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इंदौर-देवास बायपास मामले में याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने पहली सुनवाई में ही दिया फैसला

इंदौर  इंदौर-देवास बायपास और इंदौर-सांवेर मार्ग की जर्जर हालत को लेकर दायर जनहित याचिका को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने पहली ही सुनवाई में निराकृत कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इसी विषय पर पूर्व से ही एक जनहित याचिका विचाराधीन है, ऐसे में नई याचिका की आवश्यकता नहीं है। यदि याचिकाकर्ता चाहें तो अपनी बात पूर्व याचिका में रख सकते हैं। यह याचिका नरेंद्र जैन द्वारा एडवोकेट अनिल ओझा के माध्यम से दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने बायपास की खराब हालत, लगातार लग रहे जाम और फ्लाइओवर निर्माण के चलते उत्पन्न ट्रैफिक समस्या को आधार बनाया था। याचिका में उठाए गए मुख्य मुद्दे इंदौर-देवास बायपास पर हाल ही में लगातार 36 घंटे लंबा ट्रैफिक जाम लगा, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। याचिकाकर्ता के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को पहले से इस संभावित स्थिति की जानकारी थी, फिर भी कोई वैकल्पिक मार्ग तैयार नहीं किया गया। अर्जुन बड़ौद क्षेत्र में निर्माणाधीन फ्लाइओवर के चलते सड़क पर लंबे जाम की स्थिति पैदा हो रही है, जिससे एम्बुलेंस, स्कूल बसें और आम नागरिक बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। कोर्ट की टिप्पणी सोमवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर पहले से ही एक जनहित याचिका लंबित है। शासन की ओर से यह जानकारी अदालत को दी गई। इस पर न्यायालय ने नई याचिका को निरस्त कर दिया और याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वे अपनी बात पहले से लंबित याचिका में ही रखें। बायपास की हालत बनी चिंता का विषय इंदौर-देवास बायपास और इंदौर-सांवेर रोड की हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है। बारिश के मौसम में गड्ढों और निर्माण कार्य के कारण हालात और बिगड़ जाते हैं। हालिया जाम की स्थिति ने प्रशासन और NHAI की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों की मांग स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया पर सक्रिय समूहों की मांग है कि- निर्माण कार्य की स्पष्ट टाइमलाइन जारी की जाए। वैकल्पिक मार्गों की ठोस योजना बनाई जाए। NHAI और जिला प्रशासन समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य पूर्ण करें।  

बरेली में 200 से अधिक लोगों का धर्मांतरण कराने का आरोपी गिरफ्तार

बरेली बरेली जिले की फरीदपुर थाना पुलिस ने 200 से अधिक लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर उनका धर्मांतरण कराने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।बरेली दक्षिणी क्षेत्र की अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अंशिका वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी की  पहचान लालजी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मऊ जिले का निवासी है। उन्होंने बताया कि लालजी के पास से जो कागजात व पुस्तकें मिली हैं, उनसे लग रहा है कि वह लोगों का धर्म परिवर्तन कर रहा था। एएसपी ने कहा कि आरोपी के संपर्कों और आर्थिक स्रोत की जानकारी के लिए पुलिस सघन जांच कर रही है और जल्द सच्चाई सामने आएगी। पुलिस के अनुसार लालजी योजनाबद्ध तरीके से अब तक 200 से अधिक लोगों का धर्मांतरण करा चुका था, जिनके नाम उसने डायरी में नोट किए थे। इसके अलावा पुलिस ने उसके कमरे से बाइबिल और चार डायरी आदि भी बरामद की है। पुलिस आरोपी के बैंक खातों और मोबाइल पर लोगों से हुई बातचीत की भी जानकारी हासिल कर रही है। एएसपी ने बताया कि सोमवार को पुलिस ने विधिक प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार लालजी पर आरोप है कि वह हिंदू धर्म के आर्थिक रूप से कमजोर व अशिक्षित महिलाओं, बच्चों और पुरुषों को रुपये, नौकरी, मकान और विवाह जैसे प्रलोभन देकर उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता था। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता सुनील कुमार को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने खुद आरोपी की सभा में जाकर इसकी पुष्टि की और पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने इस संबंध में कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से मिली चार डायरी से और भी राज सामने आने की संभावना है। इन डायरियों में क्षेत्र के तमाम लोगों के नाम लिखे हैं और हर नाम के आगे लिखा है, ‘‘उपदेश दे दिया गया।'' फरीदपुर के थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) राधेश्याम ने बताया कि इससे पुलिस अनुमान लगा रही है कि डायरी में जितने भी नाम लिखे गए हैं, आरोपी ने उन सभी का धर्मांतरण करा दिया है। लालजी 2002 में फरीदपुर रहने आया था। वह मूल रूप से मऊ जिले के मुंगेश्वरी गांव का निवासी है। उसने पुलिस को बताया कि पहले वह इधर-उधर मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का गुजर-बसर करता था, लेकिन 2008 में 'ब्रेन हेमरेज' होने पर वह दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हुआ, जहां के एक डॉक्टर और नर्स (ईसाई) से वह काफी प्रभावित हुआ।  

