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दादा-दादी की संपत्ति पर पोते-पोतियों का अधिकार नहीं, जब तक माता-पिता जीवित हैं – दिल्ली HC

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पोता या पोती अपने माता-पिता के जीवित रहते संपत्ति में हिस्सेदारी का दावा नहीं कर सकते हैं। यह आदेश अदालत ने एक सिविल याचिका को खारिज करते हुए दिया, जिसमें याचिकाकर्ता कृतिका जैन ने अपने पिता राकेश जैन और चाची नीना जैन के खिलाफ दिल्ली की एक संपत्ति में एक चौथाई हिस्सेदारी का दावा किया था। न्यायमूर्ति पुरुषैन्द्र कुमार कौरव ने मामले की सुनवाई करते हुए यह निर्णय सुनाया कि कृतिका के दावे में कोई कानूनी आधार नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कृतिका की दादी-पोती का दर्जा प्रथम श्रेणी की उत्तराधिकारी के रूप में नहीं आता, जब तक उसके माता-पिता जीवित हैं। कोर्ट ने कहा कि कृतिका के दिवंगत दादा पवन कुमार जैना की ओर से जो संपत्ति खरीदी गई थी, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा आठ के तहत केवल उनकी विधवा और संतान में ही विभाजित होती है। अदालत ने कहा कि वर्ष 1956 के बाद से प्रथम श्रेणी उत्तराधिकारी की संपत्ति उनका व्यक्तिगत स्वामित्व बन गई है, जो संयुक्त परिवार की संपत्ति नहीं मानी जाएगी। अदालत ने यह भी साफ किया कि यह निर्णय समाज में व्याप्त भ्रांति को दूर करता है, जहां यह माना जाता था कि पोते-पोतियां अपने दादा-दादी की संपत्ति पर माता-पिता के रहते ही हकदार बन जाते हैं।

महाराष्ट्र सरकार के सूचना और जनसम्पर्क अधिकारियों का अध्ययन दल म.प्र. आया

अधिकारियों ने मध्यप्रदेश जनसम्पर्क की कार्यप्रणाली को सराहा भोपाल  मध्यप्रदेश राज्य सरकार की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं को राज्य के नागरिकों तक पहुँचाने के लिए मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग आधुनिक तकनीक का उपयुक्त उपयोग कर रहा है। यहाँ पारंपरिक माध्यमों के साथ नवीनतम डिजिटल और सोशल मीडिया का भी प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार के सूचना और जनसंपर्क महानिदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अध्ययन दल ने जनसंपर्क विभाग और म.प्र. माध्यम संस्थान का दौरा किया और विभाग एवं माध्यम संस्थान के कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अध्ययन दल में सूचना और जनसंपर्क महानिदेशालय के उपसंचालक (प्रशासन) श्री गोविंद अहंकारी, वरिष्ठ सहायक संचालक (सूचना) श्री नंदकुमार वाघमारे, सहायक संचालक (सूचना) श्री गजानन पाटील, सहायक संचालक (सूचना) श्री सचिन ढवण, सहायक संचालक (सूचना) श्री धोंडिराम अर्जुन शामिल थे। उप संचालक श्री अहंकारी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी में हो रही प्रगति से मीडिया में लगातार नए परिवर्तन हो रहे हैं। इन परिवर्तनों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश का जनसंपर्क विभाग उसी प्रकार से अद्यतन है। महाराष्ट्र सरकार की ओर से ऐसी नई तकनीकों को अपनाने का निरंतर प्रयास किया जाएगा। इस प्रक्रिया में यह जानना जरूरी है कि अन्य राज्यों में सूचना और प्रचार के लिए किस प्रकार आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है और क्या उससे हम कुछ नया सीख सकते हैं। सूचना प्रौद्योगिकी के नए युग में हो रहे परिवर्तनों का सामना करने के लिए महाराष्ट्र सरकार के सूचना और जनसंपर्क महानिदेशालय द्वारा अन्य राज्यों के जनसंपर्क विभाग के कार्यप्रणाली की जानकारी लेने हेतु अध्ययन दौरे आयोजित किए गए हैं। इसी क्रम में उप संचालक श्री गोविंद अहंकारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मध्य प्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग का दौरा किया।  

लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोपरि बताया, पीएम मोदी का नेपाल को सशक्त संदेश

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं सुशीला कर्की को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण का चमकदार उदाहरण है। पीएम मोदी ने इंफाल में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और नेपाल के रिश्ते साझा इतिहास, आस्था और संस्कृति पर टिके हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत नेपाल के लोगों के साथ इस परिवर्तन के समय मजबूती से खड़ा है। पीएम मोदी ने कहा, "मैं 140 करोड़ भारतीय की ओर से कर्की को बधाई देता हूं। मुझे भरोसा है कि वह नेपाल में शांति, स्थिरता और विकास का रास्ता खोलेंगी।"   सुशीला कर्की ने संभाली कमान शुक्रवार रात सुशीला कर्की ने नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। वह नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश भी रह चुकी हैं। उनकी नियुक्ति ने नेपाल की राजनीति में चल रही अनिश्चितता को खत्म किया। केपी शर्मा ओली की सरकार को सोशल मीडिया बैन के खिलाफ बड़े आंदोलन के कारण इस्तीफा देना पड़ा था। राष्ट्रपति पौडेल, सेना के शीर्ष अधिकारियों और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवाओं की बैठक के बाद कर्की को अंतरिम सरकार की कमान सौंपी गई। पीएम मोदी ने नेपाल की जनता की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में लोग राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद इमारतों को साफ और रंग रोगन कर रहे हैं। पीएम मोदी ने क्या कहा? उन्होंने कहा, "मैं नेपाल की जनता को बधाई देता हूं जिन्होंने कठिन हालात में भी लोकतंत्रिक मूल्यों को सर्वोपरि रखा।" पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि भारत और नेपाल साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं और नई दिल्ली नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा व स्थिरता में हर कदम पर उसके साथ खड़ी है।  

लोकसेवकों के लिए सर्वाधिक डिजिटल प्रशिक्षण कोर्स तैयार करने वाला पहला राज्य बना मध्यप्रदेश

