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यमन में बड़ा हादसा: इजरायल की एयर स्ट्राइक में हूती नेताओं की मौत का दावा

सना  इजरायल ने यमन राजधानी सना में हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा हवाई हमला किया है। इस हमले में हूतियों के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व को बड़ा नुकसान हुआ है। इजरायली टीवी KAN ने यमन के मीडिया का हवाला देते हुए बताया कि इस हमले में हूती प्रधानमंत्री गालिब अल-रहावी और समूह के कई सैन्य अधिकारी मारे गए। इजरायली मीडिया ने इसे यमन के हूतियों पर सबसे बड़ा हमला कहा है। हमला उस वक्त किया गया ये शीर्ष नेता हूती प्रमुख के अल-मलिक हूती का राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित भाषण देख रहे थे। इस हमले की खबर सबसे पहले हूती समूह से संचालित अल मसीरा टीवी ने दी और फिर रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज और IDF ने भी हमले की पुष्टि की। हालांकि, उन्होंने लक्ष्यों के बारे में नहीं बताया। अपार्टमेंट के अंदर बनाया गया निशाना यमन के अल-जम्हूरिया चैनल ने बताया कि हूती प्रधानमंत्री अल-रहावी अपने कई सहयोगियों के साथ एक अपार्टमेंट में थे, जब उन्हें निशाना बनाया गया। इजरायल के चैनल 12 ने बताया कि हूती रक्षा मंत्री मोहम्मद नासिर अल-अथिफी और चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद अब्द अल-करीम अल-गमारी के भी इस हमले में मारे जाने की संभावना है। हालांकि, तीनों हूती नेताओं की मौत के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इजरायली मीडिया ने भी इस बात पर जोर दिया है कि इस समय उनकी स्थिति अज्ञात है। सऊदी अखबार अल-हदथ ने बताया कि इजरायली वायु सेना ने यमनी राजधानी सना में उन घरों को निशाना बनाया, जहां वरिष्ठ अधिकारी छिपे हुए थे। हूती सरकार के रक्षा मंत्री असद अल-शरकाबी की मौत लेकिन यमन की सरकार में रॉयटर के सूत्रों के अनुसार इजरायली हमले में हूती सरकार के रक्षा मंत्री असद अल-शरकाबी की मौत हो गई है। इसी प्रकार से हूती के सैन्य प्रमुख अब्द अल-करीम अल-घामरी भी मारे गए हैं। इजरायल के हमले और उससे हुए नुकसान पर हूती संगठन ने कोई बयान जारी नहीं किया है और न ही इस सिलसिले में पूछे गए सवाल का जवाब दिया है। इजरायल ने किए थे हवाई हमले इजरायली वायुसेना ने कहा है कि लड़ाकू विमानों ने सना के उस परिसर को निशाना बनाया था जहां पर हूती संगठन के प्रमुख लोग एकत्रित थे। खुफिया सूत्रों से जानकारी मिलने के बाद यह हमला किया गया था।  हूती प्रमुख अब्दुल मलिक अल-हाउती का टेलीविजन संबोधन सुनने के लिए कई स्थानों पर एकत्रित संगठन के पदाधिकारियों और लड़ाकों पर हमले किए गए। इसमें मारे गए लोगों के बारे में सूचनाएं एकत्रित की जा रही हैं। हूती गाजा में इजरायली कार्रवाई के विरोध में उल्लेखनीय है कि ईरान समर्थित हूती गाजा में इजरायली कार्रवाई के विरोध में लाल सागर से गुजर रहे जहाजों पर लगातार हमले कर रहे हैं। साथ ही इजरायल पर भी दर्जनों ड्रोन और मिसाइल दाग चुके हैं। अल-हूती का भाषण सुनने के लिए जमा थे नेता इजरायली मीडिया रिपोर्ट में अज्ञात सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि इजरायल की खुफिया एजेंसियों को पता चला कि रक्षा मंत्री समेत 10 हूती मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी समूह के नेता अब्दुल मलिक अल-हूती का एक नियोजित भाषण सुनने के लिए सना के बाहर इकठ्ठा हो रहे थे। इसके बाद इजरायली वायु सेना ने इस बैठक को निशाना बनाकर हमला किया। अल रहावी एक साल से हूतियों के कब्जे वाले यमन के प्रधानमंत्री थे। हालांकि, उन्हें अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं मिली थी।

