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सावधान! झारखंड में 5 दिन तक भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा

रांची झारखंड के कुछ हिस्सों में अगले पांच दिनों तक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि पाकुड़, साहिबगंज, गिरिडीह, गोड्डा और जामताड़ा के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया गया है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी बुलेटिन में कहा गया है, "14 सितंबर को सुबह साढ़े आठ बजे तक झारखंड में व्यापक स्तर पर आंधी और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान राज्य भर के लोगों को भारी बारिश का सामना करना पड़ सकता है, साथ ही 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।" बता दें कि मंगलवार को लोहरदगा जिले में सबसे अधिक 40 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद बरकट्ठा (12.6 मिमी) और लातेहार (9 मिमी) का स्थान रहा। राज्य में इस मॉनसून में 27 प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। बुलेटिन में कहा गया है कि एक जून से राज्य में 1,050 मिमी बारिश हुई है जबकि सामान्य बारिश 874 मिमी होती है।  

आपातकालीन हालात! नेपाल में सेना की सख्ती, जनता के लिए पूरी तरह से बंद

नेपाल नेपाली सेना ने विरोध प्रदर्शन की आड़ में किसी भी संभावित हिंसा को रोकने के लिए बुधवार को सुबह से शाम पांच बजे तक देशव्यापी प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए और अगले दिन सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लगा दिया है। सेना ने एक बयान में चेतावनी दी कि इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, तोड़फोड़, आगजनी व व्यक्तियों या संपत्ति को निशाना बनाने वाले हमलों को आपराधिक गतिविधि माना जाएगा और उससे निपटा जाएगा। इसमें कहा गया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश पूरे देश में सुबह से शाम पांच बजे तक प्रभावी रहेंगे और उसके बाद बृहस्पतिवार सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा। सेना ने कहा कि प्रदर्शन की आड़ में लूटपाट, आगजनी और अन्य विनाशकारी गतिविधियों की संभावित घटनाओं को रोकने के लिए ये कदम ज़रूरी हैं। बयान में कहा गया है, ‘‘बलात्कार और हिंसक हमलों का भी खतरा है। देश की सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए, प्रतिबंधात्मक आदेश और कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।'' बयान में स्पष्ट किया गया है कि एम्बुलेंस, दमकल, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और सुरक्षा बलों सहित आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों और कर्मियों को प्रतिबंधात्मक आदेशों और कर्फ्यू के दौरान काम करने की अनुमति होगी।   भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर सरकार के प्रतिबंध के खिलाफ सोमवार को ‘जेन-जी' द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में कम से कम 19 लोगों की मौत के बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे की मांग को लेकर उनके कार्यालय में घुस गए थे जिसके तुरंत बाद मंगलवार को उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया। सोशल मीडिया पर प्रतिबंध सोमवार रात हटा लिया गया था। हालांकि, उनके इस्तीफे के बाद भी प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने संसद, राष्ट्रपति कार्यालय, प्रधानमंत्री आवास, सरकारी इमारतों, राजनीतिक दलों के कार्यालयों और वरिष्ठ नेताओं के घरों में आग लगा दी थी।   

Bihar CEO को आदेश, SIR के लिए अब आधार कार्ड को 12वें दस्तावेज के रूप में स्वीकार करें

पटना निर्वाचन आयोग ने बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से कहा है कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद मतदाताओं की पहचान स्थापित करने के लिए आधार कार्ड को एक अतिरिक्त दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को मंगलवार को लिखे पत्र में आयोग ने कहा, ‘‘सूचीबद्ध 11 दस्तावेजों के अलावा आधार कार्ड को 12वें दस्तावेज के रूप में माना जाएगा…।'' आयोग ने आगाह भी किया कि ‘‘इस निर्देश के अनुसार आधार को स्वीकार न करने या अस्वीकार करने के किसी भी मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा।'' उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया था कि वह बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में मतदाता की पहचान सुनिश्चित करने के लिए ‘आधार' को 12वें निर्धारित दस्तावेज के रूप में शामिल करे। उसने आयोग से नौ सितंबर तक निर्देश लागू करने को कहा था। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि आधार कार्ड को आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं का वितरण) अधिनियम की धारा 9 के अनुसार ‘‘पहचान के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाए और इसका उपयोग नागरिकता के प्रमाण के रूप में नहीं किया जाए।'' जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 23(4) के तहत आधार कार्ड पहले से ही किसी व्यक्ति की पहचान स्थापित करने के उद्देश्य से सूचीबद्ध दस्तावेजों में से एक है।    

