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कोर्ट से अनुमति लेकर मां बनीं हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री, परिवार में गूंजी किलकारी

हिसार  हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव सरोगेसी से सिंगल मदर (एकल मां) बन गई हैं। उनका बेटा तीन माह का हो गया है। आरती ने बेटे का नाम राव जयवीर सिंह रखा है। माना जा रहा है जयवीर अपने नाना केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाएगा। स्वास्थ्य मंत्री के परिवार ने आरती के सरोगेसी से सिंगल मदर बनने की सूचना सार्वजनिक नहीं की है। मंत्री के निजी सहायक नवीन यादव ने सरोगेसी से आरती के सिंगल मदर बनने की पुष्टि की है। जयवीर सिंह का लालन-पालन मंत्री आवास पर हो रहा है। केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत की दो बेटियां हैं। आरती राव बड़ी बेटी हैं। उन्होंने साल 2024 के विधानसभा चुनाव में अटेली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता था। नायब सैनी सरकार में आरती स्वास्थ्य मंत्री हैं। छोटी बेटी का नाम भारती राव है। भारती दो बेटों की मां हैं। वह राजनीति व सुर्खियों से दूर रहती हैं। बड़ी बेटी आरती राव ही पिता की सियासी विरासत को संभाल रही हैं। सरोगेसी से मां बनने के लिए कोर्ट से ली थी अनुमति बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य मंत्री आरती ने सरोगेसी से सिंगल मदर बनने के लिए पहले कोर्ट से अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने के बाद ही पूरी प्रक्रिया अपनाई गई। करीब तीन माह पहले आरती राव के घर बेटे के जन्म की खुशियां आईं। राव तुलाराम की पांचवीं पीढ़ी में अब राव जयवीर सिंह हैं। आरती के दादा राव बीरेंद्र सिंह मार्च 1967 में हरियाणा के दूसरे मुख्यमंत्री बने थे। राव बीरेंद्र की सियासी विरासत को उनके बेटे राव इंद्रजीत ने संभाला। इंद्रजीत के भाई भी राजनीति में आए लेकिन ज्यादा सफल नहीं रहे। शुरू से पिता के करीब रही हैं आरती तीन जुलाई 1979 को जन्मीं आरती राव शुरू से पिता राव इंद्रजीत के ज्यादा करीब रही हैं। पिता से प्रेरित होकर ही आरती निशानेबाज बनीं और बाद में राजनीति में आईंं। छह से अधिक बार सार्वजनिक मंच से हरियाणा में भाजपा सरकार दक्षिण हरियाणा में जीत की वजह से बनने की बात कहकर उन्होंने राजनीतिक हलचल मचाई थी। उनके पिता भी हमेशा से अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं। आरती 15 बार राष्ट्रीय निशानेबाजी चैंपियन रह चुकी हैं।

इंदौर और भोपाल में भी बादलों की दस्तक, मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी

भोपाल मध्यप्रदेश में बारिश के दो स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने की वजह से कई दिनों में तेज बारिश का दौर चल रहा है। शनिवार को इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के 19 में से 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसलिए हो रही तेज बारिश  मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक ने बताया कि प्रदेश से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है। वहीं, एक अन्य ट्रफ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है। इस वजह से शुक्रवार को कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा। शनिवार को भी बारिश का सिस्टम एक्टिव रहेगा।प्रदेश में शुक्रवार को बारिश का दौर बना रहा। सिवनी और इंदौर में आधा इंच पानी गिर गया। वहीं, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, इटारसी-पिपरिया, धार के पीथमपुर, बैतूल, टीकमगढ़ में भी बारिश हुई। प्रदेश में अब तक 36.5 इंच बारिश प्रदेश में अब तक औसत 36.5 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 30 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.5 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। 0.5 इंच बारिश होते ही इस बार भी बारिश का कोटा फुल हो जाएगा। पिछली बार 44 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार बारिश के मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां औसत 54.5 इंच पानी गिर चुका है। वहीं, मंडला में 53.8 इंच बारिश हुई है। अशोकनगर में 50.9 इंच, शिवपुरी में 50.7 इंच और श्योपुर में 50.3 इंच बारिश हुई है।वहीं, सबसे कम बारिश वाले 5 जिलों में सभी इंदौर संभाग के हैं। इंदौर सबसे आखिरी में है। यहां अब तक औसत 18.7 इंच बारिश हुई है। बुरहानपुर में 22.7 इंच, खरगोन में 19.8 इंच, खंडवा में 21.5 इंच और बड़वानी में 21.4 इंच पानी गिरा है। शुक्रवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक रतलाम में 16, सिवनी में 13, इंदौर में 11, नर्मदापुरम में आठ, बैतूल में चार, पचमढ़ी एवं टीकमगढ़ में दो-दो मिलीमीटर बारिश हुई। मध्य प्रदेश के 16 जिलों भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर और खंडवा में आज कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। यहां बना हुआ है चक्रवात मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक मानसून द्रोणिका वर्तमान में बीकानेर, कोटा, गुना, दमोह, पेंड्रा रोड, संबलपुर, पुरी से होकर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। विदर्भ और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात मौजूद है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ से उत्तरी केरल तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो विदर्भ पर बने से चक्रवात एवं आंतरिक कर्नाटक से होकर जा रही है। तीन-चार दिन तक बना रहेगा बारिश का सिलसिला मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी आ रही है। इस वजह से रुक-रुककर बारिश हो रही हैं। प्रदेश के विभिन्न शहरों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला तीन-चार दिन तक बना रह सकता है। उधर पिछले 24 घंटों के दौरान शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक रायसेन में 44.8, छिंदवाड़ा में 29.8, मलाजखंड में 26.2, पचमढ़ी में 23, मंडला में 15.7, इंदौर में 13.8, खंडवा में 13, भोपाल में 10.6, बैतूल में 9.2, खजुराहो में 2.2, रतलाम में दो, उमरिया में 1.6, दमोह एवं नरसिंहपुर में एक-एक मिमी. बारिश हुई।

पुतिन भारत आ रहे हैं दिसंबर में, क्रेमलिन के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया

नई दिल्ली रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिसंबर में भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। इस बात की पुष्टि क्रेमलिन के वरिष्ठ अधिकारी यूरी उशाकोव ने की है। उन्होंने बताया कि आगामी सोमवार को चीन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन की मुलाकात होगी, जहां दोनों नेता पुतिन की दिसंबर यात्रा की तैयारियों पर चर्चा करेंगे। इससे पहले भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी संकेत दिया था कि पुतिन जल्द ही भारत आएंगे, हालांकि उस समय यात्रा की तारीखें तय नहीं हुई थीं। डोभाल ने भारत-रूस के विशेष और पुराने रिश्तों पर जोर देते हुए कहा कि दोनों देश इस संबंध को बहुत महत्व देते हैं। रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने जताई नाराजगी पुतिन की भारत यात्रा की घोषणा ऐसे समय आई है जब अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल आयात को लेकर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने का फैसला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कदम को रूस के खिलाफ दबाव बनाने के प्रयास के तौर पर लिया है। ट्रंप का आरोप है कि भारत डिस्काउंट पर रूस से तेल खरीदकर उसे उच्च दाम पर वैश्विक बाजार में बेचकर भारी मुनाफा कमा रहा है। उन्होंने ट्वीट में कहा था कि ‘भारत को इससे फर्क नहीं पड़ता कि यूक्रेन में रूस की मशीनरी से कितने लोग मारे जा रहे हैं।’ भारत ने अमेरिकी आरोपों को ठुकराया भारत ने अमेरिकी टैरिफ को अनुचित, गैर-न्यायसंगत और अस्वीकार्य करार दिया है। भारत का कहना है कि जब अमेरिका और यूरोप भी रूस से ऊर्जा खरीद रहे थे, तो भारत पर ऐसे आरोप लगाना उचित नहीं है। फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पश्चिमी देशों ने रूस की कमाई पर रोक लगाने की कोशिश की, लेकिन यूरोप के बाजार बंद होने के कारण रूस ने अपना तेल भारत और चीन जैसे देशों की ओर मोड़ दिया। इसके कारण रूस की अरबों डॉलर की कमाई जारी है। 

