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नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ी: 2024 से अब तक 14 नए कैंप स्थापित, तुमालभट्टी में भी हुआ नया कैंप

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित ग्राम तुमालभट्टी में पुलिस प्रशासन ने नया सुरक्षा कैंप स्थापित किया है। यह कदम छत्तीसगढ़ शासन की “नियद नेल्ला नार” योजना से क्षेत्र की ग्रामीणों को लाभान्वित करने उद्देश्य से उठाया गया है। सुरक्षा बलों ने भारी चुनौतियों के बीच हासिल की सफलता कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और भारी मानसून के बावजूद सुरक्षा बलों ने डटकर सभी चुनौतियों का सामना किया और सुरक्षा कैंप की स्थापना की। इसके साथ ही कोंटा से किस्टाराम को सीधा जोड़ने की दिशा में यह एक अहम कदम साबित होगा। आगामी दिनों में दोनों इलाकों के बीच दूरी घटकर लगभग आधी हो जाएगी। कैंप की स्थापना से ग्रामीणों को योजनाओं का मिलेगा लाभ सुरक्षा कैंप की स्थापना से क्षेत्र में सुरक्षा का वातावरण सुदृढ़ होगा और ग्रामीणों को विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे लाभान्वित होने का अवसर प्राप्त होगा। यह कदम माओवादियों के विरुद्ध एक बड़ी रणनीतिक सफलता है, जो ग्रामीणों के जीवन में शांति, सुरक्षा और विकास की नई दिशा प्रदान करेगा। इस कैंप की स्थापना से क्षेत्र में माओवादियों की अंतर्राज्यीय गतिविधियों पर अंकुश लगेगा, नक्सल विरोधी अभियान में तेजी आएगी तथा आसपास के ग्रामीणों को सड़क, पुल-पुलिया निर्माण, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधाएं, पीडीएस दुकानें, शिक्षा और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। नए सुरक्षा कैंप की स्थापना से क्षेत्र के आमजन में उत्साह का माहौल है। 2024 से अब तक 14 नए सुरक्षा कैंप स्थापित, 518 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण वर्ष 2024 से अब तक जिला सुकमा में सुरक्षा बलों द्वारा कुल 14 नए कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। इन सुरक्षा कैंपों की स्थापना से नक्सल उन्मूलन अभियान में तेजी आई है। इसी अवधि में नक्सल विचारधारा को त्यागकर 518 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि सुरक्षा बलों ने विभिन्न अभियानों में 63 माओवादियों को मार गिराने और 447 माओवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई स्थापना यह सुरक्षा कैंप पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी., पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा कमलोचन कश्यप, सीआरपीएफ के उप महानिरीक्षक (परि.) राजेश पांडेय और सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के मार्गदर्शन में स्थापित किया गया। साथ ही सीआरपीएफ 217, 212, 207 कोबरा बटालियन और स्थानीय पुलिस अधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही। अब तक स्थापित किये गए 14 नए सुरक्षा कैंपों की सूची बता दें कि वर्ष 2024 से अब तक जिला सुकमा में ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना के अंतर्गत कुल 14 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। इनमें टेकलगुड़ेम, पुवर्ती, मुकराजकोण्डा, दुलेड़, पुलनपाड़, लखापाल, तुमालपाड़, रायगुड़े़म, गोलाकोण्डा, गोमगुड़ा, मेटागुड़ेम, उसकावाया, नुलकातोंग और तुमालभट्टी शामिल हैं।

