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1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी, दिवाली बाद 1250 की जगह मिलेंगे 1500 रूपए हर माह

भोपाल   1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी है। अक्टूबर में योजना की 29वीं किस्त जारी की जाएगी । इसके तहत प्रत्येक लाड़ली बहन के खाते में 1250 रूपए पहुंचेंगे। इसी के साथ राशि में भी 250 रुपए की वृद्धि की जाएगी और भाईदूज से बहनों को 1500 रुपए प्रतिमाह मिलना शुरू हो जाएंगे।इसकी घोषणा खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की है।बता दे कि मोहन सरकार ने 12 सितंबर को 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में 28वीं किश्त के लिए 1541 करोड़ और 31 लाख से अधिक बहनों को एलपीजी सिलेंडर रीफिलिंग के लिए 48 करोड़ जारी कर किए गए थे ।योजना की शुरुआत के बाद से अब तक 41 हजार करोड़ की राशि लाड़ली बहनों को दी जा चुकी है। भाई दूज से लाड़ली बहनों को मिलेंगे 1500 हर माह शनिवार को एक कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए हमारे खजाने में धन की कोई कमी नहीं है। दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को 1500 रुपए प्रतिमाह देंगे और हमारा संकल्प है कि धीरे-धीरे यह राशि बढ़ाकर 3 हजार रुपए प्रतिमाह कर देंगे। अगले तीन साल में 2028 तक 3000 रुपए बहनों के खाते में भेजने का लक्ष्य है। उम्मीद है कि नवंबर में मिलने वाली किस्त में 250 रुपए इजाफा कर 1500 रूपए दिए जा सकते है, क्योंकि 20-21 अक्टूबर को दिवाली है और 23 अक्टूबर को भाईदूज है, ऐसे में नंवबर की किस्त में बढ़ी हुई राशि का लाभ मिल सकता है। वर्तमान में लाड़ली बहना योजना में मिलते है हर माह 1250 रू     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से अगस्त 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 27 किश्तों का अंतरण किया गया है।प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 41 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना में ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने 1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो। लाभार्थी सूची में ऐसे चेक करें अपना नाम     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।     कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।     मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।     ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी।

आमजनों से अभद्रता अस्वीकार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मऊगंज के प्रभारी तहसीलदार निलंबित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनता के साथ संवेदना, सहानुभूति और मददगार के रूप में व्यवहार करना लोक सेवक का प्रथम कर्तव्य है। लोक सेवकों द्वारा आमजनों से अभद्रता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आमजन से अभद्र व्यवहार और बेहद अशिष्ट शब्दावली का प्रयोग करने पर मऊगंज जिले के प्रभारी तहसीलदार श्री वीरेन्द्र कुमार पटेल को निलंबित किया गया है।  उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में प्रभारी तहसीलदार श्री पटेल द्वारा एक व्यक्ति से किए गए अशोभनीय कृत्य के संदर्भ में यह कार्यवाही की गई है। मऊगंज जिले के कलेक्टर द्वारा प्रभारी तहसीलदार पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा के प्रतिवेदन पर कमिश्नर रीवा श्री बी.एस. जामोद द्वारा प्रभारी तहसीलदार, तहसील मऊगंज श्री पटेल को कदाचरण के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। 

फरहाना को थप्पड़ मारने वाली घटना पर शहबाज बोले, सोशल मीडिया पर शहनाज गिल का जिक्र छाया

