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खेल प्रेमियों के लिए खुशखबरी: अरुण साव ने CSCS स्टेडियम को लेकर किया बड़ा ऐलान

रायपुर नया रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की जिम्मेदारी अब छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) को मिलने का रास्ता साफ होता दिख रहा है. राज्य के खेल और पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव ने कहा कि स्टेडियम का दस्तावेजी काम पूरा होने के बाद संघ को स्टेडियम सौंप दिया जाएगा. CSCS के पदाधिकारियों ने बुधवार की शाम उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव से मुलाकात की. उप मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान कहा कि सरकार का रुख खेलों के प्रति सकारात्मक है, और आने वाले महीनों में न सिर्फ क्रिकेट, बल्कि हर खेलों को बढ़ावा देने ठोस कदम उठते नजर आएंगे. संघ पदाधिकारियों ने चर्चा के दौरान नवा रायपुर में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट एकेडमी बनाने के लिए मंत्री विष्णुदेव साय द्वारा दी गई जमीन को लेकर आभार जताया. साथ ही दिसंबर-जनवरी में BCCI द्वारा आवंटित अंतरराष्ट्रीय मैचों की तैयारी पर भी चर्चा हुई. फिलहाल, ग्राउंड का मेंटेनेंस क्रिकेट संघ कर रहा है, जबकि मरम्मत और निर्माण का काम लोक निर्माण विभाग देख रहा है. संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैचों के लिए स्टेडियम को तैयार करने में करीब 15 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है. संघ को स्टेडियम मिलने पर BCCI से मिलने वाली राशि से यह कार्य किया जाएगा. गौरतलब है कि क्रिकेट स्टेडियम पूरा रखरखाव और संचालन CSCS को सौंपने की मांग लंबे समय से की जा रही है. डिप्टी सीएम साव से मुलाकात के दौरान संघ के अध्यक्ष जुबिन शाह, विजय शाह, राजेश दवे समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे.

कोर्ट ने दिया आदेश, यूसुफ पठान की प्रॉपर्टी पर बुलडोजर एक्शन का खतरा बढ़ा

अहमदाबाद  गुजरात हाईकोर्ट ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मौजूदा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद यूसुफ पठान को बड़ा झटका दिया है. अदालत ने वडोदरा के तंदलजा इलाके में जमीन विवाद से जुड़ी उनकी याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने साफ कहा कि जिस प्लॉट पर यूसुफ पठान ने कब्जा किया है, वह नगर निगम की संपत्ति है और उन्हें इसे खाली करना होगा. ऐसे में इस संपत्ति पर बुलडोजर एक्शन का खतरा मंडराने लगा है. यह विवाद कई साल पुराना है. पूर्व भाजपा पार्षद विजय पवार ने आरोप लगाया था कि वडोदरा नगर निगम ने वर्ष 2012 में यूसुफ पठान को एक प्लॉट आवंटित करने का प्रस्ताव पारित किया था और इसे राज्य सरकार को भेजा गया था. लेकिन, 2014 में गुजरात सरकार ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया. इसके बावजूद, यूसुफ पठान ने कथित तौर पर उस प्लॉट पर कब्जा कर लिया और वहां चारदीवारी के साथ मवेशियों के लिए शेड भी बना दिया. हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की इसके बाद जब वडोदरा नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की, तो यूसुफ पठान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. उनकी याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति मोनाबेन भट्ट की अदालत में हुई. अदालत ने न केवल याचिका को खारिज कर दिया, बल्कि नगर निगम से यह भी सवाल किया कि जब राज्य सरकार ने आवंटन की मंजूरी नहीं दी थी, तो इतने वर्षों तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई. इस मामले पर वडोदरा नगर निगम के सहायक आयुक्त सुरेश तुवर ने बताया कि पश्चिम वडोदरा के तंदलजा क्षेत्र में स्थित टीपी प्लॉट निगम की संपत्ति है. पहले इस प्लॉट को आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन राज्य सरकार से मंजूरी न मिलने के कारण यह मामला रुक गया. इसके बावजूद यूसुफ पठान ने जमीन पर कब्जा कर लिया. अब हाईकोर्ट का फैसला नगर निगम के पक्ष में आया है, जिससे साफ हो गया है कि यह जमीन हमेशा निगम की ही संपत्ति रहेगी. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यूसुफ पठान अब इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं. फिलहाल, हाईकोर्ट के आदेश के बाद निगम को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है. बरहामपुर सीट से सांसद का चुनाव जीता यूसुफ पठान सिर्फ क्रिकेट के मैदान में ही नहीं, बल्कि राजनीति में भी अपनी पहचान बना चुके हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने पश्चिम बंगाल की बरहामपुर सीट से टीएमसी के टिकट पर चुनाव लड़ा और कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी को हराकर संसद पहुंचे.  