जिन्ना की अंतिम घड़ियां: खराब एंबुलेंस में पड़े रहे, चेहरे पर मक्खियां तक बैठीं

लखनऊ  मोहम्मद अली जिन्ना आधुनिक भारत के इतिहास की ऐसी शख्सियत रहे हैं, जिन्हें विभाजन का सबसे बड़े दोषी कहा जाता है। खोजा इस्मायली परिवार में गुजरात के काठियावड़ में जन्मे मोहम्मद अली जिन्ना की शख्सियत कई विरोधाभासों से भरी रही। अपने शुरुआती राजनीतिक जीवन में वह हद दर्जे के धर्मनिरपेक्ष नेता बनने के प्रयास करते रहे तो वहीं आखिरी एक दशक में इतने सांप्रदायिक बने कि पाकिस्तान ही बनवा दिया। इसी तरह पहनावे, व्यवहार और खान-पान में वह निहायत ही पश्चिमी सभ्यता का पालन करते थे, लेकिन राजनीतिक राह ऐसी पकड़ी कि कट्टरता की हद तक गए। ऐसी ही एक विडंबना उनकी मृत्यु के साथ भी जुड़ी है। उन्होंने जिस पाकिस्तान को बनवाने के लिए लड़ाई लड़ी और एक प्राचीन देश का बंटवारा कराया, वहां उनकी मृत्यु भी बेहद दुखद रही। वह अपने आखिरी दिनों में एकदम अकेले से पड़ गए थे। राजनीतिक संघर्ष में वह किसी खेमे के नहीं रह गए थे और अकेले में मरने को मजबूर हुए। उन्हें क्षय रोग यानी टीबी की समस्या हो गई थी। वह इस बीमारी से विभाजन से पहले से पीड़ित थे, लेकिन छिपाते रहे। ऐसा इसलिए ताकि उनकी भारत विभाजन की लड़ाई कहीं कमजोर न पड़ जाए। लेकिन पाकिस्तान बनने के बाद वह बमुश्किल एक साल ही चल पाए और मौत हो गई। उनकी मृत्यु के आखिरी दिनों के बारे में वीरेंद्र कुमार बरनवाल ने अपनी शोधपरक पुस्तक 'जिन्ना एक पुनर्दृष्टि' में विस्तार से लिखा है। वह लिखते हैं, 'जिन्ना का स्वास्थ्य बड़ी तेजी से गिरता जा रहा था। खांसी के साथ उनके कफ में खून की मात्रा बढ़ती जा रही थी। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के उद्घाटन भाषण से लौटते ही 1 जुलाई, 1948 को जूते पहने हुए ही अपने बिस्तर पर निढाल गिर पड़े थे। उनकी हालत देखकर अमेरिका में पाकिस्तान के नव नियुक्त राजदूत और उनके अनन्य प्रशंसक इस्पहानी रो पड़े थे। टीबी से पीड़ित अपने फेफड़ों के लिए स्वस्थ हवा की तलाश में वह बहन फातिमा के साथ छह जुलाई, 1948 को क्वेटा के पास एक शांतिपूर्ण हिल स्टेशन जियारत आ गए थे।' बरनवाल लिखते हैं, 'वहां उनकी नाजुक हालत को देखकर सेना के सर्जन जनरल डॉक्टर लेफ्टिनेंट कर्नल इलाही बख्श तुरंत पहुंच गए। उन्होंने पाया कि जिन्ना के दोनों फेफड़े न केवल टीबी से बल्कि इन्फ्लुएन्जा से भी बुरी तरह ग्रस्त थे। अपनी बीमारी को जिन्ना ने अपने बंबईआ के डॉक्टर की मदद से एक अर्से से छिपा रखा था। उसे उन्होंने डॉ. इलाही बख्श से भी छिपाने की कोशिश की, लेकिन सफल ना रहे। इसी बीच लियाकत अली खान उनसे मिलने आए। लियाकत के आने की खबर पर जिन्ना ने कांपती आवाज़ में कहा था, 'फाती, जानती हो यह शख्स क्यों आया है? वह यह जानना चाहता है कि मैं कितना बीमार हूं और कब तक जिंदा रह पाऊंगा।' 'जिन्ना का संदेश तक ना जनता पर पहुंच सका' इससे समझा जा सकता है कि मोहम्मद अली जिन्ना पाकिस्तान की राजनीति में खुद को कितना अकेला और असहाय मान रहे थे। बरनवाल लिखते हैं, 'जिन्ना की भूख लगभग समाप्त हो गई थी। आमतौर से वह अब चाय और कॉफी की चंद प्यालियों पर ही निर्भर थे। आखिरी दिनों में खास फरमाइश पर उन्हें उनका प्रिय भोजन हलुवा और पूरी खिलाया गया। 14 अगस्त, 1948 को पाकिस्तान के जन्म और स्वतंत्रता की पहली सालगिरह थी। जिन्ना ने पाकिस्तान की अवाम को जो सन्देश दिया गया था, उसकी बजाय लियाकत ने अपने भाषण के पर्चे छपवाए। यह जानकर फातिमा अवाक रह गईं। बीमार जिन्ना को रिसीव करने कोई नहीं पहुंचा, एंबुलेंस हो गई खराब जिन्ना की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही थी। 11 सितंबर, 1948 को उन्हें जियारत से क्वेटा और वहां से कराची के निकट एयरफोर्स के मौरीपुर हवाई अड्डे तक एयरफोर्स के ही विमान से लाया गया। उनके साथ उनके चिकित्सक डॉ. इलाही बख्श, डॉ. सैयद, डॉ. एमए मिस्री, क्वेटा के मिलिट्री अस्पताल की अनभुवी नर्स सिस्टर डनहम और फातिमा जिन्ना थीं। हवाई अड्डे से जिन्ना को सेना की एक एम्बुलेंस में लिटाकर गवर्नर जनरल निवास के लिए रवाना किया गया। हालत यह थी कि जब उन्हें लेकर एयर फोर्स का विमान मौरीपुर उतरा तो अपने नवोदित राष्ट्र के जनक को मिजाज़पुर्सी के लिए या औपचारिक शिष्टाचारवश के लिए ही सही, न तो प्रधानमंत्री लियाकत और न ही उनके मंत्रिमंडल का कोई सदस्य उपस्थित था। चार-पांच मील की यात्रा के बाद ही एम्बुलेंस खराब हो गई। पहले तो बताया गया कि पेट्रोल खत्म हो गया है। फिर पता चला कि इंजन में खराबी थी, जिसमें वक्त लगने वाला था।  

विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2025: पूजा रानी सेमीफाइनल में पहुंचीं, पदक पक्का

लिवरपूल अनुभवी भारतीय मुक्केबाज पूजा रानी पोलैंड की एमिलिया कोटेरस्का पर आसान जीत हासिल करके विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में महिलाओं के 80 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। इसी के साथ पूजा रानी ने एक पदक भी पक्का कर लिया है। अब सेमीफाइनल में पूजा का सामना स्थानीय मुक्केबाज़ एमिली एस्क्विथ से होगा। पहले दौर में बाई पाने वाली 34 वर्षीय पूजा ने अपने अपार अनुभव का फायदा उठाते हुए बुधवार देर रात क्वार्टर फाइनल में युवा मुक्केबाज कोटेरस्का को 3-2 से हराया। 80 किग्रा भार वर्ग ओलंपिक से इतर है और इस प्रतियोगिता में 12 मुक्केबाज हिस्सा ले रहे हैं। इस जीत के साथ दो बार की एशियाई चैंपियन पूजा जैस्मीन लाम्बोरिया (57 किग्रा) और नुपुर श्योराण (80+ किग्रा) के साथ टूर्नामेंट के इस संस्करण में भारत के लिए पदक पक्के करने में सफल रहीं। इस बीच, भारत के पुरुष अभियान को एक और झटका लगा जब अभिनाश जामवाल 65 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जॉर्जिया के ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लाशा गुरुली से 1-4 के विभाजित निर्णय से हारकर बाहर हो गए। उनके बाहर होने के साथ पुरुष टीम में केवल जदुमणि सिंह (50 किग्रा) ही दौड़ में बचे हैं। अंतिम आठ चरण में उनका सामना मौजूदा विश्व चैंपियन कज़ाकिस्तान के संझार ताशकेनबे से होगा। यह ताशकंद में हुए पिछले संस्करण की तुलना में भारी गिरावट है, जहां भारत के दीपक भोरिया (51 किग्रा), मोहम्मद हुसामुद्दीन (57 किग्रा) और निशान देव (71 किग्रा) ने कांस्य पदक जीते थे। महिला टूर्नामेंट के पिछले संस्करण में मेज़बान भारत ने चार स्वर्ण पदक जीते थे, जिसमें नीतू घनघस (48 किग्रा), निखत (50 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) और स्वीटी बूरा (81 किग्रा) तीनों ने अपने-अपने फाइनल जीते थे।  

