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छत्तीसगढ़ व्यापम में स्टाफ नर्स भर्ती 2025, ऐसे करें आवेदन 225 पदों पर

रायपुर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल की ओर से स्टाफ नर्स के 225 पदों के लिए आवेदन मंगाए गए हैं। लिखित भर्ती परीक्षा के लिए अभ्यर्थी 3 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 4 से 6 सितंबर तक त्रुटि सुधार कर सकेंगे। परीक्षा 21 सितंबर को संभावित है। रायपुर में 55, बिलासपुर में 55, सरगुजा में 57 और बस्तर में 58 पदों पर भर्ती की जाएगी। आवेदनकर्ता को छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी होना अनिवार्य है। अभ्यर्थी को बीएससी नर्सिंग या पीबीबीएससी नर्सिंग या जनरल नर्सिंग एवं वरिष्ठ प्रसूति विज्ञान प्रशिक्षण उत्तीर्ण होना चाहिए।

हमारा स्वाभिमान है स्वदेशी उत्पाद, हमारी संस्कृति ही हमें जोड़ती है स्वदेशी भाव से: CM यादव

स्वदेशी उत्पादों का उपयोग है सच्ची राष्ट्रसेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारा स्वाभिमान है स्वदेशी उत्पाद हमारी संस्कृति ही हमें जोड़ती है स्वदेशी भाव से स्वदेशी अभियान के पोस्टर एवं जन अभियान परिषद के ब्रोशर का किया विमोचन जनअभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के मध्य हुआ एमओयू स्वदेशी से जुड़े रहने के संकल्प के तहत सभी ने ली शपथ मुख्यमंत्री ने किया स्वदेशी से स्वावलंबन विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय संगोष्ठी का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री एवं जनअभियान परिषद के अध्यक्ष डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वदेशी वस्तुएं केवल उत्पाद ही नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, धरोहर और हमारे मान-सम्मान का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया "वोकल फॉर लोकल" अभियान भारतीयता की इसी भावना को आगे बढ़ाने का माध्यम है। हमारे देशी उत्पाद न केवल विदेशी उत्पादों से अधिक मजबूत, किफायती और गुणवत्तायुक्त हैं, बल्कि इन्हें खरीदने पर हमें अधिकतम लाभ भी मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आत्मीय आह्वान किया कि हर भारतीय नागरिक को न केवल स्वयं स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करना चाहिए, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। यही देश प्रेम हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। स्वदेशी भावना ही सच्ची राष्ट्रसेवा का सहज मार्ग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में जनअभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में 'स्वदेशी से स्वावलंबन' विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि कर इस एक दिवसीय संगोष्ठी का विधिवत् शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनअभियान परिषद द्वारा स्वदेशी अभियान के लिए तैयार किए गए पोस्टर एवं ब्रोशर का भी विमोचन किया। इस ब्रोशर में स्वदेशी वस्तुओं की सूची दी गई है। कार्यक्रम में जन अभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के मध्य स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार की जनजागृति के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में इस एमओयू का दोनों संगठनों द्वारा परस्पर आदान-प्रदान भी किया गया। कार्यक्रम का आरंभ वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ। आरंभ में आयोजकों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का तुलसी का पौधा भेंटकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण की दिशा में विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का अधिकाधिक उपयोग ही देश के प्रति प्रेम और सच्ची राष्ट्र सेवा है। हम सभी को अपने जीवन में देशी उत्पादों का उपयोग बढ़ाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्वदेशी