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तुलकु पाल्डेन वांग्याल की दुखद मृत्यु, चीनी हिरासत में बिताई अंतिम घड़ियां

नई दिल्ली चोएग्याल मठों के प्रमुख लामा तुलकु पाल्डेन वांग्याल की कथित तौर पर कई वर्षों के कारावास और गंभीर दुर्व्यवहार के बाद 53 वर्ष की आयु में जेल में मृत्यु हो गई। बताया गया कि उन्हें पहले गोंजो काउंटी जेल में रखा गया, फिर चामडो और बाद में ल्हासा स्थानांतरित किया गया, जहां उन्हें अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें निरंतर यातनाएं सहनी पड़ीं और उनकी रिहाई की अपीलों को अनसुना कर दिया गया। 2025 में उन्हें गांसु प्रांत ले जाया गया, जहां यातनाएं जारी रही। 19 जुलाई को हिरासत में उनकी मृत्यु हो गई। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (CTA) ने उनकी मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया और इसे बीजिंग द्वारा तिब्बती धार्मिक हस्तियों के व्यवस्थित दमन और बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित करने का स्पष्ट उदाहरण बताया। सीटीए के अनुसार, सम्मानित धार्मिक नेता तुलकु पाल्डेन वांग्याल ने अपना जीवन तिब्बती लोगों की सेवा में समर्पित किया। उन्होंने तिब्बती संस्कृति के संरक्षण की वकालत की, समुदाय में एकता पर जोर दिया और तिब्बती पहचान के प्रति निष्ठा को प्रोत्साहित किया। लेकिन इन गतिविधियों ने चीनी अधिकारियों को संदेहास्पद बना दिया, जिसके कारण उन्हें कई बार गिरफ्तार किया गया और करीब आठ वर्षों तक जेल में रखा गया। सीटीए ने जोर देकर कहा कि उनकी मृत्यु तिब्बत में व्याप्त संकट को उजागर करती है, जहां धार्मिक स्वतंत्रता, आवागमन की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कठोर प्रतिबंध हैं। तिब्बती निर्वासित सरकार ने कहा कि तुलकु पाल्डेन वांग्याल के साथ चीन का व्यवहार सांस्कृतिक संरक्षण और आध्यात्मिक नेतृत्व की आवाज को दबाने की जानबूझकर नीति को दर्शाता है। सीटीए ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उनके साथ हुए अन्याय को मान्यता देने और तिब्बत में जारी उल्लंघनों के लिए चीन को जवाबदेह ठहराने की अपील की। सीटीए ने कहा कि तिब्बतियों के लिए, तुलकु पाल्डेन वांग्याल का निधन न केवल एक सम्मानित लामा की क्षति है, बल्कि उत्पीड़न के खिलाफ निरंतर संघर्ष की दुखद याद भी है।  