माली हालत पर विपक्ष का वार: जीतू पटवारी बोले – हर नागरिक पर चढ़ा 54 हजार से ज्यादा का कर्ज

भोपाल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने वित्तीय अनुशासन का पूरी तरह से उल्लंघन किया है। मोहन सरकार ने राज्य को कर्ज के गहरे दलदल में धकेल दिया है। पटवारी ने कहा कि राज्य पर मार्च 2024 तक कुल कर्ज 3.75 लाख करोड़ रुपये था, जो मार्च 2025 में बढ़कर 4.21 लाख करोड़ रुपये हो गया और जुलाई 2025 तक यह आंकड़ा 4.35 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार नए ऋण ले रही है। पूर्व सीएम शिवराज पर लगाए आरोप उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ गए और दिल्ली चले गए। अब मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव भी उसी रास्ते पर चल रहे हैं और हर महीने नए ऋण ले रहे हैं। पटवारी ने कहा कि राज्य की वित्तीय हालत इतनी खराब हो गई है कि सरकार केवल ब्याज चुकाने के लिए कर्ज ले रही है। अनुमानों के अनुसार, वर्तमान ऋण पर वार्षिक ब्याज भुगतान लगभग 29,700 करोड़ रुपये है। बीजेपी की नीतियों पर उठाए सवाल उन्होंने कहा कि बीजेपी की गलत नीतियों ने राज्य की आर्थिक रीढ़ तोड़ दी है। पटवारी ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने सिर्फ 162 दिनों में 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज लिया है। पीसीसी चीफ ने कहा कि औसतन, राज्य हर दिन लगभग 154 करोड़ रुपये का कर्ज ले रहा है। हर हफ्ते यह आंकड़ा 1,078 करोड़ रुपये है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक नागरिक पर कर्ज का प्रति व्यक्ति बोझ 54,375 रुपये है। कर्ज चुकाने के लिए भी कर्ज ले रही सरकार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्ज चुकाने के लिए भी कर्ज ले रही है। पटवारी ने कहा, 'आज स्थिति इतनी विकट है कि सरकार को पिछले ऋणों पर ब्याज चुकाने के लिए भी नए ऋण लेने पड़ रहे हैं। औसतन, राज्य हर दिन लगभग 154 करोड़ रुपये का कर्ज ले रहा है। हर हफ्ते यह आंकड़ा 1,078 करोड़ रुपये है।' एक नागरिक पर 50 हजार से ज्यादा का कर्ज कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक नागरिक पर कर्ज का प्रति व्यक्ति बोझ 54,375 रुपये है। मध्य प्रदेश की आबादी लगभग 8 करोड़ है। वर्तमान कुल ऋण 4.35 लाख करोड़ रुपये है। यानी, प्रत्येक नागरिक पर औसतन 54,375 रुपये का कर्ज है। हर नागरिक को 'बीजेपी नेताओं की गलत नीतियों और भ्रष्टाचार' का बोझ उठाना होगा। यह कर्ज कौन चुकाएगा? क्या राज्य के लोगों को हमेशा कर्ज और ब्याज का बोझ उठाना पड़ेगा? बीजेपी नेताओं की विलासिता की राजनीति के लिए लोगों को क्यों भुगतान करना चाहिए?'  

