बेहद लाभकारी सिद्ध होगा. आर्थिक पक्ष: आपकी इनकम के साधनों में बढ़ोतरी होगी. निवेश (Investment) से अच्छा रिटर्न मिलने की पूरी संभावना है. बिजनेस में मुनाफा: अगर आप पार्टनरशिप में कोई बिजनेस कर रहे हैं, तो कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है जो भविष्य में तगड़ा मुनाफा देगी. इच्छाओं की पूर्ति: लंबे समय से अटकी हुई कोई इच्छा इस दौरान पूरी हो सकती है, जिससे घर में खुशियों का माहौल रहेगा.

पौराणिक कथाओं में हनुमान जी और मच्छिंद्रनाथ के बीच योग-शक्ति संघर्ष का उल्लेख

हिंदू धार्मिक ग्रंथों में पवनपुत्र हनुमान जी को सबसे शक्तिशाली माना गया है. मान्यता है कि उनके बिना न तो राम कथा पूर्ण है और न ही रामायण. राम-रावण युद्ध में हनुमान जी ऐसे योद्धा थे, जिन्हें कोई भी किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचा सका. उनके पराक्रम, सेवा, दया और शक्ति की अनगिनत गाथाएं प्रसिद्ध हैं. लेकिन कुछ कथाओं के अनुसार, तीन ऐसे योद्धा भी हुए हैं, जिनके सामने हनुमान जी को भी झुकना पड़ा. यह सुनने में भले ही आश्चर्यजनक लगे, लेकिन पुराणों और लोक कथाओं में इसका उल्लेख मिलता है. 1. मच्छिंद्रनाथ रामायण के अनुसार, मच्छिंद्रनाथ एक महान सिद्ध योगी और तपस्वी थे. एक बार वे रामेश्वरम पहुंचे और राम सेतु को देखकर भावविभोर हो गए. इसके बाद वे समुद्र में स्नान करते हुए भगवान राम की भक्ति में लीन हो गए. उसी समय हनुमान जी, जो वानर रूप में वहाँ उपस्थित थे, उनकी परीक्षा लेना चाहते थे. उन्होंने तेज वर्षा उत्पन्न कर दी और स्वयं एक वानर के रूप में पर्वत पर गुफा बनाने का अभिनय करने लगे. मच्छिंद्रनाथ ने उन्हें समझाते हुए कहा कि संकट आने से पहले ही सुरक्षित स्थान खोज लेना चाहिए. इस पर हनुमान जी ने उनसे उनकी शक्ति का परिचय मांगा और युद्ध की चुनौती दे दी. इसके बाद दोनों के बीच युद्ध हुआ, जिसमें मच्छिंद्रनाथ की योग शक्ति के सामने हनुमान जी की शक्ति निष्फल हो गई. अंत में वायुदेव के हस्तक्षेप के बाद यह युद्ध समाप्त हुआ और इस कथा में हनुमान जी की हार मानी जाती है. 2. मेघनाद (इंद्रजीत) जब हनुमान जी माता सीता की खोज में लंका पहुंचे, तो उन्होंने अशोक वाटिका में उत्पात मचाया और रावण के पुत्र अक्षय कुमार का वध कर दिया था. इसके बाद रावण ने अपने शक्तिशाली पुत्र मेघनाद को हनुमान जी को पकड़ने के लिए भेजा. मेघनाद ने ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया. हनुमान जी को वरदान प्राप्त था, इसलिए उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन ब्रह्मास्त्र का सम्मान करते हुए उन्होंने स्वयं को उसके बंधन में जाने दिया. इस प्रकार, तकनीकी रूप से यह भी एक स्थिति थी जहां हनुमान जी को रोका गया था. 3. लव और कुश यह घटना उस समय की है जब भगवान श्रीराम ने अश्वमेध यज्ञ किया था. यज्ञ का घोड़ा जंगल में छोड़ा गया, जिसे लव और कुश ने पकड़ लिया और चुनौती स्वीकार कर ली. श्रीराम की सेना से युद्ध में लव-कुश ने शत्रुघ्न और लक्ष्मण तक को पराजित कर दिया. इसके बाद भरत, सुग्रीव और हनुमान जी भी युद्ध के लिए पहुंचे. जब हनुमान जी ने लव-कुश का पराक्रम देखा, तो उन्हें संदेह हुआ. ध्यान लगाने पर उन्हें ज्ञात हुआ कि ये दोनों श्रीराम और माता सीता के पुत्र हैं. यह जानने के बाद हनुमान जी ने युद्ध करना उचित नहीं समझा और शांत भाव से खड़े रहे. इसके बावजूद लव-कुश ने उन पर प्रहार किया, लेकिन हनुमान जी ने प्रतिकार नहीं किया था.