शिवसेना के MP ने उठाई मुंबई प्रदर्शन रोक की मांग, राउत ने शिंदे को लिया आड़े हाथ

मुंबई महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के अगुवाई वाली शिवसेना के सांसद मिलिंद देवड़ा ने राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर दक्षिण मुंबई में विरोध-प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया है और कहा है कि इस इलाके में, जहां वित्तीय/व्यावसायिक केंद्र और सरकारी कार्यालय स्थित हैं, वहां विरोध-प्रदर्शनों से कामकाज बाधित होता है। मिलिंद देवड़ा की यह मांग और चिट्ठी ऐसे वक्त में आई है, जब कुछ दिनों पहले ही ओबीसी आरक्षण की मांग पर मनोज जरांगे की अगुवाई में मराठा आंदलनकारियों के प्रदर्शन की वजह से मुंबई की ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी चिट्ठी साझा करते हुए देवड़ा ने लिखा है, "हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर, जिसने मुंबई को लगभग ठप कर दिया है, मैंने मुख्यमंत्री@Dev_Fadnavis जी को पत्र लिखा है।" उन्होंने आगे लिखा है, “हालांकि, प्रत्येक भारतीय को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) यह सुनिश्चित करे कि महाराष्ट्र का राजनीतिक और आर्थिक केंद्र ठप न हो।” संजय राउत शिंदे पर भड़के दूसरी तरफ, पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया है कि उन्हें जानकारी है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मुंबई में मराठा आंदोलन और उनके विरोध-प्रदर्शनों की व्यवस्था करने में शामिल थे। राउत ने मिलिंद देवड़ा की चिट्ठी साझा करते हुए एक्स पर मराठी में लिखा, “अमित शाह द्वारा प्रायोजित शिंदे गुट का असली चेहरा यही है; न्याय की मांग के लिए एकजुट हो रहे मराठी लोगों पर इनके पेट का दर्द उजागर हो गया है। शिंदे गुट के सांसद मिलिंद देवड़ा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मुंबई में मराठी लोगों के आंदोलन की अनुमति न देने की मांग की है। बालासाहेब की तस्वीर का इस्तेमाल बंद करो!” पांच दिनों तक मुंबई में जनजीवन रहा बाधित बता दें कि मराठा नेता मनोज जरांगे-पाटिल के नेतृत्व में मराठा समुदाय के लिए शिक्षा एवं नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग को हुए विरोध प्रदर्शन से शहर के कई हिस्सों में दैनिक जनजीवन बाधित हो गया था। बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) उपक्रम ने विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर अपना परिचालन कुछ दिनों तक रोक दिया था। हालांकि, अब शहर में स्थिति सामान्य सी हो गई है। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) से भी बस सेवाएं पुनः शुरू कर दी गई हैं।  

हाथियों का उत्पात: रांची के कुल्लू में मकान ध्वस्त, परिवार तबाही का शिकार

रांची झारखंड के रांची जिले के चान्हो प्रखंड के ग्राम कुल्लू में आज तड़के हाथियों के एक झुंड ने जगदीश गंझु के घर को ध्वस्त कर दिया। वहीं घर के अंदर रखे चावल, बर्तन और घर में रखी चीजों को भी बर्बाद कर दिया। हाथियों के हमले से जगदीश गंझु को काफी नुकसान हुआ है। जगदीश गंझु एक गरीब परिवार से हैं और उनके परिवार के लिए यह एक बड़ा झटका है। हाथियों के इस हमले से ग्रामीणों में डर का माहौल व्याप्त हो गया और लोग घरों से निकलने से डर रहे हैं। उन्हें चिंता है कि आगे भी हाथियों का हमला हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हाथियों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं और प्रशासन को इस मामले में तुरंत कारर्वाई करनी चाहिए और पीड़ित परिवार को सहायता प्रदान करनी चाहिए। साथ ही हाथियों को नियंत्रित करने के लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।  