‘द बंगाल फाइल्स’ देखने के बाद विजय शर्मा का बड़ा बयान: यह कहानी सत्य पर आधारित है

रायपुर ‘द बंगाल फाइल्स’ में विभाजन के दौरान की घटनाओं को दिखाया गया है. फिल्म देखने के बाद क्रोध और दुख हुआ. फिल्म में सत्य घटना को दिखाया गया है, जो हकीकत में घटी है. यह बात उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ‘द बंगाल फाइल्स’ देखने के बाद कही. छत्तीसगढ़ सर्व बंग समाज की ओर से पंडरी स्थित मॉल में ‘द बंगाल फाइल्स’ फिल्म का प्रदर्शन देखने बुधवार रात उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा पहुंचे थे. शो में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. उप मुख्यमंत्री ने फ़िल्म के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री को बधाई देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में फिल्म को अवश्य दिखाया जाना चाहिए. नेटफ्लिक्स के माध्यम से बंगाल में फिल्म को दिखाने की कोशिश करेंगे.

Samsung ने उतारा बजट 5G फोन, 2031 तक रहेगा अपडेट सपोर्ट का भरोसा

नई दिल्ली Samsung Galaxy F17 5G भारत में लॉन्च हो गया है. ये स्मार्टफोन कम बजट में 5G सपोर्ट, 5000mAh की बैटरी और Exynos 1330 प्रोसेसर के साथ आता है. स्मार्टफोन 7.5mm मोटा है और IP54 रेटिंग के साथ आता है. स्क्रीन की प्रोटेक्शन के लिए Corning Gorilla Glass Victus दिया गया है.  इसमें आपको कई AI फीचर्स भी मिलेंगे. स्मार्टफोन में Google Gemini और सर्किल टू सर्च फीचर मिलता है. इस हैंडसेट के कई फीचर्स Galaxy A17 5G से मिलते हैं, जो पिछले महीने लॉन्च हुआ था. आइए जानते हैं Samsung Galaxy F17 5G की कीमत और फीचर्स. क्या हैं स्पेसिफिकेशन्स?  Samsung Galaxy F17 5G में 6.7-inch का Full-HD+ Infinity-U Super AMOLED डिस्प्ले मिलता है, जो 90Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है. स्क्रीन की प्रोटेक्शन के लिए गोरिल्ला ग्लास विकटस यूज किया गया है. स्मार्टफोन Exynos 1330 प्रोसेसर के साथ आता है. इसमें 6GB RAM और 128GB स्टोरेज मिलता है.  हैंडसेट Android 15 पर बेस्ड One UI 7 पर काम करता है. कंपनी इसे 6 साल तक सॉफ्टवेयर अपडेट्स ऑफर करेगी. इसमें आपको Google Gemini और सर्किल टू सर्च फीचर मिलते हैं. Galaxy F17 5G में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलता है, जिसका प्राइमरी लेंस 50MP का है.  इसके अलावा 5MP का अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस और 2MP का मैक्रो लेंस मिलेगा. फ्रंट में कंपनी ने 13MP का सेल्फी कैमरा दिया है. हैंडसेट को पावर देने के लिए 5000mAh की बैटरी दी गई है, जो 25W की चार्जिंग सपोर्ट करेगी. सिक्योरिटी के लिए फोन में साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर मिलता है.  कितनी है कीमत?  Samsung Galaxy F17 5G को कंपनी ने दो कॉन्फिग्रेशन में लॉन्च किया है. फोन के 4GB RAM + 128GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 14,499 रुपये है. वहीं 6GB RAM + 128GB स्टोरेज वाला वेरिएंट 15,999 रुपये में लॉन्च हुआ है. हैंडसेट नियो ब्लैक और वॉयलेट पॉप कलर ऑप्शन में आता है. इसे आप कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और Flipkart से खरीद सकते हैं.

