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यूपी के वाहन मालिकों को बड़ी राहत… 5 साल के सभी ई-चालान होंगे माफ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने एक अहम और ऐतिहासिक फैसला लिया है. राज्य में 2017 से 2021 तक बने लाखों ई-चालान अब कानून के तहत स्वतः समाप्त माने जाएंगे. यानी जिन चालानों पर अदालतों में कार्रवाई लंबित थी या जो समय-सीमा से बाहर हो चुके हैं, वे अब मान्य नहीं रहेंगे. इस कदम से प्रदेशभर के वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी. इस फैसले के साथ ही फिटनेस, परमिट, वाहन ट्रांसफर और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) जैसी सेवाओं पर लगे अवरोध हट जाएंगे. यानी अब पुराने ई-चालानों की वजह से वाहन मालिकों को इन सेवाओं में अड़चन नहीं होगी. कितने चालान थे लंबित? परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2017 से 2021 के बीच कुल 30,52,090 ई-चालान काटे गए थे. इनमें से 17,59,077 पहले ही निस्तारित हो चुके हैं, जबकि 12,93,013 चालान अब तक लंबित हैं. इनमें से 10,84,732 चालान कोर्ट में पेंडिंग हैं जबकि 1,29,163 चालान ऑफिस स्तर पर पेंडिंग हैं. अब ये सभी चालान खुद खत्म हो जाएंगे. एक महीने के भीतर सभी चालानों की स्थिति पोर्टल पर अपडेट कर दी जाएगी और जनता आसानी से ई-चालान पोर्टल पर जाकर अपने वाहन/चालान का स्टेटस देख सकेगी. क्यों लिया गया ये फैसला? परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह द्वारा आदेश में बताया गया कि यह फैसला जनहित, पारदर्शिता और कानून के पालन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. लंबे समय से कोर्ट में पड़े छोटे-मोटे चालानों से न्यायपालिका और प्रवर्तन तंत्र पर अनावश्यक बोझ बढ़ रहा था. इनकी वसूली लगभग असंभव हो चुकी थी. हाई कोर्ट ने भी कई आदेशों में साफ कहा कि ऐसे ई-चालान “by operation of law” अब समाप्त माने जाएंगे. राज्य सरकार ने नए कानून और अदालत के निर्देशों के बाद इसे पोर्टल स्तर पर लागू करने का आदेश जारी किया है. किन पर लागू नहीं होगा यह आदेश? यह राहत टैक्स रिकवरी से जुड़े चालानों पर लागू नहीं होगी. यानी मोटर व्हीकल्स टैक्सेशन एक्ट के तहत बकाया टैक्स वाले मामलों पर कार्रवाई अलग से जारी रहेगी. इसी तरह, गंभीर दुर्घटनाओं, IPC से जुड़े मामलों या शराब पीकर वाहन चलाने जैसे प्रकरण इस दायरे से बाहर रखे गए हैं. इन धाराओं में शामिल चालानों को खत्म नहीं किया जाएगा. जनता को कैसे फायदा होगा? इसका सीधा लाभ वाहन मालिकों को मिल सकेगा क्योंकि इससे वाहन सेवाएं आसान हो जाएंगी. अब फिटनेस, परमिट, ट्रांसफर या HSRP के लिए आवेदन करते समय पुराने ई-चालानों की वजह से रुकावट नहीं आएगी. इसके अलावा लाखों वाहन मालिकों पर से पुराने केस हट जाएंगे और उन्हें कानूनी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. खासकर ऑटो, ट्रांसपोर्ट और टैक्सी ऑपरेटरों के लिए यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है. आगे क्या होगा? 30 दिन के भीतर सभी जिलों के RTO/ARTO दफ्तर लंबित चालानों की स्थिति बदलकर पोर्टल पर “Disposed-Abated” या “Closed-Time Bar” कर देंगे. एक महीने बाद वाहन मालिक पोर्टल पर लॉगिन करके देख सकेंगे कि उनका चालान खत्म हुआ या नहीं. हाई कोर्ट के जिन मामलों में खास तौर पर आदेश दिए गए हैं, वहां सात दिन के भीतर चालान पोर्टल से हटा दिए जाएंगे.

