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मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल

छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट, स्वास्थ्य, वेलनेस और पर्यटन निवेश का नया युग छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में 3,119 करोड़ का निवेश प्रस्ताव, 7000 से अधिक रोजगार के अवसर होंगे सृजित निवेश अनुकूल नई औद्योगिक नीति से छत्तीसगढ़ बन रहा है निवेशकों का पसंदीदा डेस्टिनेशन पिछले 10 महीने में प्रदेश सरकार को मिला लगभग साढ़े 7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर्यटन के लिए प्रदेश में अधोसंरचनाओं का तेजी से हो रहा विकास हॉस्पिटैलिटी और हेल्थ सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट का आयोजन रायपुर, छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में यह वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज ओमाया गार्डन, रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने अपने उद्बोधन की शुरुआत शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाओं से की और कहा कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने अर्थव्यवस्था को सरलता, पारदर्शिता और तेजी की दिशा में आगे बढ़ाया है। इस सुधार ने निवेशकों और उद्यमियों के लिए अभूतपूर्व अवसर खोले हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न के साथ कदमताल करते हुए प्रदेश सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए पिछले डेढ़ वर्ष में 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब हम इज ऑफ डूइंग बिज़नेस से आगे बढ़कर स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस के युग में प्रवेश कर चुके हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति छत्तीसगढ़ की प्रगति की आधारशिला है। इसी नीति ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और यही कारण है कि मात्र एक वर्ष के भीतर प्रदेश को लगभग साढ़े 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और सेवा क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में अस्पतालों और हेल्थकेयर क्षेत्र में 11 बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें रायपुर का गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल (500 बेड), नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (450 बेड), बॉम्बे हॉस्पिटल (300 बेड) और माँ पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (750 बेड) जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कुल मिलाकर 2,466 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 6,000 नए रोजगार सृजित होंगे। मेडिसिटी से बनेगा मेडिकल हब मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित हो रहा मेडिसिटी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर का बड़ा मेडिकल हब बनाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी यहां मरीज आते हैं। मेडिसिटी के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी और विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में  फार्मा सेक्टर में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार फार्मा हब तैयार कर रही है, जहां एक ही स्थान पर अनेक फार्मा इंडस्ट्री अपना संचालन करेंगी। इससे प्रदेश में दवा उद्योग को नई दिशा मिलेगी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाओं की आसान आपूर्ति सुनिश्चित होगी। होटल और पर्यटन क्षेत्र में निवेश मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जैव विविधता पर्यटन उद्योग के लिए अपार अवसर प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में होटल और पर्यटन क्षेत्र से भी 652 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें वेस्टिन होटल रायपुर (212.7 करोड़ रुपये), होटल जिंजर, इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट, अम्यूजोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इससे निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि होटल, रिसॉर्ट, होम स्टे और मनोरंजन उद्योग से जुड़े उद्यमी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति का लाभ उठाकर पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाएं। निवेश प्रक्रिया की सरलता मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंगल विंडो 'वन क्लिक' सिस्टम लागू है, जिसके कारण किसी भी उद्यमी को एनओसी के लिए भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के बाद पालीमैटेक कंपनी को तीन माह से भी कम समय में भूमि आवंटन और सभी स्वीकृतियाँ प्रदान कर दी गईं और उन्होंने 1,100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया। नई तकनीक और एआई सेक्टर मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ एआई क्रांति का भी स्वागत कर रहा है। नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा मैनेजमेंट का हब बनाएगा। यहां डाटा सेंटर से जुड़े उद्योगों के लिए निवेश की अपार संभावनाएं हैं। पावर हब की ओर कदम उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ऊर्जा सबसे आवश्यक तत्व है। छत्तीसगढ़ देश का पावर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोयला, खनिज और ऊर्जा उत्पादन में छत्तीसगढ़ की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण रही है और आने वाले वर्षों में यह योगदान और भी बढ़ेगा। कनेक्टिविटी और लोकेशन का लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया लोकेशन इसे विशेष बनाती है। कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता, रेल, सड़क और हवाई मार्ग की मजबूत कनेक्टिविटी तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन इसे निवेश के लिए आदर्श गंतव्य बनाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एयर कार्गो सेवा भी आरंभ हो चुकी है, जिससे व्यापार और तेज़ी से बढ़ेगा। सेवा क्षेत्र की नई पहचान मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि अब छत्तीसगढ़ केवल स्टील, सीमेंट, पावर और एल्युमिनियम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों की पहचान भी बनेगा। हेल्थकेयर, होटल, पर्यटन और एआई आधारित इंडस्ट्री आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नए आयाम देंगे।         कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि हेल्थ, पर्यटन के साथ सभी प्रकार के निवेश में सरकार सहूलियतें उपलब्ध कराएगी। नई उद्योग नीति से उद्योगपतियों का आकर्षण प्रदेश की ओर बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रदेशों के साथ ही विदेश जापान और दक्षिण … Read more

