samacharsecretary.com

गवर्नर बनाम राष्ट्रपति: सेना तैनात करने की पावर किसके पास?

नई दिल्ली राज्यपालों और राष्ट्रपति की ओर से किसी विधानसभा से पारित बिल पर लंबे समय तक निर्णय न लेने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल में एक आदेश दिया था। बेंच ने विधेयकों पर फैसले के लिए 90 दिन की लिमिट तय कर दी थी, जिस पर राष्ट्रपति ने अदालत में रेफरेंस दाखिल किया है। उन्होंने पूछा है कि क्या सुप्रीम कोर्ट की ओर से राष्ट्रपति और राज्यपाल के लिए टाइमलाइन तय की जा सकती है। इसी पर 5 दिन सुनवाई चल चुकी है और आज फिर से दिलचस्प बहस देखने को मिली। केंद्र सरकार के वकील तुषार मेहता ने कहा कि इस तरह यदि बिलों को रोकने की बात अदालत में आई है तो क्या किसी विधेयक को मंजूरी पर भी ऐसा हो सकता है। यही नहीं उन्होंने राज्यपाल और राष्ट्रपति के विवेकाधिकार एवं परिस्थितिजन्य निर्णय लेने की क्षमता पर अदालत में विचार होने पर भी सवाल उठाया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मान लीजिए कि किसी राज्य में कानून व्यवस्था की समस्या हो गई है। स्थानीय पुलिस स्थिति को संभाल नहीं पा रही है। ऐसे में क्या अर्धसैनिक बलों की तैनाती से पहले केंद्र सरकार को अदालत में अर्जी दाखिल करनी चाहिए। मेरा तो जवाब है कि ऐसा नहीं हो सकता। यही नहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आर्टिकल 32 के तहत तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों की ओर से अर्जी दाखिल करने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आर्टिकल 32 में मूलभूत अधिकारों की रक्षा की बात कही गई है। एक बार कर्नाटक सरकार ने भी इसके तहत अर्जी डाली थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। बेंच का कहना था कि मूल अधिकारों के रक्षा के नाम पर सरकार अर्जी नहीं डाल सकती। कोई एनजीओ, पीड़ित पक्ष या अन्य उत्पीड़न के शिकार लोग या संस्था ऐसा कर सकते हैं, लेकिन सरकार नहीं। इस दौरान तमिलनाडु सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे अभिषेक मनु सिंघवी ने भी दिलचस्प दलीलें दीं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल और सरकार एक म्यान में दो तलवार की तरह नहीं रह सकते। दोनों को सहयोगी की भूमिका में ही रहना होगा। राज्यपाल केंद्र सरकार के कर्मचारी नहीं हैं, किसने रखी दलील उन्होंने कहा कि राज्यपाल का काम एक मार्गदर्शक का है। वह टकराव की भूमिका में नहीं आ सकते और ना ही राज्य विधानसभा की ओर से पारित विधेयकों को पलट सकते हैं। यही नहीं उन्हें केंद्र सरकार का प्रतिनिधि बताने पर भी बहस हुई। तुषार मेहता ने कहा कि राज्यपाल कोई केंद्र सरकार के कर्मचारी नहीं हैं। वह एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति हैं। इस पर चीफ जस्टिस गवई ने कहा कि राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के तौर पर वह राज्यों में होते हैं। संविधान के मुताबिक केंद्र सरकार की शक्तियां राष्ट्रपति में समाहित होती हैं। इसलिए ऐसा कहना गलत है कि राज्यपाल केंद्र सरकार के प्रतिनिधि नहीं हैं।  

गरीब-मजदूरों के मामले में मांगी थी घूस, ESIC मैनेजर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

