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कपास और रेशम उत्पादक किसानों की तकदीर बदल देगा पीएम मित्रा पार्क

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि आधारित उद्योगों के प्रचार-प्रसार के लिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग द्वारा आपसी तालमेल से बहुउद्देशीय कृषि मेले आयोजित किए जाएं। इन मेलों में किसानों को उनकी फसल सहित अन्य सहायक उत्पादों के लाभयुक्त विक्रय एवं मार्केटिंग की जानकारियां भी दी जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले के भैंसोला गांव में निर्मित हो रहे पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के कपास और रेशम उत्पादक किसानों की जीवन रेखा बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलने के साथ 1 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं 2 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क में निवेश करने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों ने रुचि व्यक्त की है। जिस तेजी से पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए कंपनियां आ रही हैं, यह हमें और बेहतर करने के लिए उत्साहित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार की देर रात मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की गतिविधियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क बनने से मालवा क्षेत्र के किसानों द्वारा उत्पादित कपास की खपत लोकल लेवल पर ही हो जाएगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और रॉ-मैटेरियल सप्लाई की एक पूरी चैन तैयार होगी। पीएम मित्रा पार्क प्रदेश के किसानों के लिए वरदान की तरह है। प्रदेश में निवेश करने के इच्छुक सभी निवेशकों का सरकार पलक पावड़े बिछाकर स्वागत करेगी। हम निवेशकों को सभी जरूरी मदद और सहयोग भी उपलब्ध कराऐंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सार्वजनिक/लोक उपक्रमों में निजी भागीदारी से ही देश का विकास संभव है। पीएम मित्रा पार्क में निवेशकों द्वारा किए जाने वाले पूंजी निवेश से जितनी उच्च कोटि के परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं, हर संभव प्रयास कर हम यह करके दिखाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क का प्रचार-प्रसार इस तरह किया जाए कि प्रदेश में मौजूद सभी प्रकार के कृषि आधारित उद्योग को भी भरपूर प्रोत्साहन मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में कुल 7 पीएम मित्रा पार्क मंजूर किए गए हैं। जहां दूसरे राज्य पीएम मित्रा पार्क की स्थापना के लिए प्राथमिक तैयारियां ही कर रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से हमारी सरकार 17 सितंबर को धार जिले के भैंसोला गांव में देश के पहले और सबसे बड़े पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन कराने जा रही है। उन्होंने कहा कि हम इसे देश का मॉडल पीएम मित्रा पार्क बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क प्रदेश की कॉटन इंडस्ट्री को पुनर्स्थापित करेगा। यहां कपास से धागा, धागे से कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट्स, होजियरी आइटम्स सहित ऑल वेदर वियरिंग्स तैयार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क की स्थापना के बारे में प्रदेश के किसानों को हर तरीके से जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि देश के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल पार्क (पीएम मित्रा पार्क) में भूमिपूजन होने से पहले ही लैंड एलॉटमेंट की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। पीएम मित्रा पार्क में भूमि आवंटन के लिए 114 कंपनियों के आवेदन मिले थे। इन कंपनियों ने पीएम मित्रा पार्क में निवेश करने की प्रबल रुचि व्यक्त कर लैंड अलॉटमेंट के लिए के लिए आवेदन किया है। आवेदन करने वाली कंपनियों में से 91 कंपनियों के आवेदन मंजूर कर इन्हें लैंड एलॉटमेंट कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम मित्रा पार्क में लैंड अलॉटमेंट कमेटी द्वारा विभिन्न कंपनियों और निर्माण इकाइयों को कुल 1294.19 एकड़ भूमि आवंटित करने की अनुशंसा कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क में अधोसंरचना विकास के लिए सभी जरूरी निर्माण कार्य जारी हैं। इन निर्माण कार्यों के साथ लैंड अलॉटमेंट पाने वाली कंपनियों द्वारा अपने कारखाने और निर्माण इकाइयां भी समानांतर रूप से निर्मित की जाएंगी। इससे आने वाले एक से डेढ़ साल के दौरान ही निवेशक कंपनियों की निर्माण इकाइयों में उत्पादन भी प्रारंभ हो जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव वन, पर्यावरण श्री अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय एवं ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई, सचिव किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री निशांत बरवड़े, आयुक्त जनसंपर्क श्री दीपक कुमार सक्सेना सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

