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जगदलपुर में शिक्षा सुधार की पहल, शिक्षकों को विनोबा ऐप अपनाने की सलाह

जगदलपुर : शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु शिक्षक उपयोग करें विनोबा एप्प-सीईओ जैन शिक्षकों को विनोबा ऐप के उपयोग का सुझाव, शिक्षा गुणवत्ता में आएगा सुधार : सीईओ जैन जगदलपुर में शिक्षा सुधार की पहल, शिक्षकों को विनोबा ऐप अपनाने की सलाह शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश जगदलपुर जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के दृष्टिकोण से सोमवार को जिले के शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा बैठक कलेक्टर हरिस एस के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन द्वारा ली गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जैन ने कहा कि सभी शिक्षक विनोबा एप्प के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी नियमित तौर पर प्रदान करें। जिला स्तर से सभी गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जाएगी और बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही अवंती फाउंडेशन के माध्यम से जिले के प्रतिभावान बच्चों को जेईई की तैयारी के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इसके लिए मेघावी बच्चों के चयन की प्रक्रिया शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। उन्होने कहा कि जिले के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रावीण्य सूची में स्थान दिलाने हेतु लक्ष्य के पूर्ति हेतु शिक्षकों को आवश्यक प्रयास करने के संबंध में निर्देशित किया गया है। इसे मद्देनजर रखते हुए बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने सहित उत्कृष्ट नतीजे हासिल करने के लिए समन्वित प्रयास सुनिश्चित करें।      बैठक के दौरान मासिक टेस्ट एवं परीक्षा, यु-डाईस प्रोग्रेशन, शाला त्यागी के प्रवेश, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब क्रियान्वयन एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत संमीक्षा की गई। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा अखिलेश मिश्रा, एपीसी राकेश खापर्डे एवं जयनारायण पाणीग्राही, विनोबा ऐप की जिला समन्वयक नीलिमा, अवंती फाउंडेशन के प्रतिनिधि सहित जिले में पदस्थ खंड शिक्षा अधिकारी, खंड स्त्रोत समन्वयक एंव प्राचार्य उपस्थित थे। शिक्षा में बदलाव और सीखने के प्रयासों में सुधार लाने हेतु व्यापक डिजिटल मंच है विनोबा एप्प            विनोबा ऐप ओपन लिंक फाउंडेशन द्वारा विकसित की गई है ऐप का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को शैक्षिक सहायता प्रदान करना है। जो शिक्षण सामग्री की उपलब्धता के साथ ही यह शिक्षकों को दैनिक एवं साप्ताहिक योजनाएँ, गतिविधियां, वर्कशीट और वीडियो सहित विभिन्न प्रकार की शिक्षण सामग्री प्रदान करती है। इससे शिक्षक अपनी कक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी कर सकते हैं और बच्चों को रुचिकर तरीके से पढ़ा सकते हैं।        विनोबा ऐप शिक्षकों को अपने काम को सुविधाजनक बनाने और नवाचार को बढ़ावा देने में मदद करता है। दूरस्थ अंचलों के स्कूलों में जहां शिक्षकों की कमी होती है, वहां ऑडियो-वीडियो माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया में सहायता मिलती है। शिक्षक अपनी कक्षागत गतिविधियों, स्कूल में होने वाले कार्यक्रमों, फोटो और वीडियो को ऐप पर साझा कर सकते हैं। यह शिक्षकों को एक-दूसरे के काम से सीखने, सर्वोत्तम उदाहरण को अपनाने और एक जीवंत शिक्षक समुदाय बनाने में मदद करता है। ऐप के माध्यम से स्कूलों की गतिविधियों और शिक्षकों के प्रदर्शन की निगरानी की जा सकती है। संकुल, ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारी स्कूलों की गतिविधियों को देख सकते हैं और आवश्यक निर्देश या मार्गदर्शन दे सकते हैं। यह दैनिक और मासिक छात्र उपस्थिति की निगरानी में भी योगदान देता है, जिससे शीर्ष प्रदर्शन करने वाले स्कूलों की पहचान की जा सकती है। यह डेटा विश्लेषण के आधार पर त्वरित उपाय और मार्गदर्शन प्रदान करने में मदद करता है। शिक्षा अधिकारी स्कूल दौरों, स्कूल गतिविधियों और कक्षाओं पर अपने अनुभव और टिप्पणियों को आसानी से रिकॉर्ड और साझा कर सकते हैं। यह ऐप विभिन्न डेटा संग्रह चैनलों जैसे फॉर्म, एक्सेल शीट, ओएमआर शीट आदि के माध्यम से शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों से जानकारी एकत्र करने में मदद करता है। साथ ही अच्छा प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों और स्कूलों की पहचान की जाती है। ऐसे शिक्षकों को ब्लॉक या जिला स्तर पर सम्मानित किया जाता है, जिससे अन्य शिक्षकों को प्रेरणा मिलती है। यह ऐप समग्र शिक्षा अकादमिक कार्यक्रमों जैसे मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान, जीवन कौशल कार्यक्रम जैसे कविता पाठ, कहानी सुनाना, विज्ञान क्लब, पर्यावरण क्लब, किचन गार्डन, स्पोकन इंग्लिश इत्यादि को प्रभावी ढंग से लागू करने में सहायता प्रदान करता है। विनोबा ऐप ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा में बदलाव लाने और सीखने के परिणामों में सुधार लाने के लिए एक व्यापक डिजिटल मंच है, जो शिक्षकों को सशक्त बनाता है और संचार को सुव्यवस्थित करता है।    

