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गेरसा बांध टूटने से किसानों की चिंता बढ़ी, 30 एकड़ में फैली फसलें खतरे में

सरगुजा छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के बाद नदियों नालों का जलस्तर बढ़ गया है. सरगुजा के लुंड्रा विकासखंड के ग्राम पंचायत गेरसा में आज सुबह अचानक तेज बहाव के और अधिक जलस्तर के चलते गेरसा बांध टूट गया है, जिससे क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल है. बांध के टूटने से नीचे की ओर लगभग 30 एकड़ फसल पानी में डूबकर खराब होने की आशंका जताई जा रही है. सूचना मिलते ही कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया. जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजे जब चरवाहे अपने मवेशी चराने जंगल की ओर जा रहे थे, तभी उन्हें पानी की तेज आवाज सुनाई दी. मौके पर पहुंचने पर पता चला कि बांध के एक साइड गेट के पास सुराख बन गया था, जो धीरे-धीरे बढ़ते-बढ़ते लगभग 3 मीटर चौड़ा हो गया और बांध का हिस्सा टूट गया. अचानक पानी फैल जाने से किसान और ग्रामीण परेशान हैं. मौके पर पहुंची प्रशासन और एरिगेशन विभाग की टीम घटना की जानकारी मिलते ही एरिगेशन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन पानी की अधिकता के चलते कोई ठोस बचाव कार्य शुरू नहीं हो पाया है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मिट्टी का कटाव जारी रहा तो पूरा बांध क्षतिग्रस्त हो सकता है. अधिकारियों ने बताया कि पानी का स्तर कम होने के बाद ही बांध को दोबारा बांधने या मरम्मत का कार्य किया जा सकेगा. कब बना था गेरसा बांध? गेरसा जलाशय बांध का निर्माण 1991-92 में किया गया था. तीन दशक पुराने इस बांध की मजबूती पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन अब टूटने से बड़ी समस्या सामने आ गई है. बांध के टूटने से ग्रामीणों की फसलों पर भी खतरा मंडरा रहा है.

