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गैंगस्टर सलमान लाला के पोस्टर ने MP में फैलाई दहशत, ईद-ए-मिलाद पर तनाव

गुना गुना शहर की श्रीराम कॉलोनी में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के मौके पर इंदौर के गैंगस्टर सलमान लाला का पोस्टर लगाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया। पोस्टर पर लिखा था- “शरीर मिटता है मगर नाम नहीं, मिस यू किंग”। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने पोस्टर हटवाया और कोतवाली थाने में अज्ञात के खिलाफ शनिवार देर रात को FIR दर्ज कर ली। ईद-ए-मिलाद पर शहर में बड़े स्तर पर कार्यक्रम हुए। शाम को कर्नलगंज से शुरू हुआ जुलूस कई इलाकों से होते हुए ख्यावदा चौराहे तक पहुंचा। इसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समाजजन शामिल हुए। तैयारियों के दौरान शहरभर में बैनर और पोस्टर लगाए गए थे। इसी दौरान श्रीराम कॉलोनी में लगे सलमान लाला के पोस्टर से विवाद शुरू हुआ। पोस्टर विवाद के बाद देर शाम भुजरिया तालाब मंदिर के पास रहने वाले अभिषेक तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना था कि वे पोस्टर का फोटो खींच रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उनका पीछा कर जयस्तंभ चौराहे पर उनसे मारपीट की। अभिषेक को चोटें आईं। सूचना पर बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठन के लोग कोतवाली पहुंचे और FIR दर्ज कराई। अज्ञात आरोपियों पर लूट और मारपीट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया। देर रात नजूल कॉलोनी निवासी भगवानलाल ढीमर की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ अलग से FIR दर्ज की। पुलिस का कहना है कि यह पोस्टर समाज में नफरत फैलाने वाला था।

BJP की मदद से बाढ़ पीड़ितों तक पहुँची राहत, धनखड़ ने किया ट्रकों का उद्घाटन

पंजाब  पंजाब में आई भीषण बाढ़ के पीड़ितों की सहायता के लिए भारतीय जनता पार्टी ने राहत कार्यों की शुरुआत कर दी है। इसी क्रम में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सुमेधानंद धनखड़ ने झज्जर से राहत सामग्री से भरे ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। धनखड़ ने इस अवसर पर कहा कि "आपदा की घड़ी में देश एकजुट होता है, यही हमारी संस्कृति और सभ्यता की पहचान है।" उन्होंने बताया कि देशवासियों ने पहले भी बिहार, गुजरात और उत्तराखंड जैसी आपदाओं में बढ़-चढ़कर सहायता पहुंचाई है। धनखड़ ने झज्जर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने नहरों की क्षमता को देखते हुए समय रहते उचित कदम उठाए हैं। बादली और बहादुरगढ़ से गुजरने वाली नहरों पर मिट्टी के कट्टे डालकर पानी को नियंत्रित किया गया, वहीं जल निकासी के लिए पंप सेट लगाए गए हैं। बिजली विभाग भी इस कार्य में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। धनखड़ ने कहा कि मकान, सड़कों और गलियों का निर्माण करते समय प्राकृतिक जल प्रवाह (नेचुरल फ्लो) का ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि भविष्य में जलभराव की स्थिति से बचा जा सके। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे इस दिशा में जागरूकता दिखाएं।धनखड़ ने विपक्षी दलों से भी आग्रह किया कि "यह समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की मदद का है।" उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद बाद में भी सुलझाए जा सकते हैं, लेकिन संकट के समय सहयोग ही सबसे बड़ा धर्म होता है। धनखड़ ने कहा कि भाजपा सदैव समाज के साथ खड़ी रही है और आगे भी हर आपदा में जनसेवा करती रहेगी। इस मौके पर उनके साथ भाजपा के झज्जर जिलाध्यक्ष विकास बाल्मीकि,जिला परिषद अध्यक्ष कप्तान बिरधाना,भाजपा नेता संजय कबलाना भी मौजूद थे।