मध्यप्रदेश में जुलाई में बारिश ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, 17 जिलों में अलर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश में लगातार बारिश का दौर जारी है. जुलाई के महीने में मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है, अब तक प्रदेश में 18 इंच बारिश हो चुकी है. सोमवार को कई जिलों में बारिश दर्ज की गई. मंगलवार को भी प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं बारिश के कारण नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.  मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, मंडला, श्योपुर, सिवनी, उमरिया, छतरपुर समेत कई जिलों में एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है। इस कारण इन जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। प्रदेश में 16 जून से मानसून एंटर हुआ था। तभी से तेज बारिश का दौर चल रहा है। इस वजह से कोटे की आधी यानी औसत 18 इंच बारिश हो चुकी है। निवाड़ी में तो 103% तक पानी गिर चुका है। मंडला, टीकमगढ़ में भी बारिश का कोटा 75% तक फुल हो गया है। अगले 4 दिन यानी 18 जुलाई तक तेज बारिश का दौर चलेगा। शिवपुरी में अटल सागर डैम के 6 गेट खोले, श्योपुर में बाढ़ सोमवार को मंडला में 9 घंटे में 2 इंच बारिश हो गई। वहीं, खरगोन में डेढ़ इंच पानी गिरा। टीकमगढ़-उमरिया में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सिवनी, सीधी, बालाघाट, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, राजगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा। शिवपुरी जिले में अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इसी के चलते सोमवार सुबह साढ़े 6 बजे बांध के 6 गेट खोल दिए गए। करीब 1500 क्यूमेक पानी छोड़ा गया है। श्योपुर जिले के विजयपुर में क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने से आगरा जाने वाला रास्ता बंद हो गया। वहीं, बड़ौदा में बाढ़ जैसे हालात रहे। यहां दुकानों-मकानों के अलावा अस्पताल में भी पानी भर गया। शिवपुरी जिले के रन्नौद क्षेत्र में भी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। यहां कई लोगों के घरों में पानी भर गया। टीकमगढ़ में मकान गिर गया। इससे 3 भैंसों की मौत हो गई। मंडला में आधे घंटे की तेज बारिश से पानी घर-दुकानों में घुस गया। रायसेन में उफनते नालों के बीच मड रैली हुई। जिसमें गाड़ियां दौड़ाई गई। भोपाल में दोपहर में तेज बारिश का दौर चला। लगातार बारिश का दौर जारी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, मंडला, श्योपुर, सिवनी, उमरिया, छतरपुर समेत कई जिलों में हफ्तेभर से बारिश का दौर जारी है. इन जिलों में लगातार बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात हैं. लगातार हो रही बारिश से जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है.  17 जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने मंगलवार को 17 जिलों में भारी बारिश अलर्ट जारी किया है. नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश हो सकती है. अगले 24 घंटे में यहां साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है. प्रदेश में हल्की बारिश वहीं मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के बाकी बचे जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है. इन जिलों में सामान्य बारिश हो सकती है, या फिर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं.  अगले चार दिन होगी बारिश मौसम विभाग की माने तो एमपी से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है. इसके साथ ही कम दबाव का क्षेत्र भी एक्टिव है. यही वजह है कि लगातार बारिश का दौरा जारी है. अगले चार दिनों तक तेज बारिश होने की संभावना है. कई जिलों में चार दिन का बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.  सोमवार को हुई बारिश सोमवार को भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सिवनी, सीधी, बालाघाट, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, राजगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में भी बारिश हुई.  अटल सागर डैम के 6 गेट खोले गए बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं. शिवपुरी जिले में अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध का जलस्तर बढ़ने से अटल सागर डैम के 6 गेट खोले गए. वहीं श्योपुर में क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने से रास्ता बंद हो गया. मंडला में आधे घंटे की तेज बारिश से पानी घर-दुकानों में घुस गया. भोपाल में तेज बारिस का दौर जारी रहा. 