अनोखी परंपरा: प्रयागराज की रामलीला में भगवान राम का 120 साल पुराने सिंहासन पर बैठना जारी

प्रयागराज प्रयागराज में दशहरे के दौरान भोर में श्रृंगार चौकी निकालने की दशकों पुरानी परंपरा आज भी जारी है। श्री पथरचट्टी रामलीला कमेटी की ओर से यह चौकियां निकाली जाती हैं। सिंहासन पर विराजमान होकर प्रभु राम और लक्ष्मण निकलते हैं। जिस सिंहासन पर इन्हें विराजमान किया जाता है, वह 120 वर्ष पुराना है। छह क्विंटल का यह सिंहासन देखने में बिल्कुल सोने की तरह लगता है, जिसे जडियल टोला के नत्थू राम जडिया और उनके दोस्त बलदेव ने बनवाया था। वर्तमान में कमेटी की श्रृंगार चौकी समिति के महामंत्री राजेश कुमार सिंह जड़िया है। नत्थू राम जडिया इनके परनाना थे। राजेश बताते हैं कि परनाना की श्रीराम में अगाध आस्था थी। इसलिए उन्होंने अपने दोस्त के साथ छह क्विंटल का सिंहासन बनवाया था, जिसे बनाने में बीस कारीगर लगे थे और वह पांच महीने में बनकर तैयार हुआ था। 120 वर्ष पहले उसमें लाखों की संख्या में नग लगवाए गए थे। इस सिंहासन को नत्थू राम ने दीपक की रोशनी में अपने पांच बादशाही मंडी स्थित आवास पर बनवाया था। बरेली के राधेश्याम कथावाचक की रामायण पर रामलीला में डॉक्टर पिता-पुत्र करते हैं रोल, रिहर्सल शुरू है आज भी रामलीला के दौरान पुष्प, केला, मोती और पोत की जो चौकियां निकलती हैं, उनमें वही सिंहासन रहता है। श्रृंगार चौकी वंशीधर कोठी से कोतवाली, ठठेरी बाजार, जानसेनगंज, निरंजन टॉकीज चौराहा, चमेली बाई धर्मशाला से होते हुए परनाना के आवास पर पहुंचकर समाप्त होती है। राजेश ने बताया कि पिछले वर्ष इस सिंहासन की मरम्मत कराई गई थी और उसमें हजारों नग जड़वाए गए थे। रामलीला कमेटी के राज्याभिषेक समारोह में इसी सिंहासन पर भगवान को बिठाया जाता है।