सोनीपत हरियाणा में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम भ्रष्टाचार पर लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी के तहत अब रोहतक और सोनीपत एसीबी की संयुक्त टीम ने सोनीपत में तैनात ESIC मैनेजर विनोद को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार 3 माह पहले ही ट्रांसफर होकर सोनीपत पहुंचे मैनेजर विनोद ने गरीब-मजदूरों की मुआवजा राशि निपटाने के बदले शिकायतकर्ता सागर से 16 हजार रुपये की मांग की थी। शुरूआत में आरोपी ने 5 हजार रुपये ले लिए और बाकि राशि बाद में देने का दबाव बनाया। परेशान होकर युवक ने एसीबी से शिकायत की। योजना बनाकर जब शिकायतकर्ता ने 11 हजार रुपये दिए तो एसीबी टीम ने मौके पर छापा मारकर विनोद को गिरफ्तार कर लिया। ACB अधिकारी सचिव कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की कार्रवाई कानून के मुताबिक की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि मजदूरों के हक पर डाका डालने वाले भ्रष्ट अधिकारी किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। 

सरकार से नाराज NHM स्टाफ, सिर मुंडवाकर जताया आक्रोश

सूरजपुर छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 16 हजार से ज्यादा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी बीते 18 अगस्त से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. मोदी की गारंटी को आधार बनाते हुए प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है. सरकार की अनदेखी से नाराज कर्मचारियों का हड़ताल आज 11 वें दिन भी जारी है. सूरजपुर बस स्टैंड के पास NHM कर्मचारियों ने नियमितीकरण समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आज सिर मुंडवा कर विरोध प्रदर्शन किया है. बता दें, लगातार 11 दिनों से वे अपनी मांगों को लेकर अलग-अलग जिलों में अलग-अलग ढंग से हड़ताल कर रहे हैं. बीते दिन बुधवार को मनेंद्रगढ़ में NHM कर्मचारियों ने PPE किट पहनकर बाजार में भीख मांगते हुए प्रदर्शन किया. ये वही किट है, जो कोरोना काल में पहनी जाती थी. वहीं स्वास्थ्य कर्मचारियों के लगातार हड़ताल पर रहने से अस्पतालों में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्वास्थ्य संबंधित व्यवस्थाओं में काफी असर पड़ रहा है. ‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’ 29 अगस्त से सरकार की अनदेखी से नाराज कर्मचारियों ने अब शुक्रवार से ‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’ शुरू करने का ऐलान किया है. इसके तहत सभी कर्मचारी राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर जुटेंगे और वहां से प्रदेशभर में इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे. संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी ने बताया कि विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान भाजपा ने ‘मोदी की गारंटी’ का नारा देकर घोषणा पत्र जारी किया था. उसमें एनएचएम कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने का वादा किया गया था. लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार ने अब तक 160 से ज्यादा ज्ञापन दिए जाने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं की. मजबूर होकर कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा. डॉ. मिरी ने कहा कि शुक्रवार 29 अगस्त को प्रदेशभर से कर्मचारी अपने-अपने जिलों से राजधानी की ओर कूच करेंगे. रास्ते में पड़ने वाले गांवों और कस्बों में ‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’ चलाया जाएगा. इसके लिए विशेष रुप से तैयार किये गए 2 लाख पंपलेट बांटे जाएंगे, जिनके जरिए लोग सरकार से पूछेंगे कि वादा की गई गारंटी आखिर कहां गायब हो गई. आंदोलनकारी कर्मचारी आम जनता, दुकानदारों और परिचितों से मिलकर अपनी पीड़ा भी साझा करेंगे.

