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रायपुर : महानदी परियोजना लवन शाखा नहर के कार्यों के लिए 9 करोड़ रूपए से अधिक राशि स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड की महानदी परियोजना के अंतर्गत लवन-शाखा नहर के वितरक शाखा क्रमांक-एक के कोण्डापार माईनर, रसौटा एवं केसला माईनर के रिमॉडलिंग, सी.सी. लाईनिंग और पुनःनिर्माण, जीर्णोद्धार कार्य के लिए 9 करोड़ 6 लाख 68 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर योजना की रूपांकित सिंचाई 1953.28 हेक्टेयर में 462.61 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। योजना के कार्यों को कराने जल संसाधन मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता महानदी परियोजना जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

Gold Rate में बड़ी गिरावट की संभावना, निवेशकों के लिए अलर्ट — सोना फिलहाल न खरीदें

नई दिल्ली चंद दिन के बाद से देश में फेस्टिव सीजन (Festive Season) का आगाज हो जाएगा. दुर्गा पूजा के बाद दिवाली और धनतेरस है, इस मौके पर देश में सोना-चांदी खरीदने की परंपरा रही है. लेकिन इस बार त्योहार थोड़ी फीकी रह सकती है, क्योंकि सोना-चांदी इतना महंगा हो चुका है कि भाव सुनते ही लोग सोच में पड़ जाते हैं.  दरअसल, पिछले एक साल में सोना (Gold) करीब 46% महंगा हो चुका है. हैरानी तो इस बात होती है कि इसी साल यानी 2025 में ही सोने की कीमत 40 फीसदी तक बढ़ चुकी है. एक साल पहले 24K कैरेट 10 ग्राम गोल्ड की कीमत करीब 75 हजार रुपये थी, जो बढ़कर 1,10,000 रुपये को पार कर चुकी है.  फेस्टिव सीजन में खरीदने वालों के अलावा वो लोग भी परेशान हैं, जिनके यहां इस साल शादी है, बिना ज्वेलरी की शादी कैसे हो सकती है, और ज्वेलरी की कीमत इतनी बढ़ चुकी है कि आम परिवार का बजट बिगड़ता जा रहा है. क्योंकि एक साल में 10 ग्राम सोने का भाव करीब 35000 रुपये उछल चुका है.  एक साल में सोना कहां के कहां (24 कैरेट)  सितंबर-2024         सितंबर- 2025  ₹75,930               ₹1,11,000 इस बीच पिछले दो दिनों से सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. गुरुवार को 24 कैरेट गोल्ड करीब 500 रुपये सस्ता हुआ है. IBJA के मुताबिक सोने का भाव गुरुवार को 1,09,264 रुपये प्रति 10 ग्राम है. जबकि बुधवार को भाव 1,09,733 रुपये प्रति 10 ग्राम था. इससे पहले मंगलवार को भाव 1,10,869 रुपये प्रति 10 ग्राम था, बता दें, यही सोने का ऑलटाइम हाई रेट भी है. यानी मंगलवार के मुकाबले सोना 1600 रुपये से ज्यादा सस्ता हो चुका है. सोने के भाव में बड़ी गिरावट संभव वहीं बुधवार के मुकाबले चांदी में गुरुवार को मामूली गिरावट देखने को मिल रही है. 17 सितंबर को एक किलो चांदी का भाव 125756 रुपये था, जो कि गुरुवार को गिरकर 125563 रुपये पर पहुंच गया. जबकि चांदी 16 सितंबर को चांदी का भाव बढ़कर 129300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था. यानी दो दिन में चांदी की कीमत लगभग 3500 रुपये घट चुकी है.  दरअसल अमेरिकी फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों में कटौती कर दी है, फेड ने बेंचमार्क दर को 4.25% से घटाकर 4.0% कर दिया है. इस फैसले से सोने-चांदी की कीमतों पर असर पड़ा है, और भाव टूटने लगा है. टैरिफ का असर आभूषण उद्योग पर भी पड़ रहा है. ये इससे भारतीय निर्यात प्रभावित हुए हैं, खासकर अमेरिका होने वाला कारोबार.  