बिल पास करने की एवज में मांगी रिश्वत, इंजीनियर नरेंद्र गुप्ता रंगेहाथ पकड़े गए

मंडला  मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की टीम ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। हर दिन दो से तीन भ्रष्ट कर्मचारी और अधिकारी पकड़े जा रहे हैं। जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने मंडला जिले में कार्रवाई की है। रिटायरमेंट की उम्र में एक इंजीनियर साहब 20000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए हैं। पकड़े जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। ये है मामला दरअसल, रौशन कुमार तिवारी नाम के शिकायतकर्ता ने जबलपुर लोकायुक्त से शिकायत की थी। शिकायत में उसने कहा था कि हमारी फर्म बोरिंग बिल्डर्स ने वर्ष 2024 में आदिवासी जनजातीय विभाग मंडला में रिपेयर और मेंटेनेंस का काम किया था। विभाग में बिल का बकाया था। बिल भुगतान के लिए सहायक इंजीनियर नरेंद्र कुमार गुप्ता 56000 रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। रिश्वत नहीं देने पर बिल पास नहीं हो रहा था। लोकायुक्त में की शिकायत सहायक इंजीनियर नरेंद्र कुमार गुप्ता की शिकायत फरियादी ने लोकायुक्त से की। लोकायुक्त ने शिकायत की जांच की। जांच के दौरान मामला सही पाया गया। इसके बाद कार्रवाई के लिए ट्रैप दल का गठन किया गया है। 11 सितंबर को रिश्वत की पहली किस्त 20000 रुपए लेते हुए उन्हें रंगे हाथ पकड़ा गया है। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। इस कार्रवाई से जनजातीय कार्यालय में हड़कंप मच गया है। रिटायरमेंट की उम्र में पकड़े गए वहीं, मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मियों की रिटायरमेंट की उम्र 62 साल है। सहायक इंजीनियर गुप्ता 61 साल के हैं। कुछ दिनों में वह रिटायर हो जाते। इससे पहले ही रिश्वत के मामले में पकड़े गए हैं। पकड़े जाने के बाद उनके चेहरे पर शिकन दिख रहा था। पूजा कर आए थे ऑफिस गौरतलब है कि पकड़े जाने के बाद सहायक इंजीनियर गुप्ता की तस्वीर सामने आई है। उस तस्वीर में दिख रहा है कि माथे पर चंदन है। साथ ही उंगलियों में अंगूठियां हैं। इससे साफ पता चलता है कि वह दफ्तर पूजा पाठ के बाद आए थे। लेकिन रिश्वत की बोहनी के समय ही लोकायुक्त के ट्रैप में फंस गए। इसके बाद टेबल पर अपनी हथेली सीधी कर दिखा रहे थे।

न्यूयॉर्क फ़ैशन वीक में माइकल कोर्स के ओपनिंग शो में शिरकत करेंगी संजना सांघी

मुंबई,  अभिनेत्री संजना सांघी न्यूयॉर्क फ़ैशन वीक में मशहूर अमेरिकी डिज़ाइनर माइकल कोर्स के ओपनिंग शो का हिस्सा बनने को तैयार हैं। हाई फ़ैशन की प्रतिष्ठित दुनिया का ध्यान अब न्यूयॉर्क फ़ैशन वीक पर केंद्रित है। संजना सांघी इस वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। वह माइकल कोर्स के ओपनिंग शो में अपने शानदार अंदाज़ में नज़र आने वाली हैं। उनकी मौजूदगी उस परंपरा को आगे बढ़ाएगी जिसे पहले प्रियंका चोपड़ा जोनस जैसी भारतीय सेलेब्रिटीज़ ने भी ब्रांड के साथ जोड़कर निभाया है। संजना ने इससे पहले फ़रवरी 2019 में माइकल कोर्स के शो में स्टाइलिश प्लेड आउटफ़िट पहनकर फ़्रंट रो में शिरकत की थी। हाल ही में, 2023 में, प्रियंका चोपड़ा ने भी एनवायएफडब्ल्यू में विक्टोरियाज सीक्रेट की एंबेसडर के रूप में हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने रेड कार्पेट पर शिरकत की और ब्रांड की फ़िल्म द विक्टोरियाज सीक्रेट वर्ल्ड टूर पर बात की।इस सीज़न संजना एकमात्र भारतीय सेलेब्रिटी होंगी जो शो में शामिल होंगी। फ़ैशन शो में शामिल होने के उत्साह पर बात करते हुए संजना ने कहा, "फ़ैशन हमेशा से मेरे लिए आत्म-अभिव्यक्ति का एक ख़ास ज़रिया रहा है। मेरी हमेशा से क्लासिक और सिंपल स्टाइल रही है, और न्यूयॉर्क फ़ैशन वीक ओपनिंग शो में माइकल कोर्स कॉउचर में सिर से पाँव तक सजे रहकर शिरकत करना मेरे लिए सम्मान की बात है। भारत से आमंत्रित एकमात्र अभिनेत्री होना मेरे असली स्वभाव की एक बड़ी मान्यता है, और लगता है जैसे सब कुछ अब पूरा हो गया हो। मैंने कई गर्व के पल भारतीय डिज़ाइनर्स जैसे अंजु मोदी, वरुण बहल और पंकज व निधि के साथ इंडिया कॉउचर वीक और लक्मे फैशन वीक में बिताए हैं। अब मैं उम्मीद करती हूँ कि न्यूयॉर्क में अपनी मौजूदगी से भारत का संदेश दुनिया तक पहुंचा पाउं। मैं बेहद उत्साहित हूं।”  