मुंबई कश्मीर की फरहाना भट्ट ' बिग बॉस 19 ' की नई कैप्टन बनी हैं। वह जब सभी घरवालों को डाइनिंग टेबल पर बैठाकर घर की ड्यूटीज असाइन कर रही थीं, तब अभिषेक बजाज और शहबाज कुछ हंसी-मजाक कर रहे थे और वहां रखी चीजों को एक-दूसरे पर फेंक रहे थे। इसी दौरान फरहाना ने जोर से शहबाज को थप्पड़ जड़ दिया था। लेकिन तब ये बात शहनाज गिल के भाई ने मजाक में उड़ा दी थी। मगर सलमान खान ने वीकेंड का वार पर इस बात को उठाया और कहा कि वह बेघर हो सकती थीं क्योंकि ये बहुत बड़ी बात थी। अब शहबाज की टीम ने भी बयान जारी किया है। शहबाज के इंस्टाग्राम स्टोरी में टीम की तरफ से एक पोस्ट किया गया है, जिसमें लिखा है, 'सिर्फ इसलिए कि शहनाज औरत की इज्जत करता है, उनकी रिस्पेक्ट करता है, मतलब ये नहीं कि वो स्टैंड नहीं ले सकता… चाहता तो बहुत बड़ा मुद्दा बना सकता था पर उसने मैच्योरिटी दिखाई और दोस्ती निभाई है। वो सच्चा दोस्त है। उसको टेकेन फॉर ग्रांटेड कभी मत लेना। टीम शहबाज बादेशा।' शहबाज की टीम के बयान पर लोगों का रिएक्शन शहबाज की टीम का ये पोस्ट जब इंटरनेट पर शेयर किया जाने लगा तो लोगों ने रिएक्ट किया। एक ने लिखा, 'शहबाज को कलेश पसंद है और कलेश ऐसे ही होता है। उसमें टेकिंग फॉर ग्रांटेड लेने वाली बात ही नहीं है। आप शहबाज तक मैसेज पहुंचाइए ये, दर्शकों को नहीं। और ये भी कॉमेडी और इंसल्ट करने में बहुत फर्क होता है और वो लाइन क्रॉस कर रहा है।' एक ने लिखा, 'जब शहनाज ने सिद्धार्थ को मस्ती में थप्पड़ मारा था तो सिड की टीम ने ऐसी स्टोरी पोस्ट नहीं की थी।' एक ने लिखा, 'तुम लोग सलमान सर के कहने के बाद मुद्दा बना रहे हो।' शहबाज की हुई थी वाइल्डकार्ड एंट्री बता दें कि शो में शहबाज की वाइल्डकार्ड एंट्री है। वह प्रीमियर वाले दिन हीं आने वाले थे लेकिन मृदुल तिवारी को लोगों के ज्यादा वोट्स मिलने की वजह से वह इसका हिस्सा नहीं बन सके थे। और अब उनके आने से घर में खुशनुमा माहौल है, जिसकी तारीफ सलमान हर हफ्ते करते हैं। वहीं, मृदुल को रियलिटी चेक देते हैं कि वह शो में कुछ नहीं कर रहे हैं, जिस कारण टीवी पर नजर भी नहीं आ रहे हैं।