डिजिटल लर्निंग प्लेटफार्म iGOT पोर्टल पर दो सौ से अधिक हिंदी के प्रशिक्षण कार्यक्रम भोपाल  मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत प्रदेश के सभी विभागों में कार्यरत लोक सेवकों की कार्यदक्षता बढ़ाने उन्हें डिजिटल लर्निंग प्लेटफार्म iGOT पोर्टल पर पंजीकृत कर लिया गया है। अभी तक 3 लाख 34 हजार लोक सेवकों को आवश्यक विषयों में प्रशिक्षण भी आवंटित किया गया जा चुका है। मध्यप्रदेश सर्वाधिक डिजिटल प्रशिक्षण iGOT पोर्टल पर निर्मित करने वाला पहला राज्य बन गया है और सबसे अधिक लोकसेवकों को iGOT पोर्टल पर पंजीकृत करने वाला तीसरा राज्य है। सभी राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण अकादमियों में म.प्र. की आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी अपने प्रयासों में अग्रणी अकादमी है। आईगाट – iGOT पोर्टल पर 1800 से अधिक अंग्रेजी तथा आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल द्वारा तैयार 200 से अधिक हिंदी के प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध हैं। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर केन्द्र सरकार द्वारा लोकसेवकों की कार्यक्षमता बढ़ाने और उनको नागरिक केन्द्र‍ित होकर कर्मयोगी के रूप में दक्षतापूर्वक अपनी भूमिका निभाने मिशन कर्मयोगी वर्ष 2020 में लागू किया गया था। यह आनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त करने का ऐसा प्लेटफार्म है जिसके माध्यम से सरकारी अधिकारी-कर्मचारी कहीं भी – कभी भी – किसी भी स्थान से अपनी सुविधानुसार स्व-प्रशिक्ष‍ित हो सकते हैं। वे अपनी दक्षता और ज्ञान बढ़ाने अपने विभाग से संबंधित विषयों पर उपलब्ध पाठयक्रमों में प्रशिक्ष‍ित हो सकते हैं। इसके अलावा अपनी रूचि अनुसान अन्य विभागों के लिए बने पाठयक्रमों में भी प्रशिक्ष‍ित हो सकते हैं। 15 से 19 सितम्बर तक कर्मयोगी iGOT पर सीखें सप्ताह का आयोजन यह प्रशिक्षण सभी विभागों में कार्यरत विभिन्न कैडर्स के लोक सेवकों के लिए प्रासंगिक है। इनमें NPS, सिविल सेवा आचरण नियम, यात्रा भत्ता नियम, भंडार क्रय नियम, RTI, E-office, जैसे अन्य कई विषयों पर पाठ्यक्रम बनाए गए हैं, जिन पर लोक सेवक प्रशिक्षित हो सकते हैं। साथ ही सभी विभागों की कार्यप्रणाली से संबंधित महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यों पर विभिन्न डिजिटल पाठ्यक्रम निर्मित किए गए हैं, जिनसे अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यस्थल पर ही प्रशिक्षण प्राप्त कर दक्ष हो सकें। अकादमी के महानिदेशक, श्री सचिन सिन्हा के नेतृत्व में आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी द्वारा 15 से 19 सितम्बर तक सभी विभागों में कर्मयोगी iGOT पर सीखें सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 15 सितम्बर को इसका शुभारंभ किया जाना प्रस्तावित है। क्षमता निर्माण नीति लागू करने में मध्यप्रदेश आगे क्षमता निर्माण आयोग से मिले इनपुट को शामिल कर बनी क्षमता निर्माण नीति लागू करने में मध्यप्रदेश अग्रणी है। सभी विभागों में क्षमता निर्माण इकाइयाँ स्थापित हो गई हैं और प्रशिक्षण की आवश्यकता का विश्लेषण करने के बाद कैडर-वार क्षमता निर्माण कार्य योजनाएँ तैयार की जा रही हैं। विभागों में क्षमता निर्माण प्रबंधकों की सेवाएँ लेने का भी प्रावधान है। उन्हें क्षमता निर्माण इकाइयों द्वारा सहयोग दिया जायेगा। क्षमता निर्माण प्रबंधकों द्वारा वार्षिक क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार की जाएंगी। विभिन्न विभागों में कार्यरत मानव संसाधन की दक्षता दर्शाने वाला एक डैशबोर्ड तैयार किया गया है, जिससे माध्यम से मुख्यमंत्री कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता की स्थिति जान सकेंगे। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली एक समिति हर 6 महीने में कर्मचारियों के प्रशिक्षण के संबंध में विभागों के प्रदर्शन पर निगरानी रखेगी, जबकि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति क्षमता निर्माण परिषद हर वर्ष इसकी समीक्षा करेगी। मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के कौशल को बढ़ाना और उनकी क्षमता में निरंतर सुधार करना है। कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश क्षमता निर्माण नीति के अनुसार पदोन्नति के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। क्षमता निर्माण नीति 2023 प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक विभाग में वेतन बजट का एक प्रतिशत अनिवार्य रूप से कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर खर्च किया जायेगा। यदि अधिक आवश्यकता हुई तो वित्त विभाग की अनुमति से इसे 2.5 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। इससे प्रत्येक कर्मचारी को आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त होगा। कर्मचारी से कर्मयोगी की ओर बदलाव की यह पहल है। इससे नियम आधारित मॉडल से भूमिका आधारित माडल बनाने की यात्रा शुरू हो गई है। यह एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। प्रशिक्षण की निरंतर आवश्यकता के मूल्यांकन के साथ वार्षिक क्षमता निर्माण प्लान बनाना आवश्यक हैं। कर्मचारियों के लिए भूमिकाओं, गतिविधियों और दक्षताओं की रूपरेखा बनाना अब अनिवार्य है। सेल्फ लर्निंग पोर्टल आईगाट के अधिकाधिक उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नई क्षमता निर्माण योजना में कर्मचारियों की भूमिका को अधिक सार्थक और उपयोगी बनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश ने अपनी क्षमता निर्माण नीति को डिजाइन करने और लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाई है, जिसमें क्षमता निर्माण आयोग के इनपुट शामिल हैं।  

मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग का हुआ 31वाँ स्थापना दिवस समारोह

भोपाल  लोकायुक्त न्यायमूर्ति श्री सत्येन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि डिजिटल स्पेस में मानव अधिकार संरक्षण एक बड़ी चुनौती है। साइबर स्पेस की व्यापकता एवं पहचान छुपाने की तकनीक ने डिजिटल स्पेस में मानवाधिकारों के उल्लंघन को निवारित करने और उन्हें दण्डित करने को अत्यंत दुष्कर बना दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में मानव अधिकारों को साइबर सुरक्षा के माध्यम से संरक्षित कर डिजिटल क्रांति का लाभ समाज को व्यापक रूप से उपलब्ध कराने की चुनौती हमारे समक्ष है। श्री सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग द्वारा इस चुनौती को स्वीकार कर "साइबर सुरक्षा एवं मानव अधिकार'' विषय पर संगोष्ठी का आयोजन कर प्रशंसनीय कार्य किया गया है। श्री सिंह प्रशासन अकादमी भोपाल में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के 31वें स्थापना दिवस समारोह में "साइबर सुरक्षा एवं मानव अधिकार'' की संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री राजीव कुमार टण्डन ने कहा कि साइबर सुरक्षा व मानव अधिकार एक प्रासंगिक विषय है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में मानव अधिकार आयोग की स्थापना 13 सितम्बर, 1995 को की गयी थी। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग द्वारा विगत 30 वर्षों में की गयी अनुशंसाओं के अनुरूप शासन एवं संबंधित विभागों की कार्य-प्रणाली में आवश्यक परिवर्तन कर सुशासन की दिशा में प्रयास किये गये हैं। उन्होंने कहा कि आयोग में विगत 5 वर्षों में 45 हजार 900 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 44 हजार 551 शिकायतों का निपटारा किया गया। श्री टण्डन ने कहा कि आयोग द्वारा नवाचार करते हुए "आयोग आपके द्वार" कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें जिला स्तर पर मानव अधिकारों से संबंधित शिकायतों का जन-सुनवाई के माध्यम से स्थानीय स्तर पर निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी तक प्रदेश के 34 जिलों में जन-सुनवाई की गयी है। "साइबर सिक्योरिटी और मानव अधिकार इंटरसेक्शन'' विषय पर हुआ मंथन "साइबर सिक्योरिटी और मानव अधिकार इंटरसेक्शन'' के मंथन में विशेषज्ञों ने डिजिटल युग में बढ़ती चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज मानव अधिकार केवल भौतिक जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑनलाइन दुनिया में भी उनकी सुरक्षा उतनी ही आवश्यक है। साइबर अपराध, डेटा चोरी, फेक न्यूज और ऑनलाइन उत्पीड़न जैसी समस्याएँ नागरिकों के निजता के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सुरक्षा से सीधे जुड़ी हुई है। विषय-विशेषज्ञों ने बताया कि डिजिटल प्लेटफार्म पर सुरक्षा और स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्षरता और जिम्मेदार उपयोग के लिये जागरूक होना जरूरी है। विशेषज्ञों ने यह संदेश दिया कि डिजिटल युग में मानव अधिकार और साइबर सिक्योरिटी एक-दूसरे के पूरक हैं, विरोधी नहीं। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली सुश्री एन.एस. नप्पिनाई ने कहा कि साइबर डोमेन में सब एक-दूसरे की नजर में हैं। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा की आवश्यकता है, डरने की नहीं। कार्यकारी निदेशक, पीडब्ल्यूसी इण्डिया, हैदराबाद श्री कृष्ण शास्त्री पेड्ंयाला ने कहा कि डी-कॉमर्स के समय में मानव अधिकारों का संरक्षण आवश्यक है। निदेशक राजीव गाँधी लॉ सेंटर एन.एल.आई.ई.यू., भोपाल प्रो. अतुल पाण्डे ने कहा कि प्रगति के 5वें सौपान में डिजिटल सुरक्षा के उपाय जरूरी हैं। सभी विशेषज्ञों ने "साइबर सुरक्षा एवं मानव अधिकार'' विषय पर पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से उद्बोधन दिया और साइबर सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर जानकारी साझा की। कार्यक्रम में मानव अधिकार आयोग द्वारा "साइबर सुरक्षा एवं मानव अधिकार'' विषय पर आधारित स्मारिका का विमोचन हुआ और आयोग की नवीन वेबसाइट www.hrc.mp.gov.in का लोकार्पण किया गया। मानव अधिकार आयोग के प्रमुख सचिव श्री मुकेश चंद गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। आयोग के उप सचिव श्री डी.एस. परमार ने आभार प्रदर्शन किया। मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री टण्डन ने सभी अति‍थियों को स्मृति-चिन्ह भेंट किये। कार्यक्रम में आयोग के पूर्व पदाधिकारी, विभाग/संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस अधिकारी, विधि संकाय के प्राध्यापक, विधि संकाय के विद्यार्थी और आयोग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। 

