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सत्ता के केंद्र में बदलाव की आहट: BJP अध्यक्ष और कैबिनेट में नई सूरत की तैयारी?

नई दिल्ली  भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। इसी बीच सरकार राज्यपालों में भी बदलाव कर रही है और राज्यसभा के लिए नेता चुने जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाले कैबिनेट में संभावित फेरबदल के संकेत हो सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर भाजपा या एनडीए सरकार के किसी दल की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि इन बदलावों के जरिए कैबिनेट फेरबदल के लिए जमीन तैयार की जा रही है। हाल ही में हरियाणा, गोवा के लिए राज्यपाल और लद्दाख के लिए उपराज्यपालों की नियुक्ति की है। इससे एक दिन पहले ही एडवोकेट उज्ज्वल निकम, मीनाक्षी जैन, हर्षवर्दन श्रृंगला और सी सदानंद मास्टर को राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया गया है। अखबार से बातचीत में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'बड़े मंत्रालय वाले अधिकांश मंत्रियों को पिछली मोदी सरकार से रिपीट किया गया है…। अब तक इस बात पर जोर दिया जाता था कि निरंतरता बनी रही, लेकिन अब कैबिनेट को विदेश मामलों जैसी नई प्राथमिकताओं के साथ-साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ के चलते वाणिज्य मंत्रालय फिर संतुलित किया जा सकता है।' रिपोर्ट में भाजपा सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि कैबिनेट में राज्यसभा सांसद बदले जा सकते हैं, जिनका कार्यकाल अंतिम दौर में है और उन्हें संगठन में जगह दी जा सकती है। वहीं, अन्य का कहना है कि भाजपा जनता दल यूनाइटेड, लोक जनशक्ति पार्टी और तेलुगु देशम पार्टी से नेताओं को देख सकती है। खास बात है कि बिहार में विधानसभा चुनाव हैं और लोजपा और जदयू बिहार आधारित पार्टियां हैं। एक भाजपा नेता ने अखबार से कहा, 'चीजें चल रही हैं और सवाल एक ही है कि अब आगे क्या होगा, गवर्नर में फेरबदल, अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य नेताओं की पार्टी संघठन में नियुक्ति की घोषणा या कैबिनेट फेरबदल।' कहा जा रहा है कि भाजपा 37 इकाइयों में से आधे से ज्यादा में अध्यक्षों का चुनाव कर चुकी है। साथ ही जल्द राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा हो सकती है। फिलहाल, भाजपा की कमान केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के हाथों में है।  

शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष से वापसी पर नज़र, नासा ने साझा की चौंकाने वाली डिटेल्स