प्रसिद्ध कवि सुरजीत नवदीप का निधन, सीएम साय ने जताया गहरा शोक

रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य के कवि, धमतरी जिला हिंदी साहित्य समिति के संरक्षक सुरजीत नवदीप के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शोक जताया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य कवि, अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों के लोकप्रिय मंच संचालक, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व सदस्य और धमतरी जिला हिंदी साहित्य समिति के संरक्षक सुरजीत नवदीप के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। यह हिंदी साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। सीएम ने कहा, नवदीप जी की सहज हास्य-व्यंग्य शैली, समाज की विसंगतियों पर गहरी दृष्टि और मंचीय उपस्थिति ने हिंदी साहित्य को नई ऊंचाइयां दी। आपकी रचनाएं और आपका व्यक्तित्व सदैव साहित्य प्रेमियों को प्रेरित करता रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति दें।     प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य कवि, अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों के लोकप्रिय मंच संचालक, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व सदस्य और धमतरी जिला हिंदी साहित्य समिति के संरक्षक श्री सुरजीत नवदीप जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। यह हिंदी साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

धर्म परिवर्तन और लव जिहाद मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्त कार्रवाई, चार राज्यों से रिपोर्ट तलब

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरण विरोधी कानून पर यूपी-उत्तराखंड समेत 4 राज्यों से जवाब मांगा है. कोर्ट ने इन कानूनों पर रोक लगाने वाली याचिका पर राज्यों से चार हफ्ते में जवाब मांगा है. इस संबंध में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान को नोटिस जारी किया गया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने चार हफ्ते में राज्यों को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है. वहीं, अब अगली सुनवाई 6 हफ्ते बाद होगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यों के जवाब दाखिल होने के बाद कानून पर रोक लगाने की मांग पर विचार किया जाएगा. याचिकाकर्ताओं में जमीयत उलेमा ए हिंद और सिटीजन फॉर जस्टिस एंड पीस जैसे कई संगठन शामिल हैं.   याचिकाओं में कहा गया है कि यह कानून अलग-अलग धर्मों से ताल्लुक रखने वाले जोड़ों को परेशान करने का जरिया बन गए है. इनकी आड़ में किसी को भी धर्मांतरण के आरोप में फंसाया जा सकता है. SC ने चार राज्यों से मांगा जवाब लव-जिहाद और गैरकानूनी तरीके से धर्म परिवर्तन के खिलाफ यूपी,उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और मध्यप्रदेश और गुजरात में बने कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है.  

ट्रम्प-सहबाज शरीफ मुलाकात की अटकलें, UNGA के दौरान हो सकती है बातचीत

वाशिंगटन  यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ की जल्द मुलाकात हो सकती है. यह मुलाकात न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान हो सकती है. पाक पीएम 26 सितंबर को UNGA में अपना भाषण देंगे, इसके बाद दोनों की अलग से मुलाकात की संभावना है. इस दौरान आसीमन मुनीर भी मौजूद रह सकते हैं. सूत्रों के हवाले से बताया कि मुनीर को फील्ड मार्शल का पद दिए जाने के बाद से वह द्विपक्षीय वार्ताओं में सक्रिय रूप से शरीफ के साथ रहे हैं. मुनीर को यह पद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दिया गया, इस दौरान पाकिस्तान के अंदर बहावलपुर और मुरीदके में भारतीय सेना ने आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया था.   इससे कुछ महीने पहले ही मुनीर अमेरिका पहुंचे थे और ट्रंप द्वारा आयोजित डिनर में भी शामिल हुए थे. इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि मुनीर से मिलकर उन्हें सम्मानित महसूस हुआ और दोनों के बीच ईरान-इजराइल संघर्ष से उत्पन्न स्थिति पर बातचीत हुई है. ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि अमेरिका ईरान पर हमला करने के लिए पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा है. जब ट्रंप और मुनीर की बैठक हुई थी तब विदेश मंत्री मार्को रुबियो और मध्य पूर्व के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ भी मौजूद थे. मुनीर के साथ पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल असीम मलिक भी मौजूद थे.

