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नायब सरकार का बड़ा कदम: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शहीदों के नाम की जाएगी सम्मानित

चंडीगढ़ देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान करने वाले जवानों के सम्मान के लिए नायब सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा विभाग (स्कूल) प्रदेश के 75 स्कूलों का नामकरण जांबाज जवानों के नाम करेगा। बता दें कि हरियाणा में 17 सितंबर से दो अक्टूबर तक राज्यव्यापी सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा। इस पाक्षिक कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में सेवा की भावना को बढ़ावा देना और विकासात्मक पहलों को एक जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना है। यह स्कूल नए होंगे जो केवल गांव के नाम पर चल रहे हैं। पहले से स्कूल बलिदानियों के नाम उन्हें इसमें नहीं रखा जाना है। नामकरण के लिए लिस्ट शिक्षा विभाग की परामर्श जिला सैनिक कल्याण बोर्ड की ओर से तैयार कर शासन को भेजी जानी है। यह कार्य दस दिन के अंदर पूरा किया जाना है। आयोजन आरंभ होने से पहले ही स्कूलों का नामकरण बलिदानी के नाम पर करना है। इसके लिए शनिवार को प्रदेश के मुख्य सचिव ने अनुराग रस्तोगी ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में प्रतिदिन कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी हर रोज मुख्य कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे, जबकि सभी जिलों में मंत्री इस तरह के कार्यक्रमों की अगुवाई करेंगे। पूर्व सैनिकों की सक्रिय भागीदारी के साथ प्रदेशभर में प्लास्टिक मुक्त अभियान और व्यापक स्वच्छता अभियान शुरू चलेगा बता दें कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिवस है और दो अक्टूबर को राष्ट्रपिता महत्मा गांधी की जयंती है। शिक्षा विभाग स्कूलों और कॉलेजों में निबंध लेखन, वाद-विवाद, चित्रकला, रंगोली और नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिताएं होंगी। 