वॉशिंगटन भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और उनके क्रू मेंबर्स आज आज धरती पर वापस लौट रहे हैं। यह लोग अंतरिक्ष में करीब 18 दिन बिताने के बाद लौट रहे हैं। यह लोग अपने साथ ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में कुछ जरूरी डेटा और सामान लेकर आएंगे। एक्सिओम मिशन 4 क्रू मेंबर्स सोमवार को ही इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन को अलविदा बोल चुके हैं। यह लोग अब धरती पर पहुंचने के बेहद करीब हैं। अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी से पहले नासा ने बताया कि यह लोग अपने साथ क्या-क्या लेकर आ रहे हैं। एक्सपेरिमेंट का डेटा नासा ने बताया कि एक्सिओम मिशन-4 पर गए अंतरिक्ष यात्री अपने साथ करीब 580 पाउंड सामान ला रहे हैं। इसमें नासा का हार्डवेयर और डेटा है। यह डेटा उन 60 से ज्यादा एक्सपेरिमेंट्स का है जो मिशन के दौरान इन अंतरिक्ष यात्रियों ने अंजाम दिया। ड्रैगन अंतरिक्ष यान और एक्सिओम स्पेस एएक्स-4 के सभी सदस्य मंगलवार को भारतीय समयानुसार अपराह्न तीन बजकर एक मिनट पर पृथ्वी के वाायुमंडल में फिर से प्रवेश करेंगे। यह लोग सैन डिएगो तट पर पानी में उतरेंगे। बता दें कि यात्रा पर रवाना होने से पहले एक्सिओम मिशन-4 कई बार स्थगित हुआ था। इसके बाद 25 जून को यह स्पेसक्राफ्ट फ्लोरिडा स्थित नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हुआ। यह निजी अंतरिक्ष मिशन, भारत, पोलैंड और हंगरी के लिए काफी अहमियत रखने वाला है। किया जाएगा डी-ऑर्बिट बर्न अंतरिक्ष यान के पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करते ही भारतीय समयानुसार आज अपराह्न दो बजकर सात मिनट पर प्रशांत महासागर के ऊपर ‘डी-ऑर्बिट बर्न’ होने की उम्मीद है। जब कोई अंतरिक्ष यान पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा होता है और उसे वापस धरती पर लाना होता है, तो उसकी गति को कम करना आवश्यक होता है ताकि वह कक्षा से बाहर निकलकर पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर सके। इसी गति को कम करने के लिए अंतरिक्ष यान के थ्रस्टर्स (छोटे इंजन) को एक निश्चित समय और दिशा में दागा जाता है। इस प्रक्रिया को ही ‘डी-ऑर्बिट बर्न’ कहते हैं। रिकवरी जहाज पर जाएंगे अंतरिक्ष यात्री अंतिम तैयारियों में कैप्सूल के ट्रंक को अलग करना और वायुमंडल में प्रवेश से पहले ‘हीट शील्ड’ को अनुकूलित करना शामिल है, जिससे अंतरिक्ष यान लगभग 1,600 डिग्री सेल्सियस तापमान के संपर्क में आएगा। पैराशूट दो चरण में तैनात किए जाएंगे- पहले लगभग 5.7 किमी की ऊंचाई पर स्थिरीकरण पैराशूट, उसके बाद लगभग दो किमी की ऊंचाई पर मुख्य पैराशूट। अंतरिक्ष यान को एक विशेष रिकवरी जहाज पर उतारा जाएगा, जहां से अंतरिक्ष यात्रियों को कैप्सूल से बाहर निकाला जाएगा। सात दिन का होगा पुनर्वास एक्सिओम-4 के चालक दल की जहाज पर ही कई चिकित्सीय जांच की जाएंगी। इसके बाद वे तट पर आने के लिए एक हेलिकॉप्टर में सवार होंगे। चारों अंतरिक्ष यात्रियों को पुनर्वास में सात दिन बिताने पड़ सकते हैं, क्योंकि उन्हें अंतरिक्ष की कक्षा में अनुभव की जाने वाली भारहीनता के विपरीत, गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में पृथ्वी पर जीवन के लिए खुद को ढालना होगा।  

पुलिस की कथित पिटाई और रिश्वत लेने से आहत युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस को ठहराया जिम्मेदार

फर्रुखाबाद यूपी के फर्रुखाबाद पुलिस का रवैया एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल पुलिस की कथित पिटाई और रिश्वत लेने से आहत युवक ने फांसी की लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में युवक ने ससुरालीजनों के साथ ही दो पुलिसकर्मियों को भी जिम्मेदार ठहराया। उधर, इस मामले में ऐक्शन लेते हुए एसपी ने दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। ये मामला आदर्श थाना मऊ दरवाजा क्षेत्र का है। पुलिस सूत्रों के अनुसार थाना क्षेत्र के नगला छेदा गुतासी के रहने वाले दिलीप कुमार का अपनी पत्नी नीरज के साथ विवाद हो गया था। जिसकी शिकायत नीरज ने पुलिस से की। इस मामले को लेकर पुलिस ने दिलीप कुमार को पुलिस चौकी बुलाया तो वह अपने पिता राम रहीश के साथ पुलिस चौकी समझौते के लिए पहुंचा। रामरहीश का आरोप है कि सिपाही यशवंत यादव ने उनसे 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की, फिर सिपाही महेश उपाध्याय उसके पुत्र को अंदर ले गए और पिटाई की। बाद में 40 हजार रुपये लेकर समझौता कराया गया।इस घटना से आहत होकर दिलीप कुमार ने सोमवार- मंगलवार की रात में किसी समय फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने उसे आज सुबह फांसी के फंदे पर लटका पाया। उधर, सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल में जुट गई। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। जिसमें उसने अपने ससुर बनवारी, साला राजू, आलूपुर के रहने वाले रजनेश राजपूत, हथियापुर पुलिस चौकी के सिपाही यशवंत यादव और महेश उपाध्याय को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, इस मामले में ऐक्शन लेते हुए पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने तत्काल प्रभाव से दोनों सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। एसपी के इस ऐक्शन से थाने में हड़कंप मच गया।  

