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39 दिनों की आस्था: महाकाल के दरबार में सवा करोड़ भक्तों ने नवाया शीश, चढ़े 30 करोड़

उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण-भाद्रपद मास में भगवान महाकाल के दर्शन करने आए भक्तों की भेंट से राजाधिराज महाकाल का खजाना एक बार फिर भर गया है। मंदिर समिति को 29 करोड़ 61 लाख रुपये की आय हुई है, जो बीते तीन सालों में (श्रावण-भाद्रपद मास में) सर्वाधिक है। इस साल 39 दिनों चले महापर्व के दौरान भक्तों की संख्या ने भी नया रिकॉर्ड बनाया है। देश-विदेश से आए सवा करोड़ भक्त मंदिर प्रशासन के अनुसार इस दौरान देश विदेश से आए सवा करोड़ भक्तों ने अवंतिकानाथ को शीश नवाया। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया महाकालेश्वर मंदिर में 11 जुलाई से 18 अगस्त तक श्रावण-भाद्रपद मास का उल्लास छाया रहा। हर दिन आए तीन लाख से ज्यादा भक्त 39 दिनों तक चले इस महा महोत्सव में प्रतिदिन औसतन सवा तीन लाख भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। श्रद्धालुओं की यह संख्या वर्ष 2023-24 के मुकाबले 38.9 प्रतिशत अधिक रही। वर्ष 2023 में प्रतिदिन औसतन ढाई लाख दर्शनार्थियों ने भगवान महाकाल के दर्शन किए थे।   इस बार देखी गई आय में बढ़ोतरी वर्ष 2024 में भक्तों की संख्या कम रही। प्रतिदिन औसतन सवा दो लाख भक्तों ने ही भगवान महाकाल के दर्शन किए थे। दर्शनार्थियों की संख्या के अलावा इस बार शीघ्र दर्शन टिकट, लड्डू प्रसाद की बिक्री, भेंट पेटी में आई दान राशि तथा अन्य स्रोत से हुई आय में भी बीते सालों के मुकाबले बढ़ोतरी हुई है। मंदिर को शीघ्र दर्शन टिकट मद में 10.79 करोड़ रुपये, लड्डू प्रसाद विक्रय से 10.13 करोड़ रुपये की आय हुई। जबकि भेंट पेटियों से 5.23 करोड़ रुपये व दान से 3.26 करोड़ रुपये की आय हुई है।

जल जीवन मिशन: नल से पानी ने ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी आसान बनाई