कांच टूटने का रहस्य: घर में अचानक टूटने पर लें ये जरूरी कदम

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में अचानक कांच का टूटने को आमतौर पर शुभ संकेत माना जाता है। माना जाता है कि यह किसी आने वाली मुसीबत के टालने का संकेत है। कहते हैं कि आने वाली किसी मुसीबक को उस कांच ने अपने ऊपर ले लिया है और घर व परिवार के सदस्यों की रक्षा की है। खासकर यदि यह किसी खिड़की या दरवाजे का कांच अचानक बिना किसी वजह से टूट जाए, तो इसे अच्छा माना जाता है। कुछ मान्यताओं के अनुसार, यह धन लाभ या किसी शुभ समाचार का भी संकेत हो सकता है। संभव है कि जल्द ही आपको अचानक किसी काम से धन लाभ हो सकता है। टूटे हुए कांच को घर से हटा दें हालांकि, टूटे हुए कांच को घर में रखना अशुभ माना जाता है। क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और घर में नकारात्मकता फैलाता है। कहते हैं कि घर में रखा टूटा कांच अपने साथ कई परेशानियां लेकर आता है। इसलिए घर में कांच के टूटने के बाद इसे तुरंत हटा देना चाहिए। इन बातों का रखें ध्यान अगर किसी शुभ अवसर पर कांच या शीशा टूट जाते, तो इसे अपशकुन माना जाता है। टूटे हुए कांच को हटाते समय सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि किसी को चोट न लगे। लिहाजा, इसे कूड़ेदान में फेंकने से पहले किसी मोटे कपड़े या कागज में लपेट लें। वास्तु के अनुसार, घर में गोल आकार का आईना या धार वाले शीशे का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यदि आप चौकोर आकार का आईना नहीं लगाना चाहते हैं, तो अष्टकोणीय डिजाइन को चुन सकते हैं। इसके अलावा आईने को कभी भी बेडरूम में नहीं लगाना चाहिए। यदि आपने बेडरू में इसे लगाया भी है, तो इस तरह से लगाना चाहिए कि सोते समय आपका प्रतिविंब इसमें न दिखे। यदि आप किसी ऐसी जगह पर हैं, जहां ये बदलाव करना मुमकिन नहीं है, तो उस शीशे पर कपड़ा डाल दें।  

ब्लड मून का दुर्लभ नजारा: भारत के इन शहरों में दिखेगा सबसे साफ, कब देखें चांद?

साल का आखिरी चंद्र ग्रहण सात सितंबर यानी आज लगने वाला है। ये चंद्र ग्रहण भारत में भी नजर आएगा। ऐसे में सूतक काल भी मान्य होगा। इस समय सूतक काल चल रहा है। साल का दूसरा चंद्र ग्रहण शनि की राशि कुंभ में लगेगा। इसके साथ ही चंद्रमा पूर्वाभाद्रपद और शतभिषा नक्षत्र में विराजमान होंगे। ऐसे में इसका असर देश-दुनिया में देखने को मिलने वाला है। चंद्र ग्रहण का स्पर्श रात 9 बजकर 57 बजे, मध्य रात 11 बजकर 41 मिनट पर और समापन रात 1 बजकर 26 मिनट पर होगा।  चंद्र ग्रहण में 9 घंटे पहले सूतक लग जाता है। इस लिए सात सितंबर को दिन में 12 बजकर 58 मिनट पर सूतक लग जाएंगे। 7 सिंतबर को दिखने वाला चंद्र ग्रहण लाल रंग का होगा। इसे ब्लड मून के नाम से भी जाना जाता है। यह ग्रहण 3 घंटे 29 मिनट तक रहने वाला है। यह चंद्र ग्रहण भारत, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका, फिजी और अंटार्कटिका के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई देगा। धर्म शास्त्रों के अनुसार चंद्र ग्रहण के सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इस दिन पूजा-अर्चना और किसी भी तरह के धार्मिक अनुष्ठान नहीं करने चाहिए‌, कहा जाता है कि इस दिन गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को खास सावधानी बरतनी चाहिए‌। उन्हें इस दौरान घर से बाहर जाने से बचना चाहिए, इस दिन गर्भवती महिलाओं को किसी भी तरह के औजारों का प्रयोग करने से बचना चाहिए। भारत के इन शहरों में दिखाई देगा ब्लड मून उत्तर भारत: दिल्ली, चंडीगढ़, जयपुर, लखनऊ पश्चिम भारत: मुंबई, अहमदाबाद, पुणे दक्षिण भारत: चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोच्चि पूर्वी भारत: कोलकाता, भुवनेश्वर, गुवाहाटी क्या होता है ब्लड मून आज लगने वाला ग्रहण पूर्ण चंद्र ग्रहण है। पूर्ण चंद्र ग्रहण को ही ब्लड मून कहा जाता है। इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा पूरी तरह धरती की छाया में आ जाएगा। जब चंद्रमा पूरी तरह से धरती की छाया में होता है, तो उसका रंग हल्का लाल या नारंगी हो जाता है। जिस वजह से इसे ब्लड मून कहते हैं।

