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मध्यप्रदेश को मिला ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड’ अवॉर्ड

केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने प्रदान किया अवार्ड इंडिया ट्रैवल अवॉर्ड्स 2025 : नई दिल्ली में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड हुआ सम्मानित भोपाल  केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड को प्रतिष्ठित बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया है। यह सम्मान नई दिल्ली के ली मेरिडियन में 9 सितम्बर को भव्य इंडिया ट्रैवल अवॉर्ड्स 2025 समारोह में प्रदान किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मान ने भारत के पर्यटन क्षेत्र में नवाचार, उत्कृष्टता और सतत विकास को लेकर मध्यप्रदेश की अग्रणी भूमिका को रेखांकित किया है। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि यह सम्मान मध्यप्रदेश की जनता और यहां की संस्कृति के गौरव का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पर्यटन को विकास की धुरी बनाने का संकल्प लिया है। प्रदेश की धरोहर, प्राकृतिक संपदा और लोक-परंपराओं को विश्वस्तर पर पहचान दिलाने के लिए हम लगातार प्रयासरत हैं। यह अवॉर्ड हमें और ऊर्जा देता है कि हम पर्यटन को न केवल राज्य की पहचान, बल्कि रोज़गार और आत्मनिर्भरता का मज़बूत साधन भी बनाएं। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि यह अवॉर्ड हमारी टीम की साझा मेहनत और विजन का परिणाम है। हमारा लक्ष्य सिर्फ नए पर्यटन स्थल बनाना नहीं है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना, महिलाओं को नए अवसर प्रदान करना, हमारी संस्कृति और परंपराओं को संजोना, प्राकृतिक धरोहर को बचाना और पर्यटन को सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है। यह सम्मान हमें और प्रेरित करता है कि हम मध्यप्रदेश को ऐसा खास पर्यटन स्थल बनाएं, जहां परंपरा, प्रकृति और आधुनिकता एक साथ दिखाई दें। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने, इको-टूरिज्म सर्किट विकसित करने, सामुदायिक होमस्टे को बढ़ावा देने, साहसिक और अनुभवात्मक पर्यटन को विस्तार देने के साथ-साथ आतिथ्य सत्कार और विज़िटर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में बोर्ड सतत रूप से कार्यरत है। लक्ष्य पर्यटकों को विश्वस्तरीय पर्यटन अनुभव प्रदान करना है।  

मोदी और इटली की पीएम मेलोनी की फोन पर बात – व्यापार से लेकर वैश्विक मुद्दों तक हुई चर्चा

नई दिल्ली  पीएम नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से फोन पर बात की। पीएम मोदी ने इस बातचीत के बारे में एक्स पर एक पोस्ट में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ उनकी बहुत अच्छी बातचीत हुई। हमने भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई और यूक्रेन में संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने में आपसी रुचि व्यक्त की। अपने पोस्ट में पीएम मोदी ने आगे लिखा कि पारस्परिक रूप से लाभकारी भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने और IMEEEC पहल के माध्यम से संपर्क को बढ़ावा देने में इटली के सक्रिय सहयोग के लिए प्रधानमंत्री मेलोनी का आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय संघ (EU) से भारत और चीन पर 100% तक आयात शुल्क लगाने का आग्रह किया है, ताकि रूस पर यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए आर्थिक दबाव बढ़ाया जा सके। यह मांग 9 सितंबर 2025 को वॉशिंगटन में वरिष्ठ अमेरिकी और यूरोपीय अधिकारियों की एक कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान उठाई गई, जिसमें रूस की युद्ध फंडिंग को रोकने के उपायों पर चर्चा हुई। ट्रंप का कहना है कि भारत और चीन रूसी तेल और गैस के प्रमुख खरीदार हैं, जिससे रूस को आर्थिक समर्थन मिलता है और वह यूक्रेन में युद्ध जारी रख पाता है। इस संदर्भ में, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हाल की बातचीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें यूक्रेन संकट और वैश्विक आर्थिक स्थिरता शामिल हो सकती है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब भारत-अमेरिका संबंध तनावपूर्ण हैं। ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल खरीद के लिए पहले 25% और फिर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया है, जिससे भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में कुल 50% शुल्क लागू हो गया है। हालांकि, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भारत के साथ व्यापारिक संबंध सुधारने और पीएम मोदी से जल्द बातचीत की इच्छा व्यक्त की है।  