बोट क्लब पर ट्रैफिक प्रतिबंध: सुबह 5 से 9 तक नहीं मिलेगी एंट्री, 26 जुलाई तक लागू

भोपाल  15 से 26 जुलाई 2025 तक बोट क्लब पर आयोजित वायु सेना अग्नि वीर भर्ती के चलते मुख्यमंत्री निवास गेट-1 से वन विहार गेट तक के मार्ग पर सुबह 5 से 9 बजे तक ट्रैफिक पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान इस मार्ग से किसी भी प्रकार के वाहन नहीं गुजर सकेंगे।15 से 26 जुलाई 2025 तक बोट क्लब पर आयोजित वायु सेना अग्नि वीर भर्ती के कारण मुख्यमंत्री निवास गेट-1 से वन विहार गेट तक का मार्ग सुबह 5 से 9 बजे तक पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान इस मार्ग से किसी भी प्रकार के वाहन की आवाजाही नहीं हो सकेगी। वन विहार जाने वालों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था वन विहार की ओर जाने वाले पर्यटक और नागरिकों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने गेट नंबर-02 से प्रवेश करने की व्यवस्था की है। ऐसे में वन विहार घूमने की सोच रहे लोग सीधे इस वैकल्पिक गेट का उपयोग करें, ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो। ट्रैफिक पुलिस की अपील, नियमों का पालन करें यातायात पुलिस भोपाल ने आम जनता से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और प्रतिबंधित मार्ग पर सुबह के समय अनावश्यक रूप से न जाएं। किसी प्रकार की परेशानी की स्थिति में यातायात हेल्पलाइन नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है। वन विहार की ओर जाने वाले पर्यटकों और नागरिकों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। ऐसे लोग जो वन विहार जाना चाहते हैं, उन्हें गेट नंबर-02 से प्रवेश करने की सलाह दी जाती है, ताकि उन्हें किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और प्रतिबंधित मार्ग पर अनावश्यक रूप से सुबह के समय यात्रा से बचें। किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करने पर यातायात हेल्पलाइन नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है।

विवादित वीडियो से मचा बवाल, कांवड़ यात्रा को लेकर शिक्षक पर दर्ज हुई प्राथमिकी

बरेली बरेली जिले की बहेड़ी थाना पुलिस ने कथित तौर पर कांवड़ यात्रा को लेकर एक विवादित गीत का वीडियो सामने आने पर एक इंटर कॉलेज के शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, एमजीएम इंटर कॉलेज के शिक्षक रजनीश गंगवार द्वारा कांवड़ यात्रा को लेकर विवादित गीत गाने पर मामला पंजीकृत कर लिया गया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए वीडियो में शिक्षक गंगवार को कॉलेज में बच्चों के सामने गीत गाकर कांवड़ न लाने और ज्ञान का दीप जलाने की बात कहते सुना जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने इस पर नाराजगी जतायी है। महाकाल सेवा समिति के पदाधिकारियों, एक सभासद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने पुलिस से मिलकर शिक्षक के ख़िलाफ़ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की, जिस पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली। थाना बहेड़ी के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) संजय तोमर ने बताया कि शिक्षक रजनीश गंगवार के खिलाफ सोमवार की रात भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353 (2) (धार्मिक भावनाओं को आहत करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। बहेड़ी के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अरुण कुमार सिंह ने सोमवार को आधी रात जारी एक बयान में कहा कि थाना बहेडी क्षेत्र के तहत आने वाले एमजीएम इंटर कॉलेज के अध्यापक का एक वीडियो सार्वजनिक होने के संबंध में पुलिस ने प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई शुरू कर दी है। उधर, बरेली के जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने बताया कि वीडियो के बारे में जांच कराई गई और इसमें शिक्षक से भी स्पष्टीकरण लिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक की मंशा खराब नहीं है, वीडियो पहले का है और किसी ने तूल देने के लिए जानबूझकर सावन के दिनों में इसे प्रसारित किया है। पुलिस से इस मामले में शिकायत करने वालों में भाजपा नेता राहुल गुप्ता, महाकाल सेवा समिति के अध्यक्ष शक्ति गुप्ता, नगर पालिका सभासद दिनकर गुप्ता, महंत धर्मेंद्र रस्तोगी और कई अन्य लोग शामिल हैं।  

