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कन्नड़ टेलीविजन एक्ट्रेस मंजुला पर चाकू से हमला, हत्या के आरोप में पति अमरीश को किया गिरफ्तार

बेंगलुरु  कन्नड़ टेलीविजन एक्ट्रेस मंजुला, जिन्हें स्क्रीन पर श्रुति के नाम से जाना जाता है, पर उनके पति अमरीश ने चाकू से हमला किया. यह घटना 4 जुलाई को बेंगलुरु के मुनेश्वर लेआउट स्थित उनके किराए के घर में हुई. श्रुति का अस्पताल में इलाज चल रहा है. हनुमंत नगर पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर उसके पति अमरीश को गिरफ्तार कर लिया है. पश्चिम संभाग के डीसीपी एस गिरीश ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया, 'छोटे पर्दे के कुछ धारावाहिकों में काम कर चुकीं मंजुला उर्फ ​​श्रुति का अमरीश (49) से प्यार हो गया था और उन्होंने उससे शादी कर ली थी. अमरीश ऑटो चालक है. दोनों की शादी 20 साल पहले हुई थी.कपल के दो बच्चे हैं. जांच में पता चला कि उनके वैवाहिक जीवन में मतभेद थे और वे अक्सर झगड़ते रहते थे.' उन्होंने आगे बताया, तीन महीने पहले, मंजुला ने अपने पति के खिलाफ दहेज और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. पिछले गुरुवार को ही दोनों के बीच सुलह हो गई थी और वे साथ रहने लगे थे. लेकिन, उनके बीच फिर से मतभेद हो गया और झगड़ा शुरू हो गया. बताया जा रहा है कि अमरीश ने पत्नी की आंखों में मिर्च का स्प्रे छिड़का और उसके पेट, पसलियों, जांघ और गर्दन पर चाकू से वार किया.' डीसीपी ने बताया, 'बाद में, पड़ोसी वहां आए, झगड़ा रुकवाया और श्रुति को विक्टोरिया अस्पताल ले गए और वहां में भर्ती कराया. अमरीश के खिलाफ हनुमंतनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है. अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.'  

ISIS नेटवर्क पर NIA का शिकंजा, पुणे स्लीपर मॉड्यूल केस में 11 गिरफ्तार

 पुणे  राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने  एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिस पर आतंकवादी संगठन 'इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया' (ISIS) की गतिविधियों को बढ़ावा देने में संलिप्त होने का आरोप है. उसका नाम रिजवान अली उर्फ ​​अबू सलमा उर्फ ​​मोला है और वह ISIS पुणे स्लीपर मॉड्यूल केस में 11वां वांटेड आरोपी और प्रमुख साजिशकर्ता है. उसे लखनऊ से गिरफ्तार किया गया.  एनआईए ने एक बयान में कहा कि ISIS, जिसे विभिन्न अन्य नामों से भी जाना जाता है, उसकी भारत विरोधी साजिश के हिस्से के रूप में रिजवान अली ने विभिन्न स्थानों की रेकी करने में सक्रिय भूमिका निभाई थी, जिनका इस्तेमाल आतंकवादी ठिकानों के रूप में किया जा सकता था. एनआईए के मुताबिक वह बंदूक चलाने और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IEDs) बनाने की ट्रेनिंग देने में भी शामिल था.  उसकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने पर 3 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था. बयान में कहा गया है कि रिजवान अली के खिलाफ एक स्थायी गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी किया गया था, जो कथित तौर पर विदेशी आतंकवादी संगठन की आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने में सक्रिय रूप से शामिल था. जांच एजेंसी ने कहा कि पहले से गिरफ्तार और न्यायिक हिरासत में बंद 10 अन्य आरोपियों के साथ अली ने देश को अस्थिर करने और सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने के लिए कई आतंकवादी वारदातों की साजिश रची थी.  रिजवान अली के अलावा, गिरफ्तार किए गए अन्य स्लीपर-सेल सदस्यों की पहचान मोहम्मद इमरान खान, मोहम्मद यूनुस साकी, अब्दुल कादिर पठान, सिमाब नसीरुद्दीन काजी, जुल्फिकार अली बड़ौदावाला, शमिल नाचन, आकिफ नाचन, शाहनवाज आलम, अब्दुल्ला फैयाज शेख और तलहा खान के रूप में की गई है. सभी आरोपियों के खिलाफ एनआईए ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, (UAPA) विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया है.  बयान में कहा गया है कि एनआईए भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़कर हिंसा और आतंक के माध्यम से देश में इस्लामी शासन स्थापित करने की आईएसआईएस/आईएस की साजिश को विफल करने के अपने प्रयासों के तहत मामले में अपनी जांच जारी रखे हुए है. पुणे आईएसआईएस हथियार और विस्फोटक जब्ती मामले में गिरफ्तार रिजवान अली को यहां की एक अदालत ने शुक्रवार को 18 जुलाई तक राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की हिरासत में भेज दिया.