सरकार ने बढ़ाई सैलरी, 1 जुलाई से हरियाणा कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

चंडीगढ़   हरियाणा सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के कर्मचारियों को एक और बड़ी राहत दी है। सरकार ने उनकी मजदूरी दरों में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह संशोधन 1 जून 2025 से लागू होगा। इस संबंध में सरकार ने आधिकारिक पत्र भी जारी कर दिया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि वित्त विभाग ने प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है और इसके तहत मजदूरी दरों में 50 रुपये का इजाफा किया गया है। इस निर्णय का सीधा लाभ प्रदेश के लगभग 1.18 लाख कर्मचारियों को मिलेगा। यह लगातार दूसरा मौका है जब HKRN कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की गई है। जून 2024 में भी 5 प्रतिशत सैलरी वृद्धि लागू की गई थी, जिससे कर्मचारियों की आय में 900 से 1200 रुपये तक का इजाफा हुआ था। वेतन में होगा इतना इजाफा इस वृद्धि से कर्मचारियों की सैलरी में 900 रुपये से लेकर 1200 रुपये की बढ़ोतरी होगी। जिन कर्मचारियों को पांच से दस साल का अनुभव है उनके वेतन में दस फीसदी और जिनका दस साल या उससे ऊपर है उनके वेतन में 20 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। इससे पहले हरियाणा कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों की जून महीने में 5 प्रतिशत सैलरी बढ़ाई गई थी। बता दे कि हाल ही में हरियाणा सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में कार्यरत अनुबंध कर्मचारियों की सेवा अवधि 30 सितम्बर, 2025 तक बढ़ाया है। जिलेवार श्रेणी के हिसाब से मिलेगा लाभ यह वेतन वृद्धि जिलावार श्रेणी के हिसाब से लागू होगी। चुंकी हरियाणा सरकार ने जिले को तीन श्रेणियों में बांट रखा है। पहली श्रेणी में गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, सोनीपत, दिल्ली और चंडीगढ़, दूसरी श्रेणी में पानीपत, झज्जर, पलवल, करनाल, अंबाला, हिसार, रोहतक, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, कैथल, यमुनानगर, भिवानी और जींद जिले आते हैं। वहीं, महेंद्रगढ़, फतेहाबाद, सिरसा, नूंह और चरखी दादरी को तीसरी कैटेगरी में रखा गया है। 2023 में हुई थी बड़ी बढ़ोतरी इससे पहले वर्ष 2023 में भी कर्मचारियों के वेतनमान में 10 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई थी। उस समय थर्ड लेवल पर 10 साल अनुभव वाले कर्मचारी का बेस रेट 20,700 रुपये, सेकेंड लेवल का 22,000 रुपये और फर्स्ट लेवल का 18,100 रुपये तय किया गया था।

