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प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल, राज्य सरकार ने जारी की 29 IAS अधिकारियों की ट्रांसफर सूची

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (भाप्रसे) के 29 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी इस सूची में भोपाल और रीवा संभाग के कमिश्नरों को बदलने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुख सचिवों, सचिवों और निदेशकों के प्रभार में भी बदलाव किया गया है। भोपाल और रीवा संभाग को मिले नए कमिश्नर आदेश के मुताबिक, भोपाल संभाग के वर्तमान कमिश्नर श्री संजीव सिंह (2005) को अब सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी जगह श्री कर्मवीर शर्मा (2010), जो वर्तमान में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आयुक्त व सचिव थे, उन्हें भोपाल संभाग का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वहीं, रीवा संभाग के कमिश्नर बाबू सिंह जामोद (2006) को भोपाल मंत्रालय में नगरीय विकास एवं आवास विभाग का सचिव बनाया गया है । उनकी जगह अब शीलेन्द्र सिंह (2010) रीवा संभाग के नए कमिश्नर होंगे । इन वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में हुआ बदलाव  मुकेश चन्द गुप्ता (1998): सचिव, मानव अधिकार आयोग से अब प्रमुख सचिव, जेल विभाग बनाए गए हैं।  डॉ. ई. रमेश कुमार (1999): प्रमुख सचिव, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग से अब प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग तथा राहत एवं पुनर्वास आयुक्त नियुक्त किए गए हैं।     विवेक कुमार पोरवाल (2000): प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग से अब प्रमुख सचिव, खनिज साधन विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे।     दीपक सिंह (2007): आयुक्त-सह-पंजीयक, सहकारी संस्थाएं से अब मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव बनाए गए हैं।     अमित तोमर (2009): पंजीयन महानिरीक्षक से अब प्रबंध संचालक, ऊर्जा विकास निगम तथा आयुक्त, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। अपर मुख्य सचिवों को सौंपे गए अतिरिक्त प्रभार तबादला सूची के साथ ही शासन ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं:     के.सी. गुप्ता (1992): अपर मुख्य सचिव, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ कृषि उत्पादन आयुक्त (APC) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।     अनिरूद्ध मुकर्जी (1993): अध्यक्ष, राजस्व मण्डल ग्वालियर को पर्यावरण आयुक्त तथा महानिदेशक, एप्को का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।     गुलशन बामरा (1997): प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग को प्रमुख सचिव, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।     सोनिया मीना (2013): अपर सचिव, वित्त विभाग को आयुक्त-सह-संचालक, संस्थागत वित्त का अतिरिक्त प्रभार मिला है। इसके साथ ही, नई नियुक्तियों के बाद अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और मनु वास्तव सहित वरिष्ठ अधिकारी मनीष सिंह और अरविन्द कुमार दुबे कुछ अतिरिक्त प्रभारों से मुक्त होंगे। ये अधिकारी भी बदले गए मंत्रालय द्वारा जारी सूची में कई अन्य जिलों और विभागों के अपर सचिव, उप सचिव और निदेशकों के स्तर पर भी बदलाव हुए हैं:     नेहा मारव्या सिंह (2011) को उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण का आयुक्त-सह-संचालक बनाया गया है।     मनोज पुष्प (2011) को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण का संचालक नियुक्त किया गया है।     रोहित सिंह (2012) अब बजट संचालक की जिम्मेदारी संभालेंगे।     हर्षिका सिंह (2012) को अपर सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग बनाया गया है।     भारती जाटव ओगरे (2012) को कोष एवं लेखा का आयुक्त नियुक्त किया गया है।   आदेश की आधिकारिक पुष्टि यह बड़ा प्रशासनिक आदेश राज्य के राज्यपाल के नाम से मुख्य सचिव अनुराग जैन द्वारा जारी किया गया है , जिसकी प्रतिलिपियाँ भारत सरकार के कार्मिक विभाग सहित राज्य के सभी संबंधित विभागों और कोषालयों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं।  

जिंदल फाउंडेशन की पहल: जिला जेल रायगढ़ में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की बंदियों की स्वास्थ्य जांच

रायगढ़ समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से जिंदल फाउंडेशन एवं फोर्टिस–ओपी जिंदल अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में जिला जेल, रायगढ़ में बहु-विशेषज्ञ स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 203 बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उन्हें आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां भी प्रदान की गईं। शिविर में सामान्य चिकित्सा, स्त्री एवं प्रसूति रोग, कान-नाक-गला (ईएनटी), नेत्र रोग तथा दंत चिकित्सा के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पुरुष एवं महिला बंदियों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच कर आवश्यक परामर्श प्रदान किया। साथ ही विभिन्न बीमारियों की रोकथाम, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। जेल परिसर में इस प्रकार की विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता ने बंदियों को ऐसे चिकित्सकीय परामर्श और उपचार तक पहुंच प्रदान की, जो सामान्य परिस्थितियों में उनके लिए सहज रूप से उपलब्ध नहीं हो पाते। शिविर के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इस अवसर पर जेल प्रशासन ने जिंदल फाउंडेशन एवं फोर्टिस–ओपी जिंदल अस्पताल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें बंदियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह स्वास्थ्य शिविर समाज के सभी वर्गों, विशेषकर सुधार गृहों में निवासरत व्यक्तियों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के प्रति जिंदल फाउंडेशन की सतत प्रतिबद्धता का परिचायक है।

