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रायपुर : पीएम सूर्य घर योजना: सूरज की रोशनी से रोशन हुए घर, बिजली बिल शून्य

रायपुर ऊर्जा आत्मनिर्भरता और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई “पीएम सूर्य घर योजना” से प्रदेश के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। योजना के अंतर्गत घरों की छत पर रूफटॉप सोलर पैनल लगने से अब लोग न केवल अपनी बिजली की जरूरतें पूरी कर रहे हैं, बल्कि ऊर्जा उत्पादक भी बन रहे हैं। मुंगेली जिले के विकासखण्ड पथरिया के सरगॉव ग्राम निवासी श्री लक्की पाड़े इसका उदाहरण बने हैं। उन्होंने योजना का लाभ उठाकर अपने घर पर 3 किलोवॉट का सोलर पैनल स्थापित किया। इससे उनका बिजली बिल शून्य हो गया। श्री पाड़े ने बताया कि पहले हर माह बिजली बिल की चिंता रहती थी, लेकिन अब सूरज की रोशनी से घर रोशन हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योजना में उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये और राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा आसान किश्तों में बैंक फाइनेंस और कम ब्याज दर पर ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है। योजना से न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिल रही है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। प्रदेश में इस योजना का तेजी से विस्तार हो रहा है और लोग ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

रायपुर : पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: सूरज की रोशनी से आत्मनिर्भरता की राह पर बाबा साहू

रायपुर रायगढ़ निवासी बाबा साहू की कहानी सिर्फ एक घर को रोशन करने की नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए आत्मनिर्भरता और हरित भविष्य की एक मिसाल है। अगस्त 2025 में बाबा साहू ने अपने घर की छत पर 5 किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित करके इसकी शुरुआत की। बाबा साहू ने बताया कि सरकारी बैंक से उन्हें लोन की सुविधा आसानी से मिल गई और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने कुछ ही दिनों में प्लांट का संचालन शुरू कर दिया। इस सरल और पारदर्शी प्रक्रिया ने योजना पर उनका भरोसा और भी मजबूत किया। आज उनके सोलर प्लांट से प्रतिदिन 20-25 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिससे उनके मासिक बिजली बिल में 80-90 प्रतिशत तक की भारी कमी आई है। बाबा साहू ने बताया कि सोलर प्लांट रख-रखाव बहुत कम है। वे बताते हैं कि यह योजना सिर्फ बिजली बिल कम करने का साधन नहीं है, बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का एक सशक्त माध्यम भी है। बाबा साहू शहरवासियों से कहते हैं कि हर परिवार को अपनी छत को ऊर्जा उत्पादन का साधन बनाना चाहिए, ताकि वे न सिर्फ खुद आत्मनिर्भर बनें, बल्कि एक हरित और सशक्त भविष्य के निर्माण में भी योगदान दे सकें।

अम्बेडकर अस्पताल के सर्जरी विभाग में विदेशी युवती का सफल उपचार, मरीज ने जताई कृतज्ञता