राजनांदगांव के नागरिक प्रतिनिधिमंडल ने की मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट

प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए जताया आभार रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से  छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में राजनांदगांव जिले के नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ निरंतर जनहित में कार्य कर रही है।  प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए सभी प्रक्रियाओं को चरणबद्ध रूप से ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को सुगम, सरल और सुलभ सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 24 अप्रैल को ‘राष्ट्रीय पंचायत दिवस’ के अवसर पर प्रदेश की चयनित ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की शुरुआत की गई है। इन केंद्रों के माध्यम से अब ग्राम पंचायत स्तर पर ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल ग्रामीणों को डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में प्रदेश की अन्य पंचायतों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा। राजनांदगांव से आए नागरिक प्रतिनिधिमंडल ने जिले में प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर, एवं अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव जिले में बीते डेढ़ वर्षों के भीतर पेयजल विस्तार, सड़क निर्माण, और अन्य अधोसंरचनात्मक कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के विभिन्न निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनका प्रत्यक्ष लाभ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को मिल रहा है। यह जनकल्याण और विकास की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार संतुलित, समावेशी और सतत विकास के सिद्धांतों पर कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ को सतत विकास की  ओर अग्रसर करने के लिए कटिबद्ध है। इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री प्रदीप गांधी, श्री कोमल राजपूत, त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारीगण और राजनांदगांव जिले के गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे।

स्वास्थ्य से खिलवाड़! छत्तीसगढ़ में सप्लाई की गई दवाएं पाई गईं अमानक, उपयोग पर रोक

रायपुर प्रदेश में मरीजों की सेहत से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। इस बार अस्थमा, एलर्जी, गठिया और आंतों में सूजन के इलाज में दी जाने वाली प्रेडनिसोलोन टैबलेट (दवा कोड D-427) के एक बैच की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। संभावित खामी सामने आने के बाद दवा निगम ने इसके उपयोग और वितरण पर रोक लगा दी है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए हैं कि जब तक अगला आदेश न मिले, तब तक इस टैबलेट का इस्तेमाल और वितरण न किया जाए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रेडनिसोलोन टैबलेट बैच नंबर T-240368 (निर्माण तिथि: 01 जुलाई 2024, समाप्ति तिथि: 30 जून 2026, निर्माता: सनलाइफ साइंसेस) की गुणवत्ता संदिग्ध मानी जा रही है। इस टैबलेट का उपयोग सूजन, एलर्जी, अस्थमा, त्वचा रोग, जोड़ों के दर्द और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में किया जाता है। क्या है खतरा? स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, संदेह है कि यह दवा अमानक गुणवत्ता की हो सकती है। जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन प्राथमिक रूप से यह माना जा रहा है कि दवा में कोई तकनीकी या निर्माण संबंधी खामी हो सकती है। गौरतलब है कि इससे पहले भी सीजीएमएससी द्वारा खरीदी गई दवाओं और सामग्री में गंभीर खामियां पाई जा चुकी हैं। बीते सप्ताह ही सर्जिकल ब्लेड की गुणवत्ता खराब होने का मामला सामने आया था। अस्पतालों को स्पष्ट निर्देश रायपुर और बलौदाबाजार जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि उनके पास यह दवा मौजूद है, तो उसे अलग सुरक्षित स्थान पर रख दें और किसी मरीज को इसका वितरण न करें। आदेशों के उल्लंघन पर जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। बार-बार दोहराई जा रही लापरवाही यह पहला मामला नहीं है जब सीजीएमएससी द्वारा खरीदी गई दवाएं अमानक पाई गई हों। पिछले एक वर्ष में कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रेडनिसोलोन जैसी स्टेरॉइड दवा शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित करती है। यदि यह खराब गुणवत्ता की हो, तो इसके दुष्परिणाम जानलेवा हो सकते हैं। बिना परीक्षण के इस तरह की दवाओं को अस्पतालों तक भेजना सीधे मरीजों की जान से खिलवाड़ करने जैसा है।  प्रदेश में मरीजों की सेहत से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। इस बार अस्थमा, एलर्जी, गठिया और आंतों में सूजन के इलाज में दी जाने वाली प्रेडनिसोलोन टैबलेट (दवा कोड D-427) के एक बैच की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं।

भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने धोखाधड़ी के एक मामले में न्यायालय में आत्मसमर्पण किया

बेगूसराय बेगूसराय में मंगलवार को भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने धोखाधड़ी के एक मामले में न्यायालय में आत्मसमर्पण किया. उन्होंने कोर्ट में बॉन्ड जमा किया, जिसके बाद उन्हें नियमित जमानत मिल गई. यह मामला 24 अक्टूबर 2023 को समस्तीपुर जिले के सिंहिया में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम से जुड़ा है. अक्षरा के पिता के खिलाफ परिवाद दायर किया गया था दरअसल, कार्यक्रम आयोजक शिवेश मिश्रा ने अदालत में आरोप लगाया था कि अक्षरा सिंह ने तय समय से काफी कम महज आधे घंटे की प्रस्तुति दी और मंच पर माइक को तोड़कर कर कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चली गईं. उन्होंने इसे धोखाधड़ी मानते हुए उनके और उनके पिता विपिन सिंह के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर किया था. 30 जून को मिली थी अग्रिम जमानत इस मामले में बेगूसराय कोर्ट के न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी ओम प्रकाश ने अक्षरा सिंह और उनके पिता को समन जारी कर कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया था. अक्षरा सिंह को पहले ही 30 जून को अग्रिम जमानत मिल गई थी और 10,000 रुपये के मुचलके पर बॉन्ड भरने का निर्देश दिया गया था. उसी आदेश के अनुपालन में आज उन्होंने अदालत में आत्मसमर्पण कर बंधपत्र दाखिल किया. कोर्ट में पेशी के दौरान अक्षरा सिंह ने मीडिया से बात करने से परहेज किया, लेकिन बार-बार सवाल पूछे जाने पर उन्होंने सिर्फ 'हर हर महादेव' का जयघोष किया. अक्षरा सिंह की वकील सीमा देवी ने बताया, 'हमने अग्रिम जमानत पहले ही ले रखी थी. आज नियमित प्रक्रिया के तहत आत्मसमर्पण कर बंधपत्र दाखिल किया गया, और कोर्ट से जमानत मिल गई.' वहीं, वादी शिवेश मिश्रा के अधिवक्ता प्रमोद कुमार ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान दर्शकों के साथ विश्वासघात हुआ, जिसे लेकर मामला दर्ज कराया गया है. फिल्म अभिनेत्री अक्षरा सिंह के खिलाफ दर्ज मामले में IPC की धारा 406 (ग़बन व विश्वासघात), 427 (संपत्ति को नुकसान पहुंचाना) और 34 (साझा आपराधिक मंशा) के तहत केस दर्ज किया गया है। एक्ट्रेस को देखने के लिए कोर्ट परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई है. 

महासमुंद : एक दिवसीय बैंकर्स प्रशिक्षण सह कार्यशाला सम्पन्न

महासमुंद राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना के अंतर्गत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री एस. आलोक के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सभाकक्ष में एक दिवसीय बैंकर्स प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 112 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें विभिन्न बैंकों के अधिकारी, ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर, एरिया कोऑर्डिनेटर, एफएल एंड सीआरपी, बीमा सखी, पीआरपी एवं अन्य फील्ड स्टाफ शामिल रहे। कार्यशाला का उद्देश्य बैंकर्स और फील्ड स्टाफ को वित्तीय प्रक्रियाओं की जानकारी देना था, ताकि वे अपने कार्यक्षेत्र में और अधिक प्रभावी, समन्वित एवं परिणाम मुखी भूमिका निभा सकें। कार्यशाला में बिहान योजना की अवधारणा और उद्देश्यों की समझ, स्वयं सहायता समूह के क्रेडिट लिंकेज की प्रक्रिया, उद्यम वित्त के अवसर, बीसी सखी मॉडल की संरचना एवं संचालन प्रक्रिया, सरकारी बीमा योजनाओं की जानकारी नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स की समस्या और समाधान के उपाय, कम्युनिटी बेस्ड रिकवरी मैकेनिज्म कमेटी की भूमिका जैसे प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही फाइनेंशियल लिटरेसी कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। उन्हें प्रशिक्षण के माध्यम से वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने, स्व सहायता समूह के सदस्यों को बैंकिंग से जोड़ने और दस्तावेज़ीकरण में सहयोग हेतु सशक्त किया गया। कार्यक्रम में एनआरपी श्री सतपती, डीडीएम नाबार्ड, आरसेटी डायरेक्टर, एनआरएलएम एपीओ, डीपीएम, डीसी श्री दिलीप साहू एवं अन्य एनआरएलएम सहयोगी स्टाफ उपस्थित रहे।

