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OpenAI का Sora 2 लॉन्च: टेक्स्ट से अब वीडियो और ऑडियो बनाना हुआ आसान, Instagram और YouTube को मिलेगी टक्कर

नई दिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. चाहे दफ्तर का काम हो, पढ़ाई हो या फिर कंटेंट क्रिएशन, AI ने हर जगह अपनी पकड़ मज़बूत की है. अब इसी दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए OpenAI ने अपना सबसे एडवांस्ड वीडियो जेनरेशन मॉडल Sora 2 पेश किया है. इसके साथ ही कंपनी ने एक नया सोशल मीडिया ऐप भी लॉन्च किया है, जिसे सीधा-सीधा Instagram और YouTube का मुकाबला करने वाला माना जा रहा है. क्या है OpenAI Sora 2? Sora 2 एक ऐसा AI मॉडल है, जो सिर्फ टेक्स्ट प्रॉम्प्ट से वीडियो ही नहीं बल्कि ऑडियो के साथ पूरा सीन तैयार कर सकता है. मतलब, आप बस लिखेंगे और AI आपके लिए हाई-क्वालिटी वीडियो बना देगा. इस बार OpenAI ने इसमें एक नया फीचर Cameos भी जोड़ा है. इसकी मदद से यूज़र खुद को किसी भी AI जनरेटेड वीडियो का हिस्सा बना सकते हैं. यानी बिना कैमरा, शूटिंग या एडिटिंग के भी आप किसी भी वीडियो में नज़र आ सकते हैं. Sora 2 की खासियतें     Sora 2 अपने पुराने वर्जन से काफी एडवांस्ड है.     यह मॉडल वीडियो को ज्यादा रियलिस्टिक और नैचुरल बनाता है.     इसमें फिजिकली-एक्युरेट मोशन (यानी असली जैसी हरकतें) और सिंक्ड डायलॉग्स की सुविधा है.     बैकग्राउंड साउंड और म्यूज़िक भी काफी नेचुरल और इमर्सिव लगते हैं.     इससे बने वीडियो पहले की तुलना में कहीं ज्यादा लाइफ-लाइक और आकर्षक होते हैं. Sora 2 ऐप भी हुआ लॉन्च OpenAI ने इस मॉडल के साथ Sora 2 App भी पेश किया है. इस ऐप का इंटरफेस TikTok और Instagram Reels जैसा है, जिसमें Swipe-and-Scroll लेआउट दिया गया है.     यूजर्स केवल टेक्स्ट प्रॉम्प्ट डालकर वीडियो बना सकेंगे.     Cameos फीचर से खुद को भी वीडियो में शामिल करना संभव होगा.     ऐप पर पर्सनलाइज्ड रिकमेंडेशन के आधार पर ही कंटेंट दिखाई देगा, ठीक इंस्टाग्राम की तरह. फिलहाल यह ऐप सिर्फ Apple App Store पर अमेरिका और कनाडा में उपलब्ध कराया गया है, वह भी इनवाइट-ओनली सिस्टम के जरिए. यानी अभी हर कोई इसे तुरंत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा. सोशल मीडिया को मिल सकती है टक्कर टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि Sora 2 का यह कदम आने वाले समय में YouTube, Instagram और TikTok जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स के लिए चुनौती बन सकता है. क्योंकि अब कंटेंट क्रिएशन और भी आसान हो जाएगा और कोई भी व्यक्ति केवल कुछ शब्द लिखकर प्रोफेशनल लेवल का वीडियो बना पाएगा.

