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उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने मंत्रालय में, उच्च शिक्षा विभाग के विभिन्न विभागीय विषयों एवं गतिविधियों की समीक्षा की। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय में लंबित विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के निलंबन से संबंधित गंभीर एवं अनावश्यक रूप से लंबित विभागीय प्रकरणों को, सामान्य प्रशासन के नियमानुरूप समय पर निराकृत करने के निर्देश भी दिए। श्री परमार ने जनभागीदारी समिति के नियमों का पुनर्वलोकन कर, वर्तमान परिदृश्य अनुरूप समसामयिक बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। मंत्री श्री परमार ने सार्थक ऐप पर अनुचित रूप से फर्जी उपस्थिति दर्ज करने वाले प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी और अतिथि विद्वानों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। श्री परमार ने क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक कार्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन करने को कहा। श्री परमार ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने की दृष्टि से, महाविद्यालयों में एकल संकाय को बहुसंकाय में उन्नयन करने की कार्यवाही को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन एवं आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

सभी विद्युत कंपनियों में अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना स्वीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि प्रदेश के सभी 6 विद्युत कंपनियों में अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना स्वीकृत कर दी गई है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने प्रदेश की समस्त विद्युत कंपनियों में कार्यरत अभियंता व कार्मिकों के लिए बहुप्रतीक्ष‍ित पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना (एमपीपीसीएचएस) के क्रि‍यान्वयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। लगभग एक लाख 82 हजार होंगे लाभार्थी मंत्री श्री तोमर ने बताया है कि इस योजना का लाभ प्रदेश की 6 विद्युत कंपनियों में कार्यरत नियमित कार्मिकों, संविदा कार्मिकों व विद्युत कंपनियों के पेंशनरों और उनके परिजन को मिलेगा। इनकी संख्या लगभग एक लाख 82 हजार है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी को प्रदेश की विद्युत कंपनियों में पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यान्वयन सहायता एजेंसी के लिये ई-टेंडर जारी मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने जानकारी दी कि पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के कार्यान्वयन के लिये 15 जुलाई को ई-टेंडर जारी कर दिया गया है। इस योजना के कार्यान्वयन सहायता एजेंसी (आईएसए) चयन के लिये भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) द्वारा लाइसेंस प्राप्त किसी मौजूदा तृतीय पक्ष प्रशासक (टीपीए) या उसकी होल्डिंग कंपनी या उसकी सहायक कंपनी या उसकी समूह कंपनी, जिन्हें इस क्षेत्र में कार्य करने का वृहद् अनुभव हो, से टेंडर आमंत्रि‍त किए गए हैं। पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के लिए प्री-बिड मीटिंग 24 जुलाई को होगी। विद्युत कंपनियों के लिए पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के क्रि‍यान्वयन करने को इच्छुक कंपनियां 18 अगस्त तक टेंडर प्रक्रि‍या में अपनी निविदा जमा कर सकेंगी। आगामी 20 अगस्त को ई-टेंडर खोले जाएंगे। पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री सिंह ने बताया है कि योजना एक अक्टूबर 2025 तक प्रारंभ करने का लक्ष्य है।  

कार्टून विवाद में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, हेमंत मालवीय को अंतरिम राहत