इंदिरा गांधी के बाद पहली बार फोर्ट विलियम जाएंगे पीएम मोदी, 15 सितंबर को होगा बड़ा सैन्य सम्मेलन

कोलकाता  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बाद फोर्ट विलियम (अब विजय दुर्ग) का दौरा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे. वह 15 से 17 सितंबर तक फोर्ट विलियम में आयोजित होने वाले एक हाई-प्रोफाइल त्रि-सेवा संयुक्त कमांडर सम्मेलन में भाग लेंगे. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के साथ एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा सचिव मौजूद रहेंगे. इस सम्मेलन के मद्देनजर कोलकाता को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं. प्रधानमंत्री मोदी रविवार रात कोलकाता पहुंचेंगे और राजभवन में रुकेंगे. सोमवार, 15 सितंबर की सुबह प्रधानमंत्री मोदी इस उच्च स्तरीय रक्षा सम्मेलन में भाग लेंगे. कोलकाता में क्यों हो रहा है सम्मेलन? ये हैं वजह लेकिन यह सम्मेलन कोलकाता ही क्यों हो रहा है? क्या यह 2026 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हो रहा है? या पश्चिम बंगाल की वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति के मद्देनजर यहां सम्मेलन हो रहा है? पश्चिम बंगाल और सिक्किम की चार अंतर्राष्ट्रीय सीमाएं हैं: 1. पूर्व में बांग्लादेश, 2. भूटान (उत्तर पूर्व), 3. चीन (उत्तर), 4. नेपाल (उत्तर पश्चिम). यदि 7 सिस्टर्स स्टेट को ध्यान में रखा जाए, तो पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों की सीमा से लगे पड़ोसी देश हैं: 1. चीन, 2. म्यांमार, 3. बांग्लादेश, 4. भूटान और 5. नेपाल. 1) मणिपुर में अशांति, 2) म्यांमार में उग्रवाद, 3) बांग्लादेश में विद्रोह, 4) नेपाल में विद्रोह, 5) म्यांमार सीमा पर घुसपैठ, 6) बांग्लादेश और नेपाल सीमा से घुसपैठ, 7) भूटान के साथ संबंध, इस त्रि-सेवा सम्मेलन के प्रमुख मुद्दे रहे होंगे, जो फोर्ट विलियम में आयोजित किया जाएगा. क्यों खास हैसंयुक्त कमांडर सम्मेलन? पूर्वी कमान के सूत्र और रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश की ओर भारतीय सीमा के पास चीन ने जो कुछ विकसित किया है, उसे देखते हुए प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पूर्वी कमान में युद्ध की तैयारियों की वर्तमान आवश्यकताओं को समझने की कोशिश करेंगे. पूर्वी कमान में भारत की चीन के साथ सबसे ऊंची सीमा सिक्किम रामगढ़ में 19100 फीट की ऊंचाई पर, भूटान और चीन के साथ डोकलाम सीमा त्रि-जंक्शन 13700 फीट की ऊंचाई पर, चीन के साथ अरुणाचल सीमा (किबितु) 4300 फीट की ऊंचाई पर और समुद्र तल पर बांग्लादेश के साथ भी लगती है. यह भौगोलिक विविधता सेना पर रसद, गोला-बारूद और गोला-बारूद में विविधता बनाए रखने का दबाव डालती है.प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित यह त्रि-सेवा सम्मेलन भारत की संप्रभुता की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा.

सिंहस्थ 2028 में हर दिन लाखों श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे बाबा महाकाल के द्वार

भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने 2028 सिंहस्थ महाकुंभ के लिए तैयारियों को गति देते हुए उज्जैन और खंडवा जिलों का सुरक्षा ऑडिट करवाया है। इसमें सामने आया है कि उस दौरान उज्जैन में प्रतिदिन एक लाख श्रद्धालुओं को भगवान महाकाल का दर्शन कराया जा सकेगा। इससे अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने पर प्रशासन उनके ठहरने की व्यवस्था करेगा और अगले दिन दर्शन कराया जाएगा। सुरक्षा ऑडिट के माध्यम से दोनों जिलों की स्थानीय पुलिस ने यह पता लगाया कि भीड़ की दृष्टि से कौन-कौन से स्थान संवेदनशील हैं? सुरक्षा के कहां क्या प्रबंध किए जाने हैं? सीसीटीवी कैमरे कहां लगाए जाएंगे? इनका डिस्प्ले किस-किस जगह पर होगा? इसी रिपोर्ट के आधार पर अब विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। 60 हजार पुलिसकर्मी होंगे तैनात पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि उज्जैन और खंडवा जिलों की आडिट रिपोर्ट मुख्यालय को मिल गई है। इसमें पिछले सिंहस्थ में किए गए प्रबंध और इस सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को देखते हुए प्रबंध के उपाय सुझाए गए हैं। शाही स्नान के दिनों में सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में अलग से ऑडिट कर जरूरतों के बारे में बताया गया है। सभी जगह मिलाकर लगभग 60 हजार पुलिसकर्मियों को पदस्थ किया जाएगा। दूसरे राज्यों के पुलिस बल की भी मदद ली जा सकती है। सेटेलाइट रेलवे स्टेशन और बस स्टैंडों के आसपास पार्किंग की व्यवस्था और जरूरी सुरक्षा प्रबंध का भी आकलन किया गया है। उज्जैन आएंगे, तो ओंकारेश्वर में भी करेंगे दर्शन उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं में 15 से 20 प्रतिशत के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए ओंकारेश्वर का भी ऑडिट कराया गया है। इसमें श्रद्धालुओं की संभावित संख्या, आने-जाने के रास्ते, प्रतिदिन दर्शन की क्षमता, नर्मदा में स्नान के लिए घाटों की उपलब्धता और क्षमता, पार्किंग व्यवस्था, खंडवा में श्रद्धालुओं को ठहराने की सुविधा और सभी जगह के लिए सुरक्षा प्रबंध की रूपरेखा बताई गई है। सिंहस्थ से जुड़े सभी कार्य समय सीमा में पूरा करें : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार रात अपने आवास स्थित समत्व भवन में उज्जैन में वर्ष 2028 में होने जा रहे सिंहस्थ की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने घाटों के विस्तार,सड़क निर्माण, शिप्रा को निर्मल बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए कहा है। उन्होंने निर्माण कार्यों के अतिरिक्त अन्य तैयारियां जैसे सुरक्षा, शाही स्नान के दिन की जाने वाली व्यवस्थाओं की अद्यतन जानकारी अधिकारियों से ली। बैठक में उज्जैन के जनप्रतिनिधि वर्चुअली शामिल हुए। उन्होंने भी आयोजन के संबंध में कई सुझाव दिए और सिंहस्थ से जुड़े पुराने अनुभव साझा किए।

