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चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल, प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं – लोकतंत्र पर मंडरा रहा खतरा

मुंबई  बिहार में चुनाव आयोग के मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण अभियान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने आपत्ति जताई है। उन्होंने दावा किया है कि चुनाव आयोग प्रजातंत्र को खत्म करने के लिए भाजपा का सहयोग कर रहा है। गुरुवार को आईएएनएस से बातचीत के दौरान शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने कहा कि मतदाता सत्यापन के लिए जरूरी दस्तावेजों से आधार कार्ड को बाहर रखने का एक षड्यंत्र चुनाव आयोग की ओर से रचा जा रहा है ताकि गरीबों और वंचितों को वोटर लिस्ट से बाहर किया जाए और अपने हिसाब से नए वोटर को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से चुनाव आयोग संविधान की धज्जियां उड़ा रहा है और प्रजातंत्र को खत्म करने में जिस प्रकार से भाजपा को सहयोग दे रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। आयोग ने जो महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान किया, अब उस चीज को बिहार में दोहराया जा रहा है। विपक्ष की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ध्यान देगा। वोटर लिस्ट के मेगा वेरिफिकेशन ड्राइव पर रोक लगाई जाएगी। शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान हमें उम्मीद है कि विदेशी दौरों से भारत को क्या लाभ हुआ है, प्रधानमंत्री उसे संसद में रखेंगे। मैं पीएम मोदी को 17 विदेशी संसदों को संबोधित करने के रिकॉर्ड पर बधाई देना चाहती हूं। मुझे उम्मीद है कि हमारे सांसदों को भी संबोधित करेंगे और सत्तारूढ़ दल से हमारी अपेक्षाओं, सवालों और आशाओं को पूरा करेंगे। उन्होंने शिवसेना विधायक संजय गायकवाड के मामले पर कहा कि यह स्पष्ट हो गया है कि आप मार सकते हैं, पीट सकते हैं, और आपको खुली छूट है। आपके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी, जिसके साथ मारपीट हुई, उसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया। कैंटीन में 10 समस्याएं हो सकती थीं, लेकिन जिस तरह से यह हुआ। पहले मारपीट हुई, फिर एक गरीब आदमी का लाइसेंस छीन लिया गया, न उसे चेतावनी दी गई, न ही उसे सुधरने का मौका दिया गया। इससे पता चलता है कि महाराष्ट्र की राज्य सरकार केवल सत्ता में रहना चाहती है, सत्ता का सुख भोगना चाहती है। जनता के प्रति उनका कोई योगदान नहीं है।