भारत से गहरा नाता और बेबाक छवि… कौन हैं सुशीला कार्की जो संभाल सकती हैं नेपाल की कमान

काठमांडू  नेपाल में तख्तापलट और खूनी हिंसा के बाद अब नई सरकार का इंतजार किया जा रहा है। जेन-जी प्रदर्शनकारी पहले काठमांडू के मेयर बालेन शाह को देश की कमान देना चाहते थे, लेकिन अब नया नाम सामने आया है। प्रदर्शनकारी नेपाल की पूर्व सीजेआई सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं। यह दावा नेपाल के सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव ने किया। नेपाल की अंतरिम सरकार के मुखिया को चुनने के लिए आयोजित की गई एक वर्चुअल मीटिंग में करीब पांच हजार से ज्यादा जेन-जी युवा शामिल हुए। इसमें सुशीला कार्की को सबसे ज्यादा समर्थन मिला। उनका भारत से भी कनेक्शन है। दरअसल, कार्की ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से पोस्ट ग्रैजुएट की पढ़ाई की है। भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों पर नेपाल पिछले तीन दिनों से जल रहा है। केपी ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा, जिसके बाद बालेन शाह का नाम सबसे आगे आया, लेकिन सूत्रों के अनुसार, उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मांग पर अपनी सहमति नहीं दी, जिसके बाद दूसरे नामों पर विचार किया जाने लगा। सुशीला कार्की के नाम पर सहमति बनती दिख रही है। कौन हैं सुशीला कार्की? नेपाल के विराटनगर में सात जून, 1952 को जन्मीं सुशीला कार्की वहां की पूर्व मुख्य न्यायाधीश हैं। वह नेपाल की पहली और एकमात्र महिला सीजेआई हैं। उन्होंने 2016 में सीजेआई का पद संभाला। विराटनगर के कार्की परिवार से ताल्लुक रखने वाली सुशीला कार्की अपने माता-पिता की सात संतानों में सबसे बड़ी हैं। साल 1972 में उन्होंने विराटनगर में ही महेंद्र मोरंग कैंपस से बीए की डिग्री ली। इसके बाद उन्होंने 1975 में वाराणसी की बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में पीजी किया। उन्होंने 1978 में त्रिभुवन यूनिवर्सिटी से फिर बैचलर की डिग्री हासिल की। उन्होंने 1979 में विराटनगर में ही वकालत की शुरुआत की और फिर असिस्टेंट टीचर के रूप में भी काम किया। 2009 में उन्हें नेपाल के सुप्रीम कोर्ट में एडहॉक जज के रूप में नियुक्त किया गया। वहीं, 2016 में वे अपने देश की सीजेआई बनीं और सात जून, 2017 तक इस पद पर रहीं।  