AI 171 विमान हादसा: कॉकपिट में हुआ तनावपूर्ण संवाद, फ्यूल बंद करने पर उठे सवाल, जवाब ने उड़ाए होश

अहमदाबाद एअर इंडिया विमान (AI171) हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आ गई है. भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले फैक्ट सामने आए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, टेकऑफ के कुछ सेकंड ही बाद विमान के दोनों इंजन अचानक बंद हो गए थे, जिससे विमान की स्पीड धीमी हुई और क्रैश हो गया. इस दौरान दोनों पायलटों के बीच बातचीत होती है. एक पायलट ने पूछा, आपने फ्यूल क्यों बंद कर दिया? इस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया, मैंने ऐसा नहीं किया. इस बातचीत के कुछ सेकंड बाद ही प्लेन की स्पीड धीमी होने लगती है और यह विमान मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग से जा टकराता है. मामले में भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने हादसे के कारण जाने और अब 15 पेज की रिपोर्ट जारी की. ये शुरुआती रिपोर्ट है. इसमें ना सिर्फ तकनीकी कारणों का खुलासा हुआ है, बल्कि कॉकपिट में हुई आखिरी बातचीत ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं. बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान ने अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी और कुछ ही सेकंड बाद इंजन फेल होने के कारण ये विमान बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल से टकरा कर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. बताते चलें कि एअर इंडिया का यह विमान 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा था. हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी. इनमें 241 यात्री और क्रू मेंबर्स और 19 अन्य नागरिक शामिल थे. दोनों इंजनों का फ्यूल एक साथ बंद… उड़ान भरने के ठीक बाद दोनों इंजन के फ्यूल कटऑफ स्विच 'RUN' से 'CUTOFF' स्थिति में आ गए. वो भी सिर्फ एक सेकंड के अंतराल में. इसके बाद दोनों इंजनों की थ्रस्ट क्षमता पूरी तरह खत्म हो गई. विमान टेकऑफ के तुरंत बाद सीधे अहमदाबाद स्थित मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर गिर गया. इससे जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ. कॉकपिट में चौंकाने वाली बातचीत हादसे से कुछ ही सेकंड पहले पायलटों के बीच बातचीत रिकॉर्ड हुई है. एक पायलट ने पूछा, आपने फ्यूल क्यों बंद किया? इस पर दूसरे पायलट से जवाब मिला, मैंने ऐसा नहीं किया. यह संवाद तकनीकी खराबी या मानवीय भ्रम की ओर इशारा करता है. टेकऑफ के कुछ ही पलों बाद सीसीटीवी में देखा गया कि इमरजेंसी पावर सप्लाई सिस्टम (RAT) सक्रिय हो गया और यह तभी होता है जब इंजन बंद हो जाएं. फ्यूल स्विच दोबारा चालू किए गए एक इंजन (Engine 2) ने थोड़ी देर के लिए काम करना शुरू किया, लेकिन दूसरा इंजन (Engine 1) स्थिर नहीं हो सका. रिपोर्ट में कहा गया कि जांच में पक्षियों के टकराने के कोई प्रमाण नहीं मिले, जिससे यह कारण बाहर हो गया. EAFR से डेटा मिला विमान के अगले हिस्से में लगे EAFR (Extended Airframe Flight Recorder) से डेटा सफलतापूर्वक निकाला गया. हालांकि, पीछे वाला रिकॉर्डर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी तक बोइंग या GE इंजन निर्माता को कोई चेतावनी या एडवाइजरी जारी नहीं की गई है, क्योंकि हादसे का वास्तविक कारण अब भी जांच के दायरे में है.