सचिन तेंदुलकर को लॉर्ड्स में खास जगह, एमसीसी संग्रहालय में हुआ तस्वीर का अनावरण

लंदन इंग्लैंड और भारत के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के तीसरे टेस्ट मैच से पहले लॉर्ड्स स्थित एमसीसी संग्रहालय में गुरुवार को भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर की नई तस्वीर का अनावरण किया गया। ब्रिटिश कलाकार स्टुअर्ट पियर्सन राइट द्वारा बनाई गई इस तस्वीर में तेंदुलकर के 'बस्ट' की विशाल छवि को दर्शाया गया है और यह इस वर्ष के अंत में मंडप में स्थानांतरित किए जाने से पहले संग्रहालय में रहेगी। एमसीसी की संग्रहित तस्वीर में यह किसी भारतीय खिलाड़ी का पांचवां और पियर्सन राइट द्वारा बनाया चौथा चित्र है। तेंदुलकर से पहले कपिल देव, बिशन सिंह बेदी और दिलीप वेंगसरकर के चित्र उन्होंने बनाए हैं। कपिल देव, बिशन बेदी और दिलीप वेंगसरकर के आदमकद चित्रों के विपरीत सचिन की तस्वीर सिर्फ उनके बस्ट (छाती तक) पर केंद्रित है। यह पेंटिंग 18 साल पहले मुंबई में तेंदुलकर के घर पर ली गई एक तस्वीर पर आधारित है। तस्वीर के अनावरण और लॉर्ड्स टेस्ट की शुरुआत से पहले घंटी बजाने के बाद सचिन तेंदुलकर कहा, "1983 में, जब भारत ने विश्व कप जीता, तब लॉर्ड्स से मेरा पहला परिचय हुआ। मैंने हमारे कप्तान कपिल देव को ट्रॉफी उठाते देखा। उस पल ने मेरे क्रिकेट के सफर को गति दी। आज, पवेलियन में मेरी तस्वीर लगने से, ऐसा लग रहा है, जैसे जिदगी का एक चक्र पूरा हो गया हो।" इंग्लैंड बनाम भारत के तीसरे टेस्ट मैच की शुरुआत से पहले सचिन तेंदुलकर ने प्रतिष्ठित घंटी बजाई। साल 2007 में शुरू की गई यह परंपरा क्रिकेट की सबसे प्रिय परंपराओं में से एक है, जो उन खिलाड़ियों के लिए आरक्षित है जिन्होंने खेल पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। सचिन तेंदुलकर ने 2013 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था। वह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन और शतक बनाने वाले बल्लेबाज हैं। तीनों फॉर्मेट मिलाकर सचिन ने कुल 34,357 रन बनाए हैं और रिकॉर्ड 100 शतक लगाए हैं। पियर्सन राइट ने कहा, "एमसीसी पिछली तस्वीरों से कुछ अलग चाहता था, इसलिए मैंने सचिन के चेहरे पर ध्यान केंद्रित किया।" लॉर्ड्स पोर्ट्रेट कार्यक्रम 30 साल से भी ज्यादा समय से चल रहा है, लेकिन एमसीसी का कला संग्रह विक्टोरियन युग से जुड़ा है। 3,000 कलाकृतियों में से लगभग 300 पोर्ट्रेट के साथ, यह दुनिया के सबसे समृद्ध खेल संग्रहालयों में से एक है। एमसीसी की संग्रह एवं कार्यक्रम प्रबंधक चार्लोट गुडह्यू ने कहा, "सचिन तेंदुलकर जैसे व्यक्तित्व की तस्वीर को संग्रहालय में शामिल करना अद्भुत है।"

युवाओं को मिलेगा नया लाभ, लैपटॉप-साइकिल के बाद अब स्कूटी योजना का ऐलान

भोपाल प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को लैपटाप व साइकिल के बाद अगले महीने स्कूटी भी दी जाएगी। 7,800 विद्यार्थी स्कूटी के लिए पात्र हैं। अगले सत्र से बच्चों को गणेवश तैयार करवाकर वितरित किया जाएगा। साथ ही 75 प्रतिशत अधिक अंक लाने वाले करीब एक लाख मेधावी विद्यार्थियों को राशि के बदले अब लैपटाप दिए जाएंगे। यह घोषणा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भोपाल में कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय के भवन के लोकार्पण समारोह में की। साथ ही कहा कि सांदीपनि विद्यालय में बच्चों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस दौरान छात्राओं से भी मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 369 सांदीपनि विद्यालय संचालित हो रहे हैं। जहां शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि ये स्कूल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के केंद्र बनकर उभरे हैं। अब सरकारी स्कूल सुविधा और गुणवत्ता दोनों में आगे हैं। इस बार मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं के परिणाम में सरकारी स्कूलों ने 15 सालों का रिकार्ड तोड़ दिया है। निजी स्कूल पीछे रह गए हैं। अब सौ प्रतिशत परिणाम लाने वाले विद्यालयों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। महू, देवास, नरसिंहपुर के विद्यालयों को बेहतर शैक्षणिक प्रबंधन विकास के लिए पांच-पांच लाख रुपये प्रोत्साहन के रूप में दिए जाएंगे।   अभियान के पहले दिन बंटी 4.30 लाख साइकिलें मुख्यमंत्री ने समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत स्कूली बच्चों को निश्शुल्क साइकिल वितरण के दो दिवसीय अभियान का शुभारंभ करते हुए 50 विद्यार्थियों को साइकिलें वितरित कीं। अभियान के पहले दिन विभिन्न जिलों में विद्यार्थियों को 4.30 लाख साइकिलें बांटी गईं। विद्यार्थियों ने एक धुन में साइकिल की घंटी बजाकर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया। प्रदेश के 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों को मिलेगा रक्षाबंधन का तोहफा मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में नारी को देवी के रूप में पूजा जाता है। भारतीय समाज में उनका अलग ही स्थान है। प्रदेश की 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के अवसर पर 1,500 रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2029 तक देश की बहनों को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। उज्जैन में प्रारंभ होगा सेटैलाइट सेंटर     मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेजों में नई शिक्षा नीति लागू की गई है, जहां विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा दी जा रही है।     इसी उद्देश्य से उज्जैन में आईआईटी का सेटैलाइट सेंटर प्रारंभ किया जाएगा। सरकार में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग का विलय कर मेडिकल एजुकेशन एवं हेल्थ सेक्टर में नवाचार किया है।     छोटे शहरों में मेडिकल कॉलेज खोलने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे आगामी दो वर्ष के अंदर एमबीबीएस की सीटें 10 हजार हो जाएंगी।     मध्य प्रदेश इकलौता ऐसा राज्य है, जहां नीट पास करने के बाद सरकार मेडिकल एजुकेशन के लिए विद्यार्थियों को भरपूर सहयोग कर रही है। 