जानें: पंजाब में कल कौन-कौन से शिक्षण संस्थान रहेंगे बंद और कौन खुलेंगे

पंजाब  पंजाब में बाढ़ की मार के कारण 8 सितंबर (सोमवार) को प्रदेश के सभी सरकारी स्कूल छात्रों के लिए बंद रहेंगे। हालांकि सरकारी, निजी और एडेड कॉलेज व विश्वविद्यालय सामान्य रूप से खुले रहेंगे। इसकी जानकारी पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने अपने X अकाउंट के माध्यम से दी। शिक्षा मंत्री द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, प्रदेश के सभी सरकारी, निजी और एडेड स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय 8 सितंबर से सामान्य रूप से खुलेंगे। लेकिन यदि कोई कॉलेज बाढ़ से प्रभावित है, तो उसे बंद करने का निर्णय संबंधित जिले का डिप्टी कमिश्नर लेंगे।   शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि 8 सितंबर को सभी सरकारी स्कूल छात्रों के लिए बंद रहेंगे, लेकिन शिक्षक स्कूलों में मौजूद रहेंगे और साफ-सफाई सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए पंचायतों, नगर परिषदों और नगर निगमों की मदद ली जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी स्कूल की इमारत में कोई नुकसान या दिक्कत पाई जाती है, तो उसकी जानकारी तुरंत डिप्टी कमिश्नर और इंजीनियरिंग विभाग को दी जाए। सभी सरकारी स्कूल 9 सितंबर (मंगलवार) से सामान्य रूप से खुल जाएंगे। प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों को भी निर्देश दिया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि स्कूल की इमारत और कक्षाएं पूरी तरह सुरक्षित हों। गौरतलब है कि बाढ़ की वजह से पंजाब सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में छुट्टियां घोषित कर दी थीं। लेकिन अब हालात में सुधार देखते हुए डिप्टी कमिश्नरों को अपने स्तर पर निर्णय लेने के अधिकार दिए गए हैं।

त्राहिमाम पंजाब! बाढ़ ने ली 46 जानें, डूबे हजारों गांव, लाखों किसानों की फसल तबाह