डीजीपी मकवाना ने मुख्यमंत्री के संदेश एवं अभियान के पोस्टर का किया विमोचन 30 जुलाई तक चलेगा राज्य स्तरीय अभियान

नशे से दूरी है जरूरी अभियान का शुभारंभ नशा केवल स्वास्थ्य नहीं सामाजिक ताने-बाने को भी करता है छिन्न-भिन्न : मुख्यमंत्री डॉ. यादव डीजीपी मकवाना ने मुख्यमंत्री के संदेश एवं अभियान के पोस्टर का किया विमोचन 30 जुलाई तक चलेगा राज्य स्तरीय अभियान प्रदेशवासियों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करेगी मध्यप्रदेश पुलिस भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नशा एक सामाजिक बुराई है। जो युवाओं, परिवार और समाज की जड़ों को खोखला बना रही है। नशे की जद में आकर कई परिवार उजड़ जाते हैं। नशा नाश की जड़ है, जो न केवल स्वास्थ्य को खत्म करता है बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी छिन्न-भिन्न करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में मंगलवार से 30 जुलाई तक प्रारंभ हुए नशामुक्ति अभियान – "नशे से दूरी है जरूरी" के शुभारंभ अवसर पर वीडियो संदेश के माध्यम से यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अत्यंत दु:खद है कि युवाओं के बीच नशे का चलन तेजी से बढ़ रहा है। युवा देश का भविष्य हैं, उन्हें इस दलदल से बचाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह संकल्पित है। "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान चलाने का उद्देश्य न केवल नशे को रोकना है बल्कि समाज में नई चेतना जागृत करना भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से म.प्र. पुलिस द्वारा संचालित नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने का आहवान किया है। डीजीपी ने किया अभियान का शुभारंभ पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने पुलिस मुख्यालय, भोपाल में मंगलवार को वृहद नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी’’ का शुभारंभ किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वीडियो संदेश तथा अभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया। विशेष पुलिस महानिदेशक सी.आई.डी. पवन श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नारकोटिक्स के.पी. वेंकटेश्वर, पुलिस महानिरीक्षक ए.एन.ओ. डॉ. आशीष, पी.एस.ओ.टू. डीजीपी विनीत कपूर, सहायक पुलिस महानिरीक्षक संजीव कुमार कंचन एवं एसओ टू डीजीपी मलय जैन उपस्थित थे। डीजीपी मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रेरणा से समाज में नशे की प्रवृत्ति की प्रभावी रोकथाम के लिए यह जनजागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी’’ मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन युवाओं को खोखला कर उनके परिवारों को भी बर्बाद कर रहा है। देश एवं प्रदेश के शीर्षस्थ राजनैतिक नेतृत्व भी इस विकराल समस्या से चितिंत एवं इसके निदान के लिये प्रयासरत है। समाज की ये नैतिक जिम्मेदारी है कि नशे के दुष्प्रभावों से विशेषकर किशोर बच्चों और युवाओं को अवगत कराएँ और नशे से दूर रखें। उन्होंने कहा कि ‘’हमारा है यही संदेश- नशा मुक्त हो मध्यप्रदेश’’। अभियान में उच्च शिक्षा, ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, खेल एवं युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास और स्कूल शिक्षा विभागों सहित एनजीओ और धार्मिक संस्थान की सक्रिय सहभागिता रहेगी। हर दिन होंगी जागरूकता की गतिविधियां अभियान के अंतर्गत पूरे प्रदेश में प्रतिदिन विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी जिनमें स्थानीय रेडियो और एफएम चैनलों के माध्यम से प्रसारण, सार्वजनिक स्थलों पर बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स का प्रदर्शन और पंपलेट का वितरण शामिल है। प्रिंट मीडिया, बस अड्डों और प्रमुख चौराहों पर डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से वीडियो प्रचार किया जाएगा। सफाई वाहनों पर लगे पीए सिस्टम से नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर हैशटैग #नशे_से_दूरी_है_जरूरी, #Say No To Drugs, #NashamuktMP के माध्यम से व्यापक संदेश भी प्रसारित किए जाएंगे। अभियान के दौरान प्रत्येक आयोजन स्थल पर नशामुक्ति से संबंधित ‘सेल्फी पॉइंट’ बनाए जाएंगे जिससे आमजन की भागीदारी को और प्रोत्साहन मिल सके। नारकोटिक्स से संबंधित शिकायतों और परामर्श के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 एवं 14446 और वेबसाइट https://ncbmanas.gov.in का व्यापक प्रचार किया जाएगा। अभियान में प्रचार सामग्री जैसे कैप्स, रिस्ट बैंड्स, बैजेस, पोस्टर और बैनर भी वितरित किए जाएंगे। प्रदेश के सभी स्कूलों और कॉलेजों के छात्रावासों में ‘छात्रावास नशामुक्ति समितियों’ का गठन किया जाएगा। अभियान में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था, अखिल भारतीय गायत्री परिवार, आर्ट ऑफ लिविंग, हार्टफुलनेस जैसे सामाजिक व धार्मिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है। सामाजिक न्याय एवं एमएसएमई विभाग द्वारा प्रशिक्षित "मास्टर वॉलंटियर्स" नागरिकों व छात्रों को नशामुक्ति के लिए प्रेरित करेंगे। "कला पथक दल" द्वारा नुक्कड़ नाटक, गीत, संगीत के माध्यम से भी जनजागरूकता फैलाई जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं जैसे Alcoholics Anonymous और Narcotics Anonymous भी इस अभियान में अपना योगदान देंगी। शिक्षा विभाग द्वारा संचालित "युवा संगम" के अंतर्गत "प्रहरी क्लब"/ "ओजस क्लब" और "उमंग मॉड्यूल" के माध्यम से छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित "Manhit App" के माध्यम से नशा पीड़ित व्यक्तियों को चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। मेडिकल और टेक्नीकल कॉलेजों सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के सहयोग से पोस्टर, शॉर्ट मूवी और जागरूकता संदेश साझा किए जाएंगे।  