सावधान! लाडो लक्ष्मी योजना की लाभार्थी महिलाओं के लिए फर्जी लिंक खतरा

चंडीगढ़ हरियाणा में साइबर अपराधियों के निशाने पर अब गरीब युवतियां और महिलाएं भी आ गई हैं। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की लाभार्थी महिलाओं को फर्जी लिंक और फार्म भेजकर ठगने का 'खेल'' शुरू हो गया है। प्रदेश सरकार ने योजना की लाभार्थियों को सचेत करते हुए सलाह जारी की है कि अपने माेबाइल पर अधिकृत ऐप से ही आवेदन करें। सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण और अंत्योदय (सेवा) विभाग ने सार्वजनिक सूचना जारी की है। इसके मुताबिक विभाग के संज्ञान में आया है कि दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना से संबंधित कई फर्जी लिंक और फार्म प्रसारित किए जा रहे हैं। ऐसे सभी लिंक और फार्म धोखाधड़ी हैं। कृपया इन पर विश्वास न करें और न ही इनका उपयोग करें। इस योजना के लिए आवेदन केवल आधिकारिक मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। सही डाउनलोड लिंक सेवा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है।  किसी अनजान लिंक को न करें ओपन साइबर ठगी से बचने के लिए जरूरी है कि किसी अनजान लिंक को ओपन न करें। किसी भी अनजान खाते में पैसा जमा न करें। संदिग्ध काल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें और यदि कोई व्यक्ति छोटे कारोबार का हवाला देकर बड़े लेन-देन करता दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत बैंक या पुलिस को दें। अगर ठगी हो भी जाए तो तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काल कर शिकायत दर्ज कराएं। पोर्टल https://cybercrime.gov.in/ पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। फ्राड होने के बाद जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराएंगे, पैसे वापस मिलने के चांस उतने ही बढ़ जाते हैं। सावधानी बरतने के उपाय     फर्जी लिंक से बचें: अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई व्यक्तिगत जानकारी साझा करें।     आधिकारिक ऐप का उपयोग करें: योजना के लिए आवेदन केवल आधिकारिक मोबाइल ऐप्लीकेशन के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।     शिकायत दर्ज करें: अगर कोई फ्रॉड होता है तो तुरंत साइबर अपराध विभाग में शिकायत दर्ज कराएं। आप नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी संपर्क कर सकते हैं।     टोल-फ्री नंबर: योजना से जुड़ी जानकारी के लिए आप 01724880500 और 18001802231 टोल-फ्री नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।       योजना की जानकारी     लाभार्थी: 23 से 60 साल की महिलाएं जिनकी परिवारिक आय सालाना 1 लाख रुपये से कम है।     लाभ: हर महीने 2100 रुपये की वित्तीय सहायता।     आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन आवेदन आधिकारिक मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा सकता है ।

सतत न्याय की पहल: इस शनिवार भी एमपी हाई कोर्ट में ताबड़तोड़ सुनवाई

जबलपुर हाई कोर्ट को चार लाख 82 हजार 627 कुल लंबित मुकदमों के बोझ से निजात दिलाने युद्ध स्तर पर प्रयास जारी है। इस अभियान के अंतर्गत निरंतर दूसरे शनिवार को 8 विशेष पीठों ने 296 प्रकरणों का निराकरण करने का आदर्श प्रस्तुत किया। 8 विशेष पीठों ने जमानत अर्जियों को सुना। शेष दो नियमित पीठों के समक्ष सर्विस व अवमानना के प्रकरण सुने गए। दरअसल, हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा के निर्देश पर इन विशेष पीठों का गठन किया गया है। शनिवार को आठ विशेष पीठों ने 866 जमानत के मामलों पर सुनवाई की। इनमें से से 296 मामले निराकृत कर दिए गए। वहीं, सेवा संबंधी मामलों की सुनवाई कर रही दोनों बेंचों ने 41 मामलों का निराकरण किया। इस तरह एक दिन में ही 337 लंबित मामलों का पटाक्षेप कर दिया गया। जबकि पहले शनिवार को आठ विशेष बेंच में 864 मामले सुनवाई के लिए रखे गए थे, जिनमें से 350 प्रकरणों का निराकरण किया गया था। इन जजों ने सुनी जमानत अर्जियां जज – कुल आवेदन सुने – निराकृत न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा – 115 – 55 न्यायमूर्ति एमएस भट्टी – 149- 51 न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल- 138 – 33 न्यायमूर्ति दीपक खोत – 126 – 33 न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी – 103 – 33 न्यायमूर्ति रामकुमार चौबे – 84- 32 न्यायमूर्ति रत्नेशचंद्र सिंह बिसेन- 48- 14 न्यायमूर्ति बीपी शर्मा – 102 – 45 सर्विस मैटर्स के लिए बैठी ये बेंच जस्टिस डीडी बंसल- 92 – 04 जस्टिस विवेक जैन- 109- 37 कुल मामलों पर सुनवाई – 866 निराकृत मामले – 337 द्रुतगति से बढ़ रहे लंबित मामलों को गंभीरता से लिया गया हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, जबलपुर के अध्यक्ष धन्य कुमार जैन व सचिव परितोष त्रिवेदी के अनुसार उन्होंने मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा को बताया था कि मुख्यपीठ में इस वर्ष दायर की गई व लंबित जमानत अर्जियों का आंकड़ा तीन हजार के पास पहुंच गया है। सर्विस मैटर्स का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है। इसको लेकर वकीलों में पिछले कुछ समय से असंतोष व्याप्त है। इस संबंध में ठोस कदम उठाने का आग्रह किया था। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश सचदेवा ने द्रुतगति से बढ़ रहे लंबित मामलों को गंभीरता से लेते हुए नवीन व्यवस्था दे दी। विगत 20 सितंबर को जमानत के मामलों के लिए आठ विशेष बेंच गठित की थीं। इस बार दो बेंच सर्विस मैटर्स के लिए भी बैठीं। जैन ने कहा कि हाई कोर्ट की यह पहल सराहनीय है। इससे बड़ी संख्या में पक्षकारों को राहत मिली। सामान्य कार्य दिवसों की तरह इनमें पक्षकार, वकील, कर्मचारी व अधिकारी शामिल रहे। एक वर्ष में 50 हजार केस निपटाने का लक्ष्य उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चार लाख 82 हजार 627 केस लंबित हैं। इसमें 2,86,172 मामले सिविल और 1,96,455 क्रिमिनल के हैं। कुल क्रिमिनल मामलों में शून्य से 10 साल पुराने 1,34,524 केस, 11 से 25 साल पुराने 59,424 केस और 25 साल से भी ज्यादा पुराने केसों की संख्या 2,507 है। हाई कोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर में तीन हजार मामले अकेले जमानत अर्जियों से जुड़े हैं, जो महीनों से लंबित हैं। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर की तीनों पीठों में कुल 53 न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या है, कार्यरत 43 हैं। अनुमान है कि 10 जजों की स्पेशल बेंच एक साल में 30 से 50 हजार से अधिक मामलों का निपटारा कर सकती है। सभी बेंचें एमसीआरसी यानी क्रिमिनल मामलों, आदेश, एडमिशन और अंतिम सुनवाई पर विचारण करेंगी।