पैसे नहीं, समय से करें लेन-देन! कानपुर का नया टाइम बैंक और इसके फायदे

कानपुर  जब भी बैंक का नाम आता है, हमारे मन में पैसों के लेन-देन की तस्वीर उभरती है. लेकिन कानपुर शहर में पहली बार ऐसा बैंक खुला है, जहां रुपये-पैसे का कोई काम नहीं होगा. यहां हर सदस्य अपने खाते में समय जमा करेगा और जरूरत पड़ने पर समय ही निकाल सकेगा. इस अनोखे प्रयोग का नाम है- टाइम बैंक. इस बैंक की खासियत यह है कि इसमें सदस्य अपनी सेवाओं के बदले घंटे जमा करते हैं. उदाहरण के तौर पर अगर कोई सदस्य किसी बुजुर्ग की सेवा में दो घंटे लगाता है, तो उसके खाते में उतने घंटे दर्ज हो जाते हैं. बाद में जब उसे खुद किसी काम में मदद चाहिए होगी, तो वह उन्हीं घंटों को अपने खाते से निकाल सकता है. जानकारी के अनुसार, टाइम बैंक की शुरुआत सबसे पहले जापान में हुई थी. वहां बुजुर्गों की देखभाल के लिए परिवारजन समय नहीं निकाल पाते थे, तो समाज के लोगों ने मिलकर यह व्यवस्था बनाई. धीरे-धीरे यह मॉडल कई देशों में फैल गया. आज भारत में भी सात हजार से अधिक लोग टाइम बैंक से जुड़े हुए हैं और अब कानपुर भी इस पहल का हिस्सा बन गया है. कानपुर के महेश कुमार, जो इस प्रयोग के सक्रिय सदस्य हैं, बताते हैं कि यह बिल्कुल सेविंग अकाउंट की तरह है. फर्क सिर्फ इतना है कि इसमें रुपये की जगह घंटे जमा होते हैं. विदेशों में तो सरकारें टाइम बैंक को समर्थन भी देती हैं और सदस्यों को सेवा कार्यों के लिए निर्देशित करती हैं. कानपुर में फिलहाल इसे समाजिक पहल के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है. करवानी पड़ेगी रजिस्ट्रेशन महेश कुमार बताते है कि इस सेवा की प्रक्रिया वेबसाइट और ऐप से शुरू होती है. सबसे पहले अपने रजिस्ट्रेशन कराना होता है और ई-केवाईसी होती है. इसके बाद आप एक दूसरे की सेवा या समय ले सकते है. उदाहरण के तौर पर अगर कोई अस्पताल में भर्ती है और उसको दो घंटे या इससे ज्यादा भी सेवा करने के लिए किसी की आवश्यकता है तो वह अपनी डिमांड भेज सकता है. जो इस सेवा के लिए राजी हो जाएगा उसको सेवा करनी होगी. सेवा खत्म होने के बाद जितने घंटे सेवा की उतने उसके खाते में जुड़ जाएंगे जिसका इस्तेमाल वो अपनी सेवा के लिए कभी भी कर सकता है. यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क है. कानपुर में करीब 25 लोगों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है. अब जैसे ही एडमिन की नियुक्ति होगी वैसे ही यहां भी सेवा शुरू हो जाएगी. बैंककर्मी और डॉक्टर भी जुड़े कई रिटायर्ड बैंककर्मी और डॉक्टर भी इस बैंक से जुड़ चुके हैं. उनका कहना है कि यह पहल सेवानिवृत्त लोगों और अकेलेपन से जूझ रहे बुजुर्गों के लिए संजीवनी साबित हो सकती है. इससे न केवल मदद मिलती है, बल्कि समाज में आपसी जुड़ाव और सेवा की भावना भी मजबूत होती है. सदस्य बनने के लिए पंजीकरण कराना जरूरी है, जिसमें आधार, पैन या अन्य पहचान पत्र देना होता है. इसके बाद सदस्य का खाता खोला जाता है और उसमें समय दर्ज होने लगता है. खास बात यह है कि यहां हर व्यक्ति के समय की बराबर कीमत है. कानपुर का टाइम बैंक अब धीरे-धीरे और लोगों को जोड़ने की तैयारी में है. इसका उद्देश्य सिर्फ सेवा देना ही नहीं, बल्कि समाज में यह संदेश फैलाना है कि असली दौलत समय है और हर व्यक्ति का समय समान रूप से मूल्यवान है.  

चैतन्य बघेल केस अपडेट: न्यायिक हिरासत में बढ़ोतरी, अगली सुनवाई 15 सितंबर तक

रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। आज राजधानी रायपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चैतन्य की पेशी हुई, जिसके बाद उन्हें अब 15 सितंबर तक के लिए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि 15 सितंबर को ED इस मामले में चालान दाखिल कर सकती है। ED ने चैतन्य बघेल को जन्मदिन के दिन किया था गिरफ्तार 21 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रायपुर जोनल कार्यालय की ओर से प्रेस नोट में दी गई जानकारी के अनुसार, ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई। चैतन्य को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये नगद मिले ईडी की जांच से पता चला है कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपये की पीओसी प्राप्त हुई थी। उन्होंने उक्त पीओसी को मिलाने के लिए अपनी रियल एस्टेट फर्मों का इस्तेमाल किया था। यह पता चला है कि उन्होंने पीओसी की उक्त नकद राशि का उपयोग अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के विकास में किया था। पीओसी का उपयोग उनके प्रोजेक्ट के ठेकेदार को नकद भुगतान, नकदी के खिलाफ बैंक प्रविष्टियों आदि के माध्यम से किया गया था। उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ भी मिलीभगत की और अपनी कंपनियों का उपयोग एक योजना तैयार करने के लिए किया जिसके अनुसार उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर अपने “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैटों की खरीद की आड़ में अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए। बैंकिंग ट्रेल है जो इंगित करता है कि लेन-देन की प्रासंगिक अवधि के दौरान, त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने अपने बैंक खातों में शराब सिंडिकेट से भुगतान प्राप्त किया। 1000 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का संचालन इसके अलावा, उन पर शराब घोटाले से उत्पन्न 1000 करोड़ रुपये से अधिक के पीओसी (POC) को संभालने का भी आरोप है। वह छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष को पीओसी हस्तांतरित करने के लिए अनवर ढेबर और अन्य के साथ समन्वय करते थे। ईडी द्वारा की गई जांच से पता चला है कि इस शराब घोटाले से प्राप्त धनराशि को आगे निवेश के लिए बघेल परिवार के प्रमुख सहयोगियों को भी सौंप दिया गया था। इस धनराशि के अंतिम उपयोग की आगे जांच की जा रही है। पहले से गिरफ्त में हैं कई बड़े चेहरे ईडी ने इससे पहले पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, ITS अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक कवासी लखमा को इस मामले में गिरफ्तार किया था। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है। ED की कार्रवाई के खिलाफ चैतन्य ने HC में लगाई याचिका गौरतलब है कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में ED द्वारा उनकी गिरफ्तारी और हिरासत की कार्रवाई को चुनौती देते हुए याचिका लगाई थी। याचिका में चैतन्य ने कहा था कि उनकी हिरासत गैरकानूनी है और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए उन्हें पहले हाई कोर्ट जाने की सलाह दी थी। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर हाई कोर्ट में ED की कार्रवाई के खिलाफ याचिका लगाई, जिस पर 12 अगस्त को हाई कोर्ट ने सुनवाई की और ईडी को नोटिस जारी कर 26 अगस्त तक जवाब मांगा है। जेल अधीक्षक को भी दिए निर्देश चैतन्य बघेल के वकील ने कोर्ट में बताया कि चैतन्य को जेल में पीने के लिए साफ पानी तक नहीं मिल रहा। जिस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी।