कौशल, शिक्षा और रोजगार से सशक्त युवा ही विकसित राष्ट्र की नींव : मंत्री देवांगन

रायपुर वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन आज रायपुर में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय (बिलासपुर) एवं आइसेक्ट इंडिया गु्रप के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय समर्थ भारत कॉन्क्लेव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर  देवांगन ने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन होती है। भारत के पास दुनिया की सबसे युवा आबादी है, लेकिन चुनौती है उन्हें आज के दौर के अनुसार हुनरमंद बनाना।  देवांगन ने कहा कि आज हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां परिर्वतन ही एक मात्र स्थिर चीज है और इस दौर में भारत को एक महा शक्ति बनाने का सबसे बड़ा सारथी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.)।      विकसित भारत के लिए ए.आई. संचालित कौशल विकास वित्तीय समावेशन और सामाजिक उद्यम विषय पर आईसेक्ट द्वारा इसका आयोजन किया गया। केबिनेट मंत्री  देवांगन ने कहा कि जब हम साल 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने की बात करते हैं तो ए.आई. केवल एक तकनीक नहीं बल्कि वह इंजन है जो हमारे कौशल, हमारी अर्थव्यव्स्था और हमारे समाज को नई दिशा और रफतार देगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तब तक अधूरा है जब तक विकास की रोशनी देश के आखरी कोने में बैठे व्यक्ति तक न पहुंचे। वित्तीय समावेशन का मतलब है, हर नागरिक को बैंकिंग और आर्थिक व्यवस्था से जोड़ना।  देवांगन ने कहा कि आजकल सामाज के प्रत्येक वर्ग का व्यक्ति मोबाइल ऐप के माध्यम से सरकार के समस्त योजनाओं की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकता है। यह केवल तकनीकि उत्थान एवं ए.आई. के माध्यम से संभव हो सका है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री ने 5 युवा उद्यमियों को सम्मानित कया।      कार्यक्रम के दौरान डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. पी.के. घोष, आईसेक्ट के चेयरमेन डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पद्म  अजय मंडावी, डॉ. तोपलाल वर्मा,डॉ. अनुराग होता, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक  राजेश भुतड़ा, भारतीय स्टेट बैंक के  ललित कुमार, सीआईआई के छत्तीसगढ़ प्रमुख  पदम गोयल,  अनुराग गुप्ता, बजरंग गोयल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

योगी सरकार में घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता में 2 गीगावाट का ऐतिहासिक आंकड़ा किया पार

बड़ी उपलब्धिः देश के प्रतिष्ठित 2 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्लब में उत्तर प्रदेश हुआ शामिल योगी सरकार में घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता में 2 गीगावाट का ऐतिहासिक आंकड़ा किया पार सोलर विस्तार से उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में आई कमी लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में घरेलू रूफटॉप सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 2 गीगावाट (GW) स्थापित क्षमता का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश देश के प्रतिष्ठित "2 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्लब में शामिल हो गया है, जहाँ अब तक केवल गुजरात और महाराष्ट्र जैसे अग्रणी राज्यों की उपस्थिति थी।    यह उपलब्धि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रदेश में सौर ऊर्जा को लेकर बढ़ती जनभागीदारी का परिणाम मानी जा रही है। योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपने घरों की छतों पर सौर संयंत्र स्थापित कर स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा को अपनाया है। इस दौरान यूपी नेडा रविंदर सिंह ने बताया कि ऊर्जा क्षेत्र में यह उपलब्धि केवल एक सांख्यिकीय मील का पत्थर नहीं है, बल्कि प्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों का प्रतीक है। घरेलू रूफटॉप सोलर के विस्तार से उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी मदद मिल रही है।     प्रदेश की इस सफलता में यूपीनेडा के इम्पैनल्ड वेंडर्स, विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, बैंकिंग संस्थानों तथा लाखों उपभोक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विभिन्न विभागों और संस्थाओं के समन्वित प्रयासों ने सौर ऊर्जा को जन-आंदोलन का स्वरूप देने में योगदान दिया है।      प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश में घरेलू सौर ऊर्जा क्षेत्र में तेज़ी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। वर्तमान प्रगति को देखते हुए प्रदेश अब देश में शीर्ष राज्यों की श्रेणी में अपनी स्थिति और मजबूत करने की दिशा में अग्रसर है। अधिकारियों का मानना है कि यदि वर्तमान गति बनी रही तो आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों को चुनौती देते हुए नई ऊंचाइयां प्राप्त कर सकता है। उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि राज्य के हरित ऊर्जा भविष्य और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

