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MMRDA का कड़ा कदम: अटल सेतु की खामियों पर ठेकेदार को 1 करोड़ का दंड, कांग्रेस ने उठाया सवाल

मुंबई  मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने नए खुले अटल सेतु पर सतही क्षति दिखाने वाला एक वीडियो वायरल होने के बाद ठेकेदार पर एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है. मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक, जिसका आधिकारिक नाम अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु है, का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी ने 12 जनवरी, 2024 को किया था. 17,840 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित, 21.8 किलोमीटर लंबा यह पुल भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल और दुनिया का 12वां सबसे लंबा पुल है. नए खुले अटल सेतु पर सतही क्षति दिखाने वाला एक वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद एमएमआरडीए ने कार्रवाई की. कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना महाराष्ट्र कांग्रेस ने भी अपने एक्स पर अटल सेतु के गड्ढों का वायरल वीडियो पोस्ट करके बीजेपी पर निशाना साधा है. इसमें एक तस्वीर और वीडियो शेयर किया गया हैं. पहली जब पीएम मोदी ने इस अटल सेतु का उद्घाटन किया था और दूसरा अटल सेतु पर गड्ढों और टेम्पररी पैचिंग का वायरल वीडियो सामने आया जो किसी नागरिक ने निकाला था.   MMRDA का बयान मेट्रोपॉलिटन आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी के निर्देश पर शुक्रवार को 22 किलोमीटर लंबे अटल सेतु (दोनों अप और डाउन कैरिजवे) का व्यापक निरीक्षण अतिरिक्त मेट्रोपॉलिटन आयुक्त एवं परियोजना प्रभारी विक्रम कुमार ने किया. निरीक्षण के दौरान एमएमआरडीए टीम ने पुष्टि की कि नवी मुंबई की ओर जाने वाले कैरिजवे के केवल सीमित 2 किलोमीटर हिस्से (किमी 14 से किमी 16 के बीच) पर कुछ पैचों में हल्की सतही क्षति देखी गई. इसका कारण मानसून के दौरान मौसम की चरम स्थिति और लगातार ट्रैफिक बताया गया. ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई एमएमआरडीए टीम ने इस प्रोजेक्ट के ठेकेदार को निर्देश दिया है कि प्रभावित हिस्से की री-सर्फेसिंग पांच दिनों के भीतर पूरी की जाए. यह स्पष्ट कर दिया गया कि अगर कार्य निर्धारित समय में पूरा नहीं हुआ तो ठेकेदार के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी. पहले से उठाए गए प्रवर्तन कदमों के तहत ठेकेदार पर ₹1 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है. उनकी डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (DLP), जो जनवरी 2026 में खत्म होनी थी, उसे एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है. कड़ी निगरानी के लिए प्रतिबद्ध मानसून के बाद पूरी सड़क को घने बिटुमिनस मैकाडम (DBM) और डामर कंक्रीट (AC) का उपयोग कर, ठेकेदार के अपने खर्च पर स्थायी रूप से पुनर्निर्मित और फिर तैयार किया जाएगा. एमएमआरडीए टीम ने दोहराया कि अटल सेतु संरचनात्मक रूप से मजबूत और सुरक्षित है तथा नागरिकों को आश्वस्त किया कि एमएमआरडीए इस महत्वपूर्ण परियोजना की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए त्वरित कार्रवाई और कड़ी निगरानी के लिए प्रतिबद्ध है.  