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 50 दिनों बाद किया खुलासा, पहला सार्वजनिक बयान आया सामने

नई दिल्ली  उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे के बाद से पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने चुप्पी साधी हुई थी। हाल ही में उन्होंने इसे लेकर बयान दिया है और नए चुने गए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन को बधाई दी है। धनखड़ ने कहा कि उपराष्ट्रपति का पद उनके "विशाल अनुभव" के कारण और भी अधिक गौरव प्राप्त करेगा। यह बयान 21 जुलाई को संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन पद छोड़ने के बाद उनका पहला सार्वजनिक बयान है। राधाकृष्णन को लिखे पत्र में धनखड़ ने कहा, "दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और मानवता के छठे हिस्से का घर माने जाने वाले भारत के उपराष्ट्रपति के तौर पर आपके चुने जाने पर हार्दिक बधाई।"   जगदीप धनखड़ की खामोशी पर विपक्ष ने उठाए थे सवाल राधाकृष्णन को लिखे अपने पत्र में धनखड़ ने आगे कहा,"इस प्रतिष्ठित पद पर आपकी पदोन्नति हमारे राष्ट्र के प्रतिनिधियों के विश्वास और भरोसे को दर्शाती है।" उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में राधाकृष्णन के "विशाल अनुभव" को देखते हुए उनके नेतृत्व में यह पद निश्चित रूप से और भी अधिक सम्मान और गौरव प्राप्त करेगा।   जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को अचानक "स्वास्थ्य कारणों" का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस अचानक कदम से भारतीय राजनीति में हलचल मच गई थी। विपक्ष ने उनके पद छोड़ने के तरीके पर सवाल उठाए थे। इस्तीफा देने के बाद से ही धनखड़ पूरी तरह से खामोश थे, जिससे विपक्षी दलों ने उनके ठिकाने और इरादों को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। उनके इस लंबे समय की चुप्पी ने कई तरह की अटकलों को जन्म दिया था, जिस पर अब उनकी प्रतिक्रिया के बाद विराम लग गया है।