UP पुलिस का बड़ा फेरबदल: 79 दारोगा अब DSP, जानें आपकी जिले की क्या स्थिति

लखनऊ  उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए 79 दारोगाओं (इंस्पेक्टर और आरआई) को पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर प्रोन्नत किया है। इस प्रोन्नति में 70 इंस्पेक्टर और 9 रिजर्व इंस्पेक्टर (आरआई) शामिल हैं। सभी अधिकारियों ने अब डिप्टी एसपी की जिम्मेदारी संभाल ली है। यह फैसला 29 अगस्त को हुई विभागीय प्रोन्नति समिति (DPC) की बैठक में लिया गया। हालांकि अभी ये सभी अधिकारी अपने वर्तमान स्थानों पर ही तैनात रहेंगे, लेकिन भविष्य में जरूरत के अनुसार उनका तबादला किया जा सकता है। कौन-कौन अधिकारी हुए प्रोन्नत? – विनोद कुमार दुबे – चुनार, मिर्जापुर – विपिन कुमार – मुरादाबाद – राकेश कुमार शर्मा – सुल्तानपुर – भैया संतोष कुमार सिंह – सोनभद्र – विकास राय – लखनऊ कमिश्नरेट – सुनील कुमार सिंह – हमीरपुर इनके अलावा, चंदौली, रामपुर, जौनपुर, कुशीनगर, हाथरस, मेरठ, बस्ती, कानपुर, गाजीपुर, लखनऊ मुख्यालय, सीतापुर, नोएडा, बुलंदशहर, अयोध्या, बलिया, भदोही, बरेली, सहारनपुर, बहराइच, और PAC व विशेष सुरक्षा वाहिनी (Special Security Force) के कई अधिकारी इस प्रोन्नति सूची में शामिल हैं।   पिछले 2 सालों में सबसे बड़ी प्रोन्नति प्रक्रिया यह प्रोन्नति प्रक्रिया उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में पिछले 2 सालों में डीएसपी पद पर हुई सबसे बड़ी पदोन्नति मानी जा रही है। इससे पहले, दो साल पहले 117 इंस्पेक्टरों को डीएसपी बनाया गया था। हाल ही में, 21 पीपीएस अधिकारियों को आईपीएस संवर्ग में भी प्रोन्नत किया गया है। यह सिलसिला पुलिस प्रशासन को अनुभव और नेतृत्व क्षमता से भरपूर बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। प्रोन्नति से क्या होगा असर? इस फैसले से प्रदेश में पुलिस व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को नया नेतृत्व मिलेगा। अपराध नियंत्रण में अनुभवी अफसरों की भागीदारी बढ़ेगी। अधिकारियों को करियर में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। पुलिस महकमे में अनुशासन और संगठनात्मक मजबूती आएगी। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल सभी अधिकारी अपने वर्तमान तैनाती स्थल पर बने रहेंगे ताकि प्रशासनिक संतुलन बना रहे। लेकिन समय और जरूरत के अनुसार इनका तबादला भी किया जा सकता है।  

ज्ञानदायिनी, भक्ति से जोड़ने वाली और मुक्ति का मार्ग दिखाने वाली कथा है श्रीमद्भागवत : सीएम योगी

युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की पुण्य स्मृति के उपलक्ष्य में श्रीमद्भागवत कथा के विराम पर बोले मुख्यमंत्री गोरखपुर मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर परिस्थिति में सनातन धर्म के प्रति समर्पण का भाव बना रहे, यही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का वास्तविक मर्म है। श्रीमद्भागवत कथा जीवन के ज्ञान का भान कराने वाली, भक्ति से जोड़ने वाली और मुक्ति का मार्ग दिखाने वाली कथा है।  सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि समारोह के उपलक्ष्य में बुधवार शाम श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ के विराम सत्र पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में कथा श्रवण करने तथा व्यासपीठ के समक्ष श्रद्धावनत होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा पांच हजार वर्ष पहले पहली बार स्वामी शुकदेव जी ने महाराजा परीक्षित को मृत्यु के भय से अभय करने के लिए सुनाई थी। तबसे यह कथा कोटि-कोटि सनातन धर्मावलंबियों की मुक्ति का माध्यम बन रही है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की ऋषि परंपरा उद्घोष करती है कि भारत में जन्म लेना दुर्लभ है। उसमें भी मनुष्य रूप में जन्म लेना और भी दुर्लभ है। सनातन भारत ने ही ज्ञान, भक्ति और मुक्ति की दाता, जीवन के रहस्यों का उद्घाटन करने वाली श्रीमद्भागवत कथा का उपहार दिया है। उन्होंने कहा कि कथा का वास्तविक मर्म यह है कि हम हरहाल में अपने धर्म और देश के प्रति अडिग रहें। किसी भी परिस्थिति में बिना झुके, बिना रुके, बिना डिगे सनातन और भारत के प्रति समर्पण का भाव बनाए रखें।  व्यासपीठ पर विराजमान कथा व्यास, परिधान पीठ गोपाल मंदिर श्रीअयोध्याधाम से पधारे जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि स्वामी रामदिनेशाचार्य जी ने अत्यंत सरलता और सहजता से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराया। इसका आनंद यहां आए श्रद्धालुओं के साथ मीडिया के जरिये लाखों लोगों ने प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी रामदिनेशाचार्य जी रामानंदाचार्य परंपरा से आते हैं। अगले वर्ष उनके श्रीमुख से यहां श्रीराम कथा का भी श्रवण कराया जाएगा।  कथा के विराम पर मुख्यमंत्री, संतजन व यजमानगण ने श्रीमद्भागवत महापुराण और व्यासपीठ की आरती उतारी। इस अवसर पर मस्तनाथ पीठ रोहतक हरियाणा के महंत राजस्थान विधानसभा के विधायक बालकनाथ, जूनागढ़ गुजरात से आए महंत शेरनाथ, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, काशी से आए जगद्गुरु संतोषाचार्य सतुआ बाबा, नैमिषारण्य से आए स्वामी विद्या चैतन्य, हनुमानगढ़ी अयोध्या से आए महंत राजूदास, यज्ञमान पूर्व विधायक अतुल सिंह, अजय सिंह, महेश पोद्दार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।