रमोतिन ने स्वयं ट्रैक्टर चलाना सीखा और बनी सक्षम किसान

रायपुर : लखपति दीदी को किया गया सम्मानित, ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना ग्रामीण आजीविका मिशन की सफलता की मिसाल बनीं लखपति दीदी, रायपुर में हुआ सम्मानित रमोतिन ने स्वयं ट्रैक्टर चलाना सीखा और बनी सक्षम किसान रायपुर  मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने आज कार्यालय जिला पंचायत में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना अंतर्गत छुरिया विकासखंड के ग्राम सागर की लखपति दीदी श्रीमती रमोतिन ठाकुर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। लखपति दीदी श्रीमती रमोतिन ठाकुर 11 जुलाई 2025 को रायपुर में आयोजित लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम में शामिल होकर मेरी कहानी मेरी जुबानी के तहत अपनी सफलता की कहानी प्रस्तुतीकरण करेंगी। उल्लेखनीय है कि लखपति दीदी श्रीमती रमोतिन ठाकुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत वीणा स्वसहायता समूह की सदस्य है। महिलाएं भी खेती-किसानी का कार्य कर सकती है, इसकी एक मिसाल है। एक गृहणी से एक सक्षम किसान बनने की उनकी कहानी रोचक है। उन्होंने बैंक से ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदने का निर्णय लिया। वाहन चालक को प्रतिमाह अधिक वेतन देना पड़ता था, इसलिए उन्होंने स्वयं ट्रैक्टर चलाना सीखा। उन्होंने अपनी 3 एकड़ बंजर भूमि को कृषि योग्य भूमि बनाया। जिससे उनकी आय दोगुनी हो गई। उनकी वार्षिक आय 1 लाख रूपए से अधिक है तथा वे एनआरएलएम की विभिन्न गतिविधियों से जुड़ी हुई है।

परिवहन विभाग और तेल कंपनियों की संयुक्त बैठक में बनी कार्ययोजना

रायपुर : पेट्रोल पंपों में स्थापित होंगे प्रदूषण जांच केन्द्र रायपुर के पेट्रोल पंपों पर शुरू होगी प्रदूषण जांच सेवा, जल्द स्थापित होंगे केंद्र परिवहन विभाग और तेल कंपनियों की संयुक्त बैठक में बनी कार्ययोजना रायपुर राज्य में वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण को प्रभावी बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने एक अहम पहल की है। आगामी दिनों में 56 पेट्रोल पंपों में प्रदूषण जांच केन्द्र की स्थापना की जाएगी। परिवहन विभाग के सचिव एवं परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश (भाप्रसे) तथा अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर (भापुसे) की उपस्थिति में पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर पेट्रोल पंपों में प्रदूषण जांच केन्द्र स्थापित करने की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में एचपीसीएल ने बताया कि रायपुर स्थित सेंट्रल जेल के पास उनके पेट्रोल पंप में पीयूसी सेंटर की शुरुआत हो चुकी है और आगामी दिनों में 50 आउटलेट्स में सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य है। वहीं जियो पेट्रोलियम ने धमतरी और रायपुर के पंपों में केंद्र प्रारंभ कर दिए हैं तथा इस तिमाही में 6 नए केंद्र खोलने की योजना है। इंडियन ऑयल कंपनी ने जानकारी दी कि रायपुर-बिलासपुर मार्ग स्थित जय-जवान पेट्रोल पंप में पीयूसी सेंटर शुरू किया गया है। परिवहन आयुक्त ने निर्देश दिए कि पीयूसी सेंटरों की उपलब्धता की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक वाहन मालिक प्रदूषण जांच करवा सकें और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें। बैठक में उप परिवहन आयुक्त मनोज कुमार धु्रव, एआरटीओ सुयुगेश्वरी वर्मा तथा तेल कंपनियों के प्रतिनिधि इंडियन ऑयल से विशाल राणा, एचपीसीएल से राकेश जोशी एवं नितिन श्रीवास्तव, और जियो पेट्रोलियम से शिखर श्रीवास्तव उपस्थित थे।