2000-3000 करोड़ नहीं… रणबीर की Ramayan का बजट 1600 करोड़

मुंबई  रणबीर कपूर की ‘रामायण’ को लेकर पहले ही माहौल टाइट था. दो पार्ट्स में आ रही फिल्म पर नमित मल्होत्रा ने पानी की तरह पैसा बहाया है. हालांकि, इस फिल्म को लेकर इसलिए भी तगड़ा बज बना है क्योंकि फिल्म में कई बड़े चेहरे हैं, जिन्हें फैन्स भगवान राम, रावण, हनुमान के किरदार में देखने के लिए एक्साइटेड हैं. ‘रामायण’ की हाल ही में पहली झलक सामने आई थी. जिसमें रणबीर कपूर के भगवान राम और रावण बने यश के कुछ लुक दिखे, जिसने फैन्स को खुश कर दिया. दरअसल फिल्म का पहला पार्ट 2026 दिवाली पर आने वाला है. वहीं दूसरे पार्ट के लिए दिवाली 2027 तक का इंतजार करना पड़ेगा. कहा जा रहा था कि रामायण के दोनों पार्ट 1600 करोड़ के बजट में तैयार हुए हैं. लेकिन प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा के नए खुलासे ने सबको हैरान कर दिया है. हाल ही में रामायण के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने प्रखर गुप्ता को इंटरव्यू दिया. उस में उन्होंने कई अलग अलग मुद्दों पर बात की. साथ ही बताया कि उनकी आने वाली फिल्म Ramayan कितने करोड़ के बजट में बन रही हैं. दरअसल इतने में एसएस राजामौली की 4 SSMB29 बन जाएगी.  कितना है रामायण का बजट? दरअसल एक इंटरव्यू में नमित मल्होत्रा से फिल्म का बजट पूछा गया था. जिस पर वो बताते हैं कि- ”हम इस पर खुद ही फंडिंग कर रहे हैं, हमने किसी से पैसा नहीं लिया है. 6-7 साल साल पहले जब फिल्म को बनाना शुरू किया गया था, तब हम इसे लेकर काफी सीरियस हो गए थे. ‘रामायण’ के दोनों पार्ट का बजट 500 मिलियन डॉलर है. यानी की भारतीय रुपये में ये 4000 करोड़ होता है. दरअसल कोई भी इंडियन फिल्म इसके पास तक नहीं है. यह एक अविश्वसनीय स्केल है.” वो बोले… ”इसलिए मैं कहता हूं कि हम दुनिया की सबसे बड़ी कहानी के लिए सबसे बड़ी फिल्म बना रहे हैं. जिसे दुनिया को देखना चाहिए. मुझे अभी भी लगता है कि यह कुछ सबसे बड़ी हॉलीवुड फिल्मों के बजट से सस्ती है. ऐसे में मुझे लगता है कि हम कम पैसों में एक बड़ी फिल्म बना रहे हैं. मेरे अंदर का भारतीय अभी भी मानता है कि हम फाइनेंशियल तौर पर गैर-जिम्मेदार नहीं हैं. हम पैसे के साथ गैरजिम्मेदार नहीं हो सकते हैं. ” नमित मल्होत्रा कहते हैं कि- यह ऐसी कोई चीज नहीं है, जो पैसे से इंस्पायर्ड हो. उन्होंने बेहद ईमानदारी के साथ अपनी पूरी मेहनत इसे दी है. असली मुद्दा यह है कि इतने उतार-चढ़ाव के बाद भी 30 साल बाद मजबूती से खड़े हैं. राजामौली की 4 SSMB29 बन जाएगी! दरअसल पहले ‘रामायण’ का बजट 1600 करोड़ बताया गया था. पर नमित मल्होत्रा ने खुद बताया है कि फिल्म पर 4000 करोड़ रुपये लगे हैं. दोनों पार्ट पर बहुत बड़ा दांव खेला गया है, जो इसे इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म बनाती है. हालांकि, फिलहाल एस.एस राजामौली और महेश बाबू की फिल्म को 1000 करोड़ के बजट में तैयार किया जा रहा है. लेकिन रणबीर कपूर की फिल्म के बजट में चार SSMB 29 फिल्म बन सकती है.  