अयोध्या विवाद के बाद बड़ा फैसला, MP के मंदिरों में लागू होगा QR कोड आधारित दान सिस्टम

खंडवा. अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में दान राशि को लेकर उठे विवाद के बीच मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के प्रमुख मंदिरों की दान और प्रबंधन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की तैयारी कर रही है। देश के प्रतिष्ठित मंदिरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर नया मॉडल तैयार किया जाएगा, जिसे महाकाल एवं ओंकारेश्वर सहित प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में लागू किया जाएगा। दान और चढ़ावे का होगा पारदर्शी प्रबंधन ओंकारेश्वर प्रवास पर पहुंचे धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, संस्कृति तथा पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे के पारदर्शी प्रबंधन को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी, जो देश के प्रमुख मंदिरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के विश्वास और आस्था की रक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उज्जैन और ओंकारेश्वर की सतत निगरानी मौजूदा व्यवस्था ओंकारेश्वर दान पेटियां प्रशासन और मंदिर समिति की मौजूदगी में तय दिनों पर खोली जाती हैं। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होती है। शीघ्र दर्शन से प्राप्त राशि पूरी तरह ऑनलाइन जमा होती है। दान राशि के उपयोग और गणना पर सतत निगरानी रखी जाती है। महाकाल मंदिर नकद, ऑनलाइन और क्यूआर कोड से दान की व्यवस्था है। भेंट पेटियों की राशि पारदर्शी कांच कक्ष में सीसीटीवी निगरानी के बीच गिनी जाती है। बैंक कर्मचारी राशि सीधे मंदिर खाते में जमा करते हैं। दान राशि से श्रद्धालु सुविधाएं, निर्माण कार्य और सेवा प्रकल्प संचालित होते हैं। आय-व्यय की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अलग-अलग प्रकल्पों की पृथक लेखा व्यवस्था विकसित की जा रही है। पारदर्शिता के प्रमुख उपाय दान पेटियों की निगरानी वीडियोग्राफी और सीसीटीवी रिकार्डिंग ऑनलाइन दान और क्यूआर कोड व्यवस्था बैंक के माध्यम से राशि जमा आय-व्यय का पृथक लेखा-जोखा प्रशासनिक निगरानी में गणना प्रक्रिया।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन: कोलकाता में पीएम मोदी की अगुवाई, दिल्ली में अक्षय कुमार भी होंगे शामिल