प्रदेश के 183 नगरीय निकायों में 218 पिंक टॉयलेट

प्रदेश के 183 नगरीय निकायों में 218 पिंक टॉयलेट स्वच्छ भारत मिशन में 100 करोड़ रूपये निवेश की योजना भोपाल  प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं को सार्वजनिक शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मिशन पिंक टॉयलेट प्रारंभ किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 183 नगरीय निकायों में 218 पिंक शौचालय संचालित हो रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस मिशन में 100 करोड़ रूपये के निवेश की कार्ययोजना तैयार की है। मिशन के माध्यम से प्रदेश के सभी निकायों में मिशन पिंक टॉयलेट तैयार किये जायेंगे।  

नगर परिषद इंदरगढ़ के प्रभारी सीएमओ निलंबित

भोपाल दतिया जिले के नगर परिषद इंदरगढ़ के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी महेन्द्र सिंह यादव को अपने कर्त्तव्यों में लापरवाही बरतने पर नगरीय प्रशाासन विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे के निर्देश पर निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय कार्यालय ग्वालियर निर्धारित किया गया है। नगर परिषद इंदरगढ़ में तालाब का निर्माण कराया जा रहा था। निर्माण के दौरान बरसात के मौसम में तालाब में पानी का भराव हुआ। सुरक्षा उपायों में लापरवाही बरतते हुए निर्माण कार्य के दौरान रेलिंग व बेरिगेटिंग की व्यवस्था नहीं गई। व्यवस्था के अभाव में छोटी बच्चियों के डूबने की घटना हुई। इसी के साथ प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने अपने कार्यकाल में नियम विरूद्ध कर्मचारियों की स्थापना में प्रशासनिक कार्य किये। जांच में प्रभारी नगर पालिका अधिकारी महेन्द्र सिंह यादव दोषी पाये गये।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैराथन धावक फौजा सिंह के निधन पर दुःख जताया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व के दिग्गज मैराथन धावक फौजा सिंह के निधन पर गहन संवेदना व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा की शांति एवं परिजन एवं प्रशंसकों को दु:ख सहने का संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है। उल्लेखनीय है कि 114 वर्ष की आयु में भी सक्रिय और सेहत के लिए सतर्क रहने वाले फौजा सिंह खेल गतिविधियों के अतिरिक्त दुनिया में फिटनेस के लिए ख्याति प्राप्त कर चुके थे।  