धीरेंद्र शास्त्री ने उठाए सवाल: शराब सस्ती, दवा महंगी – विकास का ये कौन सा मॉडल?

गयाजी बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शनिवार को गयाजी पहुंचे। वह दिल्ली से विमान द्वारा गया हवाई अड्डे पर उतरे, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। एयरपोर्ट से उन्हें सीधे बोधगया स्थित संबोधि रिसॉर्ट ले जाया गया। यहां वे कई दिनों तक प्रवास करेंगे और यहीं से पिंडदान व तर्पण जैसे कर्मकांड संपन्न करेंगे। इससे पहले, गया एयरपोर्ट पर आईएएनएस से बात करते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि गया नगरी भगवान बुद्ध और भगवान विष्णु दोनों की तपोभूमि है। सनातन धर्म में गयाजी का विशेष महत्व है, खासकर पितृ कर्म के लिए। उन्होंने कहा, 'हर साल की तरह इस साल भी मैं अपने पितरों के श्राद्ध हेतु गया जी आया हूं।' धीरेंद्र शास्त्री ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का संदेश भी दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत पहले से ही अघोषित रूप से हिंदू राष्ट्र है और अब इसे घोषित रूप से हिंदू राष्ट्र होना चाहिए। उन्होंने बताया कि 7 नवंबर से 16 नवंबर तक वृंदावन से दिल्ली तक पैदल यात्रा आयोजित की जाएगी, जिसका उद्देश्य इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके लिए देश में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं निशुल्क होनी चाहिए। वर्तमान व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, 'आज इस देश में शराब सस्ती और दवाएं महंगी हैं, इस पर विचार करने की आवश्यकता है।' वहीं नेपाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता पर प्रतिक्रिया देते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि पड़ोसी देश में हो रही हिंसा को देखते हुए हमें भी सतर्क रहने की जरूरत है। दिल्ली से गया की फ्लाइट में भी पंडित धीरेंद्र शास्त्री के अनुयायियों का उत्साह देखने को मिला। एक महिला यात्री राजकुमारी, जो लंदन में कारोबार करती हैं, उसने कहा कि विमान में ही गुरुजी के दर्शन कर लिए। उन्होंने बताया कि लंदन में भी गुरुजी से उनकी मुलाकात हो चुकी है। राजकुमारी ने कहा कि गुरुजी ने हमें बोधगया में रिसॉर्ट पर आने का निमंत्रण दिया है। उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगा। इसी उड़ान में लंदन से आए वरुण ऋषि ने भी कहा कि उन्होंने गुरुजी का दर्शन किया और यह उनके लिए सौभाग्य की बात रही। उन्होंने कहा कि गुरुजी के आशीर्वाद और बालाजी की कृपा से निश्चित रूप से भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा।