राजगढ़ जिले के समलाबेह गांव के परिवारों तक पहुँचा शुद्ध पेयजल भोपाल मध्यप्रदेश के दूरस्थ गांवों में नल से जल पहुंचने से जीवन आसान हो गया है। राजगढ़ जिले की ग्राम पंचायत चाँदपुरा का छोटा-सा दूरस्थ गांव समलाबेह इसका आदर्श उदाहरण है। नल से जल की सुविधा मिलने से यह गांव नई पहचान बन गया है। मोहनपुरा ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत यहां की 130 की आबादी और 26 परिवारों तक घर-घर पाइपलाइन से स्वच्छ पेयजल पहुँच रहा है। पानी की कमी से जूझता यह गांव अब सुविधा, स्वास्थ्य और खुशहाली की ओर अग्रसर है। कुछ वर्ष पहले तक इस गांव का जीवन बेहद कठिन था। पानी के लिए महिलाओं और बच्चों को रोज़ सुबह-शाम कई किलोमीटर दूर कुओं से पानी लाना पड़ता था। बरसात के मौसम में जब गंदा पानी इन स्रोतों में मिल जाता था तो ग्रामीणों को दूषित जल पीना पड़ता था। गर्मियों में गांव में पानी का संकट बढ़ जाता था। सीमित जलस्रोतों पर निर्भरता के कारण आए दिन झगड़े की स्थिति भी बनती थी। इन परिस्थितियों से बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित हो रही थी। गांव की बदली तस्वीर समूह नलजल योजना ने इस गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल दी। अब गांव के हर घर में पाइपलाइन से जलापूर्ति हो रही है। 26 घरों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। महिलाएँ बताती हैं कि पहले उनका आधा दिन पानी ढोने में ही निकल जाता था। अब यही समय परिवार और अन्य कार्यों को दे पा रही हैं। बच्चों को भी पानी लाने के काम से मुक्ति मिली है और उनकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी है। स्वास्थ्य के स्तर पर भी बड़ा बदलाव आया है। पहले बारिश के दिनों में डायरिया, उल्टी-दस्त और अन्य जलजनित बीमारियाँ आम थीं। अब ग्रामीण साफ पेयजल का उपयोग कर रहे हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है और इलाज पर होने वाला खर्च भी कम हो गया है। मोहनपुरा समूह जल योजना केवल समलाबेह तक सीमित नहीं है। यह योजना राजगढ़ जिले के कई गांवों को कवर कर रही है, जिनमें हजारों परिवारों तक नल के जरिए स्वच्छ पेयजल पहुँचाया जा रहा है। योजना का उद्देश्य पूरे क्षेत्र को स्थायी जलस्रोत उपलब्ध कराना है। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल सुविधा नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक जीवन की नींव है। अब पानी के लिए नहीं करना पड़ता है संघर्ष: नौरंग बाई वर्षों तक पानी ढोने को मजबूर रहीं, गांव की 70 वर्षीय नौरंग बाई बताती हैं कि जीवन का सबसे बड़ा संघर्ष पानी ही रहा। रोज़ाना सिर पर घड़ा रखकर पानी ढोना उनकी दिनचर्या थी। बरसों तक पानी की एक-एक बाल्टी के लिए कतार में खड़े रहना पड़ा। अब घर में नल लगने से यह संघर्ष बीते जमाने की बात हो गयी है। वे कहती हैं कि अब नई पीढ़ी को पानी के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। ग्रामीण भी मानते हैं कि नल से जल की व्यवस्था ने उनके जीवन स्तर को ही नहीं, पूरे गांव की सोच और संस्कृति को भी बदल दिया है। अब पानी केवल आवश्यकता नहीं रहा, बल्कि सम्मान, स्वास्थ्य और खुशहाली का प्रतीक बन गया है। नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. क्रेमर ने भी की सराहना जल जीवन मिशन से ग्रामीण स्वास्थ्य संकेतकों में भी व्यापक सुधार परिलक्षित हो रहा है। स्वच्छ जल की आपूर्ति होने से विशेष रूप से बच्चों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। हाल ही में नोबेल पुरस्कार विजेता अमेरिकी विकास अर्थशास्त्री डॉ. माइकल रॉबर्ट क्रेमर ने राज्य की विकास रणनीतियों पर चर्चा करते हुए मध्यप्रदेश की इस पहल पर प्रसन्नता जाहिर की कि जल जीवन मिशन द्वारा ग्रामीण घरों में जल उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने अपने अध्ययन का हवाला देते हुए कहा यदि परिवारों को पीने के लिए सुरक्षित जल उपलब्ध कराया जाए तो लगभग 20% शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सकता है। नवजात शिशु, जल जनित बीमारियों के प्रति संवेदनशील होते हैं। बच्चों से संबंधित हर चार में से एक मृत्यु सुरक्षित जल उपलब्ध कराकर रोकी जा सकती है। प्रो. क्रेमर ने गत शुक्रवार को भोपाल में मख्य सचिव श्री अनुराग जैन के साथ बैठक कर मध्यप्रदेश में जल जीवन मिशन की उपलब्धियों पर संतोष को सराहा।  

