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रायपुर में मुख्यमंत्री साय से मिले भूमि संसाधन सचिव, भूमि सुधार और उपयोग पर संवाद

रायपुर : मुख्यमंत्री साय से भारत सरकार में भूमि संसाधन सचिव ने की सौजन्य भेंट मुख्यमंत्री साय से भूमि संसाधन सचिव की सौजन्य भेंट, विकास योजनाओं पर हुई चर्चा रायपुर में मुख्यमंत्री साय से मिले भूमि संसाधन सचिव, भूमि सुधार और उपयोग पर संवाद भू-अभिलेख सुधार, डिजिटल सर्वे और राजस्व न्यायालयों में मामलों के त्वरित निराकरण को लेकर हुई विस्तृत चर्चा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय में भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव मनोज जोशी ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर भू-अभिलेख प्रणाली को सुदृढ़ करने, भूमि सर्वेक्षण में तकनीकी नवाचारों के उपयोग, तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में राजस्व मंत्री टंकाराम वर्मा भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार भू-राजस्व दस्तावेजों को अद्यतन करने और आवश्यक सुधार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड जितने व्यवस्थित होंगे, राजस्व न्यायालयों में मामलों का निपटारा उतना ही शीघ्र और प्रभावी रूप से हो सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि अभिलेखों में सुधार संबंधी केंद्र सरकार की सभी पहल के साथ राज्य सरकार कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगी, ताकि यह प्रणाली और अधिक प्रभावशाली व जनहितकारी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तकनीक आधारित नवाचारी पहलों के माध्यम से भू-राजस्व रिकॉर्ड में पारदर्शिता, गति और सटीकता लाने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस दिशा में सभी आवश्यक कदम तत्परता से सुनिश्चित करें। केंद्रीय भूमि संसाधन सचिव मनोज जोशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेखों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है और राज्य सरकार के सक्रिय सहयोग से इसमें और अधिक सुधार लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में पारंपरिक पद्धति से किए जाने वाले भूमि सर्वेक्षण में समय अधिक लगता था, किंतु अब आधुनिक तकनीकों के उपयोग से यह प्रक्रिया तेज़, अधिक सटीक और भरोसेमंद हो गई है। जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार भू-अभिलेख संधारण प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए विशेष प्रयास कर रही है, जिसके अंतर्गत राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान नक्शों के अद्यतन में कई बार तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिन्हें डिजिटल सर्वेक्षण के माध्यम से प्रभावी रूप से दूर किया जा सकेगा। इससे प्रत्येक नागरिक को अद्यतन और प्रमाणिक नक्शा प्राप्त होगा, जिससे गड़बड़ियों में कमी आएगी और शहरी क्षेत्रों के विस्तार को बेहतर ढंग से नियोजित किया जा सकेगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, भारत सरकार के संयुक्त सचिव कुणाल सत्यार्थी, राजस्व सचिव अविनाश चंपावत, संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदनवार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्रिपरिषद द्वारा वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान दिए जाने के निर्णय हेतु व्यक्त किया आभार

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट मंत्रिपरिषद द्वारा वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान दिए जाने के निर्णय हेतु व्यक्त किया आभार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  विधानसभा स्थित कार्यालय में राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों ने सौजन्य भेंट कर मंत्रिपरिषद की बैठक में वर्ष 2005 से 2009 बैच तक के अर्हकारी सेवा अवधि पूर्ण कर चुके अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान किए जाने के निर्णय हेतु आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि 11 जुलाई 2025 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के समुचित प्रबंधन हेतु 30 सांख्येतर पदों का सृजन करते हुए वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान करने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय उन अधिकारियों के लिए लिया गया है जिन्होंने सेवा में निर्धारित अर्हता अवधि पूर्ण कर ली है। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, कीर्तन राठौर, अनंत साहू, डॉ. संगीता माहेलकर एवं श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम उपस्थित थीं।

राज्यपाल डेका से छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष ने की सौजन्य भेंट

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने रायपुर जिले के ग्राम कुंवरगढ़ में बुनकरों द्वारा किए जा रहे कार्यो की जानकारी दी और उन कार्यो का अवलोेकन करने का अनुरोध राज्यपाल से किया।