स्मार्टफोन जगत में हलचल! Realme का नया हैंडसेट बना पावरहाउस, बैटरी बैकअप 90 दिन

नई दिल्ली Realme ने दो नए स्मार्टफोन्स का कॉन्सेप्ट पेश किया है, जो अनोखे और दमदार फीचर्स के साथ आते हैं. ब्रांड ने चीन में हुए 828 फैन फेस्टिवल में दोनों ही कॉन्सेप्ट फोन्स को रिवील किया है. इसमें एक फोन 15000mAh की बैटरी के साथ आता है. ये अब तक की किसी फोन में मिलने वाली सबसे बड़ी बैटरी है. ब्रांड ने इस साल की शुरुआत में भी एक कॉन्सेप्ट फोन को पेश किया था, जो 10000mAh की बैटरी से लैस था. कंपनी का कहना है कि 15000mAh बैटरी वाले फोन पर 50 घंटे तक वीडियो प्लेबैक किया जा सकेगा. साथ ही कंपनी ने Chill Fan फोन को पेश किया है. इस स्मार्टफोन में एक फैन लगा हुआ है. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स. क्या है इन फोन्स में खास? Realme 828 फैन फेस्टिवल लाइवस्ट्रीम में कंपनी ने 15000mAh बैटरी वाला स्मार्टफोन दिखाया है. कंपनी इस फोन को पोर्टेबल पावर स्टेशन की तरह बता रही है. इस फोन का इस्तेमाल आप दूसरे स्मार्टफोन और वियरेबल को चार्ज करने में कर सकते हैं. रियलमी के वाइस प्रेसिडेंट Chase Xu की मानें, तो यूजर्स सिंगल चार्ज में इस फोन पर बैक-टू-बैक 25 मूवी देख सकते हैं. सिंगल चार्ज में इस डिवाइस पर 18 घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकती है, 30 घंटे गेम खेल सकते हैं या 5 दिनों तक नॉर्मल यूज कर सकते हैं. फ्लाइट मोड में ये तीन महीने का स्टैंड बाय टाइम ऑफर करेगा. क्या होंगे स्पेसिफिकेशन्स? हालांकि, इस फोन के स्पेसिफिकेशन्स के बारे में कंपनी ने ज्यादा जानकारी नहीं दी है. रिपोर्ट्स की मानें, तो ये हैंडसेट Android 15 पर काम करेगा. इसमें MediaTek Dimensity 7300 प्रोसेसर दिया जाएगा, जो 12GB RAM और 256GB स्टोरेज के साथ आएगा. इसके साथ ही कंपनी ने Realme Chill फोन को अनवील किया है. इस फोन में बिल्ट-इन कूलिंग फोन होगा. ब्रांड इसे बिल्ट-इन AC बता रहा है. टीजर वीडियो में एक वेंट ग्रिल हैंडसेट के फ्रेम पर दिख रहा है. कंपनी की मानें, तो ये फैन स्मार्टफोन को 6 डिग्री सेल्सियस तक घंटा करेगा.

पूर्व CM भूपेंद्र हुड्डा पर अभय चौटाला का निशाना, कहा वोट काटने में सहयोगी

फतेहाबाद  फतेहाबाद की जाट धर्मशाला में बुधवार को इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने 23 सितंबर को होने वाली ताऊ देवीलाल जयंती समारोह को लेकर कार्यकर्ताओं को निमंत्रण दिया। इसके बाद वह मीडिया से भी रूबरू हुए। अभय चौटाला ने भूपेंद्र हुड्डा पर साधा निशाना  अभय सिंह चौटाला ने कहा कि विधानसभा के सत्र में विपक्ष पूरी तरह से नाकाम रहा है और सरकार को घेर नहीं पाया। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी के 37 विधायक होते तब हम बताते कि विपक्ष क्या होता है। उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा वोट काटु है और इन्होंने ही बीजेपी की सरकार बनाने में मदद की है। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि मुझे हरवाने में भी बीजेपी और कांग्रेस एक हो गई थी और यह जानती थी कि अगर अभय सिंह चौटाला जीत गया तो वह विधानसभा में किसी को बोलते नहीं देगा। वही आयुष्मान योजना को लेकर रुकी डॉक्टरों की पेमेंट को लेकर भी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कुछ डॉक्टर आयुष्मान योजना का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और सरकारी पैसे का दुरुपयोग हो रहे है।

पंजाब BJP कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा के बड़े भाई का निधन

चंडीगढ़  पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा को गहरा सदमा लगा है। अश्वनी शर्मा के बड़े भाई राम प्रसाद शर्मा का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि राम प्रसाद शर्मा 63 वर्ष के थे और पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। पी.जी.आई. में पिछले 15 दिनों से उनका इलाज चल रहा था और पिछले 3 दिनों से वह आई.सी.यू. में भर्ती थे। उनके निधन से अश्वनी शर्मा सहित पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। राम प्रसाद शर्मा का अंतिम संस्कार कल 29 अगस्त  सुबह 11 बजे पठानकोट के सिविल नजदीक श्मशान घाट में किया जाएगा। 