चप्पे-चप्पे पर नजर, रेलवे ने अगले तीन हफ्तों के लिए भीड़ प्रबंधन योजना बनाई

जबलपुर महाकुंभ के दौरान नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में भगदड़ की घटना के बाद रेलवे ने भीड़ प्रबंधन की सतत अग्रिम योजना पर काम शुरू कर दिया है। अब मंडल स्तर पर प्रत्येक तीन माह में कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके लिए रेल मंडल अगले तीन सप्ताह तक त्योहार, मेला और वीकेंड पर नजर रख रहे है। उन्हें ध्यान में रखकर स्टेशन एवं ट्रेन में भीड़ का अनुमान लगाया जा रहा है। यात्रियों की अतिरिक्त संख्या की आवाजाही को सुगम और सुरक्षित बनाने के उपाय तय किए जा रहे है। इस अचानक उमड़ने वाली भीड़ नियंत्रण की रिपोर्ट को प्रत्येक रेल मंडल के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। जिसे रेलवे बोर्ड को भी प्रेषित करना होगा। ताकि यात्री दबाव बढ़ने से स्टेशन पर अराजकता की स्थिति निर्मित होने से रोका जा सकें। अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए विशेष ट्रेन, यात्री विश्राम स्थल के विस्तार सहित अन्य वैकल्पिक सुविधाओं को पहले ही सुनिश्चित कर लिया जाए। आवश्यकता होने पर बोर्ड की ओर से अतिरिक्त ट्रेन कोच, रैक एवं मानव श्रम उपलब्ध कराया जाएगा।   स्थानीय मेला, आयोजन का मांगा ब्योरा रेलवे बोर्ड की ओर से अभी तक कुंभ जैसे बड़े आयोजन और दीपावली को लेकर अलग से तैयारी की जाती थी। जिसका दायरा बढ़ाते हुए अब स्थानीय स्तर पर होने वाले मेला और आयोजन में यात्री सुविधाओं को बोर्ड ने अपने अंतर्गत ले लिया है। प्रत्येक मंडल से भीड़ नियंत्रण को लेकर तीन सप्ताह की अग्रिम योजना प्रेषित करने का निर्देश दिया है। जिसमें मंडल को अपने क्षेत्र के अंतर्गत पर्यटक स्थल के साथ ही तीज, त्योहार, मेला, प्रस्तावित धार्मिक व अन्य आयोजन एवं वीकेंड पर बढ़ने यात्री दबाव का अनुमान बताना है। भीड़ की संभावना पर स्टेशन की व्यवस्था और ट्रेनों के सुगम परिचालन की कार्ययोजना प्रेषित करना है। कुंभ के दौरान अपनाए गए प्रबंधन को अपेक्षाकृत छोटे स्तर पर लागू करना है। यात्री दबाव पर करने है यह उपाय व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाना, सेंट्रल वॉर रूम बनाना। भीड़ रोकने स्टेशन के बाहर अस्थाई यात्री विश्राम स्थल का निर्माण। ट्रेन आने के आधा घंटा पूर्व कन्फर्म टिकट पर यात्री को प्लेटफॉर्म में प्रवेश। प्रवेश-निर्गम के अलग-अलग मार्ग। प्लेटफॉर्म टिकट विक्रय पर रोक। वीकेंड, त्योहार पर प्रतीक्षा सूची लंबी होने पर ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़ना। आवश्यकतानुसार स्थानीय स्तर पर मेला, त्योहार स्पेशल ट्रेन चलाना। स्टेशन के बाहर ट्रेनों के आने-जाने का समय बताने वाले बड़े डिस्प्ले बोर्ड। फुट ओवर ब्रिज, रैंप पर यात्रियों को रुकने न देना, भीड़ को चलायमान रखना। प्रमुख जंक्शन और स्टेशन चिह्नित पश्चिम मध्य रेल के अंतर्गत प्रदेश में अधिक यात्री दबाव वाले 12 प्रमुख स्टेशन है। जिस पर त्योहार एवं किसी विशेष अवसर पर भीड़ बढ़ती है। जबलपुर और भोपाल रेल मंडल आने वाले संबंधित स्टेशनों में इटारसी, कटनी, बीना और सतना प्रमुख रेल जंक्शन है। जबलपुर जंक्शन, भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति स्टेशन, मैहर और सागर को भी अवसर विशेष पर संबंधित रेल मंडल के भीड़ वाले स्टेशनों की सूची में शामिल किया है।  नवरात्र पर शारदा देवी दर्शन के लिए मैहर, हरे माधव परार्मा सत्संग समिति की ओर से माधव शाह बाबा के बर्शी मेले के दौरान कटनी और तब्लीग इज्तिमा के समय भोपाल रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। पश्चिम मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव के अनुसार विशेष अवसरों पर भीड़ के लिए अग्रिम कार्य योजना बनाई जा रही है। ताकि यात्रियों असुविधा न हो।

किसानों के लिए खुशखबरी! MP में तीन जगह बनेंगे Oil Seed Hub, बढ़ेगी पैदावार

ग्वालियर प्रदेश में खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए प्रयोग किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब प्रदेश के तीन जिले ऑयल सीड हब बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय से संबद्ध प्रदेश के तीन कृषि विज्ञान केन्द्रों में यह सीड हब स्थापित किए जाएंगे। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) ने इसके लिए साढ़े सात करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। ये हब अलीराजपुर, शिवपुरी और ग्वालियर में शुरू किए जाएंगे। फसलों के बीज तैयार किए जाएंगे सीड हब के जरिए किसानों को तिलहन फसलों के उन्नत बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। यहां मूंगफली, सरसों, तिल और सोयाबीन जैसी प्रमुख तिलहन फसलों के बीज तैयार किए जाएंगे। यह कदम किसानों को बेहतर पैदावार के साथ-साथ अतिरिक्त कमाई का भी जरिया बनेगा। मूंगफली का बढ़ रहा रकबा पिछले कुछ वर्षों में मालवा क्षेत्र के अलावा चंबल के शिवपुरी इलाके में भी किसानों ने मूंगफली की खेती शुरू कर दी है। यहां मूंगफली का रकबा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन मांग के अनुरूप बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहे। किसानों को मिलेगा फायदा ऐसे में नई किस्मों की मूंगफली बीज उत्पादन की दिशा में यह सीड हब किसानों की बड़ी जरूरत पूरी करेगा। अलीराजपुर में तिल सीड हब और ग्वालियर में सोयाबीन, सरसों, तिल और मूंगफली सीड हब बनेगा। सीड हब से किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण बीज मिलेंगे। इससे उनकी उपज बढ़ेगी और आय में भी इजाफा होगा। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल न केवल प्रदेश को तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने आयल सीड हब बनाने के लिए राशि मंजूरी कर दी है। यह हब किसानों के लिए फायदेमंद साबित होंगे। उन्हें बाजार से बीज नहीं खरीदना पड़ेगा इससे उनकी लागत कम होगी।   