GST सुधारों से मिलेगा लाभ! हरियाणा CM सैनी बोले- महंगाई पर लगेगी लगाम

हरियाणा  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में लिए गए निर्णय आम जनता, किसानों, उद्योग और मध्यम वर्ग के लिए ऐतिहासिक साबित होंगे। उन्होंने बताया कि अब केवल दो मानक जीएसटी दरें (5 और 18 प्रतिशत) रहेंगी। रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान, खाद्य पदार्थ, दवाइयां, कृषि और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों पर टैक्स कम किया गया है। वे शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थ। उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल ने सीमेंट, ट्रैक्टर और कारों पर भी दरें घटाई गई हैं। वहीं हानिकारक वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाकर 40 प्रतिशत किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सुधारों से महंगाई कम होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।   दो स्लैब में सिमटा जीएसटी जीएसटी काउंसिल ने कर ढांचे को सरल बनाते हुए 12 और 28 प्रतिशत की दरें खत्म कर दी हैं। अब केवल 5 और 18 प्रतिशत की मानक दरें लागू होंगी। अहितकारी वस्तुओं जैसे तंबाकू, सिगरेट, पान मसाला और कैफीनयुक्त पेय पदार्थों पर 40 प्रतिशत टैक्स लगाया गया है। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि इससे कर प्रणाली सरल होगी और मुकदमेबाजी कम होगी। रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती काउंसिल ने आम आदमी द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं पर टैक्स दरें कम की हैं। कुछ उत्पादों पर जीएसटी पूरी तरह हटा दिया गया है। कपड़ा और उर्वरक पर ड्यूटी समाप्त कर दी गई है। पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाकर तीन दिन में स्वत: पंजीकरण की सुविधा दी गई है। साथ ही प्रोविजनल रिफंड भी समय पर मिलेगा। बैठक में पैकेट दूध और पनीर पर जीएसटी हटा दिया गया है। घी, मक्खन और सूखे मेवों पर दर 12 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। रोटी और परांठे पर भी टैक्स पूरी तरह माफ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन फैसलों से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेंगे। किसानों को बड़ी राहत कृषि प्रधान हरियाणा के लिए काउंसिल के फैसले अहम रहे। सिंचाई और जुताई उपकरणों पर टैक्स 12 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। उर्वरक इनपुट्स पर भी 5 प्रतिशत जीएसटी लागू होगा। 1800 सीसी तक की क्षमता वाले ट्रैक्टर पर दर 12 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है जबकि इससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर पर 28 से घटाकर 18 प्रतिशत। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे किसानों की लागत घटेगी और कृषि का आधुनिकीकरण होगा। नवीकरणीय ऊर्जा और वस्त्र उद्योग को फायदा सौर और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों पर टैक्स 12 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। वस्त्र उद्योग में धागे और कपड़े जैसे इनपुट पर टैक्स 12 से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है। सिलाई मशीन पर भी टैक्स 18 से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है। सैनी ने कहा कि इन फैसलों से उत्पादन लागत घटेगी और रोजगार बढ़ेंगे। स्वास्थ्य सेवाओं पर राहत जीवन रक्षक दवाओं पर जीएसटी पूरी तरह हटा दिया गया है। डायग्नोस्टिक किट पर 5 प्रतिशत और स्वास्थ्य व जीवन बीमा पर जीएसटी शून्य कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे इलाज की लागत कम होगी और गरीब व मध्यम वर्ग को सीधी राहत मिलेगी। वाहन और मकान बनेंगे सस्ते काउंसिल ने मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए छोटी कारों (पेट्रोल 1200 सीसी और डीजल 1500 सीसी तक) पर जीएसटी 28 से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। 350 सीसी से अधिक बाइक पर भी दर 18 प्रतिशत कर दी गई है। सीमेंट पर टैक्स 28 से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है। इससे मकान और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण की लागत कम होगी। हरियाणा में बढ़ा कर संग्रह मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा का शुद्ध जीएसटी संग्रह 2018-19 में 18,910 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 39,743 करोड़ रुपये हो गया है। राज्य अब देश में जीएसटी संग्रह करने वाले शीर्ष पांच राज्यों में शामिल है। वित्त वर्ष 2025-26 में यह संग्रह 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जीएसटी सुधार ‘वन नेशन, वन टैक्स, वन मार्केट’ की परिकल्पना को साकार कर रहे हैं। इन फैसलों से महंगाई पर नियंत्रण होगा, आमजन की बचत बढ़ेगी और आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य और मजबूत होगा।