जोकोविच का सपना चकनाचूर, स‍िनर और अल्कारेज के बीच होगा फाइनल मुकाबला

लंदन   व‍िम्बलडन 2025 का फाइनल किसके बीच होगा, इसकी तस्वीर साफ हो गई है. वसेमीफाइनल में इतालवी ख‍िलाड़ी जैन‍िक स‍िनर ने नोवाक जोकोव‍िच को मात दी. वहीं अन्य सेमीफाइनल में अमेर‍िकी टेलर फ्र‍िट्ज को स्पेन‍िश ख‍िलाड़ी कार्लोस अल्कारेज ने मात दी.  अब व‍िम्बलडन 2025 का पुरुष वर्ग का का फाइनल ड‍िफेंड‍िंग चैम्प‍ियन कार्लोस अल्कारेज और नंबर 1 ख‍िलाड़ी जैन‍िक स‍िनर के बीच होगा. सिनर पहली बार व‍िम्बलडन के फाइनल में पहुंचे हैं. जहां इटली के नंबर 1 खिलाड़ी सिनर अब रविवार को होने वाले पुरुष सिंगल्स फाइनल में कार्लोस अल्कारेज के सामने होंगे.  23 साल के जैन‍िक सिनर ने 38 साल के नोवाक जोकोविच को 6-3, 6-3, 6-4 से हराकर पहली बार व‍िम्बलडन फाइनल में जगह बना ली. दोनों के बीच यह मुकाबला महज 1 घंटे 55 मिनट तक चला. सिनर ने मैच में 36 शानदार शॉट (विनर्स) लगाए, 12 ऐस मारे और सिर्फ 2 डबल फॉल्ट किए. सर्व करते हुए उन्होंने पहली सर्व पर 81% और दूसरी सर्व पर 63% अंक जीते.  वर्ल्ड नंबर 1 सिनर ने पूरे मैच पर कंट्रोल बनाए रखा और जीत के साथ फाइनल में जगह पक्की की. वहीं व‍िम्बलडन से पहले तक जैनिक सिनर और नोवाक जोकोविच के बीच आमने-सामने का रिकॉर्ड 5-3 का था, जिसमें सिनर ने अपने सबसे हालिया मुकाबले में जीत हासिल की थी.  वहीं सिनर 2018 के बाद से विम्बलडन में नोवाक जोकोविच को हराने वाले कार्लोस अल्कारेज के बाद दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं. वैसे नोवाक जोकोव‍िच ने 7 बार व‍िम्बलडन का ख‍िताब जीता है. पहली बार उन्होंने 2011 में इस प्रत‍िष्ठ‍ित ट्रॉफी को अपने नाम किया, वहीं 2022 में उन्होंने आख‍िरी बार इस ट्रॉफी को जीता था.  जैन‍िक स‍िनर बोले- व‍िम्बलडन फाइनल खेलने का यकीन नहीं था… सेमीफाइनल में जीत के बाद जैन‍िक स‍िनर ने कहा- मुझे यकीन नहीं हो रहा, यह वही टूर्नामेंट है जिसे मैं बचपन में टीवी पर देखा करता था,  कभी सोचा भी नहीं था कि मैं यहां फाइनल खेलूंगा. यह एक शानदार अनुभव था,  मैं जानता हूं कि मैं और मेरी टीम कितनी मेहनत कर रहे हैं, आज मेरे पापा और भाई भी आए हैं, इसलिए यह पल और भी खास है. मेरी तरफ से देखा जाए तो आज मेरी सर्विस बहुत अच्छी रही, मेरी मूवमेंट भी आज बेहतर थी, मुझे लगता है कि हम सभी ने देखा, खासकर तीसरे सेट में, कि वह (जोकोविच) थोड़े इंजर्ड लग रहे थे, लेकिन मैंने खुद को शांत रखा और अपनी सबसे अच्छी टेनिस खेलने की कोशिश की.  कार्लोस अल्कारेज लगातार तीसरी बार व‍िम्बलडन फाइनल में… 22 साल के कार्लोस अल्कारेज ने फ्रिट्ज को हराकर तीसरी बार फाइनल में जगह बनाई. दो बार के चैम्प‍ियन अल्कारेज ने वर्ल्ड नंबर 5 टेलर फ्र‍िट्ज को चार सेटों में  6-4, 5-7, 6-3, 7-6(6) से हराकर लगातार तीसरी बार व‍िम्बलडन फाइनल में जगह बनाई. वहीं उनकी व‍िम्बलडन में लगातार 20वीं जीत रही.  कार्लोस अल्कारोज 2021 के बाद से व‍िम्बलडन में किसी टॉप-5 खिलाड़ी से नहीं हारे हैं. 2021 में जब वो सिर्फ 18 साल के थे और वर्ल्ड रैंकिंग में 75वें नंबर पर थे, तब उन्होंने पहली बार व‍िम्बलडन खेला था. लेकिन अब चार साल बाद, उन्होंने सेमीफाइनल में 6-4, 5-7, 6-3, 7-6(8) से जीत दर्ज कर लगातार तीसरी बार फाइनल में जगह बनाई. सेमीफाइनल में जीत के बाद उन्होंने कहा- आज बहुत गर्मी थी, खेलने के लिए काफी मुश्किल हालात थे, लेकिन मैं आज अपने प्रदर्शन से बहुत खुश हूं. सेमीफाइनल में खेलना आसान नहीं होता, लेकिन मैंने नर्वसनेस को संभाला और शांत रहकर सोच समझकर खेला, इस बात पर मुझे गर्व है,  अल्कारेज ने आगे कहा- मैं अपनी जीत की लय या रिकॉर्ड के बारे में सोचता ही नहीं हूं, मेरा सपना है कि मैं इन खूबसूरत कोर्ट्स पर खेलूं, दुनिया के सबसे शानदार टूर्नामेंट में टेनिस खेलना ही मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है.     