हंसकर लौट आते हैं CM, जनता की समस्याओं से कतराते हैं सैनी: जस्सी पेटवाड़

चंडीगढ़  नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेसी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ता उत्साह से लबरेज है, यह फैसला हरियाणा में कांग्रेस की सरकार लाने को लेकर मील का पत्थर साबित होगा, यह कहना है नारनौंद के विधायक जस्सी पेटवाड़ का। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से देश प्रदेश में मैसेज था कि हरियाणा में कांग्रेस सरकार बनने जा रही है। लेकिन जात-पात-धर्म के नाम पर व वोट चोरी – जनादेश चोरी कर जिस प्रकार के नतीजे लाए गए उस निराशा से उभरने के लिए ऐसा फैसला अति जरूरी था और इस ऐतिहासिक फैसले के बाद कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है।  उन्होंने कहा कि 1 साल से हमें नेता प्रतिपक्ष नहीं मिल रहा था। 11 साल से संगठन नहीं था। लंबे समय अंतराल के बाद बेहद शिक्षित-अनुभवी व मजबूत नेता हमें दिए गए हैं। दोनों ही नेताओं को सरकार और संगठन का बड़ा अनुभव है। दोनों ही नेता भाजपा के सामने मजबूती से खड़े रहे हैं। निसंदेह इसका लाभ कांग्रेस पार्टी को अवश्य होगा। जाकर हंसकर वापस आ जाते हैं सीएम : जस्सी  जस्सी ने कहा कि विधानसभा सेशन के दौरान हर मौके पर हमें सीएलपी लीडर भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मदद मिली है। जब भी विधानसभा में हमें सत्ता पक्ष से कोई सवाल जवाब करना होता है या हमसे कोई गलती होती है तो हमेशा वह खड़े होकर सत्ता पक्ष और स्पीकर को बताते हैं कि यह नए विधायक हैं और यह उनका अधिकार है, जो आप छीन नहीं सकते। भूपेंद्र सिंह हुड्डा कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष रहे, सांसद रहे, 10 साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और पांच बार के विधायक हैं। उनके अपार अनुभव का सीधा लाभ हमें मिलेगा। उन्होंने मौजूदा मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करते हुए कहा कि नायब सिंह सैनी जी पूरे दिन कॉमेडी करने में व्यस्त रहते हैं। उनकी ड्यूटी लगा रखी है कि कहीं भी जाओ हंसकर वापस आ जाओ।   बाढ़ पीड़ितों की दशा देखने पीएम आए तक नहीं : जस्सी   हाल ही में हिसार का 70 फ़ीसदी हिस्सा बाढ़ग्रस्त था, फसलें खत्म हो गई, पानी से घर तबाह हो गए, लेकिन मुख्यमंत्री 5 किलोमीटर दूर एयरशो करके वापस लौट आए। जबकि उन्होंने हांसी, नारनौंद व उकलाना के कई गांव में जाना था। लेकिन हांसी के केवल दो उन गांवो में गए जहां ज्यादा नुकसान नहीं था। यह ऐसे मुख्यमंत्री हैं कि अभी तक इन्होंने प्रदेश के बाढ़ पीड़ितों के लिए एक भी पैसा रातकोष में से नहीं दिया। किसी प्रकार का पैकेज नहीं दिया गया। देश के प्रधानमंत्री पंजाब व हिमाचल में 1500 व 1600 करोड़ का राहत पैकेज देकर आए। लेकिन हरियाणा में प्रधानमंत्री आए तक नहीं और मुख्यमंत्री ने भी सिंगल पैसा पैकेज जारी नहीं किया। इससे उनकी गंभीरता का ध्यान किया जा सकता है। 

रावण दहन 2025: यमुनानगर में सबसे ऊंचा 75 फीट रावण जलाया जाएगा, जानें तैयारियों की पूरी कहानी