गरबा में सुअरों पर बैन, MP को लव जिहाद हॉटस्पॉट कहने पर काजल हिंदुस्तानी चर्चा में

उज्जैन  एक कार्यक्रम में हिंदुवादी नेत्री काजल हिंदुस्तानी ने मध्यप्रदेश को ‘लव जिहाद का हॉटस्पॉट’ बताते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने इंदौर, भोपाल और छंगूर बाबा प्रकरण का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में संगठित रूप से लव जिहाद को अंजाम दिया जा रहा है। उनका दावा है कि इसके पीछे फंडिंग और आतंकवादी कनेक्शन भी हो सकते हैं। काजल हिंदुस्तानी का विवादित बयान  काजल हिंदुस्तानी ने कहा कि नवरात्रि के दौरान मुस्लिम जिहादी युवक झूठी पहचान बनाकर गरबा पंडालों में घुसने की कोशिश करते हैं और हिंदू बेटियों को प्रेमजाल में फंसाते हैं। उन्होंने आयोजकों से अपील की कि पंडालों में ‘सुअरों का प्रवेश निषेध’ जैसे बोर्ड लगाएं और सख्ती से आईडी चेकिंग की जाए। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि संदिग्ध युवकों की मोबाइल हिस्ट्री और चैट्स की जांच होनी चाहिए ताकि बहनों और बेटियों को जागरूक किया जा सके और लव जिहाद से बचाया जा सके। 

साइबर अटैक से यूरोप की हवाई सेवा ठप: चेक-इन सिस्टम फेल, यात्रियों को भारी परेशानी

लंदन  लंदन, ब्रसेल्स और कई बड़े यूरोपीय एयरपोर्ट्स पर साइबर अटैक के चलते फ्लाइट्स में देरी का मामला सामने आया है. दुनियाभर के हवाई अड्डों और एयरलाइनों के लिए सिस्टम संचालित करने वाली कंपनी कॉलिन्स एयरोस्पेस ने साइबर हमले से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ी की पुष्टि की.  हीथ्रो एयरपोर्ट ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि तकनीकी समस्या को जल्द से जल्द हल करने का प्रयास किया जा रहा है. यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट स्थिति एयरलाइन से जांच लें और लंबी उड़ानों के लिए तीन घंटे पहले, घरेलू उड़ानों के लिए दो घंटे पहले एयरपोर्ट पर पहुंचें.  हीथ्रो एयरपोर्ट ने बताया कि चेक-इन क्षेत्रों में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया गया है, ताकि यात्रियों की मदद की जा सके और व्यवधान को कम किया जा सके. एयरपोर्ट ने हुई असुविधा के लिए माफी भी मांगी है. बर्लिन और हीथ्रो एयरपोर्ट भी प्रभावित जर्मनी के ब्रांडेनबर्ग एयरपोर्ट ने भी पुष्टि की है कि उनके सेवा प्रदाता के सिस्टम पर साइबर हमला हुआ है। इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर हवाई अड्डा प्रशासन ने अपने नेटवर्क कनेक्शन को अस्थायी रूप से काट दिया। वहीं लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे ने भी तकनीकी समस्या की बात कही है। हीथ्रो एयरपोर्ट के अनुसार, कॉलीन्स एयरोस्पेस कंपनी जो कई एयरलाइनों को चेक-इन और बोर्डिंग सिस्टम मुहैया कराती है। तकनीकी दिक्कतों का सामना कर रही है। इसके कारण उड़ानों में देरी हो रही है। यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह सभी हवाई अड्डों ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे अपनी उड़ानों का स्टेटस समय-समय पर ऑनलाइन जांचते रहें और आवश्यकतानुसार फ्लाइट के समय को ध्यान में रखकर यात्रा की योजना बनाएं। साथ ही हवाई अड्डा प्रबंधन ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया है और समस्या के समाधान के लिए काम जारी रखने का आश्वासन दिया। सुरक्षा और समाधान के प्रयास जारी साइबर हमलों के कारण प्रभावित हवाई अड्डों ने अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्त कर दिया है। कई जगह पर सिस्टम को अस्थायी रूप से ऑफलाइन कर दिया गया है। ताकि आगे के हमलों को रोका जा सके। विशेषज्ञ इस मामले की गंभीरता को लेकर अलर्ट मोड में हैं और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कदम उठा रहे हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ब्रसेल्स एय़रपोर्ट ने बताया कि साइबर हमले के कारण स्वचालित चेक-इन और बोर्डिंग सेवाएं बंद हो गईं, जिसके चलते कर्मचारियों को मैन्युअल प्रक्रिया अपनानी पड़ी. एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कहा कि इससे फ्लाइट्स पर गंभीर असर पड़ा है. इसके चलते कई फ्लाइट्स में देरी हुई और फ्लाइट्स को कैंसल करना पड़ा, जबकि सेवा प्रदाता समस्या को जल्द हल करने में जुटा है. शनिवार को एयरपोर्ट अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी कि वे यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन से फ्लाइट्स की पुष्टि कर लें. इस साइबर हमले से कई जगह यात्री प्रभावित हुए.  वहीं, बर्लिन एयरपोर्ट ने अपनी वेबसाइट पर सूचना दी कि यूरोपभर में काम करने वाले एक सिस्टम प्रदाता में तकनीकी दिक़्क़त के कारण चेक-इन में लंबा इंतज़ार हो रहा है. एयरपोर्ट ने कहा कि समस्या के समाधान पर काम किया जा रहा है.