लुधियाना  पंजाब में इस समय भारी तबाही का मंजर है. लोग बेघर हो गए हैं. उनके आशियाने उजड़ गए हैं. विनाशकारी बाढ़ में कई लोगों की मौत हो गई. मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है, जबकि 1.75 लाख हेक्टेयर जमीन पर खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं. NDRF, BSF, सेना, पंजाब पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें लगातार राहत बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं. जहां पंजाब दशकों में आई सबसे ज्यादा भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है. वहीं हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में कम तबाही नहीं मची हुई है. भारी बारिश के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों और मौसमी नालों के उफान के चलते यह स्थिति बनी हुई है. इसके अलावा पंजाब में हुई भारी बारिश ने हालात को और गंभीर कर दिया, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. बांधों पर पानी का जलस्तर अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार को पोंग बांध के जलस्तर में मामूली कमी 1,394.19 फुट दर्ज की गई. हालांकि, यह अब भी अधिकतम सीमा 1,390 फुट से चार फुट ऊपर है. शुक्रवार को बांध में पानी का प्रवाह 99,673 क्यूसेक था, जो घटकर 47,162 क्यूसेक रह गया. वहीं भाखड़ा बांध में शनिवार को जलस्तर 1,678.14 फुट दर्ज किया गया, जो शुक्रवार को 1,678.47 फुट था. सतलुज नदी पर बने इस बांध में पानी का प्रवाह 62,481 क्यूसेक और निकासी 52,000 क्यूसेक रही. पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य में बाढ़ को पांच दशकों में आई सबसे ज्यादा भीषण बताया. उन्होंने कहा कि पंजाब और पड़ोसी पहाड़ी राज्यों में लगातार हुई बारिश ने भारी तबाही मचाई हुई है, जिससे सभी जिलों के लगभग 2,000 गांव प्रभावित हुए हैं. 3.87 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं और 46 मौतों की जानकारी अभी तक सामने आई है. 1 अगस्त से 5 सितंबर के बीच 14 जिलों से 43 मौतें दर्ज की गई थीं और 23 जिलों के 1,996 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. कहां हुई सबसे ज्यादा मौतें? सबसे ज्यादा मौतें होशियारपुर और अमृतसर में 7-7 हुईं. पठानकोट में 6, बरनाला में 5, लुधियाना और बठिंडा में 4-4, मानसा में 3, गुरदासपुर, रूपनगर और एसएएस नगर में 2-2 और पटियाला, संगरूर, फाजिल्का और फिरोजपुर से 1-1 मौतें दर्ज की गईं. पठानकोट में 3 लोग लापता हैं. अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जिले में पानी खतरनाक स्तर पर है और लगातार बाढ़ से गांवों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं. अधिकारियों के मुताबिक अब तक 22,854 लोगों को प्रभावित इलाकों से निकाला जा चुका है. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा चीमा ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि क्षेत्र को 18 जिलों में भारी नुकसान हुआ है. इसके अलावा बुनियादी ढांचे मकानों और पशुओं को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है. उन्होंने बताया कि घग्गर नदी का जलस्तर भी 750 फुट के खतरे के निशान को पार कर गया है. रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ये भी बताया कि पूरे राज्य में लगभग 200 राहत शिविर लगाए गए हैं, जहां 7,000 से ज्यादा विस्थापित लोगों को रखा गया है. NDRF की 24 और SDRF की दो टीमें, 144 बोट की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं. वहीं होशियारपुर में टांडा और मुकेरियां उप-विभागों के निचले इलाकों में भारी नुकसान हुआ है, जहां धान, गन्ना और मक्का जैसी फसलों को भारी क्षति हुई है. डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने कहा कि नुकसान का आकलन करने के लिए डिटेल्ड सर्वे कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा और समय पर राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग अच्छे से काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हालात काबू में हैं. इस बीच, कपूरथला जिले के डिप्टी कमिश्नर अमित कुमार पंचाल ने बताया कि ब्यास नदी में पानी का प्रवाह 1.72 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया है.

मऊगंज में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यू प्वाइंट से देखी दूधिया जलधारा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को मऊगंज जिले के प्रवास पर नई गड़ी जनपद पंचायत के बहुती जल प्रपात का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने वाटरफॉल के नजदीक जाकर व्यू प्वाइंट से जलप्रपात की गिरती हुई दूधिया जल धारा और वहा बनने वाले इंद्रधनुष की आभा को देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहुती जल प्रपात के समीप कार्यक्रम स्थल पर गौपूजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव से जंगल में विचरण करने वाली गौमाताओं को अपनी एक आवाज में अपने पास बुलाने की कला रखने वाले रकरी गांव के गौसेवक सौखीलाल यादव ने भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का प्रजापिता ब्रह्माकुमारी आश्रम की दीदीओं द्वारा सम्मान कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बहुती में हुआ पारंपरिक स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बहुती पहुंचने पर पारंपरिक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मऊगंज की लोक कला की छात्राओं ने बघेली शैली नृत्य और स्थानीय लोक कलाकारों के दल ने अहिरहाई लोकनृत्य की प्रस्तुति देकर स्वागत किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, पशुपालन डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल, विधायक सर्वश्री गिरीश गौतम, दिव्यराज सिंह और प्रदीप पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, कमिश्नर रीवा श्री बी.एस. जामोद, आई.जी. श्री गौरव राजपूत, कलेक्टर श्री संजय जैन एवं पुलिस अधीक्षक श्री प्रजापति सहित नागरिक मौजूद थे। पर्यटक स्थल के रूप में किया जा रहा है विकसित कलेक्टर मऊगंज संजय जैन ने बताया कि बहुती जल प्रपात को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने एवं जन सुविधाओं के विकास के लिए 10 करोड़ रुपए लागत की कार्ययोजना प्रस्तावित की गई है। कलेक्टर ने बातया कि बहुती प्रपात के अप स्ट्रीम में स्टॉप डैम का निर्माण प्रस्तावित है। स्टॉप डैम में जल का संचय होने से वाटर फॉल की जल धारा का बारह माह सदा अविरल प्रवाह बना रहेगा। प्रदेश का सबसे ऊँचा बहुती जल प्रपात बहुती जल प्रपात रीवा से 75 किलोमीटर दूर मऊगंज जिले में स्थित है। यह विन्ध्य क्षेत्र ही नहीं पूरे मध्यप्रदेश का सबसे ऊंचा जलप्रपात है। बहुती में सेलर नदी 650 फिट की ऊंचाई से दो धाराओं में विभक्त होकर गिरती है। नीचे सुंदर कुंड और चारों ओर घने वन हैं। बहुती में अनंत जलराशि लंबवत चट्टानों पर गिरती है। जुलाई से सितम्बर माह तक इस प्रपात का सौंदर्य अपने चरम पर होता है। प्रपात के समीप ही अष्टभुजा देवी का प्रसिद्ध मंदिर भी स्थित है। प्रयागराज और बनारस से सड़क मार्ग से सीधे जुड़ा होने से उत्तरप्रदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहाँ पहुंचते हैं। इसके पास भैंसहाई में प्रागैतिहासिक काल के भित्ति चित्र मिले हैं।  