यमुनानगर यमुनानगर में दशहरा पर्व को लेकर इस बार खास उत्साह देखने को मिल रहा है। शहरवासियों को इस बार 75 फुट ऊंचा रावण दहन देखने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही रावण  मेघनाथ और कुंभकरण के 65 फुट ऊंचे पुतले भी तैयार किए गए हैं। विशाल पुतलों को देखने के लिए लोगों में भारी उत्सुकता है।  करीब 40 दिनों से कारीगर लगातार इन पुतलों को तैयार करने में जुटे हुए हैं। दिन-रात की मेहनत के बाद अब पुतले अंतिम रूप ले चुके हैं। रावण को सजाने-संवारने का काम जोर-शोर से किया जा रहा है। कारीगर अब अंतिम टच देकर इन्हें ग्राउंड पर खड़ा करने की तैयारी कर रहे हैं। पुतलों को सजाने के लिए खास तौर पर सहारनपुर से कागज और कपड़ा मंगवाया गया है। यह सजावट इन पुतलों को और भी आकर्षक बना रही है। रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों को तैयार करने में 4 लाख रुपये से अधिक की लागत आई है।  कारीगर महिंदर मनचंदा ने बताया कि उनके परिवार का यह पुश्तैनी कार्य है। व भी पिछले 40 साल से दशानन, मेघनाथ व कुंभकरण के पुतलों को बना रहे है। पूरे विधि विधान से कुछ लोगों को बनाकर उनकी पूजा की जाती है। ढोल के साथ रावण, मेघनाथ में कुंभकरण के पुतलों को ग्राउंड तक लेकर जाया जाता है। और फिर इनको दहन किया जाता है। उन्होंने बताया कि इन पुतलों में भी करीब 2 लाख रुपए की आतिशबाजी लगाई गई है।  दशहरा का यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम ने असत्य, अधर्म और अहंकार के प्रतीक रावण का वध किया था। उसी परंपरा को जीवंत करते हुए हर साल रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले दहन कर समाज को संदेश दिया जाता है कि चाहे बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अंत में अच्छाई ही जीतती है। इस बार का दशहरा उत्सव यमुनानगर के लिए बेहद खास रहने वाला है। विशाल पुतलों के दहन के साथ रंगीन आतिशबाजी और रोशनी से पूरा माहौल जगमगा उठेगा। हजारों की संख्या में लोग इस दृश्य के साक्षी बनेंगे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में उत्साह का माहौल है।  

जावेद अली ने सोनी सब के शो गणेश कार्तिकेय के गीत को अपनी सुरीली आवाज़ से बनाया दिव्य

मुंबई,  जानेमाने पार्श्वगायक जावेद अली ने सोनी सब के आगामी शो गणेश कार्तिकेय में गाना गाया है। सोनी सब पौराणिक शो गाथा शिव परिवार की गणेश कार्तिकेय को 06 अक्टूबर रात आठ बजे लॉन्च करने जा रहा है। यह शो देवों के सबसे शक्तिशाली परिवार भगवान शिव (मोहित मलिक), माता पार्वती (श्रेनु पारिख) और उनके पुत्र, भगवान गणेश एवं भगवान कार्तिकेय की अनकही कथा को भव्य रूप में प्रस्तुत करेगा। इस महागाथा को और भव्य बनाने के लिए मशहूर गायक जावेद अली ने शो के शक्तिशाली एंथम को अपनी मधुर आवाज़ से सजाया है। यह एंथम, भक्ति और भव्यता से ओत-प्रोत है, जो शिव परिवार की दिव्य शक्ति, मूल्यों और भावनाओं को संजोता है और शो की महान कथा का स्वर निर्धारित करता है। अपनी बहुमुखी प्रतिभा और आत्मा को छू लेने वाले गायन के लिए प्रसिद्ध जावेद अली की आवाज़ इस एंथम में श्रद्धा और आस्था की उस गहराई को जीवंत करती है, जिसे गणेश कार्तिकेय दर्शकों तक पहुँचाना चाहता है। जावेद अली ने कहा, “यह गीत बेहद खूबसूरत है। आदिल जी (आदिल-प्रशांत जोड़ी के) ने मुझे कॉल किया और कहा कि जब वे यह ट्रैक बना रहे थे, तो उन्हें किसी और का ख्याल ही नहीं आया। जैसे ही मैंने गीत सुना, तुरंत एक भक्ति-भाव से भर गया। इसके बोल और धुन इतनी सुंदरता से गूंथे गए हैं कि सीधा दिल को छू जाते हैं। इस रचना में एक प्रार्थना है, एक पुकार है, जिसने मुझे भीतर तक प्रभावित किया। यही वजह है कि मैंने इसे गाने के लिए हामी भरी। इस गीत का सार इतना पवित्र और शक्तिशाली है कि मुझे यकीन है जब दर्शक इसे सुनेंगे, तो वे भी किसी न किसी रूप में इससे जुड़ जाएंगे और इसकी दिव्य शक्ति में खो जाएंगे।”  

Trump सरकार का नया नियम: पंजाबियों के लिए America में रास्ता हुआ मुश्किल!