तिहाड़ जेल में सुरक्षा पर चर्चा, ब्रिटिश एजेंसी ने किया भगोड़ों को लाने का प्लान

नई दिल्ली भारत से भागे आर्थिक अपराधियों और फरारों को वापस लाने की कोशिशों को तेज करते हुए ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) की टीम ने हाल ही में तिहाड़ जेल का दौरा किया. जानकारी के मुताबिक, यह दौरा जुलाई में हुआ था, जिसमें ब्रिटेन से आए पांच मेंबर्स शामिल थे.इस दौरे का मकसद ब्रिटेन की अदालतों को यह दिखाना था कि भारत में प्रत्यर्पित किए गए आरोपियों को तिहाड़ जेल में सुरक्षित और बेहतर माहौल मिलेगा. दरअसल, हाल ही में ब्रिटेन की अदालतों ने तिहाड़ की स्थिति को लेकर कई मामलों में भारत की प्रत्यर्पण याचिकाएं खारिज कर दी थीं. इसी वजह से भारत सरकार ने ब्रिटेन को आश्वासन दिया कि किसी भी आरोपी के साथ जेल में न तो मारपीट होगी और न ही गैरकानूनी पूछताछ की जाएगी. जेल की सुविधाओं का निरीक्षण CPS की टीम ने तिहाड़ की हाई-सिक्योरिटी वार्ड का निरीक्षण किया और वहां मौजूद कैदियों से बातचीत भी की. अधिकारियों ने टीम को भरोसा दिलाया कि अगर जरूरत पड़ी तो जेल परिसर में एक खास "एन्क्लेव" बनाया जाएगा, जहां विजय माल्या, नीरव मोदी जैसे हाई-प्रोफाइल आरोपी सुरक्षित रह सकें. प्रत्यर्पण मामलों में अहम कदम भारत के अभी तक 178 प्रत्यर्पण अनुरोध विदेशों में लंबित हैं, जिनमें से करीब 20 अकेले ब्रिटेन में फंसे हैं. इनमें विजय माल्या, नीरव मोदी, हथियार कारोबारी संजय भंडारी और कई खालिस्तानी नेताओं के नाम शामिल हैं. भारत सरकार इन मामलों को लेकर लगातार ब्रिटेन के साथ कोऑर्डिनेशन में है. भारत ने दिया भरोसा इस पूरे प्रोसेस का मुख्य उद्देश्य ब्रिटेन की अदालतों को यह विश्वास दिलाना है कि भारत प्रत्यर्पित आरोपियों को मानवाधिकारों के अनुरूप सुविधाएं देगा. सरकार ने साफ कहा है कि जेल में कैदियों के साथ किसी तरह का गैरकानूनी व्यवहार नहीं किया जाएगा. विजय माल्या और नीरव मोदी पर क्या हैं आरोप? विजय माल्या और नीरव मोदी पर भारत में धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक साजिश के आरोप हैं. दोनों बैंक लोन डिफॉल्ट मामलों से जुड़े हैं और आरोप सामने आने से पहले ही ब्रिटेन भाग गए. भारतीय अदालतों ने इन्हें "फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स" घोषित किया. विजय माल्या का मामला किंगफिशर एयरलाइंस के पतन से जुड़ा है, जिसने भारतीय बैंकों से लिए लगभग 9,000 करोड़ रुपये का लोन नहीं चुकाया. जांच में आरोप लगे कि उन्होंने लोन की रकम दूसरी जगह खर्च की और वसूले गए सर्विस टैक्स का भी भुगतान नहीं किया. 2020 में ब्रिटेन की अदालत ने उनके प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी, लेकिन वह अब तक एक गोपनीय कानूनी प्रक्रिया के चलते भारत नहीं लाए जा सके हैं. नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले का मुख्य आरोपी है, जिसमें फर्जी LoU के ज़रिए लगभग 14,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. 2019 में लंदन में गिरफ्तारी के बाद 2021 में ब्रिटेन की अदालत ने उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी. हालांकि उसकी अपीलें लगातार खारिज होती रही हैं और मई 2024 तक वह ब्रिटेन की जेल में ही बंद है.