बदल सकता है खेल… इस टीम की कमान संभाल सकते हैं श्रेयस अय्यर

नई दिल्ली श्रेयस अय्यर को इंडिया ए टीम का कप्तान बनाया जा सकता है. दाएं हाथ के बल्लेबाज श्रेयस इस समय दलीप ट्रॉफी में खेल रहे हैं. हालांकि वह सेमीफाइनल मुकाबले की पहली पारी में सस्ते में आउट हो गए. ऑस्ट्रेलिया ए टीम भारत के दौरे पर इस महीने आएगी. भारतीय दौरे पर इंडिया ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच 2 अनौपचारिक टेस्ट और 3 मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी. इंडिया ए टीम के चयन के लिए जब भारतीय चयनकर्ता बैठेंगे तो उनके सामने श्रेयस अय्यर का नाम सबसे पहले होगा. भारतीय सेलेक्टर्स के सामने सबसे बड़ा सवाल ये होगा कि वो उन्हें किस भूमिका में देखना चाहेंगे. वेबसाइट क्रिकबज के मुताबिक, श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) को ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ बड़ी भूमिका दी जा सकती है. इसमें कप्तानी भी हो सकती है. ऑस्ट्रेलियाई ए टीम अगले सप्ताह भारत के दौरे पर आएगी. दाएं हाथ के बल्लेबाज श्रेयस दलीप ट्रॉफी में वेस्ट जोन की ओर से खेल रहे हैं.सेंट्रल जोन के खिलाफ पहली पारी में वह 25 रन बनाकर आउट हो गए थे. श्रेयस अय्यर के अलावा मौजूदा दलीप ट्रॉफी में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले नितीश रेड्डी, ए ईश्वरन और साई सुदर्शन जैसे कुछ अन्य खिलाड़ियों पर भी चयन के लिए विचार किया जा सकता है. एन जगदीशन, रुतुराज गायकवाड़ और रजत पाटीदार जैसे खिलाड़ी भी चयनकर्ताओं के रडार में हो सकते हैं. इंडिया ए बनाम ऑस्ट्रेलिया-ए के बीच सीरीज का पहला चार दिवसीय मैच 16 सितंबर से लखनऊ में होगा. दूसरा मैच 23 सितंबर को उसी मैदान पर शुरू होगा. उसके बाद 30 सितंबर से तीन वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी. वनडे के सभी मैच कानपुर में होंगे. पूरी संभावना है कि सेलेक्टर्स 7 सितंबर के बाद इंडिया ए टीम का चयन करेंगे. चयनकर्ता दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल खत्म होने के बाद और 11 सितंबर को होने वाले फाइनल से पहले टीम की घोषणा कर सकते हैं.  श्रेयस का इंडिया ए टीम में चुना जाना तय है.

रूस-फ्रांस में खलबली! तेजस Mark-1A के सामने फीके राफेल और सुखोई

नई दिल्ली तेजस Mark-1A फाइटर जेट की डिलीवरी डेट लगातार टल रही है. एचएएल यानी हिन्‍दुस्‍तान एयरोनॉटिक्‍स लिमिटेड ने पहले इसे सितंबर में एयरफोर्स को देने की बात कही थी. अब तेजस Mark-1A की दो यूनिट अक्‍टूबर में उपलब्‍ध होगी. इंजन मिलने में देरी की वजह से डिलीवर डेट की डेडलाइन लगातार आगे खिसकती रही है. अब तो डिटेल सामने आया है, उसके अनुसार तेजस Mark-1A फाइटर जेट में ऐसे वेपन इंटीग्रेट किए जा रहे हैं, जिससे दुश्‍मनों का दम फूलना तय है. साथ ही फ्रांस और रूस जैसे फाइटर जेट सप्‍लायर देश भी भौंचक्‍का हो जाएंगे, क्‍योंकि भारत फाइटर जेट बनाने में आत्‍मनिर्भर होने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है. लंबे इंतजार के बाद हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की ओर से अगले महीने भारतीय वायुसेना (IAF) को पहले दो इंप्रूव्ड और अपग्रेड तेजस मार्क-1ए लड़ाकू विमान सौंपने की उम्मीद है. हालांकि, यह डिलीवरी इस बात पर निर्भर करेगी कि स्वदेशी सिंगल-इंजन जेट अपने तयशुदा हथियार फायरिंग ट्रायल्स को सफलतापूर्वक पूरा कर पाता है या नहीं. मॉडर्न वेपन के साथ सॉफ्टवेयर मॉडिफिकेशन सूत्रों के मुताबिक, इस महीने के अंत तक तेजस Mark-1A पर अस्त्र बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) मिसाइल, एडवांस्ड शॉर्ट रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल और लेजर-गाइडेड बम की फायरिंग ट्रायल्स निर्धारित हैं. इन ट्रायल्स के जरिए यह भी परखा जाएगा कि इजरायली मूल के एल्टा ELM-2052 रडार और फायर कंट्रोल सिस्टम के साथ हथियारों का इंटीग्रेशन सही ढंग से हुआ है या नहीं. ‘टाइम्‍स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले ट्रायल में असफलता के बाद तेजस Mark-1A में सॉफ्टवेयर मॉडिफिकेशन किए गए हैं. इंजन सप्‍लाई में देरी बनी बड़ी बाधा तेजस Mark-1A परियोजना की धीमी प्रगति की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) की ओर से इंजन की सप्लाई में हुई लगभग दो साल की देरी रही. HAL ने अगस्त 2021 में 99 GE-404 इंजनों की खरीद 5,375 करोड़ रुपये में की थी, लेकिन अब तक सिर्फ दो इंजन ही मिले हैं. कंपनी ने वादा किया है कि अगले साल मार्च तक 10 और इंजन, और उसके बाद हर साल 20 इंजन सप्लाई करेगी. हथियार और रडार इंटीग्रेशन में आई तकनीकी दिक्कतें भी उत्पादन को प्रभावित कर रही हैं. एयरफोर्स का इंतजार लंबा IAF को अब तक तेजस के शुरुआती वर्जन मार्क-1 के 40 में से 38 विमान ही मिल पाए हैं, जिनका सौदा 2006 और 2010 में कुल 8,802 करोड़ रुपये में हुआ था. वहीं, फरवरी 2021 में किए गए 46,898 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट के तहत 83 तेजस मार्क-1ए में से अभी तक एक भी विमान वायुसेना को नहीं मिला है. इनकी आपूर्ति फरवरी 2024 से फरवरी 2028 के बीच पूरी होनी थी. पिछले महीने प्रधानमंत्री की अगुवाई वाली कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने तेजस के और 97 विमानों की खरीद 66,500 करोड़ रुपये में मंजूर की, जिससे कुल संख्या और बढ़ जाएगी. एयरफोर्स की चिंता वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने सार्वजनिक रूप से HAL की देरी पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा था कि IAF की संख्या पहले से ही बेहद कम है और लड़ाकू क्षमता बनाए रखने के लिए हर साल कम से कम 40 नए विमान शामिल करने की जरूरत है. फिलहाल IAF के पास 31 स्क्वॉड्रन हैं, लेकिन 26 सितंबर को सेवा में मौजूद 36 पुराने मिग-21 लड़ाकू विमानों के रिटायर होने के बाद यह संख्या घटकर 29 स्क्वॉड्रन रह जाएगी, जो अब तक का सबसे कम स्तर होगा.

