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झारखंड पुलिस की कार्रवाई से डकैती का प्रयास नाकाम, 4 आरोपी गिरफ्तार

मेदिनीनगर  झारखंड के पलामू जिले में डकैती के प्रयास में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान छतरपुर थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों के निवासी रंजन ओरांव (19), मंजीत कुमार (22), विकेश कुमार (19) और छोटू कुमार (22) के रूप में की गई। मेदिनीनगर पुलिस अधीक्षक (एसपी) आर. रमेशन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘पुलिस ने उनके पास से एक पिस्टल, एक रिवाल्वर, दो कारतूस, एक लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन, एक वाहन और चार वॉकी-टॉकी बरामद किए हैं।'' पुलिस ने बताया, ‘‘वे कथित तौर पर छतरपुर थाना क्षेत्र में एक विशिष्ट स्थान पर डकैती की साजिश रच रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और उन्हें पकड़ लिया।''  

फिल्में रुकीं, रैंकिंग गिरी, लेकिन खुश हूं: सामंथा ने तोड़ी चुप्पी

मुंबई  साउथ की सुपरस्टार एक्ट्रेस सामंथा रूथ प्रभु, ऑटोइम्यूम बीमारी मायोसाइटिस से जूझ रही हैं. धीरे-धीरे वो रिकवर हो रही हैं. बॉडी में एक्सरसाइज और डायट से स्ट्रेन्थ ला रही हैं. हाल ही में सामंथा, एक इवेंट अटेंड करने के लिए दिल्ली आईं. उन्होंने करियर और लाइफ के प्रति जो उनका आउटलुक बदला है, इसपर बात की.  सामंथा की बदली जिंदगी सामंथा ने बताया कि वो फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा जरूर हैं, लेकिन किसी रैट रेस का हिस्सा नहीं हैं. टॉप फिल्में भले ही कितना भी कलेक्शन कर लें, एक्ट्रेस को इससे कोई मतलब नहीं है. साथ ही न वो कोई प्रेशर महसूस करती हैं. सामंथा ने कहा- मैं जो पहले इंसान थी, वो अगर आज होती तो शायद मैं चाहती कि मेरी एक साल में पांच फिल्में तो रिलीज हों. क्योंकि यही एक सक्सेसफुल एक्टर का काम करने का रैवेया होता है.  "आपके पास पांच फिल्में साल की होनी चाहिए. उनमें से एक तो ब्लॉकबस्टर देनी ही होगी. तब जाकर आप खुद को टॉप 10 एक्टर्स की लिस्ट में ला सकते हो. इसके साथ ही टॉप ब्रैंड्स को एंडॉर्स आपको करना होगा. लेकिन मेरे लिए अब ये सबकुछ मायने नहीं रखता है. मेरी पिछले दो साल में एक भी फिल्म रिलीज नहीं हुई है. मैं टॉप 10 एक्टर्स की लिस्ट में आने को लेकर बिल्कुल भी इच्छुक नहीं हूं. मेरे पास कोई 1000 करोड़ कमाने वाली फिल्म भी नहीं है. पर मैं इन सबके बावजूद बहुत खुश हूं. इतनी कि शायद आज से पहले कभी खुशी महसूस नहीं की है." एक्ट्रेस ने क्या किए जिंदगी में बदलाव? "मैं जब पुराने वाली सामंथा को देखती हूं तो डर जाती हूं. मैं इतनी नाजुक थी. हर फ्राइडे तो चीजें बदलती हैं. जिससे मुझे घबराहट होती थी. मेरी पोजीशन शायद कल मेरी न रहे. मैं शायद रिप्लेस हो जाऊं. मेरी पूरी सेल्फ वर्थ फ्राइडे पर निर्भर करती थी. पर मैंने अपनी लाइफ में कुछ छोटा-छोटे बदलाव किए हैं. मैंने अपनी एक डायरी रखी है, जिसमें मैं हर ग्रेटफुल चीज के बारे में लिखती हूं जो रोजमर्रा में होती है." "मैं जानती हूं कि मेरे कई फॉलोअर्स मुझे ग्लैमरस लाइफ के लिए फॉलो करते हैं. उन फिल्मों के लिए फॉलो करते हैं जो मैं करती हूं. पर मेरे पॉडकास्ट के जरिए कुछ लोग हेल्थ को लेकर भी जानकारी लेते हैं. क्या पता, एक दिन उनके वो काम आ जाए. उन्हें पता हो कि उन्हें आखिर जाना कहां है. मैंने जो जर्नल रखा है, उसने मेरी लाइफ को काफी बदला है. मेरी पर्सनैलिटी बदली है. मैं घबराती थी कि सक्सेसफुल हो गई तो इसको हैंडल कैसे करूंगी. पर मैंने अपने फेलियर से सीखा है. एक साल बाद मेरे एटीट्यूड में बदलाव आया है."