ग्रामीण लौटे भाजपा में, प्रदेशाध्यक्ष ने किया स्वागत और समर्थन

हरियाणा  हरियाणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने देर शाम भाजपा मुख्यालय पंचकमल में पंचकूला ग्रामीण क्षेत्र बरवाला के ऐसे दर्जनों वरिष्ठ एवं पुराने कार्यकर्ता, जिन्होंने किन्हीं कारणों से संगठन से दूरी बना ली थी, उन्हें भाजपा का पटका पहना कर पार्टी में स्वागत किया। इस मौके पर जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, जिला उपाध्यक्ष तेजिंदर गुप्ता टोनी, जिला कोषाध्यक्ष सुशील सिंगला, मंडल महामंत्री देवेंद्र शर्मा, वरिष्ठ कार्यकर्ता बलबीर शर्मा, बृज भूषण तनेजा व अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। भाजपा में वापसी करने वालों में जगदीश कश्यप (पूर्व प्रदेश सचिव एससी मोर्चा), बल सिंह राणा (पूर्व चेयरमैन मार्किट कमेटी एवं जिला परिषद सदस्य), अनिल राणा (पूर्व मंडल पदाधिकारी), रामपाल राणा (पूर्व बीडीसी सदस्य), राम सिंह (पूर्व सरपंच एवं किसान मोर्चा प्रधान), डॉ. जगदीश रत्तेवाली (पूर्व मंडल पदाधिकारी एससी मोर्चा), माम चंद सैनी भगवानपुर, राजाराम रत्तेवाली, शमशेर सिंह नयागांव, जसपाल कश्यप बतौड़, यशपाल कश्यप बरवाला, मोहित राणा एडवोकेट बरवाला, ठाकुर कश्यप बरवाला, मनीष कश्यप बरवाला, कुलवीर बतौड़, हुक्म चंद बिल्ला, अमित कुमार बिल्ला, चंदर मोहन सैनी भगवानपुर, कुलबीर सिंह, हरिंदर, करण सिंह नयागांव, कंवरपाल प्रमुख रहे। जिला अध्यक्ष अजय मित्तल ने बरवाला से आये सभी कार्यकर्ताओं के पार्टी से दोबारा जुड़ने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पंचकूला जिले के किसी भी नए या पुराने कार्यकर्ता की अनदेखी नहीं होगी। जो भी पुराने कार्यकर्ता किन्हीं वजहों से घर बैठ गए थे या पार्टी के कार्यों में सक्रिय नहीं थे, उन्हें हम संगठन की मुख्यधारा से जोडेंगे। अजय मित्तल ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व के मार्गदर्शन में पंचकूला जिला संगठन कार्यकर्ताओ के मान सम्मान का ध्यान रखते हुए सबको साथ लेकर आगे बढ़ रही है।

भूजल संकट पर गरजे रवींद्र भाटी: सरकार और विपक्ष दोनों को लिया आड़े हाथ

बाड़मेर राजस्थान विधानसभा में भू-जल (संरक्षण और प्रबंध) प्राधिकरण विधेयक पर चर्चा के दौरान शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने प्रदेश की गंभीर जल स्थिति और सरकारी योजनाओं की कमियों को उजागर किया। उन्होंने कहा कि बीते दशक में राजस्थान में भूजल की स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि राज्य अब देश में न्यूनतम भूजल वाले राज्यों में शीर्ष स्थान पर है। उन्होंने चेताया कि आने वाले वर्षों में यह बड़े संकट का संकेत दे रहा है। भाटी ने तथ्य पेश करते हुए कहा कि राजस्थान उन तीन राज्यों में शामिल है, जहां भूजल का दोहन पुनर्भरण से कहीं अधिक है। प्रदेश के 74 प्रतिशत भूजल स्रोत अति-दोहन की श्रेणी में हैं और दोहन दर 151 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। 301 ब्लॉकों में से 295 ब्लॉक डार्क जोन में हैं। सरकारी योजनाओं पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने बताया कि केंद्रीय जल शक्ति अभियान के तहत बाड़मेर जिले में 2021 से 2024 तक लगभग 1,300 करोड़ रुपये खर्च दिखाए गए, जबकि केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट में इस दौरान भूजल स्तर में गिरावट दर्ज की गई। भाटी ने भू-राजस्व (संशोधन एवं विधिमान्यकरण) विधेयक पर चर्चा करते हुए बेशकीमती भूमि पर राज्य का नियंत्रण खत्म कर रीको को अधिकार देना खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में अवैध कब्जे और अतिक्रमण पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। पश्चिमी राजस्थान में लैंड अलॉटमेंट की धांधलियों का जिक्र करते हुए भाटी ने कहा कि पर्यटन क्षेत्रों की जमीन को उद्योगों के लिए अलवण्य कर दिया गया है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक धरोहर दोनों के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने कहा कि पशुपालन पर निर्भर आबादी के लिए औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार और विकास लाए जाएं, न कि बड़े ऊर्जा प्रोजेक्ट्स के लिए उनकी जमीन हड़पी जाए। भाटी ने खेजड़ी पेड़ों की अंधाधुंध कटाई पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में 25–26 हजार पेड़ काटे गए और आने वाले समय में यह संख्या 50 हजार तक पहुंच सकती है। उन्होंने अन्य प्रदेशों की तरह राजस्थान में ट्री प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की। विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए भाटी ने कहा कि गंभीर मुद्दों पर शांति से चर्चा करनी चाहिए लेकिन विपक्ष केवल हंगामा कर रहा है। उन्होंने विपक्ष पर पूर्व छात्रों के मामले में झूठे मुकदमों का हवाला देते हुए जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।  