किसानों के लिए बंपर खबर: सितंबर में बोएं ये फसलें, जल्दी तैयार और मुनाफा गारंटीड!

भोपाल  अच्छी फसल के लिहाज से सितम्बर महीना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह महीना ना ही ज्यादा गर्म होता है और ना ही ज्यादा ठंडा। यह मौसम रबी की फसलों के साथ-साथ सब्जी की फसलों के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है और उनका तेजी से विकास होता है। इन सब्जियों में शलगम, बैंगन, गाजर, मूली, चुकंदर, मटर, गोभी, ब्रोकली, पत्ता गोभी, सेम की फली और टमाटर शामिल हैं। अगर आप भी खेती के जरिए अच्छी कमाई के बारे में सोच रहे हैं तो इनमें से किसी भी सब्जी का खेती करके अच्छे पैसे कमा सकते हैं। बड़ी बात यह है कि इनमें से कुछ सब्जियां तो ऐसी हैं, जो दो महीने से भी कम समय में तैयार हो जाती है, जिन्हें बेच कर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। एक नजर डालते हैं इन सब्जियों पर।   टमाटर भारत ही नहीं पूरे बल्कि पूरी दुनिया में टमाटर की काफी डिमांड है। टमाटर की खेती के लिए सितंबर महीना उपयुक्त माना जाता है। टमाटर की खेती के लिए काली दोमट मिट्टी, रेतीली दोमट मिट्टी और लाल दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। अगर आप सितंबर में टमाटर की बुआई करते हैं तो इसकी फसल दिसंबर से जनवरी के बीच तैयार हो जाती है। गाजर सर्दी की शुरुआत होते-होते बाजार में गाजर की डिमांड बढ़ जाती है। गाजर की बुवाई अगस्त से लेकर नवंबर तक की जाती है। अच्छी बात यह है कि इसकी फसल दो महीने के अंदर ही तैयार हो जाती है, जिससे आप काफी मुनाफा कमा सकते हो। पूसा रुधिर, पूसा मेघाली और पूसा केसर गाजर की कुछ उन्नत किस्में हैं, जिन्हें आप इस समय बो सकते हैं। ब्रोकली सितंबर में ब्रोकली की खेती करने का सबसे अच्छा समय होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह ठंडे मौसम की फसल है। इस फसल की डिमांड शहरों में दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसकी कीमत 50 से 100 रुपये प्रति किलो के आसपास रहती है। ब्रोकली की फसल के लिए अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है। बैंगन सितंबर माह की प्रमुख फसलों में एक नाम बैंगन का भी है, जो कम खर्च में अच्छा मुनाफा देने वाली फसल है। बैंगन के लिए अच्छी तरह जुताई की गई, भुरभुरी और जल निकासी वाली मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है। यह फसल लगभग तीन महीने में तैयार हो जाती है। 