न उमर, न महबूबा… जम्मू-कश्मीर में हर जगह दिख रहे एकनाथ शिंदे के पोस्टर

श्रीनगर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला हों यो पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, इन दिनों जम्मू-कश्मीर की सड़कों पर इनकी तस्वीर जितनी नहीं दिखती है उससे कहीं शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे की दिख रही है। सीमावर्ती राज्य में शिवसेना अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है। हाल ही में श्रीनगर एयरपोर्ट के पास एक होटल में आयोजित बैठक में करीब 700 लोग शामिल हुए, जिसकी अध्यक्षता खुद महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने की। शिवसेना के स्थानीय नेता याक़ूब कुलगाम के रहने वाले हैं और पहले पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) में थे। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि बैठक से पहले एक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा, “हमने बहुत सारे होर्डिंग्स लगाए ताकि लोग जान सकें कि शिवसेना कश्मीर में आ गई है। इन होर्डिंग्स के लिए हमने कोई भुगतान नहीं किया। हमारा मकसद था कि लोग इन्हें देखें और चर्चा करें।” कश्मीर में शिंदे की सक्रियता याक़ूब ने कहा कि एकनाथ शिंदे अक्सर घाटी का दौरा करते रहते हैं और यहां पार्टी को मजबूत करने के लिए गंभीर हैं। उन्होंने दावा किया कि, “पहले शिवसेना को लेकर कश्मीर में कई भ्रांतियां थीं, लेकिन शिंदे जी के लगातार दौरों के कारण लोग अब पार्टी को सकारात्मक नजरिए से देखने लगे हैं।” जून 2023 में शिंदे ने श्रीनगर में शिवसेना के 15 राज्यों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। यह महाराष्ट्र से बाहर शिवसेना की पहली बड़ी बैठक थी। नवंबर 2023 में शिंदे ने LoC के नजदीक कुपवाड़ा में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया था। शिवसेना कश्मीर के अध्यक्ष मोहम्मद शफी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि शिंदे अगले महीने एक बार फिर कश्मीर दौरे पर आएंगे। उन्होंने बताया, “आदिल शाह के परिवार का घर लगभग पूरा हो गया है। शिंदे जी उसे देखना चाहेंगे।” गौरतलब है कि आदिल शाह पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों में शामिल थे।

सीएम शामिल होंगे ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में, मंत्री लोधी बोले—MP का पर्यटन भविष्य उज्जवल