रीवा के युवक ने लगाई याचिका, ऑनलाइन गेम्स कानून की वैधता होगी हाईकोर्ट में परखी

जबलपुर  केंद्र सरकार कानून बनाकर ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। जिसे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। रीवा के पुष्पेंद्र सिंह ने याचिका दायर कर कहा है कि इस तरह का कानून लाकर मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए केस को अगले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध किया है। बता दें कि इससे पहले कई राज्यों में ऑनलाइन गेमिंग कानून को लेकर याचिका दायर की गई हैं। पुष्पेंद्र सिंह रीवा की क्लबूबम 11 स्पोर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ हैं। याचिका में उन्होंने बताया है कि केंद्र सरकार 22 अगस्त को ऑनलाइन गेमिंग कानून लाई है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं। कंपनी का तर्क है कि फेंटेसी स्पोर्ट्स को सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट पहले ही कौशल आधारित खेल मानकर वैध ठहरा चुके हैं। इसके बाद भी सरकार का नया कानून युवा और कौशल आधारित खेलों के बीच का फर्क खत्म करके पूरे उद्योग को अवैध बता रहा है, जो अवैधानिक है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है 22 अगस्त को ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है। अब ये कानून बन गया है। 21 अगस्त को राज्यसभा और उससे एक दिन पहले लोकसभा ने प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को मंजूरी दी थी। इस बिल को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पेश किया था। नया कानून मौलिक अधिकार का हनन पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि ये कानून उन गेम्स को भी बैन करता है, जो स्किल-बेस्ड हैं, जैसे रमी और पोकर। भारत में पिछले 70 सालों से सुप्रीम कोर्ट और कई हाई कोर्ट ने स्किल-बेस्ड गेम्स को गैंबलिंग से अलग माना है।     ये कानून व्यापार करने के मौलिक अधिकार का हनन करता है।     कानून स्किल-बेस्ड और चांस-बेस्ड गेम्स में कोई अंतर नहीं करता।     इस बैन से गेमिंग इंडस्ट्री को भारी नुकसान होगा। लाखों नौकरियां खतरे में हैं।     बैन से लोग अवैध ऑफशोर प्लेटफॉर्म्स की ओर जाएंगे, जहां कोई रेगुलेशन नहीं होता। इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा ? इस कानून के आने के बाद ड्रीम11, गेम्स24×7, विंजो, गेम्सक्राफ्ट और माय11 सर्कल जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स ने अपने मनी-बेस्ड गेम्स बंद कर दिए हैं। उदाहरण के लिए …     ड्रीम11 ने 22 अगस्त को अपने कैश-बेस्ड गेम्स बंद करने की घोषणा की।     गेम्स क्राफ्ट ने अपनी रमी एप्स, जैसे रमीकल्चर और गेम प्ले सर्विसेज रोक दी हैं।     पोकरबाजी ने भी अपने ऑपरेशंस बंद कर दिए हैं। ऑनलाइन गेमिंग कानून में 4 सख्त नियम इस कानून में कहा गया है कि चाहे ये गेम्स स्किल बेस्ड हों या चांस बेस्ड दोनों पर रोक है।     रियल-मनी गेम्स पर रोक: कोई भी मनी बेस्ड गेम ऑफर करना, चलाना, प्रचार करना गैरकानूनी है। ऑनलाइन गेम खेलने वालों को कोई सजा नहीं होगी।     सजा और जुर्माना: अगर कोई रियल-मनी गेम ऑफर करता है या उसका प्रचार करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। विज्ञापन चलाने वालों को 2 साल की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।     रेगुलेटरी अथॉरिटी: एक खास अथॉरिटी बनाई जाएगी, जो गेमिंग इंडस्ट्री को रेगुलेट करेगी, गेम्स को रजिस्टर करेगी और ये तय करेगी कि कौन सा गेम रियल-मनी गेम है।     ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा: पबजी और फ्री फायर जैसे ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को सपोर्ट किया जाएगा। ये गेम्स बिना पैसे वाले होते हैं इसलिए इन्हें बढ़ावा मिलेगा।  