हादसे के बाद प्रशासन सख्त, वडोदरा में चार इंजीनियर निलंबित, सभी पुलों की जांच शुरू

वडोदरा गुजरात के वडोदरा में पुल ढहने की घटना में एनएम नाइकवाला (कार्यकारी अभियंता), यूसी पटेल (उप-कार्यकारी अभियंता), आरटी पटेल (उप-कार्यकारी अभियंता) और जेवी शाह (सहायक अभियंता) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को वडोदरा में महिसागर नदी पर बीते दिन पुल के ढहने के सिलसिले में राज्य के सड़क एवं भवन विभाग के चार इंजीनियरों को निलंबित कर दिया। हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई है और कुछ अब भी लोग लापता हैं। सड़क एवं भवन विभाग के प्रभारी मुख्यमंत्री पटेल ने विशेषज्ञों से पुल की मरम्मत, निरीक्षण और गुणवत्ता जांच पर एक रिपोर्ट तैयार करने को कहा था। इसी रिपोर्ट के आधार पर चारों इंजीनियरों को निलंबित करने का निर्णय लिया गया। राज्य के अन्य पुलों का तुरंत गहन निरीक्षण करने का आदेश तत्काल प्रभाव से निलंबित किए गए लोगों में कार्यकारी अभियंता एनएम नायकवाला, उप कार्यकारी अभियंता यूसी पटेल और आरटी पटेल के साथ-साथ सहायक अभियंता जेवी शाह शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने विभाग के अधिकारियों को इस घटना के मद्देनजर राज्य के अन्य पुलों का तुरंत गहन निरीक्षण करने का आदेश दिया है। तीन से चार लोग अभी भी लापता इससे पहले बुधवार सुबह वडोदरा के पादरा कस्बे के पास गंभीरा गांव के पास आणंद और वडोदरा जिलों को जोड़ने वाले चार दशक पुराने पुल का एक हिस्सा ढह जाने से कई वाहन महिसागर नदी में गिर गए थे। वडोदरा जिले के पुलिस अधीक्षक रोहन आनंद ने दिन में बताया, 'अब तक 16 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि तीन से चार लोग अभी भी लापता हैं। तलाशी और बचाव अभियान अभी भी जारी है।'