बीजापुर में शिक्षा दूत की हत्या, शिक्षा दूतों का नक्सलियों पर पुलिस मुखबिर होने के शक में हत्या का

बीजापुर  नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगा रहे दो शिक्षादूतों की बीती रात नक्सलियों ने अपहरण के बाद निर्मम हत्या कर दी. मृतक शिक्षादूतों की पहचान पिल्लूर निवासी विनोद मड्डे (32 वर्ष) जो कोंडापड़गु प्राथमिक शाला में पदस्थ थे. दूसरे शिक्षा दूत की पहचान सुरेश मेटा (28 वर्ष) के रूप में हुई है जो प्राथमिक शाला, टेकमेटा में पदस्थ थे. दोनों के शव गांव के पास जंगल में फेंके गए मिले हैं. जबरन घर से उठाकर नक्सलियों ने की हत्या: ग्रामीणों के अनुसार, बीती रात अज्ञात नक्सलियों ने दोनों को जबरन घर से उठाया, उनसे पूछताछ के बाद कुछ ही घंटों बाद उनकी हत्या कर दी. यह घटना फारसेगढ़ थाना क्षेत्र की है, परंतु इलाके में फैले डर के कारण ग्रामीण अब तक पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं करवा सके हैं.  इससे पहले, बीजापुर में नक्सलियों ने 15 दिनों में मुखबिरी के शक में 6 लोगों की हत्या की थी। जिसमें 4 ग्रामीण और 2 छात्र शामिल हैं। नक्सलियों ने पिछले 25 साल में 1821 लोगों का मर्डर किया है। 17 जून को 3 लोगों की हुई थी हत्या इससे पहले, 17 जून 2025 को नक्सलियों ने बीजापुर जिले के एक गांव में 3 ग्रामीणों की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इनमें एक 13 साल का 7वीं और दूसरा 20 साल का कॉलेज का छात्र और तीसरा ग्रामीण युवक शामिल है। पूरा मामला पेद्दाकोरमा गांव का है। गांववालों का कहना था कि, 17 जून की शाम करीब 70 से 80 की संख्या में हथियार बंद नक्सली पहुंचे थे। उन्होंने छात्र सोमा मोड़ियाम (20), अनिल माड़वी (13) समेत एक अन्य ग्रामीण को घर से उठा लिया था।सोमा इसी साल 12वीं पास कर कॉलेज में दाखिल हुआ था, जबकि अनिल 7वीं का छात्र था। नक्सली गांव के 10 से ज्यादा लड़कों को बंधक बनाकर अपने साथ लेकर गए। हालांकि, उनकी बेदम पिटाई करने के बाद उन्हें छोड़ दिया। पुलिस के एक्शन से बौखलाए नक्सली अब स्कूल और कॉलेज के बच्चों का कत्ल कर रहे हैं। सरेंडर नक्सली के रिश्तेदारों की हत्या दरअसल, मारे गए सभी ग्रामीण DVCM कैडर के सरेंडर नक्सली दिनेश मोड़ियम के रिश्तेदार थे। नक्सलियों ने आरोप लगाया कि इन्हीं लोगों ने उसे सरेंडर करने के लिए उकसाया, उससे पैसे लिए। इसी वजह से इनकी हत्या कर मौत की सजा दे दी। 22 जून को भी 2 लोगों को मार डाला इसके बाद बीजापुर जिले में 22 जून को नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी के शक पर समैय्या और वेको देवा की हत्या की थी। समैय्या पहले नक्सली था। उसने 2025 में आत्मसमर्पण किया है। वहीं वेको देवा ग्रामीण है। दोनों नक्सल प्रभावित गांव सेंड्राबोर और एमपुर के रहने वाले थे। मामला पामेड़ थाना क्षेत्र का है। कौन है शिक्षा दूत: विनोद मड्डे और सुरेश मेटा, दोनों ही शिक्षादूत योजना के तहत नक्सल प्रभावित बंद स्कूलों को फिर से शुरू करने की मुहिम में लगे थे. गृहमंत्री विजय शर्मा कुछ समय पहले जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में पहुंचे थे, उस दौरान इन शिक्षादूतों की सराहना भी की थी, जो विषम हालात में भी बच्चों को शिक्षा देने के कार्य में जुटे थे. इन शिक्षकों को राज्य सरकार की ओर से 10,000 से 12,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाता है. जिले में इस समय लगभग 350 शिक्षादूत कार्यरत हैं, जो दुर्गम इलाकों में जाकर बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं. परिवार में रो रोकर बुरा हाल: शिक्षादूत विनोद मड्डे के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं, जबकि सुरेश मेटा अब तक अविवाहित थे. उनके परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पिल्लूर और टेकमेटा गांव में मातम छाया हुआ है. गांववाले इस क्रूर घटना से सदमे में हैं और लगातार सुरक्षा की मांग कर रहे हैं. मुखबिरी के शक में अबतक हुई हत्याएं     2 जुलाई 2025: बीजापुर के उसूर में युवक की हत्या, मुखबिरी का आरोप     20 फरवरी 2025: दंतेवाड़ा में पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर दो लोगों की नक्सलियों ने की हत्या     4 फरवरी 2025: दंतेवाड़ा के ककाड़ी के रहने वाले हड़मा हेमला की हत्या, पुलिस मुखबिरी का आरोप     21 दिसंबर 2024: बीजापुर में नक्सलियों ने कथित जनअदालत लगाकर एक ही परिवार के 2 लोगों की हत्या की     11 दिसंबर 2024: बीजापुर के फरसेगढ़ में युवक पर मुखबिरी का आरोप लगाकर हत्या     6 दिसंबर 2024: बासागुड़ा थाना इलाके के तिम्मापुर गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हत्या     8 दिसंबर 2024: मद्देड़ इलाके के लोदेड़ गांव में 40 साल की महिला की हत्या     12 नवंबर 2024: बीजापुर में ग्रामीण माड़वी दुलारू की हत्या, पुलिस मुखबिर का आरोप     29 अक्टूबर 2024: बीजापुर में 35 साल के ग्रामीण दिनेश पुजार की हत्या     23 अक्टूबर 2024: सुकमा में ग्रामीण को अगवा कर उसकी हत्या की थी.     19 अक्टूबर 2024: सुकमा में पुलिस मुखबिरी के शक में युवक की हत्या     25 सितंबर 2024: सुकमा के भंडारपदर गांव में 50 साल के ग्रामीण पीट पीटकर हत्या     12 सितंबर 2024: बीजापुर के जप्पेमरका में 2 ग्रामीणों का अपहरण कर फांसी पर लटकाया     28 अगस्त 2024:बीजापुर के मिरतुर में 27 साल के युवक की तिमनार गांव में हत्या     28 अगस्त 2024: भैरमगढ़ में नक्सलियों ने की युवक की हत्या     23 अगस्त 2024: गंगालूर थाना इलाके के पूसनार गांव के जमींदार की हत्या     11 अगस्त 2024: कोंटा में उप सरपंच की हत्या     11 जुलाई 2024: सुकमा में नक्सलियों ने की युवक की हत्या 25 साल में 1821 लोगों की हत्या बता दें कि, नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से लेकर अब तक यानी पिछले 25 सालों में बस्तर के अलग-अलग जिलों में कुल 1821 लोगों की हत्या की है। इनमें आम नागरिक समेत जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा हत्या बीजापुर जिले में ही हुई है।  