देशभर में नक्सलियों के बुरे दिन, नक्सलियों का कबूलनामा कुल 357 साथी मारे गए

रायपुर  नक्सली संगठनों ने अपने कबूलनामे में माना है कि सुरक्षाबलों के हाथों पिछले एक साल में उनके 357 माओवादी मारे जा चुके हैं. कबूलनामे के मुताबिक सुरक्षाबलों के गोलियों के शिकार हुए नक्सलियों में महिला नक्सली भी शामिल हैं, जिनकी संख्या 136 बताई गई है. नक्सलियों के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त मुहिम से नक्सल संगठनों की हालत खराब है. लगातार नक्सली निशाने पर आ रहे नकस्ली या तो सरेंडर करने को मजबूर हैं या गिरफ्तार हो रहे हैं वरना सुरक्षाबलों के गोलियों के शिकार होकर मारे जा रहे हैं. जहां, 281 नक्सली मारे गए  रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक साल में सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए नक्सलियों में 4 सीसी मेम्बर 15 राज्य कमेटी के नक्सली शामिल बताए जाते हैं. कबूलनामे के मुताबिक एंटी नक्सल ऑपरेशन से नक्सल संगठन को सबसे बड़ा नुकसान दण्डकारण्य में हुआ है, जहां, 281 नक्सली मारे गए हैं. जबकि, कुछ महीने पहले भी नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी के प्रवक्ता ने लेटर जारी किया था। जिसमें डेढ़ साल में 400 से ज्यादा नक्सलियों के मारे जाने का जिक्र था। इधर, पुलिस के मुताबिक, पिछले डेढ़ साल में सिर्फ बस्तर में ही करीब 420 से ज्यादा नक्सलियों का एनकाउंटर हुआ है। वहीं इस बीच बीजापुर में नक्सलियों ने 2 शिक्षा दूतों की हत्या कर दी है। 15 जुलाई की सुबह पीलूर गांव में के जंगल में लाश बरामद हुई है। एक की पहचान विनोद मडे के तौर पर हुई है। वो शिक्षा दूत था। इन पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया गया है। फिलहाल घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले, बीजापुर में नक्सलियों ने 15 दिनों में मुखबिरी के शक में 6 लोगों की हत्या की थी। जिसमें 4 ग्रामीण और 2 छात्र शामिल हैं। 136 महिला नक्सली भी शामिल दरअसल, नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी के नाम से जारी इस बुकलेट में लिखा है कि सालभर में नक्सलियों के पोलित ब्यूरो मेंबर और नक्सल संगठन के महासचिव बसवा राजू समेत सेंट्रल कमेटी के 4 सदस्य, स्टेट कमेटी के 16 सदस्य मारे गए हैं। इन 357 में 136 महिला नक्सली भी मारी गई हैं। सबसे ज्यादा दंडकारण्य में 281 नक्सली ढेर हुए हैं। इन राज्यों में इतने नक्सली मारे गए नक्सलियों के इन आंकड़ों के मुताबिक, 14 बिहार-झारखंड, 23 तेलंगाना, 281 दंडकारण्य, 9 आंध्र-ओडिशा विशेष क्षेत्र/आंध्र प्रदेश, 8 महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ (एमएमसी), 20 ओडिशा, 1 पश्चिमी घाट और 1 पंजाब से हैं। उनके 4 साथी खराब स्वास्थ्य और अनुचित उपचार के कारण, 1 दुर्घटना में, 80 फर्जी मुठभेड़ों में और 269 घेराबंदी हमलों में मारे गए। इन कैडर्स के नक्सली ढेर मारे गए नक्सलियों में बसवा राजू समेत राज्य समिति स्तर के 16, जिला समिति के 23, एसी/पीपीसी के 83, पार्टी के 138 सदस्य, PLGA के 17 सदस्य, जन संगठनों के 6 सदस्य और 34 लोग शामिल हैं। 