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मध्यप्रदेश बनेगा देश में महिलाओं की सोसायटी बनाने वाला अग्रणी राज्य : मंत्री सारंग

भोपाल  सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश में महिलाओं की सोसायटी बनाकर अग्रणी राज्य बनेगा। इस नवाचार की शुरूआत अगले माह से की जायेगी। मंत्री सारंग रविवार को अपेक्स बैंक में आयोजित "सहकारी सप्‍ताह'' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश जल्द ही बीज के मामले में भी लीड करेगा। इसके पहले कम्प्यूटराइजेशन के साथ पिछले साल ऑनलाइन ऑडिट में भी मध्यप्रदेश का सहकारिता विभाग आगे रहा। यही नहीं मध्यप्रदेश ऑनलाइन केसीसी देने वाला पहला राज्य भी बना है। समाज के निचले वर्गों को आत्म-निर्भर बनाने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका सहकारिता मंत्रालय भारत सरकार की स्थापना के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सहकारी सप्ताह समारोह में मंत्री सारंग ने कहा कि सहकारिता में अधिकारी-कर्मचारी समाज के उन्नयन के लिये योगदान दे रहे हैं। साथ ही अलग-अलग आयामों पर काम किया जा रहा है। युवा, महिला, किसान सहित हर वर्ग के कल्याण पर ध्यान दिया जा रहा है। रोजगार की दिशा में समाज के निचले वर्गों को आत्म-निर्भर बनाने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राष्ट्र के उन्नयन में राज्य का समावेश होना जरूरी मंत्री सारंग ने कहा कि राष्ट्र के उन्नयन में राज्य का समावेश होना जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देश सहकारिता की दिशा में नित नये आयाम गढ़ रहा है। किसान, जवान, विज्ञान और अनुसंधान के जरिये सहकारिता आंदोलन को नई दिशा दी जा रही है। कॉर्पोरेट और को-ऑपरेटिव को जोड़कर नई अवधारणा बनाई जा रही है। पुरस्कृत होना अन्य लोगों के लिये करता है प्रेरणा-स्रोत का कार्य मंत्री सारंग ने कहा कि कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी का ठीक ढंग से निर्वहन किया। यह लोग दूसरों के लिये प्रेरणा-स्रोत बने हैं। इससे जिन्हें पुरस्कार नहीं मिले हैं वे लोग भी अच्छा कार्य कर सम्मानित हो सकेंगे और अपनी नई पहचान बना सकेंगे। सहकारिता सप्ताह के दौरान जिलों में भी हुए उत्साहवर्धक कार्य अपेक्स बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि सहकारिता सप्ताह के दौरान जिलों में भी उत्साह के साथ कार्यक्रम हुए। इस दौरान अधिक से अधिक पौध-रोपण भी किया गया। अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता ने स्वागत उद्बोधन दिया। अंत में सहकारी संघ के प्रबंध संचालक ऋतुराज रंजन ने आभार माना। उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति और संस्था हुईं पुरस्कृत अमानत संग्रहण लक्ष्य के विरुद्ध पूर्ति में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक विदिशा को 21 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। इसी में द्वितीय स्थान प्राप्त करने के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दतिया को 15 हजार रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दतिया को 11 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया। पैक्स सदस्यता महाभियान में सर्वप्रथम लक्ष्य प्राप्ति के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक झाबुआ को सम्मानित किया गया। इसी प्रकार अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह में विभिन्न प्रतियोगिताएँ हुईं। जरी-जरदोजी क्रॉफ्ट प्रतियोगिता में प्रथम यासमीन खान, द्वितीय गुड़िया और तृतीय आशिया खान रहीं। जूट क्रॉफ्ट प्रतियोगिता में प्रथम धीरू पटेल, द्वितीय संगीता यदुवंशी और तृतीय पूजावास्तव रहीं। कढ़ाई क्रॉफ्ट प्रतियोगिता में प्रथम दामिनी सोलंकी, द्वितीय सोनल महोबे और तृतीय रागिनी वर्मा नहीं। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में कृष कुमार साहू, दीपक कुमार सोनी और तृप्ति कुशवाहा अव्वल रहीं। निबंध प्रतियोगिता में सृष्टि जैन, वेदिका दीक्षित, टीना कारा क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहीं। राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी में प्रथम स्थान पर सोलर पॉवर विस्तार सहकारी संस्था खरगोन, दूसरे स्थान पर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति रेहटी, सीहोर और तृतीय स्थान पर सुविधा साख सहकारी संस्था मर्यादित भोपाल रहीं। राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी में विशिष्ट प्रस्तुतिकरण के लिये मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ सहकारी मर्यादित भोपाल और मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज उत्पादक संघ भोपाल को पुरस्कृत किया गया।  