देश के टॉप एजुकेशन संस्थान: IIT मद्रास, AIIMS और हिंदू कॉलेजों ने मारी बाज़ी

नई दिल्ली  शिक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को देश के टॉप कॉलेजों की लिस्ट NIRF 2025 रैंकिंग जारी कर दी है। आईआईटी मद्रास ओवरऑल और इंजीनियरिंग कैटेगरी में टॉप स्थान प्राप्त कर देश का टॉप इंस्टीट्यूट बनकर उभरा है। ओवरऑल कैटेगरी में टॉप 10 में आईआईटी इंस्टीट्यूट का दबदबा रहा है। टॉप 10 इंस्टीट्यूट की लिस्ट में 6 नाम आईआईटी इंस्टीट्यूट के शामिल हैं। दूसरा स्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बैंगलुरु को प्राप्त हुआ है। NIRF की रैंकिंग कुल 17 कैटेगरी में जारी की गई है, जिसमें ओवरऑल, यूनिवर्सिटी, कॉलेज, रिसर्च संस्थान, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, मेडिकल, डेंटल, लॉ, आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग, एग्रीकल्चर एंड अलायड सेक्टर, इनोवेशन ओपन यूनिवर्सिटी, स्किल यूनिवर्सिटी, स्टेट पब्लिक यूनिवर्सिटी और सस्टेनेबिलिटी (एसडीजी) शामिल हैं। टॉप 10 इंस्टीट्यूट: ओवरऑल कैटेगरी 1. आईआईटी,मद्रास 2. IISc, बैंगलुरू 3. आईआईटी, बॉम्बे 4. आईआईटी, दिल्ली 5. आईआईटी, कानपुर 6. आईआईटी, खड़गपुर 7. आईआईटी, रुड़की 8. एम्स, दिल्ली 9. जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, दिल्ली 10. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी यूनिवर्सिटी कैटेगरी इस साल 2025 NIRF रैंकिंग की यूनिवर्सिटी कैटेगरी में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISC) ने छठीं बार लिस्ट में टॉप किया है। दूसरे स्थान पर चौथी बार जेएनयू रहा है। तीसरी रैंक पाने में मणिपाल अकादमी ऑफ हायर एजुकेशन सफल रही है। चौथा और पांचवां स्थान जामिया मिलिया इस्लामिया और दिल्ली यूनिवर्सिटी को मिला है। इस वर्ष टॉप 10 यूनिवर्सिटी की कैटेगरी में बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (BITS) ने भी स्थान बनाया है। टॉप 10 यूनिवर्सिटी आईआईएससी, बेंगलुरु जे.एन.यू., नई दिल्ली मणिपाल उच्च शिक्षा अकादमी, मणिपाल जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली बी.एच.यू., वाराणसी बिट्स, पिलानी अमृता विश्व विद्यापीठम, कोयंबटूर जादवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ इंजीनियरिंग कैटेगरी इंजीनियरिंग कैटेगरी में पिछले वर्ष की तरह अपना टॉप स्थान बरकरार रखते हुए आईआईटी मद्रास देश का टॉप इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट बना है। दूसरा स्थान आईआईटी दिल्ली ने हासिल किया है। वहीं,तीसरा स्थान आईआईटी बॉम्बे को प्राप्त हुआ है। पिछले वर्ष आईआईटी गुवाहटी की रैंक 7 थी जो इस वर्ष नीचे खिसक कर रैंक 8 पर पहुंच गई है। टॉप 10 इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट आईआईटी मद्रास आईआईटी दिल्ली आईआईटी बॉम्बे आईआईटी कानपुर आईआईटी खड़गपुर आईआईटी रुड़की आईआईटी हैदराबाद आईआईटी गुवाहाटी एनआईटी तिरुचिरापल्ली आईआईटी बीएचयू बेस्ट कॉलेज भारत के बेस्ट कॉलेज की कैटेगरी में NIRF रैंकिंग 2025 में दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अपना टॉप स्थान बरकरार रखा है। पिछले साल की तरह इस बार भी कॉलेज कैटेगरी में हिंदू कॉलेज ने टॉप किया है। दूसरा स्थान मिरांडा हाउस कॉलेज को मिला है। तीसरा स्थान हंसराज कॉलेज, दिल्ली को प्राप्त हुआ है। चौथे और पांचवे स्थान पर किरोड़ीमल कॉलेज, दिल्ली और सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली रहे हैं। टॉप 5 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों का दबदबा रहा है। एनआईआरएफ रैंकिंग 2025: देश के बेस्ट कॉलेज 1. हिंदू कॉलेज, दिल्ली 2. मिरांडा हाउस, दिल्ली 3. हंस राज कॉलेज, दिल्ली 4. किरोड़ीमल कॉलेज, दिल्ली 5 सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली 6 राम कृष्ण मिशन विवेकानन्द सेंटेनरी कॉलेज, कोलकाता 7. आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज, दिल्ली 8. सेंट सेंट जेवियर्स कॉलेज, कोलकाता लोयोला कॉलेज, चेन्नई 9. पीएसजीआर कृष्णम्मल महिला कॉलेज, कोयंबटूर 10. पीएसजी कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस, कोयंबटूर ये हैं टॉप-5 मेडिकल कॉलेज मेडीकल कैटेगरी में एम्स, दिल्ली ने फिर से एक बार टॉप स्थान हासिल किया है। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (AIIMS), नई दिल्ली पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, चंडीगढ़ क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, पुडुचेरी संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, लखनऊ  