ग्वालियर ग्वालियर में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। कॉन्क्लेव के अंतिम दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में शामिल होंगे। इससे पहले शुभारंभ अवसर पर पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश आने वाले समय में देश का पर्यटन हब बनेगा। लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी पर्यटन राज्य बनाने के लिए सभी ट्रैवल और टूर ऑपरेटर, होटलियर के साथ हितधारकों और विभाग को मिलकर काम करना होगा। ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले इस रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव के दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि केंद्रीय संचार मंत्री और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्याेतिरादित्य सिंधिया, मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेंद्र सिंह लोधी होंगे।  “टाइमलेस ग्वालियर: इकोज़ ऑफ़ कल्चर, स्पिरिट ऑफ़ लेगेसी” थीम पर आधारित कॉन्क्लेव में महत्वपूर्ण अनुबंध और साझेदारियां होंगी, नई परियोजनाओं का शुभारंभ होगा।  विरासतों, धरोहरों और अनुभवात्मक पर्यटन की संभावनाओं पर होगा मंथन  रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में दो महत्वपूर्ण सत्र होंगे। “टूरिज़्म ऐज़ अ कल्चरल ब्रिज – ब्रांडिंग ग्वालियर एंड हार्टलैंड ऑफ़ एमपी” औैर “ग्वालियर एंड चंबल राइजिंग – इनबाउंड अपील थ्रू हेरिटेज, लग्ज़री एंड एक्सपीरियंस” विषय पैनल डिस्कशन होंगे।  हितधारक जानेंगे समृद्ध विरासत   ग्वालियर किले पर 30 एवं 31 अगस्त को योग सत्र, हेरीटेज वॉक का आयोजन किया जाएगा। चयनित अतिथियों एवं प्रतिनिधियों के लिए फैमिलियाराइज़ेशन टूर (FAM Tour) का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य ग्वालियर एवं आसपास के पर्यटन स्थलों की संभावनाओं से प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है।   मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा एमपीटी इन्फ्लुएंसर मीट का आयोजन  रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव के अंतर्गत ग्वालियर स्थित इम्पीरियल गोल्फ रिसॉर्ट में ‘एमपीटी इन्फ्लुएंसर मीट’ का आयोजन किया गया। इस आयोजन में मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने भाग लिया। प्रदेश की कलाओं को पूरे विश्व से देखने आते हैं मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक और पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक जड़ें गहरी हैं। प्रदेश की पारंपरिक कलाओं को टूरिस्ट पूरे विश्व से देखने आते हैं। अगर आप यहां निवेश करते हैं, हमारे पास सबसे बेहतर पॉलिसी है। हम निवेशकों को अच्छा इंसेंटिव दे रहे हैं। यह निवेश ग्वालियर–चंबल और सागर क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।   एमपी फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बना प्रसिद्ध अभिनेता फैसल मलिक ने कहा कि मध्य प्रदेश की खूबसूरत लोकेशन्स फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करती हैं। यहां के लोग फिल्म–फ्रेंडली हैं और शासन–प्रशासन का सहयोग सराहनीय है।  मध्यप्रदेश की विविधतापूर्ण और खूबसूरत लोकेशन्स फिल्म निर्माताओं को लगातार आकर्षित करती रही हैं। यही कारण है कि मध्यप्रदेश आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बन चुका है।  ग्वालियर की धरोहरें ऐतिहासक  मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की अपर प्रबंध निदेशक बिदिशा मुखर्जी ने कहा कि इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य ग्वालियर की अमूल्य धरोहरों, संगीत और संस्कृति को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करना है। इस थीम के ज़रिए ग्वालियर को एक ऐसे पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है, जहां पर्यटक सिर्फ़ इतिहास और स्थापत्य को देखें ही नहीं, बल्कि यहां की धड़कन, रिवाज़, लोककला और परंपराओं को महसूस भी करें। इसका मक़सद है कि पर्यटन से ग्वालियर की पहचान मज़बूत हो, स्थानीय समुदाय को रोज़गार और नए अवसर मिलें, और आने वाली पीढ़ियां भी इस शहर की धरोहर पर गर्व कर सकें। 

इतिहास रचने का सपना टूटा, पीवी सिंधु वर्ल्ड चैम्पियनशिप से बाहर

पेरिस  भारत की अनुभवी शटलर पीवी सिंधु का वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप 2025 में सफर समाप्त हो गया है. पेरिस में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में 29 अगस्त (शुक्रवार) को पीवी सिंधु वूमेन्स सिंगल्स में अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला हार गईं. 15वीं वरीयता प्रात सिंधु को इंडोनेशिया की कुसुमा वर्दानी के हाथों 14-21, 21-13, 16-21 से हार का सामना करना पड़ा. 9वीं वरीयता हासिल वर्दानी ने यह मुकाबला 1 घंटा और 8 मिनट में जीता. देखा जाए तो पीवी सिंधु के लिए साल 2025 कुछ खास नहीं रहा है. पीवी सिंधु ने इस साल 13 मैच हारे हैं, जबकि उन्होंने केवल नौ में जीत हासिल की. सिंधु इस साल केवल दो बार किसी टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने में कामयाब रहीं. वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप से पहले सिंधु साल की शुरुआत में इंडिया ओपन के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने में सफल रही थीं. पीवी सिंधु इंडिया ओपन के बाद इंडिनेशिया मास्टर्स में खेलीं, जहां वो राउंड ऑफ 32 में हारकर बाहर हुईं. इसके बाद ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैम्पियनशिप और स्विस ओपन में सिंधु अपने पहले राउंड के मुकाबले गंवा बैठीं. फिर बैडमिंटन एशियन चैम्पियनशिप में सिंधु को राउंड ऑफ 16 में जापान की अकाने यामागुची ने हराया. मलेशिया मास्टर्स में पीवी सिंधु पहले राउंड में हारीं. जबकि सिंगापुर ओपन और इंडोनेशिया ओपन में उन्हें राउंड ऑफ 16 में हार झेलनी पड़ी. पीवी सिंधु ने जापान ओपन में भी भाग लिया, जहां वो पहले ही दौर में हार गईं. जबकि चाइना ओपन में उन्हें हमवतन उन्नति हुड्डा राउंड ऑफ-16 में हरा दिया. … तो इतिहास रच देतीं पीवी सिंधु पीवी सिंधु का विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में दमदार रिकॉर्ड रहा है. सिंधु ने साल 2019 में इस टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीता था. इसके अलावा सिंधु इस टूर्नामेंट में दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल भी जीत चुकी हैं. सिंधु यदि वर्दानी के खिलाफ मुकाबला जीत लेतीं तो वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पिनशिप में उनका ये छठा पदक होता. देखा जाए तो सिंधु वर्ल्ड चैम्पियनशिप में महिला सिंगल्स में छह पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनने चूक गईं. पीवी सिंधु ने इस टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में वर्ल्ड नंबर-2 चीनी खिलाड़ी झी यी वांग के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था. तब ऐसा लगा था कि वो फॉर्म में लौट आई हैं, लेकिन इंडोनेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ वो अपना बेस्ट नहीं दे पाईं. सिंधु ने रियो ओलंपिक (2016) में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता था. फिर उन्होंने टोक्यो ओलंपिक (2020) में भी ब्रॉन्ज हासिल किया.