TMC सांसद यूसुफ पठान की राहत नहीं, हाईकोर्ट ने अतिक्रमण मामले में आवेदन ठुकराया

अहमदाबाद  गुजरात हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए यूसुफ पठान को अतिक्रमणकारी करार दिया है. पूर्व क्रिकेटर व वर्तमान टीएमसी सांसद यूसुफ पठान पर सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप है. हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि जल्द ही जमीन को खाली किया जाए. अतिक्रमण के संबंध में यूसुफ पठान की तरफ से याचिका कोर्ट में दायर की गई थी. हाईकोर्ट ने पठान की याचिका खारिज करते हुए उसे अतिक्रमणकारी करार दिया है. वडोदरा के भूखंड को खाली करने का आदेश गुजरात हाईकोर्ट ने पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस सांसद यूसुफ पठान को वडोदरा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का दोषी पाया है. कोर्ट ने उन्हें विवादित भूखंड को खाली करने का आदेश दिया है. इस फैसले में कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि सेलिब्रिटी कानून से ऊपर नहीं हो सकते और उन्हें विशेष छूट देना समाज के लिए गलत संदेश देता है. सिंगल बेंच ने की सुनवाई न्यायमूर्ति मोना भट्ट की सिंगल बेंच ने यह फैसला सुनाया, जिसमें यूसुफ पठान की याचिका खारिज कर दी गई जिसमें उन्होंने अपने बंगले से सटे सरकारी भूखंड पर कब्जा बनाए रखने की अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने क्या कहा? हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा सेलिब्रिटीज का समाज पर गहरा प्रभाव होता है. यदि उन्हें कानून तोड़ने के बावजूद छूट दी जाती है तो इससे न्यायिक व्यवस्था पर से जनता का भरोसा कमजोर होता है. ऐसे व्यक्तियों की जिम्मेदारी आम नागरिकों से ज्यादा होती है. क्या है मामला यह विवाद वर्ष 2012 में शुरू हुआ था. वडोदरा नगर निगम ने यूसुफ पठान को सरकारी जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया था. पठान ने इस नोटिस को चुनौती दी और गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया. उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि उनके और उनके भाई इरफान पठान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें वह जमीन खरीदने की अनुमति दी जाए. उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री को भी इस संबंध में आवेदन दिया था. सरकार का क्या रुख रहा यूसुफ पठान की अर्जी को नगर निगम ने राज्य सरकार को भेजा था, लेकिन वर्ष 2014 में सरकार ने भूमि आवंटन के प्रस्ताव को खारिज कर दिया. इसके बावजूद पठान ने जमीन पर कब्जा बनाए रखा, जससे मामला कानूनी कार्रवाई तक पहुंचा।