250 बसों से शुरू हुई ग्रामीण जनता सेवा, योगी ने कम किया किराया 20 प्रतिशत

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं का शुभारंभ और डिजिटल लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान सीएम योगी ने ग्रामीण जनता सेवा का तोहफा दिया। इसके तहत यूपी के गांवों में 250 बसें संचालित की जाएंगी। प्रत्येक डिपो की 10% फ्लीट जनता सेवा की होगी। ये बसें 75-80 किमी दूरी के दायरे में आने वाले गांवों तक चलेंगी। इसका किराया 20 प्रतिशत तक कम होगा। ग्रामीणों को सस्ती यात्रा सुविधा देने के लिए ग्रामीण जनवा सेवा बसों की शुरुआत की गई है। इसमें सफर करने के लिए किराया भी कम लगेगा। यूपी रोडवेज की अन्य बसों में अभी 1.30 रुपये प्रति किलोमीटर के अनुसार किराया तय किया जारा है। वहीं, अब शुरू हुईं ग्रामीण जनता सेवा बसों में 1.04 रुपये प्रति किलोमीटर के अनुसार किराया तय होगा। इसके अलावा सीएम योगी ने आरटीओ कार्यालय से जुड़े 48 कामों के आवेदन के लिए डेढ़ लाख जन सुविधा केंद्रों की भी घोषणा की है। उन्होंने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि परिवहन विभाग प्रदेश के पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सबसे बड़ा माध्यम है और इसे विकसित भारत की परिकल्पना का सारथी बनना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के पास देश में सबसे बड़ा बेड़ा है। इतनी बड़ी संख्या में सेवाएं देना अपने आप में एक उपलब्धि है, लेकिन इसके साथ ही चुनौतियां भी कम नहीं हैं। उन्होंने रक्षाबंधन पर बहनों को तीन दिनों तक मुफ्त बस यात्रा उपलब्ध कराने की पहल को सराहनीय बताया और कहा कि विभाग भविष्य में इस तरह की सेवाओं का प्रचार-प्रसार और प्रभावी तरीके से करे। सीएम योगी ने चालकों के लिए घोषणा करते हुए निर्देश दिए कि बस चालकों का नियमित मेडिकल और फिजिकल फिटनेस टेस्ट हर तीन महीने में अनिवार्य रूप से कराया जाए। विशेष रूप से आंखों की जांच जरूरी है ताकि दृष्टि दोष के कारण दुर्घटनाएं न हों। उन्होंने कहा कि सड़क पर अंदाजे से गाड़ी चलाने की छूट नहीं दी जा सकती। सीएम योगी ने हेलमेट, सीट बेल्ट, नशे में ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग जैसी स्थितियों पर कड़े नियम लागू करने और मीडिया—डिजिटल, प्रिंट, सोशल व विजुअल—के माध्यम से प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर जोर दिया। आधुनिक बस स्टेशन, इलेक्ट्रिक बसें और स्क्रैपिंग नीति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवहन विभाग को समय की मांग के अनुसार अपनी सेवाओं को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाना होगा। बस स्टेशन विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस हों, बसें सड़कों पर अव्यवस्थित खड़ी न रहें और यात्रियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित माहौल मिले—इसके लिए ठोस प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बस सेवा से पर्यावरण संरक्षण के साथ बेहतर यात्रा अनुभव भी संभव है। चार्जिंग स्टेशनों के लिए निजी क्षेत्र को जोड़ा जा सकता है। साथ ही, पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग को बढ़ावा देना होगा ताकि प्रदूषण और सड़क हादसों का खतरा कम हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स को और सुदृढ़ किया जाए और विभाग जवाबदेही के साथ काम करे। प्रयागराज महाकुंभ जैसे आयोजनों में भी परिवहन विभाग ने लाखों यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुँचाकर अपनी क्षमता साबित की है। अब जरूरत है कि शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म प्लानिंग के जरिए विभाग प्रदेश के विकास का सारथी बने। इस अवसर पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक जय देवी, अमरेश कुमार, ओपी श्रीवास्तव, योगेश शुक्ल, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा, प्रमुख सचिव (परिवहन) अमित गुप्ता, परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह, परिवहन निगम के एमडी मासूम अली सरवर आदि मौजूद रहे।  