भाव से सदैव जुड़े रहने के संकल्प के तहत कार्यक्रम में उपस्थित सभी को स्वदेशी उत्पादों का ही उपयोग करने की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को 'राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस' की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लघु उद्योगों से ही हमारी अर्थव्यवस्था कायम है। भारतीय वस्तुओं और भारतीय तकनीक की विश्व में धूम मची है। वैश्विक स्तर पर हमारे देश में निर्मित वस्तुओं की मांग बढ़ी है। यह वैश्विक मांग हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान भाव को और पोषित करती है। उन्होंने कहा कि पूरा राष्ट्र स्वदेशी के प्रति वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध है। हमारी संस्कृति ही हमें स्वदेशी का भाव सिखाती है। हम देशी वस्तुओं के प्रति अपने अंर्तमन से जुड़े हुए हैं। यह भावना ही स्वदेशी उत्पादों को और बेहतर स्वरूप देने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि जन अभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच दोनों का लक्ष्य एक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश में धार्मिक, आध्यात्मिक और वन पर्यटन बढ़ाने की दिशा में ठोस काम किए हैं। महाकाल लोक के निर्माण के बाद वर्ष 2024 में 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आए। हम हर सेक्टर में आगे बढ़ रहे हैं। पर्यटन के अलावा हम एमएसएमई यानि छोटे उद्योग और खनन क्षेत्र में निहित संभावनाओं को तलाशने के लिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में कॉन्क्लेव कर रहे हैं। ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की गई है। यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश में रोजगारपरक उद्योग स्थापित करने वाले उद्योगपतियों और निवेशकों को किफायती दरों पर भूमि, बिजली, पानी के साथ-साथ प्रति श्रमिक 5 हजार रूपए प्रोत्साहन राशि भी दे रहे हैं। इससे प्रदेश में नए उद्योग-धंधे लगेंगे, जिसका सीधा लाभ मध्यप्रदेश के निवासियों को मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह के रूप में मिट्टी के गणेश की प्रतिमा भेंट की गई। संगोष्ठी में बैतूल विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि स्वदेशी एक बड़ा विषय है। राज्य सरकार स्वदेशी के प्रति जागरूकता और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही है। हम सभी अपने मानस में, अपने आचरण में स्वदेशी भाव लाएं, तभी हमारा देश विकसित और समृद्ध बनेगा। हम अपनी संस्कृति और धरोहर को बचाए रखें और सरकार के स्वदेशी भाव से जुड़े हर काम, हर अभियान में सहयोगी बनें। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर जागृति लाएंगे, तभी तो स्वदेशी की भावना हर नागरिक तक पहुंचेगी। जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर ने कहा कि यह राज्य स्तरीय संगोष्ठी स्वदेशी जागरण मंच के सहयोग से आयोजित की गई है। दोनों संगठन स्वदेशी के प्रति जागृति लाने के लिए प्राण-प्रण से जुटे हैं। उन्होंने बताया कि आगामी 25 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2025 तक जनअभियान परिषद 'स्वदेशी जागरण सप्ताह' मनाएगा। हम इसे जन-जन का अभियान बनाएंगे। उन्होंने बताया कि हम सरकार के हर अभियान को प्रदेश के हर नागरिक तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। विगत 30 मार्च से 30 जून तक चले 'जल गंगा संवर्धन अभियान' में जन अभियान परिषद ने 40 लाख लोगों की सहभागिता कराई। 'एक पेड़ मां के नाम अभियान' के तहत जन अभियान परिषद ने 17 लाख से अधिक पौधे रोपने में मदद की और करीब 1.5 लाख से अधिक महिलाओं को इस अभियान से जोड़ा। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हम मिट्टी के गणेश की स्थापना के लिए लक्षित होकर काम कर रहे हैं। इस वर्ष के गणेशोत्सव में हमने प्रदेश के 10 लाख से अधिक घरों में … Read more