CM सैनी बोले—कांग्रेस और नेताओं से अच्छी भाषा की उम्मीद कैसे करें

हिसार  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी  जोधपुर पहुंचे. एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब पूरी तरह से कमजोर हो चुकी है और उसके नेता निराशा व हताशा की स्थिति में हैं. जानकारी के अनुसार, सैनी ने कांग्रेस पर तीखा वार करते हुए कहा कि “कांग्रेस नेताओं का जन्म भ्रष्टाचार की दलदल में हुआ है और राहुल गांधी व तेजस्वी यादव जैसे नेता उसी दलदल में पनपे हैं. इसलिए उनकी भाषा और सोच कभी भी सकारात्मक नहीं हो सकती.” कांग्रेस नेताओं का जन्म भ्रष्टाचार की दलदल में हुआ- CM सैनी  इस मामले में उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना कांग्रेस शासन से करते हुए कहा कि आज मोदी जी के नेतृत्व में पूरी दुनिया भारत को सम्मान की दृष्टि से देख रही है, जबकि कांग्रेस के कार्यकाल में देश को भ्रष्टाचार की नजर से देखा जाता था. इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि “राहुल गांधी वोट चोरी की बात करते हैं, लेकिन वोट चोरी तो कांग्रेस के डीएनए में है. जब सरदार वल्लभभाई पटेल को प्रधानमंत्री बनने के लिए 14 वोट मिले और नेहरू जी को मात्र एक वोट, तब भी कांग्रेस ने वोट चोरी कर नेहरू जी को प्रधानमंत्री बना दिया था.”उन्होंने कहा कि गरीब का बेटा बार-बार प्रधानमंत्री बन रहा है, यही कांग्रेस को बर्दाश्त नहीं होता. इसी कारण वे मोदी जी की माता जी तक का अपमान करने वाले बयान देते हैं. हमारी पवित्र धरती को कांग्रेस ने कलंकित किया- CM सैनी  इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए. कांग्रेस बार-बार संविधान खतरे में होने की बात करती है, लेकिन देश ने हर बार उनके इस झूठ को नकारा है और आगे भी नकारेगा. उन्होंने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि “जिस पवित्र धरती से महात्मा बुद्ध और चाणक्य जैसे महान संत हुए, जहां गुरु गोविंद सिंह का प्रकाश पर्व हुआ और जहां मां सीता का जन्म हुआ, उस धरती को कांग्रेस ने कलंकित किया है.” जोधपुर में नायब सिंह का यह दौरा भाजपा कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने और कांग्रेस पर सीधा हमला बोलने के रूप में देखा जा रहा है.