जिलाधिकारी का बड़ा आदेश: 10 दिन तक बंद रहेंगे स्कूल, छुट्टी का शेड्यूल जारी

हरिद्वार उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से एक अहम सूचना सामने आई है। आगामी श्रावण कांवड़ यात्रा 2025 के मद्देनज़र जिले में 14 जुलाई से 23 जुलाई तक सभी शैक्षणिक संस्थानों को 10 दिनों के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि भारी संख्या में कांवड़ियों की आवाजाही और यातायात की दृष्टि से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों को देखते हुए यह निर्णय जनहित और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। किन संस्थानों पर लागू होगा यह आदेश? यह अवकाश हरिद्वार जिले के अंतर्गत आने वाले सभी प्रकार के शिक्षण संस्थानों पर लागू होगा: -12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल -सभी डिग्री कॉलेज और विश्वविद्यालय -तकनीकी और प्राविधिक संस्थान -सभी आंगनबाड़ी केंद्र पढ़ाई नहीं रुकेगी हालांकि सभी शिक्षण संस्थान इस अवधि में भौतिक रूप से बंद रहेंगे, लेकिन ऑनलाइन माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियों को जारी रखने का निर्देश दिया गया है। स्कूल और कॉलेजों को कहा गया है कि वे छात्रों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाई करवाएं ताकि पढ़ाई में किसी प्रकार का व्यवधान न आए। क्यों लिया गया यह निर्णय? हर साल श्रावण मास में उत्तर भारत में कांवड़ यात्रा का आयोजन होता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु देश के विभिन्न हिस्सों से गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचते हैं। इस वर्ष कांवड़ यात्रा 11 जुलाई 2025 से प्रारंभ हो रही है, और यात्रा के दौरान हरिद्वार में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है, साथ ही स्कूल आने-जाने वाले छात्रों को असुविधा और सुरक्षा संबंधी खतरे हो सकते हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा मार्गों को कुछ स्थानों पर बंद या डायवर्ट भी किया जाएगा, जिससे आवागमन और अधिक कठिन हो जाएगा। ऐसे में छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह अवकाश घोषित किया गया है।   

नोबेल को लेकर केजरीवाल का दावा, BJP बोली – भ्रष्टाचार के लिए मिल सकता है पुरस्कार

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक ऐसे बयान से राजनीतिक गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है जिसमें उन्होंने शासन और प्रशासन के लिए खुद को नोबेल पुरस्कार का हकदार बताया है। चंडीगढ़ में अपनी पुस्तक 'द केजरीवाल मॉडल' के पंजाबी संस्करण के विमोचन अवसर पर बोलते हुए केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली में उनकी सरकार के काम में बार-बार बाधा डालने के प्रयासों के बावजूद उनके प्रशासन ने प्रभावी ढंग से काम किया है। काम करने से रोके जाने के बावजूद, हमने अच्छा प्रदर्शन किया केजरीवाल ने अपने संबोधन के दौरान कहा, "काम करने से रोके जाने के बावजूद, हमने अच्छा प्रदर्शन किया। उपराज्यपाल और विभिन्न कठिनाइयों के बावजूद इतना कुछ करने के लिए मुझे शासन और प्रशासन का नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए।" यह बयान तुरंत ही विवादों में घिर गया।   भाजपा का पलटवार: "हास्यास्पद… अक्षमता और भ्रष्टाचार" दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने केजरीवाल के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे 'हास्यास्पद' करार दिया। सचदेवा ने कहा, "केजरीवाल द्वारा अपने लिए नोबेल पुरस्कार की मांग करना हास्यास्पद है। अगर अक्षमता, अराजकता और भ्रष्टाचार के लिए श्रेणियां होतीं, तो उन्हें ज़रूर यह पुरस्कार मिलता।" उन्होंने AAP शासन के दौरान कथित अनियमितताओं का ज़िक्र किया जिनमें: ➤ सार्वजनिक परिवहन बसों में पैनिक बटन ➤ कक्षा निर्माण ➤ महिलाओं के लिए पेंशन योजना ➤ शराब लाइसेंस ➤ मुख्यमंत्री आवास के विवादास्पद नवीनीकरण ('शीश महल') जैसे घोटाले शामिल हैं। AAP ने किया पलटवार: "अब काम करके दिखाओ" भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, "वीरेंद्र सचदेवा अब सरकार में हैं। अब शासन करने का समय है सिर्फ बातें करने का नहीं। विपक्ष के दिन अब लद गए हैं अब आपको काम करके दिखाना होगा। दिल्ली असली काम का इंतज़ार कर रही है ध्यान भटकाने या बदनामी का नहीं।" केजरीवाल का बचाव: "पारदर्शिता और ईमानदारी पर आधारित मॉडल" अपने संबोधन के दौरान केजरीवाल ने अपने प्रशासन के पिछले रिकॉर्ड का बचाव करते हुए ज़ोर देकर कहा कि AAP का शासन मॉडल पारदर्शिता और ईमानदारी पर आधारित है। उन्होंने कहा, "अगर कोई सरकार भ्रष्ट है अगर उसके मंत्री लूटपाट कर रहे हैं तो यह मॉडल ध्वस्त हो जाएगा।" उन्होंने दावा किया कि दिल्ली और पंजाब में उनकी पार्टी की सफलता भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और जनता के पैसे बचाने पर आधारित है। उन्होंने आगे कहा, "पिछली सरकारों ने दावा किया था कि खजाना खाली है लेकिन हमने स्कूलों और अस्पतालों की हालत सुधारी और मुफ्त बिजली दी क्योंकि हमने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया।"  