स्टेट हाईवे पर टोल वसूली की तैयारी तेज, ट्रैफिक सर्वे के बाद तय होगी दरें

 पटना  राज्य उच्च पथों से गुजरने वाले वाहनों से टोल लिए जाने की प्रक्रिया इस वर्ष नवंबर से पहले संभव नहीं दिखती। पथ निर्माण विभाग फिलहाल यह आकलन कर रहा कि एक महीने में किसी राज्य उच्च पथ (एसएच) पर कितने वाहनों की आवाजाही है। दो महीने तक इसका अध्ययन संभावित है। इसके बाद उक्त रिपोर्ट के आधार पर संबंधित सड़क के लिए टोल एजेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया निविदा के आधार पर आगे बढ़ेगी। सड़कों के दोनों छोर पर कैमरे लगाकर वाहनों की संख्या की गिनती हो रही। वार्षिक संग्रह क्षमता के आधार पर तय होगा मामला पथ निर्माण विभाग आयी टोल पालिसी में सबसे महत्वपूर्ण विषय किसी भी सड़क की एनुअल पोटेंशियल कलेक्शन यानी वार्षिक संग्रह क्षमता है। इसके माध्यम से यह देखा जाएगा कि एक एसएच पर माह भर में औसत कितने वाहन गुजरे। इस हिसाब से संबंधित सड़क की टोल संग्रह क्षमता तय होगी। टोल संग्रह की राशि का अंदाजा होने के बाद उसमें टोल एजेंट का खर्च और रख रखाव की राशि जोड़ी जाएगी। इस राशि को जोड़कर संबंधित सड़क के लिए एक रकम तय कर उसकी निविदा होगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से संबंधित सड़क के लिए टोल एजेंट तय हो जाएंगे। एक वर्ष में वाहनों की संख्या में पांच प्रतिशत बढ़ोतरी पथ निर्माण विभाग की टोल पालिसी में यह प्राविधान किया गया है कि एक राज्य उच्च पथ पर वर्तमान में जितने वाहनों की आवाजाही हो रही उसमें पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी संभव है। टोल एजेंट को नियुक्त करते में समय इसका भी ख्याल रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त टोल फ्री वाहनों की संख्या भी जोड़ी जाएगी। अधिसूचना के बाद यह सूचना सार्वजनिक होगी कि संबंधित सड़क पर कितना टोल लगेगा टोल लागू किए जाने की अधिसूचना के बाद यह तय हाेगा कि संबंधित राज्य उच्च पथ से गुजरने पर टोल के मद में कितनी राशि लगेगी। अधिकतम 20 किमी की दूरी को टोल में शामिल किए जाने पर चर्चा चल रही। राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद अभी सिर्फ यह तय हुआ है कि प्रति किमी कितनी राशि टोल मद में ली जाएगी।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पद्म विभूषण पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर व्यक्त किया शोक

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने पद्म विभूषण से सम्मानित प्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि तीजन बाई का निधन लोककला एवं सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। अपनी विलक्षण प्रतिभा, कठोर साधना और समर्पण के माध्यम से उन्होंने पंडवानी गायन को देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका योगदान भारतीय लोक-संस्कृति और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को सदैव समृद्ध करता रहेगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने चरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों एवं उनके असंख्य प्रशंसकों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। 

