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इंदौर मेट्रो को बड़ी तकनीकी मदद, MP ट्रांसको ने पूरी की 13 किमी की कम्पोज़िट लाइन

इंदौर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी है किमध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए महत्वपूर्ण एक्स्ट्रा हाईटेंशन लाइन का निर्माण कर उसे ऊर्जीकृत कर दिया है। अब मेट्रो के एम.आर.-10 सब स्टेशन को 132 के.व्ही. डबल सर्किट सप्लाई एम.पी. ट्रांसको के 220 के.व्ही. जैतपुरा सब स्टेशन से प्राप्त होगी। एमपी ट्रांसको इंदौर के अतिरिक्त मुख्य अभियंता आर.के. अग्रवाल ने बताया कि जैतपुरा से एम.आर.-10 सब स्टेशन तक ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण घने आबादी वाले क्षेत्र से होकर गुजरने के कारण चुनौतीपूर्ण रहा। इस कारण एम.पी. ट्रांसको मुख्यालय जबलपुर के विशेषज्ञों द्वारा विशेष डिजाइन तैयार कर 12.77 किमी लंबी कम्पोज़िट लाइन का निर्माण कराया गया।  इस लाइन में परंपरागत टावर के स्थान पर कम जगह मे लगने वाले नैरोबेस टावर,मोनोपोल टावर और 132 के.व्ही. अंडरग्राउंड केबल तीनों तकनीकों का समावेश किया गया। कुल 38 नैरोबेस टावर, 14 मोनोपोल तथा 0.777 किमी लंबी भूमिगत केबल का उपयोग कर लाइन तैयार की गई। इसके साथ ही जैतपुरा 220 के.व्ही. सब स्टेशन में 160 एम.व्ही.ए. क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर भी स्थापित किया गया है, इससे मेट्रो को सतत और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।  

नितिन गडकरी का पलटवार: एथनॉल विवाद पर बोले, मेरे खिलाफ चल रहा है पेड कैम्पेन

नई दिल्ली केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि 20 फीसदी एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल (E20) के खिलाफ सोशल मीडिया पर पूर्वाग्रस से ग्रसित पैड कैम्पेन चलाया जा रहा है, ताकि उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा सके। एक कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि E20 पेट्रोल रोलआउट कार्यक्रम को लेकर उनके खिलाफ चलाई गई पेड मुहिम अब अब झूठी साबित चुकी है। केंद्रीय मंत्री ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स सोसायटी के वार्षिक सम्मेलन में प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे, जब उनसे पेट्रोल में इथेनॉल के मिश्रण से संबंधित चिंताओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया पर यह मेरे खिलाफ पेड मुहिम थी, ताकि सियासी रूप से मुझे निशाना बनाया जा सके। यह मुहिम अब झूठी साबित हो रही है।" गडकरी ने आगे कहा कि उन्होंने वित्त मंत्री से पुराने वाहनों को स्क्रैप करके नई कार खरीदने वाले ग्राहकों के लिए GST में राहत पर विचार करने का आग्रह किया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस तरह के कदम से उपभोक्ताओं और ऑटो उद्योग दोनों को फायदा होगा। पेट्रोल लॉबी बहुत समृद्ध ई-20 (पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण) को लेकर सोशल मीडिया पर बढ़ती चिंता पर प्रतिक्रिया देते हुए, गडकरी ने कहा कि पेट्रोलियम क्षेत्र इस कदम के खिलाफ काम कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हर जगह लॉबी होती हैं, हित होते हैं…पेट्रोल लॉबी बहुत समृद्ध है।’’ प्रदूषण के दृष्टिकोण से E20 के असर पर बोलते हुए, उन्होंने कहा, “दुनिया इस बात पर सहमत है कि प्रदूषण कम करना ज़रूरी है। एक रिपोर्ट में पाया गया है कि अगर प्रदूषण का यही स्तर जारी रहा तो दिल्ली के निवासियों की ज़िंदगी के 10 साल कम हो जाएंगे।” प्रदूषण मुक्त और स्वदेशी है E20 केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऑटोमोबाइल निर्माता और ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया जैसी संस्थाओं ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने पर अपने निष्कर्ष साझा किए हैं। मंत्री ने कहा, “आपका उद्योग जिस तरह काम करता है, राजनीति भी उसी तरह काम करती है। सोशल मीडिया अभियान पैसे लेकर चलाया गया था; यह मुझे राजनीतिक रूप से निशाना बनाने के लिए था। इसमें कोई तथ्य नहीं है; सब कुछ स्पष्ट है। (एथनॉल मिलाना) आयात का विकल्प है, लागत प्रभावी है, प्रदूषण मुक्त है और स्वदेशी है।” E20 पेट्रोल 80% पेट्रोल और 20% एथनॉल का मिश्रण बता दें कि E20 पेट्रोल 80 प्रतिशत पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण को कहते हैं। हालाँकि सरकार इस बात पर ज़ोर देती है कि E20 मिश्रण कार्बन उत्सर्जन और जीवाश्म ईंधन के आयात को कम करने में एक क्रांतिकारी बदलाव है, लेकिन वाहन मालिकों का दावा है कि इससे ईंधन दक्षता कम हुई है और टूट-फूट बढ़ी है, जिससे वाहनों की उम्र कम हो रही है।  