36 लोगों का विवरण उपलब्ध नहीं है। नक्सलियों का कहना है कि अधिकांश कगार युद्ध में मारे गए हैं। घेराबंदी के दौरान कुछ साथी पकड़े गए। जिनकी हत्या की गई। सिर्फ बस्तर में ही मारे गए 420 से ज्यादा नक्सली बस्तर में 1 जनवरी 2024 से जून 2025 तक हुई अलग-अलग मुठभेड़ों में 420 से ज्यादा नक्सलियों का एनकाउंटर किया गया है। पुलिस के मुताबिक इनमें 2024 में 217 नक्सली और पिछले 6 महीने में 200 से ज्यादा नक्सली मारे गए हैं। वहीं नक्सलियों के अलग-अलग लेटर में जारी आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि नक्सल संगठन भी मारे गए नक्सलियों के स्पष्ट आंकड़े जारी नहीं कर रहा है। पिछले डेढ़ साल में नक्सलियों को बड़ी क्षति पहुंची है। शहीदी सप्ताह मनाएंगे नक्सली अपने मारे गए साथियों की याद में नक्सली 28 जुलाई से 3 अगस्त तक शहीदी सप्ताह मनाएंगे। इस दौरान मारे गए साथियों को श्रद्धांजलि देंगे। गांव-गांव में सभा करेंगे। वहीं इस दौरान नक्सली किसी बड़े हमले की भी प्लानिंग करते हैं। नक्सलियों के बुकलेट में लिखा है कि देश में क्रांतिकारी आंदोलन को खत्म करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के 'कगार' युद्ध को विफल किया जाएगा। जनसमुदाय को वर्ग संघर्ष और गुरिल्ला युद्ध में लामबंद करने की बात लिखी है। 24 पेजों वाला बुकलेट जारी  नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी ने जारी एक प्रेस नोट में यह कबूल किया है. करीब 24 पेज वाले गोंडी बोली व इंग्लिश भाषा में नक्सलियों ने कबूलनामे का बुकलेट भी जारी किया हैं. कबूलनामे के मुताबिक नक्सली संगठन मारे गए साथियों की याद में 28 जूलाई से 3 अगस्त तक शहीदी सप्ताह मनाएंगे. पिछले एक साल में सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए नक्सलियों में 4 सीसी मेम्बर 15 राज्य कमेटी के नक्सली शामिल बताए जाते हैं. कबूलनामे के मुताबिक एंटी नक्सल ऑपरेशन से नक्सल संगठन को सबसे बड़ा नुकसान दण्डकारण्य में हुआ है, जहां, 281 नक्सली मारे गए हैं. मार्च, 2026 तय है नक्सल उन्मूलन! केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूरे देश से नक्सलियों को उखाड़ फेंकने के लिए सुरक्षाबलों को खुली छूट दे रखी है. शाह ने नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए मार्च, 2026 की तारीख भी तय कर दी है. सुरक्षाबलों की कार्रवाई से हलकान होकर लगातार नक्सली सरेंडर कर रहे हैं,  जिससे संगठन लगातार कमजोर हुआ है.  