50MP कैमरा और 6GB रैम से लैस Samsung Galaxy A17 5G, भारत में हुई एंट्री

नई दिल्ली Samsung Galaxy A17 5G लॉन्‍च कर दिया है। यह पिछले साल आए गैलेक्‍सी ए16 का सक्‍सेसर है। फोन में 50 मेगापिक्‍सल का मेन रियर कैमरा दिया गया है। 6 जीबी और 8 जीबी रैम मिलती है। 5 हजार एमएएच की बैटरी इस फोन में दी गई है। डिस्‍प्‍ले में गोरिल्‍ला ग्‍लास विक्‍टस का प्रोटेक्‍शन मिलता है। फोन को 18999 रुपये की शुरुआती कीमत में लाया गया है। यह फोन 25 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है। Samsung Galaxy A17 5G के भारत में प्राइस, उपलब्‍धता Samsung Galaxy A17 5G के भारत में दाम 6 जीबी और 128 जीबी मॉडल के लिए 18999 रुपये हैं। 8 जीबी और 128 जीबी मॉडल की कीमत 20499 रुपये है, जबकि 8 जीबी और 256 जीबी मॉडल को 23499 रुपये में लिया जा सकेगा। यह फोन ब्‍लैक, ब्‍लू और ग्रे कलर में आया है। इसे सैमसंग के ई-स्‍टोर, एमेजॉन और फ्लिपकार्ट के अलावा ऑफलाइन चैनलों से खरीदा जा सकेगा। Samsung Galaxy A17 5G के फीचर्स और स्‍पेसिफ‍िकेशंस सैमसंग गैलेक्‍सी ए17 5जी स्‍मार्टफोन को मिड रेंज में लाया गया है। फोन में 6.7 इंच का फुल एचडी प्‍लस इनफ‍िन‍िटी यू डिस्‍प्‍ले दिया गया है। यह सुपर एमोलेड डिस्‍प्‍ले है और 90 हर्त्‍ज का रिफ्रेश रेट ऑफर करता है। डिस्‍प्‍ले में गोरिल्‍ला ग्‍लास विक्‍टस का प्रोटेक्‍शन है। इस फोन में ना तो मीडियाटेक ना ही क्‍वॉलकॉम का चिपसेट है। सैमसंग का खुद का एक्‍स‍िनॉस चिपसेट दिया है। यह Exynos 1330 प्रोसेसर है, जो 5nm प्रोसेस पर बना है। इसके साथ माली-G68 MP2 GPU जीपीयू मिल जाता है। फोन में कम से कम 6 जीबी और 8 जीबी रैम दी गई है। इंटरनल स्‍टोरेज 128 जीबी और 256 जीबी तक है। स्‍टोरेज को एसडी कार्ड के जरिए 2 टीबी तक बढ़ाया जा सकता है। Samsung Galaxy A17 5G में दो सिम लगाए जा सकते हैं। यह फोन एंड्रॉयड 15 पर बेस्‍ड One UI 7.0 पर चलता है। फोन के बैक साइड में 3 कैमरा नए सैमसंग फोन में तीन बैक कैमरा दिए गए हैं। मेन सेंसर 50 मेगापिक्‍सल का है। उसके साथ 5MP का अल्‍ट्रा वाइड कैमरा और 2MP का मैक्रो कैमरा दिया गया है। बैक साइड में ही एलईडी फ्लैश भी मिल जाता है। फ्रंट कैमरा 13 मेगापिक्‍सल का है। इसके अलावा, फोन में साइड माउंटेट फ‍िंगरप्रिंट स्‍कैनर दिया गया है। हालांकि इसकी बैटरी 5 हजार एमएएच है जो सपोर्ट करती है 25 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग को। डिवाइस का वजन 192 ग्राम है। इसे आईपी54 रेटिंग मिली है, जो फोन को धूल और पानी से होने वाले नुकसान से प्रोटेक्‍ट रखती है।