गणेश विसर्जन और ईद मिलादुन्नबी को लेकर कलेक्टर-एसपी की संयुक्त बैठक

गणेश विसर्जन और ईद मिलादुन्नबी को लेकर कलेक्टर-एसपी की संयुक्त बैठक त्योहारों में शांति और सौहार्द बनाए रखने दिए सख्त निर्देश मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में आगामी पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डी. राहुल वेंकट और पुलिस अधीक्षक चन्द्रमोहन सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गणेश विसर्जन, ईद मिलादुन्नबी, दशहरा और दीपावली की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने साफ कहा कि परंपरागत स्थलों पर होने वाले आयोजनों के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि गणेश विसर्जन के दौरान ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। जरूरत से अधिक डेसिबल पर डीजे बजाने वालों पर तुरंत कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि शांति समिति से मिले सुझावों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि साम्प्रदायिक सौहार्द और शांतिपूर्ण माहौल बना रहे। एसपी ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी पशु मालिक की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस दौरान नागपुर व बरबसपुर क्षेत्र में ‘गाय मित्र समूह’ बनाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने आरटीओ को आदेशित किया कि यातायात नियम उल्लंघन करने वालों पर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई में तेजी लाएं। बिना हेलमेट व बिना सीटबेल्ट वाहन चलाने वालों पर चालान के साथ-साथ लाइसेंस रद्द करने जैसे कठोर कदम उठाने पर जोर दिया गया। बैठक में खोंगापानी में नई पुलिस चौकी हेतु भूमि आवंटन पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर और एसपी ने सभी एसडीएम व तहसीलदारों को आपसी समन्वय बनाकर त्योहारों पर सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर विनायक शर्मा, श्रीमती नम्रता आनंद डोंगरे, चिरमिरी सीएसपी दीपिका मिंज, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती इंदिरा मिश्रा, एसडीएम लिंगराज सिदार, शशि शेखर मिश्रा, विजयेन्द्र सारथी, तहसीलदार, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

भरतपुर में सड़क सुरक्षा वाद-विवाद प्रतियोगिता संपन्न, विजेताओं को चेक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा की महत्ता पर जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 23 अगस्त 2025 को स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश स्कूल भरतपुर के ऑडिटोरियम हॉल में विकासखंड स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में भरतपुर विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों से आए कुल 24 प्रतिभागियों ने “सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा” विषय पर पक्ष एवं विपक्ष में अपने प्रभावशाली विचार रखे। निर्णायक मंडल द्वारा घोषित परिणामों में सेजेस भरतपुर के शिवेन्द्र तिवारी ने प्रथम स्थान, न्यू लाइफ इंग्लिश स्कूल जनकपुर के आर्जव जैन ने द्वितीय तथा वंदना शिक्षा निकेतन जनकपुर की कु. नव्या गुप्ता ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं सांत्वना पुरस्कार के लिए सेजेस भरतपुर के हंसल शर्मा, कन्या उ.मा.वि. जनकपुर की कु. अर्पिता तिग्गा तथा उ.मा.वि. कंजिया के अरविन्द कुमार वर्मा का चयन किया गया। प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त छात्र को ₹2500, द्वितीय को ₹2000, तृतीय को ₹1500 तथा सांत्वना पुरस्कार पाने वाले तीनों विद्यार्थियों को ₹1000-₹1000 के चेक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी मो. इस्माइल खान, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक देवेंद्र गुप्ता, नगर पंचायत जनकपुर उपाध्यक्ष नीलेश मिश्रा, सी.ए.सी. भरतपुर अभिषेक दुबे, सेजेस भरतपुर के प्राचार्य दीपक सिंह बघेल सहित शिक्षकगण एवं स्टाफ मौजूद रहे। निर्णायक मंडल में सुशील कुमार सिंह, देवानीश टोप्पो और श्रीमती शिल्पी सिंह परिहार शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन अतुल कुमार सिंह ने किया। वक्ताओं ने अपने संदेश में कहा कि सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा का मूल मंत्र है। विद्यार्थियों के विचार निश्चित रूप से समाज को जागरूक बनाने में सार्थक सिद्ध होंगे।