*पर्यटन सचिव डॉ. एस. भारती दासन और एमडी विवेक आचार्य ने एयरपोर्ट पर किया स्वागत*

रायपुर भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक पर्यटन सुमन बिल्ला के रायपुर आगमन पर छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने रायपुर विमानतल पर उनका आत्मीय स्वागत किया। बिल्ला भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर में सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा आईआईएम रायपुर द्वारा आयोजित दो दिवसीय मंत्रिमंडल चिंतन शिविर में पर्यटन विषय के प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर सुमन बिल्ला, डॉ. एस. भारती दासन एवं विवेक आचार्य के बीच छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रभावी ढंग से स्थापित करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि छत्तीसगढ़ में पारिस्थितिकी पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, पुरातात्विक पर्यटन, वन्यजीव पर्यटन, जनजातीय पर्यटन तथा ग्रामीण पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं का योजनाबद्ध विकास कर राज्य में रोजगार सृजन, स्थानीय उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान की जा सकती है। स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए पर्यटन विकास का ऐसा मॉडल विकसित करने पर भी सहमति बनी, जिससे आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके। बैठक में पर्यटन अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल प्रचार-प्रसार, गृह-आवास (होम-स्टे) व्यवस्था को बढ़ावा देने, स्थानीय हस्तशिल्प एवं पारंपरिक व्यंजनों को पर्यटन से जोड़ने तथा जनजातीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रभावी प्रचार-प्रसार और राज्य की सशक्त पहचान स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। पर्यटन मंत्रालय और छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ राज्य को दिलाने, पर्यटन स्थलों के समग्र विकास तथा निवेश को प्रोत्साहित करने के उपायों पर भी सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ। उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय मंत्रिमंडल चिंतन शिविर में सुमन बिल्ला ने "सतत समृद्धि के आधार के रूप में पर्यटन : छत्तीसगढ़ में आजीविका सृजन, संस्कृति का संरक्षण और प्रकृति की सुरक्षा" विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। इसके पश्चात उन्होंने "आगे की राह – विचार मंथन" विषय पर आयोजित संवादात्मक सत्र का संचालन भी किया। इन सत्रों में पर्यटन को सुशासन, सतत विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और स्थानीय आजीविका से जोड़ने के व्यावहारिक मॉडल पर विस्तार से चर्चा की गई। श्री सुमन बिल्ला के सुझावों तथा केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ का पर्यटन क्षेत्र नई दिशा प्राप्त करेगा। इससे राज्य की जैव विविधता, ऐतिहासिक धरोहर, जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को वैश्विक पहचान मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

नेशनल हाईवे पर पंजाब पुलिस की सख्ती, एंट्री पॉइंट सील, संदिग्धों की जांच तेज

लुधियाना. पंजाब के डीजीपी गौरव यादव और पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा के दिशा निर्देश आज थाना लाडोवाल की पुलिस ने नेशनल हाईवे पर नाकाबंदी करते हुए महानगर का एंट्री पॉइंट पूरी तरह से सील कर दिया गया जिस बारे में जानकारी देते हुए थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह काहलों ने बताया कि शहर में जाने वाले प्रत्येक शकी वाहनो की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि  नाकाबंदी महानगर के एंट्री पॉइंट पर की गई है ताकि कोई भी संबंधित व्यक्ति शहर में प्रवेश न कर सके। उन्होंने बताया कि इस नाकाबंदी के दौरान कई संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ करने के बाद उनके वाहनों को आगे जाने दिया जा रहा है। थाना प्रभारी ने बताया कि इस स्पेशल नाकाबंदी के दौरान कई वाहन चालकों के चालान भी काटे जा रहे हैं।

सीएम डॉ. यादव ने किया 2500 करोड़ की अडाणी डिफेंस यूनिट का शिलान्यास, जानें क्या-क्या होगा फायदा?