पंजाब  पंजाबवासियों के झटके वाली खबर सामने आई है। दरअसल अमेरिका सरकार ने नए नियम लागू कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक अमेरिका में हो रही दुर्घटनाओं के बाद, प्रशासन ने प्रवासियों के लिए ट्रक ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों को कड़ा कर दिया है। अब केवल ग्रीन कार्ड धारक या अमेरिकी नागरिक ही हैवी ड्यूटी वाले ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं। इस बीच, अमेरिका ने वर्क परमिट वाले ट्रक ड्राइवरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई 130 ड्राइवरों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कम से कम 28 पंजाबी हैं। ट्रंप सरकार ने नए नियम अब लागू हो गया है, जिसके तहत ग्रीन कार्ड या अमेरिकी नागरिक के बिना व्यावसायिक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिलेगा। इस कार्रवाई में सबसे पहले ओक्लाहोमा राज्य के ड्राइवरों को निशाना बनाया गया है। गौरतलब है कि अमेरिका में लगभग 2 लाख ट्रक ड्राइवर 'कच्चे' हैं और उनमें से हज़ारों पंजाबी युवा हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार बड़े पैमाने पर शरण के मामलों को रद्द करने की भी योजना बना सकती है, जिससे लाखों प्रवासियों के लिए और समस्याएं पैदा हो सकती हैं। 

BMHRC सहित 4 सरकारी नर्सिंग कॉलेजों को मिली मान्यता, बिना प्राचार्य के संचालन पर उठे सवाल

भोपाल  मध्यप्रदेश से नर्सिंग की पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले कैंडिडेट्स के लिए राहत भरी खबर है। बुधवार को बीएमएचआरसी समेत 4 नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दी गई है। जिसके साथ अब गवर्नमेंट बीएससी नर्सिंग की सीटें 515 से बढ़कर 860 हो गई हैं।  आरोप – बिना प्राचार्य के चल रहा कॉलेज एनएसयूआई ने बीएमएचआरसी को मान्यता देने पर सवाल खड़े किए हैं। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया है कि मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा, जिनमें भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) का नर्सिंग कॉलेज प्रमुख है। नियमानुसार किसी भी नर्सिंग कॉलेज में प्राचार्य एवं उप-प्राचार्य का होना अनिवार्य है, लेकिन बीएमएचआरसी का कॉलेज लंबे समय से बिना प्राचार्य या प्रभारी प्राचार्य के भरोसे संचालित हो रहा है। इतना ही नहीं, उप-प्राचार्य प्रभा गजपाल की पदोन्नति भी नियम विरुद्ध की गई है। उन्हें एसोसिएट प्रोफेसर से सीधे उप-प्राचार्य बना दिया गया, जो कि इंडियन नर्सिंग काउंसिल के नियमों के विरुद्ध है। परमार ने कहा कि सीबीआई की रिपोर्ट में बीएमएचआरसी नर्सिंग कॉलेज को डिफिशिएंट कैटेगरी में रखा गया। यहां पोषण प्रयोगशाला, एवी सहायता प्रयोगशाला और उन्नत कौशल प्रयोगशालाएं उपलब्ध नहीं हैं। सभी प्रयोगशालाओं में आवश्यक सामग्री और उपकरणों की कमी है। 8 कक्षाओं के बजाय केवल 4 कक्षाएं ही संचालित हैं। जीएनएम कार्यक्रम को बीएससी कार्यक्रम में अपग्रेड कर दिया गया है, लेकिन स्टाफ को अपग्रेड नहीं किया गया। पक्ष – हमने सारे फॉर्मेट पूरे किए मामले में बीएमएचआरसी नर्सिंग कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल प्रभा गजपाल ने कहा कि उन्हें इस विषय पर कोई भी आधिकारिक जानकारी देने से पहले संस्थान की डायरेक्टर डॉ. मनीषा श्रीवास्तव से अनुमति लेनी होगी। अभी यह जरूर बता सकती हूं कि हमने मान्यता के लिए जरूरी सभी फॉर्मेट पूरे किए हैं। यही वजह है कि हमें मान्यता दी गई। इन 4 सरकारी कॉलेजों को बुधवार को मिली मान्यता     भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी)     शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग, मेडिकल कॉलेज जबलपुर     शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग, ग्वालियर     शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग, जबलपुर मंगलवार तक सिर्फ इन 4 कॉलेजों के पास थी मान्यता     गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, जीएमसी भोपाल     गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, इंदौर     गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, जीएम हॉस्पिटल रीवा     गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, उज्जैन 8 सरकारी कॉलेजों में 860 सीटें इस साल 8 सरकारी कॉलेजों में 860 बीएससी नर्सिंग की सीटें हैं। जिनमें से 232 सीटें अनरिजर्व कैटेगरी की हैं। इस कैटेगरी में सैनिक, पीएच, एफएफ, आंगनवाड़ी/आशा वर्कर और गवर्नमेंट एनएम कोटा की सीटें हटा दें तो सिर्फ 195 सीटें शेष बचती हैं। जिनमें उन कैंडिडेट्स को एडमिशन मिल सकता है, जो न किसी कैटेगरी और न ही किसी कोटे के लिए एलिजिबल हैं। 393 कॉलेजों ने इस साल किया आवेदन 2025-26 सत्र के लिए कुल 33 नए नर्सिंग कॉलेज और 360 पुराने कॉलेजों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था। इनमें लगभग 21 शासकीय कॉलेज शामिल थे। इसके उलट निजी कॉलेजों के मामले में बड़ी संख्या में अनुमति दी गई। जीएनएम नर्सिंग के 231 और बीएससी नर्सिंग के 188 निजी कॉलेजों को मान्यता मिल गई।  