रायपुर: अम्बेडकर अस्पताल में जनरल सर्जरी विभाग ने विदेशी युवती का सफल ऑपरेशन किया अम्बेडकर अस्पताल के सर्जरी विभाग में विदेशी युवती का सफल उपचार, मरीज ने जताई कृतज्ञता रायपुर के अम्बेडकर अस्पताल में एक और विदेशी युवती का सफल ऑपरेशन, डॉक्टरों की प्रशंसा 20 वर्षीय युवती के ब्रेस्ट के बेनाइन फाइब्रो एपिथीलियल ट्यूमर की सफल सर्जरी ईस्ट अफ़्रीका के देश रवांडा की रहने वाली है मरीज इससे पहले लाइटलेम्बा, क्रिसेंट (दक्षिण अफ्रीका) की युवती का हो चुका है सफल उपचार रायपुर प्रदेश का सबसे बड़ा पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं इससे संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय लगातार अपनी उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं से न केवल प्रदेश और देश बल्कि विदेशों से आए मरीजों का भी भरोसा जीत रहा है। अनुभवी डॉक्टरों की टीम एवं उपचार प्राप्त करने की सरलतम प्रक्रिया के कारण यह अस्पताल सर्वाधिक विश्वसनीय संस्थान के रूप में अपनी पहचान व्यापक स्तर पर दर्ज कर चुका है। इसी क्रम में हाल ही में अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग में रवांडा (ईस्ट अफ़्रीका) की 20 वर्षीय युवती के लेफ्ट ब्रेस्ट के बेनाइन फाइब्रो एपिथीलियल ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया गया। जनरल सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू सिंह के नेतृत्व में हुए इस ऑपरेशन की विशेषता यह रही कि ब्रेस्ट के ट्यूमर को निकालने के बाद मरीज के भावी जीवन, विशेषकर मातृत्व अवस्था पर इस सर्जरी का कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।  डॉ. मंजू सिंह के अनुसार वर्तमान में युवती पूरी तरह ठीक है और उसे अस्पताल से छुट्टी भी दी जा रही है। ऑपरेशन के संदर्भ में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि एक 20 वर्षीय विदेशी युवती लेफ्ट ब्रेस्ट में दर्द की समस्या के साथ अस्पताल के ब्रेस्ट क्लिनिक में आई थी। जहां पर जांच के बाद पता चला कि उसके ब्रेस्ट में बेनाइन फाइब्रो एपिथेलियल ट्यूमर है। मरीज की बायोप्सी हुई। उसके बाद ब्रेस्ट की कॉस्मेसिस (Cosmesis) मेंटेन करते हुए ऑपरेशन किया गया ।  ब्रेस्ट के ट्यूमर एवं उसके आसपास के टिश्यू को हटाते हुए वाईड लोकल एक्सीजन किया गया। इस बात का ध्यान रखा गया कि ब्रेस्ट के शेप और साइज में कोई अंतर नहीं आये। साथ ही साथ सर्जरी के बाद निशान (scar) भी दिखाई नहीं दे।  पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी के कहा है कि चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के लिए यह गर्व की बात है कि यहाँ न केवल देश बल्कि विदेश से भी मरीज उपचार हेतु आ रहे हैं और स्वस्थ होकर लौट रहे हैं। जनरल सर्जरी विभाग द्वारा युवती का सफल उपचार हमारी चिकित्सा टीम की दक्षता, निष्ठा और समर्पण का प्रमाण है। मैं पूरी टीम को इस सफलता के लिए बधाई देता हूँ और विश्वास दिलाता हूँ कि हमारा संस्थान आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करता रहेगा। अम्बेडकर अस्पताल के सर्जरी विभाग की इन उपलब्धियों ने यह साबित कर दिया है कि सरकारी अस्पतालों की सेवाएँ न केवल सुलभ और किफायती हैं बल्कि उच्चस्तरीय गुणवत्तापरक भी हैं। यही कारण है कि अब विदेशी मरीज भी यहाँ उपचार के लिए आ रहे हैं। अम्बेडकर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने जानकारी देते हुए कहा है कि अम्बेडकर अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग की ओपीडी में ब्रेस्ट क्लीनिक का संचालन नियमित तौर पर किया जा रहा है। यहां पर प्रतिमाह 300 से 400 ब्रेस्ट से संबंधित समस्याओं के केस महिला डॉक्टरों के द्वारा देखे जाते हैं। आवश्यकतानुसार जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन भी किया जाता है। वर्तमान में यहां जनरल सर्जरी विभाग में ब्रेस्ट की रीडक्शन सर्जरी भी की जा रही है जिसमें स्तनों के असामान्य आकार को ऑपरेशन के जरिए सामान्य स्थिति में लाया जाता है।  मरीज का ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. मंजू सिंह के साथ डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. मनीष साहू, डॉ. कृतिका एवं डाॅ. तपिश, एनेस्थीसिया से डॉ. प्रतिभा शाह एवं डॉ. मंजुलता टंडन एवं अन्य शामिल रहे।  गौरतलब है कि इससे पहले भी जनरल सर्जरी विभाग में दक्षिण अफ्रीका की एक युवती का सफल उपचार किया जा चुका है।