भोपाल/शिवपुरी मध्यप्रदेश के लिए 5 जुलाई का दिन ऐतिहासिक रहा। अब मध्यप्रदेश देश की रक्षा में बड़ी भूमिका निभाएगा। यहां से बनीं मिसाइलें दुश्मनों के घरों में घुसकर उन्हें ढेर करेंगीं। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवपुरी जिले में 2,500 करोड़ की लागत के अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास किया। उनके साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, अदाणी ग्रुप के युवा नेतृत्व करण अदाणी, जीत अदाणी भी मौजूद थे। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने 211 करोड़ की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किया।   इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज यहां अद्भुत समागम हो रहा है। यहां एक साथ स्नेहा का लेपन और प्रेम का वातारवरण उमड़ पड़ा है। चंबल की ये धरा कई सौ साल से अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रही है। यहां के बांके लड़ाके, सेना के जवान, अफसर, यहां के नागरिक अपनी जान की बाजी लगाकर सीमा पर देश की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि चंबल ने जब-जब भी कदम बढ़ाया, तब-तब देशभक्ति का नया गीत गाया है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि आज नया इतिहास लिखा गया है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने मथुरा में कंस को मारने के बाद मध्यप्रदेश में शिक्षा ग्रहण की। लेकिन, जब तक वे गुजरात जाकर द्वारिकाधीश नहीं हुए, तब तक आनंद नहीं आया। चाहे महात्मा गांधी का समय हो, सरदार वल्लभ भाई पटेल का समय हो, या नरेंद्र मोदी-अमित शाह का समय हो, गुजरात जो करता है सबसे अलग करता है। उन्होंने कहा कि आज शिवपुरी से डिफेंस का नया अध्याय शुरू हो रहा है। यहां से जो मिसाइल बनेगी, वो लंबी दूरी तय करके दुश्मन के देश में गिरेगी और भारत का मान-सम्मान बढ़ाएगी। आज हमारा ये सपना भी साकार हो रहा है।  हर क्षेत्र में हो रहा विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। अब यहां रोजगार का नया मौका मिलेगा। इस प्रोजेक्ट से करीब 5 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। आज माधव नेशनल पार्क पर्यटन का नया केंद्र बना है। कुछ दिनों पहले गुना में सीमेंट फैक्ट्री का उद्घाटन हुआ। इस तरह यह पूरा ग्वालियर-गुना क्षेत्र बदलने वाला है। आज मध्यप्रदेश तेजी से विकास कर रहा है। हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वर्णिम भविष्य लिखा गया है। उन्होंने कहा कि सुदामा-कृष्ण की जोड़ी हमारे लिए सबक है। अगर संकट के समय दोस्त आपके पास आए तो आप उसे नहीं भूलना। मित्रता के समय भाव बराबर होना चाहिए, पैसा तो आता-जाता रहेगा। भगवान कृष्ण ने सुदामा को अपने पास 8 महीने रखा, जाते वक्त कुछ हाथ में नहीं दिया। सुदामा की आंखें नीची न हों, इसके लिए पीठ पीछे उनका महल बनवा दिया। उन्होंने कहा कि हम दोनों के गुरु के नाम पर प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय बनवा रहे हैं। हमारा सांदीपनि विद्यालय देश का सबसे अच्छा स्कूल है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कीं ये घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में तो स्कूल में बैठने के लिए टाट-पट्टी नहीं मिलती थी। आज हालत यह है कि लोग प्राइवेट स्कूल छोड़कर सांदीपनि स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं। शिवपुरी को पर्यटन का केंद्र बनाएंगे। शिवपुरी को नेशनल हाईवे से जोड़ने के लिए 120 करोड़ की लागत से 14 किमी की फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी यूनिट की स्थापना की जाएगी। खोड में कला-वाणिज्य-विज्ञान का नया कॉलेज स्थापित किया जाएगा। शिवपुरी में नवीन तहसील सुभाषपुरा बनाई जाएगी। पिछोर में एक नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाएगा। करेगा-भितरवार रोड से समोहा डैम तक नई सड़क बनाई जाएगी। खनियाधाना कृषि उपज मंडी की स्थापना की जाएगी। ग्राम पंचायत खतौरा में सांदीपनि विद्यालय की स्थापना की जाएगी। शिवपुरी में 200 बिस्तरों का मातृ-शिशु अस्पताल स्थापित किया जाएगा। लिखी जा रही नई इबारत केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आज नए इतिहास की इबारत लिखी जा रही है। भगवान शिव संकल्प-शक्ति और विजय के देव हैं। इसलिए भगवान शिव की शिवपुरी में आधार शिला रखी जा रही है। एक नया इतिहास एक नया सवेरा राष्ट्र निर्माण का, एक इतिहास एक नया सवेरा राष्ट्र सेवा का हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत बन रहा है। उनके नेतृत्व में भारत का मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि संकट के समय विश्व की भारत की ओर आशा से देखता है। विकसित भारत-2047 मां भारती का लक्ष्य बन चुका है। शिवपुरी नया सितारा बन कर चमकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों का विश्वास जीता है। अदाणी समूह के युवा नेतृत्व जीत अदाणी ने कहा कि आज खास दिन है। यहां मिशन रेडी मिसाइल बनाई जाएंगी। मध्यप्रदेश सबसे तेजी से विकास कर रहा है। डॉ. मोहन यादव की मेहनत का परिणाम है कि यह राज्य प्रगति के पथ पर अग्रसर है। अदाणी समूह राज्य के कई जिलों में निवेश कर रहा है। यह निवेश केवल किसी योजना में नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की जनता और उसके भविष्य में निवेश है। शिवपुरी में इस योजना से 5 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