10 अक्टूबर अंतिम तारीख: समर्थन मूल्य पर उपार्जन हेतु कराएं धान, ज्वार व बाजरा का पंजीयन

समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन हेतु पंजीयन 10 अक्टूबर तक किसान निर्धारित समय पर करायें पंजीयन : खाद्य मंत्री  राजपूत भोपाल खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये किसान पंजीयन प्रक्रिया का निर्धारण कर दिया गया है। किसान 10 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन 15 सितम्बर से शुरू हो चुका है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। प्रदेश में 1255 पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर तथा एम.पी. किसान एप पर भी की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोट पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। उपार्जित फसल के भुगतान हेतु बैंक खाता किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें। सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए जिससे किसान वहां जाकर आसानी से अपना मोबाईल नंबर एवं बायोमेट्रिक अपडेट करा सके। इस कार्य के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन हेतु पंजीयन के दौरान ही 1 रूपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआईटी पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा। आधार नंबर का वेरिफिकेशन पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा। किसानों को करें एसएमएस विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।  

अमरकंटक ताप विद्युत गृह ने शक्ति पर्व में दिखाई ताकत, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की प्रशंसा

69 वर्ष के इतिहास में पहली बार 365 दिन लगातार विद्युत उत्पादन करने का बना रिकार्ड भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ऊर्जा उत्पादन में नई-नई उपलब्धियां अर्जित कर रहा है। नवरात्रि के शक्ति पर्व में म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट यूनिट ने पूरे एक वर्ष 365 दिन निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन कर इतिहास रच दिया है। मध्यप्रदेश के पुनर्गठन के 69 वर्ष के कार्यकाल में ऐसी उपलब्धि हासिल करना अपने-आप में ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिये ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर, सभी वरिष्ठ अधिकारियों और अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं और कार्मिकों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये बधाई दी है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं व तकनीकी कार्मिकों की कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता, समर्पण व शक्ति ने आज वह कमाल कर दिखाया जिसकी कल्पना मध्यप्रदेश के पुनर्गठन के बाद 69 वर्ष के इतिहास में नहीं की गई थी। अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट ने जैसे ही सतत् विद्युत उत्पादन करते हुए गत रात्रिठीक 12 बजे प्रविष्ट हुई वैसे ही पूरी यूनिट के अभियंता व तकनीकी कार्मिक खुशी से झूम उठे। चचाई की इस यूनिट ने तत्कालीन मध्यप्रदेश विद्युत मण्डल व मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मण्डल और मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के 69 वर्ष के इतिहास में ऐसी प्रथम ताप विद्युत उत्पादन यूनिट होने का तमगा हासिल किया, जिसने लगातार व निर्बाध रूप से 365 दिन यानी कि एक वर्ष तक विद्युत उत्पादन किया है। यह यूनिट 1 अक्टूबर 2024 से लगातार विद्युत उत्पादन कर रही है। इस यूनिट के लगातार एक वर्ष तक निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन करने से यह धारणा भी खंडित हुई कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की ताप विद्युत यूनिट ऐसा शानदार प्रदर्शन कर ही नहीं सकती।  