हरियाणा सरकार ने बनाई कार्रवाई टीम, पराली जलाने पर कड़ा कानून लागू

हरियाणा  हरियाणा सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार पराली जलाने वालों पर कड़ी नजर रखने के लिए अकेले फरीदाबाद जिले में 149 टीमें नियुक्त की जाएंगी। इसके अलावा पूरे मंडल में कुल 592 टीमें सक्रिय रहेंगी, जो लगभग 3,000 किसानों पर पैनी निगरानी रखेंगी। यदि कोई किसान पराली जलाता पाया गया, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसी प्रकार पूरे राज्य में भी ऐसी टीमें पराली जलाने वालों पर नजर बनाए रखेंगी। इन टीमों का एक और महत्वपूर्ण कार्य फसलों की कटाई एवं बची हुई पराली के अवशेषों की रिपोर्ट तैयार करना होगा। यह रिपोर्ट जिला उपायुक्त के माध्यम से उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा डिप्यूटेशन अधिकारियों की नियुक्ति कर इन टीमों का गठन सुनिश्चित किया जाएगा। बता दें कि ग्रैप के विभिन्न चरणों के अनुसार इन टीमों की संख्या में वृद्धि भी की जा सकती है। कंस्ट्रक्शन साइटों पर भी कड़ी निगरानी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्यों से भी प्रदूषण में भारी वृद्धि होती है। अब केवल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मान्यता प्राप्त निर्माण साइटें ही संचालित हो सकेंगी। किसी भी साइट के मालिक को संचालन के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी लेना अनिवार्य होगा। पहले से संचालित साइटों को भी प्रदूषण नियंत्रण के मानकों को पूरा करना होगा। एनओसी जारी करने में एफएमडीए, क्षेत्रीय कार्यालय नगर निगम, और एचएसवीपी जैसे विभागों की मदद ली जा रही है, ताकि ग्रैप के लागू होने से पहले सभी प्रदूषण नियंत्रण मानकों को पूरा किया जा सके।   पराली जलाने पर सख्त जुर्माना और प्रतिबंध पलवल के डिप्टी कमिश्नर डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ के अनुसार, पराली जलाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उल्लंघन करने वालों पर 5,000 से लेकर 30,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा और एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही, आने वाले दो वर्षों तक ऐसे किसान अपनी फसल को एमएसपी पर बेचने के पात्र नहीं होंगे। हेल्पलाइन नंबर जारी सरकार किसानों को पराली जलाने की बजाय इसे आय का स्रोत बनाने के विकल्प भी उपलब्ध कराएगी। आम आदमी भी पराली जलाए जाने की सूचना कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को दे सकते हैं। इसके लिए 01275-254060 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और वैश्विक पहचान की राह पर बढ़ता उत्तर प्रदेश