वास्तु के अनुसार पानी की बोतल रखकर बदलें अपनी किस्मत, जानें सही दिशा और जगह

वास्तु शास्त्र प्राचीन भारतीय विज्ञान है जो घर, ऑफिस और अन्य स्थानों पर ऊर्जा के प्रवाह को संतुलित करके जीवन में खुशहाली, स्वास्थ्य और समृद्धि लाने में मदद करता है। पानी, जो जीवन का आधार है, वास्तु में भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। खासतौर पर घर में पानी की बोतल रखने का स्थान और तरीका वास्तु के अनुसार सही होना चाहिए ताकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे और नकारात्मकता से बचा जा सके। पानी का संबंध जीवन, शांति, समृद्धि और स्वास्थ्य से है। पानी की बोतल घर के विभिन्न कोनों में रखी जाती है लेकिन अगर इसे गलत दिशा या स्थान पर रखा जाए, तो इससे घर में ऊर्जा असंतुलित हो सकती है। गलत जगह पानी रखना तनाव, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और आर्थिक संकट ला सकता है। इसलिए वास्तु में पानी की बोतल रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन करके आप घर में सुख-शांति और सकारात्मकता बनाए रख सकते हैं। उत्तर और पूर्व दिशा: वास्तु के अनुसार पानी की बोतल घर में उत्तर या पूर्व दिशा में रखना सबसे शुभ माना जाता है। ये दिशाएं धन, स्वास्थ्य और समृद्धि की ऊर्जा लाती हैं। दक्षिण-पश्चिम दिशा से बचें: पानी की बोतल को कभी भी दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में नहीं रखना चाहिए, क्योंकि ये दिशाएं भारी ऊर्जा रखती हैं और यहां पानी रखने से ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे परिवार में झगड़े और असंतोष हो सकता है। दक्षिण-पूर्व दिशा में भी न रखें: यह दिशा अग्नि तत्व की होती है, इसलिए यहां पानी की बोतल रखना अशुभ माना जाता है। पानी की बोतल की स्थिति और साफ-सफाई घर में पानी की बोतल हमेशा साफ और स्वच्छ पानी से भरी होनी चाहिए। गंदा या खराब पानी न रखें क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। बोतल को ढककर रखें: बोतल को अच्छे से ढककर रखें ताकि उसमें कोई धूल या कीट न पड़ें। खुले पानी को भी खुली जगह पर नहीं रखना चाहिए। पानी को रोजाना बदलें: पानी को नियमित रूप से बदलना चाहिए। पुराना पानी घर में अशुभता ला सकता है। साफ बोतल का प्रयोग करें: प्लास्टिक की बोतल की बजाय ग्लास या स्टील की बोतल का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। प्लास्टिक से निकलने वाली हानिकारक गैसें घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकती हैं। पानी की बोतल को रखने का सही स्थान घर के मुख्य द्वार के पास उत्तर या पूर्व दिशा में पानी की बोतल रखना शुभ होता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। किचन के पास न रखें: पानी की बोतल को रसोई या किचन के पास दक्षिण-पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिए क्योंकि किचन में अग्नि का प्रभाव होता है। बेडरूम में सीमित मात्रा में रखें: बेडरूम में बहुत ज्यादा पानी की बोतल नहीं रखें। अगर रखनी हो तो सिर के पास नहीं, बल्कि कमरे के उत्तर या पूर्व दिशा में रखें। बाथरूम के बाहर रखें: बाथरूम के अंदर पानी की बोतल रखना अशुभ माना जाता है। यदि जरूरी हो तो बाथरूम के बाहर साफ और अच्छी जगह पर ही रखें।