RPF, CIB और फ्लाइंग टीम का सराहनीय प्रयास, रांची में पकड़ा गया पॉकेटमार

रांची झारखंड के रांची रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ, सीआईबी एवं फ्लाइंग टीम ने एक व्यक्ति को पॉकेटमारी करते हुए रंगेहाथ दबोचा है. वहीं इसको लेकर जीआरपी थाना रांची में प्राथमिकी दर्ज की गई है. कमांडेंट पवन कुमार के निर्देशानुसार रांची रेलवे स्टेशन पर विशेष निगरानी के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-01 पर एक व्यक्ति को जेब काटते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया. तलाशी में उसके पास से 350 रुपये बरामद हुए. पूछताछ में उसने अपना नाम फै़सल अंसारी,पिता मोख़्तार अंसारी,निवासी मजार गली,कर्बला चौक,थाना लोअर बाजार,रांची बताया और अपना अपराध स्वीकार किया. इसी बीच यात्री सुरेश महतो,उम्र 64 वर्ष,निवासी जलीम,जिला लातेहार ने शिकायत दर्ज कराई कि ट्रेन में चढ़ते समय उनकी जेब से 350 रुपये चोरी हुए हैं. बरामद पैसे को उन्होंने अपना बताया.ASIअनिल कुमार ने मौके पर ही बरामद रुपये जब्त कर आवश्यक कार्यवाही करते हुए आरोपी को जीआरपी रांची के हवाले कर दिया. इस संबंध में जीआरपी थाना रांची में प्राथमिकी दर्ज की गई है. कार्रवाई में शामिल अधिकारी/स्टाफ: एएसआई अनिल कुमार,कांस्टेबल प्रदीप,कांस्टेबल पी. कुल्लू (आरपीएफ पोस्ट रांची) हेड कांस्टेबल संजय कुशवाहा,कांस्टेबल सी.के. सिंह(सीआईबीरांची).

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने प्रभु श्रीहरि विष्णु और श्री गजानन गणेश से मध्यप्रदेश में चहुंओर विकास और खुशहाली का आशीर्वाद देने की प्रार्थना की है।  

पैरोल पर शादी का विवाद, बाहुबली नेता डीपी यादव के बेटे विकास यादव ने रचाई हर्षिका यादव से शादी