भाजपा पर बरसीं ममता, बोलीं- जब तक जिंदा हूं वोटिंग अधिकार सुरक्षित रहेगा

कोलकाता  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को TMC छात्र परिषद की रैली में भाजपा पर जोरदार हमले किए हैं। ममता बनर्जी ने कहा है कि भाजपा 500 लोगों की टीम ले कर बंगाल आई है और लोगों का नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए सर्वे किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लेकिन उनके होते हुए किसी भी बंगाली के मतदान के अधिकार को नहीं छीनने दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने ‘भाषाई आतंकवाद’ का भी जिक्र किया है। CM ममता ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाषाई आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोलकाता में छात्र शाखा की एक रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा, "आपको खुद जांच करनी चाहिए कि आपका नाम अभी भी मतदाता सूची में है या हटा दिया गया है। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपके पास आधार कार्ड हैं।" उन्होंने आगे कहा, "जब तक मैं ज़िंदा हूं, किसी को भी लोगों का मताधिकार नहीं छीनने दूंगी।" ममता बनर्जी ने इस दौरान चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग राज्य सरकार के अधिकारियों को धमका रहा है। उन्होंने दावा किया, "चुनाव आयोग हमारे अधिकारियों को धमका रहा है। आयोग का अधिकार क्षेत्र चुनाव के दौरान केवल तीन महीनों तक ही है, पूरे साल नहीं।" बंगालियों की भूमिका भुलाने की कोशिश ममता बनर्जी ने दावा किया है कि भाजपा स्वतंत्रता आंदोलन में बंगालियों द्वारा निभाई गई भूमिका को भुलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “अगर बंगाली भाषा ही नहीं है, तो राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत किस भाषा में लिखे गए हैं? वे चाहते हैं कि लोग स्वतंत्रता आंदोलन में बंगालियों द्वारा निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका को भूल जाएं। हम इस भाषाई आतंक को बर्दाश्त नहीं करेंगे।” भाजपा के पास 'भ्रष्टाचार भंडार वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी ममता बनर्जी ने जवाब दिया। CM ममता ने दावा किया कि TMC सरकार ने कई सामाजिक कल्याणकारी पहल की हैं। वहीं केंद्र की भाजपा सरकार विकास के नाम पर भ्रष्टाचार में लिप्त है। उन्होंने कहा, "हम महिलाओं के लिए 'लक्ष्मी भंडार' योजना लेकर आए हैं, जबकि भाजपा के पास 'भ्रष्टाचार भंडार' और भाई-भतीजावाद है। वे देश को लूट रहे हैं, जबकि हम महिलाओं को सशक्त बना रहे हैं।"  

ट्रंप के सलाहकार का चीन पर वार – कहा, अक्साई चिन पर हमला किया तो दोस्त कैसे?