SA20 ऑक्शन में टूटा रिकॉर्ड: ब्रेविस-मार्करम की बोली ने रचा नया इतिहास

जोहानिसबर्ग साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस और एडेन मार्करम ने SA20 क्रिकेट टूर्नामेंट के चौथे सत्र की खिलाड़ियों की नीलामी में रिकॉर्ड धनराशि हासिल करके नया इतिहास रचा। ब्रेविस को सौरव गांगुली की कोचिंग वाली प्रिटोरिया कैपिटल्स ने 16.5 मिलियन रैंड (लगभग 8.3 करोड़ रुपये) में खरीदा, जो 2022 में ट्रिस्टन स्टब्स के लिए भुगतान किए गए 9.2 मिलियन रैंड (लगभग 4.6 करोड़ रुपये) के पिछले रिकॉर्ड से कहीं अधिक है। नए मुख्य कोच गांगुली के नेतृत्व में सेंचुरियन स्थित फ्रेंचाइजी ने जोबर्ग सुपर किंग्स के साथ बोली प्रक्रिया में चली कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद इस 22 वर्षीय खिलाड़ी को अपनी टीम से जोड़ा। गांगुली ने नीलामी के बाद एक रिलीज में कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि वह अच्छा प्रदर्शन करेंगे। वह बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और पिछले डेढ़ साल में उन्होंने अपने खेल में काफी सुधार किया है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका प्रदर्शन इसका सबूत है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रदर्शन को कभी भी पैसे से नहीं जोड़ता। 16.5 मिलियन रैंड की बात छोड़ भी दें, तो मेरा मानना ​​है कि वह एक शानदार प्रतिभा हैं। वह स्पिन को बहुत अच्छी तरह खेलते हैं, जो बेहद महत्वपूर्ण है। हमने हर पहलू पर गौर करके उन पर यह कीमत लगाई।’’ साउथ अफ्रीका के टी-20 कप्तान मार्करम को डरबन सुपर जायंट्स ने 14 मिलियन रैंड (लगभग सात करोड़ रुपये) में खरीदा, जबकि सनराइजर्स ईस्टर्न केप ने उन्हें राइट टू मैच कार्ड के तहत 12.4 मिलियन रैंड में रिटेन करने की कोशिश की थी। नीलामी के बाद SA20 लीग के कमिश्नर ग्रीम स्मिथ ने कहा, ‘‘मैं आंकड़ों के बारे में बात करने से हिचकिचाता हूं, लेकिन साउथ अफ्रीकी क्रिकेट में इस तरह के निवेश को देखना रोमांचक है। सबसे अच्छी बात यह है कि फ्रेंचाइजी साउथ अफ्रीकी खिलाड़ियों का समर्थन कर रही हैं।‘‘ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यहां कुछ अच्छी प्रतिभाएं हैं। एसए20 ने उन्हें जो मंच प्रदान किया है, उससे उन्हें न केवल यहां (दक्षिण अफ्रीका में) फायदा हुआ है, बल्कि अन्य लीगों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उन्हें लाभ मिला है।’’ कुल मिलाकर छह फ्रेंचाइजी ने 84 खिलाड़ियों पर 129.3 मिलियन रैंड (लगभग 65 करोड़ रुपये) खर्च किए, जिसमें दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों पर 116.9 मिलियन रैंड (लगभग 59 करोड़ रुपये) खर्च किए गए। बारह अंडर-23 खिलाड़ियों पर कुल 22.8 मिलियन रैंड (लगभग 11.4 करोड़ रुपये) खर्च किए गए। युवा खिलाड़ियों में किशोर तेज गेंदबाज क्वेना मफाका को डरबन सुपर जायंट्स ने 2.3 मिलियन रैंड में चुना, जबकि जैन्को स्मिट (जोबर्ग सुपर किंग्स), बयांडा माजोला (प्रिटोरिया कैपिटल्स) और जेजे बेसन (पार्ल रॉयल्स) ने भी एसए20 में अपने पहले सत्र के लिए अनुबंध हासिल किए। जोबर्ग सुपर किंग्स ने ऑलराउंडर वियान मुल्डर को नौ मिलियन रैंड (लगभग 4.5 करोड़ रुपये) और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज नांद्रे बर्गर को 6.3 मिलियन रैंड (लगभग 3.1 करोड़ रुपये) में अनुबंधित किया। एसए20 का चौथा सत्र इस साल 26 दिसंबर से शुरू होगा और अगले साल 25 जनवरी तक चलेगा।  

‘एक चतुर नार’ की तैयारी पूरी, दिव्या खोसला कुमार के BTS वीडियो ने फैन्स में मचाई खुशी