76 विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन एवं शिलान्यास

रायपुर   मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज गरियाबंद जिले के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित विशाल लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में जिलेवासियों को 603 करोड़ 46 लाख 32 हजार रुपये की लागत वाले 76 विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री  साय ने 86 करोड़ 75 लाख 52 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए 46 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 516 करोड़ 70 लाख 80 हजार रुपये की लागत से प्रारंभ होने वाले 30 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। इन विकास कार्यों से जिले में सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, विद्युत एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी तथा विकास को नई गति प्राप्त होगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं, आदिवासियों एवं गरीब परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सुशासन के माध्यम से योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत लगभग 757 करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिलों में राहत दी जा रही है, जिससे लाखों परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली मुक्त योजना के माध्यम से घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को बिजली खर्च से राहत मिलने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में कृषि सहकारी साख समितियों के नए केंद्र खोले जा रहे हैं, जिससे किसानों को ऋण, खाद, बीज एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान करते हुए नैनो यूरिया के उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया के उपयोग से उत्पादन लागत कम होती है, भूमि की उर्वरता बनी रहती है तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि होती है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन और पारदर्शिता राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आम जनता की समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है। उन्होंने नागरिकों से इस सुविधा का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर नई पहचान स्थापित कर रहा है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विकास की यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी और प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक विकास की रोशनी पहुंचाई जाएगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार है। उन्होंने कहा कि गरियाबंद जिले में आज जिन विकास कार्यों की शुरुआत हुई है, उनसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, पेयजल, विद्युत तथा जनसुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार होगा और जिले के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरियाबंद जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और धार्मिक महत्व के कारण विशेष पहचान रखता है। छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहलाने वाला राजिम, राजीव लोचन मंदिर तथा कुलेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। राज्य सरकार द्वारा इन धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान सुपेबेड़ा क्षेत्र की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए तेल नदी पर 7 करोड़ रुपये की लागत से एनीकट निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना से क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 16 जून से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है तथा 16 जून से 27 जून तक शाला प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होकर ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में सहयोग करें जो अभी तक विद्यालय से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के गठन के तत्काल बाद मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी। वर्तमान में प्रदेश में 26 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हो चुके हैं, जिनमें से लगभग 19 लाख 70 हजार आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। पिछले ढाई वर्षों में 10 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा किया गया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। अब तक 28 किश्तों के माध्यम से 18 हजार 165 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी कर रही है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से अंतर की राशि का भुगतान भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक को 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है, जिससे लाखों संग्राहक परिवारों की आय में वृद्धि हुई है। चरण पादुका योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश के 41 लाख से अधिक परिवारों को नल से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किए गए हैं, जहां ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं के साथ विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान के अंतर्गत घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मासिक खपत पर बिजली बिल में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। … Read more