शंकराचार्य की भविष्यवाणी का सच: नेपाल की घटनाओं ने जताया भारत के लिए संदेश

नई दिल्ली  नेपाल में चल रहे राजनीतिक संकट और हिंसक प्रदर्शनों के बीच, 2018 में जगद्गुरु शंकराचार्य की एक भविष्यवाणी अचानक चर्चा का विषय बन गई है। उन्होंने कहा था,  “विश्व में स्वस्थ क्रांति की संरचना नेपाल से प्रारंभ होगी।”  आज, नेपाल की राजनीतिक अस्थिरता और युवाओं के आंदोलनों को देखते हुए, यह भविष्यवाणी प्रासंगिक प्रतीत हो रही है। नेपाल में युवाओं का लोकतंत्र के प्रति समर्थन और नई राजनीतिक व्यवस्था की मांग, शंकराचार्य की भविष्यवाणी की ओर इशारा करती है। यदि नेपाल में एक स्वस्थ और समावेशी राजनीतिक क्रांति होती है, तो यह न केवल नेपाल, बल्कि समूचे दक्षिण एशिया के लिए एक सकारात्मक बदलाव का संकेत होगा।    क्या थी भविष्यवाणी ? 2018 में, शंकराचार्य ने नेपाल की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता को रेखांकित करते हुए यह भविष्यवाणी की थी। उनका मानना था कि नेपाल, जो भगवान पशुपतिनाथ की भूमि है, में एक नई राजनीतिक और सामाजिक क्रांति की संभावना है। उनका यह भी कहना था कि भारत को नेपाल से प्रेरणा लेकर अपने आंतरिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।   नेपाल में वर्तमान राजनीतिक स्थिति हाल के वर्षों में, नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी है। 2025 में, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद, देश में हिंसक प्रदर्शनों और युवाओं के आंदोलनों में वृद्धि हुई है। प्रदर्शनकारी नए संविधान की मांग कर रहे हैं और प्रतिनिधि सभा को भंग करने की अपील कर रहे हैं। इन प्रदर्शनों ने नेपाल की राजनीतिक परिपाटी को चुनौती दी है और यह संकेत दिया है कि नेपाल में एक नई राजनीतिक क्रांति की शुरुआत हो सकती है। भारत-नेपाल संबंध नेपाल और भारत के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं, जिसे "रोटी-बेटी का रिश्ता" कहा जाता है। हालांकि, हाल के वर्षों में सीमा विवाद, नागरिकता कानून और चीन के बढ़ते प्रभाव के कारण रिश्तों में तनाव आया है। इन घटनाओं ने यह स्पष्ट किया है कि नेपाल को अपनी आंतरिक समस्याओं को हल करने के लिए स्वतंत्रता की आवश्यकता है, और भारत को नेपाल के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप से बचना चाहिए।

डाॅग स्क्वाड यूनिट के लिए नई पहचान, दिल्ली पुलिस ने जारी किया के-9 का प्रतीक चिह्न

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस का डॉग स्क्वाड (के-9 यूनिट) क्राइम ब्रांच के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत एक यूनिट है। इस यूनिट के उच्च प्रशिक्षित श्वानों को राजधानी में अपराध का पता लगाने, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की पहचान करने के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में सहायता के लिए तैनात किया जाता है। इस दस्ते का अब तक कोई प्रतीक चिह्न नहीं था। पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने बहस्पतिवार को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में डॉग स्क्वाड के आधिकारिक प्रतीक चिह्न का अनावरण किया। विशेष आयुक्त क्राइम ब्रांच देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि यह नया प्रतीक चिह्न डाॅग स्क्वाड की विशिष्ट स्थिति और समर्पित सेवा को दर्शाता है। आगे चलकर इसे श्वान दस्ता के कर्मियों की वर्दी, जैकेट और गियर पर प्रदर्शित किया जाएगा।  

छत्तीसगढ़ मुठभेड़: गरियाबंद में सुरक्षाबलों ने मार गिराए 10 माओवादी, भारी हथियार भी कब्जे में