ऐतिहासिक उपलब्धि गौरव की बात : ऊर्जा मंत्री  तोमर ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि यह उपलब्धि हासिल करना अत्यंत गौरव की बात है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठता सिद्ध हुई और सकारात्मक छवि बनी है। उन्होंने अपर मुख्य सचिव ऊर्जा  नीरज मंडलोई, कंपनी के एमडी सहित सभी अभियंताओं और सहयोगी स्टाफ को बधाई दी है। 95.43 फीसदी का शानदार पीएलएफ अमरकंटक की 210 मेगावाट की यूनिट ने जिस समय 365 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया तब इसने 95.43 प्रतिशत का शानदार प्लांट लोड फेक्टर, 98.26 फीसदी प्लांट उपलब्धता फेक्टर (पीएएफ) और 9.15 प्रतिशत ऑक्जलरी कंजम्पशन की उपलब्धि हासिल की। ऑपरेशन व मेंटेनेंस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका किसी यूनिट का लगातार एक वर्ष तक लगातार व निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। लेकिन अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की इस सफलता के पीछे ऑपरेशन और मेंटेनेंस टीमों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। दोनों टीमों ने समय पर गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन कर इस उपलब्धि को हासिल किया। पेशेवर नजरिया व विशेषज्ञता का प्रमाण है यह सफलता मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि यूनिट के संचालन की जटिलताओं को इतनी कुशलता से प्रबंधन करना अमरकंटक ताप विद्युत गृह के पेशेवर नजरिया व विशेषज्ञता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि पावर जनरेटिंग कंपनी के अभियंता व तकनीकी कार्मिक न केवल अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं, बल्कि कंपनी के उत्कृष्टता मानकों को बनाए रखने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।  

राष्ट्रगान के नाम पर विवाद: महबूबा ने क्यों जताई नाराजगी?

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर के टीआरसी ग्राउंड में हुई घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्रगान के दौरान खड़े न होने के आरोप में हिरासत में लिए जाने की निंदा की और कहा कि "बंदूक की नोक पर देशभक्ति नहीं सिखाई जा सकती।" बता दें कि मंगलवार शाम को श्रीनगर में पुलिस शहीद फुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान करीब 15 दर्शकों को हिरासत में ले लिया गया, क्योंकि वे कथित तौर पर राष्ट्रगान के दौरान खड़े नहीं हुए थे। टूर्नामेंट के फाइनल में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी गए हुए थे। महबूबा मुफ्ती ने कहा, "आजकल लोगों को बंदूक की नोक पर राष्ट्रगान के लिए खड़ा किया जाता है। लेकिन जब मैं स्कूल में थी, तब हम बच्चे खुद ही राष्ट्रगान के सम्मान में खड़े हो जाते थे। किसी ने हमें बंदूक के दम पर ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं किया था। आज बंदूक की नोक पर खड़ा किया जा रहा है… ये इनकी नाकामी है।" उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र और स्वतंत्रता की भावना के खिलाफ बताते हुए प्रशासन से तत्काल हिरासत रद्द करने की मांग की। पूरा मामला क्या है? सोमवार को श्रीनगर के टीआरसी (टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर) ग्राउंड में मुष्ताक मेमोरियल कप के फाइनल मैच का आयोजन किया गया था। यह टूर्नामेंट पुलिस शहीदों की स्मृति में खेला जाता है, जिसमें स्थानीय युवा और खेल प्रेमी बड़ी संख्या में शामिल हुए थे। मैच के दौरान राष्ट्रगान बजाया गया, जब लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, कुछ दर्शक राष्ट्रगान के दौरान खड़े नहीं हुए, जिसे आयोजकों ने "अनादर" माना। परिवारों का दावा है कि हिरासत में लिए गए युवक अनजाने में ऐसा हुआ, क्योंकि बैंड की ध्वनि कम और अस्पष्ट थी, जिससे उन्हें पता ही नहीं चला कि राष्ट्रगान शुरू हो गया है। हिरासत के बाद इन युवकों को स्थानीय पुलिस थाने ले जाया गया, जहां से उनके परिवारों को सूचना दी गई।  