बाइक सवार ले भागे आईजी इंटेलीजेंस का मोबाइल, पांच थाने की पुलिस जुटी तलाश में

भोपाल, मध्यप्रदेश के आईजी इंटेलिजेंस डॉ. आशीष को बेखोफ बदमाशों ने अपना शिकार बना डाला। ये वारदात भोपाल के सबसे पॉश और सुरक्षित माने जाने वाले इलाके चार इमली में अंजाम दी गयी। यहां बदमाश आईपीएस डॉ आशीष का मोबाइल छीनकर फरार हो गए। हैरानी वाली बात यह है कि इस इलाके में प्रदेश सरकार कई मंत्रियों के सरकारी निवास है, और इसकी गिनती शहर के सबसे हाई सिक्युरिटी जोन में की जाती है। जानकारी के मुताबिक आईजी डॉ आशीष रात को खाना खाने के बाद अपनी पत्नी के साथ टहलने के लिए घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान रात करीब 10 बजे तीन बाइक सवार लुटेरे डॉ आशीष का मोबाइल छींनकर कोलार गेस्ट हाउस तिराहे से चुना भट्टी की ओर भाग गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे हड़कप मच गया। क्राइम ब्रांच और पांच थानों की पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू करते हुए पूरे इलाके में घेराबंदी कर दी। सूत्रों के मुताबिक मोबाइल लूटने के बाद लुटेरों ने आईजी का मोबाइल चुना भट्टी थाना क्षेत्र के दुर्गा नगर में स्विच ऑफ कर दिया था। बाद में बदमाश आईजी का मोबाइल लावारिस हालत में फेंक कर आगे भाग गए। जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। फिलहाल अज्ञात लूटेरो का कोईं सुराग नहीं मिला है। पुलिस की और से इस घटना पर कोई बयान नहीं दिया गया है। आईजी डॉ. आशीष ने हबीबगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है।  