राशिफल 15 सितंबर: मेष से मीन तक हर राशि का दिन कैसा बीतेगा, पढ़ें पूरी जानकारी

मेष- आज पूजा-पाठ और अच्छे कामों में मन लगेगा। पढ़ाई या विदेश से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। सेहत का ध्यान रखें। पैतृक संपत्ति से फायदा होगा। चुनौतियों को तुम आत्मविश्वास से संभाल लोगे। ऑफिस में आपके कार्यों की प्रशंसा होगी। धन लाभ के योग भी बनेंगे। वृषभ- स्टूडेंट्स को सफलता मिलने के आसार हैं। नौकरी में प्रमोशन और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। जमीन–गाड़ी से फायदा हो सकता है। लेकिन भावुक होकर जल्दी-जल्दी फैसले न लें। धैर्य से काम करें। आज खर्चों पर भी नजर रखें। मिथुन – काफ़ी समय से रुके काम पूरे होंगे। पैसों की स्थिति सुधरेगी। दुश्मनों पर जीत और ऑफिस में प्रमोशन के योग हैं। घर-परिवार से सहयोग मिलेगा। वैवाहिक जीवन भी बेहतर रहेगा। आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। कर्क – व्यापार में अच्छे रिजल्ट्स मिलेंगे। कला-संगीत में रुचि बढ़ेगी, लेकिन मन किसी अज्ञात डर से परेशान रह सकता है। घर के मामलों को शांति से सुलझाएं। स्वास्थ्य में सुधार होगा। भाई-बहन की मदद करनी पड़ सकती है। सिंह – आज गुस्से पर नियंत्रण रखें। आपके रिश्ते सुधरेंगे। पढ़ाई में सफलता मिलेगी लेकिन खर्चे भी बढ़ सकते हैं। प्रोफेशनल लाइफ में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। आज काम के सिलसिले में बाहर जाना पड़ सकता है। कन्या – लव लाइफ अच्छी रहेगी। रिलेशनशिप की दिक्कतें कम होंगी। नौकरी तलाशने वालों को कॉल आ सकता है। कान, गले या नाक की तकलीफ से बचने के लिए सतर्क रहें। डाइट और एक्सरसाइज पर ध्यान दें। आज आर्थिक स्थिति भी सामान्य रहेगी। तुला – कामकाज में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। वाणी में मिठास आएगी। बच्चों की सेहत का ध्यान रखें। घर-परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। पुराने दोस्तों से मुलाकात होगी। स्वास्थ्य में सुधार के योग हैं। आज आपकी आर्थिक स्थिति भी अच्छी रहेगी। वृश्चिक – दिन सामान्य रहेगा। काम पर फोकस करें। ऑफिस में बेवजह के वाद-विवाद से दूर रहें। कुछ लोग जॉब स्विच कर सकते हैं। कुछ को प्रमोशन मिलेगा। हेल्दी खाना खाएं और जंक फूड से बचें। धनु – काम की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। जीवनसाथी से हल्की अनबन हो सकती है, इसलिए भावनाओं और गुस्से पर काबू रखें। रहन-सहन और स्वास्थ्य पर ध्यान दें। कार्यक्षेत्र में बदलाव संभव है लेकिन माहौल ठीक रहेगा। मकर – भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। आत्मविश्वास से लबरेज़ रहेंगे। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। अनियोजित खर्च भी बढ़ सकते हैं। नौकरी और कारोबार के लिए दिन अच्छा रहेगा। माता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। कुंभ – आर्थिक मामलों में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। नए निवेश के लिए शुभ समय, लेकिन जल्दबाज़ी न करें। रिस्क न लें। बजट देख कर ही फैसले करें। हेल्थ और लाइफस्टाइल में पॉजिटिव बदलाव शुरू करने का अच्छा दिन। मीन – काम की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास से करें। जिम्मेदारियों को सावधानी से संभालें। बड़े बदलावों के लिए तैयार रहें। पॉजिटिव माइंडसेट के साथ अपने सपनों पर काम करते रहें। व्यापारियों के लिए दिन अच्छा रहेगा।