मुंबई,  बॉलीवुड अभिनेत्री और निर्माता दिव्या खोसला कुमार इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘एक चतुर नार’ की रिलीज को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में दिव्या ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर फिल्म के सेट से एक बीटीएस वीडियो पोस्ट किया। इस ‘बिहाइंड द सीन’ (बीटीएस) वीडियो में दिव्या एक सीन करती नजर आ रही हैं। उनकी तारीफ सेट पर मौजूद सिनेमैटोग्राफर समीर आर्यन और नील नितिन मुकेश कर रहे हैं। वहीं, दिव्या अपने किरदार के अनुरूप पारंपरिक लुक में दिख रही हैं। उन्होंने बैंगनी रंग का कुर्ता, पीली सलवार और स्लेटी रंग का स्वेटर पहना है, जिसके ऊपर चुन्नी भी है। बालों में बनाई गई चोटी उनके ‘चतुर नार’ वाले किरदार को जीवंत कर रही है। इस लुक ने दर्शकों को उनके किरदार के प्रति और उत्सुक कर दिया है। दिव्या ने वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, “‘एक चतुर नार’ के सेट से खास पल। हमारे टैलेंटेड डीओपी समीर आर्यन और मुझे बेहद खूबसूरती से नील नितिन मुकेश ने कैमरे में कैद किया। ये मेरी सबसे पसंदीदा और शानदार टीम है।” उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म 12 सितंबर को रिलीज होने जा रही है। फिल्म ‘एक चतुर नार’ में दिव्या का देसी और दमदार अवतार दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने के लिए तैयार है। उनके इस लुक और बीटीएस वीडियो ने सोशल मीडिया पर तारीफों का सिलसिला शुरू कर दिया है। फैंस अब बेसब्री से फिल्म की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं। फिल्म की कहानी एक छोटे शहर में रहने वाली होनहार लड़की की है। वह बहुत ही महत्वाकांक्षी और चालाक है। एक दिन उसके हाथ बड़े शख्स का प्राइवेट वीडियो आ जाता है। वह फिर उसे आगे बढ़ने की सीढ़ी की तरह इस्तेमाल करने लगती है। उमेश शुक्ला द्वारा निर्देशित फिल्म की कहानी हिमांशु त्रिपाठी ने लिखी है। यह एक ब्लैक कॉमेडी थ्रिलर फिल्म है। इसमें दिव्या खोसला और नील नितिन मुकेश मुख्य भूमिका में हैं। दिव्या को स्क्रीन पर पिछली बार एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘सावी’ में देखा गया था, जिसका निर्देशन अभिनय देव ने किया था। इस फिल्म में अनिल कपूर का गेस्ट अपीरियंस था, जबकि दिव्या और हर्षवर्धन राणे मुख्य भूमिका में थे।  

किसान हित में पंजाब ने तोड़ा रिकॉर्ड, सबसे ज्यादा मुआवजा वितरण किया

पंजाब पंजाब में बाढ़ ने किसानों की मेहनत और ख्वाबों को डुबो दिया, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार ने किसानों को अकेला नहीं छोड़ा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तुरंत बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की कि हर प्रभावित किसान को ₹20,000 प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाएगा। यह सिर्फ पंजाब ही नहीं बल्कि पूरे देश में अब तक का सबसे बड़ा मुआवज़ा है। मान सरकार ने यह कदम सिर्फ कागज़ों पर नहीं बल्कि किसानों के दर्द को महसूस करते हुए उठाया है। जब हरियाणा में किसानों को अधिकतम ₹15,000 प्रति एकड़, गुजरात में करीब ₹8,900 प्रति एकड़, मध्य प्रदेश में करीब ₹12,950 प्रति एकड़, और उत्तर प्रदेश व राजस्थान में अधिकतर ₹5,000- ₹7,000 प्रति एकड़ तक राहत मिलती है, वहीं पंजाब के किसानों को सीधा ₹20,000 प्रति एकड़ देने का फैसला किसानों की ताक़त और मेहनत को सलाम करने जैसा है। बाढ़ के बीच सरकार का यह फैसला उम्मीद की नई किरण इतना ही नहीं, मान सरकार ने बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिवारों को ₹4 लाख की सहायता और खेतों में जमी रेत को बेचने की अनुमति भी दी है, ताकि किसानों को तुरंत नक़दी मिले और अगली बुवाई का रास्ता आसान हो सके। यह कदम साफ़ दिखाता है कि सरकार किसानों की मुश्किलें समझती है और उनके लिए हर मुमकिन राहत पहुँचाना चाहती है। आज जब पंजाब का किसान बाढ़ से तबाह खेतों और टूटे हुए घरों के बीच संघर्ष कर रहा है, तब सरकार का यह फैसला उनके लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया है।   सरकार का ये फैसला किसानों को संघर्ष से सहारा और भविष्य के लिए विश्वास देता है मान सरकार ने राहत की राशि को सबसे ऊपर रखकर साबित कर दिया है कि किसान सिर्फ़ वोटर नहीं, बल्कि पंजाब की असली ताक़त हैं। यह फैसला किसानों को संघर्ष से सहारा और भविष्य के लिए विश्वास देता है। किसान की जीत ही पंजाब की जीत है, और मान सरकार हर हाल में किसानों के साथ खड़ी है।  