भजनलाल सरकार के शिविरों में हजारों लंबित प्रकरणों का मौके पर निस्तारण

लखनऊ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा आमजन को प्रशासन के द्वार तक लाने के बजाय प्रशासन को गांव-गांव तक पहुंचाने की अवधारणा के साथ संचालित जनकल्याण शिविर अभियान के अंतर्गत आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन का प्रभावी माध्यम बनकर उभरे हैं। इन शिविरों का आयोजन 12 जून से हो रहा है।  इस अभियान के तहत 16 जून तक प्रदेशभर में 1407 शिविर आयोजित किए गए। इनमें विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं से 5 लाख 76 हजार 292 से अधिक नागरिक लाभान्वित हुए हैं। शिविरों में वर्षों से लंबित प्रकरणों का मौके पर निस्तारण कर आमजन को राहत प्रदान की जा रही है। राजस्व विभाग बना त्वरित समाधान का माध्यम राजस्व विभाग द्वारा शिविरों में 16 जून तक ई-धरती पोर्टल के माध्यम से 20,057 नामांतरण, 5,039 सीमाज्ञान एवं पत्थरगढ़ी प्रकरण तथा 2,855 आपसी सहमति से विभाजन प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा 42,216 जाति, मूल निवास एवं हैसियत प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसी प्रकार 19,035 राजस्व अभिलेखों का शुद्धिकरण, 1,817 रास्ता प्रकरणों का समाधान तथा 815 अतिक्रमण,749 गैर खातेदारी से खातेदारी संबंधी प्रकरणों में कार्यवाही की गई। शिविरों के माध्यम से 39,267 किसान फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकृत किए गए। पंचायत राज विभाग ने पट्टा वितरण में बनाया नया रिकॉर्ड पंचायती राज विभाग द्वारा ग्रामीणों को स्वामित्व अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गईं। अभियान अवधि में 87,626 पट्टे जारी किए गए। इनमें राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 के तहत बड़ी संख्या में पात्र परिवारों को लाभ मिला। इसी प्रकार 5,369 विमुक्त , घुमन्तू एवं अर्द्ध-घुमंतू परिवारों को पट्टे जारी किये गये। साथ ही 7,762 व्यक्तिगत घरेलू शौचालय स्वीकृतियां,2,038 सामुदायिक स्वच्छता परिसर को ​क्रियाशील बनाया, 9,325 सोख्ता गड्ढों एवं मैजिक पिटों की स्वीकृतियां तथा 10,921 सोख्ता गड्ढों एवं मैजिक पिटों की सफाई की गई। साथ ही 5,12,161 ग्रामीणों को ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 की जानकारी प्रदान की गई। स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचीं गांव-गांव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविरों में 2 लाख 83 हजार 745 लोगों का उपचार किया गया। 1 लाख 84 हजार 250 व्यक्तियों की एनसीडी स्क्रीनिंग, 1 लाख 31 हजार 563 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग, 57,821 महिलाओं की कैंसर स्क्रीनिंग तथा 8,747 बच्चों का टीकाकरण किया गया। इसी प्रकार 12,165 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच एवं 3,471 महिलाओं की ​सिकल सैल रोग की स्क्रीनिंग की गई। इसके अतिरिक्त 20,221 पीएमजेवाई कार्ड वितरित किए गए और 1,724 पोषण किटें प्रदान की गईं। पशुपालन एवं कृषि क्षेत्र को मिला विशेष लाभ पशुपालन विभाग द्वारा 3 लाख 38 हजार 528 पशुओं को कृमिनाशक दवा, 2 लाख 8 हजार से अधिक पशुओं का एच.एस ,बी.क्यू. एवं पी.पी.आर. टीकाकरण,2,07,491 पशुओं का एमएफडी टीकाकरण तथा 39,912 पशुओं का मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत बीमा किया गया। वहीं कृषि एवं उद्यानिकी विभाग ने 3 लाख 33 हजार 472 किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की तथा 25,416 प्रधानमंत्री फसल बीमा पॉलिसियां वितरित कीं। ऊर्जा विभाग ने बिजली संबंधी शिकायतों का किया त्वरित समाधान ऊर्जा विभाग द्वारा 9,504 विद्युत आपूर्ति बाधा संबंधी शिकायतों, 7,444 ढीले तार एवं खंभों से संबंधित समस्याओं, तथा 2,191 लोड संबंधी शिकायतों का निस्तारण किया गया। साथ ही 1,344 नए विद्युत कनेक्शन जारी किए गए। इसी प्रकार 1,465 त्रुटिपूर्ण मीटर एवं 988 ट्रान्सफॉर्मर संबंधी शिकायतों का निस्तारण किया गया। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का मिला लाभ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा 4,381 पालनहार सत्यापन, 702 सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन, तथा 354 संयुक्त सहायता योजना आवेदनों का निस्तारण किया गया। दिव्यांगजन हितार्थ विभिन्न योजनाओं के आवेदन भी स्वीकृत किए गए। खाद्य, पेयजल एवं शिक्षा सेवाओं में उल्लेखनीय प्रगति खाद्य विभाग ने 7,033 एनएफएसए परिवारों की ई-केवाईसी, 5,962 नए पात्र परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ने तथा 5,124 राशन कार्डों की एलपीजी आईडी मैपिंग का कार्य किया। जल संसाधन विभाग ने मानसून पूर्व तैयारियों के अंतर्गत 168 जल भराव के क्षेत्रों, 126 जल निकासी मार्गों, 103 बांधों की मरम्मत एवं चिन्हांकन से संबंधित अनेक प्रस्ताव तैयार किए। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा 4,812 पेयजल गुणवत्ता जांच, 3,728 पाइप लाइन लीकेज मरम्मत, 3,078 हैंडपंप मरम्मत तथा 4,441 अन्य पेयजल शिकायतों का निस्तारण किया गया। शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए 1 लाख 70 हजार 133 विद्यार्थियों का नामांकन सुनिश्चित किया। वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण को दिया जनआंदोलन का स्वरूप ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया। विभाग द्वारा 16 जून तक 2 लाख 29 हजार 873 पौधों का वितरण किया गया। साथ ही वन भूमि संबंधी प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष प्रयास करते हुए 368 परिवादों का समाधान किया गया तथा राजस्व विभाग के सहयोग से वन भूमि पर अतिक्रमण चिन्हांकन एवं सीमांकन संबंधी कार्यवाही भी संपादित की गई। शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण के प्रति भी जागरूक किया गया। परिवहन विभाग ने पात्र नागरिकों को प्रदान की राहत परिवहन विभाग द्वारा शिविरों में विशेष योग्यजन एवं अन्य पात्र नागरिकों को परिवहन सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में प्रभावी कार्य किया गया। विभाग ने 632 विशेष योग्यजन पास तथा 2,162 अन्य पात्र नागरिकों को पास जारी कर आवागमन की सुविधा सुनिश्चित की। शिविरों में आमजन को परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं एवं सुविधाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। आयुर्वेद विभाग की सेवाओं का लाभ हजारों ग्रामीणों को- आयुर्वेद विभाग द्वारा आयोजित चिकित्सा परामर्श शिविरों में ग्रामीणों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। विभाग ने 78 हजार 688 रोगियों को आयुर्वेदिक परामर्श प्रदान किया तथा 45 हजार 248 रोगियों को औषधियां वितरित कीं। आयुर्वेद विशेषज्ञों ने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति जागरूक करते हुए रोगों की रोकथाम संबंधी उपयोगी जानकारी भी दी। सैनिक कल्याण विभाग ने पूर्व सैनिकों एवं आश्रितों की समस्याओं का किया समाधान सैनिक कल्याण विभाग द्वारा शिविरों में पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं एवं उनके आश्रितों को राहत प्रदान की गई। विभाग ने 113 पेंशन संबंधी प्रकरणों का निस्तारण किया तथा 39 पूर्व सैनिकों एवं विधवाओं के पहचान पत्र जारी किए। इसके अतिरिक्त 1,963 नागरिकों को केंद्र एवं राज्य सरकार की सैनिक कल्याणकारी योजनाओं एवं नवीन निर्णयों की जानकारी उपलब्ध कराई गई। सहकारिता विभाग ने किसानों को दी वित्तीय सशक्तिकरण की … Read more