सावन की पहली एकादशी कामिका कब , इसकी सही डेट क्या है और इस दिन कौन सा शुभ मुहूर्त पड़ने वाला

सावन माह में शिव जी की विशेष पूजा अर्चना करने का विधान है. हालांकि इस माह में पड़ने वाली एकादशी के व्रत का भी बहुत महत्व है. सावन के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी के रूप में जाना जाता है. इस एकादशी व्रत को करने से वाजपेय यज्ञ करने जितना फल की प्राप्ति होती है. कामिका एकादशी के व्रत में शङ्ख, चक्र, गदाधारी विष्णु जी का विशेष पूजा अर्चना की जाती है. इस कड़ी में आइए जानें कि इस साल कामिका एकादशी की डेट क्या है और इस दिन कौन से शुभ मुहूर्त होंगे. कामिका एकादशी 2025 कब ? सावन के कृष्ण पक्ष की कामिका एकादशी तिथि की शुरुआत 20 जुलाई 2025 को दोपहर के समय 12.12 पर होगी और 21 जुलाई 2025 सुबह के 9.38 पर तिथि का समापन होगा. इस तरह कामिका एकादशी व्रत उदयातिथि में 21 जुलाई 2025 को रखा जाएगा. व्रत सूर्योदय से शुरू होकर अगले दिन सूर्योदय के साथ समाप्त होगा. इस तरह व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि पर सूर्योदय बाद पूजा और दान के बाद किया जाएगा.       कामिका एकादशी 2025 मुहूर्त कामिका एकादशी के दिन अमृत मुहूर्त सुबह 5.36 से लेकर सुबह के 7.19 तक होगा. शुभ योग सुबह 9.02 से लेकर सुबह 10.45 तक. व्रत पारण समय को समय 22 जुलाई को सुबह 5.37 से लेकर सुबह 7.05 के बीच होगा.  कामिका एकादशी व्रत का महत्व  शास्त्रों के अनुसार कामिका एकादशी का उपवास जो भी व्यक्ति रखता है उसे यमराज के दर्शन नहीं होते हैं और न तो उसे किसी भी तरह के नर्क के कष्ट भोगने पड़ते हैं. ऐसा व्यक्ति या तो मोक्ष की प्राप्ति करता है या फिर स्वर्ग को प्रस्थान करता है. कामिका एकादशी का व्रत करने से अध्यात्म विद्या से मिले फल जितना ही फल मिलता है.