Vivo Y31 5G सीरीज़ आई मार्केट में, दमदार बैटरी और 50MP कैमरा बना हाइलाइट

नई दिल्ली, Vivo Y31 सीरीज भारत में लॉन्च हो गई है. ये कंपनी की Y-सीरीज में लेटेस्ट एडिशन है, जिसे कंपनी इस हफ्ते लॉन्च किया है. इस सीरीज में दो स्मार्टफोन- Vivo Y31 5G और Vivo Y31 Pro 5G लॉन्च हुए हैं, जो दमदार फीचर्स के साथ आते हैं. दोनों ही फोन्स मिड रेंज बजट यूजर्स को टार्गेट करते हैं. कंपनी ने नॉन-प्रो मॉडल में डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया है, जो LED फ्लैश के साथ आता है. वहीं प्रो वेरिएंट में भी कंपनी ने डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया है. दोनों ही फोन्स दो कलर ऑप्शन में उपलब्ध होंगे. आइए जानते हैं इनकी कीमत और खास फीचर्स. कितनी है कीमत? Vivo Y31 5G को कंपनी ने 14,999 रुपये में लॉन्च किया है. ये कीमत फोन के 4GB RAM + 128GB स्टोरेज वेरिएंट की है. वहीं फोन का 6GB RAM + 128GB स्टोरेज वेरिएंट 16,499 रुपये में आता है. स्मार्टफोन रोज रेड और डायमंड ग्रीन कलर में मिलेगा. वहीं Vivo Y31 Pro 5G को कंपनी ने 18,999 रुपये में लॉन्च किया है. ये कीमत फोन के 8GB RAM + 128GB स्टोरेज वेरिएंट की है. वहीं 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 20,999 रुपये है. ये फोन माचा ब्राउन और ड्रीमी वॉइट में आता है. दोनों ही फोन्स को आप फ्लिपकार्ट से खरीद सकते हैं. क्या हैं स्पेसिफिकेशन्स? Vivo Y31 5G डुअल सिम सपोर्ट मिलता है. स्मार्टफोन Android 15 पर बेस्ड FuntouchOS 15 पर काम करता है. इसमें 6.68-inch का LCD डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आता है. स्मार्टफोन Snapdragon 4 Gen 2 प्रोसेसर पर काम करता है. फोन में 50MP + 0.08MP का डुअल रियर कैमरा सेटअप मिलता है. वहीं फ्रंट में 8MP का सेल्फी कैमरा दिया गया है. स्मार्टफोन 6500mAh की बैटरी और 44W की चार्जिंग सपोर्ट करता है. सिक्योरिटी के लिए इसमें साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है. वहीं प्रो वेरिएंट की बात करें, तो इसमें 6.72-inch का LCD डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है. स्मार्टफोन MediaTek Dimensity 7300 प्रोसेसर के साथ आता है. इसमें भी डुअल रियर और 8MP का फ्रंट कैमरा मिलता है. बैटरी भी स्टैंडर्ड मॉडल वाली ही मिलती है.

सैलजा का दावा: हरियाणा में अपराधियों पर नियंत्रण खो गया, कानून-व्यवस्था ध्वस्त

सिरसा  सिरसा की सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने हरियाणा की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस की लापरवाही से अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सैलजा ने कहा कि सोमवार को सोनीपत, पलवल, बहादुरगढ़ और पानीपत में हुई चार हत्याएं इस बात का सबूत हैं कि अपराध पर काबू पाने में सरकार पूरी तरह नाकाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव-गांव और शहर-शहर में फैला नशे का नेटवर्क युवाओं को बर्बाद कर रहा है और अपराध को बढ़ावा दे रहा है। यह कारोबार सरकार की शह पर फल-फूल रहा है। एसपीआई रिपोर्ट में हरियाणा असुरक्षित सैलजा ने कहा कि सोशल प्रोग्रेस इंडेक्स (एसपीआई) रिपोर्ट ने हरियाणा को असुरक्षित राज्यों में गिना है। अपहरण, हत्या, लूट और महिलाओं से छेड़छाड़ की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। सांसद ने कहा कि पुलिस प्रशासन राजनीतिक दबाव में पंगु हो चुका है। अपराधियों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि लापता लोगों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। भाजपा सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग सैलजा ने मांग की कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई हो, नशे के नेटवर्क को तोड़ा जाए और पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के 11 साल के शासनकाल में अपराध ही अपराध बढ़े हैं और जनता अब भय व असुरक्षा में नहीं जी सकती। कांग्रेस इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेगी।

महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट का फटकार, जल्द कराए जाएं चुनाव