नौकरी से आगे बढ़कर उद्यमिता की ओर UP के युवा, निवेश और तकनीक दे रहे नई उड़ान

लखनऊ आज UP का युवा केवल जॉब खोजने तक लिमिटेड नहीं रहना चाहता। वह अपने शहर में रहकर आगे बढ़ना चाहता है। कोई अपना बिजनेस शुरू करना चाहता है। कोई डिजिटल सर्विस देना चाहता है। कोई लोकल प्रोडक्ट को बड़े मार्केट तक पहुंचाना चाहता है। यही बदलती सोच UP की नई ताकत बन रही है। प्रदेश में इन्वेस्टमेंट आ रहा है। नई इंडस्ट्री के लिए माहौल बन रहा है। AI City Lucknow जैसे स्टेप्स टेक्नोलॉजी से जुड़े युवाओं के लिए नई राह खोल रहे हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान जैसे प्रयास उन युवाओं को सपोर्ट दे रहे हैं, जो अपना काम शुरू करना चाहते हैं। यानी जॉब की तलाश के साथ अब रोजगार बनाने की सोच भी मजबूत हो रही है। इन्वेस्टमेंट आया, अपॉर्च्युनिटी का दरवाजा खुला किसी भी स्टेट में बड़ा इन्वेस्टमेंट केवल फैक्ट्री लगाने तक लिमिटेड नहीं रहता। जहां इंडस्ट्री आती है, वहां कंस्ट्रक्शन का काम बढ़ता है। मशीनों की जरूरत होती है। बिजली, ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग, सिक्योरिटी, टेक्निकल सर्विस और लोकल सर्विसेज की डिमांड बढ़ती है। इसका इम्पैक्ट सीधे युवाओं के मौकों पर पड़ता है। फरवरी 2024 में चौथे ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह में UP में 14,000 प्रोजेक्ट्स की शुरुआत हुई। इन प्रोजेक्ट्स की इन्वेस्टमेंट वैल्यू 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताई गई। ये प्रोजेक्ट्स कंस्ट्रक्शन, ग्रीन एनर्जी, IT और ITeS, फूड प्रोसेसिंग, हाउसिंग, रियल एस्टेट, होटल सर्विस, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे सेक्टर्स से जुड़े थे। जब इतने अलग-अलग सेक्टर्स में काम शुरू होता है, तो युवाओं के लिए भी मौके बढ़ते हैं। जहां फैक्ट्री लगती है, वहां ट्रेंड वर्कर्स चाहिए होते हैं। जहां IT सर्विस आती है, वहां कंप्यूटर और डिजिटल स्किल वाले युवाओं की जरूरत बढ़ती है। जहां फूड प्रोसेसिंग बढ़ती है, वहां किसान, पैकेजिंग, सप्लाई और मार्केटिंग से जुड़े काम भी बढ़ते हैं। इन्वेस्टमेंट आया प्रदेश में, काम आया गांव-शहर में, युवाओं को मिली नई राह अपने ही घर में। नए सेक्टर, नई स्किल, नए सपने आज रोजगार का मतलब केवल सरकारी जॉब या बड़ी कंपनी की जॉब नहीं रह गया है। अब काम के नए-नए सेक्टर खुल रहे हैं। कोई युवा मशीन चलाना सीख सकता है। कोई डेटा का काम कर सकता है। कोई पैकेजिंग यूनिट से जुड़ सकता है। कोई डिजिटल मार्केटिंग कर सकता है। कोई ऑनलाइन सर्विस दे सकता है। इन्वेस्टमेंट से बनने वाली इंडस्ट्री को केवल इंजीनियर ही नहीं चाहिए होते। उन्हें अकाउंट्स संभालने वाले लोग चाहिए। लॉजिस्टिक्स टीम चाहिए। टेक सपोर्ट चाहिए। सेल्स और मार्केटिंग वाले युवा चाहिए। मशीन रिपेयर करने वाले लोग चाहिए। छोटे सप्लायर चाहिए। यही वजह है कि बड़ा इन्वेस्टमेंट कई छोटे-छोटे कामों की चेन बनाता है। जब यह चेन बनती है, तो रोजगार का इम्पैक्ट एक फैक्ट्री से आगे बढ़कर पूरे एरिया तक पहुंचता है। फैक्ट्री से काम, सर्विस से नाम, युवा के हाथ में आया नया मुकाम। AI City से प्रदेश को नई स्पीड आज दुनिया में AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से आगे बढ़ रहा है। एजुकेशन, खेती, हेल्थ, सिक्योरिटी, इंडस्ट्री, कस्टमर