गरीब बच्चों की शिक्षा खतरे में, ग्वालियर के प्राइवेट स्कूलों को दो साल से नहीं मिला फंड

ग्वालियर आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों में गरीब व वंचित वर्ग के बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश दिया जाता है। इन छात्रों की फीस शासन की ओर से स्कूलों को दी जाती है। जिले के प्राइवेट स्कूलों को आरटीई की फीस प्रतिपूर्ति दो साल से नहीं मिली है। प्राइवेट स्कूलों का शासन के पास करीब 20 करोड़ की राशि अटकी हुई है। ऐसे में आगामी समय में आरटीई के तहत स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों पर असर पड़ सकता है। आरटीई के तहत हर प्राइवेट स्कूल को अपने स्कूल की पहली कक्षा में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब व वंचित वर्ग के छात्रों काे प्रवेश देना होता है। इन छात्रों की फीस शासन स्तर से सीधे स्कूलों को दी जाती है। सत्र 2023-24 की प्रक्रिया पूरी, खातों में नहीं पहुंची राशि जिला शिक्षा केंद्र से सत्र 2023-24 की आरटीई फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 796 प्रपोजल बनाए गए और भुगतान के लिए राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल भेजे गए हैं। इन प्रपोजल की राशि करीब 11 करोड़ है। लेकिन राज्य शिक्षा केंद्र से इस सत्र की फीस प्रतिपूर्ति स्कूलों के खातों में नहीं पहुंची है। सत्र 2024-25 के भुगतान के लिए प्रकिया धीमी आरटीई के तहत 2024.25 के लिए फीस की प्रतिपूर्ति के लिए प्रक्रिया तो चल रही है, लेकिन अभी तक प्रपोजल सत्यापित नहीं हो पाए हैं। इस साल के लिए भी करीब 10 करोड़ की राशि प्राइवेट स्कूलों को मिलना है। प्रस्तावों का सत्यापन करने के लिए नोडल अफसरों की नियुक्ति न होने की वजह से प्रक्रिया काफी धीमी चल रही है। जबकि अब सत्र 2025-26 भी शुरू हो चुका है।   किस तरह होती है प्रक्रिया? राज्य सरकार निजी स्कूलों को उस बच्चे की फीस का भुगतान करती है जो आरटीई के तहत प्रवेश लेता है। यह राशि या तो स्कूल द्वारा ली जाने वाली वास्तविक फीस होती है या सरकारी स्कूल में प्रति बच्चे होने वाला खर्च होता है, जो भी कम हो, वही स्कूल को दिया जाता है। इसके लिए स्कूलों को अपने यहां पढ़ने वाले बच्चाें की फीस प्राप्त करने के लिए प्रपोजल बनाकर जिला शिक्षा कार्यालय देना होता है। प्रपोजल आने के बाद नोडल अधिकारी या दूसरे शब्दों में क्षेत्र के बीआरसी इन प्रपोजलों का सत्यापन करते हैं। सत्यापन होने के बाद ही प्रपोजल राज्य शिक्षा केंद्र भेजे जाते हैं। लेकिन वर्तमान में स्कूलों के प्रपोजलों का सत्यापन ही नहीं हो पा रहा है। क्या कहते हैं स्कूल संचालक? प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकरन सिंह भदौरिया का कहना है कि सरकार निजी स्कूलों से मान्यता या अन्य किसी चीज के लिए फीस जमा कराना हो तो करा लेती है और उसके लिए समय भी नहीं देती है। लेकिन जब स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति आदि देने की बात आती है तो ध्यान नहीं देती है। समय पर फीस प्रतिपूर्ति न होने से स्कूलों को आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ता है। इसका असर छात्रों की पढ़ाई की व्यवस्था पर भी पड़ता है। पंकज पाठक, एपीसी, जिला शिक्षा केंद्र, ग्वालियर ने बताया सत्र 2023-24 की प्रतिपूर्ति के लिए 796 प्रपोजल राज्य शिक्षा केंद्र को भेजे गए हैं। भुगतान राज्य शिक्षा केंद्र से ही स्कूलों के खातों में होना है। सत्र 2024-25 की फीस प्रतिपूर्ति के लिए प्रक्रिया चल रही है। 