फर्जीवाड़े पर लगाम: UIDAI ने रद्द किए 65 लाख आधार कार्ड

नई दिल्ली  देश में करोड़ों लोगों के पास आधार कार्ड है, लेकिन इनमें से कई ऐसे लोग भी हैं जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। ऐसे लोगों के आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल न हो, इसके लिए UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने एक खास मुहिम शुरू की है। इस अभियान के तहत मृत व्यक्तियों के आधार नंबर को बंद (निष्क्रिय) किया जा रहा है, ताकि कोई भी उनका दुरुपयोग न कर सके। ताजा आंकड़ों के अनुसार, बिहार में कुल 12 करोड़ 9 लाख 36 हजार 645 आधार कार्ड जारी किए गए हैं। लेकिन UIDAI द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत मृत व्यक्तियों के आधार नंबर को निष्क्रिय करने के बाद अब यह संख्या घटकर 11 करोड़ 43 लाख 50 हजार 755 रह गई है। यानी अब तक 65 लाख से अधिक आधार नंबर सिस्टम से हटाए जा चुके हैं।  मृतकों के आधार कार्ड क्यों किए जा रहे हैं बंद? UIDAI के इस अभियान का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आधार डेटाबेस में केवल जीवित और पात्र लोगों की जानकारी ही मौजूद रहे। इससे कई फायदे होंगे: -सरकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचेगा -पहचान संबंधी धोखाधड़ी पर रोक लगेगी आधार डेटा की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनी रहेगी बिहार में चुनाव भी करीब हैं, ऐसे में यह कदम फर्जीवाड़े और अवैध लाभों को रोकने की दिशा में एक जरूरी प्रयास है।  यह प्रक्रिया कैसे हो रही है? UIDAI द्वारा इस कार्य के लिए तकनीकी और कानूनी दोनों स्तरों पर संवेदनशील प्रक्रिया अपनाई जा रही है:  मृत्यु प्रमाण पत्र का उपयोग किया जा रहा है  नगर निगम, ग्राम पंचायत या अन्य स्थानीय निकायों से मिली जानकारी को भी शामिल किया गया है। परिवार के सदस्यों द्वारा दी गई सूचना के आधार पर भी सत्यापन किया जा रहा है। यह पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि कोई जीवित व्यक्ति गलती से इस सूची में न आ जाए।  फर्जी आधार कार्ड और ऑपरेटरों पर कार्रवाई UIDAI ने हाल ही में कुछ फर्जी आधार कार्ड और आधार केंद्रों पर गड़बड़ियों का भी पता लगाया है। जांच में सामने आया है कि कुछ ऑपरेटर्स ने नियमों को ताक पर रखकर फर्जी कार्ड बनाए हैं। ऐसे ऑपरेटर्स पर जुर्माना लगाया गया है और कई मामलों में लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जा रही है।  UIDAI की चेतावनी और अपील -UIDAI ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे: -किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें -आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी को अपडेट रखें -मृत परिजन के आधार को निष्क्रिय करवाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें  

स्कॉट बोलैंड की हैट्रिक से हिली रिकॉर्ड बुक, ऐसा करने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने

नई दिल्ली पैट कमिंस की अगुवाई वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मेजबान वेस्टइंडीज को तीसरे टेस्ट की दूसरी पारी में जब 27 रनों पर ऑलआउट किया तो हर जगह मिचेल स्टार्क की चर्चा होने लगी। हो भी क्यो ना, स्टार्क ने पहली 15 गेंदों में ही 5 विकेट हॉल लेकर वेस्टइंडीज को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। हालांकि दूसरी तरफ स्कॉट बोलैंड को उतनी तारीफ नहीं मिली जिसके वह हकदार थे। दरअसल, स्टार्क ने जब वेस्टइंडीज के 6 विकेट चटकाए तो स्कॉट बोलैंड ने भी तीन गेंदों पर लगातार तीन विकेट लेकर हैट्रिक ली। बोलैंड ऑस्ट्रेलिया के लिए हैट्रिक लेने वाले 10वें और पिंक बॉल टेस्ट में दुनिया के पहले खिलाड़ी बने। जी हां, 2015 में डे-नाइट टेस्ट की शुरुआत हुई थी और अभी तक कुल 24 बार पिंक बॉल से टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं, मगर स्कॉट बोलैंड से पहले कभी किसी गेंदबाज ने हैट्रिक नहीं ली। वह ऐसा करने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने हैं। स्कॉट बोलैंड ने 14वें ओवर की पहली तीन गेंदों पर जस्टिन ग्रीव्स, शमर जोसेफ और जोमेल वारिकन को अपना शिकार बनाकर यह इतिहास रचा। बोलैंड से पहले ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले गेंदबाज पीटर सिडल थे, जिन्होंने 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ तीन गेंदों पर लगातार तीन विकेट लिए थे। बोलैंड के इस धाकड़ प्रदर्शन के दम पर 26/6 से अचानक वेस्टइंडीज का स्कोर 26/9 हो गया। वहीं 27 रन पर मिचेल स्टार्क ने वेस्टइंडीज का आखिरी विकेट लेकर पूरी टीम को समेट दिया। ऑस्ट्रेलिया ने 3-0 से किया वेस्टइंडीज का सूपड़ा साफ ऑस्ट्रेलिया ने 176 रनों से यह मैच जीत तीन मैच की टेस्ट सीरीज में वेस्टइंडीज का 3-0 से सूपड़ा साफ किया। इसी के साथ उन्होंने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप पॉइंट्स टेबल में अपना दबदबा भी बनाए रखा। पैट कमिंस की टीम 100 प्रतिशत अंकों के साथ WTC पॉइंट्स टेबल में पहले स्थान पर बनी हुई है।  

इंग्लैंड vs भारत: लॉर्ड्स में जोफ्रा आर्चर के तूफान के पीछे सौरव गांगुली का रोल?

नई दिल्ली इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने साढ़े 4 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी की और क्या खूब वापसी की। उन्होंने ऐतिहासिक लॉर्ड्स में भारत के खिलाफ तीसरे टेस्ट में अपनी टीम के लिए मैच विनिंग परफॉर्मेंस दी। अब इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने खुलासा किया है कि उनके मैच विनर के इस जोरदार परफॉर्मेंस का, उसके तूफान का कनेक्शन सौरव गांगुली से है। स्टोक्स ने खुलासा किया कि भारत की 2002 में इंग्लैंड पर ऐतिहासिक जीत के बाद सौरव गांगुली द्वारा