प्रधानमंत्री आवास योजना से हर जरूरतमंद को मिल रहा पक्का घर: उप मुख्यमंत्री का बयान

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के हितग्राहियों को किया हितलाभ वितरण भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों के पक्के आवास के सपने को पूरा कर रही है। योजना से देश में 4 करोड़ पक्के आवास लोगों को मिल चुके हैं आने वाले समय में 3 करोड़ मकान गरीबों को दिये जायेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नगर निगम रीवा के टाउन हाल में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के 224 हितग्राहियों को आवास की एक लाख रूपये की प्रथम किश्त के स्वीकृति पत्र सौंपे। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत प्रदेश के 65 हजार से अधिक हितग्राहियों को 1626 करोड़ रूपये की राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से हितग्राहियों को राशि का वितरण किया। इंदौर के कार्यक्रम का संजीव प्रसारण भी किया गया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना से रीवा में 1736 आवास तैयार किये जा चुके हैं। इसी प्रकार पूर्व में 4198 आवास पूर्ण हो गये हैं तथा 224 हितग्राहियों को प्रथम किश्त के तौर पर एक लाख रूपये की राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प है कि कोई भी गरीब कच्चे आवास में न रहे। उनकी संकल्पना को मूर्तरूप देने के उद्देश्य से प्रदेश व जिले में भी गरीबों को पक्के आवास प्रदान किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों, युवाओं, किसानों व महिलाओं के कल्याण के लिये कृत संकल्पित है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहे।  

प्रदेश को मिली खेल में दोहरी सफलता, दो बॉक्सर चुने गए U-22 नेशनल कैंप के लिए

प्रदेश के दो मुक्केबाज खिलाड़ियों का U-22 नेशनल कैंप के लिए चयन खेल मंत्री सारंग ने दी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं भोपाल  मध्यप्रदेश के दो उभरते मुक्केबाज़ों मलिका 48 किग्रा वर्ग एवं अमन 90 किग्रा वर्ग का चयन अंडर-22 राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रशिक्षण शिविर के लिए हुआ है। यह प्रशिक्षण शिविर 12 से 30 जुलाई तक आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टिट्यूट (ASI) पुणे में आयोजित होगा। मध्यप्रदेश के इन होनहार खिलाड़ियों के चयन पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए दोनों खिलाड़ियों को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। मंत्री सारंग ने कहा कि मलिका और अमन जैसे युवा खिलाड़ियों का नेशनल कैंप में चयन प्रदेश के लिए गर्व की बात है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि ये दोनों खिलाड़ी आने वाले समय में देश के लिए पदक जीतेंगे और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। पुणे में आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर न केवल उन्हें तकनीकी दृष्टि से सशक्त बनाएगा, बल्कि आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स की तैयारी के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।  