देशभर में वोटर लिस्ट SIR की प्रक्रिया अक्टूबर से शुरू, बिहार मॉडल को बनाया उदाहरण

नई दिल्ली देशभर में अक्टूबर से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) शुरू होने की संभावना है. निर्वाचन आयोग (ECI) की ओर से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ हो रही बैठक में इस पर सहमति बनी है. सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के CEO से कहा है कि 30 सितंबर तक कागज़ी कार्यवाही और जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं. अधिकांश राज्यों ने भरोसा जताया है कि वे सितंबर के अंत तक पूरी तरह तैयार हो जाएंगे. जल्द हो सकता है ऐलान बिहार विधानसभा चुनाव खत्म होने से पहले ही देशव्यापी SIR की औपचारिक घोषणा की जा सकती है. हालांकि, अंतिम तारीखें तभी तय होंगी जब सभी राज्यों के सीईओ अपनी प्रगति रिपोर्ट आयोग को सौंप देंगे. चुनाव आयोग अपडेट करेगा मतदाता सूची निर्वाचन आयोग का मानना है कि SIR के ज़रिए न सिर्फ नई मतदाता सूची अपडेट होगी, बल्कि पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रियाओं पर भरोसा भी और मज़बूत होगा. चुनाव आयोग के इस विशिष्ट आयोजन में राज्यों के सीईओ के समक्ष विभिन्न सत्रों में SIR की तैयारियों सहित साढ़े तीन घंटे से अधिक के प्रेजेंटेशन दिए गए. आयोग ने अलग अलग राज्यों के मुख्य निर्वाचन आधिकारियों को वहां होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए मतदाताओं की तस्दीक के लिए जमा कराए जाने वाले सनदी प्रमाणपत्रों की सूची बनाने को भी कहा गया है. राज्यों के हिसाब से मांगे जाएंगे दस्तावेज ये सूची राज्य में स्थानीय स्तर पर मान्य सहज उपलब्ध दस्तावेजों पर आधारित होगी. अलग-अलग राज्यों में दस्तावेजों के नाम और प्रकार होंगे. जैसे आदिवासी बहुल राज्यों में, उत्तर पूर्वी समीवर्ती राज्यों में, समुद्र तटीय राज्यों में कई जगह पहचान और आवास के विशिष्ट प्रमाणपत्र भी होते हैं. कई जगह क्षेत्रीय स्वायत्त बोर्ड और निकाय भी ऐसे प्रमाण पत्र जारी करते हैं. चुनाव आयोग द्वारा 25 जून से शुरू हुई SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को अपडेट करने का कार्य किया. इस प्रक्रिया के पहले चरण में एक अगस्त को मसौदा मतदाता सूची जारी की गई थी, जिसमें 7.24 करोड़ नाम दर्ज थे जो पहले की तुलना में 65 लाख कम थे. एक अगस्त से एक सितंबर तक दावों और आपत्तियों की अवधि के दौरान कुल 16 लाख 56 हजार 886 लोगों ने नए नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया. इसके अलावा 2 लाख 17 हजार 49 लोगों ने नाम हटाने और 36 हजार 475 लोगों ने मतदाता सूची में सुधार के लिए आवेदन जमा किए. बिना नोटिस के नहीं कटेगा किसी का नाम: EC बिहार में SIR प्रकिया चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया था कि जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया, उनका पक्ष सुने बिना उनकी मतदाता पात्रता पर ERO कोई अंतिम फैसला नहीं लेंगे. आयोग ने ये भी भरोसा दिलाया था कि किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा और बिना नोटिस के किसी का नाम नहीं काटा जाएगा. बिहार में कैसे हुआ SIR SIR प्रक्रिया के तहत 24 जून से 25 जुलाई तक पहले चरण (गणना चरण) में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण सत्यापित किए गए. एक अगस्त को प्रकाशित मसौदा सूची के बाद एक सितंबर तक लोगों को दावे और आपत्तियां दर्ज करने का मौका दिया गया. फिलहाल 2 सितंबर से नए आवेदनों की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, सुधार करने और नाम हटाने के आवेदन शामिल होंगे.

मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद शहडोल का कन्या शिक्षा परिसर अब माता शबरी के नाम से जाना जाएगा

शहडोल  मध्य प्रदेश में जनजातीय कार्य विभाग के कन्या शिक्षा परिसरों का नाम अब 'माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर' होगा. राज्य सरकार ने इस आशय के आदेश जारी कर दिए हैं. इस संबंध में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ऐलान किया था.  प्रदेश में जनजातीय वर्ग की बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 82 कन्या शिक्षा परिसरों और 8 आदर्श आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है. इन संस्थानों में विद्यार्थियों को शैक्षणिक सुविधा के साथ आवासीय सुविधा भी दी जा रही है. कन्या शिक्षा परिसर में कक्षा छठवीं से 12वीं तक प्रति कक्षा 70 विद्यार्थी के मान से 490 लड़कियां और आदर्श विद्यालयों में कक्षा छठवीं से 12वीं तक प्रति कक्षा 35 विद्यार्थी के मान से 245 विद्यार्थी पढ़ कर रहे हैं.  सरकार की ओर से बताया गया कि  छात्राओं को यूनिफॉर्म, ब्लू ब्लेजर, किताब, स्टेशनरी, पोषण आहार दिया जाता है. प्रति विद्यार्थी 15 हजार रुपए प्रतिवर्ष दिए जाते हैं. कन्या शिक्षा परिसर में तमाम गतिविधियों जैसे खेल, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियां, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, चिकित्सा, आकस्मिक चिकित्सा के लिए प्रति विद्यालय 7 लाख 10 हजार वार्षिक खर्च का प्रावधान हो. 

विधानसभा में बड़ा बदलाव: अरविंद शर्मा नए प्रमुख सचिव, AP सिंह की ढाई साल बाद सेवानिवृत्ति