जापानी पीएम के साथ ट्रेन राइड पर निकले PM मोदी, भारतीय ड्राइवरों से बातचीत

टोक्यो  जापान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम शिगेरु इशिबा के साथ बुलेट ट्रेन का भी लुत्फ उठाया। साथ ही उन्होंने बुलेट ट्रेन ड्राइविंग की ट्रेनिंग लेने वाले भारतीयों से भी मुलाकात की। जापानी प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर करते हुए कहा, प्रधानमंत्री मोदी के साथ सेंदाई की यात्रा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोद ने ALFA-X ट्रेन को भी देखा और जानकारी ली। बता दें कि भारतीय ड्राइवर जेआर ईस्ट के साथ इस समय ट्रेनिंग कर रहे हैं। जेआर ईस्ट जापान की एक रेलवे कंपनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्लैटफॉर्म पर ही उनसे मुलाकात की और फोटो भी खिंचवाईं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को जापान के मियागी प्रांत के सेंडाई में स्थित एक सेमीकंडक्टर संयंत्र गए। इससे पहले प्रधानमंत्री ने जापान के 16 प्रांतों के गवर्नर से मुलाकात की और भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी के तहत ‘राज्य-प्रांत सहयोग’ को मजबूत किए जाने का आह्वान किया। जापान के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक बयान में यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘तोक्यो में आज सुबह जापान के 16 प्रांतों के गवर्नर के साथ बातचीत की। राज्य-प्रांत सहयोग भारत-जापान मैत्री का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यही कारण है कि कल 15वें वार्षिक भारत-जापान शिखर सम्मेलन के दौरान इस पर अलग से एक पहल की गई।’ उन्होंने कहा, ‘व्यापार, नवोन्मेष, उद्यमिता आदि क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। ‘स्टार्टअप’, प्रौद्योगिकी और एआई जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्र भी लाभकारी हो सकते हैं।’ विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, मोदी ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों पर आधारित भारत-जापान संबंध निरंतर मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि तोक्यो और नयी दिल्ली पर परंपरागत रूप से ध्यान केंद्रित करने से आगे बढ़कर राज्य-प्रांत संबंधों को नए सिरे से बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य-प्रांत साझेदारी पहल व्यापार, प्रौद्योगिकी, पर्यटन, कौशल, सुरक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सहयोग को बढ़ावा देगी। प्रधानमंत्री ने जापान के विभिन्न प्रांतों के गवर्नर और भारतीय राज्य सरकारों से विनिर्माण, गतिशीलता, अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे, नवोन्मेष, ‘स्टार्ट-अप’ और लघु व्यवसायों में सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया। पहलगाम हमले पर क्या बोले पीएम मोदी और जापानी प्रधानमंत्री इशिबा? भारत और जापान ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है. दोनों देशों ने कहा कि हमले के जिम्मेदार आतंकियों, उनके आयोजकों और फाइनेंसर्स को तुरंत न्याय के कटघरे में लाया जाए. यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के बीच शिखर वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में दिया गया. 'सफल दौरे से मिले शानदार नतीजे', PM मोदी की यात्रा के दौरान भारत-जापान के बीच ये समझौते हुए पीएम मोदी की यात्रा के दौरान भारत और जापान के बीच कई समझौते हुए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक एक्स पोस्ट में इसकी जानकारी दी जिसे प्रधानमंत्री ने रीपोस्ट किया. प्रधानमंत्री मोदी ने जापान के गवर्नरों से मुलाकात की अपने दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के अलग-अलग प्रीफेक्चरों (राज्य-स्तर की इकाइयों) के गवर्नरों से मुलाकात की. इस बातचीत में 16 गवर्नरों ने हिस्सा लिया. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जापान के रिश्ते बहुत पुराने सभ्यता से जुड़े हुए हैं और आज भी लगातार मजबूत हो रहे हैं. उन्होंने बताया कि अब जरूरत है कि दिल्ली और टोक्यो तक सीमित रिश्तों को आगे बढ़ाकर भारत के राज्यों और जापान के प्रीफेक्चरों के बीच सीधा सहयोग बढ़ाया जाए. इसके लिए 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में 'स्टेट-प्रीफेक्चर पार्टनरशिप' की शुरुआत की गई थी, जो ट्रेड, तकनीक, पर्यटन, सुरक्षा, स्किल और कल्चर जैसे क्षेत्रों में रिश्तों को और मजबूत करेगी. मोदी ने भारतीय राज्यों और जापानी गवर्नरों से कहा कि वे मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, स्टार्टअप्स, छोटे उद्योग और नए इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में साझेदारी करें. उन्होंने कहा कि जैसे जापान के हर प्रीफेक्चर की अपनी खास ताकत है, वैसे ही भारत के हर राज्य की अपनी अलग क्षमता है. अगर दोनों मिलकर काम करें तो बड़ा फायदा होगा. मोदी ने खासतौर पर युवाओं और कौशल विकास के आदान-प्रदान पर जोर दिया और कहा कि जापानी टेक्नोलॉजी और भारतीय टैलेंट साथ आएंगे तो नए अवसर बनेंगे. गवर्नरों ने भी माना कि अगर राज्यों और प्रीफेक्चरों के बीच सीधे रिश्ते बढ़ते हैं तो भारत-जापान के कारोबारी, शैक्षिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच संबंध और मजबूत होंगे.