यूपीआईटीएस 2025 यूपीआईटीएस से विदेशी बाजार तक पहुंच बना रहीं उत्तर प्रदेश की महिला उद्यमी एमओयू के जरिए मिल रही नई पहचान और बड़े मौके कानपुर से दिल्ली-एनसीआर तक गूंजी सफलता की कहानियां ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बना बदलाव का आधार, महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश कर रहा यूपी सरकार के प्रयासों ने बढ़ाई बिजनेस लीड्स और अवसर, ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर दम दिखा रहीं प्रदेश की महिलाएं ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस 2025) ने इस बार महिला उद्यमियों के आत्मविश्वास और संभावनाओं को नई उड़ान दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए बिजनेस-फ्रेंडली माहौल और महिलाओं को बढ़ावा देने वाली नीतियों का असर इस इवेंट में साफ नजर आया। यहां देश और विदेश से आए बायर्स के साथ महिला उद्यमियों ने बड़ी डील्स साइन कीं, जिससे उनके ब्रांड्स को न केवल घरेलू बल्कि वैश्विक पहचान भी मिली। यूपीआईटीएस 2025 ने यह साबित कर दिया है कि सही नीति और मजबूत नेतृत्व से महिला उद्यमियों को आगे बढ़ने का मौका मिलता है। योगी सरकार के प्रयासों ने उत्तर प्रदेश को न केवल निवेश और व्यापार का हब बनाया है, बल्कि महिला उद्यमिता को भी नई पहचान दी है। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नई क्रांति साबित हो रहा है। संगीता को मिला 10 हजार डॉलर का एमओयू  कानपुर की एंटरप्रेन्योर संगीता सिंह ने बताया कि यह इवेंट मेरे लिए बहुत लाभकारी साबित हुआ है। मैं लगातार तीसरे वर्ष इसमें पार्टिसिपेट कर रही हूं। हर बार की तरह इस बार भी मुझे फॉरेन बॉयर्स से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। शनिवार को ही मैंने यहां पर 10 हजार डॉलर का एमओयू साइन किया है। मोदी सरकार और योगी सरकार ने जिस तरह से प्रदेश में महिला उद्यमियों को प्रमोट किया है वो बेहद शानदार है और इससे महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल कायम हो रही है।  वैश्विक पहचान का मिल रहा अवसर- श्रुति  दिल्ली एनसीआर की श्रुति चंडक ने भी यूपीआईटीएस में फॉरेन बायर्स के साथ बड़ी डील साइन करते हुए एमओयू किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और सीएम योगी की वजह से आज इस इवेंट का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं। यूपीआईटीएस के रूप में यह एक प्लेटफॉर्म मिला है, जहां महिला उद्यमियों को भी अपने ब्रांड्स को वैश्विक पहचान दिलाने में सफलता मिल रही है। सीएम योगी का इसके लिए आभार जताती हूं।  महिला उद्यमियों के लिए बेहतर है माहौलः रबलीन कॉरिस क्वीन प्रा.लि. की रबलीन कौर ने बताया कि इस आयोजन का हिस्सा बनकर वो बहुत खुश हैं। यूपीआईटीएस में सम्मिलित होने का यह उनका पहला मौका है और उन्हें यहां बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उनके फूड प्रोडक्ट्स को यहां फॉरेन बॉयर्स ने बहुत सराहा है। उन्हें बहुत अच्छी बिजनेस लीड्स मिली हैं, जो इवेंट के बाद एमओयू में बदलेंगी। वहीं, हमने कुछ एमओयू भी साइन किए हैं। यहां का माहौल वाकई महिला उद्यमियों के लिए बहुत शानदार है। यूपी सरकार ने इसके लिए जो प्रयास किए हैं वो सराहनीय हैं।  विदेशी महिला बायर्स ने भी सरकार के प्रयास को सराहा रबलीन ने मॉरीशस की एक कंपनी के साथ एमओयू किया। कंपनी की प्रतिनिधि ने भी योगी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। यहां पर जो प्रोडक्ट्स दिख रहे हैं वो वर्ल्ड क्लास हैं। इन प्रोडक्ट्स को निश्चित रूप से विदेशों में भी काफी पसंद किया जाएगा। उन्होंने योगी सरकार को इस इवेंट के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यहां का माहौल बिजनेस प्रमोशन के लिए वाकई यादगार है।  ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बना महिला सशक्तिकरण का आधार प्रदेश सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए जो नीतियां लागू की हैं, उनका सबसे अधिक लाभ महिला उद्यमियों को मिल रहा है। एकल विंडो सिस्टम, निवेश को सरल बनाने की प्रक्रिया और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले विशेष प्रोत्साहन पैकेज ने उत्तर प्रदेश को महिला उद्यमियों के लिए नई संभावनाओं की भूमि बना दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच स्पष्ट है किमहिला सशक्तिकरण बिना आर्थिक आत्मनिर्भरता के संभव नहीं। इसी दृष्टिकोण से सरकार ने महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, लोन सुविधाएं, स्किल डेवलपमेंट और मार्केट एक्सेस जैसे क्षेत्रों में मजबूती दी है। यूपीआईटीएस इसी सोच का ठोस उदाहरण है, जहां महिला उद्यमियों को अपने ब्रांड्स को आगे बढ़ाने और विदेशी बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।