गुरुग्राम स्वच्छता में अव्वल, मुख्यमंत्री ने जनता की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुग्राम को स्वच्छता रैंकिंग में नंबर वन बनाया जाएगा और यह लक्ष्य प्रशासनिक प्रबंधन के साथ-साथ जनभागीदारी से ही संभव होगा। ‘मेरा गुरुग्राम-स्वच्छ गुरुग्राम’ थीम के अंतर्गत नागरिकों को स्वच्छ और शुद्ध वातावरण बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया गया। बृहस्पतिवार सुबह मुख्यमंत्री ने सोहना चौक और सेक्टर-52 में हरियाणा सिटी स्वच्छता अभियान के तहत आयोजित मेगा स्वच्छता अभियान में स्वयं भाग लेकर जनता को स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर गुरुग्राम से विधायक मुकेश शर्मा, सोहना विधायक तेजपाल तंवर, गुरुग्राम की मेयर राजरानी, जीएमडीए के सीईओ श्यामल मिश्रा, मंडलायुक्त आरसी बिधान, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने स्वयं झाड़ू लगाकर क्षेत्र की सफाई की और स्वच्छता मित्रों के साथ मिलकर लोगों को प्रेरित किया कि वे स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।   स्वच्छता जीवन का हिस्सा बनाकर सुखद वातावरण बनाएं:  मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता स्वस्थ जीवन की नींव है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को इसे अपनी दिनचर्या का स्थायी हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार ‘मेरा गुरुग्राम-स्वच्छ गुरुग्राम’ के विजन को साकार करने के लिए हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि मानसून समाप्त होते ही गुरुग्राम जिले में विकास कार्यों की गति तेज की जाएगी ताकि लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। 11 सप्ताह तक चलने वाले विशेष अभियान के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण और उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शहरों की स्वच्छता रैंकिंग तय की जाएगी और गुरुग्राम इसमें अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्वच्छता बनी जन आंदोलन मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्तूबर, 2014 को शुरू किया था। आज यह उनके दूरदर्शी नेतृत्व में पूरे देश में जन आंदोलन का रूप ले चुका है। स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 17 सितम्बर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस से सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा, जो 2 अक्तूबर तक चलेगा। इसके दौरान स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य शिविर और खेल जागरूकता कार्यक्रम जैसे आयोजन किए जाएंगे ताकि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके। मुख्यमंत्री ने विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संगठनों, रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों और व्यापारी संगठनों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने ‘मेरा गुरुग्राम -स्वच्छ गुरुग्राम’ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। गुरुग्राम को सुंदर और स्वच्छ बनाने का अभियान निरंतर चलेगा:  विधायक मुकेश शर्मा विधायक मुकेश शर्मा ने कहा कि गुरुग्राम को स्वच्छ और सुंदर बनाने का यह अभियान केवल एक दिन या सप्ताह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे निरंतर जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किसी भी स्थिति में रुकने नहीं दिया जाएगा और आने वाले दिनों में और अधिक जोश, ऊर्जा और ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने नागरिकों से सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया और कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से यह लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता, बल्कि हर नागरिक को योगदान देना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वच्छता केवल सफाई अभियान नहीं है, बल्कि यह हमारी सोच और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनना चाहिए।