शहरी सहकारी बैंक अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को लाभ पहुंचाने का कार्य करें : राज्यपाल

शहरी सहकारी बैंक अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को लाभ पहुंचाने का कार्य करें : राज्यपाल जयपुर, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र के शहरी बैंक समाज को आर्थिक रूप से सशक्त करने को अपना ध्येय बनाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के व्यवसायी देशभर में आर्थिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। आर्थिक रूप से सुदृढ़ सभी लोग सहकारिता से जुड़े। इसी से राष्ट्र और प्रदेश के विकास में  तेजी आएगी। उन्होंने शहरी सहकारी बैंकों के जरिए अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को लाभान्वित किए जाने पर भी विशेष रूप से जोर दिया। उन्होंने कहा कि गरीब, जरूरतमंद को मुख्य धारा में लाने के उद्देश्य से सहकारी बैंक कार्य करेंगे तभी सही मायने में सबका साथ सबका विकास को हम साकार कर पायेंगे। राज्यपाल बागडे गुरुवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में सहकार भारती एवं सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के राष्ट्रीय अधिवेशन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कॉपरेटिव बैंक न केवल हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, बल्कि यह लाखों लोगों को, उनके परिवारों के लिए आजीविका का एक मजबूत स्रोत भी है। राज्यपाल ने कहा कि सहकार में अपने लिए नहीं सबके विकास की सोच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डेनमार्क में सहकारिता से कृषि और डेयरी का जो विकास हुआ है, वह प्रेरित करने वाला है। राज्यपाल ने कहा कि सहकारिता से सभी का समान आर्थिक विकास, रोजगार जनन और सामूहिक विकास संभव है। उन्होंने राजस्थान में अधिकाधिक सहकारी बैंक स्थापित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने राजस्थान में सरस की सहकारी गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि डेयरी के साथ अन्य उत्पादों का भी सहकारिता की सोच से प्रभावी विपणन किए जाने का आह्वान किया। उन्होंने सहकारिता में भारत के तेजी से आगे बढ़ने की चर्चा करते हुए कहा कि दुग्ध उत्पादन में विश्वभर में हमारा देश पहले स्थान पर है। सहकारिता को प्रभावी गति देने से इस क्षेत्र के माध्यम से हम सर्वांगीण विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने  सहकारिता के इतिहास की चर्चा करते हुए कहा कि हमारे यहाँ सबसे पहले सयाजीराव गायकवाड़ जी ने बड़ोदा में एक अर्ध-सहकारी कारखाना स्थापित किया था। इसके बाद विखे पाटिल और धनंजयराव गाडगिळ ने 1949 में प्रवरा सहकारी चीनी कारखाना की स्थापना की।

एक घटना ने बदल दिया नजरिया: भारत की चेतावनी के बाद अमेरिका ने छेड़ा था ग्लोबल वॉर ऑन टेरर