नवरात्रि व्रत का अंत और कन्या पूजन का महत्व

हिंदू धर्म में नवरात्रि को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दौरान नौ दिनों तक माता दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना करने के बाद दसवें दिन व्रत का समापन कन्या पूजन से किया जाता है. इसे कन्या भोज भी कहा जाता है. नवरात्रि व्रत का समापन कन्या पूजन से किया जाता है, इसके पीछे गहरा धार्मिक, आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व छिपा है. नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना और पूजा-अर्चना की जाता है. व्रत, पूजन-अर्चना नवरात्रि व्रत की पहचान हैं. इस दौरान कन्या पूजन का क्या महत्व है और यह क्यों किया जाता है जानते हैं. कन्या पूजन का धार्मिक महत्व शास्त्रों में कहा गया है कि कन्या ही देवी का जीवंत स्वरूप हैं. माता दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए 2 से 10 वर्ष तक की कन्याओं को देवी के रूप में पूजकर उन्हें भोजन कराना शुभ माना जाता है. कन्या पूजन को सिद्धिदात्री देवी की पूजा से जोड़ा जाता है, जो नवरात्रि के अंतिम दिन आराधित होती हैं. पौराणिक मान्यता देवी भागवत पुराण के अनुसार, जब देवताओं ने मां दुर्गा से असुरों के नाश का आग्रह किया, तो देवी ने कहा कि कन्याओं के रूप में मेरी पूजा करने से ही शक्ति की प्राप्ति होती है. महिषासुर वध के उपरांत देवताओं ने कन्याओं की पूजा कर मां दुर्गा को धन्यवाद दिया था. तभी से नवरात्रि व्रत का समापन कन्या पूजन से करने की परंपरा चली आ रही है. आध्यात्मिक दृष्टिकोण कन्या पूजन स्त्री शक्ति का सम्मान है. कन्याओं को अन्न, वस्त्र और उपहार देकर यह संदेश दिया जाता है कि नारी ही सृष्टि की जननी और पालनहार है. यह कर्म संतानों में सुख-समृद्धि, परिवार में शांति और घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है. कन्या पूजन की विधि घर पर आमंत्रित की गई 7, 9 या 11 कन्याओं को स्नान कराकर आसन पर बैठाएं. उनके चरण धोकर आचमन कराएं और तिलक करें. उन्हें पूरी, चना और हलवा का भोजन कराएं. कन्याओं को दक्षिणा, उपहार और लाल चुनरी भेंट करें. अंत में उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें. कन्या पूजन से मिलने वाले लाभ घर में लक्ष्मी और सरस्वती का वास होता है. सभी प्रकार के संकट और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है. नवरात्रि व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है.

श्रुति हासन ने शेयर की पिता कमल हासन की बचपन की अनदेखी तस्वीर, कहा- ‘मेरे गार्जियन एंजेल’

मुंबई, अभिनेत्री श्रुति हासन ने बुधवार को अपने पिता और साउथ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता कमल हासन की बचपन की एक खास तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। यह ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट की, जिसमें छोटे से कमल हासन अपने पिता डी. श्रीनिवासन के बगल में बैठे नजर आ रहे हैं। डी. श्रीनिवासन एक जाने-माने वकील थे और रक्षा मामलों के विशेषज्ञ माने जाते थे। इस प्यारी सी तस्वीर को साझा करते हुए श्रुति ने कैप्शन में लिखा, “मेरे सबसे पसंदीदा इंसान और मेरे गार्जियन एंजेल- डैडी और ग्रैंड डैडी।” इस तस्वीर को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। श्रुति हासन की बात करें तो वे हाल ही में बहुचर्चित फिल्म ‘कुली’ में नजर आई थीं। इस फिल्म में उन्होंने प्रीति राजशेखर का किरदार निभाया था। ‘कुली’ एक बड़ी मल्टीस्टारर फिल्म रही, जिसमें सुपरस्टार रजनीकांत, तेलुगु सिनेमा के दिग्गज नागार्जुन अक्किनेनी, मलयालम एक्टर सौबिन शाहिर और बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान भी नजर आए थे। आमिर खान ने फिल्म में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कैमियो किया था। फिल्म को दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली, लेकिन इसकी स्टारकास्ट को काफी सराहा गया। ‘कुली’ की कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो पहले कुलियों का यूनियन लीडर था और अब अपने पुराने दोस्त की मौत की जांच करता है। यह जांच उसे एक बड़े अपराध गिरोह तक ले जाती है। फिल्म की शुरुआत ‘थलाइवर 171’ नाम से हुई थी क्योंकि यह रजनीकांत की 171वीं फिल्म थी। अप्रैल 2024 में फिल्म का आधिकारिक नाम ‘कुली’ घोषित किया गया। फिल्म की शूटिंग चेन्नई, हैदराबाद, विशाखापत्तनम, जयपुर और बैंकॉक जैसे शहरों में जुलाई 2024 से लेकर मार्च 2025 तक चली। अब श्रुति जल्द ही अपनी अगली फिल्म ‘सालार पार्ट 2: शौर्यंगा पर्वम’ में दिखाई देंगी, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सालार का पहला पार्ट ‘सालार: पार्ट 1– सीजफायर’ साल 2023 में रिलीज हुआ था और उसे काफी सराहा गया था। इस फिल्म को प्रशांत नील ने निर्देशित किया है, जो ‘केजीएफ’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म के निर्देशक भी रह चुके हैं। फिल्म में प्रभास लीड रोल में हैं और उनके साथ पृथ्वीराज सुकुमारन, श्रेया रेड्डी, जगपति बाबू, और बॉबी सिम्हा समेत कई कलाकार नजर आएंगे।  