गरियाबंद जिले के मैनपुर इलाके में शुक्रवार सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इसमें एक करोड़ का इनामी माओवादी कमांडर मनोज उर्फ माडेम बालकृष्ण उर्फ भास्कर मारा गया है। साथ ही 40 लाख का इनामी उड़ीसा स्टेट कमेटी सदस्य प्रमोद उर्फ पाड़न्ना भी ढेर हो गया। 10 माओवादियों के शव बरामद मुठभेड़ में अब तक 10 माओवादियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। जवानों को घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद मिला है। इसमें एके-47, इंसास, एसएलआर और बड़ी संख्या में विस्फोटक शामिल हैं। जानकारी के अनुसार एसटीएफ, ई-30 और कोबरा बटालियन के जवान मैनपुर के मटाल जंगल में सुबह से सर्चिंग अभियान चला रहे थे।   अभी भी जारी है मुठभेड़ इसी दौरान माओवादियों से आमना-सामना हुआ और मुठभेड़ शुरू हो गई। पुलिस ने पुष्टि की है कि इलाके में माओवादियों की बड़ी संख्या मौजूद थी। गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि अभी भी रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है। वे लगातार मौके पर मौजूद जवानों से संपर्क बनाए हुए हैं।

पंजाब बाढ़ : सोनू सूद और मालविका सूद ने बढ़ाया मदद का हाथ, लोगों से की अपील

मुंबई,  पंजाब इन दिनों भयंकर बाढ़ की चपेट में है, जिसने हजारों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस मुश्किल घड़ी में सोनू सूद और उनकी बहन मालविका सूद न केवल प्रभावित लोगों की मदद के लिए सामने आए, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए दूसरों से सहायता की अपील भी की। अभिनेता ने हाल ही में एक भावुक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लोगों से एक-एक जरूरतमंद की मदद करने का आग्रह किया। पोस्ट किए गए वीडियो में वह फिरोजपुर बॉर्डर से कुछ किलोमीटर दूर एक गांव में परमजीत नाम की महिला के घर पहुंचे, जिसमें उन्होंने बताया कि बाढ़ ने परमजीत के घर और फसल को पूरी तरह तबाह कर दिया। वीडियो में सोनू ने कहा, “परमजीत जैसे कई लोग हैं, जिनके सिर पर छत नहीं, फसल बर्बाद हो चुकी है, खाने को राशन नहीं, इलाज के लिए पैसे नहीं, और रोजगार का कोई साधन नहीं।” अभिनेता ने अपने प्रशंसकों से गुजारिश करते हुए कहा कि वे कम से कम एक जरूरतमंद को गोद लें, उनकी छत बनवाएं या रोजगार शुरू करने में मदद करें। इस वीडियो के साथ सोनू ने कैप्शन लिखा, “छत आपकी, जिम्मेदारी हमारी।” सोनू और मालविका की अगुवाई में उनकी संस्था, सूद चैरिटी फाउंडेशन, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान बांट रही है। सोनू ने अभी तक पंजाब के कई गांवों में राहत सामग्री पहुंचाई है। अभिनेता का कहना है कि पंजाब को ठीक होने में महीनों लग सकते हैं और इसके लिए सभी को एकजुट होना होगा। उनकी यह पहल न केवल राहत प्रदान कर रही है, बल्कि लोगों में उम्मीद भी जगा रही है। सोनू की अपील ने कई लोगों को प्रेरित किया है, और उनके प्रशंसक उन्हें ‘रियल हीरो’ कहकर सराह रहे हैं। इससे पहले भी अभिनेता ने एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि कई गांवों में लोगों को गद्दे, खाना, तकिए और महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड्स की आवश्यकता है। वीडियो में उनकी पूरी टीम ट्रैक्टरों में लदी राहत सामग्री के साथ इन गांवों की ओर रवाना हो रही थी। वहीं, सोनू भी बहन और बाकी लोगों के साथ ट्रैक्टर पर सवार होकर सामान बांटने जाते दिखाई दे रहे थे। सोनू ने वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, “एक और दिन, वही मिशन। हम सब मिलकर पंजाब को फिर से उठाएंगे और बनाएंगे।”  