सैनिकों पर खूनी हमला, TTP ने हमले की जिम्मेदारी ली

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिमी इलाके में शनिवार तड़के पाकिस्तानी तालिबान (टीटीपी) द्वारा किए गए एक घातक हमले में कम से कम 12 सैनिक मारे गए, जबकि चार अन्य घायल हो गए। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों ने इस हमले की पुष्टि समाचार एजेंसी एएफपी को की है। जानकारी के अनुसार, यह हमला दक्षिण वजीरिस्तान जिले में सुबह लगभग 4 बजे उस समय हुआ जब सेना का एक काफिला इलाके से गुजर रहा था। स्थानीय सरकारी अधिकारी ने बताया कि “दोनों ओर से भारी हथियारों से फायरिंग की गई, जिसमें 12 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई और चार घायल हुए।” हमलावर मौके से सेना का हथियार-सामान भी लेकर फरार हो गए। इलाके के सुरक्षा प्रभारी ने भी हताहतों की संख्या की पुष्टि करते हुए कहा कि हमला बेहद योजनाबद्ध और तीव्र था। पाकिस्तानी तालिबान ने ली जिम्मेदारी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन पाकिस्तानी तालिबान ने ली है जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) भी कहा जाता है। हाल के महीनों में यह हमला खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सबसे घातक घटनाओं में से एक माना जा रहा है। टीटीपी कभी इस क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति रखता था, लेकिन 2014 में पाकिस्तानी सेना के बड़े अभियान के बाद उन्हें पीछे हटना पड़ा था। हालांकि, अफगानिस्तान में 2021 में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद से सीमावर्ती इलाकों में आतंकी गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। अफगानिस्तान से तनाव भले ही टीटीपी और अफगान तालिबान अलग-अलग संगठन हैं, लेकिन दोनों के बीच नजदीकी रिश्ते माने जाते हैं। पाकिस्तान लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकियों को खत्म करने में नाकाम रहा है, जो बाद में पाकिस्तान में हमले करते हैं। वहीं, काबुल प्रशासन इन आरोपों से इनकार करता रहा है। लोगों में बढ़ी आशंका हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा के कई जिलों में इमारतों की दीवारों पर टीटीपी का नाम लिखे पोस्टर और नारे (ग्रैफिटी) दिखाई दिए हैं, जिससे आम नागरिकों में भय और यह आशंका बढ़ी है कि कहीं फिर से वह दौर न लौट आए जब तालिबान ने इस क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लिया था। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने एएफपी को बताया कि पिछले कुछ महीनों में टीटीपी लड़ाकों की आवाजाही और हमलों की आवृत्ति में काफी वृद्धि हुई है। बढ़ती हिंसा के आंकड़े एएफपी के रिकॉर्ड के मुताबिक, 1 जनवरी 2025 से अब तक खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में करीब 460 लोग आतंकी हमलों में मारे जा चुके हैं जिनमें अधिकतर सुरक्षा बलों के जवान शामिल हैं। वहीं, इस्लामाबाद स्थित सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज के अनुसार, पिछले वर्ष पाकिस्तान ने लगभग एक दशक की सबसे घातक अवधि झेली थी, जब 1,600 से अधिक लोग हिंसा में मारे गए। इनमें से लगभग आधे सैनिक और पुलिसकर्मी थे।  