श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में बड़ा खुलासा: छात्राओं के यौन उत्पीड़न पर सीनियर डॉक्टर पर गिरी गाज

रीवा  रीवा के श्यामशाह मेडिकल कालेज की 80 नर्सिंग छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न और अभद्रता करने के मामले में ईएनटी विभाग के सीनियर डॉक्टर मो अशरफ को सस्पेंड कर दिया गया। उन्हें सस्पेंड करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मेडिकल कालेज में जमकर हंगामा किया गया था और उन पर कार्रवाई की मांग की थी। हाल ही में रीवा के श्यामशाह मेडिकल कालेज की 80 छात्राओं ने मेडिकल कालेज से संबद्ध गांधी स्मृति चिकित्सालय के ईएनटी विभाग के सीनियर डॉक्टर मो अशरफ पर यौन उत्पीड़न और अभद्रता सहित कई आरोप लगाए थे। बीएससी नर्सिंग की 80 छात्राओं ने यौन दुर्व्यवहार और असहज व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। छात्राओं ने नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य को लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने कहा था कि डॉक्टर के व्यवहार से वे खुद को असुरक्षित और मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रही हैं। इसके बाद इस मामले ने काफी तूल पकड़ लिया। नर्सिंग काॉलेज के प्राचार्य ने छात्राओं के विभाग में जाने पर रोक लगा दी थी। इस मामले की जांच के लिए नेत्र रोग विभागाध्यक्ष शशि जैन के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई गई थी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भी छात्राओं के समर्थन में उतर आया था और डाक्टर पर कार्रवाई की मांग को लेकर मेडिकल कालेज में हंगामा किया था। अस्पताल प्रशासन द्वारा उन्हें 10 दिनों का आश्वासन दिया गया था। अब डॉक्टर अशरफ पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन पत्र में बताया गया है कि डॉक्टर अशरफ द्वारा प्रस्तुत जवाब संतुष्ट नहीं पाए जाने पर उन पर निलंबन की कार्रवाई की जा रही है।

अमरनाथ यात्रा में रिकॉर्ड भीड़: अब तक 2.20 लाख श्रद्धालु पहुंचे, हर दिन बढ़ रहा उत्साह

श्रीनगर अमरनाथ यात्रा जारी है पिछले 12 दिनों में 2.20 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए हैं। इसके साथ ही मंगलवार को जम्मू से 6,388 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था कश्मीर रवाना हुआ। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने बताया मंगलवार को भगवती नगर यात्री निवास से 6,388 यात्रियों का एक और जत्था दो काफिलों में कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुआ। पहला काफिला, जिसमें 103 वाहनों में 2,501 यात्री थे, सुबह 3:26 बजे बालटाल बेस शिविर के लिए रवाना हुआ। दूसरा काफिला जिसमें 145 वाहनों में 3,887 यात्री थे, सुबह 4:15 बजे नुनवान (पहलगाम) बेस शिविर के लिए रवाना हुआ। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में जम्मू-कश्मीर में हल्की बारिश की संभावना जताई है। अधिकारियों ने कहा कि बालटाल और नुनवान बेस शिविरों से यात्रियों को पवित्र गुफा की ओर जाने की अनुमति मौसम की स्थिति देखने के बाद ही दी जाएगी। यात्रा के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यह यात्रा पहलगाम हमले के बाद हो रही है। 180 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियों को सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताकत बढ़ाने के लिए लाया गया है।  जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से गुफा मंदिर तक के पूरे रास्ते और दोनों आधार शिविरों के रास्ते में सभी पारगमन शिविरों को सुरक्षा बलों ने सुरक्षित कर लिया है। पहलगाम मार्ग से यात्रा करने वाले लोग चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी से होकर गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं और 46 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करते हैं। तीर्थयात्रियों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं। वहीं, छोटे बालटाल मार्ग से जाने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए 14 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है और यात्रा पूरी करने के बाद उसी दिन आधार शिविर लौटना पड़ता है। सुरक्षा कारणों से इस साल यात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है। अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई और 38 दिनों के बाद 9 अगस्त को समाप्त होगी।  