एक्टर आस‍िफ खान को आया हार्ट अटैक, हॉस्पिटल में भर्ती

'पंचायत' और 'भूतनी' जैसी लोकप्रिय फिल्म-वेब सीरीज में काम कर चुके एक्टर आसिफ खान को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. एक्टर को 2 दिन पहले दिल का दौरा पड़ा. ये खबर जानने के बाद फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री में हड़कंप मच गई है. ये घटना अचानक हुई, लेकिन समय रहते उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में एडमिट कराया गया. अब वो ठीक हैं और कुछ दिनों में अस्पताल से उनकी छुट्टी हो सकती है.  एक्टर आसिफ खान को पड़ा दिल का दौरा आसिफ 34 साल के हैं और इस उम्र में उन्हें दिल का दौरा पड़ने की खबर शॉकिंग है. लेकिन अच्छी बात ये है कि अब एक्टर की हालत स्थिर है और उनकी तबीयत में सुधार हो रहा है. कहा जा रहा है कि आसिफ जब तक पूरी तरह ठीक नहीं हो जाते, तब तक वो डॉक्टर्स की निगरानी में रहेंगे. राहत की बात ये है कि वो खतरे से बाहर हैं. हेल्थ को लेकर क्या बोले आसिफ हार्ट अटैक आने के बाद आसिफ खान ने अपनी हेल्थ को लेकर बात की है. इंडिया टुडे संग बातचीत में उन्होंने कहा कि 'पिछले कुछ घंटों से मैं कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था, जिसकी वजह से मुझे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. शुक्र है, अब मेरी तबीयत में सुधार है और मैं पहले से काफी बेहतर महसूस कर रहा हूं. आप सभी के प्यार, चिंता और शुभकामनाओं के लिए दिल से धन्यवाद. आपका साथ मेरे लिए बहुत मायने रखता है. मैं जल्द ही वापसी करूंगा. तब तक मुझे अपनी दुआओं में याद रखने के लिए शुक्रिया.'   इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया भावुक मैसेज जैसे ही उनकी तबीयत ठीक हुई, उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक भावुक कर देने वाला मैसेज शेयर किया है. उन्होंने लिखा कि पिछले 36 घंटों से ये सब देखने के बाद ये एहसास हुआ. जिंदगी बहुत छोटी है, एक भी दिन को हल्के में मत लीजिए. एक पल में सबकुछ बदल सकता है.  आगे वो लिखते हैं कि 'आपके पास जो कुछ है, उसके लिए शुक्रगुजार रहिए. अपनों को पहचानिए और उन्हें हमेशा प्यार दीजिए. जिंदगी एक तोहफा है और हम वाकई खुशनसीब हैं.' आसिफ को 'मिर्जापुर' और 'पाताल लोक' जैसे वेब सीरीज में उनकी बेहतरीन एक्टिंग के लिए जाना जाता है. वो छोटे पर दमदार किरदार निभाने के लिए मशहूर हैं.   एक्टर की पर्सनल लाइफ की बात करें, तो उन्होंने पिछले साल 10 दिसंबर को अपनी गर्लफ्रेंड जेबा संग निकाह किया था. निकाह के बाद वो जेबा संग अपनी ड्रीमी लाइफ जी रहे हैं. शादी के बाद वो अपनी वाइफ जेबा संग उमराह करने भी जा चुके हैं. आसिफ इंस्टग्राम पर एक्टिव हैं और उन्हें फैन्स को छोटी से छोटी अपडेट देना अच्छा लगता है.