‘आमीन’ कहने पर LKG बच्चे को लेकर स्कूल में विवाद, शिक्षा नीति पर बहस तेज

बिजनौर  उत्तर प्रदेश में बिजनौर जिले के मंडावर इलाके के एक स्कूल में एक महिला ने अपने छोटे बेटे के स्कूल में धर्म के खिलाफ शिक्षा दिए जाने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। महिला का कहना है कि उसके बेटे को स्कूल में प्रार्थना के बाद 'आमीन' कहने को कहा जाता है, जो उसकी धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ है। LKG बच्चे ने बताया, टीचर प्रार्थना के बाद 'आमीन' बोलने को कहती सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मां ने बताया कि उसका बेटा LKG (छोटी कक्षा) में पढ़ता है। एक दिन जब बच्चा घर आया तो उसने खाना खाने से पहले प्रार्थना की और अंत में 'आमीन' कहा। जब महिला ने बच्चे से पूछा कि यह कौन सिखाता है, तो बच्चे ने बताया कि उनकी स्कूल की शिक्षिका प्रार्थना के बाद सभी बच्चों को 'आमीन' बोलने के लिए कहती हैं। महिला ने इस बात पर स्कूल से सवाल किया, तो कक्षा की शिक्षिका ने बताया कि यह पहले होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होता। महिला को यह जवाब मान्य नहीं था, इसलिए उसने स्कूल प्रबंधन से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा। मां ने स्कूल प्रबंधन से मांगा स्पष्टीकरण, इलाके में धार्मिक शिक्षा पर छिड़ी बहस महिला का कहना है कि स्कूल को बच्चों को धर्म के खिलाफ शिक्षा देने से बचना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी कोई घटना ना हो। इस मामले को लेकर स्कूल के बाहर महिला ने जोरदार हंगामा किया। वहीं स्कूल प्रबंधन ने भी माना कि पहले ऐसा होता था, लेकिन अब नहीं। फिलहाल इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन इस घटना ने इलाके में धार्मिक शिक्षा को लेकर चर्चा और बहस छेड़ दी है। लोग चाहते हैं कि स्कूलों में सभी बच्चों को धर्मनिरपेक्ष और संवेदनशील शिक्षा दी जाए। 

आरक्षक संवर्ग की सीधी भरती हेतु चयन परीक्षा-2025

ऑनलाइन आवेदन 15 सितम्बर से, परीक्षा 30 अक्टूबर को भोपाल  मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा पुलिस मुख्यालय, गृह विभाग (पुलिस) के अंतर्गत पुलिस आरक्षक के 7500 पदों के लिए "आरक्षक संवर्ग की सीधी भरती हेतु चयन परीक्षा-2025" का विज्ञापन 14 सितम्बर 2025 को प्रकाशित किया जा रहा है। परीक्षा के आवेदन-पत्र 15 सितम्बर से 29 सितम्बर 2025 तक ऑनलाईन लिये जायेंगे। परीक्षा का आयोजन 30 अक्टूबर 2025 से प्रदेश के संभावित 11 शहरों- भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रीवा, रतलाम, सागर, सतना, सीधी और उज्जैन में किया जायेगा। परीक्षा की नियम पुस्तिका मंडल की वेबसाईट www.esb.mp.gov.in पर प्रदर्शित की गई है। आवेदक इसे डाउनलोड कर प्रावधान अनुसार अपना आवेदन पत्र भर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा पर शुरू हुआ अमल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता दिवस पर पुलिस आरक्षकों की भर्ती संबंधी घोषणा पर अमल शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर 22 हजार 500 पुलिस आरक्षकों की भर्ती का निर्णय लिया। उन्होंने कहा था कि ये सभी भर्तियां आगामी 3 साल में कर दी जाएंगी। प्रत्येक वर्ष 7500 भर्तियां का लक्ष्य रखा गया है। पहले वर्ष में की जाने वाली भर्ती कर्मचारी चयन मंडल से और आगामी 2 वर्षों की भर्तियां म.प्र. पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा की जाएँगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में आरक्षक भर्ती के लिये पुलिस भर्ती बोर्ड गठन की भी घोषणा की है।  