बाढ़ और पर्यावरण पर हाईकोर्ट का सख्त रुख: अवैध कटाई रोकने के लिए जारी नोटिस

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को हिमाचल प्रदेश में बाढ़ के दौरान बहते हुए लकड़ी के लठ्ठों के वीडियो का संज्ञान लेते हुए कहा कि पहाड़ी इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध पेड़ों की कटाई हो रही है। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। अदालत ने कहा, “हमने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में अभूतपूर्व भूस्खलन और बाढ़ देखी है। मीडिया रिपोर्ट्स में भी सामने आया है कि बाढ़ के पानी में बड़ी संख्या में लकड़ी के लठ्ठ बह रहे थे। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि पहाड़ों में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई हो रही है।” पीठ ने केंद्र सरकार (पर्यावरण मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड तथा जम्मू-कश्मीर राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है। आदेश लिखवाने के बाद, सीजेआई गवई ने मौखिक रूप से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा, “यह गंभीर मुद्दा है। मीडिया में हमने देखा कि हिमाचल, उत्तराखंड में बड़ी संख्या में लकड़ी के लठ्ठ बहते दिखे। अवैध पेड़ों की कटाई चल रही है।” इस पर SG तुषार मेहता ने आश्वासन दिया कि वह आज ही पर्यावरण मंत्रालय के सचिव से बात करेंगे और संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों से संपर्क करेंगे। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि चंडीगढ़ से मनाली के बीच 14 सुरंगें हैं, जो बारिश में भूस्खलन होने पर “मौत के जाल” बन जाती हैं। उन्होंने एक रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें बताया गया था कि 300 लोग एक सुरंग में फंस गए थे।  

रेवाड़ी में स्कूल सुरक्षा बढ़ाई, नियम तोड़े तो मिलेगी सख्त सजा

रेवाड़ी  जिले में बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) दीपिका यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी प्ले स्कूलों, निजी और सरकारी विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि बाल सुरक्षा से संबंधित अनिवार्य व्यवस्थाओं का सख्ती से पालन किया जाए। यह कदम हाल ही में सामने आई एक गंभीर घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें विद्यालय परिवहन सेवा से जुड़े एक कर्मचारी पर नाबालिग बच्ची के साथ अनुचित व्यवहार का आरोप लगा। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि संबंधित विद्यालय ने न तो अपने स्टाफ का पुलिस सत्यापन कराया था और न ही स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे या महिला अटेंडेंट की व्यवस्था की गई थी। DCPO के आदेशों के अनुसार, ''सभी ड्राइवर, कंडक्टर और गैर-शिक्षण स्टाफ का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा। प्रत्येक स्कूल बस/वैन और स्कूल परिसर में CCTV कैमरे लगाए जाएं और रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिन तक सुरक्षित रखी जाए। प्रत्येक स्कूल वाहन में महिला अटेंडेंट या एस्कॉर्ट की नियुक्ति अनिवार्य होगी। स्कूलों में चाइल्ड प्रोटेक्शन पॉलिसी (Child Protection Policy) लागू की जाए और शिकायत पेटी व हेल्पलाइन नंबर की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। किसी भी घटना की सूचना तुरंत पुलिस, बाल कल्याण समिति (CWC) और DCPO को दी जाए। सभी प्ले स्कूलों का पंजीकरण NCPCR के सरल पोर्टल पर अनिवार्य किया जाए। DCPO दीपिका यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी विद्यालय द्वारा इन दिशा-निर्देशों की अवहेलना की गई, तो उसके खिलाफ POCSO एक्ट, जेजे एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल इन सुरक्षा मानकों का पालन करें और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने भी स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की अनदेखी गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है और दोषी संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जश्नें ईद मिलादुन्नबी क्यों मनाई जाती है?