बैडमिंटन धमाका: सात्विक-चिराग क्वार्टर फाइनल में, लक्ष्‍य सेन भिड़ेंगे प्रणय से

हांगकांग भारत की शीर्ष पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने गुरुवार को यहां थाईलैंड के पीराचाई सुकफुन और पक्कापोन तीरात्साकुल को हराकर 500,000 अमेरिकी डॉलर इनामी हांगकांग ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। आठवीं वरीयता प्राप्त पूर्व विश्व नंबर एक जोड़ी ने पहले गेम में मिली हार के बाद वापसी करते हुए गैर-वरीय थाई जोड़ी को 63 मिनट तक चले मुकाबले में 18-21, 21-15, 21-11 से हराया। पेरिस में विश्व चैंपियनशिप में अपना दूसरा कांस्य पदक जीतने वाले विश्व नंबर 9 सात्विक और चिराग का अगला मुकाबला मलेशिया के जुनैदी आरिफ और रॉय किंग याप से होगा। भारतीय जोड़ी की शुरुआत धीमी रही और पहले गेम में वे 8-11 से पीछे चल रही थीं, जबकि सुकफुन और तीरात्साकुल का दबदबा था। हालांकि, उन्होंने वापसी करते हुए स्कोर 18-18 कर लिया, लेकिन थाई जोड़ी ने आखिरी तीन अंक हासिल कर पहला गेम अपने नाम कर लिया। भारतीयों ने दूसरे गेम में नए जोश के साथ खेला। 2-2 से 7-7 तक के कड़े मुकाबले के बाद उन्होंने मध्य-खेल ब्रेक तक 11-10 की बढ़त हासिल कर ली और लगातार बढ़त बनाते हुए मैच को निर्णायक गेम तक ले गए। तीसरा गेम एकतरफ़ा रहा, जिसमें सात्विक और चिराग ने 7-2 की बढ़त बनाई और फिर थाई जोड़ी के लड़खड़ाने पर बढ़त और बढ़ा दी। आज बाद में लक्ष्य सेन और एचएस प्रणय एक अखिल भारतीय मुकाबले में भिड़ेंगे, जबकि रुतपर्णा और श्वेतपर्णा पांडा की महिला युगल जोड़ी पाँचवीं वरीयता प्राप्त चीन की ली यी जिंग और लुओ जू मिन से भिड़ेगी।  

मॉरीशस के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए काशी पहुंचे पीएम मोदी  