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और आरएसएस कार्यकर्ताओं के कथित आपत्तिजनक कार्टून सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोपी एक कार्टूनिस्ट के माफीनामे के बाद, गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने सोशल मीडिया पर बढ़ती आपत्तिजनक पोस्ट पर भी चिंता व्यक्त की और इस पर अंकुश लगाने के लिए न्यायिक आदेश पारित करने की आवश्यकता पर बल दिया। जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने कहा, ‘लोग किसी को भी, कुछ भी कह देते हैं। हमें इस बारे में कुछ करना होगा।’ इस बीच, पीठ ने कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय को मध्य प्रदेश में दर्ज प्राथमिकी के मद्देनजर राज्य की दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण प्रदान किया। मालवीय की वकील वृंदा ग्रोवर ने आश्वासन दिया कि इस मामले में माफी मांग ली गई है। हालांकि, पीठ ने आगाह किया कि अगर कार्टूनिस्ट सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालते रहे, तो राज्य सरकार कानून के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज ने ‘एक्स’ पर न्यायपालिका के खिलाफ भी मालवीय के कुछ अन्य पोस्ट का जिक्र किया, जिसके बाद पीठ ने कहा, ‘यदि याचिकाकर्ता सोशल मीडिया पर कोई आपत्तिजनक पोस्ट डालते हैं, तो प्रतिवादी राज्य (मध्य प्रदेश) को कानून के अनुसार आगे बढ़ने की स्वतंत्रता होगी।’ ग्रोवर ने विधि अधिकारी की दलील का विरोध करते हुए कहा, ‘इससे तो समस्याओं का पिटारा खुल जाएगा।’ ग्रोवर ने इससे पहले सुनवाई में कहा, ‘यह खराब और गंदी भाषा का मामला है। मैं खुद से पूछती हूं कि क्या यह आपराधिक मामला है या अवैध भाषा का मामला है।’ पीठ ने कहा, ‘मुद्दा यह है कि आपने कोई बात किस तरह कही। आपने जो किया, वो स्पष्ट रूप से अपराध है।’ शीर्ष अदालत ने मालवीय के एक ट्वीट का जिक्र करते हुए कहा कि इस पर ‘सभी तरह के दंडनीय प्रावधान लागू हो सकते हैं’। इस बीच, पीठ ने कार्टूनिस्ट की सोशल मीडिया पोस्ट हटाने की याचिका स्वीकार नहीं की और सुनवाई अगस्त में तय कर दी। कार्टूनिस्ट मालवीय ने तीन जुलाई को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार करने के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी। वकील और आरएसएस कार्यकर्ता विनय जोशी द्वारा दायर एक शिकायत पर मई में इंदौर के लसूड़िया थाने में मालवीय के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जोशी ने आरोप लगाया कि मालवीय ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री अपलोड करके हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ा। दलील दी गई कि यह मुद्दा कोविड-19 महामारी के दौरान 2021 में बनाए गए एक कार्टून से संबंधित है। उन्होंने कहा, ‘यह अरुचिकर हो सकता है। मैं कहती हूं कि यह अशोभनीय है। मैं यह भी कहने को तैयार हूं। लेकिन क्या यह अपराध है? माननीय न्यायाधीश ने कहा है, यह आपत्तिजनक हो सकता है, लेकिन यह अपराध नहीं है। मैं सिर्फ कानून की बात कर रही हूं। मैं किसी भी चीज को सही ठहराने की कोशिश नहीं कर रही हूं।’ ग्रोवर ने कथित आपत्तिजनक पोस्ट को हटाने पर सहमति जताई। जस्टिस धूलिया ने तब कहा, ‘हम इस मामले में चाहे जो भी करें, लेकिन यह निश्चित रूप से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग है।’ प्राथमिकी में कई ‘आपत्तिजनक’ पोस्ट का ज़िक्र है, जिनमें भगवान शिव पर कथित रूप से अनुचित टिप्पणियों के साथ-साथ कार्टून, वीडियो, तस्वीरें और मोदी, आरएसएस कार्यकर्ताओं व अन्य लोगों के बारे में टिप्पणियां शामिल हैं।  

नई तकनीक से कृषि में आएगा क्रांतिकारी परिवर्तन: राज्यमंत्री कृष्णा गौर

भोपाल   नई तकनीकें न केवल समय की बचत करती हैं, बल्कि जीवन को सरल और समृद्ध भी बनाती हैं। मंगलवार को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर एक निजी उपकरण कंपनी द्वारा संचालित 'परिवर्तन यात्रा' के समापन अवसर पर निवास कार्यालय, भोपाल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि मशीनीकरण अब कृषि का अभिन्न अंग बन चुका है, जो किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और उनकी जीवनशैली को बेहतर बनाने में सहायक है। उन्होंने विशेष रूप से महिला किसानों की सराहना करते हुए कहा कि आज वे भी आधुनिक मशीनों को अपनाकर खेती को आसान और सशक्त बना रही हैं। पावर टूल्स और कृषि उपकरणों की निर्माता कंपनी ने परिवर्तन यात्रा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी जागरूकता फैलाने और कृषि के आधुनिकीकरण में अहम योगदान दिया है। परिवर्तन यात्रा के तहत 5100 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए 35 जिलों में 1500 से अधिक किसानों से सीधा संवाद किया गया। इस पहल ने किसानों में नई तकनीकों को लेकर विश्वास और उत्साह उत्पन्न किया है। कार्यक्रम में भोपाल के पूर्व सांसद श्री आलोक संजर, उपकरण निर्माता कंपनी के एमपी एएसएम श्री अनीमेश वाघेला, एवं भोपाल के अधिकृत डीलर भी उपस्थित रहे। राज्यमंत्री ने कंपनी को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि ऐसे प्रयास किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे और प्रदेश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाएंगे।  