वाशिंगटन  दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत और अमेरिका के बीच संबंध इस समय अपने सबसे निचले स्तर पर चल रहे हैं। दोनों देशों की तरफ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी की जा रही है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापारिक सलाहकार नवारो ने भारत और चीन के बीच रिश्तों में फिर से आती गर्म जोशी को लेकर जहर उगला है। नवारो ने भारत के ऊपर तंज कसते हुए कहा कि वह चीन के साथ दोस्ती बढ़ा रहे हैं, जिन्होंने उनके लद्दाख वाले हिस्से पर हमला किया था। ब्लूमबर्ग टीवी टैनल को दिए एक इंटरव्यू में पीटर नवारो ने कहा, "भारत एक लोकतांत्रिक देश है लेकिन वह तानाशाही वाले देशों… जैसे की चीन और रूस के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है। चीन के साथ आपका (भारत का) पिछले कई दशकों से संघर्ष चल रहा है। उन्होंने कई हिस्सों पर हमला किया और अक्साई चिन समेत कई हिस्सों को हड़प लिया। वह आपके दोस्त नहीं है… जहां तक रूस की बात है तो, अब मैं क्या ही कहूं।" भारत को कल मिल जाए 25 फीसदी की छूट लेकिन… :नवारो नवारो नहीं रुके उनसे जब पूछा गया कि क्या भारत को टैरिफ में छूट मिलेगी। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "यह बहुत ही आसान है। अगर भारत रूसी तेल को खरीदना बंद कर देता है और युद्ध को बढ़ावा देना बंद कर देता है तो उसे कल ही 25 फीसदी की छूट मिल सकती है। मैं हैरान हूं, मोदी एक महान नेता हैं, भारत एक परिपक्व देश है, जिसे परिपक्व देश चला रहे हैं। इसके बाद भी यह सब हो रहा है।" भारत के बारे में एक बात हमें परेशान कर रही है कि वह अहंकारी होकर लगातार यह बात कह रहे हैं कि यह हमारी संप्रभुता है कि हम जिससे चाहें उससे तेल खरीद सकते हैं। यह सही नहीं है। भारत को टैरिफ का महाराज बता चुके है नवारो गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब नवारो ने भारत के खिलाफ अपने जहर को उगला हो। इससे पहले भी वह भारत को टैरिफ का महाराज कहते रहे हैं। हां… इतना जरूर है कि भारत पर आरोप लगाने से पहले नवारो अमेरिका के इतिहास और वर्तमान को देखने की कोशिश नहीं करते हैं। भारत रूसी तेल खरीद रहा है क्योंकि रूस भारत का मित्र देश है। अमेरिका ने ईरान के बाजार को पहले से ही प्रतिबंधित किया हुआ है। ऐसे में अगर भारत भी रूस से तेल खरीदना बंद कर देता है तो वैश्विक तेल बाजार में भयंकर तेजी आ जाएगी और दाम बढ़ जाएंगे। वहीं दूसरी और भारत को युद्ध पोषित करने वाला अमेरिका दशकों से पाकिस्तान को पालता आ रहा है। रूस के साथ भारत के व्यापार करने वाला अमेरिका खुद भी अपने रूसी व्यापार को बढ़ा रहा है। यहां तक की उसका साझेदार यूरोप भी अपनी ऊर्जा जरूरतों को लिए रूस पर निर्भर है। लोकतांत्रिक देश होने के बाद भी अमेरिका का ज्यादातर व्यापार और सामान तानाशाह देश चीन में बनता है। दशकों की दुश्मनी होने के बाद भी कुछ दिन पहले ही रूस के राष्ट्र्पति व्लादिमीर पुतिन से मिले थे और दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने की कसमें खाई थी।  