तीजन बाई की सफलता की कहानी, पुरुष प्रधान मंच पर कपालिक शैली से रचा इतिहास

दुर्ग. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के गनियारी गांव के साधारण परिवार में 8 अगस्त 1956 को तीजन बाई का जन्म हुआ। उन्होंने बचपन में नाना बृजलाल पारधी से महाभारत की कथाएं सुनकर पंडवानी सीखनी शुरू की। हालांकि, फिर उमेद सिंह देशमुख से उन्होंने विधिवत प्रशिक्षण लिया। स्वभाव के विपरीत उन्हें शांत बैठकर पारंपरिक वेदमती शैली में गाना पसंद नहीं था। ऐसे में उन्होंने पुरुषों के वर्चस्व वाली खड़े होकर गाने वाली कपालिक शैली को चुना। पद्म विभूषण तीजन बाई कपालिक शैली में गाने वाली पहली महिला पंडवानी गायिका थीं। 7 दशक पहले तक यह शैली एक तरह से लगभग पुरुषों के वर्चस्व वाली थी या यूं कहें कि महिलाओं के लिए वर्जित मानी जाती थी। 13 वर्ष की उम्र में पहले कार्यक्रम के मिले थे 10 रुपए महज 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने दुर्ग जिले के चंद्रखुरी गांव में पहला सार्वजनिक कार्यक्रम किया, जिसके लिए उन्हें 10 रुपए पारिश्रमिक मिला था। लोगों के ताने और विरोध के बीच कपालिक शैली में अपने हाव-भाव और अभिनय से अपनी एक अलग पहचान बनाई। भारत एक खोज में महाभारत के अंशों की दी थी प्रस्तुति मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने भारत एक खोज में महाभारत से जुड़े अंशों की प्रस्तुति दी थी। उनका अधिकांश गायन मंचीय प्रस्तुतियों और महाभारत के प्रसंगों पर आधारित रहा है। हालांकि, भारत सरकार, संगीत नाटक अकादमी या तीजन बाई ने कभी कार्यक्रमों की संख्या सार्वजनिक नहीं की। इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी समेत कई देशों में पहुंचाई कला 1980 के दशक से उन्होंने भारत के लगभग सभी राज्यों में अपनी प्रस्तुतियां दीं। साथ ही, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, तुर्की, ट्यूनीशिया, साइप्रस, रोमानिया, मॉरीशस समेत अनेक देशों में कार्यक्रम किए। हालांकि, उनके आखिरी विदेश या देश के कार्यक्रम की अधिकृत जानकारी नहीं है। छत्तीसगढ़ का पंडवानी लोकगायन क्या है? महाभारत की कथाओं पर आधारित पंडवानी शैली असल में सिर्फ छत्तीसगढ़ राज्य का पारंपरिक लोकगायन ही नहीं, बल्कि कथावाचन, लोकनाट्य और अभिनय का भी मिश्रण है। जिसे संवाद, हाव-भाव और संगीत के जरिए प्रस्तुत किया जाता है।  पांडवों की कथा में गायन पंडवानी का शाब्दिक अर्थ पांडवों की वाणी या पांडवों की कथा है। इसमें कलाकार भीम, अर्जुन, द्रौपदी, कर्ण और अन्य पात्रों के प्रसंगों का मंचन करता है। मुख्य कलाकार के हाथ में एकतारा और तंबूरा होता है। कुछ कलाकार भीम की गदा, अर्जुन के धनुष और कभी अन्य प्रतीकों के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं। पंडवानी लोकगायन की वेदमती और कपालिक दो शैलियां पंडवानी की दो प्रमुख शैलियां हैं। जिसमें कलाकार वेदमती शैली बैठकर शांत ढंग से कथा गाकर सुनाता है। जबकि कपालिक शैली में कलाकार खड़े होकर अभिनय, संवाद, हाव-भाव और नाटकीय अंदाज में प्रस्तुति देता है। यह अधिक ऊर्जावान और प्रभावशाली शैली माती जाती है।  ऋतु वर्मा, उषा बारले और शांतिबाई आगे बढ़ा रहीं कला तीजन बाई ने परंपरा को तोड़ा। जिसके बाद कई अन्य महिला कलाकारों ने पंडवानी की कपालिक शैली को आगे बढ़ाया। इनमें मुख्य रूप से ऋतु वर्मा, उषा बारले और शांतिबाई चेलक शामिल हैं, जो लोककला का सफलतापूर्वक मंचन कर रही हैं। यह प्रमुख पुरस्कार और सम्मान पद्म श्री 1988 में मिला। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 1995 मानद डी लिट 2003 पद्म भूषण 2003 एम.एस. सुब्बुलच्मी शताब्दी पुरस्कार 2016 फुकुओका पुरस्कार जापान 2018 पद्म विभूषण 2019 अकादमी रत्न संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप 2023 इनके अलावा कई राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले।