अब हमें स्कूल समय पर पहुंचने में आसानी होगी, धन्यवाद मुख्यमंत्री जी: छात्रा

भोपाल शासन की नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना के अंतर्गत कमला नेहरू सांदीपनि कन्या विद्यालय, भोपाल में आयोजित नि:शुल्क साइकिल वितरण कार्यक्रम में जब विद्यार्थियों को साइकिलें प्राप्त हुईं, तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। निःशुल्क साइकिल प्राप्त होने पर वे अत्यंत प्रसन्न हैं और इसके लिए म.प्र. शासन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित कर रहे हैं। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, टीलाखेड़ी की कक्षा 9वीं की छात्रा कुमारी रिया भारती ने मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा, “अब हमें स्कूल समय पर पहुंचने में आसानी होगी। धन्यवाद मुख्यमंत्री जी।” इसी विद्यालय की कुमारी पूजा खन्ना ने कहा कि "पैदल विद्यालय पहुंचने में अधिक समय लगता था, अब में 10 मिनिट में विद्यालय पहुंच जाऊंगी। मैं अपने मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देती हूँ।" कुमारी सिमरन गौर ने भी निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार माना। कुमारी सिमरन ने कहा कि "निःशुल्क साइकिल प्राप्त होने से जीवन में रफ्तार प्राप्त हुई हैं। अब हम आत्मविश्वास के साथ विद्यालय जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि “प्रदेश सरकार का संकल्प है कि कोई भी विद्यार्थी केवल साधन के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे। नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना से विद्यार्थी आत्मनिर्भर बनेंगे, समय की बचत होगी तथा उनकी उपस्थिति में भी सुधार आएगा।” उन्होंने छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें परिश्रम और लगन के साथ अध्ययन करने की प्रेरणा दी। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित नि:शुल्क वितरण योजना न केवल विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करती है, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी विकास का मार्ग भी प्रशस्त करती है। छात्राओं ने कहा कि वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा चलाई जा रही इस लोकहितकारी एवं दूरदर्शी पहल के लिए उनका हृदय से धन्यवाद करते हैं। 

फिर गरमाई कर्नाटक की सियासत, सीएम बदलाव की अटकलों के बीच सिद्धारमैया की राहुल से मुलाकात