पंजाब के साथ हरियाणा खड़ा: कुरुक्षेत्र से रवाना हुई CM सैनी की राहत राहत convoy

पंजाब  पंजाब में भीषण बाढ़ से हुई त्रासदी पर हरियाणा लगातार नजर बनाए हुए है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए हर संभव मदद और राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। इसी कड़ी में आज कुरुक्षेत्र से सीएम नायब सिंह सैनी ने पंजाब में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राहत सामग्री से भरे 20 ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर पूर्व राज्य मंत्री सुभाष सुधा मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार, इन ट्रकों में विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्री, पशुओं के लिए चारा, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान भरा गया है। बता दें कि शहर की सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं, भाजपा संगठन और जिला प्रशासन के सहयोग से ये राहत सामग्री एकत्रित की गई है। अब इस सामग्री को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाया जाएगा, ताकि संकट के समय लोगों को राहत मिल सके। इस मौके पर सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में जो प्राकृतिक आपदा आई है। उससे बहुत लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंन कहा हरियाणा के लोगों ने पंजाब की बाढ़ आपदा में लगातार राहत सामग्री पहुंचाने का काम किया है। भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं, सामाजिक संस्थाएं मिलकर पंजाब के लोगों की मदद करने के लिए निरंतर राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रही है।  सीएम सैनी ने कहा कि बुधवार को कुरुक्षेत्र से राहत सामग्री लेकर 21 ट्रक पंजाब भेजे गए हैं। हमने हरियाणा की तरफ से बाढ़ पीड़ितों की राहत के लिए पंजाब को 5 करोड़ रुपये, जम्मू-कश्मीर को 5 करोड़ रुपये और हिमाचल प्रदेश को 5 करोड़ रुपये तुरंत सहायता के रूप में भेजने का काम किया है।   वहीं मौके पर मौजूद पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि हरियाणा की नायब सैनी सरकार संकट की इस घड़ी में पंजाब के लोगों के साथ खड़ी है। उन्हें हर संभव मदद हरियाणा सरकार और हरियाणा के लोग भेज रहे हैं। हरियाणा सरकार ने पंजाब की मदद के लिए 5 करोड़ रुपए की सहायता भी की है और जरूरत पड़ने पर हम पीछे नहीं हटेंगे।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने 435 करोड़ का राजस्व अर्जित कर रचा कीर्तिमान

वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 बनी गेम चेंजर, पिछले 6 माह में हुई 2230 संपत्तियों की बिक्री रायपुर छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को सुविधा युक्त आवास का सपना छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल पूरा कर रहा है। मंडल ने पिछले छह माह में 2230 संपत्तियों का विक्रय कर 435 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले पाँच वर्षों में अर्जित राजस्व की तुलना में कहीं अधिक है। इस उपलब्धि में वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 गेम चेंजर साबित हुई है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल संपत्तियों का विक्रय नहीं, बल्कि हर परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक छत प्रदान करना है। यह उपलब्धि हितग्राहियों के विश्वास और टीम के समर्पण का परिणाम है। अब हम गुणवत्ता आधारित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में और तेजी से काम करेंगे। गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि मंडल ने आने वाले समय में किफायती दरों पर हाउसिंग प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की योजना बनाई है। मंडल द्वारा डिजिटल रजिस्ट्रेशन, ई-आवास और भुगतान प्रक्रिया को और सरल एवं पारदर्शी बनाने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मात्र छह माह में 2200 से अधिक परिवारों का ‘अपने घर का सपना’ पूरा हुआ है। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ को आवास क्रांति में देश का अग्रणी राज्य बनाना है।

किसान भाइयों ध्यान दें: पीएम किसान की 21वीं किस्त पाने के लिए अभी करें ये काम

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत करोड़ों किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक मदद मिलती है, जो ₹2,000 की तीन किस्तों में सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है। अब तक 20 किस्तें जारी हो चुकी हैं, और किसान बेसब्री से 21वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन, अगर आपने कुछ जरूरी काम नहीं किए हैं, तो आपकी अगली किस्त रुक सकती है। ई-केवाईसी (e-KYC) कराना है अनिवार्य यह किस्त पाने की सबसे जरूरी शर्त है। अगर आपने अभी तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है, तो आपकी किस्त रोकी जा सकती है। ऑनलाइन तरीका: सबसे पहले pmkisan.gov.in वेबसाइट पर जाएं। 'Farmers Corner' में जाकर ई-केवाईसी ऑप्शन चुनें। अपना आधार नंबर डालें और ओटीपी वेरिफाई करें। चाहें तो पीएम किसान मोबाइल ऐप से फेस ऑथेंटिकेशन भी कर सकते हैं। ऑफलाइन तरीका: अगर इंटरनेट नहीं है, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं। वहाँ बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट से ई-केवाईसी हो जाएगी। आधार कार्ड साथ ले जाना न भूलें। बैंक अकाउंट को आधार से लिंक करें आपकी किस्त सीधे आपके बैंक खाते में तभी आएगी जब आपका बैंक अकाउंट आधार से लिंक हो। अगर यह लिंक नहीं है, तो पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रान्सफर (DBT) से नहीं आएगा। इसके लिए अपनी बैंक शाखा में जाकर आधार लिंकिंग कराएं और DBT सुविधा एक्टिव कराएं। भूमि सत्यापन कराएं अपनी किस्त बिना किसी रुकावट के पाने के लिए अपनी जमीन से जुड़े कागजात का सत्यापन करा लें। अगर आपकी जमीन का सत्यापन पूरा नहीं हुआ है, तो किस्त अटक सकती है। इसके लिए आपको अपने तहसील कार्यालय या राजस्व विभाग से संपर्क करना होगा। आप पीएम किसान पोर्टल पर भी जमीन से जुड़े दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा, सुनिश्चित करें कि आपने रजिस्ट्रेशन के दौरान जो भी जानकारी दी है, वह पूरी तरह सही हो। नाम, आधार नंबर, या बैंक डिटेल्स में कोई भी गलती किस्त को रोक सकती है। कब आएगी 21वीं किस्त? रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त नवंबर या दिसंबर 2025 में जारी हो सकती है। सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन आमतौर पर हर चार महीने में एक किस्त जारी होती है। हाल ही में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की शिकायतों के लिए एक विशेष पोर्टल बनाने के निर्देश भी दिए हैं, जिससे उनकी समस्याओं का जल्द समाधान हो सके। अगर आप चाहते हैं कि आपकी अगली किस्त न अटके, तो इन तीनों कामों को जल्द से जल्द पूरा कर लें।  