किसानों की खुशखबरी: पन्ना में 4.90 कैरेट का हीरा, जल्द होगी नीलामी

पन्ना हीरों की नगरी पन्ना एक बार फिर चर्चा में है. शुक्रवार को 4 किसान हीरा कार्यालय पहुंचे. उनके चेहरे हीरे की तरह चमक रहे थे क्योंकि उन्हें अपने खेत में नायाब और बेशकीमती हीरा मिला था. जिसकी कीमत लाखों में आंकी गई. सभी किसान अब अपने-अपने सपने को पूरा करने की प्लानिंग बना रहे हैं. बता दें कि 4 किसानों ने अपने खेत में हीरा खोदने की अनुमति ली थी. हीरा मिलते ही खिल उठे किसानों के चेहरे दरअसल, ग्राम जरुआपुर में 4 पार्टनर दिलीप मिस्त्री, अभिलाष कुल्लू, प्रकाश मजूमदार और किशोर सरदार ने मिलकर हीरे की एक खदान ली थी. इस खदान में वे 4 महीने से लगातार हीरे खोज रहे थे. शुक्रवार को खुदाई के दौरान उन्हें एक बेशकीमती हीरा दिखा. हीरा देख किसानों के चेहरे खिल उठे. उनके चेहरे पर एक चमक दिखाई दे रही थी. वे उसे जमा कराने तत्काल हीरा कार्यालय पहुंचे. 10 लाख आंकी जा रही है हीरे की कीमत सभी किसान, पन्ना के हीरा कार्यालय पहुंचे. जहां, बताया गया कि यह हीरा अच्छी क्वालिटी का है और साफ और चमकदार दिखाई दे रहा है. बताया गया कि इस हीरे को जेम्स क्वालिटी का हीरा कहा जाता है. दिलीप मिस्त्री ने अपने नाम से डायमंड को हीरा कार्यालय में जमा कराया. जब उसे चेक किया गया तो हीरा करीब 4.90 कैरेट का निकला. जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई जा रही है. पहली बार हीरा पाकर किसान खुश बेशकीमती हीरा मिलने के बाद किसानों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. अभिलाष कुल्लू बताते हैं कि "दिलीप मिस्त्री और प्रकाश मजूमदार को पहले भी कई हीरे मिल चुके हैं. लेकिन मैं पहली बार हीरे के खदान में पार्टनर बना था और यह पहली बार है जब मुझे हीरा मिला है. इससे मुझे बहुत ज्यादा खुशी है. इस हीरे से जो भी पैसे मुझे मिलेंगे उससे मैं और हीरे की खदान लगाएंगे." वहीं, दूसरे खदान के पार्टनर्स ने कहा कि वे अपने बिजनेस को बड़ा करेंगे और खेत-खलिहान में भी इस पैसे को लगाएंगे. आगामी नीलामी में होगी हीरे की होगी बिक्री प्रकाश मजूमदार बताते हैं कि "इस खदान में पहले भी कई हीरे मिले हैं, जिसे हीरा कार्यालय में जमा किया गया है. शुक्रवार को भी एक अच्छी क्वालिटी का हीरा मिला है. इससे बहुत खुशी हो रही है. इसे आगामी नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाएगा. इसकी जो भी धनराशि मिलेगी, सभी पार्टनर बराबर बराबर बांट लेंगे और अपने-अपने काम धंधे में लगाएंगे." बेशकीमती हीरे ने इन किसानों के किस्मत खोल दी है. आगामी नीलामी में हीरे की बिक्री जाएगी. जिसके बाद किसानों को इसके पैसे दिए जाएंगे और किसान अपने मन में सजाए सभी सपने पूरे कर सकेंगे. 

राजस्थान रॉयल्स के हेड कोच राहुल द्रविड़ ने इस्तीफा देकर मचाया सनसनी

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स को बड़ा झटका लगा है। राहुल द्रविड़ ने हेड कोच के पद से इस्‍तीफा दे दिया है। फ्रेंचाइजी ने एक्‍स पर इस बात की जानकारी दी। राजस्‍थान रॉयल्‍स ने एक पर शेयर पोस्‍ट में द्रविड़ का आभार जताया। फ्रेंचाइजी ने पोस्‍ट के साथ कैप्‍शन में लिखा, पिंक में आपकी उपस्थिति ने युवाओं और अनुभवी, दोनों को प्रेरित किया। हमेशा रॉयल। हमेशा आभारी।  

उमा भारती ने पटवारी को कहा ‘बेचारा’, राजनीति में उम्र कोई बाधा नहीं—उन्होंने बोला