508KM का एक्सप्रेस सफर: मुंबई से अहमदाबाद तक बुलेट ट्रेन का नया ट्रैक

मुंबई  मुंबई और अहमदाबाद के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन का सपना अब हकीकत बनने की ओर है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को जानकारी दी कि हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के स्टेशन का काम अब आखिरी चरण में है और इसे साल 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह बुलेट ट्रेन का पहला फेज है, जो यात्रियों के लिए खोला जाएगा. रेलमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक वीडियो भी शेयर की है. इसके साथ उन्होंने लिखा कि इसमें संस्कृति, पर्यावरण और कनेक्टिविटी का शानदार मेल होगा. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर मुंबई और अहमदाबाद के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन के लिए दोनों शहरों के बीच नदी में 25 पुल बनाए गए हैं. इसमें से 21 गुजरात में और 4 महाराष्ट्र में हैं. इसके साथ ही मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के स्टेशन को भी अलग तरीके से तैयार किया जा रहा है. इन स्टेशनों का डिजाइन बेहद आधुनिक है और इनमें वहां की स्थानीय संस्कृति को भी दर्शाया जाएगा. पर्यावरण को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे ये स्टेशन बिजली तो बचाएंगे ही साथ ही यात्रियों को बेहतरीन सुविधाएं भी उपलब्ध कराएंगे. बात चाहे स्टेशनों पर लगने वाली सीटों की हो या फिर वेटिंग एरिया की. ये स्टेशन पूरी तरह से यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे हैं. रेलवे की ओर से दावा किया जा रहा है कि ये स्टेशन भारत में रेल यात्रा के नए मानक स्थापित करेंगे.   12 स्टेशन मुंबई-अहमदाबाद रूट पर होंगे मुंबई और अहमदाबाद के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन 12 स्टेशनों पर रुकेगी. इसमें साबरमती, अहमदाबाद, आनंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलीमोरा, वापी, बोइसर, विरार, ठाणे और मुंबई शामिल हैं. 508 किलोमीटर लंबे सफर को पूरा करने में 02 घंटे 7 मिनट का समय लगेगा. ऐसा कहा जा रहा है कि ट्रेन की ऑपरेशनल स्पीड 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. इसके साथ ही बुलेट ट्रेन 348 किलोमीटर का सफर गुजरात में तय करेगी, जबकि 156 किलोमीटर का सफर महाराष्ट्र में तय करेगी. विश्वामित्री नदी पर बना पुल अहम पड़ाव गुजरात के वडोदरा में विश्वामित्री नदी पर बना पुल इंजीनियरिंग का बेमिसाल उदाहरण है. 80 मीटर लंबे इस पुल को परियोजना का एक अहम पड़ाव माना जा रहा है. यह गुजरात के 21 पुल में से 17वां पुल है, जो अब बनकर तैयार हो चुका है. इस पुल में तीन खंभे लगाए गए हैं, जिसमें एक नदी के बीच में और बाकी दो किनारों पर लगाए गए हैं. वडोदरा जैसे व्यस्त शहर में इस पुल को बनाना आसान नहीं था. इस पुल को तैयार करने के लिए वडोदरा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और अन्य स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर सटीक योजना तैयार की गई.   क्या है इस प्रोजेक्ट की खासियत? मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना है. भारत की बुलेट ट्रेन जापान की शिनकानसेन तकनीक पर आधारित है. इस पूरे कॉरिडोर में 12 स्टेशन होंगे, जिनमें साबरमती, अहमदाबाद, आनंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलीमोरा, वापी, बोइसर, विरार, ठाणे और मुंबई शामिल हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि जापान से कई इंजीनियर्स इस प्रोजेक्ट को देखने आते हैं और यहां की तकनीक को देखकर हैरान रह जाते हैं. उनका कहना है कि वो अगले प्रोजेक्ट में यहां विकसित की गई कई तकनीकों को अपनाएंगे. रेलमंत्री ने कहा कि हम सही ट्रैक पर आगे बढ़ रहे हैं. हमारा पहला कॉरिडोर अगस्त 2027 तक शुरू हो जाएगा. बुलेट ट्रेन क्यों है खास?     E-5 शिंकानसेन हायाबूसा बुलेट ट्रेन को साल 2011 में जापानी तकनीक से तैयार किया गया था.     हवा को चीरने के लिए ट्रेन के अगले हिस्से में 15 मीटर लंबी एयरोडायनामिक नोट दी गई है.     इस ट्रेन को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसमें बाइब्रेशन और शोर नहीं होता है.     इस ट्रेन को इस तकनीक के साथ तैयार किया गया है क इमरजेंसी में बिना जर्क रुक जाती है.     इस ट्रेन का कोच 253 मीटर लंबी एल्यूमीनियम मिक्स धातु से बनी है, इसमें 10 कोच लगे हैं.  