लेकिन अब जिस तरह ब्याज दरों में कटौती की गई और आगे भी कटौती के संकेत दिए गए हैं, इससे सोने-चांदी पर दबाव बढ़ सकता है, साथ ही टैरिफ को लेकर भी धीरे-धीरे बीच का रास्ता निकल रहा है. जानकारों की मानें तो सोने-चांदी में फिलहाल मुनाफावसूली का भी वक्त है, क्योंकि इस साल सोने में एकतरफा रैली देखने को मिली है. सोने में कीमतों में क्यों आ सकती हैंं गिरावट? अगर भारत के परदृश्य से देखें तो टैरिफ के मोर्चे पर राहत और रुपया डॉलर की तुलना में मजबूत होने पर सोने की कीमतों को कुछ हद तक बढ़ने से रोका जा सकता है. जानकार मानते हैं कि फेस्टिव सीजन में भले ही कीमतों में और हल्की बढ़त देखने को मिल जाए, लेकिन सोने-चांदी में करक्शन आ सकता है. यहां से सोने की कीमत 10 फीसदी तक गिर सकती है. यानी सोने भाव फिर से 1 लाख रुपये के आसपास पहुंच सकता है. ये करक्शन लंबा भी चल सकता है, संभव भी ये है कि लंबे समय तक सोने का भाव एक दायरे में बना रहे. जबकि कुछ एक्सपर्ट्स तो शॉर्ट टर्म में ही 5-6 फीसदी गिरावट का अनुमान लगा रहे हैं. हालांकि चांदी में बड़ी गिरावट की संभावना कम है.    अनुमान है कि फेस्टिव सीजन के दौरान भारत में सोने की कीमतें ₹1,10,000 से ₹1,12,000 प्रति 10 ग्राम के बीच रह सकती हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमत प्रति औंस US$ 3600 से US$ 3700 के बीच होने की भविष्यवाणी की जा रही है. लेकिन अगर ग्लोबल तनाव कम हुए तो फिर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना प्रति औंस US$ 3300 तक फिसल सकता है, यानी 10% करक्शन संभव है. इस हिसाब में भारत में सोने की कीमत गिरकर 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे भी फिसल सकती है. हालांकि ग्लोबल कारोबार में टेंशन बढ़ने पर भाव में यहां से भी उछाल देखने को मिल सकता है.  एक्सपर्ट्स ने बताए- कब खरीदें सोना दरअसल इस दौर में करीब-करीब हर मध्यमवर्गीय परिवार का एक ही सवाल है कि सोना-चांदी अभी खरीदा जाए, या फिर यहां से गिरावट की कोई उम्मीद है? इसके जवाब में अधिकतक एक्सपर्ट्स सलाह दे रहे हैं, कि आंख मूंदकर फिलहाल सोने-चांदी में निवेश से बचें, क्योंकि भाव बहुत बढ़ चुका है, गिरावट की ज्यादा आशंका है. ऐसे में अगर आप मौजूदा भाव में निवेश करते हैं तो फिर आगे गिरावट आने पर पछताना पड़ सकता है. इसलिए अभी कम से कम 3-6 महीने इंतजार करें. अगर आपने खरीदने का मन बना ही लिया है, तो फिर थोड़ा-थोड़ा करके निवेश करें. सोना महंगा होने पर अब क्या विकल्प?    बता दें, सोने की कीमतों में उछाल का सीधा असर ज्वेलरी बाजार पर भी दिख रहा है. ज्वेलर्स की बिक्री में गिरावट आई है और कई दुकानदार किस्तों पर गहने देने की योजना ला रहे हैं. यही नहीं, भारी नेकलेस और कंगन की जगह अब लोग हल्के डिजाइन चुन रहे हैं. छोटे चेन, स्लीक रिंग्स और मिनिमल ब्रेसलेट्स की डिमांड बढ़ी है. इससे सोना भी खरीदा जाता है और बजट पर बोझ भी कम पड़ता है. इसके अलावा पहले लोग ज्यादातर 22 कैरेट और 24 कैरेट गोल्ड खरीदते थे, लेकिन अब 18K और 14K के गहने बनवा रहे हैं. इससे सोना सस्ता भी पड़ रहा है और फैशनेबल डिजाइनों की भी बड़ी रेंज मिलती है. साथ ही सोने के विकल्प के तौर पर लोग अब सिल्वर और प्लैटिनम ज्वेलरी की तरफ रुख कर रहे हैं.