सर्विस और डिजिटल कामों में AI का यूज बढ़ रहा है। ऐसे समय में UP में AI City Lucknow का प्रस्ताव युवाओं के लिए नई दिशा खोल सकता है। Invest UP के अनुसार, AI City को लखनऊ की वृंदावन योजना IT City में डेवलप करने का प्रस्ताव है। इसके पहले फेज की योजना 20+ एकड़ में है। इसमें AI और डीपटेक के लिए इनक्यूबेशन सेंटर, AI वर्कस्पेस, कंप्यूट फैसिलिटी और टेस्टिंग लैब जैसी फैसिलिटीज शामिल हैं। यह केवल बड़ी कंपनीज के लिए मौका नहीं है। इससे उन युवाओं को भी फायदा मिल सकता है, जो टेक्नोलॉजी सीखकर आगे बढ़ना चाहते हैं। आने वाले समय में डेटा एनालिसिस, मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, AI टेस्टिंग, डिजिटल डिजाइन, ऐप सपोर्ट और टेक सपोर्ट जैसे काम बढ़ सकते हैं। छोटे शहरों से आने वाले युवाओं के लिए यह खास मौका हो सकता है। अगर सही ट्रेनिंग, सही गाइडेंस और सही माहौल मिले, तो वे भी नई टेक्नोलॉजी की दुनिया में अपनी जगह बना सकते हैं। छोटे शहरों के युवा, बड़े सपनों की उड़ान UP की बड़ी ताकत उसके छोटे शहर और कस्बे हैं। यहां के युवा लोकल जरूरतों को अच्छी तरह समझते हैं। उन्हें पता है कि उनके एरिया में किस चीज की डिमांड है। अगर उन्हें पैसों की मदद, डिजिटल स्किल और मार्केट तक पहुंच मिले, तो वे अपने शहर में ही काम शुरू कर सकते हैं। AI City और स्टार्टअप का माहौल टेक्नोलॉजी से जुड़े युवाओं के लिए रास्ता खोलता है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना छोटे एंटरप्राइज शुरू करने वाले युवाओं को सपोर्ट देती है। वहीं बड़े इन्वेस्टमेंट से नई इंडस्ट्री और नई सर्विसेज बनती हैं। जब ये तीनों बातें साथ चलती हैं, तो रोजगार का दायरा बढ़ता है। एक युवा फूड प्रोसेसिंग यूनिट शुरू कर सकता है। दूसरा डिजिटल मार्केटिंग या डेटा सर्विस दे सकता है। कोई युवती लोकल प्रोडक्ट्स को ऑनलाइन बेच सकती है। कोई ट्रेंड युवा मशीन रिपेयर या पैकेजिंग यूनिट चला सकता है। छोटे शहरों से नई शुरुआत, अपने काम से बनी नई पहचान। ऐसे छोटे काम धीरे-धीरे बड़ा इम्पैक्ट बनाते हैं। परिवार की इनकम बढ़ती है। लोकल लोगों को काम मिलता है। गांव और कस्बे की इकॉनमी मजबूत होती है। स्किल से तैयारी, स्टार्टअप से भागीदारी आज के समय में केवल डिग्री काफी नहीं है। युवाओं को स्किल भी चाहिए। डिजिटल समझ भी चाहिए। मार्केट की जानकारी भी चाहिए। कस्टमर से बात करने की क्षमता भी चाहिए। यही बातें किसी युवा को जॉब के साथ-साथ अपना काम शुरू करने के लिए भी तैयार करती हैं। UP स्टार्टअप पॉलिसी में स्टार्टअप इकोसिस्टम, इनक्यूबेशन सेंटर और एंटरप्रेन्योरशिप की सोच को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। इससे युवाओं को नए आइडियाज को काम में बदलने की दिशा मिलती है। कोई युवा टेक्नोलॉजी बेस्ड स्टार्टअप शुरू कर सकता है। कोई सर्विस सेक्टर में अपना एंटरप्राइज बना सकता है। कोई लोकल प्रोडक्ट को ब्रांड बनाकर बड़े मार्केट तक ले जा सकता है। कोई डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाकर छोटे कारोबारियों की मदद कर सकता है। जब योजना, ट्रेनिंग और पैसों की मदद साथ मिलती है, तो छोटा आइडिया भी बड़ा काम बन सकता है। इससे युवा केवल रोजगार खोजने वाला नहीं रहता। वह रोजगार बनाने वाला भी बन सकता है। स्किल से … Read more