उज्जैन के गौरवशाली अतीत को लौटाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है सरकार: सीएम डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 360 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया उज्जैन के पुराने वैभव को पुनर्स्थापित करने के निरंतर प्रयास जारी : मुख्यमंत्री डॉ यादव उज्जैन के गौरवशाली अतीत को लौटाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है सरकार: सीएम डॉ. यादव उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय का नामकरण सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के नाम से किया जाएगा। उज्जैन शहर का अत्यंत गौरवशाली इतिहास रहा है। उज्जैन आदिकालीन नगरी है और इसके पुराने वैभव को पुनर्स्थापित करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे है। यहां देश के प्रमुख उद्योगपतियों द्वारा उद्योगों की स्थापना की जाएगी। उज्जैन की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नए मार्गों का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को देवास रोड स्थित क्षिप्रा विहार वाणिज्यिक परिसर में आयोजित कार्यक्रम में यूडीए ,उच्च शिक्षा विभाग और महर्षि पाणिनी संस्कृत विश्वविद्यालय के अंतर्गत 360 करोड रुपए से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण करने के बाद सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हम सबका सौभाग्य है कि उज्जैन में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन संत जनों की उपस्थिती में संपन्न हुआ है। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों के चेहरे की प्रसन्नता और आंखों की चमक से स्पष्ट प्रतीत होता है कि उज्जैन शहर की चमक दिनो दिन बढती जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत भी विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर,उज्जैन,धार,देवास,शाजापुर को मिलाकर मेट्रो पोलिटन नगरी के रुप में विकसित किया जाएगा। शासन द्वारा युवाओं को रोजगार देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे है। आने वाले समय में 1 लाख से अधिक पदों पर नियुक्ति की जाएगी। विभिन्न वर्गों की संयुक्त रुप से एक ही परीक्षा के माध्यम से भर्ती की जाएगी और विभागों के रिक्त पदों की पूर्ति की जाएगी। मंगलनाथ, भूखिमाता, गढकालीका, हरिसिध्दी माता मंदिर को और भव्य रुप प्रदान किया जाएगा। इंदौर से उज्जैन तक मेट्रो लाईन डाली जाएगी। फ्रीगंज के ब्रिज के समानांतर एक नए ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। उज्जैन खगोल कालगणना और विज्ञान की नगरी रही है इसें पुन: उसी स्वरुप में लाने के प्रयास किए जाऐंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम यहां विकास कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।मुख्यमंत्री ने मंच पर संतों का शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। इस दौरान लोकप्रिय गायिका सुअभिलिप्सा पांडे के द्वारा शिव स्तुति और शिवाष्टक की प्रस्तुति दी गई। विकास कार्यों पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। बहुउदेशीय वाणिज्यिक काम्पलेक्स प्रतिकल्पा का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नानाखेड़ा स्थित यू डी ए द्वारा निर्मित शहर के पहले 7 मंजिला बहुउदेशीय वाणिज्यिक काम्पलेक्स (प्रतिकल्पा) का फीता कांट कर लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर सांसद उज्जैन आलोट अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव एवं अन्य गणमान्य नागरिक और अधिकारीगण उपस्थित थे।  