नई दिल्ली 11 सितंबर की तारीख दुनिया के इतिहास में कई अहम घटनाक्रमों की अलग-अलग कालखंड में गवाह रही है। इसी दिन स्वामी विवेकानंद ने 1893 में अमेरिका के शिकागो में वेदांत और हिंदू दर्शन से दुनिया को अवगत कराया था। विडंबना ही है कि शांति के उपदेश की तारीख के लिए जाना गए 11 सितंबर को ही करीब एक सदी बाद 2001 में भीषण आतंकी हमला हुआ। इस हमले में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर समेत दो इमारतों को टारेगट किया गया, जिसमें 3000 से ज्यादा लोग मारे गए। अमेरिका ही नहीं बल्कि दुनिया के इतिहास में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला था। इस हमले ने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया और पहली बार पश्चिमी जगत को यह आभास कराया कि आतंकवाद कितना खतरनाक है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत में 1990 के दशक से ही आतंकवादी घटनाएं तीव्र हो गई थीं। सीमा पार आतंकवाद जोर पकड़ रहा था। पाकिस्तान की ओर से छेड़े गए छद्म युद्ध का भारत शिकार हो रहा था। इसे लेकर भारत ने लगातार वैश्विक मंचों पर आवाज भी उठाई, लेकिन अमेरिका और यूरोपीय देश उसकी गंभीरता को समझने में नाकाम रहे। माना जाता है कि 9/11 का आतंकी हमला वह मोड़ था, जब पूरे विश्व को आभास हुआ कि जिहादी आतंकवाद कितना बड़ा संकट है। इस आतंकी हमले ने अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस समेत तमाम पश्चिमी देशों की आंखें खोल दी थीं और खुलकर जिहादी आतंकवाद की बात शुरू हुई। इसके बाद ही आतंकवाद से निपटने के लिए अमेरिका ने जंग शुरू की और उसने नाम दिया Global War on Terrorism यानी GWOT। यह एक वैश्विक सैन्य अभियान था, जिसके तहत अमेरिका ने अफगानिस्तान पर हमले किए। ऐसा इसलिए हुआ ताकि अलकायदा की पनाहगाह में घुसकर हमले किए जाएं। दो दशक तक यहां अमेरिका डटा रहा और अंत में तालिबान के हाथ ही सत्ता छोड़कर उसे जाना पड़ा। लेकिन इस जंग के चलते ही दुनिया में कई संघर्ष हुए। वॉर एक्सपर्ट मानते हैं कि शीत युद्ध की समाप्ति के बाद दुनिया में यह एक नए तरह का युद्ध था, जिसे आतंक के खिलाफ जंग कहा गया। इस जंग का मुख्य उद्देश्य इस्लामिक आतंकी संगठन थे, जैसे- अलकायदा, तालिबान और उनके सहयोगी। अन्य बड़े लक्ष्य इराक का बाथ़ पार्टी शासन भी था, जिसे 2003 में आक्रमण कर हटाया गया। हालांकि इसे लेकर विवाद रहा है कि इराक पर जिन हथियारों का आरोप लगाकर सद्दाम हुसैन को हटाया गया, वे कभी मिले नहीं। इसके बाद 2014 में इस्लामिक स्टेट जैसे खूंखार आतंकी संगठन का उभार हुआ। बता दें कि अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने 16 सितंबर 2001 को पहली बार 'वार ऑन टेररिज्म' का प्रयोग किया और कुछ दिन बाद संसद में दिए औपचारिक भाषण में 'वार ऑन टेरर' कहा।  