गगनजीत भुल्लर ने रचा इतिहासए बने पहले आईजीपीएल इनविटेशनल चैंपियन

चंडीगढ़ लगभग दो दशक के अनुभवए शुरुआती ईगल और अंतिम चरण में शानदार बर्डी की बदौलत गगनजीत भुल्लर ने 2.अंडर 70 का स्कोर किया और इतिहास रचते हुए पहले आईजीपीएल इनविटेशनल चैंपियन बने। 11 एशियन टूर खिताब जीत चुके भुल्लर ने तीन राउंड में 70.71.70 का कार्ड बनाया और कुल 5.अंडर स्कोर के साथ दो शॉट की बढ़त से खिताब अपने नाम किया। उन्होंने चंडीगढ़ गोल्फ क्लब में हुए इस मुकाबले में एमण् धर्मा को पीछे छोड़ा। भुल्लर ने जीत के बाद कहाए श्यह जीत इतिहास के पन्नों में दर्ज होगी। कई और आईजीपीएल चैंपियन आगे आएंगेए लेकिन पहला हमेशा मैं रहूंगा।श् इस जीत के साथ भुल्लर ने 22ण्50 लाख रुपये की इनामी राशि हासिल की। उपविजेता रहे धर्मा को 15 लाख रुपये मिलेए जबकि वीर गणपतिए कार्तिक शर्मा और शौर्य बीनू ने लगभग 8ण्7.8ण्7 लाख रुपये साझा किए। धर्मा ने अंतिम राउंड में शानदार बैक नाइन खेला और कुल 70.75.68 का स्कोर कियाए लेकिन शुरुआती नौ में दो बोगी ने उन्हें पीछे कर दिया। वहींए डेब्यू कर रहे बाएं हाथ के खिलाड़ी वीर गणपति ;72.72.70द्धए कार्तिक शर्मा ;73.73.68द्ध और शौर्य बीनू ;69.72.73द्ध संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे। अनुभवी कपिल कुमार और युवा नील जॉली संयुक्त रूप से छठे स्थान पर रहे। केवल सात खिलाड़ी ही पूरे टूर्नामेंट में अंडर पार स्कोर बना सके। महिला खिलाड़ियों में वापसी कर रहीं जहान्वी बक्षी ने 73.71.75 के स्कोर के साथ 19वां स्थान हासिल किया और वे शीर्ष महिला खिलाड़ी रहीं। आईजीपीएल के सीईओ उत्तम सिंह मुंडी ने कहाए श्आईजीपीएल को हम गोल्फ का नया युग कहते हैं और यह अब शुरू हो चुका है। गगनजीत इसके उपयुक्त विजेता हैं और युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा देंगे। भुल्लर ने कहाए श्पहले आईजीपीएल चैंपियन बनकर मैं गर्व महसूस कर रहा हूं। यह टूर युवा खिलाड़ियोंए महिला खिलाड़ियों और शौकिया खिलाड़ियों को एक मंच पर लाता है। मैं चाहता हूं कि नए खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करें।श् अगला आईजीपीएल टूर्नामेंट 17 से 19 सितम्बर 2025 तक ग्रेटर नोएडा के जेपी ग्रीन्स में खेला जाएगा।  

हर मां और बच्चा सुरक्षित: बाढ़ राहत में मान सरकार का मानवीय चेहरा

पंजाब  दशकों के बाद, पंजाब एक बार फिर से बाढ़ जैसी भयानक त्रासदी से जूझ रहा है जिसने पंजाब के लोगों का जीवन तहस नहस कर दिया है। इस मुश्किल घड़ी में, जहां मान सरकार अपने लोगों के साथ एक परिवार की तरह कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और उनको जरूरत की हर चीज उपलब्ध करा रही है, वहीं महिलाओं की बुनियादी ज़रूरतों को भी पूरा करने में मान सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है और गर्भवती महिलाओं का भी ख़ास ख्याल रखा है। मान सरकार ने इन महिलाओं की देखभाल के लिए कई ज़रूरी निर्देश भी दिए हैं। आप पार्टी की युवा और महिला विंग ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों – नाभा, पठानकोट, गुरदासपुर और कई अन्य ज़िलों में राहत कार्य तेज़ कर दिए है। कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर राहत सामग्री, राशन पहुंचाया और ख़ास तौर पर महिलाओं और बच्चों की ज़रूरतों का ध्यान रखा। इसके अलावा, फ़िरोज़पुर और फाज़िल्का के राहत शिविरों में महिलाओं को सैनिटरी पैड और मच्छरदानियां भी बांटी गईं। बाढ़ प्रभावित जिलों में तैनात 11,103 से अधिक आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवाइयाँ उपलब्ध करा रही हैं और जल एवं वेक्टर जनित बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ा रही हैं। वे गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग और देखभाल को भी प्राथमिकता दे रही हैं और यह सुनिश्चित कर रही हैं कि नियमित टीकाकरण मे कोई रुकावट ना आए । मान सरकार ने बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों और गर्भवती महिलाओं की सहायता के लिए लगभग 458 रैपिड रिस्पांस टीमें, 360 मोबाइल मेडिकल यूनिट और 424 एम्बुलेंस तैनात कीं और बोट एम्बुलेंस के ज़रिए प्रसव सुविधाएं प्रदान कीं। इतना ही नहीं, सवास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए कई चिकित्सा शिविर भी लगाए और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई। इन शिविरों में प्रसव पूर्व जांच और दवाइयां भी उपलब्ध करावाई गई। गुरदासपुर में, अधिकारियों ने गर्भवती महिलाओं सहित गंभीर रूप से बीमार मरीजों को आपातकालीन स्थिति में निकालने के लिए विशेष रूप से बोट एम्बुलेंस और एक हेलीकॉप्टर तैनात किया है। इन प्रयासों से आठ गर्भवती महिलाओं को बचाया गया है, जिनमें से एक महिला ने बोट पर ही चिकित्सकीय देखरेख में सुरक्षित डिलीवरी की और स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को बचाव कार्यों के लिए सक्रिय किया एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को बचाव कार्यों के लिए सक्रिय किया गया। सतलुज नदी के पास भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाढ़ प्रभावित सीमावर्ती गांवों के निवासियों के लिए स्वास्थ्य विभाग आशा की किरण बनकर उभरा है। सिविल सर्जन डॉ. राजविंदर कौर ने बताया कि पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने विभाग को बाढ़ पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान करने, खासकर संकटग्रस्त गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित निकालने और डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन आदेशों का पालन करते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने टेंडी वाला से मंजीत कौर और कालू वाला से मनप्रीत कौर को सफलतापूर्वक बचाया और उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उन्होंने सुरक्षित रूप से अपने बच्चों को जन्म दिया। गर्भवती महिलाओं के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा निःशुल्क उपलब्ध करवाई गई। सैनिटरी नैपकिन और प्रसूति देखभाल पर काम किया इस चुनौतीपूर्ण समय में स्वास्थ्य विभाग के विशेष चिकित्सा शिविरों ने महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की हैं और प्रभावित परिवारों को हौंसला दिया है। अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक, स्वास्थ्य विभाग इस संकट में समुदाय के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा है और उनका साथ दिया है। इसलिए, आप सरकार की ये पहल स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि उन्होंने महिलाओं की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान दिया है और सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण पहलुओं – जैसे सैनिटरी नैपकिन, प्रसूति देखभाल – पर भी काम किया है, जो इस कठिन समय में महिलाओं के लिए बेहद ज़रूरी हैं। सतलुज नदी के पास के गांवों में चिन्हित 45 गर्भवती महिलाओं में से, पिछले सप्ताह चार डिलिवरियां हुई तीन सरकारी अस्पतालों में और एक निजी पैनल में।  