आजम खान ने खोला राज़: मुलायम मेरे पीछे नंगे पैर दौड़े और मेरी मौत पर भी होगा धूमधाम जनाजा

नई दिल्ली करीब दो साल बाद जेल से बाहर निकले आजम खान एक बार फिर से अपने पुराने तेवरों में नजर आ रहे हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि मुझे 5 साल तक जेल में रखा गया। तनहाई जेल थी और दुनिया से मेरा संपर्क ही कट गया। आजम खान ने कहा कि गर्मी में भीषण गर्मी और सर्दियों के मौसम में बहुत ठंड झेलनी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि लेकिन मुझे कोई मलाल नहीं है बल्कि शर्म आती है। आजम खान ने कहा कि मैं हमेशा मजबूती से डटा रहा हूं और डटा रहूंगा। सपा सरकार में मंत्री रहे आजम खान ने कहा कि हथौड़ा तो फौलाद पर ही चलता है। आग में भी उसे ही जलाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मुझे फिर से जेल भेजा गया तो जाऊंगा और तैयार हूं। जिंदगी रही तो लौटकर आऊंगा और मर गए तो हमारा जनाजा और धूम से जाएगा। आजम खान ने कहा कि मैंने मुलायम सिंह से कुछ और नहीं मांगा बस एक यूनिवर्सिटी मांगी। उस आदमी ने कुछ रोका नहीं। उस जैसे इंसान अब पैदा नहीं हो सकेंगे। सैकड़ों सालों में भी कोई मुलायम सिंह यादव पैदा नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि लोग जानते ही नहीं हैं कि मुलायम सिंह क्या थे और क्या खूबियां थीं। वह अलग ही मिट्टी के बने इंसान थे और अब तो ऐसे लोग पैदा ही नहीं होते। 'कोई मेरे खिलाफ एक लफ्ज मुलायम के आगे नहीं बोल सकता था' आजम खान ने कहा कि किसी की हिम्मत नहीं थी कि मुलायम सिंह यादव से मेरे खिलाफ कोई एक लफ्ज कह दे। यदि मैं दौरे पर हूं और 4 घंटे लेट आता था तो कैबिनेट की मीटिंग तभी होती थी। उन्होंने कहा कि यदि मैं नहीं जाता था तो कैबिनेट की मीटिंग नहीं होती थी। मेरे लिए कोई ऐसा करेगा क्या। मैंने शुगर मिल के लिए प्रस्ताव रखा तो सब कहने लगे कि हमारी बात भी सुनी जाए। हमारे इलाके में क्यों नहीं मिल चलेगी। इस पर मैंने कहा कि पहले मेरा बनेगा और यदि ऐसा नहीं हुआ तो आत्मदाह कर लूंगा। आजम खान बोले- मेरे आशिक थे मुलायम सिंह यादव रामपुर के सीनियर नेता ने कहा, 'मैं निकल पड़ा तो मुलायम सिंह यादव नंगे पैर मेरे पीछे आए। एक तमाशा था और मैंने कहा कि जाकर रिजाइन करूंगा। इस पर मुलायम सिंह ने कहा कि ऐसा नहीं करना चाहिए। यही लोग पास करेंगे। मुझे सबसे बात तो करने दो। आखिर कौन ऐसा करेगा।' आजम खान ने कहा कि मुलायम सिंह यादव तो मेरे आशिक और माशूक थे, जो चले गए। मैंने एक दिन कहा कि कितना अच्छा होता यदि आप मुसलमान होते। इस पर उन्होंने कहा कि अरे मैं मुसलमान ही तो हूं। कोई जानता है कि उनका कितना वक्त पूजा में गुजरता था। उन्होंने कहा कि क्या इसलिए आप कह रहे हैं कि मैं मुसलमान होता तो कैसा होता। इस पर मैंने कहा नहीं कि नहीं आप एक अच्छे हिंदू हैं और इससे बेहतर हमारे लिए कुछ भी नहीं है।