भोपाल  मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र जीतू पटवारी के बयान पर भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने करारा पलटवार किया है। उन्होंने एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा कि पाटवारी खुद नहीं जानते कि वे क्या बोल रहे हैं। वे बिना सोचे-समझे बयान देते हैं। उमा भारती ने उन्हें “बेचारा” बताते हुए कहा कि कांग्रेस अब मध्य प्रदेश में समाप्त हो चुकी है और पटवारी ही उसके इकलौते नेता बचे हैं। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के कई दिग्गज नेता अब राजनीति से संन्यास ले चुके हैं, जबकि नई पीढ़ी के नेता भाजपा से जुड़ रहे हैं। जो कांग्रेस नेता भाजपा में जगह नहीं पा रहे वे कांग्रेस में ही छूट गए हैं। राजनीति में योगदान की कोई उम्र तय नहीं  सेवानिवृत्ति की उम्र को लेकर चल रही बहस पर भी उमा भारती ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि कोई भी संगठन, राजनीतिक दल या संस्था सेवानिवृत्ति की आयु तय कर सकती है, लेकिन योगदान की उम्र तय नहीं की जा सकती। उनके अनुसार राजनीति एक ऐसा मंच है, जहां योगदान देने की क्षमता ही असली पहचान है। उमा ने कहा कि डॉक्टर, टीचर, वकील की योगदान की क्षमता कभी खत्म नहीं होती। बता दें हाल ही में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि 75 साल की उम्र में पद छोड़ देंगे या किसी को इस उम्र में रिटायर्ड हो जाना चाहिए। संघ प्रमुख की इस टिप्पणी ने उनकी कुछ दिनों पहले दी उनकी टिप्पणी पर चल रही अटकलों पर उम्र विराम लगा दिया। 

CM साय का सख्त बयान: PM के खिलाफ टिप्पणी देशवासियों का अपमान है

रायपुर  बिहार में प्रधानमंत्री पर की गई अभद्र टिप्पणी का असर छत्तीसगढ़ में भी दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इसकी निंदा की है। इसी कड़ी में CM साय सोशल मीडिया में वीडियो जारी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि यह पूरे भारत की आत्मा और संस्कृति पर चोट है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री का जीवन हर भारतवासी के लिए प्रेरणा है। एक साधारण परिवार से निकलकर, मां के संघर्षों और संस्कारों से गढ़ा पुत्र आज पूरी निष्ठा से राष्ट्र सेवा में समर्पित है और विश्व मंच पर भारत का गौरव बढ़ा रहा है। ऐसे में उनका अपमान वास्तव में 140 करोड़ भारतीयों की भावनाओं का अपमान है।” सीएम साय ने आगे कहा कि बिहार की जनता निश्चित रूप से इस तरह की ओछी और नकारात्मक राजनीति को खारिज करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी। उन्होंने इस घटना को भारतीय राजनीति के स्तर के पतन का “काला धब्बा” करार दिया।

बीजापुर में नक्सली आतंक! शिक्षादूत को अगवा कर दी दर्दनाक मौत

बीजापुर नक्सलियों का खूनी खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है. शिक्षादूत लगातार उनके निशाने पर आ रहे हैं. शुक्रवार को नक्सलियों ने गंगालूर क्षेत्र में पदस्थ एक शिक्षादूत को अपहरण कर जंगल ले गए और उसकी हत्या कर दी. नक्सलियों की बढ़ती हिंसक वारदातें पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है. जानकारी के मुताबिक, नेन्द्रा में पदस्थ शिक्षादूत कल्लू ताती को नक्सलियों ने शुक्रवार शाम को स्कूल से लौटते समय अगवा कर लिया था.  देर रात अपहरण के बाद उसकी हत्या कर दी गई. मृतक मूल रूप से तोड़का गांव का निवासी था. 27 अगस्त को सुकमा जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने एक शिक्षादूत की निर्मम हत्या कर दी थी. घटना सिलगेर इलाके के मंडीमरका में हुई, मृतक का नाम लक्ष्मण बारसे बताया गया. वह मूल रूप से बीजापुर के ग्राम पेगड़ापल्ली का निवासी था और लक्ष्मण सिलगेर में शिक्षादूत के रूप में कार्यरत था. बता दें कि क्षेत्र में बीते 24 घंटे के दौरान नक्सलियों की यह दूसरी कायराना करतूत है. शुक्रवार को जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूरी पर ही एक 27 वर्षीय युवक की बेरहमी से हत्या कर दी थी. बंद पड़े स्कूलों के पुनः संचालन के बाद से बीजापुर जिले में 6 और सुकमा जिले में 5 शिक्षादूतों की नक्सलियों द्वारा हत्या की जा चुकी है. लगातार नक्सलियों के खूनी खेल से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है.