क्रिकेट मैच का बड़ा झटका: कोहली और कुलदीप के खेल ने पाकिस्तान को दी यादगार हार

नई दिल्ली क्रिकेट के मैदान पर जब भी भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होती है तो ये एक मैच नहीं, बल्कि ये एक जंग होती है। फैंस को इस मैच का बेसब्री से इंतजार रहता है। मौजूदा समय में भारत-पाकिस्तान के फैंस की नजरें एशिया कप 2025 में होने वाले सबसे बड़े मैच पर बनी हुई है। 14 सितंबर को भारत-पाक के बीच भिड़ंत होने वाली है, जिसका हर कोई इंतजार कर रहा है। ऐसे में आज आपको बताते हैं एशिया कप के एक ऐसे मैच के बारे में जो भारत-पाक का सबसे चर्चित मैच रहा। ये मैच दो साल पहले यानी 10 और 11 सितंबर को खेला गया था। ये एशिया कप सुपर-4 का मुकाबला था, जिसमें भारत ने पाकिस्तान को ऐसा जख्म दिया था, जिसे शायद वो कभी नहीं पाएंगे। आइए आपको फ्लैशबैक पर ले चलते हैं।   दरअसल, भारत और पाकिस्तान (India vs Pakistan Asia Cup 2023 ODI) बीच एशिया कप 2023 का मैच रोमांच से भरपूर रहा। इस मैच में पाकिस्तान की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। उस वक्त भारतीय टीम ने पहले बैटिंग करते हुए शानदार आगाज किया था। रोहित और शुभमन गिल ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। रोहित ने 56 और गिल ने 58 रन बनाकर भारत को मजबूत नींव दी। इसके बाद शुरू हुआ असली मैच, जब विराट कोहली और केएल राहुल ने मैदान पर एंट्री की और पाकिस्तानी गेंदबाजों की धज्जियां उधेड़ दी। कोहली का हर शॉट ऐसा लग रहा था कि जैसे उन्हें पहले से पता हो कौन-सी गेंद डाली जा रही है। उनके स्ट्रोक्स, उनकी टाइमिंग सब कुछ परफेक्ट थी। वहीं, दूसरी ओर केएल राहुल चोट से उबरकर खेल रहे थे, लेकिन उन्होंने भी हर किसी को हैरान कर दिया। बता दें कि पहले दिन यानी 10 सितंबर 2023 को बारिश ने मैच में खलल डाला और ये मैच को रोकना पड़ा। डे-नाइट मैच के लिए रिजर्व डे रखा गया था। पहले दिन टीम इंडिया ने पहले खेलते हुए 24.1 ओवर में दो विकेट पर 147 रन बनाए। विराट कोहली 8 और केएल राहुल 17 रन पर नाबाद बनाकर लौटे। शुभमन गिल 58 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें शाहीन शाह अफरीदी ने सलमान अली आगा के हाथों कैच कराया। इससे पहले, कप्तान रोहित शर्मा ने 56 रन बनाए थे। बारिश की वजह से रिजर्व डे पर आया नतीजा कोहली-राहुल ने भारतीय टीम को दूसरे दिन शुरुआती झटकों से उबारा। दूसरे दिन रिजर्व डे पर भी मैच डेढ़ घंटे की देरी से शुरू हुआ। फिर मैदान पर आए विराट कोहली और केएल राहुल ने तीसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की। दोनों ने 194 बॉल पर 233 रनों की नाबाद साझेदारी की है। राहुल ने 100वीं गेंद पर शतक जड़ा, ये शतक उनके वनडे क्रिकेट में ढाई साल बाद शतक बाद आया था। राहुल ने आखिरी बार 26 मार्च 2021 को इंग्लैंड के खिलाफ 108 रन की पारी खेली थी। ये राहुल की पाकिस्तान के खिलाफ भी पहली सेंचुरी रही। उनके अलावा विराट कोहली ने पाकिस्तान के खिलाफ 84 गेंद पर सेंचुरी लगाई। उन्होंने शाहीन अफरीदी की बॉल पर सिंगल लेने के साथ अपने वनडे करियर का 47वां शतक पूरा किया। इस तरह भारत ने 50 ओवर में 356 रन का स्कोर खड़ा किया। कुलदीप के 'पंजा' से पाकिस्तानी बैटर्स ढेर इसके जवाब में 357 रन का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम पावरप्ले में 43 रन ही बना सकी। टीम की शुरुआत खराब रही। जहां टीम ने 5वें ही ओवर में इमाम-उल-हक का विकेट गंवा दिया। इमाम 9 रन ही बना सके, उन्हें जसप्रीत बुमराह ने शुभमन गिल के हाथों सेकेंड स्लिप में कैच कराया। इसके बाद कप्तान बाबर आजम नंबर 3 पर बैटिंग करने आए, लेकिन उन्हें भी फखर जमान की तरफ शुरुआती ओवरों में खेलने में परेशानी हुई। जसप्रीत बुमराह ने अपनी घातक स्विंग से शुरुआत की और पाकिस्तान की नींव हिला दी। हालांकि टीम ने 10 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 43 रन बनाए।  मोहम्मद सिराज और हार्दिक पांड्या ने भी दबाव बढ़ाया और फिर आए भारत के स्पिन के जादूगर कुलदीप यादव, जिनकी  हर गेंद जैसे पाकिस्तान के लिए पहेली बन गई। उन्होंने सिर्फ 25 रन देकर पूरे 5 विकेट चटकाए और पाकिस्तान की पूरी टीम सिर्फ 32 ओवर में 128 रन पर ही ढेर हो गई। इस तरह ये मैच ने 228 रन से जीत लिया। ये न सिर्फ एशिया कप में, बल्कि भारत-पाकिस्तान मुकाबलों के इतिहास में सबसे बड़ी जीत बनी। बता दें कि 228 रन की जीत वनडे क्रिकेट की सबसे बड़ी जीत भी है।  

‘एवेंजर्स: डूम्‍सडे’ में हैरान करने वाला ट्विस्ट, नई तस्वीर से खुला रीड रिचर्ड्स का राज़