मुंबई  महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव कराने की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि 31 जनवरी 2026 तक महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव कराए जाएं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य चुनाव आयोग स्थानीय निकाय के चुनाव की तारीख आगे नहीं बढ़ाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने 31 अक्टूबर तक परिसीमन की प्रक्रिया पूरा किए जाने का आदेश दिया है. कोर्ट ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि कर्मचारियों को रिटर्निंग ऑफिसर के तौर पर तुरंत नियुक्त करे. राज्य निर्वाचन आयोग दो सप्ताह में कर्मचारियों की लिस्ट मुख्य सचिव को सौंपनी है. राज्य चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ईवीएम की उपलब्धता पर 31 नवंबर तक सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करें. कोर्ट ने पूछा- क्या हो चुके चुनाव? यह आदेश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने दिया है. कोर्ट ने मई में स्थानीय निकाय चुनाव कराने के लिए एक अंतरिम आदेश पारित किया था, जो ओबीसी के लिए आरक्षण लागू करने से संबंधित मुकदमेबाजी के कारण 2022 से रुके हुए थे. कोर्ट ने पूछा कि क्या चुनाव हो चुके हैं? मई में आदेश दिया गया था कि चुनाव 4 महीने (सितंबर के अंत तक) में होने थे. महाराष्ट्र के वकील ने कोर्ट को बताया कि प्रक्रिया चल रही है, परिसीमन हो चुका है. राज्य चुनाव आयोग कुछ समय बढ़ाने की मांग कर रहा है, इसके लिए एक अर्जी भी दाखिल की गई है. SC ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा कि हम आपको जनवरी तक का समय क्यों दें? महाराष्ट्र सरकार की तरफ से कहा गया कि 29 नगर निगम हैं, पहली बार एक साथ चुनाव हो रहे हैं. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए महाराष्ट्र सरकार के वकील से कहा कि आपकी निष्क्रियता आपकी अक्षमता को दर्शाती है, हमें कारण बताया जाए. महाराष्ट्र सरकार के वकील ने कहा कि हमारे पास 65,000 ईवीएम मशीनें हैं, 50,000 और चाहिए, इसके लिए हमने ऑर्डर दे दिए हैं.  

उद्योग-धंधों की तरक्की के लिए विश्वकर्मा पूजा कैसे करें?