नया टोल प्लाजा लॉन्च, रुकावट के बिना होगा सफर

नई दिल्ली  अगर आप टोल प्लाजा पर लंबे जाम से परेशान हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने देश का पहला 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (MLFF) टोल सिस्टम शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत अब टोल प्लाजा पर आपको रुकने या बैरियर पर इंतजार करने की ज़रूरत नहीं होगी। देश का पहला टोल प्लाजा NHAI की इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड ने ICICI बैंक के साथ मिलकर एक समझौता किया है। इसके तहत गुजरात के NH-48 पर स्थित चोरयासी टोल प्लाजा देश का पहला ऐसा टोल प्लाजा बनेगा, जहाँ बिना किसी रुकावट के टोल वसूला जाएगा। इसके अलावा, हरियाणा के NH-44 पर घरौंडा टोल प्लाजा में भी यह सिस्टम लागू किया जाएगा। क्या है यह नया सिस्टम? मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम एक ऐसी तकनीक है, जिसमें गाड़ी को टोल प्लाजा पर रुकने की ज़रूरत नहीं होती। हाई-टेक कैमरे: इस सिस्टम में खास तरह के RFID रीडर और ANPR कैमरे लगे होते हैं। ऑटोमैटिक टोल कलेक्शन: ये कैमरे आपकी गाड़ी के FASTag और रजिस्ट्रेशन नंबर को स्कैन करके अपने आप टोल काट लेते हैं। फायदे: इससे टोल प्लाजा पर लगने वाला जाम खत्म होगा, यात्रा का समय बचेगा, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण भी कम होगा। 25 टोल प्लाजा पर लागू होगी यह तकनीक NHAI ने बताया कि उनकी योजना है कि वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 25 टोल प्लाजा पर इस नई MLFF तकनीक को लागू किया जाएगा। NHAI के चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने इस समझौते को भारत की टोलिंग व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह तकनीक टोल वसूली को और भी पारदर्शी और सुविधाजनक बनाएगी।  

एमपी के 3 जिलों में बनेंगे ऑयल सीड हब, उत्पादन और रोजगार को मिलेगी रफ्तार

ग्वालियर प्रदेश के तीन जिलों- अलीराजपुर, शिवपुरी और ग्वालियर में आयल सीड हब स्थापित किए जाएंगे। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने इसके लिए साढ़े सात करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। सीड हब के जरिये किसानों को तिलहनी फसलों के उन्नत बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। यहां मूंगफली, सरसों, तिल और सोयाबीन जैसी प्रमुख तिलहन फसलों के बीज तैयार किए जाएंगे। यह कदम किसानों को बेहतर पैदावार के साथ-साथ अतिरिक्त कमाई का भी जरिया बनेगा। तीनों कृषि विज्ञान केंद्र राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। मूंगफली का बढ़ रहा रकबा पिछले कुछ वर्षों में मालवा क्षेत्र के अलावा चंबल के शिवपुरी इलाके में किसानों ने मूंगफली की खेती शुरू कर दी है। यहां मूंगफली का रकबा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन मांग के अनुरूप बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहे। ऐसे में नई किस्मों की मूंगफली बीज उत्पादन की दिशा में यह सीड हब किसानों की बड़ी जरूरत पूरी करेगा।   अलीराजपुर में तिल सीड हब और ग्वालियर में सोयाबीन, सरसों, तिल और मूंगफली सीड हब बनेगा। किसानों को ऐसे मिलेगा फायदा-सीड हब से किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण बीज मिलेंगे। इससे उनकी उपज बढ़ेगी और आय में भी इजाफा होगा। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल न केवल प्रदेश को तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगी।