Google ला रहा नया प्लेटफॉर्म, Android और ChromeOS का होगा मर्जर

Google एक बड़ी प्लानिंग तैयार कर रहा है और आने वाले दिनों में Android और ChromeOS को मिलाकर एक पावरफुल सिंगल ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) को तैयार किया जाएगा. यहां आपकी जानकारी के लिए बता देते हैं कि इसके कयास लंबे समय से लगाए जा रहे थे और अब कंपनी ने टेक रडार को दिए गए इंटरव्यू में बताया है कि दोनों को मिलाकर एक सिंगल प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में काम हो रहा है.   जानकारी के मुताबिक, Android Ecosystem के प्रेसिडेंट Sameer Samat ने कहा कि हम Chrome OS और Android की खूबियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर शामिल करने जा रहे हैं. इसके लिए एक नया ऑपरेटिंग सिस्टम तैयार किया जाएगा, हालांकि किसी टाइमलाइन का जिक्र नहीं किया है.  यूजर्स को मिलेगा एक जैसा एक्सपीरियंस  Chrome OS और Android दोनों प्लेटफॉर्म का मर्जर करके एक प्लेटफॉर्म बनाने से यूजर्स को काफी फायदा देखने को मिलेगा. इस मर्जर की मदद से यूजर्स को मोबाइल, टैबलेट, और Chromebook का यूज करने पर एक जैसा एक्सपीरियंस मिल सकता है. Google अपने दो ऑपरेटिंग सिस्टम को मिलाकर एक प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में काम कर रहा है.      ChromeOS को लेकर बताते देते हैं कि यह Chromebook लैपटॉप के लिए तैयार किया है. यह कई मामलों में अच्छा है, जिसके साथ Android Apps का भी सपोर्ट मिलता है. इसके बावजूद इसमें कुछ लिमिटेशन भी हैं.      Android ऑपरेटिंग सिस्टम की पॉपुलैरिटी किसी से छिपी नहीं है. Google Pixel, Samsung, OnePlus, Redmi, Realme समेत दुनियाभर में ढेरों ब्रांड हैं, जिनमें Android OS का यूज किया जाता है.    Chrome OS और Android से क्या होगा फायदा? Android और Chrome OS प्लेटफॉर्म का मर्जर होने के बाद यूजर्स को काफी नया एक्सपीरियंस देखने को मिल सकता है. इसमें दोनों प्लेटफॉर्म अपने फीचर्स और ऐप्स को शेयर कर सकेंगे. आपकी जानकारी के लिए बता देते हैं कि Android Apps पहले से ही Chromebook पर चलते हैं और इस न्यू मर्जर के बाद यूजर्स को बेहतर यूजर एक्सपीरियंस देखने को मिलेगा.  क्रोम और एंड्रॉयड का मर्जर से मिलेगी क्रॉस डिवाइस कनेक्टिविटी  Google भी Apple जैसा ईकोसिस्टम तैयार करने की कोशिश में लगा है. जहां सभी डिवाइस आसानी से कनेक्ट हो जाते हैं और इससे यूजर्स को बेहतर एक्सपीरियंस भी मिलता है. यहां यूजर्स को बेहतर क्रॉस डिवाइस कनेक्टिविटी का फायदा मिलेगा.