यूपी में तीसरी जीत का लक्ष्य, सांसद-विधायकों को बूथ स्तर तक सक्रिय रहने की नसीहत

लखनऊ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी के सांसदों और विधायकों की बैठक में आपसी खींचतान से तौबा करने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि आपस में समन्वय बनाएं। संगठन के साथ भी तालमेल बेहतर रखें। आपसी खींचतान से पार्टी को नुकसान होता है। उन्होंने राम मंदिर चंदे में गड़बड़ी और यूजीसी मामले पर भी अनर्गल टिप्पणी से बचने के निर्देश दिए। नितिन नवीन ने मुख्यमंत्री और दोनों उप मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में शनिवार को गोमतीनगर स्थित होटल में कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश अराजकता, भ्रष्टाचार और जातिवाद की पहचान बन चुका था, भाजपा सरकार ने उसे विकास और सुशासन की पहचान दी है। विपक्षी सरकारों ने यूपी की छवि देशभर में धूमिल कर दी थी, भाजपा ने सम्मान और विश्वास दोनों लौटाए। यूपी में पहले कानून का नहीं, बाहुबलियों और क्षत्रपों का समानांतर राज था। विपक्षी सरकारों ने युवाओं, किसानों और महिलाओं की उम्मीदें तोड़ीं, भाजपा सरकार ने उन्हें अवसर, सुरक्षा और सम्मान दिया। यूपी में तीसरी बार भाजपा की जीत दिलानी है उन्होंने कहा कि यूपी में लगातार तीसरी बार भाजपा को बड़ी जीत दिलानी है। सभी मिलकर काम करें। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान विधायकों और सांसदों के बीच कई जगह टकराव के मामले आए थे। इसीलिए आपस और संगठन के साथ समन्वय बनाए रखने की बात कही है। भाजपा के सभी सांसदों, विधायकों, मंत्रियों को अभी से हर मतदाता तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं व पार्टी के कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से पहुंचाना होगा। संगठन में काम के लिए खुद बढ़ें आगे नितिन नवीन ने कहा कि सभी सांसद और विधायक खुद संगठन के काम के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि अगर आप जिला अध्यक्ष से कहेंगे कि अपनी टीम में मेरा भी एक नाम जोड़ लीजिए तो वह आपको स्वयं सम्मान देगा। अगर आपने सोचा मैं जिला अध्यक्ष के ऊपर हूं, तो उस दिन से आपके लिए समस्या खड़ी होनी शुरू हो जाएगी। अब आप सबको खुद तय करना है कि आपको क्या चाहिए और अगर आप खुद तय कर सकते हैं, तो निश्चित रूप से राजनीति में आपके भविष्य उज्जवल होंगे। सांसदों और विधायकों से कहा कि आप क्षेत्र में अपनी सक्रियता बनाए रखें। बूथ स्तर तक संपर्क में रहें। आप स्वयं के बजाय पार्टी को ज्यादा महत्व दें। पार्टी से बड़ा कुछ नहीं होता है। जातियों की खींचतान से बचने और इससे दूरी बनाए रखने की भी नसीहत दी है। चंदे में हेरफेर करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई अयोध्या के राममंदिर में चंदा की रकम में हेरफेर पर प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक के बाद विधायकों और सांसदों की बैठक में भी की। इस मामले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि इस घटना से हिंदू समाज के साथ हम सभी आस्थावान लोग भी व्यथित हैं। घटना सामने आने के बाद सरकार और ट्रस्ट ने उचित कार्रवाई की है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी हो रही है, आगे भी होगी। हमें ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सावधान रहने की जरूरत है। इस मुद्दे को विपक्ष के वही लोग हवा देकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं, जिनकी प्रभु श्रीराम में आस्था नहीं है। यही लोग मंदिर नहीं बनना देना चाहते थे। विपक्ष के लिए राम मंदिर सिर्फ एक मुद्दा है और हमारे लिए आस्था का केंद्र है। यूजीसी पर पर भी दी नसीहत यूजीसी के मुद्दे पर भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने खुलकर अपनी बात रखी। हम भी मानते हैं शब्दों के चयन में कुछ गलतियां हुई हैं। इसे ठीक भी कर दिया गया है, लेकिन इसे मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। अगर किसी परिवार में गलती होती है तो उसे मुद्दा नहीं बनाया जाता। भाजपा भी परिवार है। इस मुद्दे पर जातियों में बंटकर विरोध जताना उचित नहीं है। इसका फायदा विपक्ष उठाता है। हमें तो एकजुट होकर विपक्ष के भ्रामक सवालों का मुखरता से जवाब देना चाहिए।