एम्स भोपाल में नया हृदय सर्जरी केंद्र, मरीजों के लिए तेज और बेहतर इलाज संभव

भोपाल  अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के हार्ट पेशेंट का इलाज पहले से आधुनिक और त्वरित होने वाला है। हृदय रोगियों, गर्भ में बच्चों का हृदय दोष और ऑपरेशन के लिए 6 एडवांस मशीनें आने वाली है। करीब 22 करोड़ रुपए की लागत से एम्स में एक नया कार्डियक सेटअप तैयार किया जाएगा। साथ ही हाई-टेक बाइप्लेन कार्डियक कैथलैब लगाई जाएगी। इस व्यवस्था से इलाज के लिए ज्यादा समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों का तत्काल इलाज मिल पाएगा। एम्स के उपसंचालक संदेश जैन ने नवभारत टाइम्स डॉट कॉम को बताया कि यह सुविधा कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत प्रारंभ की जाएगी। नवंबर से रोगियों को इस सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है। एम्स में आएगी ये 6 अत्याधुनिक मशीनें बाई प्लेन कार्डियक कैथलैब यह एक नई लैब है जो एक साथ दो अलग-अलग एंगल से एक्सरे वाली इमेज देती है। इस रिपोर्ट को देखकर डॉक्टर हार्ट और धमनियों का दो तरह का दृश्य देख सकता है। बच्चों में जन्मजात हृदय रोग जटिल ब्लॉकेज, वाल्व रिपेयर, ब्रेन स्ट्रोक जैसी बीमारियों के बारे में आसानी से जानकारी लग पाती है। होल्टर मशीन इस मशीन के द्वारा लगातार 24 से 48 घंटे तक हार्टबीट को रिकॉर्ड किया जाता है। इससे हार्ट की धड़कन में अनियमितता जैसी समस्याओं का पता चल जाता है। वर्तमान में इस जांच में मरीजों को दो महीने तक इंतजार करना पड़ता है। आधुनिक ट्रेडमिल एक्सरसाइज मशीन यह मशीन हार्ट और फेफड़ों की क्षमता की जांच करती है। जब किसी रोगी का हार्ट सर्जरी होती है तो उसकी रिकवरी का आकलन किया जाता है। अभी इस जांच के लिए करीब 3 से 4 महीने इंतजार करना पड़ता है। ट्रांस ईसोफेगल इकोकार्डियोग्राफी मशीन इस मशीन के द्वारा हृदय की 2D, 3D और 4D तस्वीर निकाल कर आती हैं। जन्मजात हृदय दोष, हार्ट वाल्व ऑपरेशन के लिए यह बेहद कारगर है। ऑप्टिकल कोहरेंस टोमोग्राफी इस तंत्र के द्वारा धमनियों का 3D दृश्य मिलता है। रक्त का प्रवाह को मापा जाता है। दवा देने के दौरान मरीज को इसका असर होगा या नहीं? इस जांच में आसानी होती है। इंट्रावैस्कुलर अल्ट्रासाउंड तंत्र इस तंत्र के द्वारा धमनियों के अंदर की बहुत ही हाई डेफिनेशन वाली फोटो मिल जाती है। इससे ब्लॉकेज का सही आकलन किया जा सकता है। इस मशीन के द्वारा डॉक्टर अनुमान लगाते हैं कि क्या स्टंट के द्वारा इलाज संभव है या दवा देने जरूरत है। मरीजों की लंबी कतार आपको बता दें कि वर्तमान में भोपाल एम्स में दो कैथलैब हैं। लेकिन यहां मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई बार हार्ट अटैक के पेशेंट को तुरंत इलाज नहीं मिल पाता। 22 करोड़ से मिलने वाली 6 मशीन से मरीज का इंतजार खत्म होगा।वर्तमान में एम्स भोपाल में हर दिन करीब 200 से 300 एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर जैसी इलाज होते हैं। मशीनों की कमी के चलते मरीजों को इको और कैथलैब प्रोसीजर के लिए ढाई से तीन माह तक इंतजार करना पड़ता है। नई कैथ लैब और मशीनों के जुड़ने से वेटिंग टाइम लगभग आधा रह जाएगा। इसके साथ ही हमीदिया में भी नई कैथलेब शुरू होने दिल के रोगियों को काफी मदद मिलेगी