हिंदू धर्म में भगवान विश्वकर्मा को देव शिल्पकार और वास्तुकला, उद्योग-धंधों तथा तकनीक के देवता माना गया है. हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को विश्वकर्मा जयंती और विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया जाता है. इस दिन कारखानों, दुकानों, उद्योग-धंधों, ऑफिसों और मशीनों की विशेष पूजा की जाती है. मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा की कृपा से कारोबार में तरक्की, कार्यस्थल पर सुख-समृद्धि और मशीनों में कभी कोई खराबी नहीं आती. कौन हैं भगवान विश्वकर्मा? भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के पहले इंजीनियर और वास्तुकार के रूप में जाना जाता है. शास्त्रों के अनुसार, उन्होंने देवताओं के लिए अस्त्र-शस्त्र, महल और नगरों का निर्माण किया. महाभारत काल की द्वारका नगरी, लंका, इंद्रप्रस्थ, और भगवान शिव के त्रिशूल का निर्माण भी उन्होंने ही किया था. यही वजह है कि उन्हें निर्माण और रचना का देवता माना जाता है. विश्वकर्मा पूजा की शुभ तिथि और मुहूर्त     पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 16 सितंबर 2025, रात 09:41 बजे     पूर्णिमा तिथि समाप्त: 17 सितंबर 2025, शाम 07:12 बजे     पूजन का शुभ समय: 17 सितंबर को सुबह 07:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक सर्वश्रेष्ठ रहेगा. विश्वकर्मा पूजन विधि इस दिन सबसे पहले, सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें. अपने कार्यस्थल, मशीनों, और औजारों को अच्छी तरह साफ करें. पूजा के लिए एक चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं. भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. साथ में भगवान विष्णु की मूर्ति भी स्थापित की जा सकती है. हाथ में जल लेकर संकल्प लें और गणेश जी की पूजा से आरंभ करें, क्योंकि हर शुभ कार्य में सबसे पहले गणेश जी की पूजा की जाती है. अब भगवान विश्वकर्मा और भगवान विष्णु को रोली, चावल, फूल और प्रसाद चढ़ाएं. कलश पर स्वास्तिक बनाएं और उसे पूजा स्थल पर रखें. अपने औजारों और मशीनों पर रोली-चावल से तिलक लगाएं. धूप और दीपक जलाकर आरती करें. पूजा के बाद, प्रसाद को सभी में बांटें. विश्वकर्मा पूजा के दिन करें ये काम     पूजा के दिन मशीनों और औजारों का उपयोग न करें. उन्हें आराम दें.     इस दिन कार्यस्थल पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें.     जरूरतमंदों को दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है.     विश्वकर्मा पूजा के दिन ‘ओम विश्वकर्मणे नमः’ मंत्र का जाप करना बहुत ही फलदायी होता है. विश्वकर्मा पूजा का महत्व विश्वकर्मा पूजा का पर्व सृष्टि के निर्माणकर्ता और वास्तु के देवता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक है. इस दिन लोग अपने औजारों, मशीनों, और कार्यस्थल की पूजा करते हैं. यह पूजा न केवल भौतिक समृद्धि बल्कि आध्यात्मिक उन्नति भी लाती है. ऐसा माना जाता है कि जो लोग पूरी श्रद्धा से भगवान विश्वकर्मा की पूजा करते हैं, उनके व्यवसाय में कभी कोई रुकावट नहीं आती और हमेशा लाभ होता है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान और आदि सेवा पर्व का करेंगे शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितम्बर को मध्यप्रदेश के धार जिले के भैंसोला ग्राम आएंगे स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान और आदि सेवा पर्व का करेंगे शुभारंभ देश के पहले पीएम मित्र पार्क का करेंगे शिलान्यास एक बगिया माँ के नाम के अभियान में समूह की महिला को पौधे करेंगे भेंट सिकल सेल स्क्रीनिंग के 1 करोड़वे कार्ड का करेंगे वितरण सुमन सखी चैटबॉट की होगी लॉन्चिंग प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत हितग्राहियों के खातों में राशि होगी अंतरित धार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितम्बर को मध्यप्रदेश के धार जिले के ग्राम भैंसोला आएंगे। प्रधानमंत्री मोदी 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण' अभियान और 'आदि सेवा पर्व', का शुभारंभ करेंगे। साथ ही देश के पहले 'पीएम मित्र पार्क' का शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान" महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के लिए स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में यह अभियान ऐतिहासिक कदम है। अभियान का संचालन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और महिला एवं बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से करते हुए महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता लाने स्वास्थ्य शिविरों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से निवारक, संवर्धनात्मक और उपचारात्मक सेवाओं की आपूर्ति करेंगे। दोनों विभागों द्वारा संचालित होने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करना है, जिससे वे निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें। स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। इस अभियान में महिलाओं की व्यापक स्वास्थ्य जांच भी होगी। अभियान में एनीमिया की रोकथाम, संतुलित आहार और