आरपीएफ स्थापना दिवस समारोह: आईजी ने वीरता और उत्कृष्ट कार्य के लिए 40 को किया सम्मानित

रायपुर/ बिलासपुर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने 20 सितंबर  को अपना स्थापना दिवस समारोह रिजर्व लाइन, बैरक प्रांगण के मैदान में उत्साहपूर्वक मनाया. इस अवसर पर महानिरीक्षक-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त मुनव्वर खुर्शीद ने परेड की सलामी ली और उपस्थित बल सदस्यों को संबोधित किया. उन्होंने RPF के गौरवशाली इतिहास और कर्तव्यों पर प्रकाश डाला, साथ ही बल सदस्यों को ईमानदारी, निष्ठा और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए कर्तव्य निभाने के लिए प्रोत्साहित किया. समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 40 अधिकारियों और बल सदस्यों को उनके सराहनीय कार्य के लिए पुरस्कार और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया. इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया. सामाजिक जिम्मेदारी के तहत 50 से अधिक RPF अधिकारियों और कर्मचारियों ने रेलवे अस्पताल, बिलासपुर में रक्तदान किया.  कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक-सह-मुख्य सुरक्षा आयुक्त, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, सहायक सुरक्षा आयुक्त और रेलवे सुरक्षा बल के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे. इस समारोह ने RPF की प्रतिबद्धता और सेवा भावना को उजागर करते हुए बल सदस्यों में जोश और उत्साह का संचार किया.

रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर भारत के सपने को झारखंड देगा बल: ईस्ट टेक 2025 में बोले मुख्यमंत्री