08 सितंबर 2025 : बदलेगी इन राशियों की किस्मत, देखें दैनिक राशिफल

मेष: मेष राशि, उत्साह और अप्रत्याशित मोड़ से भरे दिन के लिए तैयार हो जाइए। आपकी एनर्जी हाई रहने वाली है। चाहे कुछ नया प्रयास करना हो या नया रास्ता अपनाना हो, आज का दिन बदलाव को अपनाने और नए अवसरों का स्वागत करने का है। वृषभ: आज के दिन सरप्राइज के लिए तैयार रहें। अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें। आप रिजल्ट्स से आश्चर्यचकित हो सकते हैं। आपका प्रेम जीवन समृद्ध रहेगा, जिससे आपको अपने साथी के साथ संवाद करने में आसानी होगी। मिथुन: आज के दिन आप उस संबंध को महसूस करेंगे, जो एक विशेष बॉन्ड बनाने के लिए आवश्यक है। सब कुछ भगवान की इच्छा के अनुसार होगा। बेहतर भविष्य के लिए क्रिएटिव योजनाएं बनाएं ताकि आप अपना ख्याल रख सकें।  कर्क: आज का दिन आपके जीवन में खुशियां और संतुष्टि लेकर आने वाला है। आपको अपने रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए किसी बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। करियर में आपकी प्रतिभा आपके काम आएगी। सिंह: आज आप आध्यात्मिक और प्रोफेशनल तौर पर विकास हासिल करने में भी सफल रहेंगे, जो महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ढेर सारे अवसर पाने के लिए आपको विनम्र और ईमानदार रहना चाहिए। कन्या: आज के दिन उन लोगों के प्रति आभारी रहें, जो बदले में कुछ भी उम्मीद किए बिना आपके मानसिक स्वास्थ्य की परवाह करते हैं। आश्चर्यजनक परिणाम देखने के लिए अच्छा काम जारी रखें। अपने साथी के साथ क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करें ताकि आप एक साथ गहरा कनेक्शन स्थापित कर सकें। तुला: आज के दिन आपकी वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। आप जो कुछ भी चाहते हैं उसे प्राप्त करना हमेशा संभव नहीं होता है, विशेषकर विलासिता की वस्तुएं। अंत में आप देखेंगे कि आप आसानी से सफल हो जाएंगे। वृश्चिक: स्थिति में सुधार के लिए आपको कुछ वित्तीय विचारों के साथ प्रयोग करने की आवश्यकता है। आपका परिवार यह सुनिश्चित करेगा कि आप नियमित रूप से अपनी परेशानियों को शेयर करके अच्छा महसूस करें।  धनु: आज के दिन भविष्य के बारे में सोचना आपके लिए फायदेमंद होगा। आपको इस समय बहुत त्याग करने की आवश्यकता है ताकि आप आगे एक अच्छा जीवन जी सकें। आपको अपने परिवार के बारे में भी प्लान करने की आवश्यकता है। मकर: आज के दिन छोटी बचत से शुरुआत करें और देखें कि आपका प्रदर्शन कैसा रहता है। आप अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं, तो आपको कमाई के अन्य स्रोतों के बारे में भी सोचना चाहिए। अपने रिश्ते को अगले लेवल पर ले जाने का अच्छा समय है। कुंभ: कुछ बड़ा हासिल करने के लिए आपको अपने निजी समय का त्याग करना होगा। आपके परिवार को इस संबंध में सहयोगी होना चाहिए ताकि यह एक टीम वर्क बन जाए। इसका मतलब यह नहीं है कि आपके पास पर्सनल टाइम नहीं होगा। मीन: आज के दिन आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा लेकिन आप बहुत ज्यादा पैसे नहीं बचा पाएंगे। नियमित रूप से पार्टनर से बातचीत करना जरूरी है। इससे आपको मानसिक शांति पाने और एक-दूसरे पर और भी अधिक भरोसा करने में मदद मिलेगी।