राजस्थान के विकास को नई उड़ान: पीएम मोदी 1 लाख करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे ऐलान

जयपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार (25 सितंबर) को बांसवाड़ा में कार्यक्रम के दौरान राजस्थान को 1 लाख 8 हजार 468 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इसमें विभिन्न क्षेत्रों की 18 से अधिक प्रमुख योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण शामिल है। पीएम के दौरे को लेकर राजस्थान में जबरदस्त तैयारियां की जा रही है। राजस्थान बीजेपी प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल भी आज उदयपुर पहुंच रहे हैं। यहां से वे प्रधानमंत्री के बांसवाड़ा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जाएंगे। शिलान्यास के मुख्य प्रोजेक्ट्स:     2,800 मेगावाट माही-बांसवाड़ा परमाणु विद्युत परियोजना (₹42,000 करोड़)     बीकानेर में 590 मेगावाट अक्षय ऊर्जा परियोजना (₹8,500 करोड़)     15.5 गीगावाट विद्युत प्रसारण लाइनें (₹13,183 करोड़)     12 जिलों में 15 पेयजल परियोजनाएं (₹5,884 करोड़)     भरतपुर में फ्लाईओवर, पुल व अटल प्रगति पथ (₹878 करोड़)     बीकानेर-जैसलमेर में 220 केवी के जीएसएस व लाइनें (₹348 करोड़) लोकार्पण के प्रमुख कार्य:     1,400 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना व 925 मेगावाट नोख सोलर पार्क (₹10,710 करोड़)     पीएम कुसुम-C के तहत 895 मेगावाट सौर संयंत्र (₹3,132 करोड़)     सिंचाई परियोजनाएं जैसे ईसरदा बांध, बत्तीसानाला (₹2,365 करोड़)     7 सड़क परियोजनाएं (₹1,758 करोड़)     बाड़मेर में 220 केवी जीएसएस (₹142 करोड़)     डीडवाना-कुचामन व झुंझुनूं में सीवरेज व जल परियोजनाएं (₹226 करोड़)     IT व ई-गवर्नेन्स सेंटर (₹140 करोड़), भरतपुर में 250 बेडेड अस्पताल (₹128 करोड़) विशेष घोषणाएं:     जल संसाधन विभाग की ₹20,833 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण     15,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे     इसके अलावा बीकानेर एवं देहली  कैंट के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन जोधपुर एंव  देहली कैंट बंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन उदयपुर से चंडीगढ़ एक्सप्रेस को भी प्रधानमंत्री मोदी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।  वहीं  राजस्थान को जल संसाधन ,PWD पी एच ई जी,शहरी विकास एवं आवास ,चिकित्सा शिक्षा एवं अन्य क्षेत्रों के  विकास प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास एवं लोकार्पण भी होगा। कुल मिलाकर लगभग 1,22,000 करोड़ से अधिक के कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण होगा जिसमें से राजस्थान को 1,08,468करोड के शिलान्यास और लोकार्पण शामिल है।

छिंदवाड़ा ने स्वच्छता में इतिहास रचा, फिक्की राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित

वॉश ऑन व्हील्स नवाचार बना देश के लिए प्रेरणा नई प्लेटफार्म पर सराहा गया नवाचार छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले ने स्वच्छता के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि प्राप्त कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। जिला पंचायत छिंदवाड़ा को अभिनव ‘’वॉश ऑन व्हील्स’’ नवाचार के लिए प्रतिष्ठित इंडिया सेनीटेशन कोएलिशन फिक्की राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 से नवाजा गया है। इसे सतत रखरखाव एवं सामुदायिक प्रबंधन श्रेणी में प्रदान किया गया, जिसके साथ ढाई लाख रुपये की नकद राशि भी प्राप्त हुई। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में छिंदवाड़ा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  अग्रिम कुमार ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। छिंदवाड़ा देश का पहला जिला स्तरीय संगठन बन गया है, जिसे इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया। छिन्दवाडा वॉश ऑन व्हील्स को राष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रशंसा मिल रही है। भोपाल में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने इस नवाचार की सराहना की थी। इसके अलावा, यह मॉडल राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पत्रिका अकॉलैड्स में भी स्थान पा चुका है जो मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। वॉश ऑन व्हील्स: स्वच्छता का अनूठा मॉडल वॉश ऑन व्हील्स नवाचार ने ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों की सफाई और रखरखाव की चुनौती का अभिनव समाधान प्रस्तुत किया है। मोबाइल इकाइयों के माध्यम से गांव-गांव जाकर शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पहल ने न केवल स्वच्छता को स्थायी बनाया, बल्कि सामुदायिक सहभागिता की मिसाल भी कायम की। इस नवाचार की प्रस्तुति 11 जून 2025 को सीईओ जिला पंचायत  कुमार ने फिक्की की कार्यकारी निर्णायक समिति के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दी थी, जिसे सर्वसम्मति से सराहा गया। आर्थिक और सामाजिक प्रभाव की इस पहल से संलग्न 45 स्वच्छता साथियों ने अब तक 40 हजार शौचालय इकाइयों की सफाई कर लगभग 40 लाख रुपये की आय अर्जित की है। यह मॉडल न केवल स्वच्छता को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण का भी माध्यम बन रहा है। यह उपलब्धि न केवल छिंदवाड़ा, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।  

जल संसाधन मंत्री सिलावट ने कहा: इंदौर बायपास फ्लाईओवर निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए

एनएचएआई इंदौर बायपास पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर के कार्य शीघ्र करे पूर्ण: जल संसाधन मंत्री  सिलावट मंत्री  सिलावट ने एनएचएआई के अधिकारियों के साथ की बैठक भोपाल  जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इंदौर बायपास पर निर्माणाधीन अर्जुन बरोदा, झलारिया और कनाडिया फ्लाई ओवर का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। साथ ही रोड चौड़ीकरण, सर्विस रोड दुरुस्ती और बंद लाइट चालू करने का कार्य भी प्राथमिकता के साथ किया जाए, जिससे यातायात सुचारू हो और ट्रैफिक जाम की समस्या समाप्त हो। मंत्री  सिलावट ने बुधवार को मंत्रालय में एनएचएआई और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एनएचएआई के रीजनल ऑफिसर  एस.के. सिंह, एमपीआरडीसी के चीफ इंजीनियर  राकेश जैन, प्रमुख अभियंता जल संसाधन  विनोद कुमार देवड़ा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री  सिलावट ने निर्देश दिए कि लक्षित कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें, जिससे जनता को परेशानियों का सामना न करना पड़े। मंत्री  सिलावट ने इन कार्यों के लिए अधिकारियों की सहमति से समय-सीमा भी निर्धारित की। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित समय सीमा के अनुसार 15 जनवरी 2026 तक अर्जुन बरोदा का फ्लाई ओवर और 30 जनवरी 2026 तक झलारिया का फ्लाई ओवर पूर्ण होकर प्रारंभ हो जाएगा। इसी प्रकार 31 मार्च 2026 तक कनाडिया (एमआर 10) का फ्लाई ओवर, दीपावली के पहले फ्लाई ओवर के दोनों तरफ की सर्विस रोड की मरम्मत और डामरीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। आगामी 10 दिनों में पूरे मार्ग पर लाइट भी लगा दी जाएगी। मंत्री  सिलावट ने निर्देश दिए कि इन मार्गों पर यातायात बाधित न हो इसके लिए एनएचएआई स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के साथ समन्वय कर व्यवस्था सुनिश्चित करें।  

UP में विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज, 30 सितंबर से शुरू होगा MLC वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण

लखनऊ  विधान परिषद में खंड स्नातक व शिक्षक की 11 सीटों पर चुनाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अब विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए पात्र मतदाता ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य 30 सितंबर से शुरू होगा। वहीं विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। योजना भवन में  आठ मंडलों के मंडलायुक्तों को इसके लिए प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि छह दिसंबर को 11 शिक्षक व स्नातक एमएलसी का कार्यकाल खत्म हो रहा है। स्नातक की पांच व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की छह सीटों पर चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार करने में सावधानी बरती जाए। अर्हता तिथि एक नवंबर निर्धारित की गई है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए अभ्यर्थी ने अर्हता तिथि से कम से कम तीन वर्ष पहले स्नातक किया हो। वहीं अर्हता तिथि से पहले राज्य के माध्यमिक स्तर के शेक्षिक संस्थानों में विगत छह वर्षों में तीन वर्ष से शिक्षण कार्य पूर्ण किया हो। विधान परिषद में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पांच सीटों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ व इलाहाबाद-झांसी क्षेत्र शामिल है। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद, एवं गोरखपुर-फैजाबाद क्षेत्र शामिल हैं। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 दिसंबर को होगा। वहीं आगामी विधान सभा चुनाव के लिए एआईआर की तैयारी शुरू करने के निर्देश सभी मंडलायुक्तों को दिए गए। एमएलसी क्षेत्रों का विस्तार मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार लखनऊ, हरदोई, खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली एवं प्रतापगढ़ जनपद तक। वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर एवं सोनभद्र जनपद तक। आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, औरैया, फर्रुखाबाद एवं कासगंज जनपद तक। मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली एवं हापुड़ जनपद तक। इलाहाबाद झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी एवं ललितपुर जनपद तक होगा। इसी प्रकार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार लखनऊ, हरदोई, खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली एवं प्रतापगढ़ जनपद तक। वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर, एवं सोनभद्र जनपद तक। आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, औरैया, फर्रुखाबाद एवं कासगंज जनपद तक। मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली एवं हापुड़ जनपद तक। बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर एवं संभल जनपद तक। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ, सुल्तानपुर, अयोध्या, अमेठी एवं अंबेडकर नगर जनपद शामिल है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी में लखनऊ के लिए मंडलायुक्त लखनऊ, मेरठ के लिए मंडलायुक्त मेरठ, आगरा के लिए मंडलायुक्त आगरा, वाराणसी के लिए मंडलायुक्त वाराणसी तथा इलाहाबाद-झांसी के लिए मंडलायुक्त झांसी एवं लखनऊ होंगे। इसी प्रकार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी में लखनऊ के लिए मंडलायुक्त लखनऊ, मेरठ के लिए मंडलायुक्त मेरठ, आगरा के लिए मंडलायुक्त आगरा, वाराणसी के लिए मंडलायुक्त वाराणसी, बरेली-मुरादाबाद के लिए मंडलायुक्त बरेली एवं गोरखपुर-फैजाबाद के लिए मंडलायुक्त गोरखपुर है। इन निर्वाचन क्षेत्रों में सम्मिलित समस्त जनपदों के जिलाधिकारी अपने निर्वाचन क्षेत्र के सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा इन निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली समस्त विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी अपने निर्वाचन क्षेत्र के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी होंगे।

गर्भपात की अनुमति न मिलने पर हरियाणा सरकार 14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को देगी ₹4 लाख मुआवजा: हाईकोर्ट