दिल्ली में हाई सिक्योरिटी जोन: 10 हजार जवानों की तैनाती, हर गतिविधि पर नजर

नई दिल्ली दिल्ली में कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में कांवड़ यात्रा को देखते हुए 10 हजार से ज्यादा जवान तैनता किए गए हैं। इनमें 5000 से ज्यादा दिल्ली पुलिस के जवान और अर्धसैनिक बलों की लगभग 50 कंपनियां, जिनमें 5000 जवान शामिल हैं, तैनात किए गए हैं। इसके अलावा सीसीटीवी और ड्रोन के ज़रिए संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस के अनुसार, ट्रैफिक में बदलाव किया गया है। उन प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त जांच शुरू कर दी गई है, जहां से कांवड़ियों के गुजरने की उम्मीद है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि हम अर्धसैनिक बलों और होमगार्ड के साथ समन्वय में हैं। मंदिर क्षेत्रों और निर्धारित कांवड़ शिविरों के लिए विशेष सुरक्षा उपायों की योजना बनाई गई है। अधिकारी के अनुसार, शहर भर में शिविर लगाने के लिए 774 स्थानों की पहचान की गई है और 374 कांवड़ शिविरों को पहले ही अनुमति मिल चुकी है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि 150 से ज्यादा अतिरिक्त शिविर अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि मुख्य ध्यान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात को सुचारू रूप से चलाने और तीर्थयात्रियों को तत्काल सहायता प्रदान करने पर रहेगा। पीसीआर वैन, त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) और एंबुलेंस को रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है। एनएच-1, एनएच-9 जैसे प्रमुख मार्गों और बाहरी, उत्तर-पूर्वी, पूर्वी और शाहदरा जिलों से गुजरने वाली प्रमुख मुख्य सड़कों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पैदल और वाहनों में कांवड़ लेकर आने वाले तीर्थयात्रियों को निर्धारित स्थानों से प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। अधिकारी ने आगे कहा कि दिल्ली पुलिस ने कांवड़ियों के प्रवेश मार्गों की एक सूची जारी की है। इसमें गाजीपुर बॉर्डर, आनंद विहार, भोपुरा, अप्सरा, महाराजपुर, लोनी बॉर्डर और आईएसबीटी कश्मीरी गेट शामिल हैं। वजीराबाद से भोपुरा, जीटी रोड और लोनी रोड जैसी सड़कें भी प्रमुख कांवड़ मार्गों के रूप में काम करेंगी। अधिकारियों ने लोगों से कांवड़ियों के आवागमन के लिए अधिसूचित मार्गों से अनावश्यक यात्रा करने से बचने की भी अपील की है। कांवडियों को आपातकालीन सेवाओं और आवश्यक वाहनों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उनके लिए विशेष हेल्पलाइन भी शुरू की गई हैं। अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी 15 जिलों के डीसीपी को मौके पर मौजूद रहने और नागरिक प्रशासन के साथ समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। खासकर आपात स्थिति से निपटने और भीड़ की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए। इस दौरान किसी भी खतरे की आशंका से निपटने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अलग-अलग टीमों को तैनात किया गया है। सभी एसएचओ को स्थानीय शिविर आयोजकों के संपर्क में रहने के लिए कहा गया है। इस बीच, दिल्ली सरकार के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी सभी तैयारियां कर ली हैं। कांवड़ यात्रा में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं, जो हरिद्वार से पैदल यात्रा करके अपने स्थानीय शिव मंदिरों तक जाते हैं और शिवलिंग पर गंगा का पवित्र जल चढ़ाते हैं। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में पहले से ही हो रही बारिश को देखते हुए अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने और तीर्थयात्रियों के लिए सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।  