सोनीपत से गुरुग्राम तक सफर हुआ आसान, जानिए नई सुविधा के बारे में

सोनीपत सोनीपत बस अड्डे से साइबर सिटी गुरुग्राम के लिए रोडवेज की वातानुकूलित (एसी) बस द्वारका एक्सप्रेस पर फर्राटा भरने लगी है। यात्रियों को 93 किलोमीटर का सफर 80 रुपये में तय करवाया जा रहा है। सोनीपत से आईजीआई एयरपोर्ट तक 64 रुपये में जा सकेंगे। रोडवेज की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए किराया सूची जारी कर दी गई है। यह बस दिल्ली आईएसबीटी के बजाय द्वारका एक्सप्रेस वे के जरिए सीधे गुरुग्राम पहुंचने लगी है। सोनीपत बस अड्डे से नियमित एसी बस सेवा सुबह 6:30 बजे से शुरू हो गई। यह बस द्वारका एक्सप्रेस-वे से होते हुए डेढ़ घंटे में गुरुग्राम पहुंच रही है। इससे पहले सोनीपत से गुरुग्राम के लिए सीधी बस सेवा उपलब्ध नहीं थी। बस स्टैंड से जयपुर रूट पर छह बसें ही गुरुग्राम होकर जाती हैं, लेकिन बसों को दिल्ली आईएसबीटी होते हुए चलाया जा रहा है। यात्रियों को दिल्ली आईएसबीटी पर कुछ देर रुकना पड़ता है, जिससे उनका समय बर्बाद होता है। अब नई बस सेवा शुरू होने से न सिर्फ यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि रोजाना सफर करने वाले कामकाजी लोगों के लिए भी यह सुविधा मिलेगी। नवरात्र में श्रद्धालुओं को मिलेगा लाभ : नवरात्र के दौरान गुरुग्राम स्थित माता शीतला देवी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सोनीपत से भी श्रद्धालु नवरात्रि में माता शीतला देवी के दर्शन के लिए गुरुग्राम जाते हैं। इन श्रद्धालुओं को भी सीधी बस सेवा से काफी सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री ने इंदौर में जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ के अधिवेशन में की सहभागिता

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समाज को अनुशासित रखने में संत महात्माओं और मुनियों की महती भूमिका रही है। धर्म गुरुओं के संदेश, उपदेशों से भारतीय संस्कृति अक्षुण्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में आयोजित जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ के 14 वें अधिवेशन एवं श्रीसंघ मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेश में "सेवा पखवाड़ा अभियान" शुरू किया जा रहा है। अभियान सभी जिलों में विभिन्न गतिविधियाँ और कार्यक्रम आयोजित होंगे। उन्होंने सभी से अभियान में सहभागिता का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्योग विकास, निवेश और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। गौमाताओं, गौशालाओं का संरक्षण, दुग्ध संघ के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में बेहतर कार्य हुए हैं। इन सब प्रयासों से प्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहा है। संघ मिलन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आचार्य विश्वरत्न सागर का शुभाशीष प्राप्त किया। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंगल कलश और शुभ अक्षतों की वर्षा कर स्वागत किया गया। इस दो दिवसीय समारोह में अन्य राज्यों व जिलों से धर्मावलंबी शामिल हुए। इस दौरान आचार्य विश्वरत्न सागर ने आशीष वचनों से उपस्थितजन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मुखिया अपने सरल, सहज और समन्वय भाव से प्रदेश को विकास की ओर ले जा रहे हैं। नए उद्योग और रोजगार, धार्मिक न्यास को लेकर प्रदेश में जो कार्य हुए है वे अतुल्यनीय है। सरकार ने जन हितैषी कार्यों बढ़ावा दिया है। समारोह में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी गौड़, श्री मधु वर्मा, श्री रमेश मेंदोला, श्वेतांबर मालवा महासंघ के पदाधिकारी, सदस्य, एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।