पश्चिम बंगाल की कोयल बार ने छुआ शीर्ष स्थान, वेटलिफ्टिंग में बनाया इतिहास

कलकत्ता पश्चिम बंगाल का हावड़ा अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वेटलिफ्टरों के लिए एक केंद्र बन गया है. इससे पहले, यहां कि अचिंत्य शेउली ने राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतकर सुर्खियां बटोरी थीं. अब, कोयल बार (Koyel Bar) ने चल रही राष्ट्रमंडल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर कमाल कर दिया है. संयोग से, इन दोनों वेटलिफ्टरों के पहले कोच अष्टम दास रहे हैं. 17 साल की उम्र में बना दिए दो विश्व रिकॉर्ड गणेश चतुर्थी के अवसर पर परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई क्योंकि 17 वर्षीय कोयल बार ने राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया. कोयल के स्वर्ण पदक के दो सकारात्मक पहलू भी हैं क्योंकि उसने युवा और जूनियर वर्ग में कई रिकॉर्ड भी तोड़े हैं इस युवा एथलीट ने कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप के महिलाओं के 53 किलोग्राम युवा वर्ग में कुल 192 किलोग्राम (85 किलोग्राम + 107 किलोग्राम) वजन उठाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया. उन्होंने पहले 85 किलोग्राम वजन उठाकर युवा विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की. फिर, कोयल ने कुल 192 किलोग्राम वजन उठाकर 188 किलोग्राम के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. बेटी की उपलब्धि पर यकीन नहीं हुआ कोयल के पिता, मिथुन बार, जो पेशे से मीट विक्रेता हैं, को अपनी बेटी की उपलब्धि पर यकीन नहीं हुआ. ईटीवी भारत से बेटी की उपलब्धियों के बारे में बात करते हुए वह भावुक भी हो गए और कहा कि जो लोग पहले कोयल की आलोचना करते थे, अब वही तारीफ कर रहे हैं. बता दें कि कोयल की पिता, मिथुन बार दस तक पढ़ाई की है, बाद में वो योग सीखने लगे, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपने सपने का त्याग करना पड़ा और फिर वो अपनी बेटी को कोचिंग के लिए अष्टम दास के पास ले आए, जो वेटलिफ्टिंग के महान कोच है. 'वजन उठाते समय, मुझे अपने पिता का चेहरा याद आता था' अपनी जीत के बाद भावुक कोयल ने कहा कि पारिवारिक विवाद के कारण उनके पिता की दुकान बंद होने के बावजूद, उन्हें पैसों की कभी चिंता नहीं करनी पड़ी. कोयल ने कहा, 'वजन उठाते समय, मुझे बस अपने पिता का चेहरा याद आता था. मेरे पिता ने हमें कभी अपने शरीर पर एक खरोंच तक नहीं आने दी. मेरे पिता की कड़ी मेहनत के बिना इस मुकाम तक पहुंचना संभव नहीं था.' कोयल ने आगे कहा, 'आज इस मुकाम तक पहुंचने के लिए मैंने जो संघर्ष किया है, वह मेरे पिछले संघर्षों के सामने कुछ भी नहीं है. मुझे शुरू से ही बहुत आत्मविश्वास था. जब मैं इतनी सफल हो गई, तो मुझे लगा कि मैं अब सब कुछ कर सकती हूं.' बुखार होने पर भी उसने अभ्यास किया कोयल बार के कोच अष्टम ने कोयल की मेहनती प्रकृति की प्रशंसा की. उन्होंने कहा, 'कोयल की कारीगरी मेरे साथ है. मैं उसे दस साल की उम्र से वेटलिफ्टिंग के गुण सिखा रहा हूं. उसने मेरे प्रशिक्षण में जिला और राज्य स्तर पर कई पदक जीते हैं. कोयल की तकनीक बचपन से ही बहुत अच्छी रही है. मैं उसकी ताकत बढ़ाने के लिए उसे तरह-तरह के व्यायाम कराता था. उसने कभी अपनी प्रैक्टिस नहीं छोड़ी, बुखार होने पर भी उसने अभ्यास किया है.'