संजय दत्त की खामोशी से हुआ बड़ा नुकसान: उज्ज्वल निकम ने खोले पुराने राज़

मुंबई  महाराष्ट्र में भाषा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. मराठी और अंग्रेजी के साथ एक से पांचवीं कक्षा तक तीसरी भाषा के रूप में हिंदी को अनिवार्य करने के महाराष्ट्र सरकार के आदेश के खिलाफ उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने आंदोलन का ऐलान किया था. महाराष्ट्र सरकार ने थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का आदेश वापस ले लिया, लेकिन यह विवाद थमता नजर नहीं आ रहा. महाराष्ट्र में जल्द ही बीएमसी और अन्य स्थानीय निकायों के चुनाव होने हैं और सत्ताधारी महायुति की अगुवाई कर रही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) मराठी अस्मिता की सियासी पिच पर घिरी नजर आ रही है. महाराष्ट्र में जारी भाषा विवाद के बीच राज्यसभा में चार सदस्य मनोनीत किए गए. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जिन चार सदस्यों को उच्च सदन के लिए मनोनीत किया है, उनमें एक नाम चर्चित सरकारी वकील उज्ज्वल निकम का भी है. उज्ज्वल निकम के राज्यसभा सदस्य मनोनीत होने के बाद अब बात इसे लेकर भी हो रही है कि क्या उनका मनोनयन उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की मराठी पॉलिटिक्स की काट है? मराठी पॉलिटिक्स की चर्चा क्यों उज्ज्वल निकम एक मराठी परिवार से आते हैं. निकम का जन्म जलगांव के एक संभ्रांत मराठी परिवार में हुआ था और उनके पिता न्यायिक सेवा में जज थे. उज्ज्वल निकम को पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी ने टिकट दिया था. हालांकि, कोर्ट रूम में अजेय निकम सियासत में अपना डेब्यू मैच हार गए थे. बीजेपी संदेश, संकेत और प्रतीकों की सियासत में दक्ष मानी जाती है और मराठी विवाद के बीच अब मराठा उज्ज्वल निकम का देश के उच्च सदन में मनोनयन भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. क्या कहते हैं जानकार महाराष्ट्र के मुंबई में ही रहने वाले राजनीतिक विश्लेषक अमिताभ तिवारी ने कहा कि उज्ज्वल निकम बड़े वकील हैं, लेकिन एंटी मराठी नैरेटिव काउंटर करने में कारगर होंगे भी या नहीं? यह भविष्य ही बताएगा. हां, बीजेपी ने ठाकरे बंधुओं के इस नैरेटिव को काउंटर करने के लिए अपने सबसे बड़े चेहरे को आगे कर दिया है. उन्होंने कहा कि उज्ज्वल निकम से पीएम मोदी का मराठी में बात करना मराठी समुदाय के लिए बीजेपी की ओर से यह संदेश है कि हमारा सबसे बड़ा नेता भी मराठी बोलता है, मराठी जानता है, उसका सम्मान करता है और यह मुद्दा अब यहीं पर समाप्त हो जाना चाहिए. महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव संदेश की पॉलिटिक्स का लिटमस टेस्ट होंगे. महाराष्ट्र में एमपी-छत्तीसगढ़ वाली रणनीति! राज्यसभा में उज्ज्वल निकम के मनोनयन को बीजेपी की मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले वाली रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. दोनों राज्यों में छिटके अनुसूचित जनजाति (एसटी) के मतदाताओं को फिर से अपने पाले में लाने की कोशिश में बीजेपी ने रानी दुर्गावती गौरव यात्रा निकाली और सरकार ने भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति के नाम पर कर दिया. आदिवासी समाज के बीच भगवान का दर्जा रखने वाले बिरसा मुंडा की जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हुई और जबलपुर में शंकर शाह-रघुनाथ शाह के नाम पर स्मारक भी बनवाया गया. छत्तीसगढ़ में पुरखौती सम्मान यात्रा भी इसी रणनीति का हिस्सा थी. दोनों राज्यों में मतदान से ठीक पहले पीएम मोदी ने बिरसा मुंडा की जयंती पर उनके गांव उलिहातु जाकर भी आदिवासी समाज को संदेश दिया था और यह चुनाव में कारगर भी साबित हुआ था. अब उज्ज्वल निकम के राज्यसभा में मनोनयन को भी मराठी पॉलिटिक्स की मुश्किल दिख रही पिच पर बीजेपी की संदेश और प्रतीक की सियासत वाली रणनीति से जोड़कर ही देखा जा रहा है. संजय दत्त अगर हथियार के बारे में बता देते तो मुंबई में नहीं होते धमाके राज्यसभा जाने की तैयारी कर रहे मशहूर वकील उज्ज्वल निकम ने मुंबई धमाकों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अभिनेता अगर संजय दत्त हथियारों से लदे वाहन की जानकारी दे देते, तो मुंबई में हुए सीरियल ब्लास्ट टल सकते थे। 1993 में देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में हुए धमाकों में 267 लोगों की मौत हो गई थी।  निकम ने कहा, 'मैं सिर्फ एक ही बात कहना चाहता हूं। धमाका 12 मार्च को हुआ। इससे एक दिन पहले वैन उनके (संजय दत्त) के घर पहुंची थी। वह हथियारों हैंड ग्रेनेड, एके 47 से लदी हुई थी। अबू सलेम उसे लेकर आया था। संजय ने कुछ हैंड ग्रेनेड और बंदूकें उठा ली थीं। इसके बाद उन्होंने सबकुछ वापस कर दिया और सिर्फ एक एके 47 रखी।' वकील ने कहा, 'अगर वह उस समय पुलिस को घर कर देते, तो पुलिस जांच करती और मुंबई धमाके कभी नहीं होते।' निकम ने कहा कि उन्होंने इस बारे में दत्त के वकील को भी बताया था कि एके 47 का नहीं चलना और उसका पास में होना एक बात है, लेकिन उनकी तरफ से पुलिस को नहीं बताए जाने के चलते ब्लास्ट हुए और बहुत सारे लोगों की जान गई। निकम ने चैनल को बताया कि तब संजय दत्त निर्दोष थे और बंदूकों के प्रति आकर्षण होने के कारण हथियार उठा लिया था। उन्होंने कहा, 'कानून की नजरों में जुर्म किया है, लेकिन वह सीधे व्यक्ति हैं…। मैं उन्हें निर्दोष मानता हूं।' कोर्ट ने TADA केस में दत्त को बरी कर दिया था, लेकिन आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया गया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी 6 साल की सजा को घटाकर 5 साल कर दिया था। दत्त इस दौरान महाराष्ट्र के पुणे स्थित येरवाड़ा जेल में बंद थे। संजय दत्त से क्या हुई थी बात निकम बताते हैं कि आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाए जाने के बाद संजय दत्त को बड़ा झटका लगा था। उन्होंने कहा, 'मैंने उनकी बॉडी लैंग्वेज बदलते देखी। मैंने महसूस किया कि उन्हें झटका लगा है। वह फैसले को सहन नहीं कर पा रहे थे और घबराए लग रहे थे।'  बातचीत में निकम ने 'राज' का भी खुलासा किया। उन्होंने कहा, 'मैंने संजय से कहा था कि संजय ऐसा मत करो। मीडिया आपको देख रही है। आप एक एक्टर हैं। अगर आप सजा से डरे हुए लगेंगे, तो लोग आपको दोषी समझेंगे। आपके … Read more