लॉस एंजिल्स मार्वल की 'एवेंजर्स: डूम्‍सडे' की रिलीज में अभी एक साल से अध‍िक का वक्‍त बाकी है। लेकिन इस फिल्‍म का इंतजार और इसको लेकर फैंस की बेसब्री सीमाएं तोड़ रही हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है फिल्‍म में रॉबर्ट डाउनी जूनियर की वापसी। मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की पिछली फिल्‍में लगातार पिटी हैं। जबकि सबसे फेरवेट सुपरहीरो आयरन मैन का किरदार निभाने वाले RDJ अब सबसे खतरनाक खलनायक डॉक्‍टर डूम बनकर आ रहे हैं। फैंस की बेसब्री और एक्‍साइटमेंट तब और बढ़ गई, जब बुधवार को रूसो ब्रदर्स ने एक टीज पोस्ट शेयर किया। पहली नजर में तो इस ब्‍लर फोटो में कुछ नजर नहीं आता, लेकिन फैंस की बाज़ जैसी नजरों ने कुछ ऐसा ढूंढ़ निकाला है, जो फिल्‍म की कहानी को लेकर बड़ा खुलासा है। इंटरनेट यूजर्स ने रूसो ब्रदर्स के पोस्ट पर नजरें करम कीं, तो उन्‍हें इसके पीछे के मकसद पता लगा लिया। इस ब्‍लर फोटो को छोटा कर के देखने पर पता चलता है कि यह कोई ब्‍लैकबोर्ड है, जिस पर कुछ फॉमूर्ला जैसा लिखा है। अब फैंस अंदाजा लगा रहा है कि इसका कनेक्‍शन मार्वल की पिछली फिल्‍म 'द फैंटास्टिक 4: फर्स्ट स्टेप्स' से है।   धुंधली तस्‍वीर का रीड रिचर्ड्स के ब्‍लैकबोर्ड से कनेक्‍शन! रूसो ब्रदर्स ने बुधवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक धुंधली तस्वीर शेयर की। साथ में लिखा, 'डूम्‍सडे आ रही है।' अब, जिन लोगों ने जुलाई 2025 में रिलीज 'द फैंटास्टिक 4: फर्स्ट स्टेप्स' देखी है, उन्हें पता होगा कि रीड रिचर्ड्स की भूमिका निभाने वाले पेड्रो पास्कल को फिल्म में कई बार ऐसे ही एक ब्लैकबोर्ड के सामने देखा गया। यही नहीं, फिल्‍म का अंत रॉबर्ट डाउनी जूनियर द्वारा रीड और सू के बच्चे को गोद में लिए जाने से होता है। यानी कहीं ना कहीं कहानी आपस में जुड़ी हुई जरूर है। इंटरनेट यूजर्स की तेज नजरों ने पकड़ लिया ट्व‍िस्‍ट रेडिट और इंस्टाग्राम यूजर्स का भी मानना है कि मेकर्स की ओर से शेयर की गई यह तस्वीर 'एवेंजर्स: डूम्सडे' में 'द फैंटास्टिक 4: फर्स्ट स्टेप्स' के कलाकारों एंट्री की ओर इशारा करती है। एक यूजर ने लिखा है, 'रीड रिचर्ड्स का ब्लैकबोर्ड?', एक दूसरे यूजर ने लिखा, 'मुझे लगता है कि यह रीड का चॉकबोर्ड है और वे पुल बना रहे हैं।' रिचर्ड्स के नोट्स या मून नाइट के सिम्‍बल? एक यूजर ने कॉमेंट में लिखा, 'लगता है इसे जूम करके कुछ इस तरह दिखाया गया है… रिचर्ड्स के नोट्स…? या मून नाइट के सिम्‍बल…? मुझे नहीं पता… कुछ भी हो सकता है।' 