AI से झूठ पकड़ेगा, जबलपुर इंजीनियरिंग छात्रों का स्टार्टअप और ई-कॉमर्स आइडिया चर्चा में

जबलपुर  सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में कैंपस टायकून 3.0 का आयोजन किया गया. इसमें इंजीनियरिंग से जुड़े हुए छात्रों ने ऐसे शानदार बिजनेस मॉडल पेश किए, जिन पर यदि काम किया जाए तो वह किसी को भी करोड़पति बना सकता है. वहीं, इन छात्रों के सबसे अच्छे आइडिया आगे आईआईटी में भेजे जाते हैं और इन्हें सरकारी योजनाओं के जरिए फायदा पहुंचाने की कोशिश की जाती है. छात्रों ने दिए सफल स्टार्टअप के शानदार आइडिया जबलपुर गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में शार्क टैंक की तर्ज पर कैंपस टायकून नाम का आयोजन किया जाता है. इसमें छात्र-छात्राएं अपने बिजनेस आइडिया शेयर करते हैं. इन बिजनेस आइडिया को कैसे आगे बढ़ाया जाए इसके लिए उसके जानकार छात्रों की मदद करते हैं. शुक्रवार को कॉलेज में कैंपस टायकून के कार्यक्रम का आयोजन हुआ. जिसमें ऐसे कई शानदार आइडिया आए जो सफल स्टार्टअप हो सकते हैं. लाइ डिटेक्टर विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बुरहानुद्दीन बैंक वाला जबलपुर सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के एआई डिपार्टमेंट के छात्र हैं. अभी उनकी पढ़ाई चल ही रही है लेकिन उनके दिमाग में एक ऐसा आइडिया आया है, जो पुलिस और सेना में काम करने वाले अधिकारियों के लिए फायदे का हो सकता है. बुरहानुद्दीन ने एक ऐसे सॉफ्टवेयर की कल्पना की है, जिसमें किसी अपराधी से सच उगलवाया जा सकता है. इसके लिए बॉडी सेंसिटिव कैमरे और मेडिकल इक्विपमेंट को एक कंप्यूटर से जोड़ा जाएगा और इन पर आने वाली रीडिंग एक सॉफ्टवेयर रीड करेगा. यह सॉफ्टवेयर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आधार पर बनाया गया है. इसमें बुरहानुद्दीन का दावा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित इस लाइ डिटेक्टर सिस्टम से किसी भी शातिर से शातिर अपराधी का मुंह खुलवाया जा सकेगा और इसमें उन्हें थर्ड डिग्री भी नहीं देनी होगी. अपराधी यदि झूठ बोलेगा तो तुरंत पकड़ा जाएगा इसमें वे 100 पैरामीटर शामिल करने वाले हैं जिन पर ये सिस्टम निगाह रखेगा. बुरहानुद्दीन का कहना है कि "यह सिस्टम सेना और पुलिस के लिए बहुत काम का हो सकता है" एंटरटेनिंग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म इसी तरह कॉलेज के छात्र आशीष कुमार झा और उनके साथियों ने अनुभव किया था कि ई-कॉमर्स वेबसाइट पर जब तक किसी को जरूरत नहीं होती तब तक उन्हें कोई नहीं खोलता. ज्यादातर लोग अपना समय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिताते हैं. इसलिए आशीष कुमार झा और उनकी टीम ने एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया है, जिसमें सेलर एंटरटेनमेंट तरीके से कंटेंट बनाएगा और उनके प्लेटफार्म पर कंटेंट शेयर किया जाएगा. यदि किसी को कोई सामान खरीदना है तो उसे किसी दूसरी वेबसाइट पर जाने की जरूरत नहीं होगी. वह डायरेक्ट इसी