वीटा के लड्डू और पिन्नी दिल्ली में! 600 स्टोर्स पर दीवाली से पहले तैयार रहें स्वाद का मज़ा लेने

हरियाणा  दिल्लीवासी अब सिर्फ हरियाणा की ताजी सब्जियां या फल ही नहीं, बल्कि यहां के पारंपरिक स्वाद का आनंद भी उठा सकेंगे। हरियाणा डेयरी विकास सहकारी संघ (वीटा) और दिल्ली दुग्ध योजना (डीएमएस) के बीच हुए समझौते के तहत राजधानी में जल्द ही हरियाणा के मशहूर देसी घी के बेसन लड्डू और काजू पिन्नी की मिठास लोगों की थाली तक पहुंचेगी। दीवाली से पहले दिल्ली के 600 रिटेल प्वाइंट्स पर आधा दर्जन से अधिक वीटा उत्पाद उपलब्ध होंगे। हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कि इस समझौते से हरियाणा के वीटा ब्रांड को दिल्ली जैसे विशाल बाजार में जगह बनाने का मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि दूध और डेयरी उत्पादों की सबसे अधिक खपत दिल्ली में होती है और वहां के उपभोक्ता शुद्ध व गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को खूब पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की पहचान गुणवत्ता और शुद्धता में है। यह समझौता न केवल दिल्लीवासियों को अच्छे उत्पाद देगा, बल्कि हरियाणा के किसानों और दुग्ध उत्पादकों को भी बड़ा लाभ पहुंचाएगा। हरियाणा का स्वाद और दिल्ली की राजनीति दिल्ली और हरियाणा के बीच रिश्ते सिर्फ भौगोलिक नहीं, बल्कि स्वाद और राजनीति में भी गहरे हैं। पिछले साल दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान गोहाना (सोनीपत) के मशहूर मातूराम हलवाई की जलेबियां राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र रही थीं। अलग-अलग पार्टियों के नेताओं से लेकर आम मतदाता तक इस मिठाई के जिक्र से जुड़ते रहे। अब जब वीटा के लड्डू और पिन्नी दिल्ली के बाजार में उतरेंगे, तो माना जा रहा है कि हरियाणा की मिठास न सिर्फ थाली में बल्कि चुनावी चर्चाओं में भी जगह बना सकती है। क्या-क्या मिलेगा दिल्लीवासियों को डीएमएस के साथ सह-ब्रांडिंग में दिल्ली में वीटा के कई उत्पाद उपलब्ध होंगे। इनमें दही, पनीर, लस्सी, रबड़ी, मक्खन, काजू पिन्नी और देसी घी से बने बेसन लड्डू शामिल हैं। त्योहारों के सीजन में ये सभी उत्पाद दिल्ली दुग्ध योजना के 600 रिटेल प्वाइंट्स पर पहुंचेंगे। धीरे-धीरे सप्लाई को अन्य इलाकों तक भी बढ़ाया जाएगा। एनसीआर से होगी सप्लाई दही, लस्सी, पनीर और रबड़ी जैसे ताजे उत्पाद सीधे दिल्ली-एनसीआर स्थित वीटा प्लांट्स से सप्लाई होंगे। ट्रायल सप्लाई पहले ही शुरू हो चुकी है। लक्ष्य है कि त्योहारों से पहले बड़े पैमाने पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। डॉ. शर्मा ने कहा कि दीवाली पर जब दिल्लीवासी मिठाइयों का आनंद लेंगे, तो उनमें हरियाणा के देसी घी से बने बेसन लड्डू और काजू पिन्नी की भी मिठास होगी। यह सिर्फ कारोबार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और राजनीतिक जुड़ाव भी है। किसानों और उत्पादकों को लाभ इस साझेदारी से हरियाणा के किसानों और दुग्ध उत्पादकों को भी बड़ा फायदा होगा। दिल्ली जैसे विशाल बाजार में एंट्री से दूध की खपत बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह समझौता केवल कारोबारी लाभ नहीं, बल्कि दोनों राज्यों के बीच रिश्तों की मिठास को और गहरा करेगा। त्योहारों पर जब दिल्ली के लोग हरियाणा की लस्सी, पनीर, रबड़ी और लड्डुओं का स्वाद चखेंगे तो यह साझेदारी सांस्कृतिक जुड़ाव और राजनीतिक संवाद दोनों का हिस्सा बनेगी। अगले 15 दिन में शुगर फ्री दूध की लॉन्चिंग सहकारिता मंत्री ने बताया कि वीटा अगले 15 दिनों में शुगर फ्री बटर स्कॉच फ्लेवर्ड दूध लॉन्च करेगा। उन्होंने कहा कि यह उत्पाद मधुमेह पीड़ितों और कम मीठा पसंद करने वाले उपभोक्ताओं के लिए खास होगा। अभी वीटा इलायची, केसर, पिस्ता और बटर स्कॉच फ्लेवर में दूध की आपूर्ति कर रहा है। शुगर फ्री वेरिएंट जुड़ने से कंपनी का ग्राहक आधार और मजबूत होगा।