कोलकाता  पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में रविवार को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम में नया रिकॉर्ड बन सकता है। कोलकाता में करीब 10 लाख लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ योगाभ्यास करेंगे। आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने यह जानकारी दी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम के बारे में सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा, 'यह पहली बार है जब पश्चिम बंगाल के कोलकाता में यह इवेंट हो रहा है और यहां हमारे प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए बहुत उत्साह है।' उन्होंने कहा कि आज, 20 जून को एक बड़ा कार्निवल होने वाला है। एक बड़ा ड्रोन शो भी होगा। वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की कोशिश में लगभग 500 नावें एक साथ आएंगी। पीएम मोदी करेंगे इवेंट की अगुवाई आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने यह भी बताया कि रविवार सुबह प्रधानमंत्री यहां इस इवेंट की अगुवाई करेंगे। इस जगह पर रविवार को 35 हजार लोग इकट्ठा होंगे। वहीं, पूरे कोलकाता में 10 लाख लोग प्रधानमंत्री मोदी के साथ योग करेंगे। पोर्टल पर अब तक 7 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं। रात तक यह संख्या 10 लाख के करीब तक पहुंच जाएगी। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम 3,000 लोग करेंगे योग वहीं खेल मंत्री मनसुख मांडविया रविवार को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर ‘योगा फोर हेल्दी ऐजिंग’ थीम के तहत 3,000 लोगों के साथ योग कार्यक्रम की अगुवाई करेंगे। खेल मंत्रालय पूरे देश में भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के सभी क्षेत्रीय केंद्रों, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, साइ ट्रेनिंग केंद्र और खेलो इंडिया संस्थानों में एक साथ योग कार्यक्रम आयोजित करके अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाएगा। इसमें पूरे देश से 15,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है अक्षय कुमार भी होंगे शामिल बॉलीवुड अभिनेता और फिटनेस आइकॉन अक्षय कुमार दिल्ली में योग कार्यक्रम में मांडविया के साथ शामिल होंगे। योग को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय खेल महासंघ, राज्य के खेल विभाग और खेल विश्वविद्यालय भी एक साथ कार्यक्रम आयोजित करेंगे। मांडविया ने एक बयान में कहा, ‘‘जब से संयुक्त राष्ट्र ने हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्ताव के बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में अपनाया है, तब से यह सालाना आयोजन शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक सेहत के लिए दुनिया भर में मनाए जाने वाले उत्सव के रूप में विकसित हुआ है। 'उन्होंने कहा, 'यह दिन अलग-अलग महाद्वीपों के लाखों योग करने वालों को एक साथ लाता है। योग भौगोलिक सीमाओं से परे जाकर एक वैश्विक कार्यक्रम बन गया है।' राजधानी में होने वाले ‘फिट इंडिया’ कार्यक्रम में लगभग 3,000 लोगों के जुटने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम में मशहूर योग प्रशिक्षक अंशुका परवानी एक खास योग सत्र भी कराएंगी।  

कोठारी परिवार की एंट्री से अनुपमा में बड़ा ट्विस्ट, सगाई बना ड्रामा का मैदान

शो अनुपमा में इन दिनों लगातार नए ट्विस्ट और हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है. एपिसोड की शुरुआत दिग्विजय के साथ होती है, जहां वह प्रेम से सबके सामने थप्पड़ मारने के लिए माफी मांगता है. दिग्विजय को एहसास होता है कि उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था. वह प्रेम से कहता है कि वह उसकी शर्त पूरी करने आया है. दूसरी तरफ अनुपमा को शक होता है कि दिग्विजय कहीं कोठारी हाउस तो नहीं गया. हालांकि प्रेम इतनी आसानी से मानने को तैयार नहीं होता. वह कहता है कि दिग्विजय ने सिर्फ उसे थप्पड़ नहीं मारा, बल्कि उसकी इज्जत को भी ठेस पहुंचाई है. प्रेम के मुताबिक सिर्फ सॉरी बोल देना काफी नहीं है.  सगाई में हुई कोठारी परिवार की एंट्री शाह हाउस में अंश और प्रेरणा की सगाई की तैयारियां चल रही होती हैं. अनुपमा दोनों को एक-दूसरे की जिम्मेदारी समझाने के लिए एक छोटा-सा गेम खिलाती है. तभी दिग्विजय घर लौटता है और उसके पीछे कोठारी परिवार की एंट्री हो जाती है. प्रेम को देखकर पूरा शाह परिवार हैरान रह जाता है. वहीं अनु समझ जाती है कि दिग्विजय ने सच में प्रेम से माफी मांगी है. इसी बीच श्रुति और अनुपमा के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिलती है. अनु, श्रुति को मिठाई खाने के लिए कहती है ताकि उसकी कड़वाहट थोड़ी कम हो सके. गौतम की नई चाल से बढ़ेगा तनाव जहां एक तरफ सगाई का माहौल खुशियों से भरा नजर आता है, वहीं दूसरी तरफ तोशू, गौतम के मन में नई बात डालकर तनाव बढ़ा देता है. वह गौतम को भड़काता है कि अंश की शादी के बाद शायद प्रांशी की कस्टडी उससे छिन जाए. यह सुनकर गौतम परेशान हो जाता है और सोचता है कि जब तक प्रांशी उसके पास है, तब तक उसका कोठारी परिवार की संपत्ति पर अधिकार बना रहेगा. आने वाले एपिसोड में दिखाया जाएगा कि अनु अपनी सीक्रेट रेसिपी डायरी को लेकर बात करती है. श्रुति के कहने पर प्रेम उसको चुराने की कोशिश करता है.