लार्ड्स की बालकनी में शर्ट लहराने की घटना ने जोफ्रा आर्चर को तीसरे टेस्ट मैच में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। गांगुली ने नेटवेस्ट ट्रॉफी एकदिवसीय टूर्नामेंट के फाइनल में भारत की जीत का जश्न मनाने के लिए अपनी शर्ट उतार दी थी और यह आज तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे नाटकीय क्षणों में से एक है। आर्चर ने तीसरे टेस्ट मैच के पांचवें और अंतिम दिन सोमवार को खतरनाक ऋषभ पंत को बोल्ड किया और इसके बाद वॉशिंगटन सुंदर का अपनी ही गेंद पर शानदार कैच लिया। भारत इस मैच में 22 रन से हार गया था। स्टोक्स ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा,‘‘मैंने आज सुबह उससे कहा, 'तुम्हें पता है कि आज क्या है। पता है ना। उसने मुझसे कहा, तुम्हें पता है कि उस दिन भारत ने 300 से अधिक रन बनाकर जीत हासिल की थी और गांगुली ने शर्ट लहराई थी। उसे लग रहा था कि मैं 6 साल पहले के क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल की बात कर रहा हूं। ’’ दिलचस्प बात यह है कि इंग्लैंड ने लॉर्ड्स में अपनी जीत उसी दिन दर्ज की जिस दिन उसने 2019 में एकदिवसीय विश्व कप फाइनल में स्कोर बराबर रहने के बाद बाउंड्री काउंट-बैक के आधार पर न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत हासिल की थी। हालांकि, जब स्टोक्स ने आर्चर को छह साल पहले के उस महत्वपूर्ण दिन के बारे में याद दिलाया, तो तेज गेंदबाज को 17 साल पहले हुए गांगुली वाले पल की याद आ गई। स्टोक्स ने कहा, ‘‘मैं उस दिन की बात कर रहा था जब हमने विश्व कप जीता था लेकिन वह कह रहा था, 'ओह, वो वाला। वह वाकई कमाल का लड़का है। छोटे लक्ष्य के सामने ऋषभ पंत का विकेट वास्तव में महत्वपूर्ण था। मुझे पूरा विश्वास था कि जोफ्रा आज कुछ ऐसा करने वाला है जिससे मैच में अंतर पैदा हो जाए।’’ चोट के बाद वापसी करने वाले स्टोक्स ने भारत पर दबाव बनाए रखने के लिए 9.2 ओवर और 10 ओवर का स्पैल पूरा किया। स्टोक्स ने कहा कि वह 23 जुलाई से मैनचेस्टर में शुरू होने वाले चौथे टेस्ट के लिए फिट रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं मैनचेस्टर में होने वाले टेस्ट मैच के लिए पूरी तरह से फिट रहूंगा। उस मैच से पहले हमें विश्राम करने का पर्याप्त मौका मिलेगा।’’ स्टोक्स से खेल के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच हुई तीखी बहस और छींटाकशी के बारे में पूछा गया, लेकिन उन्होंने इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस तरह की बड़ी सीरीज़ में हमेशा ऐसा कोई न कोई पल ज़रूर आता है जब दोनों टीम के खिलाड़ी एक दूसरे से भिड़ेंगे। मुझे यह मंजूर है बशर्ते यह सीमा पार न जाए। मुझे नहीं लगता कि हमारी या भारतीय टीम ने किसी तरह से सीमा का उल्लंघन किया।’’  