नई दिल्ली/बेंगलुरु कर्नाटक में फिर से नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों का बाजार गर्म है। इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मिलने दिल्ली पहुंचे हैं। दिल्ली पहुंचने पर उन्होंने कहा, "…मैंने आज राहुल गांधी से मिलने के लिए समय मांगा था लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।" कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के बारे में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि वहां कोई वैकेंसी नहीं है। मैं पांच साल पूरा करूंगा। सिद्धारमैया ने कहा, "डीके शिवकुमार ने खुद कहा है कि मुख्यमंत्री पद के लिए कोई रिक्ति नहीं है।" हालांकि, इस बीच राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बेंगलुरु में गुरुवार को यह कहकर सस्पेंस बढ़ा दिया है कि इस मुद्दे पर पार्टी आलाकमान ही निर्णय करेगा। उन्होंने कहा, “पार्टी नेतृत्व सब देख रहा है और समय आने पर वह निर्णय करेगा।” एक और नाटक कंपनी खोलने की इच्छा नहीं प्रदेश में संभावित नेतृत्व परिवर्तन और कुछ पार्टी नेताओं एवं विधायकों के सार्वजनिक बयानों के बारे में एक सवाल के जवाब में परमेश्वर ने स्वीकार किया कि वास्तव में ‘नाटक’ हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इसपर टिप्पणी करके उनकी ‘‘एक और नाटक कंपनी खोलने की इच्छा नहीं है।’’ पार्टी आलाकमान सब देख रहा है कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘जैसा कि आप (मीडियाकर्मियों) ने कहा, एक नाटक जारी है। इस (नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे) पर न तो बार-बार चर्चा होनी चाहिए और न ही बयानबाजी। प्रशासन में कोई समस्या नहीं है, यह सुचारू रूप से चल रहा है और मुख्यमंत्री (सिद्धरमैया) प्रभावी रूप से इसका संचालन कर रहे हैं। मैं एक और नाटक कंपनी (बयान देने से) नहीं खोलना चाहता।’’ उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान सब देख रहा है और समय आने वह निर्णय करेगा।

कर्मचारी राज्य बीमा निगम की स्प्री-2025 योजना को मिली मंजूरी

भोपाल  कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पंजीकरण को बढ़ावा देने के लिए “स्प्री 2025” यानि स्कीम टू प्रमोट रजिस्ट्रेशन ऑफ इम्प्लॉयर्स/इम्प्लॉयीज योजना को स्वीकृति दी है। इस निर्णय की घोषणा शिमला, हिमाचल प्रदेश में आयोजित 196वीं ईएसआई निगम की बैठक में की गई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय श्रम और रोजगार तथा युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने की। संयुक्त निदेशक श्री निश्चल कुमार नाग, प्रभारी, उप क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्प्री योजना का उद्देश्य ईएसआई अधिनियम, 1948 के अंतर्गत अब तक पंजीकृत नहीं हुए प्रतिष्ठानों एवं श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है। यह योजना 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगी। इसके अंतर्गत नियोक्ता डिजिटल माध्यमों जैसे- ESIC पोर्टल, श्रम सुविधा पोर्टल, MCA पोर्टल से अपने प्रतिष्ठान एवं कर्मचारियों का पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण नियोक्ता द्वारा घोषित तिथि से वैध माना जाएगा। पंजीकरण की तिथि से पूर्व की अवधि के लिए कोई देनदारी, योगदान या रिकॉर्ड की मांग नहीं की जाएगी और कोई निरीक्षण या कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, जो पहले अपंजीकरण की स्थिति में संभावित थी। स्प्री योजना का प्रमुख उद्देश्य पिछली देनदारियों के भय को समाप्त कर स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देना है, इससे कॉन्ट्रेक्ट, अस्थायी और अनियमित श्रमिकों को भी स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त होंगे। इस योजना के अंतर्गत नकद लाभ (बीमारी, मातृत्व, चोट या मृत्यु की स्थिति में), कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए चिकित्सा सेवाएं, दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा जैसे विकलांगता लाभ, पेंशन आदि लाभ उपलब्ध होंगे। यह योजना उन नियोक्ताओं पर लागू होगी जिनके प्रतिष्ठानों यानि कारखानें, दुकानें, होटल-रेस्टोरेंट, रोड ट्रांसपोर्ट, निजी स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, समाचार पत्र, नगर निगमों के ठेका कर्मचारी आदि में 10 या अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे संस्थानों पर भी यह योजना लागू होगी जो अब तक ईएसआई अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं हुए हैं अथवा वह अपने सभी पात्र कर्मचारियों का पंजीकरण नहीं कर पाए हैं। संयुक्त निदेशक श्री नाग ने बताया कि यह योजना सर्वसमावेशी सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ावा देती है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिये भी अनुकूल है। योजना की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह पूरी तरह से स्वैच्छिक, सरल और पारदर्शी है। उन्होंने राज्य के सभी पात्र नियोक्ताओं से इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया, जिससे वे न केवल कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें बल्कि अपने कर्मचारियों को आवश्यक स्वास्थ्य व सामाजिक संरक्षण भी प्रदान कर सकें।  