गंगरेल बांध का जलस्तर ऊँचा, महानदी तटवर्ती ग्रामीणों को सतर्क रहने की चेतावनी

महासमुंद रविशंकर सागर बांध (गंगरेल) का जलभराव स्तर लगातार वर्षा के कारण तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार रात 8 बजे की स्थिति में बांध का जलभराव 94.82 प्रतिशत दर्ज किया गया, जिसमें 17,356 क्यूसेक पानी की आवक रही। इस दौरान सिंचाई हेतु 3,700 क्यूसेक एवं महानदी नदी में 4,026 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।  ज्ञात है कि शनिवार सुबह 11 बजे तक बांध का जलभराव 94 प्रतिशत हो चुका था। बांध के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार वर्षा के चलते लगभग 15,000 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज हुई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए पानी की आवक 25,000 क्यूसेक तक पहुँचने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में जलस्तर नियंत्रित करने हेतु बांध से प्रति घंटे लगभग 4,000 क्यूसेक पानी महानदी नदी में छोड़े जाने की संभावना व्यक्त की गई थी। महासमुंद जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री अजय खरे ने जानकारी दी कि महानदी नदी के किनारे बसे ग्रामवासियों को सतर्क किया जा रहा है। साथ ही, उच्च अधिकारियों को अग्रिम कार्यवाही हेतु सूचित कर दिया गया है, ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने नदी किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने की अपील की है।

पंचतत्व में विलीन हुए प्रो. यूपी सिंह, मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