HC ने तमिलनाडु सरकार को दिया झटका, कहा—मंदिर का पैसा सरकारी नहीं

मदुरै मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को झटका दिया है। कोर्ट की तरफ से कहा गया कि भक्तों द्वारा मंदिर को दान किया गया धन केवल देवता का है। ऐसे में इसका इस्तेमाल केवल मंदिर के किसी काम के लिए या फिर धार्मिक और धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए। इस फैसले के साथ ही हाई कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा 2023 से 2025 के बीच जारी किए गए उन 5 आदेशों को भी रद्द कर दिया, जिनमें मंदिर के धन का उपयोग करके विवाह मंडपों का निर्माण करने को कहा गया था। मंदिर की संपत्ति और धन को सरकार द्वारा व्यावसायिक रूप से उपयोग करने के खिलाफ दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि सरकार के पास मंदिर के धन का उपयोग करने का कोई अधिकार नहीं है। याचिकाकर्ता का तर्क था कि सरकार ने जिन विवाह भवनों का निर्माण मंदिर के पैसे से करवाना चाहती है उसका कोई धार्मिक उद्देश्य नहीं है, क्योंकि इन्हें किराए पर दिया जा रहा है। मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै पीठ के न्यायमूर्ति एस.एम सुब्रहमण्यम और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की बेंच ने इस सप्ताह की शुरुआत में यह आदेश पारित किया। पीठ ने कहा कि तमिल नाडु सरकार मंदिर के संसाधनों का उपयोग केवल मंदिरों के रखरखाव और विकास तथा उससे जुड़ी धार्मिक गतिविधियों पर करने के लिए बाध्य है। इसका उपयोग व्यावसायिक रूप से नहीं किया जा सकता। हिंदू विवाह एक संस्कार, धार्मिक उद्देश्य नहीं: मद्रास हाईकोर्ट राज्य सरकार की तरफ से वकील वीरा कथिरावन ने तर्क दिया कि मंदिर के धन का उपयोग समाज के लिए ही किया जा रहा है। जिन भवनों का निर्माण किया गया है, उनमें धार्मिक रीति-रिवाजों के तहत किए जाने वाले हिंदू विवाह को ही अनुमित दी जाएगी। राज्य ने अदालत को आगे बताया कि अभी तक कोई पैसा जारी नहीं किया गया है और सभी प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त की जाएगी। हालांकि, उच्च न्यायालय ने राज्य के इस तर्क को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसने माना कि हिंदू विवाह को एक संस्कार माना जाता है, लेकिन हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत इसमें संविदात्मक तत्व भी शामिल हैं। इसलिए, हिंदू विवाह एचआर एंड सीई अधिनियम के तहत अपने आप में एक “धार्मिक उद्देश्य” नहीं है कोर्ट ने हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम, 1959 का जिक्र करते हुए कहा कि यह अधिनियम मंदिर के धन को केवल धार्मिक कार्यों या धर्मार्थ उद्देश्यों जैसे की पूजा, अन्नदान, तीर्थ यात्रियों के कल्याण और गरीबों की सहायता के लिए खर्ज करने की अनुमित देता है, न कि किसी ऐसे काम के लिए, जिससे सरकार के राजस्व में वृद्धि हो। संपत्ति पर देवता का अधिकार: HC कोर्ट ने कहा, " भक्तों द्वारा मंदिर या देवता को दान की गई चल और अचल संपत्ति पर देवता का अधिकार होता है। ऐसे में इसका उपयोग केवल मंदिरों में उत्सव मनाने के लिए या मंदिर के रखरखाव के लिए या विकास के लिए इसका उपयोग किया जा सका है। मंदिर के पैसे को सार्वजनिक पैसा या सरकारी पैसा नहीं माना जा सकता। यह पैसा हिंदू धार्मिक लोगों द्वारा दिया जाता है, यह उनके धार्मिक रीति-रिवाजों, प्रथाओं या विचारधाराओं के प्रति उनके भावनात्मक और आध्यात्मिक लगाव के कारण दिया गया है।" अपने इस आदेश के साथ ही अदालत ने चेतावनी भी दी कि मंदिर के धन को स्पष्ट रूस से अनुमति प्राप्त उद्देश्यों के लिए ही खर्च किया जाना चाहिए। अनुमति का दायरा बढ़ाने का प्रयास किया जाता है तो फिर इस धन के दुरुपयोग और गबन का रास्ता खुल जाएगा। अदालत ने कहा कि इस तरह का दुरुपयोग "मंदिर के संसाधनों का दुरुपयोग" होगा और हिंदू श्रद्धालुओं के धार्मिक अधिकारों का भी उल्लंघन होगा, "जो आस्था के साथ मंदिरों में दान करते हैं।"