पीएम किसान योजना सैचुरेशन के लिये शुरू होगा अभियान

भोपाल  आयुक्त भू-अभिलेख ने बताया है कि पीएम किसान योजनासैचुरेशन के लिये प्रदेश में अभियान चलाया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक किसानों से संपर्क कर सेचुरेशन से शेष रह गए किसानों से कार्यवाही पूर्ण कराई जाएगी और लाभ वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान के बेहतर संचालन के लिये तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। प्रदेश में लगभग 5 लाख किसानों द्वारा ई-केवायसी एवं आधार बैंक खाता डीबीटी के लिये इनेवल करने की कार्यवाही कर ली गई है। योजना में 20 लाख से अधिक किसानों द्वारा फार्मर रजिस्ट्री बनाए जाने की कार्यवाही की जाना प्रस्तावित है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र कृषक परिवारों को वर्ष में कुल 6 हजार रूपये की राशि प्रदान की जा रही है। योजना की अनिवार्य कार्यवाही ई-केवायसी, आधार, बैंक खाता, डीबीटी केलिए इनेवल एवं फार्मर रजिस्ट्री जैसी अनिवार्य कार्यवाही पूर्ण करने के उपरांत ही हितग्राहियों को राशि प्राप्त होती है। योजना की 20वी किस्त का वितरण माह जुलाई 2025 में किया जाना प्रस्तावित है।  

‘राहुल गांधी को पढ़ाने’ की याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने सावरकर मामले में दखल से किया इनकार

मुंबई  बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर पर “अपरिपक्व टिप्पणी” की है। मांग की कि अदालत द्वारा राहुल गांधी को याचिका पढ़ने का निर्देश दिया जाए। यह याचिका डॉ. पंकज फडनीस द्वारा दायर की गई थी। वह अभिनव भारत कांग्रेस के संस्थापक अध्यक्ष हैं। उन्होंने अपनी याचिका में मांग की थी कि अदालत राहुल गांधी को निर्देश दे कि वे याचिका को पढ़ें ताकि उनकी "सावरकर को लेकर अज्ञानता" दूर हो सके। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, याचिकाकर्ता का दावा था कि राहुल गांधी के बयान ने उनके उस मौलिक कर्तव्य के पालन के अधिकार का उल्लंघन किया है, जिसमें संविधान नागरिकों को स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को संजोने और उनका पालन करने की बात कहता है। कोर्ट ने खारिज की याचिका मामले की सुनवाई कर रहे मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति संदीप मरने की खंडपीठ ने स्पष्ट किया, “हम राहुल गांधी को कोई याचिका पढ़ने का निर्देश नहीं दे सकते। किसी नेता की सोच या विचारधारा को बदलने के लिए अदालत कोई बाध्यकारी आदेश नहीं दे सकती।” डॉ. पंकज द्वारा इसी विषय पर पहले सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने ने भी यह यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि अदालत इस तरह के मुद्दों पर हस्तक्षेप नहीं कर सकती।  

एक जिला-एक उत्पाद मध्यप्रदेश को मिला रजत पदक, म.प्र. के उत्पादों को मिला वैश्विक बाजार