बारिश/बाढ़ के हालात पर बड़ा फैसला, पंजाब के इस जिले में स्कूल रहेंगे बंद

अमृतसर  अमृतसर जिले के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूल कल 8 सितंबर को बंद रहेंगे। डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने स्कूलों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधक कमेटियों को निर्देश दिया है कि वे स्वयं इमारतों का निरीक्षण करें और जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित रिपोर्ट भेजें। इमारतें सुरक्षित पाई जाने पर 9 सितंबर से स्कूल खोल दिए जाएंगे। हालांकि, बाढ़ प्रभावित इलाकों रमदास, अजनाला और लोपोके के स्कूल अगली सूचना तक बंद रहेंगे। इन इलाकों की इमारतों के साथ-साथ स्कूलों तक जाने वाली सड़क का भी निरीक्षण करना होगा। रिपोर्ट मिलने के बाद ही अगला फैसला लिया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के जो बच्चे अस्थायी रूप से दूसरे इलाकों में रह रहे हैं, वे पास के स्कूलों में दाखिला ले सकते हैं। इस संबंध में स्कूलों को आदेश भेज दिए गए हैं ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि ज्यादातर स्कूल सुरक्षित हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर इन्हें पूरी तरह से सफाई, सैनिटाइजेशन और सुरक्षा निरीक्षण के बाद ही खोला जाएगा। जिले के और स्कूल 9 सितंबर से खुलेंगे, लेकिन अजनाला-1, अजनाला-2, चोगावां-1 और चोगावां-2 ब्लॉक के स्कूल अभी बंद रहेंगे। स्कूलों को यह प्रमाण पत्र जारी करना अनिवार्य होगा कि इमारत सुरक्षित है और परिसर में कोई खतरा नहीं है। माध्यमिक, उच्च और मिडल स्कूलों को यह प्रमाण पत्र ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को और प्राथमिक स्कूलों द्वारा ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी को भेजना होगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना प्रमाण पत्र के किसी भी स्कूल को खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी और अगर कोई समस्या आती है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रशासक की होगी। प्रशासन बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।  

यात्री राहत के लिए वैष्णो देवी ट्रेन बहाल, पर रिजर्वेशन सिस्टम ने बढ़ाई परेशानी

जबलपुर रेलवे ने निरस्त की गई जबलपुर-श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा साप्ताहिक एक्सप्रेस (11449-50) को बहाल कर राहत देने की घोषणा की है। लेकिन यात्रियों को झटका तब लग रहा है जब इस ट्रेन में वापसी की टिकट बुक नहीं हो रही है। एक छोर से सीटों की बुकिंग होने और दूसरे छोर से रेल आरक्षण खिड़की पर ट्रेन निरस्त बताने से यात्री असमंजस में है। पश्चिम मध्य रेल की यह ट्रेन जबलपुर-कटरा के मध्य सीधी एकमात्र रेलसेवा है। यह ट्रेन कटरा के साथ ही जम्मू, पंजाब एवं हरियाणा के कुछ प्रमुख शहरों को भी सीधा जोड़ती है। रेलवे के अचानक ट्रेन को दो सितंबर से एक अक्टूबर के बीच निरस्त किए जाने से कई यात्री संकट में फंस गए थे। जिन्होंने ट्रेन के 10 सितंबर से पुन: बहाल किए जाने पर राहत की सांस ली। लेकिन अब कटरा से जबलपुर के लिए टिकट बुक नहीं होने से यात्री भ्रमित हैं। पांच फेरे निरस्त, किए एक फेरे के बाद ही बदला आदेश जबलपुर-एसवीडीके-जबलपुर एक्सप्रेस (11449-50) पंजाब में वर्षा से जम्मू रेल मंडल के कठुआ-माधोपुर पंजाब रेलखंड की डाउन लाइन पर यातायात प्रभावित था। जिसके कारण जबलपुर-एसवीडीके एक्सप्रेस के पांच फेरे निरस्त कर दिए गए थे। लेकिन एक फेरा निरस्त करने के बाद ही अगले फेरे से ट्रेन को बहाल करने का निर्णय किया गया। जिसके बाद गुरुवार को पश्चिम मध्य रेलवे ने जबलपुर-एसवीडीके ट्रेन को नौ सितंबर एवं एसवीडीके-जबलपुर ट्रेन को 10 सितंबर से पुन: नियमित संचालित करने का निर्देश जारी किया। तुरंत आरंभ कर दी सीटों की बुकिंग पश्चिम मध्य रेल ने चार सितंबर को ट्रेन बहाली का आदेश दिया जारी किया। जिसके बाद पूर्व में निरस्त की गई नौ, 23 एवं 30 सितंबर की जबलपुर-एसवीडीके ट्रेन के लिए सीटों का आरक्षण शुरू हो गया। इस ट्रेन की मांग इतनी अधिक है कि ट्रेन बहाली के साथ ही संबंधित तिथियों पर दो दिन में ही ट्रेन की स्लीपर श्रेणी की सीटें फुल हो गई। पश्चिम मध्य रेल प्रशासन के अनुसार उत्तर रेलवे को ट्रेन बहाली की सूचना दे दी गई है। उत्तर रेलवे ने अपडेट नहीं किया सिस्टम रेलवे बोर्ड से प्राप्त निर्देश के बाद पश्चिम मध्य रेल ने जबलपुर-एसवीडीके के मध्य संचालित ट्रेन क्रमांक 11449-50 को बहाल किया। जिसकी सूचना से तुरंत उत्तर प्रदेश को भी अवगत करा दिया गया। इस ट्रेन के मार्ग पर स्थित पंजाब एवं जम्मू के स्टेशन उत्तर रेलवे के अंतर्गत आते है। लेकिन उत्तर रेलवे ने अभी तक अपने रिजर्वेशन सिस्टम को अपडेट नहीं किया है। जिसके कारण कटरा-जबलपुर के बीच सीटों का आरक्षण शुरू नहीं हो सकता है।