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड संभावनाओं का प्रदेश है और यहां रक्षा सेक्टर में उपयोग होने वाले रॉ-मैटेरियल प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। मुख्यमंत्री सोरेन ने बीते शुक्रवार को टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव, रांची परिसर में आयोजित ' ईस्ट टेक सिंपोजियम-2025' (डिफेंस एक्सपो) कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में कहा कि झारखंड में पर्याप्त मात्रा में यूरेनियम की भी उपलब्धता है। सोरेन ने कहा कि आज का दिन राज्य के लिए महत्वपूर्ण दिन है। राजधानी रांची की स्थित वीर टाना भगत इंडोर स्टेडियम परिसर खेलगांव में केंद्रीय रक्षा मंत्रालय की ओर से 'ईस्ट टेक सिम्पोजियम-2025' का ऐतिहासिक आयोजन किया जा रहा है। ये आयोजन अपने आप में एक विशिष्ट कार्यक्रम है जिसमें रक्षा क्षेत्र के कई नए आयाम जोड़ने की पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि इस आयोजन के उद्देश्य को पूरा करने में हमें जरूर सफलता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड ने देश को बहुत कुछ दिया है, इस राज्य में डिफेंस सेक्टर से जुड़े उद्योग क्षेत्र के विस्तार की भी प्रबल संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र के साथ पूरा सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। सोरेन ने कहा कि झारखंड में कई बड़े-बड़े उद्योग संस्थान स्थापित हुए है। उद्योग के विस्तार में भी इस राज्य का देश में अलग पहचान रहा है। कई छोटे-बड़े उद्योग यहां पले-बढ़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार गलत नीति निर्धारण के कारण कुछ चीजें समाप्त होती नजर आती है। हम सभी लोग ये जानते हैं कि एचईसी जैसी उद्योग संस्थान रांची में स्थापित है। इस संस्थान के सहयोग से देश के भीतर कई अन्य औद्योगिक संस्थाएं आगे बढ़े हैं।  

CM डॉ. यादव का मानवीय कदम: सड़क हादसे में घायल छात्रा को एयरलिफ्ट कर भेजा मुंबई इलाज के लिए

CM डॉ. यादव का मानवीय कदम: सड़क हादसे में घायल छात्रा को एयरलिफ्ट कर भेजा मुंबई इलाज के लिए संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल: घायल संस्कृति वर्मा को CM यादव ने दिलाया एयर एंबुलेंस से मुंबई में इलाज भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार का परिचय देते हुए इंदौर की सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 17 वर्षीय संस्कृति वर्मा के उपचार की पूरी जिम्मेदारी ली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर शनिवार को उच्च स्तरीय उपचार के लिये संस्कृति वर्मा को एयरलिफ्ट कर मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका विशेष उपचार किया जाएगा। राज्य सरकार उठाएगी उपचार का पूरा खर्च मुख्यमंत्री डॉ.यादव के निर्देश मिलते ही कलेक्टर  शिवम वर्मा के निर्देशन में संस्कृति वर्मा को एयर एम्बुलेंस के माध्यम से मुम्बई भेजने की समुचित व्यवस्था की गयी। भण्डारी हॉस्पिटल से इस बालिका को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से एयरपोर्ट पहुंचाया गया और एयर एम्बुलेंस से मुम्बई के लिये रवाना किया गया। विगत दिनों इंदौर में हुये ट्रक हादसे में संस्कृति वर्मा गंभीर रूप से घायल हुई थीं। उनका उपचार इंदौर के भंडारी अस्पताल में किया जा रहा था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पताल पहुंचकर संस्कृति वर्मा के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी और चिकित्सकों को हर संभव बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उपचार का पूरा खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। ईलाज में कोई कोर-कसर नहीं रखी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मानवीय संवेदना को सर्वोपरि रखते हुए संस्कृति वर्मा के उच्च स्तरीय उपचार के लिये एयरलिफ्ट कर मुंबई भेजने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृति वर्मा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।  

शहीद रंजीत कश्यप की कहानी: 3 बेटियों के पिता और बुजुर्ग माता-पिता का था इकलौता सहारा