भोपाल के एक्वा पार्क का भी होगा भूमिपूजन

उज्जैन में राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन आज  मुख्यमंत्री डॉ. यादव देंगे 152 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों की सौगात भोपाल के एक्वा पार्क का भी होगा भूमिपूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारा लक्ष्य मछुआ समाज को सम्मान देने के साथ ही तकनीकी नवाचार, सुरक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है। मध्यप्रदेश अब नीलक्रांति की दिशा में पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में उज्जैन में राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन 12 जुलाई शनिवार को आयोजित होगा। यह आयोजन मछुआ समाज को सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि के लिए सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों को और भी मजबूती देगा। मछुआ समुदाय की सामाजिक समरसता और आधुनिक मछली पालन की दिशा में यह सम्मेलन ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पंवार, उज्जैन के प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सीता राम बाथम की मौजूदगी में मछुआरों को हितलाभ वितरण और अनेक सौगातें दी जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देंगे विकास कार्यों की सौगात     453 स्मार्ट फिश पार्लर (22.65 करोड़)     अंडरवॉटर टनल और एक्वा पार्क (40 करोड़)     इंदिरा सागर जलाशय में 3060 केज फिशिंग (91.80 करोड़)     430 मोटर साइकिल विद आइस बॉक्स, 100 यूनिट्स का वितरण     डेफर्ड वेजेस में 9.63 करोड़ का सिंगल क्लिक अंतरण     उत्कृष्ट मछुआरों एवं सहकारी समितियों का सम्मान सुरक्षा से समृद्धि की ओर – मछुआ समाज के लिए तकनीकी क्रांति राज्य सरकार अब मछुआरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इंदिरा सागर जैसे जलाशयों में ड्रोन, GPS और CCTV युक्त आधुनिक कंट्रोल कमांड सेंटर की स्थापना हो रही है। इससे 24×7 निगरानी, नावों की ट्रैकिंग और आपात स्थिति में त्वरित सहायता संभव हो सकेगी। गांधी सागर और इंदिरा सागर में 5 ट्रांजिट हाउस और 2 फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जाएगा। मछुआ भाइयों के लिए सोलर मोबाइल चार्जिंग, बायो टॉयलेट और आपात रात्रि विश्राम की व्यवस्था की जाएगी। भोपाल में FIDF योजना अंतर्गत ₹5 करोड़ की लागत से केवट प्रशिक्षण संस्थान का निर्माण होगा जिसमें केज कल्चर, बायोफ्लॉक, RAS तकनीक, फिश प्रोसेसिंग आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सामाजिक समरसता का उत्सव निषादराज को समर्पित: राज्यमंत्री श्री नारायण सिंह पंवार उज्जैन की पवित्र भूमि पर होने वाला राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन निषाद समाज के गौरव और उसकी सांस्कृतिक परंपराओं को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पंवार ने कहा कि समर्पण, समानता और सेवा के सनातन प्रतीक निषादराज को समर्पित ऐतिहासिक आयोजन है। उन्होंने कहा कि श्रीराम और निषादराज की मित्रता आज भी सामाजिक समरसता की सबसे प्रेरक कथा है। "मछलीघर" से "एक्वा पार्क" तक: भोपाल के लिए यादों और भविष्य का संगम भोपाल के दिल में बसने वाले पुराने मछलीघर की स्मृतियों को नया जीवन देने जा रहा है अत्याधुनिक "एक्वा पार्क" का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली करेंगे। इस 40 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना में केंद्र सरकार की 25 करोड़ व राज्य सरकार की 15 करोड़ की साझेदारी है।     समुद्री और मीठे पानी की सैकड़ों मछलियों की प्रजातियाँ यहां देखने को मिलेगी     डिजिटल एक्वेरियम, वॉटर टनल और 3D इंटरेक्टिव जोन     बच्चों के लिए सी-लाइफ लर्निंग सेंटर     पर्यावरण शिक्षा और संरक्षण आधारित कार्यक्रम नीलक्रांति में अग्रदूत बना प्रदेश मध्यप्रदेश में 4.42 लाख हेक्टेयर जलक्षेत्र उपलब्ध है, जिसमें से 4.40 लाख हेक्टेयर में मत्स्य पालन किया जा रहा है। बीते वर्ष लक्षित मत्स्योत्पादन का 98 फीसदी (3.81 लाख मैट्रिक टन) मत्स्योत्पादन किया गया। प्रदेश में 2595 पंजीकृत मछुआ सहकारी समितियों के 95,417 सदस्य मछली पालन में कर रहे हैं। 1.45 लाख मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किए गए देश में अंतर्देशीय राज्यों में मध्यप्रदेश मछुआरों को क्रेडिट कार्ड वितरण में पहले स्थान पर है। प्रदेश में मछलीपालन से 2 करोड़ 75 लाख से ज्यादा मानव दिवसों के रोजगार सृजित किए गए। बीते वर्ष प्रदेश में 217 करोड़ से ज्यादा मत्स्यबीज उत्पादित किए गए, जिससे मत्स्य क्षेत्र में प्रदेश ने आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से कदम आगे बढ़ाए।