मुख्यमंत्री श्री साय से भारत सरकार में भूमि संसाधन सचिव ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री श्री साय से भारत सरकार में भूमि संसाधन सचिव ने की सौजन्य भेंट भू-अभिलेख सुधार, डिजिटल सर्वे और राजस्व न्यायालयों में मामलों के त्वरित निराकरण को लेकर हुई विस्तृत चर्चा रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय में भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री मनोज जोशी ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर भू-अभिलेख प्रणाली को सुदृढ़ करने, भूमि सर्वेक्षण में तकनीकी नवाचारों के उपयोग, तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में राजस्व मंत्री श्री टंकाराम वर्मा भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार भू-राजस्व दस्तावेजों को अद्यतन करने और आवश्यक सुधार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड जितने व्यवस्थित होंगे, राजस्व न्यायालयों में मामलों का निपटारा उतना ही शीघ्र और प्रभावी रूप से हो सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि अभिलेखों में सुधार संबंधी केंद्र सरकार की सभी पहल के साथ राज्य सरकार कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगी, ताकि यह प्रणाली और अधिक प्रभावशाली व जनहितकारी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तकनीक आधारित नवाचारी पहलों के माध्यम से भू-राजस्व रिकॉर्ड में पारदर्शिता, गति और सटीकता लाने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस दिशा में सभी आवश्यक कदम तत्परता से सुनिश्चित करें। केंद्रीय भूमि संसाधन सचिव श्री मनोज जोशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेखों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है और राज्य सरकार के सक्रिय सहयोग से इसमें और अधिक सुधार लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में पारंपरिक पद्धति से किए जाने वाले भूमि सर्वेक्षण में समय अधिक लगता था, किंतु अब आधुनिक तकनीकों के उपयोग से यह प्रक्रिया तेज़, अधिक सटीक और भरोसेमंद हो गई है। श्री जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार भू-अभिलेख संधारण प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए विशेष प्रयास कर रही है, जिसके अंतर्गत राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान नक्शों के अद्यतन में कई बार तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिन्हें डिजिटल सर्वेक्षण के माध्यम से प्रभावी रूप से दूर किया जा सकेगा। इससे प्रत्येक नागरिक को अद्यतन और प्रमाणिक नक्शा प्राप्त होगा, जिससे गड़बड़ियों में कमी आएगी और शहरी क्षेत्रों के विस्तार को बेहतर ढंग से नियोजित किया जा सकेगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री कुणाल सत्यार्थी, राजस्व सचिव श्री अविनाश चंपावत, संचालक भू-अभिलेख श्री विनीत नंदनवार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

ओलंपिक 2028 में क्रिकेट T20 फॉर्मेट में शामिल, 6 टीमें खेलेंगी T20 मुकाबले

नई दिल्ली ओलंपिक में अब क्रिकेट की वापसी तय हो गई है. इसका शेड्यूल भी सामने आ गया है. अमेरिका के लॉस एंजेलिस शहर में साल 2028 में होने वाले ओलंपिक मुकाबलों में क्रिकेट का मैच पोमोना शहर के फेयरग्राउंड्स स्टेडियम में खेला जाएगा. यह शहर लॉस एंजेलिस से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित है. यह मुकाबले 12 जुलाई से शुरू होंगे, जबकि मेडल मैच 20 और 29 जुलाई को खेले जाएंगे. 6-6 टीमें लेंगी हिस्सा पुरुषों और महिलाओं दोनों वर्गों में कुल 6-6 टीमें भाग लेंगी और कुल 180 खिलाड़ी T20 प्रारूप में इस चार-वर्षीय महाकुंभ में हिस्सा लेंगे. क्रिकेट को इससे पहले केवल एक बार, 1900 में पेरिस ओलंपिक में शामिल किया गया था. आयोजकों द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, 14 और 21 जुलाई को कोई मुकाबला नहीं होगा, जबकि अधिकतर दिनों में डबल हेडर (एक दिन में दो मैच) खेले जाएंगे. साल 1900 में ओलंपिक में हुआ था क्रिकेट 1900 में हुए पेरिस ओलंपिक में क्रिकेट केवल एक बार खेला गया था, जहां दो टीमें- ग्रेट ब्रिटेन और फ्रांस ने दो दिवसीय मैच खेला था. इस मैच में ग्रेट ब्रिटेन ने स्वर्ण पदक जीता था. पुरुषों और महिलाओं के वर्ग में कुल 90-90 खिलाड़ियों के कोटे दिए गए हैं, जिससे सभी 12 टीमें 15-15 सदस्यीय स्क्वाड घोषित कर सकेंगी. अमेरिका में हुआ था टी20 वर्ल्ड कप मैच क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका के तीन स्थानों ग्रैंड प्रेयरी, लॉडरहिल और न्यूयॉर्क में 2024 टी20 वर्ल्ड कप के कई मुकाबले आयोजित किए गए, जिसे अमेरिका और वेस्टइंडीज ने संयुक्त रूप से होस्ट किया था. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने क्रिकेट के साथ-साथ बेसबॉल/सॉफ्टबॉल, फ्लैग फुटबॉल, लैक्रोस (सिक्सेस) और स्क्वैश को 2028 खेलों में शामिल किए जाने वाले पांच नए खेलों के रूप में स्वीकृति दी है. लॉस एंजेलिस की मेयर कैरेन बास ने एक बयान में कहा, 'जब दुनिया इन खेलों के लिए यहां आएगी, तो हम ऐसा आयोजन करेंगे जो सभी के लिए हो और एक महान विरासत छोड़े.'