हिमस्खलन में शहीद हुए जवान को राज्यपाल और CM हेमंत ने दी श्रद्धांजलि

देवघर लद्दाख के सियाचिन में हिमस्खलन की चपेट में आए सेना के जवान नीरज चौधरी का पार्थिव शरीर बीते बुधवार को उनके गृह राज्य झारखंड लाया गया। अधिकारी ने यह जानकारी दी। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर अग्निवीर नीरज चौधरी को श्रद्धांजलि दी। चौधरी और दो अन्य सैनिकों के शव मंगलवार को मिले थे। लद्दाख में 12 हजार फुट की ऊंचाई पर सियाचिन बेस कैंप में हिमस्खलन के बाद ये लोग वहां फंस गए थे। गंगवार ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने सियाचिन में झारखंड के एक जवान को खो दिया। मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।'' सोरेन ने कहा, ‘‘अग्निवीर नीरज चौधरी ने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी और हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनके परिजन को इस दुख को सहन करने की शक्ति मिले।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने लगभग एक वर्ष पहले निर्णय लिया था कि शहीद होने वाले अग्निवीरों के निकटतम परिजनों को नौकरी दी जाएगी। नीरज के चाचा संतोष चौधरी ने कहा कि जवान का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को देवघर स्थित उनके पैतृक गांव कजरा में किया जाएगा। संतोष चौधरी ने कहा, ‘‘नीरज 2022 में सियाचिन में तैनात हुआ था और वह बचपन से ही देश की सेवा करना चाहता था।''  

यात्रियों के लिए खुशखबरी: नमो भारत RRTS कॉरिडोर पूरी तरह शुरू होने को तैयार, दिल्ली-मेरठ सफर होगा आसान

मेरठ  राजधानी दिल्ली से मेरठ तक की बहुप्रतीक्षित रेलवे परियोजना नमो भारत दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरीडोर जल्द ही पूरी तरह खुलने जा रहा है। फिलहाल इसके 55 किलोमीटर का हिस्सा अभी चल रहा है, जिसमें दिल्ली के अशोक नगर स्टेशन से मेरठ साउथ स्टेशन तक यात्रियों के लिए इसे चालू किया गया है। इस रेलवे लाइन की बची हुई 27 किलोमीटर की भी शुरुआत जल्द होने वाली है। यह जानकारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने दी है। इस कॉरीडोर के पूरी तरह खुलने के बाद एनसीआर में 8 और कॉरीडोर को कैबिनेट से मंजूरी मिलने की संभावना है। इस मामले की जानकारी देते हुए शलभ गोयल ने बताया कि जून में पूरे 82 किलोमीटर लंब रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) का सफल ट्रायल किया गया था। उन्होंने बताया कि अब जल्द ही इसे आम यात्रियों के लिए भी खोल दिया जाएगा। शलभ ने बताया कि पूरा कॉरीडोर उद्घाटन के लिए तैयार हो गया है। उन्होंने बताया कि अभी इस कॉरीडोर के माध्यम से करीब 60 हजार यात्री हर महीने यात्रा कर रहे हैं। पूरी तरह से खुल जाने के बाद इस रास्ते पर करीब 1 लाख से ज्यादा कारों को सड़कों से हटाने में कामयाबी मिलेगी। इससे सड़कों पर लगने वाला जाम कम हो जाएगा। दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरीडोर में चलने वाली ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किलोमीटर प्रतिघंटा है। इस तरह अब दिल्ली से मेरठ के बीच की दूरी 1 घंटे से कम समय में पूरी हो जाएगी। इस कॉरीडोर के पूरी तरह से खुल जाने के बाद दिल्ली और उसके आसपास के शहरों में लगने वाले भीषण जाम से भी हल्की राहत मिल जाएगी। बता दें कि नमो भारत परियोजना पर कुल 30 हजार करोड़ रुपए का खर्च आया है। इसे मेरठ के साथ ही आसपास के कई शहरों को जोड़ने के लिए बनाया गया है। इसके बाद जल्द ही दिल्ली-अलवर कॉरीडोर को मंजूरी मिलने की संभावना है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद गुरुग्राम होते हुए यह कॉरीडोर 106 किलोमीटर तक जाएगा। दिल्ली-पानीपत कॉरीडोर को भी इसी साल स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। इस तरह एनसीआर में कुल मिलाकर 8 नमो भारत आरआरटीएस कॉरीडोर बनाए जाएंगे, जिससे आसपास के शहरों तक की यात्रा आसान हो जाएगी और सड़कों पर से ट्रैफिक की समस्या भी कम हो जाएगी।  

AI जेनरेटेड तस्वीरों पर रोक, ऐश्वर्या राय के अधिकारों की पुष्टि – दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा निर्णय