गाजियाबाद नीतीश कटारा मर्डर केस में पिछले 23 सालों से जेल में बंद और उम्र कैद की सजा काट रहे विकास यादव की शादी हो गई. कार्ड पर शादी की जगह चीनी मिल कम्पाउंड, मानपुर नगरिया, न्यौली, कासगंज लिखा था. लेकिन शादी डीपी यादव के राजनगर, गाजियाबाद में मौजूद आवास पर वैदिक रीति-रिवाजों के साथ  बड़े सादा अंदाज में हुई. इस साल अप्रैल से ही विकास यादव जमानत पर बाहर है. हालाकि ये अंतरिम जमानत विकास को शादी के लिए नही बल्कि अप्रैल में इसलिए मिली थी ताकि वो अपनी बीमार मां की देखभाल कर सके. इसी बीच विकास यादव के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में शादी का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की मियाद बढ़ाने की गुजारिश की थी. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने विकास यादव की अंतरिम जमानत एक हफ्ते के लिए और बढा दी. इससे विकास यादव की शादी का रास्ता साफ हो गया था और अब वो 9 सितंबर तक अंतरिम जमानत पर आजाद है. सगाई, शादी और विवाद! हालांकि 2002 में जिस नीतीश कटारा मर्डर केस में विकास यादव को उम्र कैद की सजा मिली उन नीतीश कटारा की मां नीलम कटारा के वकील ने विकास यादव की अंतरिम जमानत बढ़ाए जाने का ये कहकर विरोध किया कि विकास यादव की शादी पहले ही हो चुकी है. इस सिलसिल में कोर्ट के सामने दो तस्वीरें पेश की गईं. नीलम कटारा के वकील का दावा था कि विकास यादव की शादी 5 जुलाई को ही हो चुकी है. उन तस्वीरों के कोर्ट में पेश किए जाने के बाद विकास यादव के वकील ने दावा किया कि ये तस्वीरें शादी की नहीं बल्कि सगाई की हैं. असल में उस तस्वीर में ऐसी कई चीजें हैं, जिसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि ये तस्वीर सचमुच सगाई की है या विकास यादव की शादी पहले ही हो चुकी है. अगर सिलसिलेवार उस तस्वीर को देखें तो उसमें कई चीजें ऐसी हैं जो अमूमन पश्चिमी यूपी के इस इलाके में सगाई के दौरान देखने को नहीं मिलती. सबसे पहले तो तस्वीर में विकास यादव और उसकी होने वाली दुल्हन या हो चुकी दुल्हन हर्षिका के आगे हवन कुंड रखा हुआ है. हवन कुंड में बाकायदा अग्नि जल रही है. शादी में इसी अग्नि को साक्षी मानकर फेरे लेने की रस्म पूरी की जाती है. विकास और हर्षिका ने जो कपड़े पहने है वो शादी का ही जोड़ा है. सगाई में इस तरह के कपड़े अमूमन नहीं पहने जाते. दुल्हन ने गुलाबी रंग का जोड़ा पहना है. जिसपर लाल रंग का दुपट्टा है. दूल्हे ने सफेद रंग की शेरवानी पर गुलाबी रंग का फेटा पहना है. दुल्हन का दुपट्टा और दूल्हे का फेटा आपस में बंधा हुआ है. अमूमन ऐसा फेरे के वक्त ही किया जाता है. क्योंकि इस गांठ को गठबंधन कहा जाता है. विकास यादव ने दाएं हाथ में सफेद रंग का रुमाल बांध रखा है जिसे कंगना कहा जाता है. और ये भी शादी के वक्त ही बांधा जाता है. दुल्हन ने सिर पर एक मुकुट पहन रखा है जिसे इस इलाके में मोहरी कहा जाता है. दुल्हन शादी के वक्त ही सिर पर मोहरी पहनती है ना कि सगाई के वक्त.  खैर इस तस्वीर के बाहर का सच ये है कि शुक्रवार यानी पांच सितंबर को विकास यादव की अब ऐलानिया शादी हो गई. खबरों के मुताबिक इस शादी को बेहद गोपनीय रखा गया. सिर्फ परिवार के खास और बेहद करीबी रिश्तेदार ही इस शादी में शिरकत करने आए थे. शादी का ये कार्ड भी इसलिए बाहर आ गय़ा क्योंकि ये कार्ड कोर्ट में अंतरिम ज़मानत की मियाद बढ़ाने के लिए एफिडेविट के तौर पर जमा किया गया था.  शादी के कार्ड पर कासगंज जिले का जो पता है और जिस शुगर मिल में शादी होनी थी वो शुगर मिल डीपी यादव की ही है. हालांकि वारदात की टीम गुरूवार को जब उस जगह पर पहुंची थी तो वहां ऐसी कोई खास हलचल नजर नहीं आई थी. ना ही शादी जैसा कोई माहौल दिखा और ना कोई साज-सजावट. आसपास के लोग भी शादी के बारे में बात करने से कतराते नजर आ रहे थे. नीतीश कटारा मर्डर केस की पूरी कहानी 23 साल तक जेल में रहने के बाद 5 सितंबर 2025 को विकास यादव शादी हो गई. इत्तेफाक देखिए कि 23 साल पहले वो भी शादी का ही एक मौका था, जब विकास यादव ने नीतीश कटारा को अगवा करने के बाद उसका कत्ल किया था. वो 16 फरवरी 2002 की रात थी. डीपी यादव की बेटी भारती और भारती का दोस्त नीतीश कटारा गाजियाबाद में एक शादी में शामिल होने पहुंचे थे. शादी भारती और नीतीश की कॉमन फ्रेंड शिवानी गौड़ की थी.  उस शादी में भारती का भाई विकास यादव अपने कजिन विशाल यादव और उनका साथी सुखदेव पहलवान भी पहुंचा था. विकास यादव को अपनी बहन भारती और नीतीश की दोस्ती पसंद नहीं थी. दोनों को शादी में एक साथ देखकर उसे गुस्सा आ गया. चश्मदीदों के बयान के मुताबिक कत्ल की रात शादी के फंक्शन में नीतीश और भारती ने साथ डांस किया था. जिसे देखकर विकास मौके पर ही आगबबूला हो गया था. नीतीश से विकास की ये अदावत अदालत में कत्ल की वजह साबित करने के लिये काफी थी. वारदात की रात नीतीश को आखिरी बार विकास यादव की टाटा सफारी में विशाल यादव और साथी सुखदेव पहलवान के साथ जाते देखा गया था. विकास ने पहले नीतीश को किसी काम के बहाने बाहर बुलाया. फिर एक सोची समझी साज़िश के तहत नीतीश को विकास और उसके साथी धोखे से गाड़ी में बिठा कर ले गए. देर रात तक नीतीश जब घर नहीं लौटा तो उसके घरवालों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. लेकिन तब भी नीतीश का कोई सुराग नहीं मिला. अचानक पांच दिन बाद 21 फरवरी को बुलंदशहर के खुर्जा इलाके में नीतीश की अधजली लाश मिली थी. जब ये हादसा हुआ तब विकास यादव यूपी के बिसौली इलाके में विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहा था. लेकिन नीतीश की हत्या की खबर अख़बारों में छपते ही वो सबकुछ छोड़ कर ग़ायब हो गया. हालांकि चुनाव में उसकी ज़मानत ज़ब्त हो गई. पुलिस के … Read more