ब्रिटिश सांसद का खुलासा: 85 जगहों पर पाकिस्तानी बलात्कारियों के ग्रुप सक्रिय

लंदन  यूनाइटेड किंगडम (UK) के एक सांसद की जांच रिपोर्ट से ब्रिटेन में सनसनी फैल गई है। सांसद ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि देशभर में ऐसे 85 इलाके हैं, जहां पाकिस्तानी बलात्कारियों का गैंग सक्रिय है और भोली-भाली बच्चियों को शिकार बनाता रहा है। निर्दलीय सांसद रूपर्ट लोव द्वारा की गई इस जाँच रिपोर्ट में कहा गया है कि इन 'बलात्कार गिरोह' में मुख्यतः पाकिस्तानी मूल के पुरुष शामिल हैं और ये घिनौनी हरकतों को अंजाम देने में दशकों से सक्रिय हैं। रूपर्ट लोव के 'गिरोह-आधारित बाल यौन शोषण' निजी रिपोर्ट में कहा गया है कि गिरोह के वीभत्स कारनामों के बारे में जितना सोचा गया था, वह उससे कहीं अधिक व्यापक हैं। रिपोर्ट में ब्रिटिश अधिकारियों पर निशाना साधकर होने वाले दुर्व्यवहार के मामलों में कार्रवाई करने में विफल रहने का भी आरोप लगाया गया है। सोशल मीडिया एक्स पर साझा की गई इस जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तानी पुरुषों के पैटर्न और सार्वजनिक निकायों की घोर लापरवाही पहचाने जाने योग्य हैं। ब्रिटिश सांसद ने ये भी कहा है कि यह बलात्कार गिरोह कांड का अब तक का सबसे बड़ा खुलासा है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर द्वारा जून में सरकार के समर्थन से इसी तरह की जाँच शुरू करने का आदेश दिया गया था लेकिन सांसद रूपर्ट लोव ने उससे पहले ही बलात्कार गिरोह की जाँच करनी शुरू करवा दी थी। उनकी रिपोर्ट ने यह तथ्य उजागर किया है कि ब्रिटेन में इस गिरोह की जड़ें बहुत गहरी हैं। इनमें तो कुछ 1960 के दशक से सक्रिय हैं। रिपोर्ट में ऐसे पाकिस्तानियों को जबरन डिपोर्ट करने का सुझाव दिया गया है। पीड़ितों ने क्या-क्या बताया? गिरोह का खुलासा करने वाले जांच दल ने कहा कि उसके निष्कर्ष सैकड़ों पीड़ितों, रिश्तेदारों और मुखबिरों की गवाही के साथ-साथ सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त हज़ारों अनुरोधों पर आधारित हैं। कई पीड़ितों ने जाँच समिति को बताया कि उन्हें बचपन में ही बहलाया-फुसलाया गया, नशीले पदार्थ दिए गए और बलात्कार किया गया। कुछ ने बताया कि उनकी तस्करी की गई और चुप रहने की धमकी दी गई। कई पीड़ितों, खासकर श्वेत लड़कियों के आरोपों को अधिकारियों ने खारिज कर दिया, क्योंकि वे उनके आरोपों की जांच करने और पीड़ित के रूप में उनकी पहचान करने विफल रहे। लेबर सरकार पर भी आरोप लोव ने कहा, "हमारी जाँच से पता चला है कि यह घिनौना कांड जितना सोचा गया था, उससे कहीं ज़्यादा व्यापक है – मुख्यतः पाकिस्तानी बलात्कार गिरोहों के हाथों लाखों लोगों की ज़िंदगी बर्बाद हो गई है।" लोव ने लेबर सरकार पर तत्काल कार्रवाई का वादा करने के बावजूद इस मुद्दे पर टालमटोल करने का भी आरोप लगाया है।  

श्रद्धा और आस्था का संगम: गांव में सांपों की निकली शोभायात्रा

राजिम ऋषि पंचमी पर गरियाबंद जिले के देवरी गांव में जहरीले सांपों की शोभयात्रा निकाली गई, जिसे देखने अंचल के हजारों लोग पहुंचे थे. जानकारी के मुताबिक, इस गांव में सांवरा समिति के लोग घरों में सांप निकलने पर उन सांपों को संरक्षित करने के लिए पकड़ते हैं और ऋषि पंचमी पर पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा निकालते हैं. फिर सुरक्षित जंगलों में छोड़ देते हैं. सांपों की पूजा करने उमड़ी लोगों की भीड़ हर साल की तरह इस बार भी सांवरा समिति ने यह विशेष आयोजन किया. परंपरा के अनुसार, घरों और खेतों में निकलने वाले जहरीले सांपों को ग्रामीण सुरक्षित तरीके से पकड़ते हैं. इन्हीं सर्पों की पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा निकाली जाती है. गांव-गांव से पहुंचे लोग जगह-जगह पूजा-अर्चना करते हैं और शोभायात्रा का स्वागत करते हैं. शोभायात्रा समाप्त होने के बाद सभी सर्पों को सुरक्षित रूप से जंगलों में छोड़ दिया जाता है. गांव के लोगों का मानना है कि वर्षों से यह परंपरा चल रही है. अब तक किसी भी व्यक्ति के साथ सर्पदंश की कोई अनहोनी घटना नहीं घटी है. सांवरा गुरु पाठशाला में सिखाया जाता है सांपों को पकड़ना देवरी गांव में स्थित सांवरा गुरु पाठशाला इस परंपरा का केंद्र है, जहां युवाओं को सांपों को सुरक्षित तरीके से पकड़ना और उन्हें संरक्षित करना सिखाया जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि यह आयोजन केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का अनूठा उदाहरण भी है. देवरी में हर साल होने वाला यह आयोजन अब अंचल की पहचान और श्रद्धा का पर्व बन चुका है, जिसे देखने लोग दूर-दूर से आते हैं.