प्रो. सिंह के राजेंद्र नगर स्थित आवास पर पहुंचे सीएम योगी, पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर किया नमन एमपी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष रहे पूर्व कुलपति प्रो. यूपी सिंह को श्रद्धांजलि देने उमड़े लोग गोरखपुर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष रहे, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. यूपी सिंह रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। पावन राप्ती नदी के राजघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, मुखाग्नि उनके ज्येष्ठ पुत्र गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. वीके सिंह ने दी। अंतिम संस्कार से पहले गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रो. यूपी सिंह के राजेंद्र नगर स्थित आवास पर जाकर उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और भावभीनी श्रद्धांजलि दी। प्रो. सिंह का शनिवार तड़के निधन हो गया था। बलरामपुर से गोरखपुर आए मुख्यमंत्री सबसे पहले प्रो. यूपी सिंह के आवास पर पहुंचे। उन्होंने स्मृतिशेष महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया और भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने प्रो. सिंह के पुत्रद्वय प्रो वीके सिंह, प्रो. राजीव कृष्ण सिंह और अन्य परिजनों से आत्मीय संवाद कर उन्हें ढांढस भी बंधाया। यहां महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, राजेश त्रिपाठी, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ला, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह आदि ने भी महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष रहे प्रो. यूपी सिंह को श्रद्धांजलि दी। प्रो. सिंह के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर तथा पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा व अंतिम संस्कार के समय महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के पदाधिकारी, सदस्य, परिषद की संस्थाओं के प्रमुख, शिक्षक, कर्मचारी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  प्रो. यूपी सिंह के पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा फूलों से सजे वाहन पर उनके आवास राजेंद्र नगर से होते हुए गोरखनाथ मंदिर, धर्मशाला, ट्रैफिक तिराहा, कालीमंदिर, गोलघर, कलेक्ट्री चौराहा, भगत सिंह चौक, अलहदादपुर, प्रेमचंद पार्क, ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी होते हुए राप्ती घाट पुल के किनारे से नगर निगम द्वारा निर्मित श्मशान घाट तक पहुंची। यहां वैदिक विधि विधान से उनकी अंत्येष्टि की गई। इस मौके पर प्रो. विश्वनाथ तिवारी, एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक रमेश जी, डॉ. महेंद्र अग्रवाल, पूर्व विधायक शीतल पांडेय, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव, डॉ. राजवंत राव, डॉ राजेंद्र भारती सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और आम नागरिक उपस्थित रहे।

जीपीएम जिला: पर्यटन संरक्षण और विकास में उदाहरणीय प्रयास

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही  पर्यटन क्षेत्रों के संरक्षण और विकास के लिए गौरवान्वित हुआ जीपीएम जिला पर्यटन क्षेत्रों के संरक्षण और विकास के लिए गौरवान्वित हुआ जीपीएम जिलानैसर्गिक खूबसूरती और पर्यटन क्षेत्रों के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को इको टूरिज्म साइट 2025 का राज्य स्तरीय सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार प्राप्त हुआ है। यह सम्मान रायपुर में विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी को प्रदान किया।  पर्यटन क्षेत्रों के संरक्षण और विकास के लिए गौरवान्वित हुआ जीपीएम जिला     यह पुरस्कार जिले की सबसे ऊंची पर्वत चोटी राजमेरगढ़ पर्यटन क्षेत्र में पर्यावरणीय पर्यटन विकास के उत्कृष्ट प्रयासों के लिए दिया गया है। राजमेरगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और सांस्कृतिक महत्व के कारण प्रदेश के इको-टूरिज्म मानचित्र पर एक प्रमुख आकर्षण बन चुका है।     कलेक्टर मंडावी ने बताया कि यह सम्मान जिलेवासियों, पर्यावरण प्रेमियों और प्रशासनिक टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राजमेरगढ़ को मॉडल ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में यह उपलब्धि बड़ी प्रेरणा बनेगी। जिले को मिला यह पुरस्कार न केवल जीपीएम के लिए गौरव का विषय है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सतत् एवं जिम्मेदार पर्यटन के क्षेत्र में एक मिसाल भी है। पर्यटन मंत्री और कलेक्टर ने जिलेवासियों को इस सम्मान के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।