सउदी अरब से तस्करी का बड़ा पर्दाफाश: अंडरवियर में छुपाकर लाया गया 2.18 करोड़ का सोना पकड़ा गया

जयपुर जयपुर एयरपोर्ट पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने शुक्रवार रात एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सऊदी अरब के जेद्दा से आए एक पेसेंजर को 1.949 किलो सोना छिपाकर लाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने सोना अपने अंडरवियर में पेस्ट के रूप में छिपाया था, जिसकी बाजार कीमत करीब 2.18 करोड़ रुपये आंकी गई है। DRI ने शुक्रवार की रात जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पेसेंजर की सघन तलाशी ली, जिसमें यह भारी मात्रा में तस्करी कर लाया गया सोना बरामद हुआ। इस कार्रवाई के बाद शनिवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

समाज में अनुशासन लाने में संत, महात्मा और मुनियों का अहम योगदान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

समाज में अनुशासन लाने में संत, महात्मा और मुनियों का अहम योगदान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. यादव के अनुसार समाज को अनुशासित करने में संत-महात्माओं की महत्वपूर्ण भूमिका मुख्यमंत्री ने इंदौर में जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ के अधिवेशन में की सहभागिता इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समाज को अनुशासित रखने में संत महात्माओं और मुनियों की महती भूमिका रही है। धर्म गुरुओं के संदेश, उपदेशों से भारतीय संस्कृति अक्षुण्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में आयोजित जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ के 14 वें अधिवेशन एवं श्रीसंघ मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेश में "सेवा पखवाड़ा अभियान" शुरू किया जा रहा है। अभियान सभी जिलों में विभिन्न गतिविधियाँ और कार्यक्रम आयोजित होंगे। उन्होंने सभी से अभियान में सहभागिता का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्योग विकास, निवेश और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। गौमाताओं, गौशालाओं का संरक्षण, दुग्ध संघ के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में बेहतर कार्य हुए हैं। इन सब प्रयासों से प्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहा है। संघ मिलन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आचार्य विश्वरत्न सागर का शुभाशीष प्राप्त किया। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंगल कलश और शुभ अक्षतों की वर्षा कर स्वागत किया गया। इस दो दिवसीय समारोह में अन्य राज्यों व जिलों से धर्मावलंबी शामिल हुए। इस दौरान आचार्य विश्वरत्न सागर ने आशीष वचनों से उपस्थितजन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मुखिया अपने सरल, सहज और समन्वय भाव से प्रदेश को विकास की ओर ले जा रहे हैं। नए उद्योग और रोजगार, धार्मिक न्यास को लेकर प्रदेश में जो कार्य हुए है वे अतुल्यनीय है। सरकार ने जन हितैषी कार्यों बढ़ावा दिया है। समारोह में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी गौड़, मधु वर्मा, रमेश मेंदोला, श्वेतांबर मालवा महासंघ के पदाधिकारी, सदस्य, एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: पर्यटन को नई पहचान दिलाने के लिए जारी हैं सतत प्रयास