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचे सीएम योगी, तीसरी बार हुआ परिसर में आगमन

दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए हरसंभव सहयोग देगी प्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचे सीएम योगी, तीसरी बार हुआ परिसर में आगमन वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के बीच हुआ मुख्यमंत्री का पारंपरिक स्वागत सीएम योगी ने राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के तहत संरक्षण कार्यों का किया निरीक्षण पांडुलिपियों के संरक्षण को और तीव्रता से आगे बढ़ाने का निर्देश वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में स्थित राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के अंतर्गत चल रहे संरक्षण कार्यों के निरीक्षण के लिए पहुंचे। यह उनका विश्वविद्यालय परिसर में तीसरा आगमन था। विश्वविद्यालय परिवार ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक स्वागत विद्यार्थियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के बीच किया। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, कुलसचिव राकेश कुमार और वित्त अधिकारी सहित आचार्यों ने उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री योगी ने दुर्लभ पांडुलिपियों एवं उनके संरक्षण कार्यों की प्रगति का सूक्ष्मता से अवलोकन किया और कार्यों की गति और तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की धरोहर इन पांडुलिपियों का संरक्षण एक सराहनीय कार्य है और इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को संरक्षित करना आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण दायित्व है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के विस्तार भवन में भारत सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन द्वारा चल रहे संरक्षण कार्यों की समीक्षा की। साथ ही उन्होंने ऐतिहासिक सरस्वती भवन पुस्तकालय और अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री का तीसरी बार विश्वविद्यालय आगमन होना संस्कृत भाषा, विश्वविद्यालय और देववाणी के लिए गौरव और हर्ष की बात है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पांडुलिपियों के संरक्षण के इस अभियान को गति देने में विश्वविद्यालय पूरी तरह से तत्पर है। इस मौके पर विश्वविद्यालय परिवार से कुलसचिव राकेश कुमार, वित्त अधिकारी हरिशंकर मिश्र, प्रो. जितेंद्र कुमार, प्रो. महेंद्र पांडेय, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, प्रो. राजनाथ, अभियंता रामविजय सिंह, जनसंपर्क अधिकारी शशिंद्र मिश्र सहित कई आचार्य और अधिकारी उपस्थित रहे।