गरबा में गैर-हिंदू युवाओं की एंट्री पर सख्त रामेश्वर शर्मा, कहा – अगर आना है तो माता-पिता को भी लाएं साथ

भोपाल  मध्य प्रदेश में नवरात्रों से पहले अब गरबा की 'सनातनी क्रांति' शुरू हो गई है. गरबा उत्सव कार्यक्रमों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को बेन करने को लेकर हिंदू संगठन से लेकर विधायक तक सामने आ गए है. हिंदू संगठनों ने गरबा संचालकों से कहा है गरबा पंडाल के बाहर वराह अवतार की फोटो लगाकर उसकी पूजन कर ही लोगों को प्रवेश दें जिससे गैर हिंदू प्रवेश न कर सके. दरअसल, प्रदेश में 'लव जिहाद', 'लैंड जिहाद', 'धर्म जिहाद' की खबरों के बीच अब हिंदू संगठन और भाजपा के विधायक 'गरबा जिहाद' रोकने की बात कर रहे हैं. नवरात्रि के पहले ही गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर एमपी में अब जमकर राजनीति शुरू हो गई है. हिंदू संगठन सख्त विरोध कर रहे हैं किसी भी कीमत पर गैर हिंदुओं को पंडालों में प्रवेश न दिया जाए नवरात्रि और गरबा में दूसरे धर्मों के लोगों की एंट्री को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, ''गरबे में गैर हिंदुओं का प्रवेश नहीं होना चाहिए, अगर आना है तो अपनी मां को अपनी अम्मी, बहन, मौसी, अब्बा और चच्चा को लेकर आओ. देवी का प्रसाद खाओ. आशीर्वाद लो और हिंदू धर्म स्वीकार करो.'' नवरात्रि का पर्व आने वाला है. 22 सितंबर से यह पर्व शुरू होगा. हिंदू मां दुर्गा के 9 रूपों की उपासना करते हैं. नवरात्रि पर गरबे का बड़ा महत्व होता है. जगह-जगह गरबा कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है लेकिन राजधानी भोपाल में इसपर एक अलग ही तरह का विवाद छिड़ा हुआ है. गरबे में भाईजान की एंट्री को लेकर एक तरफ हिंदू संगठन चेतावनी दे रहे हैं कि कोई भी गैर-हिंदू गरबे में दिखाई दिया, तो उसे बजरंग दल की शैली में जवाब दिया जाएगा. वहीं भाजपा नेता भी अलग-अलग बयान दे रहे हैं. भाजपा विधायक ऊषा ठाकुर ने कहा कि यह सनातन का पर्व है. मां शक्ति की उपासना की जाती है. इस्लाम को मानने वाले मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते हैं. वे लोग हमारे त्योहारों में आते ही क्यों हैं और अगर आना हैं, तो सनातन अपना लो, जनेऊ धारण करो. इतना ही नहीं, भाजपा विधायक ने आगे कहा कि चार-पांच पीढ़ी ऊपर देखेंगे, तो इनके पूर्वज भी सनातनी ही निकलेंगे. 'मुसलमान गरबे में जाता ही क्यों है?' वहीं, 'भाईजान' की एंट्री पर पाबंदी लगाने के बयानों के बाद कांग्रेस के मुस्लिम विधायक भी सामने आए. भोपाल मध्य सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा, ''मुसलमान गरबे में जाता ही क्यों है? उसे नहीं जाना चाहिए. बाकी बीजेपी को हर त्योहार से पहले विवाद खड़ा करने की आदत है.  नवरात्रि से पहले मध्य प्रदेश की सियासत में गरबा पर सियासी संग्राम छिड़ गया है. बीजेपी नेताओं ने गरबा पंडालों में दूसरे धर्म के लोगों पर बैन लगाने की मांग की है. भोपाल से बीजेपी सांसद आलोक शर्मा ने पंडालों में भाईजान की एंट्री पर बैन लगाने की बात कही, तो इंदौर से बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला ने कहा कि आयोजक गरबा पंडालों में एंट्री से पहले आईडी चेक करें. विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि नवरात्रि पर घर वापसी अभियान चला रहे हैं. हम तो अब सनातन का प्रचार-प्रसार तेजी से बढ़ा रहे हैं. गरबे में कोई भी आए, आपत्ति नहीं है. जो लोग ईसाई, मुसलमान बन गए हैं, अगर वे सनातन धर्म में वापसी करते हैं, तो कोई दिक्कत नहीं है. अकेले लड़के क्यों आ रहे हैं, अपनी बहन, अब्बा-अम्मी को भी लेकर आएं. वे आएं, उन्हें गंगाजल पिलवाएंगे. जय श्रीराम, जय गुरुनानक के नारे लगवाएंगे. दुर्गा जी की आरती करवाएंगे. तिलक लगाएंगे. कब तक दूर-दूर रहेंगे, आ जाएं सभी लोग, सनातन में उनका स्वागत है. वहीं गरबा को लेकर भाजपा नेताओं के बयानों पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि बीजेपी नेता त्योहारों से पहले जान-बूझकर इस तरह की बयानबाजी करते हैं. भाजपा के लोग माहौल खराब करने के लिए बयानबाजी करते हैं. जब मुस्लिम गरबे में जाता ही नहीं है, उसका गरबे से कोई लेना-देना ही नहीं है, नवरात्रि मनाता ही नहीं है, तो फिर क्यों हम धर्म परिवर्तन कर लें. बीजेपी अभियान चलाए, परिचय पत्र चेक करें, आधार चेक करें. सरकार आपकी है, कानून आपका है, अगर कोई जान-बूझकर ऐसा करता है और गरबा कार्यक्रम में घुसता है, तो उसपर कार्रवाई कीजिए. माहौल बनाने के लिए इस तरह की बयानबाजी की जाती है. हमारा गरबे से कोई लेना-देना नहीं है. मुस्लिम समाज को कोई समिति आमंत्रण नहीं भेजती है. मुस्लिमों को भी गरबे में नहीं जाना चाहिए. जबा मना है, तो नहीं जाना चाहिए. बताते चलें कि खंडवा में इस बार नवरात्रि पर गरबा कार्यक्रमों में न फिल्मी गाने बजेंगे और न ही महिलाएं बैकलेस ड्रेस पहन सकती हैं. गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर भी बैन लगाया गया है. आयोजक खुद सुरक्षा इंतजाम करेंगे. संस्कृति, देशभक्ति और नारी शक्ति पर फोकस रहेगा. हिंदू संगठनों ने कहा कि अगर सनातन धर्म के त्योहारों का मजाक बना, तो जिसकी करनी होगी, वही भुगतेगा.  

बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर फायरिंग मामला: यूपी पुलिस की बड़ी कार्रवाई

मुंबई  बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग मामले में दिल्ली की काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने 2 शूटरों को गिरफ्तार किया है. दोनों की गिरफ्तारी दिल्ली से हुई है. दोनों शूटरों पर इनाम था और दोनों फायरिंग केस में फरार चल रहे थे, लेकिन पुलिस को दोनों एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाते नजर आए. जिसके बाद दोनों को ट्रेस करके काउंटर इंटेलिजेंस ने दबोच लिया. दोनों को कस्टडी में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है. बता दें कि मामले में आरोप 2 शूटरों का UP पुलिस की STF गाजियाबाद में एनकाउंटर कर चुकी है. 11 और 12 सितंबर को हुई थी फायरिंग बता दें कि एक्ट्रेस दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर पर लगातार 2 दिन फायरिंग की गई थी. 11 सितंबर को बाइक सवार 2 नाबालिग लड़कों ने गोलियां चलाई थीं, जिन्हें 19 सितंबर को दिल्ली से पकड़ा गया है. अगले दिन 12 सितंबर को फायरिंग करने वाले दोनों शूटरों का पुलिस ने 17 सितंबर को एनकाउंटर कर दिया था. उत्तर प्रदेश की STF ने गाजियाबाद में दोनों को एनकाउंटर में मार गिराया था. दोनों मृतकों की पहचान रविंद्र पुत्र कल्लू निवासी गांव कहनी जिला रोहतक और अरुण पुत्र राजेंद्र निवासी इंडियन कॉलोनी निवासी गोहाना रोड जिला सोनीपत के रूप में हुई थी. गाजियाबाद में हुआ था शूटरों का एनकाउंटर बता दें कि दिशा पाटनी के घर फायरिंग की जिम्मेदारी गैंगस्टर रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ गैंग ने ली थी. साथ ही जांच में पता चला था कि हमलावरों को पुर्तगाल से निर्देश दिए जा रहे थे. गाजियाबाद में शूटरों के एनकाउंटर के बाद रोहित गोदारा गैंग ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी लिखी थी. पोस्ट में गाजियाबाद में एनकाउंटर में मारे गए शूटरों को शहीद बताया था. वहीं अब गैंगस्टर रोहित गोदारा पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने पलटवार किया है. लॉरेंस गैंग ने रोहित गोदारा को नकली सनातनी बताया है. दिशा पाटनी के मामले में लॉरेंस गैंग के गैंगस्टर हरी बॉक्सर ने सोशल मीडिया पोस्ट लिखी है.   गैंगस्टर हैरी ने किया गोदारा पर पलटवार रोहित गोदारा ने अपने 2 शूटरों के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद सोशल मीडिया पोस्ट लिखकर कहा था कि जिन लोगों ने उनके शूटरों को मरवाया वो असली सनातनी नहीं हैं, इसके जवाब में लॉरेंस गैंग ने लिखा कि समाज के कुछ जयचंद आज एक महान योगी, जिन्होंने पूरे भारत के युवाओं के मन एवं आत्मा में हिन्दुत्व की ज्वाला उत्पन्न की, उनको सनातन धर्म का ज्ञान देने की कोशिश कर रहे हैं. हमारे ग्रुप का नाम लेकर युवाओं को बरगलाकर हमारे समाज की बहन बेटियों को अपमानित और डराने की कोशिश कर रहे हैं. अगर कोई सनातन धर्म पर उंगली उठाता है तो उसका जवाब हर हिन्दू देना जानता है, किसी गद्दार के ज्ञान की आवश्यकता नहीं है. सभी भाइयों को सूचित किया जाता है कि गद्दारों के बहकावे में आकर अपना नुकसान न कराएं. इन लोगों का सिर्फ अपना जेब खर्च चलाना है और इन्हीं हरकतों के कारण इनको ग्रुप से लात मारकर निकाला गया है.