घरेलू प्रार्थना सभा की सुरक्षा नहीं मिलने पर ईसाई समाज ने आंदोलन की दी चेतावनी

रायपुर राजधानी रायपुर में आज बड़ी संख्या में संयुक्त ईसाई समाज के लोग ईसाई धर्मानुसार घरेलू नियमित प्रार्थना सभा संचालन करने के पक्ष में कार्यवाही करने की मांग को लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ईसाई समाज पर प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण और जबरन बुलाए जाने के आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया। इस दौरान उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि उन्हें प्रार्थना सभा में सुरक्षा दी जाए। मांग पूरी नहीं होने पर आगे अर्धनग्न प्रदर्शन, रैली और सभा जैसे बड़े प्रदर्शन के लिए उतारू होंगे। संयुक्त ईसाई समाज की ओर से कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि हम सभी रायपुर छत्तीसगढ़ के हैं, जिसमें रायपुर शहर के समस्त पादरी फेलोशिप, लीडर संगठन और विभिन्न ईसाई संस्थाएं सम्मिलित हैं। जिनके द्वारा हम विगत कई वर्षों से घरेलू प्रार्थना सभा संचालित करते आ रहे हैं। ईसाई धर्म में अपनी आस्था के अनुसार एक जगह इकट्ठा होकर शांतिपूर्वक प्रार्थना आराधना करने की परंपरा है, जिसका हम पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पवित्र धर्मशास्त्र बाइबिल में भी घरों में प्रार्थना सभा किए जाने का उल्लेख मिलता है, जो कि आज तक अनवरत हर जगह चलती आ रही है। पवित्र धर्मग्रंथ बाइबिल में प्रेरितों के काम 2:46 में लिखा है- वे प्रतिदिन एक मन होकर मंदिर में इकट्ठे होते थे और घर-घर रोटी तोड़ते हुए आनंद और मन की सिधाई से भोजन किया करते थे। पवित्र बाइबिल में रोमियों 16:5, 1 कुरिन्थियों 16:19, कुलुस्सियों 4:15, फिलेमोन 1:2 आदि कई स्थानों पर घरेलू प्रार्थना सभा के संचालन का वर्णन मिलता है। प्रार्थना सभा में नहीं दिया जाता किसी भी प्रकार का प्रलोभन घरेलू चर्च में प्रार्थना हम सभी ईसाई धर्म के मानने वालों की संस्कृति एवं परंपरा है। हमारे द्वारा किसी भी प्रकार के प्रलोभन, डर, दायाव, कपट आदि नहीं दिया जाता है। सभी व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार घरेलू प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए आते हैं। हमारे द्वारा किसी को भी जबरन बुलाया नहीं जाता है। इस सभा में ईसाई धर्म में आस्था और विश्वास रखने वाले लोग ही शामिल होते हैं। मांग पूरी न होने पर करेंगे आंदोलन ईसाई धर्मानुसार घरेलू नियमित प्रार्थना सभा संचालन करने के पक्ष में कार्यवाही करने की मांग को लेकर आज हम रायपुर शहर के धार्मिक पुरोहित, पादरी, धर्म सेवक-सेविका कलेक्टर को ज्ञापन सौंप रहे हैं ताकि हमें प्रार्थना सभा में सुरक्षा दी जाए। मांग पूरी नहीं होने पर आगे अर्धनग्न प्रदर्शन, रैली और सभा जैसे बड़े प्रदर्शन के लिए उतारू होंगे।