परमिट लेकर बस न चलाने वालों पर होगी कार्रवाई

रायपुर परिवहन विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में सचिव एवं परिवहन आयुक्त  एस प्रकाश ने कई कड़े निर्देश जारी किए। बैठक में RTO/DTO प्रवर्तन अमला, बस संचालक संघ और वाहन डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल हुए। RTO/DTO अब मुख्यालय छोड़ नहीं सकेंगे, सभी क्षेत्रीय एवं जिला परिवहन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने पदस्थापना मुख्यालय में रहकर ही काम करने के निर्देश दिए गए। बैठक में  अतिरिक्त परिवहन आयुक्त  डी. रविशंकर भी मौजूद थे। बकाया कर वसूली के लिए चलेगा विशेष अभियान             जिलावार बकाया राजस्व की समीक्षा की गई। सचिव एवं परिवहन आयुक्त ने सभी RTO/DTO को वाहनों पर बकाया कर वसूलने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही  जांच चौकियों और फ्लाइंग स्क्वॉड को बकायादार वाहनों की लिस्ट दी जाएगी। बस संचालन पर कसेगा शिकंजा   बस स्टैंडों पर बसों की रोजाना मॉनिटरिंग होगी। बस आपरेटरों के द्वारा समय सारिणी तोड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। परमिट लेकर भी बस न चलाने वाले संचालकों के परमिट निरस्त होंगे, ताकि नए आवेदकों को मौका मिले। बिना उपयोग खड़ी निजी बसों की जांच होगी। लग्जरी बसों और फिटनेस सेंटर पर कार्रवाई   दुर्ग के ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर द्वारा अवैध फिटनेस देने पर सेंटर, वाहन मालिक और वेंडरों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए। लग्जरी बसों में ज्वलनशील पदार्थ, अवैध सामान या ओवरलोडिंग मिलने पर जब्ती और FIR होगी। ड्राइविंग लाइसेंस का टेस्ट सिर्फ RTO या अधिकृत अधिकारी की मौजूदगी में परिवहन कार्यालय के भीतर ही होगा। PM राहत योजना होगी लागू*    सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए प्रधानमंत्री राहत योजना जमीनी स्तर पर लागू होगी। RTO/DTO दुर्घटना स्थल की जांच करेंगे। अस्पतालों-थानों में योजना का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। वाहन डीलरों की समस्या का होगा समाधान   नए वाहनों के पंजीयन और यूज्ड कार नामांतरण की प्रक्रिया सरल होगी। डीलर्स को ट्रेड सर्टिफिकेट और सर्विस सेंटर के नियम मानने होंगे। ई-चालान हुआ आसान होगा ANPR से कटे ई-चालानों के भुगतान के लिए परिवहन कार्यालय में अलग काउंटर लगेगा। गलत चालान पर आपत्ति करने पर तुरंत सत्यापन कर निरस्त किया जाएगा। परिवहन आयुक्त ने सभी अधिकारियों को 15 दिन में अनुपालन रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।