चंडीगढ़ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने 14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को गर्भपात की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने यह निर्णय मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर लिया, जिसमें बताया गया कि पीड़िता की गर्भावस्था 29 सप्ताह छह दिन की हो चुकी है और उसकी स्वास्थ्य स्थिति गर्भपात के लिए उपयुक्त नहीं है। मेडिकल रिपोर्ट का हवाला मेडिकल बोर्ड ने अदालत को सूचित किया कि पीड़िता की नाड़ी और रक्तचाप असामान्य हैं, ऐसे में गर्भपात चिकित्सकीय रूप से सुरक्षित नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, इस स्थिति में गर्भपात से पीड़िता की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसी निर्णायक चिकित्सकीय राय के बाद संविधान के अनुच्छेद 226 के अंतर्गत गर्भपात की अनुमति देना संभव नहीं है। अंतरिम राहत और सहायता हालांकि, अदालत ने पीड़िता को राहत देते हुए हरियाणा सरकार को निर्देश दिया कि वह उसे कम से कम चार लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा तत्काल प्रदान करे। इसके साथ ही, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को भी कहा गया है कि वह भारतीय न्यायतंत्र संहिता (BNS) की धारा 396(4) या किसी अन्य उपयुक्त योजना के अंतर्गत पीड़िता को अतिरिक्त मुआवजा और सहायता देने पर विचार करे। यह समस्त राहत अदालती आदेश प्राप्त होने के दो महीने के भीतर दी जानी चाहिए। चिकित्सकीय देखभाल की व्यवस्था अदालत ने निर्देश दिया कि पीड़िता को चंडीगढ़ के पीजीआई (PGIMER) में भर्ती कराया जाए, जहां बच्चे के जन्म तक उसे सभी आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं और सहायता प्रदान की जाएंगी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि बच्चे के जन्म के बाद उसका डीएनए नमूना संरक्षित किया जाए और जांच अधिकारी को सौंपा जाए, ताकि आपराधिक जांच आगे बढ़ सके। यदि पीड़िता बच्चे को गोद देने की इच्छुक होती है, तो हरियाणा सरकार व संबंधित एजेंसियां बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी लेंगी और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार पालन-पोषण या गोद लेने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगी। गोपनीयता बनाए रखने का निर्देश कोर्ट ने यह स्पष्ट निर्देश दिया कि पीड़िता और उसके माता-पिता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाए। किसी भी न्यायिक, पुलिस या प्रशासनिक प्रक्रिया के दौरान उनकी पहचान उजागर नहीं की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में ‘महिला स्वास्थ्य सम्मेलन दिवस’ का भव्य आयोजन

हजारों महिलाओं ने स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पोषण संवाद और जागरूकता गतिविधियों में लिया सक्रिय भाग रायपुर, ‘स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार’ अभियान के अंतर्गत आज पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में महिला स्वास्थ्य सम्मेलन दिवस का राज्यस्तरीय आयोजन बड़े उत्साह और व्यापक सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और मातृत्व संबंधी समग्र सेवाएं प्रदान करते हुए उन्हें जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना था। राज्य के सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक फैले इस व्यापक अभियान में हजारों महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। स्वास्थ्य जांच शिविरों, टीकाकरण सत्रों, पोषण संवादों और जनजागरूकता गतिविधियों में महिलाओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम के तहत आयोजित VHSND (Village Health Sanitation and Nutrition Day) सत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा महिलाओं की हीमोग्लोबिन, रक्तचाप और शर्करा स्तर की जांच की गई। । इस दौरान 1,889 गर्भवती महिलाओं को आवश्यक टीकाकरण, पोषण संबंधी परामर्श तथा आयरन और कैल्शियम की खुराक प्रदान की गई। किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, सेनेटरी नैपकिन के प्रयोग और संक्रमण से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि संतुलित आहार, स्वच्छ जल, नियमित जांच और व्यायाम से कैसे अनेक रोगों की रोकथाम संभव है। पोषण शिक्षा, स्वच्छता व्यवहार और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उपायों पर विशेष बल दिया गया। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार: 6447 शिशुओं की स्वास्थ्य जांच 23,000 से अधिक  टीकाकरण बड़ी संख्या में किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म प्रबंधन पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, आगामी सप्ताह तक सभी जिलों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विशेष रूप से हाई-रिस्क प्रेगनेंसी, कुपोषण और अन्य जटिल स्वास्थ्य स्थितियों से ग्रस्त महिलाओं की गहन जांच की जाएगी। यह कार्यक्रम न केवल चिकित्सकीय सेवाओं का विस्तार करता है, बल्कि महिलाओं को उनके स्वास्थ्य अधिकारों, जरूरतों और आत्मनिर्भरता के प्रति भी सजग करता है। स्वास्थ्य के साथ सामाजिक सशक्तिकरण को जोड़ते हुए यह पहल प्रदेश की महिलाओं के समग्र विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है।