प्रदेश में पर्यटन को नई पहचान दिलाने हो रहे हैं निरंतर कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंबल नदी में बोटिंग कर जेट स्काय की सवारी की गांधी सागर के प्राकृतिक सौंदर्य का लिया आनंद गांधीसागर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को गांधीसागर में चंबल नदी के अद्भुत और आकर्षक प्राकृतिक नजारे का अनुभव करते हुए बोटिंग की। बोट में बैठकर उन्होंने नदी की मनोहारी छटा को निहारा और इस मनमोहक सफर का आनंद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को नई पहचान दिलाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। चंबल नदी क्षेत्र में विकसित हो रही पर्यटन गतिविधियाँ न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करेंगी बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगी। बोटिंग के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंबल नदी में जेट स्काय की सवारी भी की। पानी की लहरों पर बाइक बोट चलाते हुए मुख्यमंत्री अत्यंत प्रसन्नचित और उत्साहित नजर आए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल पर्यटन को बढ़ावा देंगी बल्कि प्रदेश की प्राकृतिक धरोहरों को देखने-समझने का नया अवसर भी प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सफारी जीप में बैठकर टेंट सिटी का भी अवलोकन किया और यहां की पर्यटन सुविधाओं एवं आकर्षक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ सांसद सुधीर गुप्ता, गरोठ विधायक चंदर सिसोदिया, कमिश्नर आशीष सिंह, आईजी उमेश जोगा, कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा सहित पर्यटक मौजूद रहे।  

नेपाल की नई सत्ता का पहला वार, सुशीला कार्की ने केपी ओली पर कसा शिकंजा

काठमांडू सुशीला कार्की को नेपाल की सत्ता संभाले हुए अभी 24 घंटे भी नहीं हुए हैं और उन्होंने ताबड़तोड़ एक्शन लेना शुरू कर दिया है. नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के ख़िलाफ़ 8 सितंबर को हुई पुलिस दमन के विरोध में एफआईआर दर्ज की गई है. ओली के खिलाफ जघन्य अपराध के आरोप में जांच की मांग करते हुए एफआईआर दर्ज की गई है.  Gen Z के आक्रोश को देखते हुए 9 सितंबर को केपी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था. जुलाई 2024 में उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी और एक साल दो महीने के बाद ही गद्दी छोड़नी पड़ी. अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की कल कर सकती हैं कैबिनेट का विस्तार नेपाल में अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की कल (रविवार) को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकती हैं. सुशीला कार्की शनिवार को पूरे दिन Gen Z प्रतिनिधियों और विभिन्न अन्य राजनीतिक और सामाजिक दलों के साथ विचार-विमर्श में व्यस्त रहीं. उनके इस व्यापक संवाद का उद्देश्य आगामी कैबिनेट विस्तार के लिए सहयोग और समर्थन जुटाना बताया जा रहा है. कार्की के निकट सूत्रों के अनुसार, सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नए सदस्यों के नामों पर कल तक अंतिम निर्णय लिया जाएगा. उम्मीद जताई जा रही है कि नामों के ऐलान के साथ उसी दिन नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण भी हो जाएगा.  हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस कैबिनेट विस्तार में विभिन्न क्षेत्रीय और जातीय प्रतिनिधियों को शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे सरकार की स्थिरता और जनसमर्थन में ग्रोथ होने की उम्मीद है. सुशीला कार्की ने रचा इतिहास 12 सितंबर, 2025 का दिन नेपाल के लिए ऐतिहासिक रहा. क्योंकि पहली बार किसी महिला को नेपाल का सत्ता संभालने का मौका मिला. सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं. इससे पहले कभी भी कोई भी महिला ने नेपाल का नेतृत्व नहीं किया था.