भोपाल  लोकसभा से प्रतिनियुक्ति पर मध्य प्रदेश विधानसभा आए सचिव अरविंद शर्मा का संविलियन मध्य प्रदेश विधानसभा में हो चुका है. अब उन्हें इस माह के अंत में मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव के पद पर प्रमोट किया जाएगा. 2 साल सेवा वृद्धि और 6 महीने का संविदा नियुक्ति पूरी करके विधानसभा के मौजूदा मुख्य सचिव एपी सिंह इसी माह रिटायर होने जा रहे हैं. मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह इस महीने 30 सितंबर को रिटायर होने वाले हैं और अब उनके पुनर्नियुक्ति की संभावना नहीं है। इसे देखते हुए विधानसभा में सचिव की जिम्मेदारी निभा रहे अरविंद शर्मा को नया प्रमुख सचिव बनाए जाने की संभावना है। प्रमुख सचिव की नियुक्ति का अधिकार विधानसभा अध्यक्ष को होता है। चूंकि अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ही अरविंद शर्मा को लोकसभा से प्रतिनियुक्ति पर लेकर आए थे, इसलिए उनका प्रमुख सचिव बनना लगभग तय माना जा रहा है। 1 अक्टूबर से मिल सकती है जिम्मेदारी वर्तमान प्रमुख सचिव एपी सिंह को मानसून सत्र के दौरान सदन में स्वयं विधानसभा अध्यक्ष ने विदाई दी थी और विधायकों से शुभकामनाएं दिलाई थीं। इससे यह संकेत स्पष्ट हो गया था कि एपी सिंह का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। ऐसे में यह माना जा रहा है कि एपी सिंह का कार्यकाल अब नहीं बढ़ेगा और नया प्रमुख सचिव नियुक्त किया जाएगा। अरविंद शर्मा की दावेदारी सबसे मजबूत विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधानसभा चुनाव के बाद अध्यक्ष बनने के बाद अरविंद शर्मा को लोकसभा से प्रतिनियुक्ति पर लाकर विधानसभा सचिव बनाया था। एक साल की प्रतिनियुक्ति के बाद उनका संविलियन विधानसभा में हो गया। वर्तमान में वे 60 साल की उम्र पार कर चुके हैं और विधानसभा नियमों के अनुसार वे 62 साल की उम्र तक सेवा में रह सकते हैं। इस हिसाब से यदि उन्हें प्रमुख सचिव बनाया जाता है, तो वे अगले दो सालों तक इस पद पर कार्यरत रह सकते हैं। चूंकि स्पीकर की पसंद वे स्वयं हैं, इसलिए उनकी नियुक्ति लगभग तय मानी जा रही है। दूसरी बार सेवा हुई वृद्धि विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ढाई साल पहले सेवानिवृत्ति हो रहे थे. उन्हें साल 2023-24 के लिए एक साल की सेवा वृद्धि दी गई. इसके बाद 2024-25 में दूसरी बार 1 साल की सेवा वृद्धि दी गई. यह कार्यकाल 5 महीने पहले समाप्त हो गया था. इसके बाद 6 महीने की संविधान नियुक्ति प्रमुख सचिव के पद पर दी गई थी. यह अवधि इसी महीने 30 सितंबर को खत्म हो रही है. मध्य प्रदेश विधानसभा में हुआ संविलियन विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने मध्य प्रदेश में विधानसभा के कामों के लिए अरविंद शर्मा को सचिव बनाकर प्रतिनियुक्ति पर मध्य प्रदेश लेकर आए थे. अब उनका संविलियन मध्य प्रदेश विधानसभा में कर दिया गया है. मध्य प्रदेश विधानसभा के मौजूदा प्रमुख सचिव एपी सिंह का इसी महीने 30 सितंबर को कार्यकाल समाप्त हो रहा है. इसके बाद अरविंद शर्मा विधानसभा के प्रमुख सचिव बन जाएंगे. प्यासी का सबसे ज्यादा लंबा रहा कार्यकाल मध्य प्रदेश विधानसभा के पांचवें प्रमुख सचिव के तौर पर अरविंद शर्मा जिम्मेदारी संभालने वाले हैं. इससे पहले अवधेश प्रताप सिंह, भगवान देव इसरानी, राजकुमार पांडे और ए के प्यासी मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव रह चुके हैं. सभी विधानसभा प्रमुख सचिव में सबसे लंबा डॉक्टर एके पयासी का कार्यकाल रहा है साल 2002 से लेकर 2011 तक विधानसभा प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी में रहे थे. हालांकि की 9 से 10 साल तक अवधेश प्रताप सिंह भी प्रमुख सचिव विधानसभा की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. एपी सिंह को सेवा विस्तार की उम्मीद नहीं एपी सिंह पहले ही 62 साल की उम्र में रिटायर हो चुके हैं, फिर उन्हें दो साल का विस्तार और फिर 6 महीने की संविदा सेवा दी गई थी, जो 30 सितंबर को समाप्त हो रही है। अब वे 64 साल से ज्यादा के हो चुके हैं और स्पीकर द्वारा उन्हें औपचारिक विदाई दी जा चुकी है, इसलिए सेवा बढ़ाने की संभावना नहीं बची है। हालांकि सिंह ने प्रमुख सचिव के रूप में विधानसभा में लंबा कार्यकाल पूरा किया है। डीजे को पीएस बनाने का स्पीकर को है पावर विधानसभा अधिनियम के तहत स्पीकर के पास यह भी अधिकार है कि वे जिला न्यायाधीश (डीजे) स्तर के अधिकारी को भी प्रमुख सचिव नियुक्त कर सकते हैं। लेकिन सूत्रों के अनुसार फिलहाल इसकी संभावना कम है, क्योंकि अरविंद शर्मा ही स्पीकर की प्राथमिकता में हैं। विधानसभा सचिव पद की स्थिति विधानसभा में सचिव के दो पद होते हैं। फिलहाल एक पद पर अरविंद शर्मा कार्यरत हैं जबकि दूसरा पद रिक्त है। चूंकि प्रमोशन में आरक्षण का मामला कोर्ट में लंबित है, इसलिए अगर शर्मा को प्रमुख सचिव बनाया जाता है, तो सचिव के दोनों पद कुछ समय के लिए रिक्त रखे जा सकते हैं और जिम्मेदारियां प्रभार से संचालित की जा सकती हैं। विधानसभा में अपर सचिव के चार पद हैं, जिनमें से तीन भरे हुए हैं जबकि एक पद रिक्त है।