वेबसाइट से सामान खरीद सकेगा. कैंपस टायकून का आयोजन आशीष कुमार झा कहते हैं कि "अभी तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अलग है और ई-कॉमर्स बिज़नेस अलग है. यदि इन दोनों को एक साथ जोड़कर एक प्लेटफार्म बनाया जाएगा तो ई-कॉमर्स को बढ़ाया जा सकता है और यह एंटरटेनिंग भी होगा." आशीष झा और उनकी टीम ने इस प्लेटफार्म को तैयार भी कर लिया है. इन लोगों का कहना है कि "अभी हमारे वेबसाइट पर 50 यूजर हैं लेकिन यदि इस सिस्टम को उन्हें और बड़ा करना है तो इसमें इन्वेस्टमेंट की जरूरत है. यदि कोई इन्वेस्टर उनके इस सिस्टम में पैसा लगा देता है तो इंटरनेट पर एक नया प्लेटफार्म तैयार हो जाएगा, जो मौजूदा ई-कॉमर्स वेबसाइट से बिल्कुल हटकर होगा." छात्रों ने दिए कई सफल और गजब के आइडिया गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज के कंप्यूटर एंड साइंस के हेड ऑफ द डिपार्टमेंट जितेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि "कैंपस टायकून एक अनोखा आयोजन है. यह तीसरा मौका है जब हमने यह आयोजन करवाया है. इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले छात्र गजब के आइडिया लेकर आते हैं. अब तक ऐसे कई आइडिया आए हैं जिन्हें हमने मदद की है. कुछ ऐसे आइडिया भी है, जिन्हें विकसित करने पर काम चल रहा है. हमने कुछ आइडियाज आईआईटी को भी भेजा है." 'स्टार्टअप को मिलेगी हर जरूरी मदद' गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज की फोर्थ ईयर स्टूडेंट और आयोजक शशांक भार्गव का कहना है कि "इससे पहले भी इंजीनियरिंग कॉलेज में कैंपस टायकून का आयोजन करवाया गया है. इस कार्यक्रम में छात्रों के आइडिया पर सवाल जवाब होता है और सवाल जवाब करने के लिए हमारी टीम एक्सपर्ट्स को बुलाती है, जिन्हें व्यापार की समझ है. इसमें कुछ लोग मनोविज्ञान से जुड़े होते हैं, कुछ व्यापार से जुड़े होते हैं और कुछ तकनीकी ज्ञान रखते हैं. यही लोग मिलकर यह तय करते हैं कि कौन सा आइडिया सबसे बेहतर है, जिसे इनक्यूबेट किया जा सकता है." 'नए स्टार्टअप खोजने का बेहतरीन तरीका' व्यापार के क्षेत्र से जुड़ी प्रीति चौधरी का कहना है कि "कैंपस टायकून नए स्टार्टअप को खोजने का बड़ा अच्छा तरीका है. कॉलेज के छात्र-छात्राओं में गजब के आइडिया हैं. यदि इन्हें इसी स्तर पर शासन की योजनाओं से जोड़कर मदद दे दी जाए तो इसके जरिए नए उद्योगपति खड़े किए जा सकते हैं."  कैंपस टायकून के इस आयोजन में ऐसे कई नए और शानदार आइडिया आए, जिन्हें इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष के छात्रों ने रखा. यदि इन पर थोड़ा-थोड़ा काम किया जाए तो यह बेहतरीन बिजनेस आइडिया हो सकते हैं, जो कामयाब व्यापार खड़ा कर सकता है. इस तरह के आयोजन हर कॉलेज में होना चाहिए. हमारे बीच में कई ऐसे छात्र हो सकते हैं, जिनके पास व्यापार और कारोबार के नए तरीके हों. यदि इन्हें विकसित किया जाएगा तो देश को कई नए स्टार्टअप मिल सकते हैं. इससे देश आर्थिक तरक्की कर सकता है और बेरोजगारी खत्म हो सकती है.