रेलवे Reservation चार्टिंग प्रक्रिया में हुआ महत्त्वपूर्ण परिवर्तन,वेटिंग में अटका टिकट कंफर्म हुआ या नहीं 8 घंटे पहले हो जाएगी खबर

भोपाल  पैसेंजर्स की सुविधा और ट्रेन सिस्टम में रिफॉर्म के लिए रेलवे लगातार ताबड़तोड़ कदम उठा रही है. OTP से टिकट बुकिंग हो या नया रेलवे सुपर ऐप, रेलवे ने पिछले कुछ दिन में कई सारे बड़े कदम उठाए हैं. इसी कड़ी में रेलवे ने रिजर्वेशन चार्ट के नियमों में भी बड़ा परिवर्तन कर दिया है. रेलवे के नए नियमों के मुताबिक, अब लोगों को एक दिन पहले ही पता चल जाएगा कि उनका टिकट कंफर्म हुआ या नहीं.  यह नई व्यवस्था 15-16 जुलाई 2025 की मध्यरात्रि से लागू होगी और भोपाल मंडल सहित देशभर में एकसाथ प्रभावी होगी। अब तक यह चार्टिंग प्रक्रिया ट्रेन चलने के 4 घंटे पहले की जाती थी, लेकिन नई प्रणाली में यह समय सीमा बढ़ाकर 8 घंटे कर दी गई है। इससे वेटिंग और आरएसी यात्रियों को उनकी सीट की स्थिति पहले ही पता चल सकेगी, जिससे वे वैकल्पिक योजना बना सकेंगे। चार्टिंग का नया समय इस तरह होगा     ट्रेन प्रस्थान सुबह 5:00 से दोपहर 2 के बीच: पहला चार्ट पिछली रात 10 बजे तक तैयार होगा।     ट्रेन प्रस्थान दोपहर 2 से अगली सुबह 5 के बीच: पहला चार्ट प्रस्थान से 8 घंटे पूर्व बनेगा।     दूसरा चार्ट: वर्तमान समयानुसार प्रस्थान से 30 मिनट पहले ही तैयार किया जाएगा।     रिमोट लोकेशन (दूरस्थ स्टेशनों): इन पर भी यह नियम समान रूप से लागू होगा। भोपाल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि, अब इमरजेंसी कोटे के आवेदन भी एक दिन पहले ही स्वीकार किए जाएंगे। जिससे आवंटन में पारदर्शिता और समय प्रबंधन बेहतर होगा। उनके अनुसार, "इस बदलाव से यात्रियों की यात्रा योजना बेहतर होगी और सीट कन्फर्मेशन की स्थिति समय से पता चलने पर उनकी असुविधाएं कम होंगी। यह नवाचार रेलवे की यात्री हितैषी नीतियों की दिशा में एक बड़ा कदम है।" कब बन जाएगा टिकट रिजर्वेशन चार्ट रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, अब ट्रेन के प्रस्थान (departure) समय के अनुसार चार्टिंग के नियम इस प्रकार होंगे- 1. सुबह 5:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक रवाना होने वाली ट्रेनें इन ट्रेनों का पहला आरक्षण चार्ट पिछली रात 9:00 बजे (21:00) तक तैयार कर लिया जाएगा. 2. दोपहर 2:00 बजे से रात 11:59 बजे और रात 12:00 से सुबह 5:00 बजे तक जाने वाली ट्रेनें इनका पहला आरक्षण चार्ट ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले तैयार किया जाएगा. पैसेंजर्स को होगा क्या फायदा बुकिंग स्टेटस पहले ही क्लियर हो जाएगा जिससे वेटलिस्ट या RAC वाले यात्रियों को समय रहते यात्रा की योजना बनाने में सुविधा होगी और अधिक सीटों की उपलब्धता करंट बुकिंग में बढ़ेगी. रात में सफर करने वालों को पहले चार्ट मिल जाने से ट्रैवल की पुख्ता तैयारी हो सकेगी. ट्रेनों में बेहतर सीट अलॉटमेंट संभव होगा जिससे अंतिम समय की गड़बड़ियों से बचा जा सकेगा. रेलवे ने क्यों बदल दिए ये नियम रेलवे ने यह बदलाव यात्रियों को बेटर कस्टमर एक्सपीरियंस, अधिकतम सीट यूटिलाइजेशन और डिजिटल चार्टिंग सिस्टम के तहत ट्रेनों की समय से चार्टिंग के लिए किया है. इससे करंट बुकिंग से मिलने वाला रेवेन्यू भी बढ़ेगा और यात्रियों को यात्रा शुरू होने से पहले ही अपने टिकट स्टेटस की जानकारी मिल जाएगी.