चार साल बाद पटरी पर लौटेंगी 13 यात्री गाड़ियां, आज 15 जुलाई से होगा संचालन शुरू

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी सौगात है। कोरोना काल के दौरान छत्तीसगढ़ में बंद की गई 13 लोकल ट्रेनों को फिर से शुरू करने का फैसला रेलवे ने किया है। इन ट्रेनों के शुरू होने से लोकल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। SECR इन सभी ट्रेनों का संचालन मंगलवार से शुरू हो जाएगा। रेलवे बोर्ड से अनुमति मिलने के बाद रेलवे अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है। क्या होगा टाइम टेबल यह सभी लोकल ट्रेन अपने पुराने तय समय पर ही चलेंगे। इन ट्रेनों की शुरू होने से रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, गोंदिया, कटंगी और इतवारी जैसे छोटे-बड़े स्टेशनों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इस ट्रेनों के संचालन से उन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा जो रोजना अप डाउन करते हैं। रेलवे के इस फैसले से छात्रों, कर्मचारी और छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। 15 जुलाई से चलेंगी ये ट्रेनें     08741 रायपुर–डोंगरगढ़: रायपुर से शाम 6:15 बजे, डोंगरगढ़ आगमन रात 9:10 बजे     08265 रायपुर–रायगढ़: रायपुर से सुबह 07:00 बजे, रायगढ़ आगमन दोपहर 01:45 बजे     08745 रायपुर–कांकेर: रायपुर से सुबह 05:30 बजे, कांकेर आगमन 10:30 बजे     08742 डोंगरगढ़–रायपुर: डोंगरगढ़ से सुबह 06:10 बजे, रायपुर आगमन 09:00 बजे     08266 रायगढ़–रायपुर: रायगढ़ से दोपहर 02:15 बजे, रायपुर आगमन रात 09:15 बजे     08746 कांकेर–रायपुर: कांकेर से दोपहर 01:00 बजे, रायपुर आगमन शाम 06:00 बजे     07889 गोंदिया–कटंगी: गोंदिया से सुबह 05:30 बजे, कटंगी आगमन सुबह 06:30 बजे     07890 कटंगी–गोंदिया: कटंगी से सुबह 07:00 बजे, गोंदिया आगमन सुबह 08:00 बजे     07867 गोंदिया–इटवारी: गोंदिया से शाम 04:00 बजे, इतवारी आगमन शाम 06:50 बजे 16 जुलाई से इनका होगा संचालन     08743 रायपुर–डोंगरगढ़: रायपुर से सुबह 09:45 बजे, डोंगरगढ़ आगमन दोपहर 12:40 बजे     08744 डोंगरगढ़–रायपुर: डोंगरगढ़ से दोपहर 01:10 बजे, रायपुर आगमन शाम 04:05 बजे     07891 डोंगरगढ़–कटंगी: डोंगरगढ़ से सुबह 10:00 बजे, कटंगी आगमन दोपहर 01:30 बजे     07892 कटंगी–डोंगरगढ़: कटंगी से दोपहर 03:00 बजे, डोंगरगढ़ आगमन शाम 06:30 बजे ये सभी ट्रेनें अपने पुराने निर्धारित समय पर चलेंगी। इन ट्रेनों के शुरू होने से रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, गोंदिया, कटंगी और इतवारी जैसे छोटे-बड़े स्टेशनों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। खासकर छात्रों, कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को, जो रोजाना यात्रा करते हैं, इसका सीधा लाभ मिलेगा। रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन के साथ बैठक में सांसदों ने रायपुर से गोवा तक सीधी ट्रेन चलाने की मांग की थी। इसके साथ ही बिलासपुर एक्सप्रेस को दुर्ग तक चलाने की मांग, ताकि रीवा के यात्री जो रायपुर-दुर्ग में रहते हैं, उनको राहत मिल पाए।इसके अलावा जगदलपुर से चलने वाली 10 ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट की गई हैं। ये ट्रेनें आज 15 जुलाई को भी जगदलपुर और किरंदुल नहीं आएगी। ट्रेनें ओडिशा के कोरापुट तक आएगी और वहीं से लौट जाएंगी। सांसदों ने बैठक में बंद ट्रेनों के परिचालन की मांग रखी थी रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, कोरोना के बाद अब हालात सामान्य है। लोकल ट्रेनों का संचालन बहाल किया जा रहा है। हाल में ही हुई सांसदों की बैठक में इस मुद्दे को हर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने गंभीरता के साथ उठाया था। बंद ट्रेनों के परिचालन की मांग की गई थी। सांसदों की ओर से शिकायत की गई कि लोकल लेवल रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी उनकी बातें नहीं सुनते। इस पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा था कि, हमारी ओर से शिकायत हुई तो रेलवे के अफसरों को समस्या आ सकती है। अग्रवाल ने आगे कहा था कि, रेल मंत्री के निर्देश के बाद भी नई रेल लाइन में हो रहे अलाइनमेंट के मामले पर सांसदों से चर्चा नहीं हो रही है। ये गलत प्रक्रिया है। आपस में बात करके अलाइनमेंट का मामला सुलझाना चाहिए, ताकि आम लोगों को समस्या न हो। इसके अलावा ग्रीन एनर्जी बढ़ाने, स्पोर्ट कोटा से रेलवे में भर्ती जैसे मुद्दे भी टेबल पर रखे गए थे। सांसदों की ओर से रखी गई थी ये मुख्य मांगें     कोरबा से दुर्ग तक जोड़ने के लिए केवल एक ट्रेन है। तीन मेमू ट्रेन चलाने की मांग।     धमतरी, कुरूद और बालोद इन जगहों पर रेल लाइन का विस्तार की सिफारिश।     अभनपुर में रेल आरक्षण केन्द्र जल्द खोलने की मांग।     बिलासपुर एक्सप्रेस को दुर्ग तक चलाने की मांग, ताकि रीवा के यात्री जो रायपुर-दुर्ग में रहते हैं, उनको राहत मिल पाए।     रायपुर से गोवा तक सीधी ट्रेन चलाने की मांग रखी गई।