रायपुर  मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में आतंकवादियों ने असम राइफल्स के एक वाहन पर हमला किया। इस हमले में दो जवान शहीद हो गए, जबकि 5 घायल हो गए। शहीद जवानों में छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के बालेंगा गांव निवासी रंजीत कुमार कश्यप भी शामिल हैं।  ग्रामीणों और दोस्तों के मुताबिक रंजीत पिछले महीने ही छुट्टी पर गांव आया था। करीब एक महीने तक वो अपने परिजनों के साथ रहा। पिछले रविवार को ही ड्यूटी पर लौटा था। उसने अपने साथियों से कहा था कि सेवा के तीन साल बाकी हैं। इसके बाद रिटायर होकर गांव लौटेगा और बुजुर्ग माता-पिता का सहारा बनेगा। परिजन बताते हैं कि, रंजीत शुरू से ही देश की सेवा करना चाहता था। उसका सपना था फोर्स ज्वाइन कर देश की रक्षा करना। रंजीत की तीन बेटियां हैं। एक बहन की शादी भी बीएसएफ जवान से हुई है। शुक्रवार को हुआ था हमला जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब 6 बजे बिष्णुपुर जिले के नांबोल सबल लीकाई इलाके में आतंकियों ने असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर हमला किया। अचानक हुई गोलीबारी में एक वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस हमले में एक ऑफिसर और जवान रंजीत कुमार कश्यप शहीद हो गए। इनके अलावा तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से एक की हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं, रंजीत कश्यप बस्तर के बालेंगा इलाके के रहने वाले थे। असम में अपनी सेवा दे रहे थे। तलाशी अभियान और श्रद्धांजलि हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया और आतंकवादियों की तलाश शुरू कर दी. सेना ने तलाशी अभियान जारी रखा है ताकि हमलावरों को पकड़ा या मार गिराया जा सके. असम राइफल्स के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. पीएम मोदी के दौरे के बाद मणिपुर की शांति पर सवाल यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर दौरे पर गए थे, उन्होंने चुराचांदपुर में 7000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया था और मणिपुर को शांति और विकास का प्रतीक बनाने का वादा किया था, लेकिन दौरे के कुछ ही दिनों बाद हुई यह आतंकी घटना राज्य में शांति बहाल करने की कोशिशों पर सवाल खड़े करती है.

एशिया कप से बाहर यशस्वी जायसवाल ने किया खुलासा, चयनकर्ताओं पर उठाए सवाल

नई दिल्ली  भारतीय टीम का एशिया कप 2025 में प्रदर्शन शानदार रहा है। टीम ने लीग स्टेज के सभी मुकाबले जीतकर सुपर-4 में प्रवेश किया है, जहां उसका पहला मुकाबला पाकिस्तान से होगा। भारतीय स्क्वॉड में मौजूद ज्यादातर खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है, हालांकि कुछ खिलाड़ियों को मेन स्क्वॉड में जगह नहीं मिली है, जिसमें यशस्वी जायसवाल का नाम भी शामिल है। इस बीच जायसवाल ने एशिया कप स्क्वॉड से नजरअंदाज किए जाने पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का चयन चयनकर्ताओं के हाथ में होता है। वह सिर्फ कड़ी मेहनत पर ध्यान दे रहे हैं। यशस्वी जायसवाल ने टेस्ट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया है। लेकिन इसके बावजूद वह खेल के सबसे छोटे प्रारूप में भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। एशिया कप के लिए जब टीम का चयन हुआ, उस समय यशस्वी का नाम नहीं होने पर सवाल खड़े हुए थे। गौतम गंभीर के मुख्य कोच और विराट-रोहित के जाने के बाद से ऊपरी क्रम में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने जिम्मा संभाला है। इस बीच एशिया कप स्क्वॉड में शुभमन गिल की भी एंट्री हुई है, जोकि उपकप्तान की भूमिका में हैं, ऐसे में जायसवाल को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। यशस्वी जायसवाल ने कहा, ''ये सब चयनकर्ताओं के हाथ में होता है। वे इसे टीम संयोजन के नजर से देखते हैं। मैं मेहनत जारी रखूंगा और मुझे पता है मेरा समय आएगा। तब तक, मैं खुद पर काम करता रहूंगा, बेहतर करता रहूंगा।'' यशस्वी जायसवाल ने 23 टी20 मैचों में 723 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 164.31 का रहा। इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक लगाए हैं। भारत ने शुक्रवार को ओमान को 21 रन से हराकर एशिया कप के ग्रुप लीग चरण का अंत जीत की हैट्रिक से किया। अब भारतीय टीम 48 घंटे से भी कम समय में दुबई में सुपर 4 मुकाबले में पाकिस्तान से भिड़ेगी।  