राजा रघुवंशी हत्याकांड: सह आरोपी लोकेंद्र तोमर और बलबीर अहिरवार को मिली जमानत

 इंदौर/शिलांग  राजा रघुवंशी हत्या में शिलांग की निचली अदालत में केस चल रहा है। हर तरफ एक ही सवाल है कि क्या सोनम रघुवंशी को सजा मिली और मिलेगी तो भी कैसी? राज कुशवाह का क्या होगा? वहीं कुछ लोगों को तो अब भी भरोसा नहीं हो रहा है कि सोनम ही इतने बड़े कांड की मास्टरमाइंड है। इस बीच, मामले में सह अभियुक्त लोकेंद्र सिंह तोमर और बलबीर अहिरवार को जमानत मिल गई है। पिछले दिनों की सुनवाई में कोर्ट ने सख्त शर्तों के साथ दोनों को जमानत दी।     शिलांग कोर्ट ने लोकेंद्र सिंह तोमर और बलबीर अहिरवार की जमानत याचिका मंजूर कर ली। अदालत ने कड़ी शर्तों के साथ जमानत मंजूर की है। हालांकि, इन शर्तों के बारे में अभी खुलासा नहीं हुआ है। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि दोनों ने जांचकर्ताओं के साथ पूरा सहयोग किया था और वे वास्तविक अपराध में सीधे तौर पर शामिल नहीं थे। दोनों से अनजान में और डर के कारण गलतियां हुईं। लोकेंद्र ने प्रॉपर्टी ब्रोकर शिलोम जेम्स की मदद से अपनी बिल्डिंग का एक फ्लैट सोनम को किराए पर दिया था। राजा की हत्या के बाद सोनम यहां रुकी थी। राज कुशवाह भी यहां कई बार आया। मामले सामने आने के बाद लोकेंद्र ने शिलोम पर फ्लैट खाली करने का दबाव डाला। फ्लैट खोला तो रुपयो से भरा बैग मिला, जिले लोकेंद्र अपने साथ ले गया। फिर शिलोम ने बिल्डिंग के चौकीदार बलबीर से फ्लैट की सफाई करवा कर सबूत नष्ट कर दिए। शिलोम भी शिलांग जेल में कैद है। वह भी जमानत के लिए कोशिश कर रहा है। अभी 14 दिन की रिमांड पर है। माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में उसे भी जमानत मिल जाएगी। Sonam Raghuvanshi को वकील मिलेगा या नहीं सोनम रघुवंशी का केस कौन लड़ेगा, इस पर अभी संदेह है। सोनम का परिवार अपना रुख साफ कर चुका है। उसके पिता और भाई कह चुके हैं कि पहले हम सोनम से मिलेंगे, उसके बाद तय करेंगे। भाई गोविंद का कहना है कि यदि Sonam Raghuvanshi कहती है कि उसने राजा की हत्या नहीं की है, तो वह उसके लिए वकील करेंगे और रिहा करने का पूरा प्रयास करेंगे। लेकिन यदि हत्याकांड कबूलती है, तो वकील नहीं करेंगे। इस बीच, Sonam Raghuvanshi के परिवार ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि सोनम को जेल से फोन करने की अनुमति मिली, तो उससे पहला फोन परिवार को किया।