बुमराह ने भारत को दिलाई पहली सफलता, हार्दिक ने संभाली अटैक की कमान

नई दिल्ली  आज टी20 एशिया कप 2025 में भारत और यूएई के बीच मुकाबला खेला जा रहा है। ग्रुप ए का हिस्सा दोनों टीमों की दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में टक्कर हो रही है। भारत ने टॉस जीतकर बॉलिंग चुनी है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम की टूर्नामेंट में तूफानी आगाज पर नजर है। भारत डिफेंडिंग चैंपियन है। भारत ने एशिया कप इतिहास में सर्वाधिक आठ खिताब जीते हैं। यह भारत का टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में यूएई के खिलाफ दूसरा मैच है। भारत के लिए यूएई के खिलाफ मैच 14 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले हाई वोल्टेज मुकाबले से पहले अभ्यास मैच की तरह है। शुभमन गिल की सबसे छोटे फॉर्मेट में वापसी के बाद विकेटकीपर संजू सैमसन की प्लेइंग इलेवन में जगह को लेकर असमंजस था। हालांकि, टीम मैनेजमेंट ने संजू पर भरोसा बरकरार रखा है। गिल बुधवार को ओपनर के रूप में उतरेंगे जबकि संजू मध्यक्रम में आएंगे। बुमराह ने दिलाई पहली सफलता जसप्रीत बुमराह ने भारत को पहली सफलता दिलाई है। उन्होंने चौथे ओवर की चौथी गेंद पर अलीशान शराफू को बोल्ड किया। शराफू ने 17 गेंदों में तीन 22 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और एक सिक्स शामिल हैं। उन्होंने वसीम के संग 26 रनों की साझेदारी की। हार्दिक ने संभाली अटैक की कमान यूएई की पारी शुरू हो गई है। मुहम्मद वसीम और अलीशान शराफू बैटिंग करने उतरे हैं। तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने बॉलिंग अटैक की कमान संभाली। उन्होंने पहले ओवर में 10 रन खर्च किए। शराफू ने दो चौके लगाए और डबल निकाला।

मध्यप्रदेश फार्मेसी परिषद की बैठक हुई आयोजित, कार्यों की हुई समीक्षा

भोपाल भोपाल स्थित होटल पलाश में मध्यप्रदेश फार्मेसी परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता माननीय उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल जी ने की। बैठक में जून 2025 से अगस्त 2025 की अवधि में हुए कार्यों की समीक्षा की गई, जिसमें निम्न प्रमुख बिंदु सामने आए 3500+ नए पंजीयन सफलतापूर्वक पूर्ण हुए। 5800 आवेदन प्रक्रिया में लंबित रहे। 1650 आवेदन निजी विश्वविद्यालयों की सूची उपलब्ध न होने के कारण शेष रहे। परिषद ने बताया कि संपूर्ण कार्यप्रणाली को अब डिजिटल मोड पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इसमें समग्र आईडी, डिजिलॉकर, विवाह प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र तथा FDA का एकीकरण किया गया है। नई प्रणाली के माध्यम से  स्लॉट बुकिंग एवं परिषद कार्यालय में उपस्थित होकर सत्यापन कराने की आवश्यकता समाप्त होगी। सिस्टम आधारित ऑटो वेरिफिकेशन किया जाएगा।पंजीकरण प्रमाणपत्र सीधे डिजिलॉकर पर उपलब्ध होंगे। यह पहल मध्यप्रदेश फार्मेसी परिषद को डिजिटल गवर्नेंस में देश की अग्रणी परिषद बनाएगी। बैठक में अन्य विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर परिषद अध्यक्ष श्री संजय कुमार जैन, सदस्य श्री राजू चतुर्वेदी, श्री गौतमचंद धींग, श्री रामरतन गर्ग, श्री सत्येन्द्र सिंह चौहान, श्री देवेंद्र कुमार बजाजत्य, श्री अशोक जैन तथा डॉ. पवन दुबे उपस्थित रहे। सरकारी पक्ष से श्री दिनेश मौर्य (ड्रग कंट्रोलर, म.प्र.), श्री आत्री (मुख्य विश्लेषक, म.प्र. शासन) तथा चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि भी बैठक में सम्मिलित हुए। परिषद की रजिस्ट्रार श्रीमती भव्या त्रिपाठी ने अब तक हुई प्रगति और आगामी योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया।