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शराब घोटाले केस: 10 आबकारी अफसरों को सुप्रीम कोर्ट की राहत, दो डायरेक्टर भेजे गए रिमांड पर

रायपुर छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए 32,00 करोड़ के शराब घोटाला केस में 28 आबकारी अफसरों में से दस को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टीस सूर्यकांत,जायमाला बागची और विपुल पंचोली की बेंच ने मामले की सुनवाई की। जिसमें दस आबकारी अधिकारियों को निचली अदालत (ईओडब्ल्यू-एसीबी की विशेष कोर्ट) में अगली पेशी में 23 सितंबर को उपस्थित होकर व्यक्तिगत जमानत बांड पेशकर अग्रिम जमानत प्राप्त करने निर्देशित किया है, जबकि शेष 18 आबकारी अधिकारियों की जमानत पर सोमवार एक सितंबर को सुनवाई नियत की गई है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर 10 अक्टूबर तक जवाब मांगा है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो(ईओडब्ल्यू) ने शराब घोटाला केस में आबकारी विभाग के 29 अफसरों के खिलाफ पिछले महीने विशेष न्यायालय में चालान पेश किया था। इनमें से छह रिटायर हो चुके हैं जबकि एक की मृत्यु हो गई है। शेष 22 अधिकारियों को सरकार ने निलंबित कर दिया था। इन पर वर्ष 2019 से 2023 के बीच 15 जिलों में पोस्टिंग के दौरान 90 करोड़ रुपए की अवैध वसूली करने का आरोप है। सभी अधिकारियों ने गिरफ्तारी के डर से 11 दिन पहले बिलासपुर हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी। जहां सभी की जमानत याचिका खारिज हो गई थी। इसके बाद सभी ने सुप्रीम कोर्ट में रूख किया। याचिकाकर्ताओं की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पैरवी की। इन अधिकारियों को मिली राहत सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित आबकारी अधिकारी अरविंद कुमार पाटले,जनार्दन सिंह कौरव,विकास कुमार गोस्वामी,नोहर सिंह ठाकुर,इकबाल एहमद खान,अनंत कुमार सिंह,नीतू नोतानी ठाकुर,विजय सेन, दिनकर वासनिक, अनिमेष नेताम को निचली अदालत में जमानत बांड पेश कर जमानत लेने के निर्देश दिए गए है। वहीं जबकि सहायक आयुक्त आबकारी रामकृष्ण मिश्रा, मोहित कुमार जायसवाल, जीएस नुरूटी, नितिन कुमार खंडुजा, एके अनंत, सोनल नेताम, सौरभ बख्शी, गरीबपाल सिंह दर्दी, जेआर मंडावी, प्रमोद कुमार नेताम, एलएल ध्रुव, जनार्दन सिंह कौरव, नवीन प्रताप सिंग तोमर, देवलाल वैद्य, राजेश जायसवाल, मंजू श्री कसेर, आशीष कोसन और प्रकाश पाल की जमानत पर एक सितंबर को सुनवाई होगी। डायरेक्टर अतुल और मुकेश को कोर्ट ने 8 दिन की रिमांड पर भेजा छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 32,00 करोड़ के शराब घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने जांच तेज कर दी है। झारखंड के रांची की जेल में बंद ओम साईं बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को ट्रांजिट रिमांड पर शुक्रवार को रायपुर लाकर ईओडब्ल्यू-एसीबी की विशेष न्यायाल में पेश किया गया। जांच एजेंसी ने दोनों से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को आठ दिन यानि छह सितंबर तक राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के अफसरों की रिमांड में भेजने का आदेश सुनाया। केस की जांच कर रहे विवेचना अधिकारी घोटाले का पैसा पता करने के लिए अब दोनो आरोपितों से पूछताछ करेंगे। विवेचना अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में इस केस से संबंध रखने वाले और भी आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा सकती है। दो महीने पहले हुई थी गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड में हुए शराब घोटाला मामले में झारखंड की ईओडब्ल्यू ने करीब दो महीने पहले श्री ओम साईं बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अतुल कुमार सिंह व मुकेश मनचंदा को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन जब उनके जवाब संतोषजनक नहीं मिले तो दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर रांची जेल भेज दिया गया तब से दोनों जेल में बंद थे। अतुल-मुकेश घोटाले के अहम कड़ी ईओडब्ल्यू के अनुसार होलोग्राम आपूर्ति करने वाली प्रिज्म कंपनी के एमडी विधु गुप्ता का नेटवर्क कई राज्यों में है। इस नेटवर्क के जरिए शराब ठेकेदारोंअधिकारियों और सप्लायरों को प्रभावित किया जाता था। वहीं छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा इस पूरे नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि इनकी मदद से ही छत्तीसगढ़ के घोटाले जैसा पूरा सिस्टम झारखंड में खड़ा किया गया। पूछताछ और दस्तावेजी जांच में एजेंसी को कई अहम सुराग मिले हैं। दोनों से पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

15 दिन में तीसरी बड़ी कार्रवाई, भोपाल पहुंची भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद, युगांडा की महिला तस्कर ट्रेन में पकड़ाई

भोपाल  राजधानी भोपाल के मुख्य भोपाल रेलवे स्टेशन पर एक बार फिर नशे का बड़ा जखीरा पकड़ाया है। यह कार्रवाई डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस की भोपाल यूनिट द्वारा गुरुवार को की गई है। इस मामले में हैरानी की बात ये है कि, नशे की ये खेप कोई भारतीय तस्कर नहीं, बल्कि युगांडा की रहने वाली विदेशी महिला के पास पकड़ाई है। आरोपी महिला के पास 4 करोड़ का कोकीन और क्रिस्टल मेथ मिला है। ये भी बता दें कि, डीआरआई की भोपाल में बीते 15 दिनों के दौरान ये तीसरी बड़ी कार्रवाई है। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला गाड़ी नंबर 11051 अमृतसर-सीएसटीएम एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर दिल्ली से मुंबई जा रही थी। डीआरआई ने ट्रेन के एसी कोच में सफर कर रही महिला को हिरासत में लिया है। रेलवे सुरक्षा बल के साथ गुरुवार (28 अगस्त) सुबह 9.30 बजे भोपाल स्टेशन पर युगांडा की महिला नाबायुंगा जरिया को उतार लिया। सामान की जांच करने पर उसके पास 147 ग्राम कोकीन और 370 ग्राम क्रिस्टल मेथ बरामद हुआ है। फिलहाल, टीम ने नशे का इतना बड़ा जखीरा जब्त कर महिला के खिलाफ आगे की कार्रवाई शुरु कर दी है। युगांडा की है महिला  गिरफ्तार की गई महिला की पहचान नाबायुंगा जरिया के रूप में हुई है, जो युगांडा की नागरिक है, वह ट्रेन के एसी कोच में सफर कर रही थी और दिल्ली से मुंबई की तरफ जा रही थी. जानकारी के बाद डीआरआई की टीम ने भोपाल स्टेशन पर ट्रेन को इंटरसेप्ट किया और महिला के सामान की तलाशी ली. इस दौरान एक बैग से क्रिस्टल मेथ बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 4 करोड़ रुपए बताई जा रही है, जिसके बाद महिला को हिरासत में लिया गया है, वहीं उससे पूछताछ शुरू हो गई है. बता दें कि हाल फिलहाल में भोपाल में ड्रग्स से जुड़े कई कनेक्शन सामने आ चुके हैं.  DRI की 15 दिन के अंदर भोपाल में यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 16 अगस्त को जगदीशपुर इलाके में एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर 92 करोड़ की मेफेड्रोन जब्त की थी। इसके चार दिन बाद राजधानी एक्सप्रेस से दो तस्करों को गिरफ्तार कर लगभग 24 करोड़ का हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा) जब्त किया था। डीआरआई को मिली थी गोपनीय सूचना डीआरआई के असिस्टेंट डायरेक्टर उत्सव पाराशर को गोपनीय सूचना मिली थी कि दिल्ली से मुंबई जा रही ट्रेन अमृतसर-सीएसटीएम एक्सप्रेस में एक विदेशी महिला के पास नशे का जखीरा है। इसके बाद टीम ने रेलवे सुरक्षा बल के साथ गुरुवार (28 अगस्त) सुबह 9.30 बजे भोपाल स्टेशन पर युगांडा की महिला नाबायुंगा जरिया को उतार लिया। सामान की जांच की तो उसमें से 147 ग्राम कोकीन और 370 ग्राम क्रिस्टल मेथ मिला। महिला इन मादक पदार्थों को मुबंई लेकर जा रही थी। उसने बताया कि वह नशे की खेप पहुंचाने का काम करती है। डीआरआई अब आरोपी नाबायुंगा से पूछताछ कर इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के नाम पता लगाने में जुटी है। बेहद नशीला होता है क्रिस्टल मेथ मादक पदार्थ क्रिस्टल मेथ को आइस या ग्लास भी कहा जाता है। यह अत्यधिक नशीला और खतरनाक सिंथेटिक पदार्थ है। क्रिस्टल मेथ को लिथियम, एसिड और आयोडीन जैसे खतरनाक पदार्थों के साथ मिलाकर बनाया जाता है। क्रिस्टल मेथ अन्य अवैध पदार्थों की तुलना में अधिक हानिकारक है, क्योंकि यह तेजी से किसी को भी नशे का आदी बना लेता है। नशा करने वाले इसका उपयोग सिगरेट, इंजेक्शन या सूंघ कर करते हैं। इसके इस्तेमाल से अनिद्रा जैसे गंभीर रोगों के साथ शरीर और मस्तिष्क पर विनाशकारी प्रभाव होता है, जो जानलेवा भी हो सकता है।   15 दिन में तीसरी बड़ी कार्रवाई आपको बता दें कि, डीआरआई ने राजधानी भोपाल में बीते 15 दिनों के दौरान तीसरी बड़ी कार्रवाई की है। इससे पहले 16 अगस्त को जगदीशपुर (इस्लामनगर) इलाके में एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर 92 करोड़ की मेफेड्रोन जब्त की थी। इसके चार दिन बाद राजधानी एक्सप्रेस से दो तस्करों को गिरफ्तार कर लगभग 24 करोड़ का गांजा जब्त किया था।

अधूरी जांच का हवाला देकर ज्योति मल्होत्रा के लिए डिफॉल्ट बेल की मांग

हिसार  पाकिस्तान के लिए जासूसी के शक में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा मामले की सुनवाई सिविल जज सुनील कुमार की अदालत में हुई। ज्योति मल्होत्रा को चार्जशीट की प्रति दिए जाने पर बहस हुई। अदालत में सरकारी वकील ने कहा कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है। ऐसे में संवेदनशील जानकारी देने से जांच प्रभावित हो सकती है। इसलिए आरोपी पक्ष को खुफिया जानकारी नहीं दी जाए। ज्योति के वकील ने इस बिंदु को आधार बनाते हुए डिफॉल्ट बेल ( वैधानिक जमानत) की याचिका दायर की है, जिस पर अदालत ने पुलिस से शनिवार को जवाब मांगा है। अदालत में ज्योति मल्होत्रा के वकील कुमार मुकेश ने कहा कि पुलिस ने अभी तक जांच पूरी नहीं की है। भारतीय न्याय संहिता के अनुसार 14 अगस्त को पुलिस को ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ जांच पूरी करनी थी। 14 अगस्त को पुलिस ने अधूरा चार्जशीट पेश करी थी। ज्योति को अब तक चार्जशीट की प्रति नहीं दी गई है। इस तरह के मामलों में सुप्रीम कोर्ट के आर्डर हैं कि अधूरी पुलिस जांच के मामले में आरोपी पक्ष का बेल का अधिकार है, जिसकी कॉपी कोर्ट में जमा कर दी गई है। अदालत चाहे तो बिना पुलिस का पक्ष सुने भी डिफ़ॉल्ट बेल भी दे सकती थी। इस मामले में पुलिस ने अधूरी चार्जशीट पेश की थी, इसी के चलते अदालत ने पुलिस को अपना पक्ष रखने का मौका दिया है। पूरा चालान देना ही होगा… ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने 193 की धारा 7 का हवाला देते हुए कहा कि यह हम चार्जशीट का पूरा हिस्सा नहीं दे सकते। पुलिस ने 14 अगस्त का चालान पेश किया, इसके 11 दिन बाद 25 अगस्त को एप्लीकेशन दी कि हम पूरी चार्जशीट नहीं दे सकते। 11 दिन बाद इस एप्लीकेशन का क्या अर्थ है। पुलिस को उसी दिन एप्लीकेशन देनी चाहिए थी। ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट का हवाला देकर पुलिस दस्तावेज देने से इन्कार नहीं कर सकती। पुलिस दोनों चालान की प्रति हमें दे, ताकि हम अपना जवाब तैयार कर सकें। ज्योति की छवि सुधारने के मीडिया बीफ्रिंग जरूरी… मीडिया ब्रीफिंग रोकने की एप्लीकेशन पर कुमार मुकेश ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में ब्रीफिंग कर ज्योति मल्होत्रा पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए। ज्योति मल्होत्रा को देशद्रोही तक करार दिया जा रहा है। ज्योति के पिता का घर से निकलना दूभर हो गया है। अगर मैं ज्योति के मामले की कवरेज जनता तक नहीं जाएगी तो लोगों में बनी उसकी छवि कैसे ठीक होगी।

लखीमपुर खीरी में थारू हस्तशिल्प कंपनी का गठन, शिल्पकारों की आजीविका में सतत सुधार

थारू जनजाति के सशक्तिकरण पर योगी सरकार का फोकस 371 समूह गठित, हर समूह को 30 हजार रिवॉल्विंग फंड और 1.5 लाख सीआईएफ  लखीमपुर खीरी में थारू हस्तशिल्प कंपनी का गठन, शिल्पकारों की आजीविका में सतत सुधार प्रदेश सरकार ने थारू जनजाति की आर्थिक और सामाजिक प्रगति के लिए चलाए विशेष कार्यक्रम लखीमपुर खीरी के पलिया ब्लॉक में थारू हस्तशिल्प कंपनी से कारीगरों को मिला नया मंच  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की थारू जनजाति के सशक्तिकरण और उनकी आजीविका सुधार के लिए ठोस कदम उठा रही है। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि वनवासी और विशेष जनजातियां मुख्यधारा से जुड़कर न केवल सामाजिक रूप से सशक्त हों बल्कि आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बन सकें। इसी दिशा में प्रदेश के तीन जनपदों में थारू जनजाति के कुल 371 समूह गठित किए गए हैं। यही नहीं, प्रदेश सरकार ने इन समूहों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए विशेष योजना बनाई है। प्रत्येक समूह को 30 हजार रुपए का रिवॉल्विंग फंड और 1.5 लाख रुपए का कम्युनिटी इंवेस्टमेंट फंड (सीआईएफ) दिया गया है। इस वित्तीय सहयोग से समूहों को आत्मनिर्भर बनाने, छोटे उद्योगों की शुरुआत करने और आजीविका सुधार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। लखीमपुर खीरी में थारू हस्तशिल्प कंपनी थारू समुदाय की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच देने के लिए लखीमपुर खीरी के पलिया ब्लॉक में थारू हस्तशिल्प कंपनी की स्थापना की गई है। यह कंपनी FDRVC (Forest and Development Related Value Chain) के सहयोग से स्थापित हुई है। इसका उद्देश्य थारू शिल्पकारों की पारंपरिक कला को संगठित करना, उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और उत्पादों को ब्रांडिंग व मार्केटिंग के जरिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। आजीविका सुधार और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम सरकार का मानना है कि थारू समुदाय के पास प्राकृतिक संसाधनों और हस्तशिल्प की गहरी परंपरा है। इनकी कला और उत्पाद बाजार में उच्च मांग रखते हैं। लेकिन अब तक यह समुदाय संगठित नहीं था, जिस कारण इन्हें उचित मूल्य और मंच नहीं मिल पाता था। नई पहल से न केवल स्थानीय शिल्पकारों को रोजगार के अवसर मिलेंगे बल्कि उनकी आय में भी सतत वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री योगी का विजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार यह कहते आए हैं कि सरकार का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना है। चाहे वह वनवासी हों, वंचित वर्ग हो या विशेष जनजातियां, सभी को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आजीविका से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। थारू जनजाति के लिए उठाए गए ये कदम इसी व्यापक सोच का हिस्सा हैं। सरकार का कहना है कि यह प्रयास थारू जनजाति के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। आगे चलकर अन्य विशेष जनजातियों और वनवासी समुदायों को भी इसी पैटर्न पर सशक्त बनाने की योजना है।    

सीएम का निर्देश, बाढ़ प्रभावित लोगों को न होने पाए किसी भी प्रकार की असुविधा

गाजीपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी प्रवास के बाद गाजीपुर जनपद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने हेलीकॉप्टर से बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के उपरांत जिला एवं मंडल स्तर के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रशासनिक अमला सतत निगरानी में रहे, शरणालयों में रहने वाले लोगों को भोजन, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार हर नागरिक के साथ खड़ी है और आपदा की इस घड़ी में किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। सीएम योगी ने मवेशियों के चारे, पीने के पानी की शुद्धता और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही उन्होंने बाढ़ग्रस्त गांवों में दवाओं, एंटी स्नेक वैनम और एंटी रैबिज टीकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत और बचाव कार्यों को और तेज़ करने तथा बाढ़ पीड़ितों को तुरंत सहायता पहुंचाने पर जोर दिया।

किसानों के लिए खुशखबरी: छत्तीसगढ़ में रासायनिक और नैनो खाद की सुविधा

छत्तीसगढ़ में रासायनिक खाद पर्याप्त, किसानों को नैनो खाद के उपयोग के लिए किया जा रहा जागरूक किसानों के लिए खुशखबरी: छत्तीसगढ़ में रासायनिक और नैनो खाद की सुविधा नैनो खाद से खेती में बढ़ेगा फायदा, छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को किया जागरूक रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को हर संभव रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं रासायनिक उर्वरक की लागत में कमी लाने तथा डीएपी खाद की आपूर्ति में कमी को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार द्वारा 14.62 लाख मीट्रिक टन विभिन्न रासायनिक खादों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के विरूद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के विरूद्ध किसानों को 13.19 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया है। समितियों एवं निजी क्षेत्रों में भी यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान भी उत्साह पूर्वक नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं।  कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 25 अगस्त की स्थिति में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन एवं निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है, जबकि पिछले खरीफ सीजन वर्ष 2024 में 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था। इसी तरह नैनो यूरिया का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 बॉटल (500 मि.ली.) एवं निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल  भंडारण किया गया है। वहीं नैनो डीएपी का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 बॉटल तथा निजी क्षेत्र में 79 हजार 810 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध नैनो यूरिया किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल और नैनो डीएपी 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) वितरित किया जा चुका है।  कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो यूरिया का वितरण किया गया है जिससे 2 हजार 617 मीट्रिक टन परंपरागत यूरिया की आपूर्ति के बराबर प्रभाव पड़ा। वहीं 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो डीएपी का वितरण किया गया जो 4 हजार 628 मीट्रिक टन परंपरागत डीएपी के बराबर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि नैनो उर्वरको का उपयोग परंपरागत उर्वरक भार को कम करने और आपूर्ति में संतुलन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि नैनो यूरिया उपयोग से 80 से 90 प्रतिशत पोषक तत्व प्राप्त होता है इसके साथ ही लागत मंे भी कमी आती हैं वहीं साथ ही पर्यावरण के अनुकूल होते है तथा प्रदूषण स्तर को घटाता है। नैनो यूरिया के उपयोग से परिवहन और भंडारण पर बचत होती है तथा पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है।       कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की एक एकड़ फसल के लिए आवश्यक 50 किलोग्राम ठोस डीएपी खाद के स्थान पर केवल 25 किलोग्राम ठोस डीएपी तथा एक आधा लीटर नैनो डीएपी की बोतल पर्याप्त होती है। कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर कृषि चौपालों एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से किसानों को डेमो दिखाए गए और विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, नैनो उर्वरक से संबंधित पंपलेट, बैनर और पोस्टर सहकारी समितियों में प्रदर्शित किए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी द्वारा लगातार खेतों का भ्रमण कर रहे हैं और किसानों को नैनो उर्वरक के प्रयोग और इसके लाभों की जानकारी दे रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं।

रेलवे अपडेट: बिलासपुर-झारसुगुड़ा रूट पर काम, यात्रियों को झेलनी पड़ेगी 8 ट्रेनों की देरी

बिलासपुर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी परियोजना के तहत रायगढ़ स्टेशन को चौथी रेल लाइन से जोड़ने का काम 31 अगस्त से 15 सितम्बर तक विभिन्न तिथियों पर किया जाएगा। इस दौरान नान-इंटरकनेक्टिविटी कार्य के कारण कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। कुल आठ ट्रेनें हैं जो अलग-अलग तिथियों पर विलंब से चलेंगी। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए कार्य को चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। काम पूरा होने के बाद ट्रेनों की रफ्तार और समय पालन में उल्लेखनीय सुधार होगा। यह लाइन न केवल इस व्यस्त मार्ग पर ट्रेनों की गति और समयबद्धता को बेहतर बनाएगी, बल्कि नई गाड़ियों के संचालन का मार्ग भी प्रशस्त करेगी। इस 206 किलोमीटर लंबे खंड में अब तक 150 किलोमीटर से अधिक का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इन गाड़ियों की यात्रा प्रभावित 2 सितम्बर – 18477 पुरी-योगनगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस 6 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी। 2 सितम्बर – 17007 सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस 2 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी। 2 सितम्बर – 20917 इंदौर-पुरी एक्सप्रेस 6 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी। 3 सितम्बर – 12262 हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस 6 घंटे देरी से रवाना होगी। 3 सितम्बर – 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस 4 घंटे देरी से रवाना होगी। 3 सितम्बर – 20472 पुरी-श्री गंगानगर एक्सप्रेस 3 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी। 3 सितम्बर – 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस 6 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी। 4 सितम्बर – 18478 योगनगरी ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस 6 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी। देरी से रवाना होने वाली गाड़ियां आज और कल गेवरा तक नहीं जाएंगी दो ट्रेनें 12.63 किलोमीटर लंबी कोरबा बायपास लाइन का निर्माण किया जा रहा है। इस लाइन को कुसमुंडा ब्लॉक स्टेशन से जोड़ने के लिए 30 और 31 अगस्त को एनआइ कार्य किया जाएगा। इस काम के कारण कुछ लोकल ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। विशेषकर कोरबा और गेवरा रोड के बीच कुछ सेवाएं दो दिनों तक बंद रहेंगी। रेलवे की ओर से जारी सूचना के अनुसार 30 व 31 अगस्त को 68734 बिलासपुर–गेवरारोड मेमू कोरबा तक ही चलेगी, कोरबा–गेवरारोड के बीच रद रहेगी। परिवर्तित मार्ग से चलेंगी ट्रेनें, सफर से पहले दें ध्यान पूर्वी तटीय रेलवे के सम्बलपुर स्टेशन में यार्ड रीमॉडलिंग का कार्य चल रहा है। यह कार्य अब एक सितम्बर 2025 तक बढ़ा दिया गया है। इसके चलते दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से संबंधित कई यात्री गाड़ियों का संचालन परिवर्तित मार्ग सरला जंक्शन व सम्बलपुर सिटी होकर किया जाएगा। बिलासपुर से गुजरने वाले यात्रियों को भी इस बदलाव का ध्यान रखना होगा। यात्रा से पहले ट्रेन के मार्ग और समय की जानकारी रेलवे की वेबसाइट से ले सकते हैं।  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में काशीवासियों की समस्याओं से रूबरू हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने काशी में किया 'जनता दर्शन', हर फरियादी की सुनीं समस्याएं  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में काशीवासियों की समस्याओं से रूबरू हुए मुख्यमंत्री  100 से अधिक लोगों की सुनीं फरियाद, अधिकारियों को तत्काल निस्तारण का दिया निर्देश  मुख्यमंत्री ने कहा- प्रदेश के हर नागरिक के चेहरे पर खुशहाली लाने के लिए सरकार निरंतर प्रयत्नशील  वाराणसी  काशीवासियों के लिए शनिवार की सुबह नई आशा और विश्वास की रही, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में 'जनता दर्शन' किया। उन्होंने यहां हर फरियादी की समस्याएं सुनीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में हुए 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में 100 से अधिक फरियादी पहुंचे। मुख्यमंत्री सभी के पास गए, उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द निराकरण का  आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए तत्काल निस्तारण का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नागरिकों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान ही सरकार का ध्येय है। प्रदेश के हर नागरिक के चेहरे पर खुशहाली लाने के लिए सरकार निरंतर प्रयत्नशील है।  हर पीड़ित के पास पहुंचे मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को 'जनता दर्शन' किया। जानकारी होते ही फरियादी सुबह ही सर्किट हाउस पहुंच गए। मुख्यमंत्री ने लगभग 100 से अधिक लोगों की समस्याएं सुनी और प्रार्थना पत्र लिया। मुख्यमंत्री ने आयुक्त, पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी समेत आलाधिकारियों को समस्या के त्वरित निस्तारण कराने और पीड़ितों से फ़ीडबैक लेने के लिए निर्देशित किया।  सीवर कनेक्शन, सड़क, राजस्व, पुलिस आदि से जुड़े मामले आए 'जनता दर्शन' में पहुंचे दिव्यांग फरियादी ने नेत्रहीनों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी और एक कलाकार ने प्रदर्शनी लगाने के लिए उचित दर पर हॉल की मांग की। जनता दर्शन में सीवर कनेक्शन, कच्ची सड़कों के पक्का करने, जमीन और चक रोड से सम्बंधित मामले भी आए। राजस्व से संबंधित शिकायतें भी पहुंचीं। चंदौली से आए फरियादी ने मुआवजा न मिलने की शिकायत की। पुलिस से जुड़ीं शिकायतें भी लेकर लोग यहां पहुंचे। एक निजी स्कूल के मृतक शिक्षक की पत्नी ने भी मुख्यमंत्री से मुलाक़ात की।  सीएम ने दिया निर्देश- जनता का फीडबैक भी लें अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नागरिकों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान ही सरकार का ध्येय है। प्रदेश के हर नागरिक के चेहरे पर खुशहाली लाने के लिए सरकार निरंतर प्रयत्नशील है। उन्होंने सभी अधिकारियों को समस्याओं पर कार्रवाई करते हुए त्वरित निस्तारण करने और फरियादियों का फीडबैक लेने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में सरकार के मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक-पुलिस के आलाधिकारी भी उपस्थित रहे।  बच्चों का भी पूछा हाल, उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामना मुख्यमंत्री ने पीड़ितों के साथ आए बच्चों से भी मिले। सीएम ने उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा। सीएम ने पूछा कि स्कूल जाते हो या नहीं, पढ़ाई कैसी चल रही है। मन लगाकर पढ़ाई करना। सीएम ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की भी शुभकामनाएं दीं।  

महाकाल आरती बुकिंग अपडेट: अग्रिम सीट पाने के लिए जानें जरूरी नियम

 उज्जैन महाकाल मंदिर की भस्म आरती दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब भक्तों को भस्म आरती बुकिंग के साथ ही यह ज्ञात हो जाएगा कि उन्हें आरती के दौरान कहां बैठना है। मंदिर समिति (Mahakal Mandir Ujjain) श्रद्धालुओं को वर्चअल अनुमति के साथ नंबर भी जारी करेगी। अभी भक्तों को यह पता नहीं होता है कि उन्हें कहां बैठाया जाएगा। नई व्यवस्था को लेकर तैयारी जारी है। ज्योतिर्लिंग महाकाल (Mahakaleshwar Jyotirlinga) मंदिर में प्रतिदिन तड़के चार बजे भगवान महाकाल की भस्म आरती होती है। मंदिर समिति द्वारा प्रतिदिन 1700 भक्तों को भस्म आरती दर्शन की अनुमति दी जाती है। भस्म आरती दर्शन के लिए भक्तों को नंदी, गणेश व कार्तिकेय मंडपम् में बैठाया जाता है। भक्तों को यह नहीं पता होता है कि उन्हें कहां बैठाया जाएगा। प्रचलित व्यवस्था अनेक अवसरों पर विवाद का कारण बनती है। पहले आवेदन करने पर मिलेगी आगे की जगह आए दिन धक्का-मुक्की भी होती है। मंदिर में प्रवेश करने के बाद कई भक्त आगे बैठने को लेकर विवाद करने लगते हैं। भस्म आरती की नई दर्शन व्यवस्था प्रथम आओ प्रथम पाओ के आधार पर रहेगी। पहले आवेदन करने वाले अग्रिम पंक्ति में बैठ सकेंगे। यह व्यवस्था इस मिथक को पूरी तरह तोड़ देगी कि वीवीआईपी ही सबसे आगे बैठकर भस्म आरती दर्शन करते हैं। श्रद्धालुओं को पता लग जाएगा कि कहां बैठना है     भस्म आरती दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्थान तय करने की व्यवस्था बना रहे हैं। दर्शन बुकिंग के साथ ही श्रद्धालुओं को यह भी पता लग जाएगा कि उन्हें कहां बैठना है। व्यवस्था को लेकर तैयारियां जारी हैं। मंदिर में अन्य तकनीकी नवाचार भी कर रहे हैं। – रौशन कुमार सिंह, कलेक्टर, उज्जैन।  

अगले कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ का मौसम होगा सामान्य, फिलहाल हल्की-मध्यम बारिश की संभावना

रायपुर पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश के बाद एक बार फिर प्रदेश में मौसम की स्थिति सामान्य हो गई है। शनिवार को प्रदेश में सामान्य बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को प्रदेशभर में मौसम इसी तरह का बना रहेगा। आकाश में आंशिक बादल छाए रहने के साथ उमसभरी गर्मी बनी रहेगी। रायपुर, बिलासपुर व आसपास के क्षेत्रों में भी शुक्रवार जैसा ही मौसम रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने संभावना जतायी है कि शनिवार को प्रदेश भर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं राज्य के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी मौसम विभाग की ओर से दी गई है। आने वाले 1-2 दिनों तक मौसम का हाल ऐसा ही बना रहेगा। गर्मी ने किया बुरा हाल राजनांदगांव में शुक्रवार को सबसे अधिक तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान दुर्ग में 20 डिग्री रिकार्ड किया गया। बिलासपुर में 31 डिग्री, रायपुर में 32.8 डिग्री, पेण्ड्रारोड में 31.4 डिग्री, अंबिकापुर में 30.2 डिग्री और जगदलपुर में 29.8 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में बिलासपुर का हाल 29 अगस्त शुक्रवार को शहर का मौसम दिनभर लोगों को परेशान करता रहा। बीच-बीच में हल्के बादल जरूर छाए, लेकिन धूप तेज बनी रही। नतीजतन उमसभरी गर्मी से लोगों को खासी दिक्कत हुई। अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.3 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की द्रोणिका बीकानेर, कोटा, गुना, दमोह, पेण्ड्रारोड, संबलपुर और पुरी होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके साथ ही विदर्भ और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा बना हुआ है, जो समुद्र तल से 7.6 किमी तक फैला है और ऊंचाई पर दक्षिण-पश्चिम की ओर झुक रहा है। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ से उत्तरी केरल तक एक और द्रोणिका विदर्भ व आंतरिक कर्नाटक से गुजर रही है। इनके असर से मौसम बदला हुआ है और गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। बदलते मौसम का सेहत पर असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा विपरीत असर, रहें सतर्क बरसात के बीच उमसभरी गर्मी से लोगों की सेहत पर असर पड़ सकता है। उमस की वजह से डिहाइड्रेशन, थकान, सिरदर्द और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में चिकित्सक पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, नींबू पानी और मौसमी फलों के रस का सेवन करने की सलाह देते हैं। धूप में निकलने से बचें और यदि निकलना जरूरी हो तो हल्के कपड़े पहनें और छाता या कैप का प्रयोग करें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।