मुंबई बॉलीवुड एक्टर अभिषेक बच्चन के बाद अब दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस और मिसेज बच्चन ऐश्वर्या राय को लेकर फैसला सुनाया है। एक्ट्रेस ने अपने पति की तरह ही उनसे पहले अपने नाम, तस्वीर और आवाज की सुरक्षा और उनकी छवि बिगाड़ने के किसी भी प्रकार कंटेट पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की थी, जिस पर अब कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। न्यायमूर्ति तेजस करिया ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि मशहूर हस्तियों की पहचान का दुरुपयोग उनकी गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंचाता है। अदालत ने कहा कि अगर तुरंत रोक नहीं लगाई गई तो इससे न केवल आर्थिक हानि होगी बल्कि ऐश्वर्या और उनके परिवार की सामाजिक छवि भी प्रभावित होगी। इसके साथ ही जस्टिस तेजस कारिया ने कई संस्थाओं को ऐश्वर्या के नाम और व्यक्तित्व संबंधी गुणों के गलत इस्तेमाल से रोकने का आदेश दिया। इसी हफ्ते कोर्ट पहुंची थी ऐश्वर्या बता दें, ऐश्वर्या राय ने दो दिन पहले ही दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था और अपनी याचिका में कहा था कि उनकी पर्सनैलिटी, नाम, तस्वीरें, आवाज और पहचान का किसी भी प्रकार से अवैध इस्तेमाल न किया जाए।  

नेपाल की सियासत में नया नाम! जानिए कौन हैं कुलमान घिसिंग, जिनके PM बनने की चर्चा तेज

नेपाल  नेपाल में कई दिनों तक चले खूनी प्रदर्शनों के बाद अब हिंसा में कमी आई है। जेन-जी प्रदर्शनकारी नई सरकार के गठन में लग गए हैं। अंतरिम प्रधानमंत्री पद के लिए हर दिन नया नाम सामने आ रहा है। काठमांडू मेयर बालेन शाह, पूर्व सीजेआई सुशीला कार्की के बाद अब 54 वर्षीय कुलमान घिसिंग रेस में सबसे आगे हो गए हैं। पहले बालेन शाह ने अपना नाम वापस ले लिया तो वहीं, सुशीला कार्की की उम्र उनके प्रमुख बनने के आड़े आ रही है। कुलमान घिसिंग नेपाल के बिजली बोर्ड के पूर्व प्रमुख हैं। उन्हें पड़ोसी देश की बिजली व्यवस्था को सुधारने का श्रेय दिया जाता है। उनके ही नेतृत्व में नेपाल को बिजली की कमी से छुटकारा मिला और उन्हें जेन-जी प्रदर्शनकारियों का विश्वास भी हासिल है। घिसिंग ने एक अंतरिम सरकार के गठन की मांग की है, जिसमें स्वच्छ छवि वाले व्यक्ति हों और उसमें जेन-जी युवाओं को भी शामिल किया जाए। इसके साथ ही तत्काल चुनावों की घोषणा भी की जाए। इसी वजह से प्रदर्शनकारी जेन-जी समूह ने के वे फेवरेट बन गए और अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए उनके नाम पर विचार हो रहा। इससे पहले, पूर्व सीजेआई सुशीला कार्की का नाम रेस में सबसे आगे था। हालांकि, अब लगता है कि प्रदर्शनकारियों का एक गुट उनके नाम से सहमत नहीं है। उनका मानना है कि चूंकि सुशीला कार्की की उम्र 73 साल है तो ऐसे में वह नेपाल का नेतृत्व करने के लिए बहुत बुजुर्ग हैं। साथ ही, संविधान पूर्व जजों को प्रधानमंत्री बनाने से भी रोकता है। ऐसे में उनके नाम की जगह कुलमान घिसिंग को चुना गया है। हालांकि, अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। कौन हैं कुलमान घिसिंग 25 नवंबर 1970 को बेथन, रामेछाप में जन्मे घिसिंग ने भारत के जमशेदपुर में क्षेत्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में नेपाल में पुलचौक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई की। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अपने नेतृत्व कौशल को बढ़ाने के लिए एमबीए की पढ़ाई भी की। नेपाल के अंतरिम प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे आगे चल रहे 54 वर्षीय कुलमान घिसिंग देश के बिजली बोर्ड के पूर्व प्रमुख हैं। काठमांडू घाटी में लंबे समय से चली आ रही बिजली कटौती को खत्म करने के लिए उन्हें व्यापक प्रशंसा मिली थी। उन्होंने साल 1994 में एनईए में एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के रूप में अपना करियर शुरू किया।