'डूम्सडे' के सेट से आए फोटो में दिखा था अंतरिक्ष यान इससे पहले जुलाई महीने में 'एवेंजर्स: डूम्सडे' के सेट से भी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर लीक हुई थी, जिसमें एबन मॉस-बचराच (द थिंग ऑफ फैंटास्टिक फोर), वायट रसेल (थंडरबोल्ट्स के अमेरिकी एजेंट) और डैनी रामिरेज एक अंतरिक्ष यान के कॉकपिट जैसी जगह के अंदर खड़े दिखाई दे रहे थे। वहां खिड़की के पैनल और हाई-टेक कंट्रोल सिस्टम से पता चलता है कि यह फैंटास्टिक फोर का वही जहाज हो सकता है, जिसका टीजर 'थंडरबोल्ट्स' के पोस्ट-क्रेडिट सीन में दिखाया गया था। सबसे ज्यादा दिलचस्‍प बात ये कि फ्रेम के एक हिस्‍से में ब्लैक पैंथर का सूट और पैर की झलक भी दिखी। मल्‍टीवर्स, डॉक्‍टर डूम और शूरी की खोज 'स्कूपर' की रिपोर्ट के मुताबिक, शूरी ही इनक्रशन्स की खोज करती है। मल्टीवर्स की जांच करते हुए, उसे पता चलता है कि अलग-अलग ब्रह्मांड एक-दूसरे से टकरा रहे हैं। एक होलोग्राम का उपयोग करके वह सैम, वोंग, ब्रूस बैनर और कैरल डेनवर्स को अपनी खोज के बारे में बताती है और उन्हें आने वाले खतरे के बारे में चेतावनी देती है। 'फैंटास्टिक फोर' और 'थंडरबोल्‍ट्स' आएंगे एकसाथ! इस बीच, हमने देखा है कि 'फैंटास्टिक फोर' के अर्थ-616 पर कुछ घटनाएं घटती हैं। 'थंडरबोल्ट्स' सबसे पहले उनका सामना करते हैं। रीड रिचर्ड्स बताते हैं कि डॉक्टर डूम (रॉबर्ट डाउनी जूनियर) ने उनके बेटे फ्रैंकलिन का किडनैप कर लिया है और वह गैलेक्टस का भी जिक्र करते हैं, जिसने पहले अपनी शक्तियों के कारण फ्रैंकलिन को पकड़ने की कोशिश की थी। बकी बार्न्‍स समझ नहीं पा रहा है कि वह डॉक्‍टर डूम के साथ इस स्थिति को कैसे संभाले, इसलिए वह सलाह के लिए सैम के पास जाता है। अब देखना यह है कि सभी सुपरहीरो पृथ्वी को बचाने के लिए कैसे एकजुट होते हैं। 'एवेंजर्स: डूम्‍सडे' रिलीज डेट बहरहाल, सवाल कई हैं? साथ ही कई तरह की फैन थ्‍योरीज भी हैं। लेकिन इन सब की गुत्‍थी तब भी सुलझेगी, जब 18 दिसंबर, 2026 को सिनेमाघरों में 'एवेंजर्स: डूम्‍सडे' रिलीज होगी।