योगी सरकार का राम की पैड़ी पर 26.11 लाख दीप प्रज्वलित करने का है लक्ष्य

दीपोत्सव 2025 रिकॉर्ड बनाने को 32 हजार वालंटियर बिछायेंगे 28 लाख दीप योगी सरकार का राम की पैड़ी पर 26.11 लाख दीप प्रज्वलित करने का है लक्ष्य -एडीएम सिटी मुख्य व अन्य विभागों से 20 नोडल बनाए गए -सूचना विभाग साकेत महाविद्यालय से निकालेगा 11 झांकियां लेजर लाइट व ग्रीन आतिशबाजी से सजेगी 19 अक्टूबर की शाम अयोध्या  श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर दीपोत्सव के भव्य आयोजन के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस बार राम की पैड़ी पर नौवें आयोजन के दौरान 26.11 लाख दीप प्रज्वलन का लक्ष्य रखा है । इसके लिए 28 लाख दीप बिछाने की योजना बनाई गई है। इस महायज्ञ में 32 हजार वॉलंटियर्स की सेना उतरेगी, जो दीपों को सजाने और प्रज्वलित करने का कार्य संभालेगी। 19 अक्टूबर की शाम को होने वाला यह आयोजन लेजर लाइट शो और ग्रीन आतिशबाजी से और भी आकर्षक होगा। प्रशासन ने इस भव्य आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। अयोध्या के एडीएम सिटी योगेंद्र पाण्डेय को मुख्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि विभिन्न विभागों से 20 नोडल अधिकारी बनाए गए हैं, जो आयोजन की हर बारीकी पर नजर रखेंगे। दीपोत्सव की तैयारियों में स्वच्छता, सुरक्षा और व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। राम की पैड़ी को दीपों से सजाने के लिए विशेष डिजाइन तैयार किए गए हैं, जो भगवान राम की लीलाओं को दर्शाएंगे। इन दीपों को जलाने के लिए सरसों तेल और पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग होगा, ताकि पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे। रामकथा पार्क तक जाएंगी झांकियां सूचना विभाग की ओर से साकेत महाविद्यालय से 11 झांकियों का आयोजन किया जाएगा। ये झांकियां रामायण के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत करेंगी और अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेंगी। इन झांकियों में आधुनिक तकनीक का उपयोग होगा, जिससे दर्शकों को एक अनूठा अनुभव मिलेगा। झाकियां यहां से निकलकर रामकथा पार्क तक जाएंगी। मंत्रमुग्ध हो जाएंगे पर्यटक व श्रद्धालु 19 अक्टूबर की शाम को लेजर लाइट शो और ग्रीन आतिशबाजी का प्रदर्शन होगा, जो पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देगा। यह आतिशबाजी पर्यावरण के अनुकूल होगी, जिससे प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। दीपोत्सव के इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की भी भारी भीड़ की उम्मीद है।रामलीलाओं का होगा मंचन।पिछले वर्ष सरयू में सामूहिक सरयू आरती का बना था वर्ल्ड रिकॉर्ड। एक बार फिर सामूहिक वर्ल्ड रिकॉर्ड सरयू आरती का बनाने का किया जाएगा प्रयास। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए: डीएम जिलाधिकारी निखिल टीकाराम ने बताया कि प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी और पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ मेडिकल टीमें भी तैनात रहेंगी। स्वच्छता के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा, ताकि राम की पैड़ी और आसपास का क्षेत्र स्वच्छ और सुंदर बना रहे। जानिए, कब कितने दीप जले  वर्ष                जले दीप 2017             1.71 लाख 2018             3.01 लाख 2019             4.04 लाख 2020             6.06 लाख 2021             9.41 लाख 2022           15.76 लाख 2023           22.23 लाख 2024                25 लाख