वाल्मीकि से कावर झील तक, बिहार बना रहा इको-टूरिज्म का नया पर्यटन हब

 पटना राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए इको-टूरिज्म को प्राथमिकता दे रही है। आने वाले समय में इको टूर‍िज्‍म का व्‍यापक व‍िस्‍तार होगा। वर्तमान में बिहार में 10 से 15 सक्रिय इको-टूरिज्म स्थल हैं, जबकि 24 से अधिक प्रमुख स्थलों का विकास तेजी से किया जा रहा है। इनमें वन्यजीव अभयारण्य, राष्ट्रीय उद्यान, झीलें, जलप्रपात और पहाड़ी क्षेत्र शामिल हैं। सरकार ने 50 से अधिक नए संभावित इको-टूरिज्म स्थलों की पहचान भी की है। लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में राज्य में इको-टूरिज्म स्थलों की संख्या बढ़ाकर 60 से 70 तक पहुंचाई जाए। विभाग के अनुसार बिहार के प्रमुख इको-टूरिज्म स्थलों में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (पश्चिम चंपारण) सबसे महत्वपूर्ण है। यह राज्य का एकमात्र टाइगर रिजर्व है। कैमूर को टाइगर र‍िजर्व के रूप में क‍िया जा रहा वि‍कसित यह तराई के घने जंगलों, बाघों, हाथियों और अन्य वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है। नेपाल की सीमा से सटा हुआ है। बड़ी संख्‍या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। इसके अलावा कैमूर वन्यजीव अभयारण्य, जिसे झरनों और ट्रेकिंग के लिए जाना जाता है, दूसरे टाइगर रिजर्व के रूप में विकसित किया जा रहा है। भीमबांध वन्यजीव अभयारण्य, गौतम बुद्ध वन्यजीव अभयारण्य, विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन अभयारण्य, कावर झील पक्षी अभयारण्य, राजगीर का पहाड़ी क्षेत्र, ककोलत जलप्रपात, घोड़ा कटोरा, बराबर-गुरुपा पहाड़ियां और सूरजपुर वेटलैंड भी राज्य के प्रमुख इको-टूरिज्म स्थलों में शामिल हैं। विशेष रूप से विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन अभयारण्य में नाव से डॉल्फिन देखने का अनूठा अनुभव मिलता है, जबकि कावर झील, जो एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की झीलों में शामिल है, सर्दियों में हजारों प्रवासी पक्षियों का बसेरा बनती है। 2026-27 तक कई परियोजनाएं होंगी पूरी सरकार ने सहरसा स्थित मत्स्यगंधा झील के समग्र विकास की योजना बनाई है। यहां सॉवेनियर शॉप, सुपर ट्री, ग्लास ब्रिज, एक्सपीरियंस सेंटर समेत कई आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का निर्माण वर्ष 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, पश्चिम चंपारण के लव-कुश पार्क और वाल्मीकिनगर आइकॉनिक टूरिज्म पार्क के व्यापक विकास कार्य को वर्ष 2027 तक पूरा करने की योजना है। इसके अलावा मां मुंडेश्वरी धाम में धर्मशाला के बेहतर उपयोग के लिए आसपास जंगल सफारी और अन्य इको-टूरिज्म गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे पर्यटन स्थल पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए विकसित किए जा रहे सभी इको-टूरिज्म स्थलों पर नेचर ट्रेल, वॉच टावर, इको-कॉटेज, होमस्टे, डिजिटल साइनेज और इंटरप्रिटेशन सेंटर जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण के बीच सुरक्षित और