मेट्रो का नया विस्तार: गुरुग्राम से पचगांव तक सीधा कनेक्शन, साइबर सिटी आएंगे खुश

गुरुग्राम सेक्टर-56 रैपिड मेट्रो स्टेशन से पचगांव चौक तक मेट्रो विस्तार की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार हो गई है। राज्य सरकार रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है। उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक रिपोर्ट को हरी झंडी मिल जाएगी। इसके बाद डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी। नए रूट में एचएसआईडीसी की भी सहयोगी भूमिका होगी, यानी वह बजट साझा करेगी। नए रूट से एचएसआईडीसी को काफी फायदा होगा क्योंकि मानेसर और आसपास के इलाकों में उसके कई बड़े प्रोजेक्ट आ रहे हैं। सभी प्रोजेक्ट्स में बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी होगी। साथ ही साइबर सिटी और आसपास के इलाकों के लाखों लोगों को सुविधा मिलेगी। इस रूट के बनने के बाद गुरुग्राम जिले के ज्यादातर इलाके सीधे मेट्रो से जुड़ जाएंगे। राज्य सरकार की योजना साइबर सिटी और आसपास के सभी इलाकों को मेट्रो से जोड़ने की है। इस दिशा में पुराने गुरुग्राम में मेट्रो के विस्तार के साथ-साथ सेक्टर-56 से पचगांव चौक और पालम विहार से दिल्ली के द्वारका तक मेट्रो का विस्तार किया जाएगा। सेक्टर-56 से पचगांव चौक तक की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो गई है। सेक्टर-56 रैपिड मेट्रो का आखिरी स्टेशन है। वहाँ एक इंटरचेंज बनाया जाएगा और आगे एक नया कॉरिडोर जोड़ा जाएगा। कॉरिडोर पर कितने स्टेशन होंगे और कहां होंगे, इसकी पूरी जानकारी डीपीआर से सामने आएगी। सभी भीड़-भाड़ वाले इलाकों में स्टेशन बनाने का प्रयास किया जाएगा। मानेसर के आसपास विकसित कई सोसायटियों को सीधे मेट्रो से जोड़ा जाएगा। 30 से ज़्यादा गाँव सीधे मेट्रो से जुड़ेंगे। इससे सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा और क्षेत्र में विकास की गति भी तेज़ होगी। पचगांव चौक पर आरआरटीएस कॉरिडोर से जुड़ेगा मेट्रो कॉरिडोर पचगांव चौक पर मेट्रो कॉरिडोर को रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। यह चौक आरआरटीएस कॉरिडोर का जंक्शन होगा। आरआरटीएस कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से राजस्थान के अलवर तक विकसित किया जाएगा। इस तरह, अलवर तक मेट्रो यात्रियों का सफ़र आसान हो जाएगा। रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) को हीरो होंडा चौक के पास पुराने गुरुग्राम के लिए विकसित किए जा रहे मेट्रो कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। इससे किसी भी क्षेत्र से मेट्रो सुविधाओं का लाभ उठाया जा सकेगा। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने आरआरटीएस कॉरिडोर विकसित करने की योजना को हरी झंडी देने की तैयारी कर ली है। जल्द ही कैबिनेट से इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने कुछ दिन पहले गुरुग्राम में आयोजित एक समारोह में इसके संकेत दिए थे। आरआरटीएस कॉरिडोर के विकसित होने के बाद अलवर तक की तस्वीर बदल जाएगी। दिल्ली और गुरुग्राम में काम करने वाले लोग न केवल आस-पास रहना पसंद करेंगे, बल्कि वे अलवर तक भी रह सकेंगे, क्योंकि कॉरिडोर पर हर 10 से 15 मिनट में नमो ट्रेन चलने की सुविधा उपलब्ध होगी। आरआरटीएस कॉरिडोर तीन चरणों में विकसित  आरआरटीएस कॉरिडोर का विकास राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) द्वारा तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में, दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी (शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़) 106 किलोमीटर, दूसरे चरण में बहरोड़ से सोतानाला और तीसरे चरण में सोतानाला से अलवर तक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से दौड़ सकेंगी। औसत गति 100 किलोमीटर होगी। 10 से 15 मिनट के अंतराल पर ट्रेन की सुविधा उपलब्ध होगी।

20 महिला सरपंचें पहुंचीं इस गांव, जानने पंचकूला की सरपंच से सफलता की कहानी

बरवाला पंचकूला जिले की ग्राम पंचायत बुंगा। यहां की सरपंच कविता चौधरी अपनी दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ गांव को आगे बढ़ाया है, जोकि पूरे प्रदेश की महिला सरपंचों के लिए प्रेरणास्रोत है। पंचायत को महिला फ्रेंडली का दर्जा मिला हुआ है। यही वजह है कि महिला हितैषी पंचायत के तहत आयोजित एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम में यमुनानगर जिले की 20 महिला सरपंच बूंगा गांव की पंचायत के कामकाज करने के तरीके को देखने पहुंचीं। सरपंच कविता चौधरी ने बुंगा गांव को महिला सशक्तिकरण और विकास कार्यों की मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने गांव में अब तक हुए विकास कार्यों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। प्रतिभागी महिला सरपंचों ने गांव में बने महिला सांस्कृतिक केंद्र, आंगनवाड़ी, डेम और सामुदायिक केंद्र का निरीक्षण किया और पंचायत की कार्यशैली की सराहना की। गांव बुंगा में हुए विकास कार्यों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई, जिसमें बताया गया कि किस तरह ग्राम पंचायत बूंगा को एक महिला फ्रेंडली पंचायत के रूप में विकसित किया जा रहा है। महिला सरपंचों ने कहा कि सरपंच कविता चौधरी ने जिस दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ गांव को आगे बढ़ाया है, वह पूरे प्रदेश की महिला सरपंचों के लिए प्रेरणास्रोत है। पहले भी लिया था बड़ा फैसला, बुंगा गांव में वाहनों पर लाउड म्यूजिक पर रोक सरपंच कविता चौधरी ने काफी समय पहले ही बुंगा गांव में एक सराहनीय पहल करते हुए वाहनों पर तेज आवाज में म्यूजिक बजाने पर पाबंदी लगा दी थी। यह कदम उस समय चर्चा का विषय बना था, क्योंकि आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी सख्ती देखने को नहीं मिलती। ग्रामीण बताते हैं कि इस फैसले से गांव में शांति और अनुशासन कायम हुआ है। खासकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों और बुजुर्गों को राहत मिली। आज यह फैसला कविता चौधरी की दूरदर्शिता और मजबूत नेतृत्व क्षमता की मिसाल बनकर सामने आ रहा है, जिसे अब दूसरी पंचायतों के लिए भी मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है।