शानदार शतक और 500+ स्कोर, भारतीय बल्लेबाज़ों ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों की उड़ाई धज्जियां

नई दिल्ली  टीम इंडिया के 2 स्टार खिलाड़ियों ने बल्ले से कमाल किया और शानदार शतक ठोक ऑस्ट्रेलिया ए का बुरा हाल कर दिया. लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले रहे पहले अनऑफिशियली टेस्ट में जब ऑस्ट्रेलिया ए ने पहली पारी में 6 विकेट खोकर 532 रन बना तो उसे लगा कि यह रन काफी हैं, लेकिन उसे क्या पता था कि इंडिया ए के देवदत्त पडिक्कल और विकेटकीपर ध्रुव जुरेल कुछ और ही ठानकर बैठे हैं. दोनों जब क्रीज पर आते तो चौके-छक्कों की बारिश कर दी. इस मुकाबले में टीम इंडिया ने 222 रनों पर कप्तान श्रेयस अय्यर समेत कुल 4 विकेट खो दिए थे. इसलिए पहले तो पडिक्कल और जुरेल दोनों ने संभलकर खेला, लेकिन जब एक बार नजरें क्रीज पर टिक गईं तो फिर हाथ खोले और शतक ठोक टीम को 500 पार ले गए. दोनों ने मिलकर कंगारू गेंदबाजों की जमकर खबर ली. इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दोनों ने मिलकर कुल 291 रन कूटे, जिसमें 26 चौके और 6 छक्के शामिल रहे. मतलब आधे से ज्यादा रन तो इन दोनों ने मिलकर ही बना डाले. पडिक्कल ने 156 जबकि जुरेल ने 135 रन ठोके चौथे नंबर पर बैटिंग के लिए उतरे देवदत्त पडिक्कल ने 287 बॉल पर 156 रन बनाए. उन्होंने 14 चौके और 1 छक्का भी लगाया. आखिर में वो स्पिनर रोच्चिचियोली का शिकार बने. वहीं छठे नंबर पर उतरे ध्रुव जुरेल ने 114 बॉल सेंचुरी ठोकी और 189 बॉल पर 12 चौके और 5 छक्के कूटकर कुल 135 रन किए. आखिर में फर्गस ओ’नील नाम के गेंदबाज का शिकार बने. जब दोनों आउट हुए तो अपना काम बखूबी पूरी कर गए. अगर मुकाबले की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पारी 6 विकेट के नुकसान पर 532 रन बनाकर घोषित की थी. ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सैम कोन्सटास ने 109 और विकेटकीपर बैटर जोश फिलिपे ने 123 रनों की शानदार पारियां खेली थीं. बाकी 3 बल्लेबाजों ने भी 70 प्लस की पारियां खेलकर भारतीय बॉलर्स को जमकर पीटा था, हालांकि भारतीय बल्लेबाजों ने भी कमाल किया और खबर लिखे जाने तक 7 विकेट खोकर 520 रन बना दिए हैं. अभी वो 12 रन पीछे है. खेल का चौथा दिन चल रहा है और यह मैच अब ड्रॉ की तरफ बढ़ चुका है. 

प्रदर्शन पर फोकस: कुलदीप यादव ने बताई टीम में टिके रहने की शर्त

दुबई इंग्लैंड में दो महीने तक बेंच पर बैठे रहने के दौरान भारत की एकादश में जगह नहीं बना पाने के लिए किसी पर भी दोष मढ़ना आसान होता, लेकिन कुलदीप यादव ने मुश्किल रास्ता चुना। इन दिनों बल्लेबाजी करने वाले स्पिनरों का चलन है, लेकिन कुलदीप की प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं और वह अपने सिद्धांत से विचलित नहीं होंगे। कुलदीप ने आज कहा कि अगर मैं किसी भी टीम में खेलूंगा तो एक (विशेषज्ञ) गेंदबाज के रूप में खेलूंगा। मेरा काम विकेट लेना है। अगर मैं विकेट नहीं लूंगा तो मेरे लिए कोई जगह नहीं होगी। यह समझना बहुत जरूरी है कि जब आप सिर्फ गेंदबाज के रूप में खेलते हैं तो आपका काम टीम के लिए विकेट लेना होता है। मौजूदा समय में भारत के सबसे बहुमुखी स्पिनर माने जाने वाले कानपुर के इस खिलाड़ी ने स्पष्ट किया कि वह खुद को एक गेंदबाजी ऑलराउंडर में बदलने की कोशिश करके चीजों को जटिल नहीं करना चाहते। मौके मिलने से पहले अपने कौशल पर काम करना, अपनी फिटनेस में सुधार करना और अपनी गेंदबाजी के समय को बढ़ाना पसंद किया। इसका फायदा यह हुआ कि बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर को एशिया कप के शुरुआती दो मैच में लगातार दो बार मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ तीन विकेट भी चटकाए। क्या मुख्य कोच गौतम गंभीर की ओर से कोई स्पष्ट संदेश था यह पूछे जाने पर कुलदीप ने कहा कि स्पष्ट संदेश था। कभी-कभी तीन-चार मैचों में मुझे लगा कि मैं खेल सकता हूं लेकिन दुर्भाग्य से मैं नहीं खेल पाया। ओमान के खिलाफ भारत के अंतिम ग्रुप लीग मैच से पहले कुलदीप ने कहा, ‘‘गौती भाई (गंभीर) बहुत स्पष्ट थे। कभी-कभी मुझे लगता था कि मैं खेल सकता हूं, लेकिन जैसा कि आप जानते हैं कि बल्लेबाजी संयोजन के कारण मैं नहीं खेल पाया। कुलदीप के ब्रिटेन में बिताए दो महीने नए कौशल सीखने और कुछ नए गुर सीखने में बीते। कुलदीप अपनी गेंदबाजी के भी आलोचक हैं। उन्हें नहीं लगता कि वह अब भी अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन कर पा रहे हैं, भले ही उनका टी20 अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड प्रभावशाली है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि मैं उतनी अच्छी गेंदबाजी कर रहा हूं। मुझे लगता है कि मैं सुधार कर सकता हूं और बेहतर बन सकता हूं। कभी-कभी इस प्रारूप में आप बल्लेबाज को समझने में गलती कर देते हैं। जब आप किसी टीम पर दबदबा बनाते हैं और छोटी-छोटी गलतियां करते हैं तो आप उन पर ध्यान नहीं देते। आपको लगता है कि आपने गलती की है। मुझे अब भी इस पर काम करना है। मुझे लगता है कि मुझे गेंदबाजी में और मेहनत करने की ज़रूरत है क्योंकि और भी प्रारूप हैं।

iPhone 17 लॉन्च पर क्रेज़: खरीदने की होड़ में झगड़े तक, दिल्ली-मुंबई में रातभर खड़े रहे लोग

मुंबई  एप्पल ने भारत में अपनी नई आईफोन 17 सीरीज की बिक्री शुरू कर दी है. एप्पल अपने नए आईफोन्स की बिक्री ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से कर रहा है. एप्पल ने भारत में अब अपने चार ऑफलाइन स्टोर्स खोल दिए हैं और आज एप्पल के इन सभी स्टोर्स पर लोगों की भारी भीड़ लगी हुई है. एप्पल के फैन्स में iPhone 17 सीरीज का इतना ज्यादा क्रेज देखने को मिल रहा है कि मुंबई में लोगों की भीड़ को कंट्रोल करना भी मुश्किल हो रहा है, ग्राहक आपस में लड़ाई भी कर रहे हैं. दिल्ली के स्टोर पर लोग कल रात से ही लाइन लगाकर आईफोन खरीदने का इंतजार कर रहे हैं. आइए हम आपको वीडियो के जरिए दिखाते हैं कि भारत के ऑफलाइन एप्पल स्टोर्स में आईफोन 17 सीरीज को खरीदने के लिए कितनी भीड़ लगी है. iPhone 17 Series के लिए लोगों को जबरदस्त क्रेज आज सुबह पीटीआई ने एक वीडियो शेयर की, जिसमें देखा जा सकता है कि मुंबई में स्थित एप्पल स्टोर पर लोग घंटों से लाइन में लगे हैं और आपस में झगड़ा भी कर रहे हैं. मुंबई के एप्पल स्टोर के बाहर भारी भीड़ का आलम ऐसा है कि लोगों के बीच में झपड़ हो गई और उन्हें कंट्रोल करने के लिए सिक्योरिटी स्टाफ को लाठियों का भी इस्तेमाल करना पड़ा.    इसके अलावा मुंबई के एप्पल स्टोर की एक अन्य वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग 3-4 अलग-अलग लंबी लाइन्स में लगे हैं और आईफोन को खरीदने का इंतजार कर रहे हैं.इसके अलावा दिल्ली के साकेत सिटी वॉक मॉल में स्थित एप्पल स्टोर पर भी लंबी लाइन देखने को मिली. दिल्ली के साकेत में एप्पल स्टोर के बाहर लगी लाइन मॉल से मेन रोड तक लगी हुई है. लोगों ने बताया कि वो कल रात से ही आईफोन्स खरीदने के लिए लाइन्स में लगे हुए हैं. इसके अलावा बेंगलुरु के एप्पल स्टोर का भी हाल ऐसा ही है. बेंगलुरु में पहली बार लोगों को ऑफलाइन एप्पल स्टोर में जाकर आईफोन 17 सीरीज के आईफोन्स खरीदने का मौका मिल रहा है. ऐसे में वहां पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. एप्पल ने इसी महीने पहले 2 सितंबर को बेंगलुरु और फिर 4 सितंबर को पुणे में भी एप्पल स्टोर खोला था और वहां पर लोगों की काफी भीड़ देखने को मिली, जो आईफोन 17 सीरीज के फोन्स खरीदने के लिए आए थे. इस भारी भीड़ के क्रेज को पार करते हुए आईफोन 17 सीरीज के आईफोन्स खरीदने वाले कुछ लोगों से न्यूज़ एजेंसियों ने बात की. एएनआई को दिए एक बाइट में मुंबई के एक ग्राहक, अमन चौहान ने कहा, "मैंने iPhone 17PRO Max खरीदा है, एक 256GB का और दूसरा 1TB का है. मैं रात 12 बजे से लाइन में इंतज़ार कर रहा था और अब मुझे मिल गया है. इसमें नए फीचर हैं. नारंगी रंग नया है."