मिशन 2027 के लिए तैयार BSP, कांशीराम की पुण्यतिथि पर मायावती करेंगी बड़ी घोषणा

लखनऊ  बसपा सुप्रीमो मायावती मिशन-2027 को लेकर ऐक्शन मोड में हैं। कांशीराम की पुण्य की पुण्यतिथि पर 9 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने जा रही हैं। बसपा,सालों बाद इसमें अपनी ताक़त दिखाएगी। इस कार्यक्रम में मायावती के साथ आकाश आनंद भी रहेंगे। उन्होंने रविवार को पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में तैयारियों का जायज़ा लिया और इसे सफल बनाने के निर्देश दिया। मायावती ने ज़िला से लेकर बूथ स्तर की कमेटी के गठन को लेकर चलाये गये अभियान की गहन की। लगभग 80 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति पर संतोष व्यक्त करते हुये आगे बाकी बचे कार्यों के लिए नया निर्देश दिया।बैठक में बताया कि इस बार कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ के वीआईपी रोड पर स्थित कांशीराम जी स्मारक स्थल’ में श्रद्धा-सुमन कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें जिसमें वे ख़ुद शामिल होकर आगे की राजनीतिक चुनौतियों से संघर्ष के लिये रूपरेखा पर भी चर्चा करेंगी। मायावती ने कहा कि ख़ासकर विरोधी पार्टियों द्वारा अन्दर-अन्दर आपस में मिलकर तथा साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हर प्रकार के हथकण्डे अपनाकर बी.एस.पी. पार्टी, मूवमेन्ट तथा उसके आयरन लेडी नेतृत्व को कमजोर करने का षडयंत्र लगातार जारी है ताकि दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों पर आधारित बहुजन समाज के लोगों को अत्यन्त कठिनाई से मिले उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों से वंचित करके उन्हें लाचार और मजबूर बनाये रखा जाये तथा हर कीमत पर उन्हें शासक वर्ग बनने से रोका जाये तथा इस क्रम में उन्हें आगे बढ़ने का वैसा सुनहरा अवसर ना मिल पाये जैसाकि बी.एस.पी. की यूपी में बहनजी की रही सरकारों में सर्वसमाज के लोगों को आम तौर से तथा बहुजन समाज के लोगों को खास तौर से मिला था और प्रदेश के विकास के साथ-साथ उन सबकी तरक्की हुई थी। ट्रम्प टैरिफ नई चुनौती अमेरिका द्वारा थोपे गये भारी भरकम 50 प्रतिशत ’ट्रम्प टैरिफ’ के आतंक से उभरी नई चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मायावती ने कहा कि इससे सही से निपटने के लिए ख़ासकर भारत व सत्ताधारी पार्टी भाजपा को व्यापक जन व देशहित का ध्यान रखते हुये अपनी नीतियों व कार्यक्रमों में ठोस व भारी सुधारवादी रवैया अपनाने की ज़रूरत है, वरना देश के विशाल बहुजनों की गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, अशिक्षा, घरो से दूर पलायन की विवशता आदि की समस्यायें और भी जटिल होकर देश के मान-सम्मान को भी दुनिया में प्रभावित करेंगी, जिससे बचना बहुत ज़रूरी है।  