पूर्व सीएम बघेल ने साधा निशाना: अपराध बढ़ रहे, गृहमंत्री पीछे नहीं हट रहे, फिल्म देख रहे

रायपुर राजनांदगांव में हुई तीन हत्याओं को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गृहमंत्री विजय शर्मा पर निशाना साधा है. बघेल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है कि गृहमंत्री इस्तीफा दें. राजनांदगांव में एक ही दिन में तीन हत्याएं हो गई है. ‘गृहमंत्री’ एक घटिया फिल्म देखने और उसके प्रमोशन में व्यस्त हैं. भूपेश बघेल ने कहा है कि राजनांदगांव की ‘फाइल्स’ देखने का समय गृहमंत्री के पास नहीं है. प्रदेश में भय का वातावरण बना हुआ है. जगह-जगह हत्याएं, चाकूबाजी हो रही है और गृहमंत्री फिल्म देखने में व्यस्त हैं.

इज़राइल की चेतावनी के बावजूद WHO का ऐलान, गाजा में डटे रहेंगे डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी

गाजा  इजरायल ने गाजा पर कब्जे के लिए अपने हमले तेज कर दिए हैं। इजरायली सेना बार-बार लोगों से क्षेत्र खाली करने को कह रही है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा है कि उसके कर्मचारी गाजा शहर में डटे रहेंगे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने घोषणा की कि गाजा में नागरिकों के लिए डब्ल्यूएचओ और उसके सहयोगी गाजा शहर में बने रहेंगे। संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि गाजा शहर और इसके आसपास करीब दस लाख फिलिस्तीनी रहते हैं। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने बताया कि गाजा पट्टी में बचे आधे कार्यशील अस्पताल गाजा शहर में हैं, और क्षेत्र की कमजोर स्वास्थ्य प्रणाली इन शेष सुविधाओं में से किसी को भी खोने का जोखिम नहीं उठा सकती। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से 'कार्रवाई' करने की अपील की और कहा कि यह तबाही मानव निर्मित है, जिसकी जिम्मेदारी हम सभी पर है। दरअसल, इजरायली सेना गाजा शहर पर अपने हमले तेज कर रही है और शहर पर कब्जा करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। इस सप्ताह उसने वहां के नागरिकों को क्षेत्र छोड़ने की चेतावनी दी है। इजरायली सेना ने मंगलवार को गाजा शहर में बड़े हमले से पहले शहर खाली करने का आदेश दिया और चेतावनी दी कि जो लोग रह गए हैं, उन्हें गंभीर खतरा है। इजरायली सेना के प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने कहा कि सेना इस क्षेत्र में पूरी ताकत से कार्रवाई करेगी। करीब 10 लाख निवासियों से दक्षिण में अल-मवासी की ओर जाने को कहा गया है, जिसे इजरायल ने मानवीय क्षेत्र घोषित किया है। अद्राई ने चेतावनी दी कि शहर में रहना अत्यंत खतरनाक है। यह आदेश हमास द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए गाजा युद्धविराम प्रस्ताव के बाद बातचीत शुरू करने की घोषणा के एक दिन बाद आया। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि इजरायली बलों ने हाल के दिनों में 10 से अधिक बहुमंजिला इमारतों को नष्ट किया है। हमास पर आरोप है कि उसने इन इमारतों में इजरायली सैनिकों की निगरानी के लिए कैमरे लगवाए थे। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, हाल के इजरायली हमलों में 67 लोग मारे गए और 320 घायल हुए हैं। बता दें कि इजरायल अक्टूबर 2023 से गाजा में हमास के खिलाफ अभियान चला रहा है। हमास द्वारा संचालित गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इजरायल के जवाबी हमलों में 64000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं।  

अयोध्या में मॉरीशस के पीएम का दौरा, रामलला के दर्शन के साथ शिव मूर्ति का करेंगे जलाभिषेक

अयोध्या मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम शुक्रवार को अयोध्या के दौरे पर रहेंगे। आज गुरुवार को वाराणसी में पीएम नरेंद्र मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री से मुलाकात कर संग द्विपक्षीय वार्ता की। अब बताया जा रहा है कि कल मॉरीशस के प्रधानमंत्री अयोध्या रामलला के दर्शन के लिए जाएंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ उनका स्वागत करेंगे। जानकारी के अनुसार मॉरीशस के प्रधानमंत्री कल सुबह 11 बजे अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि हवाई अड्डे पहुंचेंगे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनका पारंपरिक शैली में स्वागत करेंगे। इसके बाद मॉरीशस के पीएम प्रयागराज-लखनऊ हाईवे के रास्ते राम मंदिर जाएंगे। राम मंदिर में राम लला के दर्शन करेंगे और लगभग डेढ़ घंटे रुकेंगे। इस दौरन मॉरीशस के पीएम मंदिर निर्माण कार्य का अवलोकन करेंगे और प्रगति की जानकारी लेंगे। बताया जा रहा है कि इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ मॉरीशन के पीएम जटायु, अंगद टीले पर शिव मूर्ति का जलाभिषेक करेंगे। शुक्रवार के कार्यक्रम के लिए कार सुरक्षा एजेंसियां एयरपोर्ट से लेकर मंदिर तक अलर्ट मोड पर रहेंगी। मॉरीशस के प्रधानमंत्री गुलाम 12:30 बजे देहरादून के लिए रवाना होंगे। कहा जा रहा है कि मॉरीशस के पीएम की आगामी अयोध्या यात्रा से राजनयिक संबंधों को मजबूती मिलने की उम्मीद है क्योंकि प्रशासन सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के साथ उनका स्वागत करने की तैयारी कर रहा है। ज़िला मजिस्ट्रेट निखिल टीकाराम फुंडे ने प्रधानमंत्री के दर्शन और पूजन के लिए योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की।स्थानीय संस्कृति को और बढ़ावा देने के लिए, ज़िला प्रधानमंत्री रामगुलाम को एक ज़िला-एक उत्पाद (ओडीओपी) कार्यक्रम के चुनिंदा उत्पाद भेंट करेगा, जिसका उद्देश्य स्वदेशी शिल्प को प्रोत्साहित करना है।