गिल को लेकर वॉन का बड़ा बयान, बोले- स्टोक्स जैसा कप्तान होना चाहिए हर टीम को

लंदन इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने कहा कि भारतीय कप्तान शुभमन गिल तीसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए उतरे तो वह तकनीकी रूप से मजबूत नहीं दिखे और उन्होंने धैर्य की कमी भी नजर आई। गिल ने सीरीज के पहले दो टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन किया।। उन्होंने हेडिंग्ले में पहले टेस्ट में शतक बनाया और फिर बर्मिंघम में शतक और दोहरा शतक जड़कर कई रिकॉर्ड तोड़े। उनकी शानदार बल्लेबाजी से भारत में यह मैच 336 रन से जीता था। हालांकि, वह लॉर्ड्स टेस्ट में केवल 16 और छह रन ही बना सके, जिसमें ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और पुछल्ले बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारत 22 रन से हार गया। वॉन ने 'द टेलीग्राफ' में अपने कॉलम में लिखा, ‘‘जब तीसरे दिन मैच में प्रतिद्वंद्विता अपने चरम पर पहुंच गई तो मुझे लग गया था कि इससे इंग्लैंड की टीम बाकी बचे मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाएगी। शुभमन गिल चौथे दिन बल्लेबाजी के लिए आए तो वह तकनीकी रूप से उतने मजबूत नजर नहीं आए और उनमें धैर्य की कमी भी दिखी लेकिन उनकी टीम ने इस रोमांचक टेस्ट मैच में सोमवार को कड़ी टक्कर दी।’’ उन्होंने इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स की प्रशंसा करते हुए कहा कि मेजबान टीम की रोमांचक जीत कप्तान की विजयी मानसिकता पर आधारित थी, जो पूरी टीम में दिखाई दी। वॉन ने कहा, ‘‘इंग्लैंड को बेन स्टोक्स जैसा कप्तान कभी नहीं मिला। ऐसा कप्तान जो कभी हार नहीं मानता। एक ऐसा कप्तान जो यह स्वीकार नहीं करता कि उसकी टीम के लिए खराब दौर चल रहा है तथा अपने कौशल और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर मैच को अपने पक्ष में कर लेता है।’’ स्टोक्स ने मैच के हर विभाग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पांच विकेट लिए और 44 तथा 33 रन का योगदान दिया। इसके अलावा उन्होंने पहली पारी में ऋषभ पंत को रन आउट किया जो मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। वॉन ने कहा, ‘‘वह स्टोक्स ही थे जिन्होंने पहले दिन जो रूट के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया कि टीम अच्छे स्कोर तक पहुंच सके। वह स्टोक्स ही थे जिन्होंने तीसरे दिन भारत जब मैच पर नियंत्रण बना रहा था तब लंच से पहले शानदार रन आउट किया। और वह स्टोक्स ही थे जिन्होंने दोनों पारियों में अहम विकेट लिए। टेस्ट मैच में महत्वपूर्ण मोड़ पर किस तरह का खेल खेलना है यह उन्हें अच्छी तरह से आता है।’’  

इंदौर-देवास बायपास मामले में याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने पहली सुनवाई में ही दिया फैसला

इंदौर  इंदौर-देवास बायपास और इंदौर-सांवेर मार्ग की जर्जर हालत को लेकर दायर जनहित याचिका को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने पहली ही सुनवाई में निराकृत कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इसी विषय पर पूर्व से ही एक जनहित याचिका विचाराधीन है, ऐसे में नई याचिका की आवश्यकता नहीं है। यदि याचिकाकर्ता चाहें तो अपनी बात पूर्व याचिका में रख सकते हैं। यह याचिका नरेंद्र जैन द्वारा एडवोकेट अनिल ओझा के माध्यम से दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने बायपास की खराब हालत, लगातार लग रहे जाम और फ्लाइओवर निर्माण के चलते उत्पन्न ट्रैफिक समस्या को आधार बनाया था। याचिका में उठाए गए मुख्य मुद्दे इंदौर-देवास बायपास पर हाल ही में लगातार 36 घंटे लंबा ट्रैफिक जाम लगा, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। याचिकाकर्ता के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को पहले से इस संभावित स्थिति की जानकारी थी, फिर भी कोई वैकल्पिक मार्ग तैयार नहीं किया गया। अर्जुन बड़ौद क्षेत्र में निर्माणाधीन फ्लाइओवर के चलते सड़क पर लंबे जाम की स्थिति पैदा हो रही है, जिससे एम्बुलेंस, स्कूल बसें और आम नागरिक बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। कोर्ट की टिप्पणी सोमवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर पहले से ही एक जनहित याचिका लंबित है। शासन की ओर से यह जानकारी अदालत को दी गई। इस पर न्यायालय ने नई याचिका को निरस्त कर दिया और याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वे अपनी बात पहले से लंबित याचिका में ही रखें। बायपास की हालत बनी चिंता का विषय इंदौर-देवास बायपास और इंदौर-सांवेर रोड की हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है। बारिश के मौसम में गड्ढों और निर्माण कार्य के कारण हालात और बिगड़ जाते हैं। हालिया जाम की स्थिति ने प्रशासन और NHAI की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों की मांग स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया पर सक्रिय समूहों की मांग है कि- निर्माण कार्य की स्पष्ट टाइमलाइन जारी की जाए। वैकल्पिक मार्गों की ठोस योजना बनाई जाए। NHAI और जिला प्रशासन समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य पूर्ण करें।