विज्ञान-तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा: मुख्यमंत्री नीतीश ने कई योजनाओं का किया उद्घाटन

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी बस को हरी झंडी दिखाकर राज्य में भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी बस सेवा का शुभारंभ किया। राजधानी पटना के तारामंडल में आयोजित कार्यक्रम में भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी बस सेवा का शुभारंभ किया गया। यह बस बिहार के सभी क्षेत्रों में जाकर छात्र – छात्राओं को विज्ञान के बारे में जानकारी उपलब्ध करायेगी। सीएम नीतीश कुमार ने इसके बाद विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन किया। इसके तहत तारामंडल, पटना में एस्ट्रा पार्क के निर्माण कार्य का शुभारंभ एवं स्मारिका बिक्री केंद्र का उद्घाटन किया गया। साथ ही बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी, पटना एवं बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय, पटना के संयुक्त तत्वाधान में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के अंतर्गत एम.टेक (जियोइनफॉरमैटिक्स)पाठ्यक्रम का बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर, पटना शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल रियलिटी थियेटर का किया उद्घाटन आज के कार्यक्रम में तारामंडल, पटना में टेलीस्कोप सहित ऑब्जर्वेटरी डोम के निर्माण के लिये बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी तथा राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिसर के बीच समझौता ज्ञापन संपन्न हुआ। साथ ही तारामंडल, पटना में इंटर्नशिप पोटर्ल का शुभारंभ किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने वर्चुअल रियलिटी थियेटर का उद्घाटन किया। तारामंडल के मुख्य भवन में 5.6 करोड़ रूपये की लागत से वर्चुअल रियलिटी थियेटर की स्थापना की गई है। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने वर्चुअल रियलिटी थियेटर के संबंध में विस्तृत जानकारी ली और वहां बैठकर इसका अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह थियेटर अच्छा बना है। यहां आनेवाले विद्यार्थियों एवं लोगों को विज्ञान के साथ-साथ अन्य नयी जानकारियों का अनुभव होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग पास आउट छात्र – छात्राओं को डिग्री प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने समग्र रूप से विश्वविद्यालय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करनेवाले छात्र सुमन कुमार (मैकनिकल इंजीनियर, मोतिहारी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग) को 50 हजार एक रुपये का चेक, स्वर्ण पदक, लैपटॉप, प्रशस्ति पत्र एवं बी.टेक की उपाधि से सम्मानित किया। साथ ही सिविल इंजीनियरिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करनेवाली छात्रा सुश्री वैष्णवी प्रिया (बी.सी.ई. भागलपुर), इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करनेवाली छात्रा सुशी सलोनी कुमारी (जी.ई.सी0, नवादा), इलेक्ट्रॉनिक्स कम्युनिकेशन एंड इंजीनियरिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करनेवाले श्री रितिक राज (बी.सी.ई., भागलपुर), कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करनेवाले प्रमित कुमार (बी.सी.ई. भागलपुर) एवं इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी में प्रथम स्थान प्राप्त करनेवाली सुश्री रानी कुमारी ( एम.आई.टी, मुजफ्फरपुर) को लैपटॉप, स्वर्ण पदक, प्रशस्ति पत्र एवं बी.टेक. की उपाधि से सम्मानित किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुमित कुमार सिंह, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त डॉ. एस. सिद्धार्थ, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी विभाग की सचिव डॉ. प्रतिमा एस. वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा, बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के कुलपति एस. के. वर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।