लेबर पार्टी में बढ़ा बगावत का दबाव, एंडी बर्नहैम की चुनौती के बीच स्टार्मर का भविष्य अधर में

 नई दिल्ली ब्रिटेन में जारी गहरे राजनीतिक गतिरोध के बीच ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) के सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देने की संभावना है। ब्रिटेन के प्रतिष्ठित अखबार द ऑब्जर्वर ने अपनी रिपोर्ट में वरिष्ठ लेबर पार्टी के सूत्रों के हवाले से यह दावा किया है। हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि स्टार्मर का पूरा ध्यान अभी भी सरकार चलाने और अपनी जिम्मेदारियों पर केंद्रित है। आपको बता दें कि पिछले कई महीनों से प्रधानमंत्री स्टार्मर के खिलाफ लेबर पार्टी के भीतर ही असंतोष पनप रहा था, जो शुक्रवार को उस समय चरम पर पहुंच गया जब उनके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी एंडी बर्नहैम ने उपचुनाव में संसद की सीट जीत ली। इस जीत के बाद बर्नहैम के लिए स्टार्मर के खिलाफ औपचारिक रूप से नेतृत्व की चुनौती पेश करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री स्टार्मर इस समय अपने आधिकारिक ग्रामीण निवास चेकर्स में हैं और कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पहले अपनी पत्नी के साथ इस विषय पर गहन चर्चा कर रहे हैं। लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को उम्मीद है कि सोमवार तक उनके भविष्य को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, स्टार्मर ने कैबिनेट मंत्रियों, सलाहकारों, चंदा देने वाले दानदाताओं और ट्रेड यूनियन के नेताओं से बातचीत के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि प्रधानमंत्री पद पर बने रहने के लिए उनकी स्थिति अब व्यावहारिक नहीं रह गई है। हालांकि, इससे पहले शुक्रवार को स्टार्मर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि वे अपनी लीडरशिप के खिलाफ किसी भी चुनौती का डटकर मुकाबला करेंगे। उन्होंने लेबर पार्टी से गुटबाजी और आपसी कलह में न उलझने की अपील भी की थी। रिकॉर्ड गिरावट पर पहुंची कीर स्टार्मर की लोकप्रियता साल 2024 के आम चुनाव में वाम-झुकाव वाली लेबर पार्टी को प्रचंड बहुमत से ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले कीर स्टार्मर बहुत कम समय में बेहद अलोकप्रिय हो चुके हैं। सरकार के कई घोटालों, विवादों और अपनी ही नीतियों से बार-बार पीछे हटने के कारण मतदाताओं में यह संदेश गया है कि स्टार्मर जनता के जीवन स्तर को सुधारने के अपने वादों को पूरा करने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। रॉयटर्स के आंकड़ों के मुताबिक, लेबर पार्टी के ही 100 से अधिक निर्वाचित सांसद सार्वजनिक रूप से स्टार्मर के इस्तीफे या उनके हटने का शेड्यूल तय करने की मांग कर चुके हैं। यदि स्टार्मर इस्तीफा देते हैं या उन्हें पद से हटाया जाता है तो ब्रिटेन को पिछले एक दशक में अपना सातवां प्रधानमंत्री मिलेगा। सार्वजनिक सेवाओं की बदहाली और अवैध अप्रवासन जैसी समस्याओं से जूझ रहे ब्रिटिश इतिहास में यह पिछले दो सौ वर्षों में सबसे कम समय में सबसे अधिक प्रधानमंत्री बदलने का रिकॉर्ड होगा। कतार में हैं एंडी बर्नहैम और वेस स्ट्रीटिंग 56 वर्षीय एंडी बर्नहैम को लेबर पार्टी में स्टार्मर के सबसे मजबूत उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है। उत्तरी इंग्लैंड में ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर के रूप में अपनी मजबूत राजनीतिक जमीन तैयार करने वाले बर्नहैम ने शुक्रवार को मेकरफील्ड उपचुनाव में दक्षिणपंथी लोकलुभावन नेता नाइजेल फराज की 'रिफॉर्म यूके' पार्टी को करारी शिकस्त देकर संसद में वापसी की है। बर्नहैम ने अभी तक सीधे स्टार्मर को चुनौती नहीं दी है, लेकिन अपने विजय भाषण में उन्होंने देश के लिए एक नए रास्ते का वादा किया है। उनके समर्थकों ने स्टार्मर से गरिमा के साथ खुद पद छोड़कर सत्ता सौंपने की अपील की है। 'द टाइम्स' अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यदि बर्नहैम देश के प्रधानमंत्री बनते हैं तो वे सबसे पहले वित्त मंत्री राहेल रीव्स को बर्खास्त कर सकते हैं, क्योंकि बर्नहैम के सलाहकारों का मानना है कि रीव्स की नीतियां देश में जरूरी बदलाव लाने के अनुकूल नहीं हैं।