पूर्व विधायक पेंशन के लिए जगदीप धनखड़ ने दिया आवेदन, विधानसभा में चर्चा

जयपुर. भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राजस्थान विधानसभा के पूर्व विधायक के रूप में पेंशन के लिए आवेदन दायर किया है. जगदीप धनखड़ 1993 से 1998 तक अजमेर जिले के किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक रहे हैं. उन्होंने हाल ही में विधानसभा सचिवालय में पेंशन के लिए आवेदन किया है. सूत्रों के अनुसार, विधानसभा सचिवालय ने उनके आवेदन पर स्वीकृति प्रक्रिया शुरू कर दी है. यदि उनका आवेदन स्वीकृत होता है, तो उन्हें प्रतिमाह 42 हजार रुपये की पेंशन और पूर्व विधायकों को मिलने वाली अन्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो सकता है. जगदीप धनखड़ का राजनीतिक सफर लंबा और विविध रहा है. वे 1989 से 1991 तक झुंझुनू लोकसभा क्षेत्र से जनता दल के सांसद रहे और चंद्रशेखर सरकार में संसदीय कार्य राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया. इसके बाद 1993 में वे कांग्रेस के टिकट पर किशनगढ़ से विधायक चुने गए. 2019 से 2022 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और 2022 से 2025 तक भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में उन्होंने अपनी सेवाएं दीं. अब उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने पूर्व विधायक के रूप में पेंशन के लिए आवेदन किया है. पेंशन स्वीकृति की प्रक्रिया राजस्थान विधानसभा सचिवालय ने धनखड़ के आवेदन की जांच शुरू कर दी है. राजस्थान सरकार के नियमों के अनुसार, पूर्व विधायकों को उनके कार्यकाल के आधार पर पेंशन और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती है. धनखड़ के मामले में, उनके 1993-1998 के कार्यकाल को देखते हुए पेंशन की पात्रता निर्धारित की जाएगी. स्वीकृति मिलने पर उन्हें प्रतिमाह 42 हजार रुपये की पेंशन के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाएं, यात्रा भत्ता और अन्य लाभ मिल सकते हैं. राजस्थान में पूर्व विधायकों को पेंशन के अलावा कई अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती है.जिसमें पूर्व विधायकों और उनके परिवार को मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं दी जाती है. इसके अलावा सरकारी कार्यों या विधानसभा से संबंधित यात्राओं के लिए भत्ता दिया जाता है.वहीं विधानसभा द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में भागीदारी और अन्य प्रशासनिक सुविधाएं भी दी जाती है. धनखड़ के आवेदन ने राजस्थान की राजनीति में एक नई चर्चा को जन्म दिया है. उनके इस कदम को उनके लंबे राजनीतिक करियर के एक और अध्याय के रूप में देखा जा रहा है. विधानसभा सचिवालय जल्द ही उनके आवेदन पर अंतिम निर्णय ले सकता है.

पेबल बे फेस 1, बागमुगलिया कटारा हिल्स में आवारा कुत्ते ने बच्चे को काटा

बागमुगलिया बागमुगलिया कटारा हिल्स स्थित पेबल बे फेस 1 में आवारा कुत्तों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। ताज़ा घटना में एक बच्चे को आवारा कुत्ते ने काट लिया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, निगम की टीम कई बार इन कुत्तों को पकड़ने आती है, लेकिन वहां मौजूद कुछ डॉग लवर्स इन कुत्तों को पकड़ने नहीं देते। निवासियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में जिन लोगों ने कुत्तों को पकड़ने से रोका, उन पर भी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।