सपनों जैसा आशियाना: 140 करोड़ के इस फ्लैट में मिलती हैं ये रॉयल सुविधाएं

गुरुग्राम नोएडा से गुरुग्राम तक एनसीआर के रियल स्टेट सेक्टर में इन दिनों खूब बूम है। लोग यहां अपना ठिकाना बनाने के लिए बड़ी से बड़ी रकम खर्च करने को तैयार हैं। इस बीच गुरुग्राम में बिके एक फ्लैट की कीमत सुनकर हर कोई हैरान है और लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर उस सोसाइटी में क्या सुविधाएं दी जा रही हैं, जहां एक फ्लैट के लिए कोई 50 करोड़ से ज्यादा भी खर्च कर सकता है। दरअसल, जोमेटो के को-फाउंडर दीपांकर गोयल ने तीन साल पहले यहां 52.3 करोड़ रुपये में 6BHK फ्लैट बुक किया था, जिसकी अब रजिस्ट्री कराई है। कंपनी के मुताबिक अब यहां शुरुआती कीमत 70 करोड़ रुपये है। प्रॉजेक्ट में 4 BHK, 5BHK और 6BHK के फ्लैट (पेंटहाउस) हैं। हाल में गोयल ने गुरुग्राम में डीएलएफ के 'द कैमेलियास' प्रॉजेक्ट में अल्ट्रा लग्जरी अपार्टमेंट की रजिस्ट्री कराई है। उन्होंने इसे तीन साल पहले 52.3 करोड़ रुपये की कीमत पर बुक कराया था। बताया गया है कि मार्च में रजिस्ट्री कराई गई है जिसके लिए 3.66 करोड़ रुपये स्टांप ड्यूटी पर खर्च किए गए। उन्होंने अगस्त 2022 में सीधे रियल स्टेट कंपनी डीएलएफ से इसकी खरीद की थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक गोयल का फ्लैट टावर-1 में पांचवीं मंजिल पर है। अब ऐसे फ्लैट की कीमत 140 करोड़ डीएलएफ फेज-5 में स्थित अल्ट्रा लग्जरी अपार्टमेंट्स की कीमत पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है। हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक, ब्रोकर्स का कहना है कि जिस फ्लैट को गोयल ने 52.3 करोड़ में खरीदा है उस साइज के अपार्टमेंट की कीमत अब 140 करोड़ से ज्यादा है। कितना बड़ा अपार्टमेंट है? रियल स्टेट पर नजर रखने वाले जैपकी की ओर से बताया गया है कि यह अपार्टमेंट 10.813 स्क्वायर फीट में बना हुआ है, जिसमें 5 पांच पार्किंग स्पेस शामिल है। 7 स्टार होटल जैसी सुविधाएं और फील 17.5 एकड़ जमीन पर बने इस प्रॉजेक्ट में की कीमत जितनी ऊंची है, सुविधाएं भी उतनी शानदार हैं। इन अपार्टमेंट्स को विजिट करने वाले कहते हैं कि यहां रहना ऐसा है जैसा कि आप साल के 365 दिन और चौबीसों घंटे 7 स्टार होटल में रह रहे हों। अंदर आपको ऐसे शानदार नजारे मिलेंगे। क्या-क्या सुविधाएं हैं ⦁ कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक यहां लगभग सभी तरह के इंडोर-आटडोर खेलों की वर्ल्ड क्लास व्यवस्था है। ⦁ क्लब हाउस और पार्टी लॉन्स की व्यवस्था की गई है। ⦁ स्विमिंग पूल का आनंद लिया जा सकता है तो फिटनेस के लिए जिम की व्यवस्था है। शानदार क्लब हाउस ⦁ बच्चों के लिए डे केयर की व्यवस्था की गई है। ⦁ ऑफ सेफ को कॉल करके बुला सकते हैं और अपने लिए लजीज व्यंजन तैयार करवा सकते हैं। वाई-फाई कनेक्टिविटी और चौबीसों घंटे सुरक्षा के बेहतरीन इतंजाम किए गए हैं।