मध्य प्रदेश में मानसून एक्टिव! भोपाल से इंदौर तक आज होगी बारिश, चार दिन तक बना रहेगा मौसम का मिजाज

भोपाल  मौसम विज्ञानियों के मुताबिक शुक्रवार को भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, इंदौर संभाग के जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक वर्तमान में पूर्वी बिहार और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। मराठवाड़ा पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर दक्षिणी उत्तर प्रदेश तक एक द्रोणिका बनी हुई है।अलग-अलग स्थानों पर बनी चार मौसम प्रणालियों के असर से बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी आ रही है। इस वजह से प्रदेश में वर्षा हो रही है। अगले 4 दिन तक हल्की बरसात का दौर जारी रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटे के दौरान 25 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई।  एक बार फिर शुरू होगा तेज बारिश का दौर मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून की विदाई के दौरान भी पूरे प्रदेश में तेज बारिश का एक और दौर शुरू हो सकता है। फिलहाल 4 दिन तक तेज बारिश का अलर्ट नहीं है। हालांकि, गुरुवार को दो टर्फ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन की एक्टिविटी प्रदेश में रही। इस वजह से कुछ जिलों में बारिश का दौर चला। शुक्रवार को सिस्टम कमजोर पड़ सकता है। जिससे तेज बारिश का दौर थम सकता है। इधर मानसून की वापसी भी होने लगी है। आधे राजस्थान से मानसून लौट चुका है। वहीं, गुजरात, पंजाब और हरियाणा के कई जिलों से भी मानसून लौटा है। गुरुवार को भी कई जिलों से मानसून लौट गया। यदि वापसी ही यही रफ्तार रही तो एमपी के भी कई जिलों में ऐसी स्थिति बन सकती है। मध्य प्रदेश में अब तक 43.2 इंच बारिश दर्ज मध्यप्रदेश में अब तक औसत 43.2 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 35.8 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.4 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। इस सीजन में इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। यहां सबसे कम पानी गिरा है। सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन और शाजापुर शामिल हैं। 

प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पहुंचा जैसलमेर तक, 50 लोगों को मिली पहली किश्त – आप कैसे करें आवेदन?

जैसलमेर  प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत अंगीकार अभियान व योजना 2.0 की प्रथम वर्षगांठ शुक्रवार को नगर परिषद परिसर में आवास दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर 50 लाभार्थियों को पहली किश्त के रूप में कुल 25 लाख रुपये की राशि वितरित की गई। विधायक छोटू सिंह भाटी, जिला कलक्टर प्रताप सिंह और अतिरिक्त जिला कलक्टर परसाराम ने लाभार्थियों को सांकेतिक चेक सौंपे। आयुक्त नगर परिषद ने बताया कि योजना के अंतर्गत किश्तों का वर्गीकरण तय किया गया है। पात्र आवेदकों को समय-समय पर किस्तों में राशि दी जाएगी। उन्होंने अधिक से अधिक पात्र परिवारों से योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करने की अपील की। कार्यक्रम में अन्य विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे लोगों ने देखा। इस मौके पर आवास प्रभारी सुशील कुमार यादव, नवदीप सिंह नाथावत सहित नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। कौन कर सकता है आवेदन? -शहरी क्षेत्र में रहने वाले परिवार, जिनके पास पक्के घर नहीं हैं। -बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) और ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) से जुड़े परिवार। -निम्न आय वर्ग और मध्यम आय वर्ग के लोग, जिनकी वार्षिक आय 18 लाख रुपये तक है। -ऐसे परिवार जिनके नाम पर पहले से कोई पक्का मकान या सरकारी आवासीय योजना का लाभ न लिया गया हो। आवेदन कैसे करें? -इच्छुक आवेदक pmaymis.gov.in पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। -आवेदन के लिए आधार कार्ड, पहचान पत्र, परिवार की आय का प्रमाण, बैंक पासबुक और निवास प्रमाण-पत्र जरूरी होगा। -नगर परिषद या शहरी निकाय कार्यालय में भी पात्र लोग आवेदन जमा कर सकते हैं, जहां फॉर्म भरने और जानकारी देने की सुविधा उपलब्ध है।