सुविधाजनक पर्यटन का अनुभव मिलेगा। स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि बिहार इको-टूरिज्म के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का उद्देश्य सतत (सस्टेनेबल) पर्यटन को बढ़ावा देना है, ताकि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से न केवल देश-विदेश के पर्यटक बिहार की ओर आकर्षित होंगे, बल्कि राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। पर्यटन विभाग ने अगले पांच वर्षों में पर्यटन क्षेत्र के माध्यम से 20 लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

बिहार की हाई-प्रोफाइल सीट पर पीके की एंट्री से मुकाबला हुआ और दिलचस्प

 पटना  बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर पर होने वाले उपचुनाव में अब मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर खुद चुनावी मैदान में उतरेंगे। रविवार को पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में उनके नाम पर औपचारिक मुहर लगा दी गई। कोर कमेटी की बैठक में हुआ पीके पर फैसला इसके बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं ने प्रशांत किशोर को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए जन सुराज का आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया। प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने की चर्चा पिछले कई दिनों से राजनीतिक गलियारों में थी, लेकिन अब पार्टी के औपचारिक एलान के साथ इस पर विराम लग गया है। जन सुराज इसे केवल एक उपचुनाव नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक ताकत और वैकल्पिक राजनीति की परीक्षा के रूप में देख रही है। पांच बार से लगातार जीतते रहे हैं न‍ित‍िन नवीन बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। इस सीट का प्रतिनिधित्व लगातार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन करते रहे हैं। उनके इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हुई, जिस पर अब उपचुनाव कराया जा रहा है। ऐसे में प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने से चुनावी मुकाबला सीधे तौर पर हाई-प्रोफाइल बन गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रशांत किशोर के उम्मीदवार बनने से इस सीट पर चुनाव सिर्फ स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बिहार की भविष्य की राजनीति, जन सुराज के जनाधार और विपक्षी राजनीति की दिशा पर भी नजर रहेगी। तेज प्रताप की पार्टी ने भी ठोका है दावा तेज प्रताप यादव ने इस सीट पर वीणा मानवी को जेजेडी का उम्‍मीदवार बनाया है। बताया जा रहा है क‍ि महागठबंधन की ओर से पीके को समर्थन क‍िया जाएगा। भाजपा जहां अपनी परंपरागत पकड़ बनाए रखने की कोशिश करेगी, वहीं जन सुराज इस चुनाव को अपने संगठन और राजनीतिक अभियान की बड़ी परीक्षा के रूप में पेश करेगी। उल्लेखनीय है कि बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होना है, जबकि 3 अगस्त को मतगणना होगी। अब सभी प्रमुख दलों की नजर इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले पर टिकी हुई है।