राज्यपाल व सीएम योगी ने काशी में किया प्रधानमंत्री का स्वागत  मॉरीशस के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए काशी पहुंचे पीएम मोदी   जीएसटी में सुधार के बाद पहली बार वाराणसी पहुंचे प्रधानमंत्री का भाजपा कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत कर जताया आभार  जीएसटी और धन्यवाद लिखी हुई तख्ती लेकर रास्ते में खड़े रहे भाजपा कार्यकर्ता  भाजपा कार्यकर्ताओं ने शंखनाद और हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ पीएम पर पुष्पवर्षा भी की  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाथ हिलाकर काशीवासियों का किया अभिवादन वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को 'अपनी काशी' पहुंचे। वे यहां मॉरीशस के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए आए हैं। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचने पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। एयरपोर्ट से पीएम हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन पहुंचे। यहां से ताज होटल के लिए निकले प्रधानमंत्री के काफिले का भाजपा कार्यकर्ताओं व आमजन ने शंखनाद, हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। पीएम मोदी ने भी हाथ हिलाकर काशीवासियों का अभिवादन किया। रास्ते में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए कलाकारों ने भी उनका स्वागत किया। वहीं द्विपक्षीय वार्ता के लिए मॉरीशस के प्रधानमंत्री बुधवार को ही प्रतिनिधिमंडल के साथ वाराणसी पहुंच गए थे।  काशीवासियों व भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूरे रास्ते में किया स्वागत पुलिस लाइन से निकलते ही भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और काशीवासियों ने अपने सांसद व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जोरदार स्वागत किया। बटुकों ने शंखनाद, भाजपा कार्यकर्ता और लोगों ने ढोल- नगाड़ों के बीच उनका स्वागत किया। हर- हर महादेव के जयकारे से काशी गूंजती रही। जीएसटी में सुधार के बाद पहली बार वाराणसी पहुंचे प्रधानमत्री का आभार जताने के लिए रास्ते में जीएसटी और धन्यवाद लिखी तख्ती लेकर भाजपा कार्यकर्ता खड़े रहे। प्रधानमंत्री द्विपक्षीय वार्ता के बाद काशी से निकल जाएंगे।  सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच किया गया स्वागत प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पूरे रास्ते को सजाया गया था। छह स्थानों पर भाजपा पदाधिकारियों और जनप्रतिधियों ने मंच बनाकर प्रधानमंत्री पर गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर स्वागत किया। पुलिस लाइन से ताज होटल तक रोड शो जैसा मंजर देखने को मिला। जहां सड़क के दोनों ओर बड़ी तादाद में खड़े काशीवासियों ने मोदी पर पुष्प वर्षा भी की। प्रधानमंत्री ने भी हाथ हिलाकर अपने काशीवासियों का अभिवादन स्वीकार किया। कचहरी,अम्बेडकर चौराहा समेत कई स्थानों पर लोकनृत्य समेत अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम से प्रधानमंत्री का जोरदार स्वागत हुआ। बुधवार को ही काशी पहुंचे थे मॉरीशस के पीएम  मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम बुधवार को ही काशी पहुंच गए थे। काशीवासियों ने अपनी परंपरा के अनुरूप मॉरीशस के प्रधानमंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल का भी भव्य स्वागत किया था । मॉरीशस के प्रधानमंत्री गुरुवार की शाम क्रूज़ से गंगा आरती देखेंगे। फिर 12 सितंबर की सुबह बाबा काशी विश्वनाथ का दर्शन करेंगे। इसके बाद वे अयोध्या रवाना होंगे। अध्यात्म व आधुनिकता के संगम 'नई काशी' में पीएम का स्वागत  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने 'एक्स' अकाउंट पर पोस्ट भी किया। सीएम योगी ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का अध्यात्म व आधुनिकता के संगम उनकी 'नई काशी' में हार्दिक स्वागत व अभिनंदन।