मेथी दाना से घट सकती है पेट की चर्बी, सही तरीके से सेवन करने पर मिलते हैं बेहतर परिणाम

आज के समय में खराब जीवनशैली और असंतुलित खान-पान के कारण पेट की चर्बी बढ़ना एक आम समस्या बन चुकी है. लोग वजन घटाने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाते हैं और कई तरह की डाइट फॉलो करते हैं लेकिन मनचाहा परिणाम नहीं मिल पाता. अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं तो रसोई में मौजूद छोटा सा मेथी दाना आपके बेहद काम आ सकता है. मेथी दाना के सेवन के फायदे आयुर्वेद के अनुसार, मेथी दाना मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने और फैट बर्न करने में बेहद मददगार है. अगर आप एक बैलेंस डाइट यानी संतुलित आहार के साथ लगातार 45 दिनों तक मेथी दाना का नियम अनुसार सेवन करते हैं तो आपकी कमर और पेट के आसपास जमा जिद्दी फैट तेजी से कम होने लगता है. हालांकि बेहतर परिणाम के लिए आपको मीठी और तली-भुनी चीजों से परहेज करना चाहिए.आइए जानते हैं इसके सेवन का सही तरीका क्या है. क्या है मेथी दाना के सेवन का तरीका पेट की चर्बी को तेजी से घटाने के लिए आप मेथी दाना का सेवन आप कई तरीकों से कर सकते हैं. लेकिन सबसे अच्छा और असरदार तरीका है कि इसे भिगोकर खाना. मेथी दाना का पानी पिएं सबसे पहले आप रात भर के लिए एक चम्मच मेथी दाना पानी में भिगोकर डाल दें. सुबह उठकर इस पानी को छान लें और खाली पेट गुनगुना करके पिएं. अगर आप चाहें तो बची हुई मेथी को चबा-चबा कर खा भी सकते हैं. मेथी दाना पाउडर बनाएं मेथी दानों को हल्का भूनकर उसका पाउडर बना लें. रोज सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले आधा चम्मच पाउडर गुनगुने पानी के साथ लें. मेथी की चाय एक कप पानी में आधा चम्मच मेथी दाना डालकर इसे 5-7 मिनट तक उबालें. इसे छानकर इसमें थोड़ा सा नींबू का रस और शहद मिलाकर हर्बल टी की तरह पिएं.