भूकंप से सिलीगुड़ी में हड़कंप, घरों और दफ्तरों से उमड़ी लोगों की भीड़

नई दिल्ली सिलीगुड़ी में शाम 4.41 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसका केंद्र असम के धेकियाजुली से 16 किलोमीटर दूर था। वहां शाम 4:41 बजे 5.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ। इस भूकंप का असर भारत के साथ-साथ नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार और चीन तक महसूस किया गया। झटकों से लोग दहशत में घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। बता दें कि 2 सितंबर को भी असम के सोनितपुर में 3.5 तीव्रता का भूकंप आया था। इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ।

युवाओं की भागीदारी बढ़ाने उतरी यूथ कांग्रेस, चंडीगढ़ में उठाएगी प्रमुख मुद्दे

चंडीगढ़ यूथ कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय बैठक में संगठनात्मक मजबूती, युवाओं की राजनीतिक भागीदारी और आगामी रणनीतियों पर व्यापक चर्चा की गई। महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता चंडीगढ़ यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक लुबाना ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और चंडीगढ़ प्रभारी अयाज चौधरी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एचएस लक्की, उपाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह उपस्थित रहे। अयाज चौधरी ने युवाओं को राजनीति में सक्रिय भागीदारी की प्रेरणा दी और कहा कि देश के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा, रोजगार, महिला सुरक्षा, पर्यावरण और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर जनता के बीच जाकर काम करें।  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की ने कांग्रेस पार्टी हमेशा से युवाओं की शक्ति में विश्वास रखती है और यूथ कांग्रेस को हर स्तर पर पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने युवाओं को पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं पार्षद गुरप्रीत सिंह ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के कार्यों में युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया और युवाओं से आग्रह किया कि वे जमीनी मुद्दों को समझें और उनका समाधान करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। दीपक लुबाना ने बताई योजना अध्यक्ष दीपक लुबाना ने आगामी योजना की जानकारी देते हुए बताया कि कालेजों और यूनिवर्सिटी में बड़े स्तर पर युवाओं से संवाद कार्यक्रम होंगे। महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों पर जन-जागरूकता अभियान चलेगा। सदस्यता अभियान से संगठन का विस्तार होगा। नए कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण शिविर और कार्यशालाएं होंगी। सोशल मीडिया के माध्यम से युवा संवाद और डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जाएगा।

बिहार विधानसभा चुनाव में हिंदुत्व का नया समीकरण, शंकराचार्य ने घोषित किए ‘गो भक्त’ प्रत्याशी