ट्रंप दक्षिण कोरिया पहुंचेंगे, जिनपिंग और किम से बातचीत की संभावना

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके शीर्ष सलाहकार एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) व्यापार मंत्रियों की बैठक के लिए अक्टूबर में दक्षिण कोरिया की यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात संभव है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी सरकार की टैरिफ नीतियों को लेकर दुनियाभर के देश चिंता में हैं। वहीं, इसका वैश्विक व्यापार पर भी असर देखा जा रहा है। अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि एपेक के दौरान द्विपक्षीय बैठक के बारे में गंभीर चर्चा हुई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस योजना नहीं बनी है। अक्टूबर के अंत और नवंबर की शुरुआत में ग्योंगजू शहर में होने वाले इस शिखर सम्मेलन को ट्रंप के लिए राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने का एक अहम अवसर माना जा रहा है। पिछले महीने एक फोन कॉल में जिनपिंग ने ट्रंप और उनकी पत्नी को चीन आने का निमंत्रण दिया था। इस निमंत्रण का अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी स्वागत किया था, हालांकि अभी तक तारीख तय नहीं हुई है। अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप प्रशासन इसे अमेरिका में अधिक आर्थिक निवेश हासिल करने के अवसर के रूप में भी देख रहा है। ट्रंप की सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात की यात्राओं सहित हालिया विदेश यात्राओं का मुख्य केंद्र यही रहा है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने सीएनएन को बताया, "दक्षिण कोरिया की यात्रा पर चर्चा हो रही है। यह यात्रा आर्थिक सहयोग पर केंद्रित होगी।" अधिकारी ने बताया कि अन्य लक्ष्यों में व्यापार, रक्षा और असैन्य परमाणु सहयोग पर चर्चा पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है। इस क्षेत्र में ट्रंप की मौजूदगी उन्हें उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ एक बार फिर बातचीत करने की स्थिति में ला सकती है, हालांकि किम इसमें शामिल होंगे या नहीं, यह अभी भी सवाल है। अधिकारियों का कहना है कि शी जिनपिंग के साथ संभावित बैठक के आयोजन पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने पिछले हफ्ते ट्रंप के साथ बैठक के दौरान उन्हें एपेक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। इस दौरान उन्होंने सुझाव दिया था कि यह आयोजन ट्रंप को किम से मिलने का अवसर प्रदान कर सकता है। शनिवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह किम से मिलने के इच्छुक हैं। उत्तर कोरियाई नेता के बारे में ट्रंप ने दावा किया, "मैं ऐसा करूंगा और हम बातचीत करेंगे। वह मुझसे मिलना चाहेंगे। हम उनसे मिलने के लिए उत्सुक हैं और हम संबंधों को बेहतर बनाएंगे।" अमेरिकी राष्ट्रपति की दक्षिण कोरिया की अपेक्षित यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब शी जिनपिंग और किम दोनों के साथ उनके संबंध तनावपूर्ण हैं। शी जिनपिंग ने इस हफ्ते बीजिंग में किम, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी की थी। जिनपिंग के साथ संभावित बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब वाशिंगटन और बीजिंग ट्रंप के टैरिफ को लेकर आमने-सामने हैं। अमेरिका और चीन के अधिकारी एक व्यापार समझौते पर कई वार्ताओं में शामिल रहे हैं, जिसमें यूरोप में दोनों देशों के शीर्ष आर्थिक सलाहकारों के साथ दो आमने-सामने की बैठकें भी शामिल हैं। ट्रंप ने अप्रैल में चीन के आयात पर 145 प्रतिशत टैरिफ लगाया था और चीन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी वस्तुओं पर 125 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया था। टैरिफ पिछले महीने लागू होने वाले थे। लेकिन, ट्रंप ने कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करके नवंबर तक बढ़ी हुई टैरिफ पर रोक लगा दी।