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में "एक जिला-एक उत्पाद" योजना के अंतर्गत प्रदेश के उत्पादों की वैश्विक बाजारों में उपस्थिति दर्ज हो रही है।  मध्यप्रदेश ने अपनी विशिष्टता और योजनाओं के उत्कृष्ट क्रियान्वयन का प्रमाण प्रस्तुत करते हुए एक जिला एक उत्पाद पुरस्कार 2024 में राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश श्रेणी में रजत पुरस्कार प्राप्त किया। नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित भारत मंडपम में एक भव्य समारोह में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने पुरस्कार प्रदान किया। यह पुरस्कार राज्य में एक जिला एक उत्पाद योजना के प्रभावशाली क्रियान्वयन, स्थानीय उत्पादों के ब्रांड निर्माण, रोजगार सृजन, और ग्रामीण व शहरी उद्यमिता को बढ़ावा देने के प्रयासों को मान्यता देने के लिए प्रदान किया गया। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और भारत सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों एवं विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित थे। मध्यप्रदेश की ओर से यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उद्योग विभाग, वाणिज्य एवं निवेश प्रोत्साहन नीति विभाग की उप सचिव, श्रीमती रूही खान ने प्राप्त किया। प्रदेश अब लोकल से ग्लोबल की ओर एक जिला-एक उत्पाद योजना में म.प्र. के उत्पादों को वैश्विक बाजार मिल रहा है। प्रदेश स्थानीय से ग्लोबल की ओर बढ़ रहा है। स्थानीय स्तर पर निर्यातकों का बड़ा समूह तैयार हो रहा है। कई उत्पादों को जी.आई. टैग मिला है जिसमें इन उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़ी है। हस्तशिल्प एवं कृषि और खाद्य उत्पादों की पहचान बढ़ने के साथ कारीगरों और निर्माताओं के जीवन स्तर में भी सुधार हो रहा है। ओडीओपी योजना में विशेष उत्पादों को उनके भौगोलिक, जैविकीय, प्राकृतिक या उत्पादन की विशेषताओं के कारण शामिल किया गया है। सभी जिलों में ओडीओपी योजना संचालित है, जिनमें हरी सब्जी, मोटे अनाज, क्राफ्टकला हथकरघा, हस्तशिल्प, उपकरण शामिल है। स्थानीय कलाकारों और उत्पादों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। अलग-अलग जिलों के 19 विशिष्ट उत्पादों को अब तक जीओ-ग्राफिकल इंडीकेशन्स (जीआई) टैग प्रदान किये गये है। इसमें चंदेरी साड़ी, बाग प्रिंट, नागपुरी संतरा, रतलामी सेंव, कड़कनाथ मुर्गा, चिन्नौर चावल, बुटिक प्रिंट, स्टोन क्राफ्ट, लेदर टॉय, बेल मेटल वेअर, महेश्वरी साड़ी, महोबा देशवारी पान, मुरैना गजक, सुंदरजा आम, शरबती गेहूँ, गोंड पेंटिंग, रॉट आयरन क्राफ्ट, हेन्डमेड कारपेट, वारासिवनी की हेंडलूम साड़ी शामिल है। इनमें से 7 उत्पाद ओडीओपी योजना में भी शामिल है। मध्यप्रदेश ने "एक जिला-एक उत्पाद" के अंतर्गत विश्व के प्रमुख बाजारों में अपनी पहचान बनाई है। वैश्विक बाजार तक पहुँचाने की दिशा में ठोस कदम भी उठाए हैं। राज्य के विभिन्न जिलों के उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। बुरहानपुर के उच्च गुणवत्ता वाले केले, रायसेन का सुगंधित बासमती चावल, और बालाघाट का प्रसिद्ध चिनौर चावल इन उत्पादों में प्रमुख हैं। मध्यप्रदेश के उत्पादों की पहचान अब सीमित नहीं रही, बल्कि ये राज्य की आर्थिक प्रगति, रोजगार अवसरों और निर्यात क्षमता को मजबूती दे रहे हैं। "एक जिला-एक उत्पाद योजना अब एक जनभागीदारी आधारित आंदोलन बन चुकी है। इसमें कारीगरों, महिला समूहों, एफपीओ, स्टार्टअप्स और स्थानीय उद्यमियों की सक्रिय भूमिका रही है। राज्य सरकार ने एक जिला-एक जिला उत्पाद को स्थानीय से वैश्विक बनाने की दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। उत्पाद आधारित प्रशिक्षण, ब्रांडिंग और पैकेजिंग सुधार, डिजिटलीकरण और निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु लॉजिस्टिक सहयोग भी राज्य शासन द्वारा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश न केवल संस्कृति और शिल्प की धरती है, बल्कि एक उभरता हुआ औद्योगिक और निर्यातक राज्य भी है। मध्यप्रदेश सरकार की यह उपलब्धि "स्थानीय हाथों से वैश्विक मंच तक" की परिकल्पना को साकार कर रही है और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है। प्रदेश में इतने विविध उत्पाद हैं जिन्हें विश्व स्तर पर ले जा सकते हैं। “एक जिला, एक उत्पाद” एक अनूठी पहल है और किसी अन्य देश में ऐसा नहीं है। प्रत्येक जिले की अपनी अलग विरासत है। उत्पादों की ब्रांडिंग और गुणवत्ता पर काम किया जा रहा है। पैकेजिंग और ब्रांडिंग में सुधार किया जा रहा है ताकि उत्पादों को उनकी उच्च गुणवत्ता के लिए दुनिया भर में सम्मान मिले। ओडीओपी पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करेगा। ओडीओपी उत्पादों को आगे बढ़ाने के तरीके सीखने और अनुकरण करने में मदद के लिए एक सर्वोत्तम प्रथाओं का संग्रह तैयार किया गया है। केंद्र, सरकार ने 750 से अधिक जिलों से 1,200 से अधिक अनूठे उत्पादों की पहचान की है, जो कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, हथकरघा, हस्तशिल्प आदि क्षेत्रों में हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य मूल्य संवर्धन, विपणन को बढ़ावा देना और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ना है। सिंगापुर, न्यूयॉर्क, वैंकूवर, मिलान, कुवैत, बहरीन और जापान में ओडीओपी वॉल्स स्थापित किए गए हैं। ओडीओपी उत्पाद अब सिंगापुर के मुस्तफा सेंटर और सेंटर पॉइंट मॉल जैसे खुदरा दुकानों पर उपलब्ध हैं। ओडीओपी पुरस्कारों के लिए 1 अप्रैल से 11 जून 2024 के बीच राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से कुल 641 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें जिलों से 587, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से 31 और विदेशों में भारतीय मिशनों से 23 प्रविष्टियां शामिल थीं। 