मासिक-धर्म स्वच्छता पर जागरूकता अभियान भी चलाएंगे, जिससे महिलाओं और किशोरियों की स्वास्थ्य और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को समग्र और समन्वित तरीके से पूरा किया जा सके। प्रधानमंत्री मित्र पार्क प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शिलान्यास किये जा रहे पीएम मित्र पार्क का सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के कपास उत्पादकों को मिलेगा। लगभग 2158 एकड़ में विकसित होने वाला पीएम मित्र पार्क विश्व स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां 20 MLD का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 10 MVA का सौर ऊर्जा संयंत्र, पानी और बिजली की पुख्ता आपूर्ति, आधुनिक सड़कें और 81 प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स जैसी व्यवस्थाएँ विकसित की जा रही हैं। श्रमिकों और महिला कर्मचारियों के लिए आवास और सामाजिक सुविधाएं इसे केवल औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि आदर्श औद्योगिक नगर का रूप देती हैं। पीएम मित्र पार्क में देश की अग्रणी टैक्सटाइल कंपनियों ने भरोसा जताते हुए अब तक 23 हजार 146 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव दिये हैं। यह निवेश उद्योगों की स्थापना के साथ स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त करेगा। वस्त्र क्षेत्र के बड़े संगठनों और उद्योग समूहों ने यहां निवेश करने की इच्छा जताई है। इससे न केवल प्रदेश को औद्योगिक लाभ मिलेगा, बल्कि निर्यात भी बढ़ेगा। धार से तैयार वस्त्र और परिधान अब सीधे ग्लोबल मार्केट में पहुंचेंगे, जल्दी ही मध्यप्रदेश की पहचान अब टैक्सटाइल-हब के रूप में होने लगेगी। प्रधानमंत्री मोदी के '5-एफ' विज़न के अनुरूप यह पार्क 'फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से फॉरेन की संपूर्ण वैल्यू चैन बनायेगा। किसानों से प्राप्त कच्चा कपास उद्योगों में धागा बनेगा, वहीं से वस्त्र और परिधान तैयार होंगे और यही उत्पाद विदेशों तक जाएंगे। इस तरह पूरी वैल्यू चैन एक ही स्थान पर पूरी होगी। यही इस पार्क की विशिष्टता होगी और अन्य पार्कों के ‍लिये आदर्श बनेगी। 'पीएम मित्र पार्क' से लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होंगे। इसमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल होंगे। कपास आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों को उनकी फसल का दोगुना मूल्य मिलेगा। यह अवसर केवल रोजगार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांव-गांव तक आर्थिक गतिविधियों को गति देगा और स्थानीय बाजारों से लेकर निर्यात तक नई संभावनाएँ पैदा करेगा। "आदि सेवा पर्व" आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत “आदि सेवा पर्व” जनजातीय गौरव और राष्ट्र निर्माण के संगम का प्रतीक पर्व होगा। इस दौरान जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, स्वच्छता, जल-संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसी सेवा गतिविधियाँ आयोजित होंगी। हर गतिविधि के केन्द्र में सेवा का भाव और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प होगा। इस अभियान में “ट्रायबल विलेज एक्शन प्लान एवं ट्रायबल विलेज विज़न 2030” पर विशेष जोर दिया जायेगा। इसके अंतर्गत प्रत्येक गाँव के लिए विकास का दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया जायेगा। एक बगिया माँ के नाम पर्यावरण सुधार के साथ महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये चलाये जा रहे "एक बगिया माँ के नाम" अभियान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिला स्व-सहायता समूह की एक महिला को पौधा भेंट करेंगे। मध्यप्रदेश में अब तक 10 हजार 162 महिलाओं को माँ की बगिया तैयार करने की स्वीकृति दी जा चुकी है। समूह की महिलाओं को पौधों की सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराये जा रहे हैं। 'सुमन सखी चैटबॉट' की लॉन्चिंग प्रधानमंत्री मोदी "प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान" में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में जागरूकता के लिये 'सुमन सखी चैटबॉट' लांच करेंगे। इससे ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की गर्भवती महिलाओं को समय पर सही जानकारी और आवश्यक सेवाएं मिल सकेंगी। सिकल सेल स्क्रीनिंग के एक करोड़वें कार्ड का वितरण प्रधानमंत्री मोदी सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं काउंसिलिंग के एक करोड़वें कार्ड का वितरण करेंगे। यह उपलब्धि ऐतिहासिक है। यह केवल एक कार्ड का वितरण नहीं, बल्कि सिकल सेल एनीमिया के खिलाफ देश की सामूहिक लड़ाई का प्रतीक है। मध्यप्रदेश सिकल सेल उन्मूलन अभियान में देश में रोल मॉडल बनकर उभरा है। 'प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना' की राशि का होगा अंतरण 'प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना' मातृत्व के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से देश भर की पात्र महिलाओं के खातों में योजना की राशि अंतरित करेंगे। मध्यप्रदेश की लगभग एक लाख माता-बहनें इससे लाभान्वित होंगी।