झारखंड राज्यसभा चुनाव: विधायकों की गतिविधियों पर स्पेशल ब्रांच की नजर

रांची झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए गुरुवार, 18 जून 2026 को मतदान होना है. चुनाव को लेकर राज्य की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं. इसी को देखते हुए पुलिस मुख्यालय की ओर से हाई अलर्ट जारी किया गया है. चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था की गई है. बताया जा रहा है कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए राजधानी रांची में चप्पे-चप्पे पर सादी वर्दी में स्पेशल ब्रांच के कर्मचारी और पदाधिकारी, सीआईडी के कर्मचारी और इनकम टैक्स के कर्मचारियों को तैनात किया गया है. स्पेशल ब्रांच के 20 अधिकारी और कर्मचारी रांची में तैनात सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राज्यसभा चुनाव से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रखने के लिए स्पेशल ब्रांच के करीब 20 पदाधिकारियों और कर्मचारियों को रांची में तैनात किया गया है. इन अधिकारियों और कर्मचारियों को महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर जिम्मेदारी सौंपी गई है. बताया जा रहा है कि ये सभी कर्मी सादे लिबास में रहकर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए हैं. उनकी ओर से समय-समय पर मुख्यालय को रिपोर्ट भी भेजी जा रही है. होटल रेडिशन से लेकर विधानसभा तक निगरानी सूत्रों के मुताबिक, स्पेशल ब्रांच के अधिकारियों और कर्मचारियों को होटल रेडिशन, झारखंड विधानसभा, मुख्यमंत्री आवास, प्रमुख राजनीतिक दलों के कार्यालयों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया गया है. इन स्थानों पर चुनाव से संबंधित गतिविधियों के अलावा सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष नजर रखी जा रही है. राजनीतिक दलों के नेताओं की आवाजाही और चुनावी गतिविधियों से जुड़े हर घटनाक्रम की जानकारी लगातार एकत्र की जा रही है. इसके साथ ही किसी भी असामान्य स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सूचनाएं तत्काल मुख्यालय तक पहुंचाई जा रही हैं. विधायकों की गतिविधियों और राजनीतिक हलचलों पर नजर सूत्र बताते हैं कि राज्यसभा चुनाव की निगरानी की पूरी जिम्मेदारी स्पेशल ब्रांच को सौंपी गई है. इसी कारण चुनाव से जुड़े सभी पहलुओं पर नजर रखी जा रही है. इसमें विधायकों की गतिविधियां, राजनीतिक दलों की रणनीति और चुनावी माहौल से जुड़े अन्य घटनाक्रम भी शामिल हैं. खुफिया इकाई के अधिकारी लगातार सूचनाएं जुटा रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें. चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक जारी रहेगी निगरानी जानकारी के अनुसार, मतदान और उससे जुड़ी पूरी प्रक्रिया संपन्न होने तक स्पेशल ब्रांच के अधिकारी और कर्मचारी सादे लिबास में अपनी ड्यूटी करते रहेंगे. उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामान्य घटनाक्रम की सूचना तुरंत मुख्यालय को दी जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके. राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ी यह चौकसी बताती है कि लोकतंत्र का यह पर्व अब सिर्फ मतदान तक सीमित नहीं रह गया है. इसके साथ सुरक्षा और निगरानी का ऐसा तंत्र भी सक्रिय हो जाता है, जिसकी मौजूदगी आम लोगों को दिखाई कम देती है, लेकिन उसकी गतिविधियां लगातार चलती रहती हैं.

पीएम सेतु के तहत आईटीआई होंगी अपग्रेड पीएम सेतु योजना की राज्य स्टीयरिंग कमेटी की बैठक सम्पन्न

रायपुर पीएम-सेतु (PM-SETU) योजना के तहत सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक और उद्योग-अनुकूल बनाया जा रहा है । इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन जैसी नई तकनीकों में प्रशिक्षित कर रोजगार के काबिल बनाना है। पुरानी मशीनों को बदलकर नई तकनीक वाली मशीनें लगाई जाएंगी और डिजिटल कंटेंट व स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा दी जाएगी।                मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य में पीएम सेतु योजना के तहत गठित राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने योजना के तहत राज्य की चयनित औद्यागिक प्रशिक्षण संस्थानों को अपग्रेड करने की जा रही कार्यवाही की प्रगति की समीक्षा की।               बैठक में पीएम सेतु के तहत राज्य के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों की सलाह से स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आईटीआई अपग्रेड करने और उद्योग नेतृत्व वाले एंकर इंडस्ट्रियल पार्टनर्स के चयन हेतु जारी किए जाने वाले पात्रता मापदण्डों के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। इसी तरह से ईओआई में भाग लेने वाले उद्योगों सहित समस्त पात्र उद्योगों एवं सार्वजनिक उपक्रमों को प्रस्ताव के लिए अनुरोध के बारे में प्रक्रिया में सहभागिता हेतु अवसर प्रदान करने पर भी चर्चा हुई।             इसी तरह से प्रधानमंत्री सेतु योजना अंतर्गत एंकर इंडस्ट्रियल पार्टनर्स के ऑनबोर्डिंग हेतु जारी किए जाने वाले ड्राफ्ट के प्रस्ताव के अनुरोध के बारे में भी चर्चा हुई। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव  बसवराजु एस. सहित वित्त विभाग, श्रम, स्कूल शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, छत्तीसगढ़ स्टेट काउंसिल, रोजगार एवं प्रशिक्षण, सीआईआई एवं भारत सरकार कौशल विकास और उद्यम शीलता महानिदेशालय छत्तीसगढ़ क्षेत्र के अधिकारियों ने भाग लिया।