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी ईद मिलादुन्नबी मुसलमानों का एक बहुत ही पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार है। यह दिन हमारे प्यारे नबी हज़रत मोहम्मद ﷺ की पैदाइश (आमद) की खुशी में मनाया जाता है। हज़रत मोहम्मद ﷺ का जन्म 12 रबीउल अव्वल को मक्का शरीफ़ में हुआ था। इसीलिए इस दिन को बड़ी अकीदत और मोहब्बत के साथ पूरी दुनिया के मुसलमान मनाते हैं। इस दिन लोग नबी ﷺ की महान शिक्षाओं और उपदेशों को याद करते हैं। आपने इंसानियत को बराबरी, भाईचारा, इंसाफ और सच्चाई का रास्ता दिखाया। अंधकार और बुराइयों से निकालकर लोगों को रोशनी और हिदायत का पैग़ाम दिया। इसलिए आपको रहमतुल्लिल आलमीन यानी सारी दुनिया के लिए रहमत कहा गया। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर मस्जिदों को सजाया जाता है, जुलूस निकाले जाते हैं, दरूद और सलाम पढ़े जाते हैं तथा सीरत-ए-नबी ﷺ के जलसे आयोजित किए जाते हैं। लोग गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करते हैं और खैरात बाँटते हैं। ईद मिलादुन्नबी हमें यह संदेश देती है कि हम सिर्फ जश्न न मनाएँ बल्कि नबी ﷺ की बताई हुई राह पर चलें। उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारें, तभी सच्ची मोहब्बत और अकीदत साबित होगी। ईद मिलादुन्नबी का असली मकसद यह है कि हम नबी ﷺ की पैदाइश की खुशी मनाते हुए उनके बताए रास्ते पर चलें और दुनिया में अमन, भाईचारा और इंसाफ का पैग़ाम फैलाएँ।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की हेल्थ अपडेट: डॉक्टरों ने क्या दी हिदायत?

पंजाब  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की हालत में अब सुधार है। मेडिकल टीम ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। पिछले साल भी इन्हीं दिनों में मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक संक्रामक बीमारी ने घेर लिया था। मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में नियमित जांच के दौरान लेप्टोस्पायरोसिस की पुष्टि हुई थी। यह बीमारी गंदे पानी की वजह से फैलती है। गौरतलब है कि पंजाब के 23 जिलों में इन दिनों बारिश और बाढ़ के कारण तबाही फैली है। मुख्यमंत्री भगवंत मान आज अरविंद केजरीवाल के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने वाले थे, तबीयत को देखते हुए मुख्यमंत्री मान ने आज का दौरा रद्द कर दिया है। अरविंद केजरीवाल सुलतानपुर लोधी के दौरे पर रहेंगे। बीते दिन प्रधानमंत्री मोदी ने भी पंजाब की बाढ़ को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया था।   बाढ़ पीड़ितों के लिए सीएम मान ने मांगा था सहयोग बीते दिन 3 सितंबर को मुख्यमंत्री मान ने एक्स अकाउंट पर ट्वीट शेयर कर पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए सहयोग मांगा था। मुख्यमंत्री मान ने लिखा था कि हर मुश्किल घड़ी में पंजाब हमेशा दूसरों के साथ खड़ा रहा है। आज पंजाब में आई प्राकृतिक आपदा को देखते हुए सभी को इसके साथ खड़े होने की जरूरत है। आइए एक-दूसरे का सहारा बनें। बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए चल रहे राहत कार्यों में अपना योगदान दें। आप इसके लिए तस्वीर में दिए गए मुख्यमंत्री राहत कोष के QR कोड को स्कैन करके या फिर दिए बैंक खाते में राशि भेज सकते हैं। समय कठिन ज़रूर है, लेकिन एक-दूसरे के साथ से यह भी बीत जाएगा। पंजाब में पोंग ओर भाखड़ा डैम में बढ़ा जलस्तर गौरतलब है कि पंजाब के मैदानी इलाके और हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते पोंग ओर भाखड़ा डैम में पानी का जलस्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा।जिस कारण पंजाब के कई जिले बाढ़ से पूर्ण रूप से प्रभावित है।वही लगातार डैमो से हजारों लाखों क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। डैमो से छोड़े जा रहे पानी से पंजाब के मैदानी इलाकों में बाढ़ की स्थिति ज्यों की त्यों ही है।आज पोंग डैम से 99 हजार 673 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा तो दूसरी ओर भाखड़ा डैम से 80 से 85 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। पोंग ओर भाखड़ा डैम से लगातार पानी छोड़ने के कारण सतलुज ओर ब्यास दरिया का पानी ओर उफान पर चढ़ जाएगा।जिसे लेकर प्रशासन ने दरिया के किनारों से लोगों को दूर रहने के निर्देश दिए है।