सूर्यकुमार यादव का जलवा: एशिया कप में खेल भावना से सबका दिल जीत लिया

दुबई एशिया कप 2025 में बुधवार को भारत और यूएई के बीच दुबई अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में मुकाबला खेला गया। मैच के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने खेल भावना का परिचय दिया, जिसकी तारीफ हो रही है। भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। यूएई की पारी का 13वां ओवर शिवम दुबे कर रहे थे। दुबे ने जैसे ही गेंद फेंकी, उनके पैकेट से उनका तौलिया क्रीज पर गिर गया। गेंद संभालने के बजाय सिद्दीकी गिरे हुए तौलिये की ओर इशारा करते हुए क्रीज से बाहर ही रहे। सैमसन ने मौके का फायदा उठाते हुए बेल्स गिरा दीं और तीसरे अंपायर ने उन्हें आउट करार दे दिया। हालांकि, भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव सफल स्टंपिंग अपील वापस ले ली। सूर्यकुमार यादव की इस फैसले की तारीफ हो रही है। हालांकि इस जीवनदान का जुनैद सिद्दीकी फायदा नहीं उठा सके और अगली गेंद पर आउट हो गए। यूएई की बल्लेबाजी बेहद निराशाजनक रही। यूएई भारतीय गेंदबाजों के सामने 13.1 ओवर में मात्र 57 रन पर सिमट गई। आलिशान शराफू ने सर्वाधिक 22 रन बनाए, वहीं कप्तान मुहम्मद वसीम ने 19 रन बनाए। इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज दो अंकों में नहीं पहुंच सका। टी20 अंतर्राष्ट्रीय में यूएई का यह न्यूनतम स्कोर है। भारत की तरफ से कुलदीप यादव ने घातक गेंदबाजी की । बाएं हाथ के इस स्पिनर ने 2.1 ओवर में मात्र 7 रन देकर 4 विकेट लिए। ये कुलदीप की स्पिन का ही कमाल था की यूएई 57 रन पर सिमट गई। इसके अलावा ऑलराउंडर शिवम दुबे ने 2 ओवर में 4 रन देकर 3 विकेट लिए। बुमराह, अक्षर और वरुण चक्रवर्ती को 1-1 विकेट मिले। 58 रन के लक्ष्य को भारत ने 4.3 ओवर में हासिल कर लिया। अभिषेक और गिल ने 3.5 ओवर में पहले विकेट के लिए 48 रन की साझेदारी की। इस स्कोर पर अभिषेक शर्मा 16 गेंद पर 3 छक्के और 2 चौके की मदद से 30 रन बनाकर आउट हुए। तीसरे नंबर पर उतरे सूर्यकुमार यादव ने गिल के साथ मिलकर भारत को 9 विकेट से जीत दिला दी। भारत ने 4.3 ओवर में 1 विकेट पर 60 रन बनाकर मैच 9 विकेट से जीता। गिल 9 गेंद पर 20 जबकि सूर्या 2 गेंद पर 7 रन बनाकर नाबाद रहे।  

भारत-नेपाल सीमा पर बड़ा सुरक्षा ऑपरेशन, गौर जेल के 5 फरार कैदी धर दबोचे गए

मोतिहारी नेपाल में जारी हिंसा और तनाव के बीच रौतहट जिले के गौर जेल से फरार हुए पांच कैदियों को भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी ने धर दबोचा। पकड़े गए सभी कैदी नेपाल के ही निवासी बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, मोतिहारी के कुंडवा चैनपुर बॉर्डर पर तैनात एसएसबी की टीम ने बुधवार दोपहर महुलिया बॉर्डर के पास जांच के दौरान इन कैदियों को पकड़ा। बताया जाता है कि नेपाल में जारी विद्रोह का फायदा उठाकर सभी आरोपी जेल तोड़कर भाग निकले थे। एसएसबी की 20वीं बटालियन, सीतामढ़ी के कमांडेंट गिरीशचंद्र पांडेय ने पुष्टि की कि कुंडवा चैनपुर बटालियन ने ही इन कैदियों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए कैदियों की पहचान रौतहट जिले के गौर गढ़वा वार्ड नंबर-5 निवासी विश्वनाथ यादव, रवि यादव, राहुल राय यादव, चंद्रानिकाहपुर के सूरज राय और गरुवा निवासी राम विनोद प्रसाद के रूप में हुई है। पूछताछ के बाद सभी को कुंडवा चैनपुर थाना पुलिस को सौंप दिया गया। थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि आगे की प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी कैदियों को नेपाल की महुलिया पुलिस के हवाले कर दिया गया है।  

GST में छूट का दिखा असर: वाहन बाजार में बुकिंग का उछाल, लेकिन सप्लाई चेन बना रोड़ा