अरुणाचल के सीएम पेमा खांडू का बयान – दलाई लामा का उत्तराधिकारी नहीं होगा चीन से

नई दिल्ली अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा है कि अगले दलाई लामा एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश से होंगे, चीन से तो बिल्कुल नहीं। उन्होंने कहा कि अगले दलाई लामा के चयन की प्रक्रिया किसी पदधारी के निधन के बाद ही शुरू होती है। साथ ही आशा और प्रार्थना की कि 14वें दलाई लामा 40 और वर्षों तक जीवित रहें। खांडू ने एक साक्षात्कार में कहा, 'दलाई लामा का स्वास्थ्य बहुत अच्छा है। अपनी 90वीं जन्मतिथि समारोह के अवसर पर उन्होंने खुद कहा कि वह लगभग 130 वर्ष तक जीवित रहेंगे। इसलिए हम सभी प्रार्थना करते हैं और मुझे पूरी उम्मीद है कि वह 130 वर्ष तक जीवित रहेंगे।' दलाई लामा के जन्म पर बोले खांडू दलाई लामा के अनुयायी और बौद्ध धर्मावलंबी मुख्यमंत्री ने अगले दलाई लामा के चयन के बारे में कहा, 'पूरे नियम तय हैं, सभी प्रक्रियाएं तय हैं। अभी इस बारे में अटकलें लगाने का कोई मतलब नहीं है। अभी यह अनुमान लगाने का कोई मतलब नहीं है कि उनका जन्म कहां होगा, किस क्षेत्र में होगा, भारत में होगा या तिब्बत में। उन्होंने कहा कि केवल एक स्पष्टता है, जो दलाई लामा ने शायद एक साक्षात्कार में कही है कि अगले दलाई लामा का जन्म एक स्वतंत्र विश्व में होगा।' मुख्यमंत्री ने कहा कि गादेन फोडरंग ट्रस्ट अगले दलाई लामा की खोज करेगा। हिंदी को लेकर सीएम ने की टिप्पणी     भाषा विवाद के बीच खांडू ने कहा कि हिंदी उनके राज्य को जोड़ने वाली भाषा है। जब से अरुणाचल प्रदेश में शिक्षा आई है, तब से हिंदी स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा रही है और इसे सीखने में कोई समस्या नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में इतनी विविधता है कि 26 प्रमुख जनजातियां और 100 से ज्यादा उप-जनजातियां अपनी-अपनी भाषाएं और बोलियां बोलती हैं।     उन्होंने कहा, 'अगर मैं अपनी बोली, अपनी भाषा में बोलूंगा तो दूसरी जनजाति के लोग समझ नहीं पाएंगे। इसलिए हर कोई हिंदी बोलता है। व्याकरण संबंधी गलतियां जरूर होंगी, लेकिन अगर आप किसी भी गांव में जाएं, तो सभी ग्रामीण हिंदी समझेंगे और बोलेंगे। हम चुनाव प्रचार में और विधानसभा में भी हिंदी बोलते हैं।'