SL vs AFG: दुनिथ वेल्लालागे की विराट-सचिन से क्यों हो रही तुलना?, दुखों का पहाड़ टूटा, फिर भी नहीं छोड़ा मैदान

दुबई  एशिया कप 2025 में 18 सितंबर को श्रीलंका और अफगानिस्तान के बीच मैच हुआ. मुकाबले के बीच श्रीलंकाई खिलाड़ी दुनिथ वेल्लालागे के पिता का निधन हो गया. वो बल्लेबाजी के लिए तैयार थे और पैड पहन चुके थे. हालांकि, टीम को उनकी जरूरत नहीं पड़ी और उन्होंने 6 विकेट से जीत अपने नाम कर ली. दुनिथ वेल्लालागे को मैच के बाद कोच सनथ जयसूर्या ने पिता के निधन की दुखद खबर दी थी. भारतीय दिग्गज विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर ने भी अपने पिता को टूर्नामेंट के बीच खोया था. सोशल मीडिया पर अब दुनिथ के भी उसी दुखद स्थिति में रहने की बात हो रही है. दुनिथ के पिता का कैसे हुआ निधन? श्रीलंकाई ऑलराउंडर दुनिथ वेल्लालागे को अफगानिस्तान के खिलाफ मैच के बाद पता चला कि उनके पिता का निधन हो गया. दरअसल, उनके पिता सुरंगा वेल्लालागे को दिल का दौरा पड़ा था. दुनिथ ने अफगानिस्तान के खिलाफ मैच खेला और उन्हें पता नहीं था कि वो अपने सबसे करीबी व्यक्ति को खो चुके हैं. बाद में कोच सनथ जयसूर्या और सपोर्ट स्टाफ ने उन्हें दुखद खबर दी. वेल्लालागे तुरंत ही घर के लिए रवाना हो गए. अहम टूर्नामेंट के बीच अचानक इतनी दुखद खबर मिलना उन्हें बड़ा झटका दे गया होगा.   वर्ल्ड कप के बीच तेंदुलकर ने अपने पिता को खोया था सचिन तेंदुलकर 1999 का आईसीसी वर्ल्ड कप इंग्लैंड में खेल रहे थे. उस समय उनके पिता रमेश तेंदुलकर का निधन हो गया था. खबर मिलने के बाद सचिन भारत वापस आए और अपने पिता का अंतिम संस्कार किया. इसके बाद उन्होंने बिल्कुल ब्रेक नहीं लिया और दोबारा भारतीय स्क्वाड का हिस्सा बने. उन्होंने इसके बाद केन्या के खिलाफ मैच में शतक लगाया और इसे अपने पिता को समर्पित किया. इस चीज से सचिन को बदल दिया और इसके बाद उन्होंने अपनी कई यादगार पारियों को अपने पिता को डेडिकेट किया. विराट कोहली को बेहद कम उम्र में लगा था झटका विराट कोहली जब 18 साल के थे, तो उनके पिता प्रेम कोहली का दिसंबर 2006 में निधन हो गया था. उस समय वो दिल्ली के लिए रणजी ट्रॉफी खेल रहे थे. वो कर्नाटक के खिलाफ मैच खेल रहे थे और 40 रन पर नॉट आउट थे. उसी के बाद रात में उनके पिता का निधन हो गया. इस दुखद घटना के बावजूद विराट ने अगले दिन आकर बल्लेबाजी की और कुल 90 रन की पारी खेली. खली ने खुद इंटरव्यू में बताया था कि उनके लिए ये बहुत हैरान करने वाली घटना थी और उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था. दुनिथ वेल्लालागे ने भी चलते टूर्नामेंट में अपने पिता को खोया और वो शायद इस दुखद घटना को नहीं भूल पाएंगे.