मधुबनी बिहार की राजनीति में सनातन आस्था और गौ रक्षा का मुद्दा एक नया मोड़ आ गया है। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने रविवार को ऐलान किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में बिहार की सभी 243 सीटों पर गौ भक्त निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतरेंगे। उन्होंने साफ कहा कि अब समय आ गया है कि सनातन धर्म की रक्षा और गौ माता के सम्मान के लिए राजनीति में भी गौ भक्त अपनी ताक़त दिखाएं। शंकराचार्य महाराज ने गौ मतदाता संकल्प यात्रा निकालकर इस अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इसी कड़ी में मधुबनी के रांटी चौक स्थित एक होटल के सभागार में आयोजित सभा में उन्होंने कहा सनातन धर्म की रक्षा तभी संभव है जब हम गौ माता का संरक्षण करेंगे। गौ रक्षा केवल हमारी आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और समाज की आधारशिला भी है। उन्होंने राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे स्वयं राष्ट्रीय पार्टियों के दिल्ली स्थित कार्यालयों में गए और सभी नेताओं से मांग की कि गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के लिए संसद में अपना पक्ष रखें। लेकिन आज तक किसी भी राजनीतिक दल ने इस विषय पर अपना स्पष्ट रुख नहीं बताया। उन्होंने कहा जब किसी भी दल ने गौ माता को लेकर अपनी स्थिति नहीं स्पष्ट की, तब हमें विवश होकर बिहार में अपने प्रत्याशी खड़े करने का निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा की सभी सीटों पर उनके समर्थक गौ भक्त चुनाव लड़ेंगे। नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद औपचारिक रूप से प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक की जाएगी। शंकराचार्य ने कहा कि देश में जीतने भी बुचरखाने हैं उन्हें बंद करें सरकार नहीं तो नोटिस भेजा जाएगा। गो माता को राष्ट्र माता घोषित करने की अपील सभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य जी ने सनातनी हिन्दुओं से अपील की कि वे आगामी चुनाव में केवल उन्हीं उम्मीदवारों को वोट दें, जो गौ रक्षा और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की प्रतिबद्धता दिखाते हों। उन्होंने कहा हमारी लड़ाई किसी दल या व्यक्ति से नहीं, बल्कि उस व्यवस्था से है, जो हमारी आस्था और संस्कृति की उपेक्षा करती रही है। मौके पर राधवाचार्य, भाजपा प्रदेश नेता अमरनाथ प्रसाद , कुंदन सिंह, साजन सिंह शिवम, रामलखन दास, , चंदन ठाकुर, अरुण झा, अनुपम झा उर्फ राजा सहित कई लोग थे।

नशे के कारोबार पर DRI का शिकंजा, मास्टरमाइंड समेत 10 गिरफ्तार, 26 करोड़ की खेप बरामद

कोलकाता राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की। डीआरआई की कोलकाता क्षेत्रीय इकाई ने 12 सितंबर को चलाए गए बहुआयामी अभियान में लगभग 26 करोड़ रुपए के मादक पदार्थ जब्त किए और रैकेट के मास्टरमाइंड सहित कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, सुबह के शुरुआती घंटों में तीन अलग-अलग स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। इनमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय (एनएससीबीआई) हवाई अड्डा और जादवपुर के बिजॉयगढ़ इलाके के दो आवासीय परिसर शामिल थे। रैकेट के मास्टरमाइंड के आवास से भारी मात्रा में हाइड्रोपोनिक वीड, कैनाबिस और कोकीन बरामद किया गया है। मास्टरमाइंड द्वारा किराए पर लिए गए और संचालित एक अन्य आवास से, 'वितरण के लिए तैयार' रूप में भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया। कोलकाता में ऐसी नशीली दवाओं की बिक्री और स्थानीय वितरण के लिए काम कर रहे मास्टरमाइंड के चार सहयोगियों को भी उसी स्थान से गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने उक्त स्थानों से नकदी भी जब्त की, जो नशीले पदार्थों की बिक्री से प्राप्त हुई थी। सिंडिकेट का एक अन्य सदस्य, जो विदेशों में आपूर्तिकर्ताओं की व्यवस्था करने में शामिल है, को भी उसी दिन गिरफ्तार किया गया। इस बीच, दमदम स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय (एनएससीबीआई) हवाई अड्डे पर एक अलग अभियान में, बैंकॉक से आ रहे उक्त गिरोह से जुड़े चार मालवाहकों (जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं) को पकड़ा गया है। उनके पास से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ भी बरामद किए गए। कुल मिलाकर अभियान में कुल 32.466 किलोग्राम गांजा, 22.027 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड, 345 ग्राम कोकीन और नकदी जब्त की गई है। मास्टरमाइंड, विदेशी वाहक, खुदरा वितरक और बिचौलियों सहित दस लोगों (सभी भारतीय नागरिक) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत के लिए अदालत में पेश किया गया है। सभी जब्ती और गिरफ्तारियाँ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत की गई हैं। आगे की जांच जारी है।