एशिया कप 2025: आकाश चोपड़ा की भविष्यवाणी – जानिए कौन करेगा ट्रॉफी अपने नाम

नई दिल्ली एशिया कप 2025 का आगाज 9 सितंबर से यूएई में होने जा रहा है। मेजबान यूएई और भारत के अलावा इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, ओमान और हॉन्ग-कॉन्ग की टीमें हिस्सा ले रही हैं। टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले क्रिकेट पंडित तरह-तरह की भविष्यवाणियां कर रहे हैं। इस कड़ी में पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज और मौजूदा एक्सपर्ट आकाश चोपड़ा ने टूर्नामेंट के विजेता उप-विजेता से लेकर हाईएस्ट रन स्कोरर और सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी को लेकर बड़ी भविष्यवाणी कर दी है। एशिया कप 2025 में इन 8 टीमों को 4-4 के ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप-ए में भारत-पाकिस्तान के साथ यूएई और ओमान है। वहीं ग्रुप-बी में श्रीलंका-अफगानिस्तान के साथ बांग्लादेश और हॉन्ग-कॉन्ग की टीमें हैं। आकाश चोपड़ा के अनुसार इस बार भी एशिया कप का खिताब टीम इंडिया ही जीतेगी, मगर फाइनल में श्रीलंका और पाकिस्तान जैसी बड़ी टीमें नहीं होगी, बल्कि भारत का खिताबी मुकाबले के लिए सामने अफगानिस्तान से होगा। अफगानिस्तान ने पिछले कुछ मल्टी नेशनल टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है। आकाश चोपड़ा का मानना है कि सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहेंगे, वहीं सबसे ज्यादा विकेट वरुण चक्रवर्ती चटकाएंगे। रही बात प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट की तो इसके लिए भी उन्होंने एक भारतीय खिलाड़ी चुना है। यह खिलाड़ी और कोई नहीं बल्कि स्टार हरफनमौला हार्दिक पांड्या है। बता दें, आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 को देखते हुए एशिया कप 2025 टी20 फॉर्मेट में खेला जा रहा है। यह मात्र तीसरा मौका है जब एशिया कप इस फॉर्मेट में खेला जाएगा। 2016 में पहली बार जब एशिया कप 20-20 ओवर का हुआ था तो एमएस धोनी की अगुवाई में टीम इंडिया चैंपियन बनी थी, वहीं दूसरी बार 2022 में श्रीलंका ने खिताब उठाया था। एशिया कप 2025 के लिए भारतीय स्क्वॉड- सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, संजू सैमसन (विकेटकीपर), हर्षित राणा और रिंकू सिंह। स्टैंडबाय खिलाड़ी: यशस्वी जयसवाल, प्रसिद्ध कृष्णा, वॉशिंगटन सुंदर, रियान पराग, ध्रुव जुरेल।