राहुल गांधी को लखनऊ कोर्ट से जमानत, सेना पर टिप्पणी को लेकर दर्ज है केस

लखनऊ लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने भारतीय सैनिकों के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी मामले में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जमानत दे दी है। कोर्ट ने 20 हजार के मुचलके पर जमानत दी है। राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिए गए बयान को लेकर दर्ज इस मामले में पहले पांच सुनवाइयों में हाजिर नहीं हुए थे। मंगलवार को उन्होंने एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होकर सरेंडर किया और जमानत याचिका दाखिल की। लाइव लॉ के मुताबिक राहुल गांधी पांच सुनवाइयों में अनुपस्थित रहने के बाद इस बार एडिशनल चीफ ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। दरअसल मई में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी जिसके बाद वह पेश हुए। यह याचिका उन्होंने मानहानि मामले और लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा फरवरी 2025 में पारित समन आदेश दोनों को चुनौती दी थी। सीमा सड़क संगठन के सेवानिवृत्त निदेशक उदय शंकर श्रीवास्तव ने कोर्ट के समक्ष राहुल गांधी के ख़िलाफ़ मानहानि का परिवाद दायर किया था उन्होंने बताया था राहुल गांधी 16 दिसंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना का अपमान किया था उन्होंने 9 दिसंबर 2022) को अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच हुई झड़प का ज़िक्र करते मीडिया और लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि लोग भारत जोड़ो यात्रा के बारे में पूछेंगे लेकिन चीनी सैनिकों द्वारा हमारे सैनिकों की पिटाई के बारे में एक बार भी सवाल नहीं पूछेंगे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय सैनिकों की कथित पिटाई के बारे में गांधी के बयान से उनकी भावनाएँ आहत हुई हैं। वहीं, राहुल गांधी के इस बयान के बाद भारतीय सेना ने आधिकारी बयान भी जारी किया था। सेना ने कहा कि चीनी सेना भारतीय सीमा में अतिक्रमण कर रही थी जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया। जिसके बाद चीनी सेना वापस चली गई।  

ऊर्जा मंत्री तोमर नई दिल्ली में मंत्रियों के समूह और विद्युत नियामक आयोगों की बैठक में हुए शामिल

भोपाल केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय द्वारा विद्युत वितरण कम्पनियों की वित्तीय स्थिरता से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिये मंत्री समूह की बैठक मंगलवार को नई दिल्ली में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता विद्युत एवं आवास तथा शहरी मामलों के राज्य मंत्री श्री श्रीपद नाइक ने की। बैठक में ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मध्यप्रदेश नियामक आयोग द्वारा बिजली उपभोक्ताओं के हित में लिये जा रहे निर्णयों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में ऊर्जा विभाग द्वारा किये जा रहे नवाचारों से भी अवगत कराया। बैठक में विद्युत वितरण कम्पनियों की वित्तीय स्थिरता, पारदर्शिता एवं संचालन क्षमता को सुदृढ़ बनाने पर गहन चर्चा हुई। केन्द्रीय विद्युत राज्य मंत्री श्री नाइक ने कहा कि हमारा संकल्प है कि ऊर्जा व्यवस्था को और मजबूत, पारदर्शी और जन-हितैषी बनायें, जिससे सभी को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। बैठक में आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु एवं उत्तरप्रदेश के ऊर्जा मंत्री तथा केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग एवं राज्य विद्युत नियामक आयोगों के अध्यक्ष एवं सदस्य शामिल हुए।