एशिया कप में पाकिस्तान से खेलने को लेकर कोई संशय नहीं : सैकिया

केन्द्र की नीति का ही पालन कर रहे मुंबई एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में भारतीय टीम के पाकिस्तान के खिलाफ खेलने का विरोध हो रहा है और प्रशंसकों का मानना है कि पहलगाम आतंकी हमले को देखते हुए इस मैच का बहिष्कार होना चाहिये। वहीं भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि एशिया कप में भारतीय टीम का पाक से खेलना केंद्र सरकार की नीति के अनुरूप ही है और बीसीसीआई अब इसको लेकर किभी भी प्रकार से संशय में नहीं है। एशिया कप नौ सितंबर से यूएई में शुरू होगा, वहीं भारत और पाक टीमें 14 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में मुकाबला करेंगी। बोर्ड सचिव ने कहा, ‘बीसीसीआई का रुख बिल्कुल साफ है, हम केंद्र सरकार के फैसले के साथ हैं। भारत सरकार ने जो नीति बनाई है, हमें उसे अनुसार ही काम करना होगा। हमारे लिए उस नीति का पालन करना सबसे आसान काम है। वहीं सैकिया ने तीनों प्रारूपों में शुभमन गिल को कप्तान बनाने को लेकर कहा कि अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है पर माना कि शुभमन इस भूमिका में सबसे आगे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के भविष्य पर टिप्पणी करना अभी से संभव नहीं है। इसके लिए कई बातों पर ध्यान देना होगा। सैकिया को उम्मीद है कि भारतीय टीम एशिया कप में अच्छा प्रदर्शन करेगी।