बैडमिंटन में भारत की बड़ी जीत, सात्विक-चिराग ने रचा इतिहास, मेडल सुनिश्चित

पेरिस  सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का पेरिस में खेले जा रहे वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप 2025 में शानदार प्रदर्शन जारी है. अब सात्विक-चिराग मेन्स डबल्स स्पर्धा के सेमीफाइनल में जगह बनाकर भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया. क्वार्टर फाइनल में सात्विक-चिराग ने दूसरी वरीयता प्राप्त एरॉन चिया और सोह वूई यिक की मलेशियाई जोड़ी को 21-12, 21-19 से हराया. 9वीं सीड सात्विक-चिराग को ये मुकाबला जीतने में महज 43 मिनट लगे. इस मैच से पहले तक मलेशियाई खिलाड़ियों के खिलाफ सात्विक-चिराग का हेड टू-हेड रिकॉर्ड 3-11 था. यानी ज्यादातर बार मलेशियाई जोड़ी ने ही उन्हें हराया था, लेकिन इस बार भारत के दोनों सितारे प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों पर भारी पड़े. यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि पिछले साल पेरिस ओलंपिक में इसी जोड़ी ने सात्विक-चिराग की पदक जीतने की उम्मीदें तोड़ी थीं. इस बार सात्विक-चिराग ने उसी जोड़ी को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और साथ ही मेडल भी सुनिश्चित किया. यह सात्विक-चिराग का वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप में दूसरा मेडल है. इससे पहले साल 2022 में सात्विक-चिराग ने वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता था. सात्विक-चिराग की जीत से भारत ने वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप में मेडल जीतने का वो सिलसिला बरकार रखा है, जो सला 2011 से चला आ रहा है. ऐसा रहा क्वार्टर फाइनल मुकाबला पहले गेम में सात्विक-चिराग ने शानदार शुरुआत करते हुए लगातार 6 प्वांइट्स जीतकर 8-2 की बढ़त बना ली. सात्विक ने जहां पीछे से जोरदार स्मैश लगाए, तो चिराग ने नेट पर आक्रामक इंटरसेप्शन किए. दोनों ने अपने आक्रामक खेल से मलेशियाई जोड़ी को परेशान किया. नतीजा ये हुआ कि पहला गेम सात्विक-चिराग ने आसानी से 21-12 से जीत लिया, दूसरा गेम थोड़ा तनावपूर्ण रहा. सात्विक-चिराग ने एक समय 11-7 की बढ़त बना ली थी और लग रहा था कि वे मैच आसानी से जीत जाएंगे. लेकिन मलेशियाई जोड़ी ने जोरदार वापसी की और स्कोर 19-19 हो गया. इस वक्त दबाव ज्यादा था, लेकिन सात्विक-चिराग ने हिम्मत दिखाते हुए लगातार अटैक किए और दो अंक लेकर 21-19 से गेम जीत लिया. अब सात्विक-चिराग के सामने चीनी चुनौती क्वार्टर फाइनल मुकाबले के दौरान साइडलाइन से कोच बी. सुमीत रेड्डी लगातार सात्विक-चिराग को आक्रामक बने रहने की सलाह देते रहे. मुकाबले के बाद दोनों खिलाड़ियों का जश्न साफ बता रहा था कि यह जीत कितनी मायने रखती है. अब सात्विक-चिराग सेमीफाइनल में 11वीं वरीयता प्राप्त चीनी जोड़ी चेन बोयांग और लियू यी से भिड़ेंगे.

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने किया षोडशोपचार विधि से पूजन-अर्चन

मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ और काल भैरव के किए दर्शन-पूजन  श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने किया षोडशोपचार विधि से पूजन-अर्चन  विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर सीएम योगी ने की लोकमंगल और जनकल्याण की कामना – सीएम योगी को देख मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं ने हर हर महादेव के जयघोष से किया अभिनंदन वाराणसी  प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ शुक्रवार शाम दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचे। दौरे के पहले ही दिन उन्होंने धर्मनगरी की आस्था परंपरा का निर्वहन करते हुए काशी के पुराधिपति बाबा विश्वनाथ और काशी कोतवाल बाबा काल भैरव के दरबार में हाजिरी लगाई। मुख्यमंत्री ने लोकमंगल और जनकल्याण की कामना के साथ बाबा विश्वनाथ का षोडशोपचार पूजन-अभिषेक किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले बाबा काल भैरव के दरबार में दर्शन कर आरती की। इस दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन भी स्वीकार किया। बाबा काल भैरव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। गर्भगृह में प्रवेश कर उन्होंने विधिविधान से पूजन कर लोककल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री के दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” के जयकारे लगाए। मुख्यमंत्री ने भी भक्तों का अभिवादन स्वीकार किया। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा मुख्य रूप से मॉरीशस के प्रधानमंत्री के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों की समीक्षा, कानून व्यवस्था और विकास परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करने के लिए है। हालांकि, वाराणसी आगमन के बाद उन्होंने पहले बाबा विश्वनाथ और काशी कोतवाल का आशीर्वाद लेकर परंपरा का निर्वहन किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे

बाढ़ पीड़ितों को प्राथमिकता पर राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए-योगी आदित्यनाथ – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे – विकास परियोजनाओं एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए – मॉरीशस के प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही अन्य सभी तैयारियां समय से करें पूरी : सीएम योगी  – सरकारी अस्पतालों में घूमने वाले दलालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री  – प्रोफेशनल ब्लड डोनरों को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ ठोस कार्यवाही करें : सीएम योगी  – सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जा करने वाले दबंगों पर कड़ी कार्यवाही करें – वर्तमान में 66 बड़ी परियोजनाएं वाराणसी में गतिमान, कीमत लगभग 15000 करोड़ वाराणसी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। सर्किट हाउस सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने जिले में चल रही विकास परियोजनाओं, कानून-व्यवस्था और बाढ़ राहत कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बाढ़ पीड़ितों को प्राथमिकता पर राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए और उनकी बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को समय से मुआवजा वितरण हो और राहत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि जिले में चल रही सभी विकास परियोजनाओं को तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने रिंग रोड फेज-2 को जनवरी 2026 तक तथा कज्जाकपुरा फ्लाईओवर को नवंबर 2025 तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में 66 बड़ी परियोजनाएं लगभग 15,000 करोड़ की लागत से जनपद में गतिमान हैं। कानून-व्यवस्था पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों में पुलिस का भय स्पष्ट दिखना चाहिए। थानों में नियमित जनसुनवाई हो और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यातायात प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए ऑटो-टैक्सी स्टैंड और वेंडिंग जोनों को व्यवस्थित करने का भी निर्देश दिया। सीएम योगी ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में घूमने वाले दलालों पर कठोर कार्रवाई हो तथा प्रोफेशनल ब्लड डोनरों की पहचान कर उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए। वाराणसी को शीघ्र टीबी मुक्त करने के लिए प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। गोवंश और आवारा कुत्तों की समस्या पर भी मुख्यमंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में बेहतर सुविधाएं, हरे चारे की उपलब्धता और बीमार पशुओं के त्वरित उपचार का प्रबंध सुनिश्चित करने के आदेश दिए। साथ ही नगर निगम, पंचायती राज और पशु चिकित्सा विभाग को मिलकर आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान करने को कहा। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वीडीए और यूपीसीडा द्वारा आवंटित भूमि पर समय से विकास कार्य न होने पर जुर्माना लगाकर वसूली की जाएगी। उन्होंने उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के भी निर्देश दिए। आगामी दिनों में वाराणसी दौरे पर प्रस्तावित मॉरीशस के प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था और स्वागत की तैयारियां समय से पूर्ण करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह अवसर काशी की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा। बैठक में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर सहित मंडलायुक्त, पुलिस कमिश्नर, डीआईजी व विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

योगी सरकार का बड़ा निर्णय, प्रदेश में शिक्षा व रोजगार को मिलेगी नई उड़ान

गुरू जम्भेश्वर व मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में 518 शैक्षिक पदों का सृजन योगी सरकार का बड़ा निर्णय, प्रदेश में शिक्षा व रोजगार को मिलेगी नई उड़ान उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की कमी होगी दूर, प्रदेश के युवाओं को मिलेगा अवसर स्थानीय स्तर पर शिक्षण एवं शोध से जुड़े रोजगार के अवसरों का भिन्होगा विस्तार लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद एवं मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर में कुल 518 अस्थायी शैक्षिक पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की है। गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 273 पद तो वहीं मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 245 पद सृजित किए गए हैं।  गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता में कमी न रहे। इन पदों के सृजन से विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा और शोध के अवसर मिलेंगे। स्थानीय युवाओं को मिलेगा लाभ मंत्री ने कहा कि इन नियुक्तियों से न केवल शिक्षकों की कमी पूरी होगी बल्कि स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार और शोध के अवसर भी मिलेंगे। सभी नियुक्तियां शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया व आरक्षण नियमों का पालन करते हुए की जाएंगी। पदों का विवरण गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद प्रोफेसर – 39 एसोसिएट प्रोफेसर – 78 असिस्टेंट प्रोफेसर – 156 कुल – 273 पद मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर प्रोफेसर – 35 एसोसिएट प्रोफेसर – 70 असिस्टेंट प्रोफेसर – 140 कुल – 245 पद