ग्वालियर जीएसटी काउंसिल ने फेस्टिवल सीजन को देखते हुए आम लोगों की जेब पर बड़ा फायदा देने का ऐलान किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, इंश्योरेंस और अन्य रोजमर्रा की चीजों पर जीएसटी दरों में कटौती की गई है, लेकिन इसका एक साइड इफेक्ट ये हुआ है कि बाजार फिलहाल थम सा गया है। ज्यादातर लोग नई दरों का इंतजार कर रहे हैं, जिससे खरीदारी 70-80 फीसदी तक गिर गई है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में बुकिंग जारी, डिलीवरी रुकी ग्वालियर ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरिकांत समाधिया ने बताया कि सरकार की ओर से जीएसटी की दरें कम करने के बाद कंपनियां दिमाग लगा रही हैं। कंपनियां सेस का कंपन्सेशन एडजस्ट नहीं करना चाहती, ऐसे में वे स्कीम्स को बंद करने का मन बना रही हैं। जहां तक कारों की खरीदारी की बात है तो फिलहाल सिर्फ वाहनों की बुकिंग हो रही है, खरीदारी 22 सितंबर के बाद होगी। एक छोटी गाड़ी पर 50 हजार तक की बचत होगी। सरकार को 22 सितंबर को ही घोषणा करनी थी इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी केदारनाथ गुप्ता ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में जीएसटी की दरें 28 से कम होकर 18 फीसदी होने वाली हैं। पर सरकार को इसकी घोषणा 22 सितंबर को ही करनी थी, फिलहाल बाजार एकदम से थम सा गया है। यानी खरीदारी 80 फीसदी तक कम हो गई है। लोग अब 22 सितंबर का ही इंतजार कर रहे हैं। एक लाख रुपए के 75 इंच के एलइडी पर 10 हजार और 55 इंच के एलइडी पर करीब 3906 रुपए की बचत होगी। नहीं करा रहे इंश्योरेंस, रिन्युअल प्रीमियम भी नहीं भर रहे स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर जीएसटी पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। इंश्योरेंस कंसल्टेंट प्रणव कुमार दास ने बताया कि 22 सितंबर तक कोई भी व्यक्ति इंश्योरेंस कराने को तैयार नहीं है। यहां तक कि लोग अपनी रिन्युअल प्रीमियम भी नहीं जमा कर रहे। हम उन्हें समझा रहे हैं कि आपकी पॉलिसी लेप्स हो जाएगी और उसमें रिस्क कवर भी नहीं है। फिर भी लोग मानने को तैयार नहीं हैं और कह रहे हैं कि 16-17 दिनों में कुछ नहीं होगा। इसके साथ ही जिन बीमा कंपनियों ने अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए प्रतियोगिताएं निकाली थीं, उन्हें या तो बंद कर दिया गया है या फिर उनकी तारीख बढ़ा दी है। सिर्फ तीन दिन में होगा जीएसटी रजिस्ट्रेशन जीएसटी कॉउंसिल की ओर से किए गए रिफॉर्म्स में जीएसटी करदाताओं के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को भी अब बेहद सरल बना दिया गया है। कॉउंसिल ने महज 3 दिन में ही जीएसटी रजिस्ट्रेशन देने की बात कही है। इससे व्यापार करने में सुगमता आएगी और विभाग के चक्कर लगाने की कोई जरूरत नहीं होगी। इसमें खास बात यह है कि ये रजिस्ट्रेशन अब बिना वेरिफिकेशन के ही प्रदान कर दिए जाएंगे। इस नई स्कीम से करीब 96 फीसदी करदाताओं को लाभ मिलेगा, जो नया पंजीयन लेते हैं। ये स्कीम एक नवंबर 2025 से चालू होगी। इसके साथ ही जीएसटी के 90 फीसदी रिफंड का रुपया प्रोविजनल आधार पर ही मिल सकेगा। सीए पंकज शर्मा ने बताया कि व्यापार की सुगमता के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाना अच्छा कदम है। इससे लंबा समय लेने वाली प्रक्रिया से बचाव होगा।