01 सितम्बर सोमवार 2025, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन सामान्य रहेगा। यात्रा के योग बनेंगे। निवेश सोच-समझकर ही करें। धन-दौलत में वृद्धि के योग बनेंगे। प्रोफेशनल लाइफ में वातावरण अनुकूल रहेगा। नई प्रॉपर्टी या वाहन की खरीदारी के योग बनेंगे। आज साथी से अपनी फीलिंग्स को शेयर करने में संकोच न करें। इससे रिश्तों में प्यार और रोमांस बरकरार रहेगा। कुछ लोगों के रिलेशनशिप में एक्स-लवर की वापसी होगी। लेकिन मैरिड लोग ऐसा न करें। इससे वैवाहिक जीवन में दिक्कतें बढ़ सकती हैं। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। आज आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। विभिन्न स्त्रोतों से धन लाभ होगा। करियर में नए मौके मिलेंगे। वेकेशन का प्लान बना सकते हैं। नौकरी और व्यापार में लाभ होगा। मेहनत का फल मिलेगा। विद्यार्थियों को शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन सामान्य रहेगा। शैक्षिक कार्यों में सुखद परिणाम मिलेंगे। सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। कार्यस्थल में काम का तनाव रहेगा। निवेश के नए विकल्पों पर नजर रखें। आज सोच-समझकर किए गए निवेशों से भविष्य में अच्छा रिटर्न मिलेगा। आज के दिन वाद-विवाद से दूर रहें। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। लाभ के कई अवसर मिलेंगे। ऑफिस में मान-सम्मान बढ़ेगा। हर कार्य में सफलता मिलेगी। परिवार के साथ अधिक समय व्यतीत करेंगे। करियर में सफलता मिलेगी। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नई प्रॉपर्टी या वाहन की खरीदारी करेंगे। आज आप आनंददायक जीवन गुजारेंगे। सिंह राशि- सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। परिवार का सपोर्ट मिलेगा। भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। नई प्रॉपर्टी खरीदने के योग भी हैं। परिजनों के साथ मौज-मस्ती भरे पलों को एंजॉय करेंगे। नौकरीपेशा वालों का प्रमोशन या अप्रेजल हो सकता है। प्रोफेशनल लाइफ में नई उपलब्धियां हासिल होगी। कार्यों के मनचाहे परिणाम मिलेंगे। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को आज थोड़ा सावधान रहने की आवश्यकता है। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। धन का खर्च सोच-समझकर ही करें। नौकरी और व्यापार में किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें। बिजनेस डील साइन करने से पहले डॉक्यूमेंट्स को अच्छे पढ़ लें, वरना नुकसान हो सकता है। लव लाइफ में साथी की प्राइवेसी का ध्यान रखें और उन्हें थोड़ा पर्सनल स्पेस दें। तुला राशि- तुला राशि वालों को मिलेजुले परिणाम मिलेंगे। इस समय अपना विशेष ध्यान रखें। धन खर्च सोच-समझकर ही करें। आज पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। उनसे अपनी फीलिंग्स शेयर करें। लेकिन पास्ट इश्यूज को ज्यादा डिस्कस न करें और साथी से ऐसी बात का जिक्र न करें, जिससे रिश्तों में मनमुटाव बढ़े। करियर में भी काम का तनाव रह सकता है। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन वरदान के समान साबित होगा। आज ऑफिस में आपकी क्रिएटिविटी और लीडरशिप स्किल की प्रशंसा होगी। आज धन लाभ के योग भी बन रहे हैं। भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। प्रोफेशनल लाइफ अच्छी रहेगी। नौकरी में प्रमोशन या अप्रेजल के चांसेस बढ़ेंगे। धनु राशि- धनु राशि वालों को आज महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी मिलेगी। दिन सुखद रहेगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। प्रोफेशनल लाइफ में क्रिएटिविटी और इनोवेटिव आइडियाज के साथ किए गए कार्यों के अच्छे रिजल्ट मिलेंगे। लव लाइफ के रोमांचक पलों को एंजॉय करेंगे। मकर राशि- मकर राशि वालों के दिन सामान्य रहेगा। ऑफिस में नए कार्य कि जिम्मेदारी मिलेगी। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धि हासिल होगी। फैमिली या फ्रेंड्स के साथ कहीं घूमने का प्लान बना सकते हैं। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसला लें। बिना रिसर्च किए इनवेस्ट न करें, वरना नुकसान हो सकता है। आय में वृद्धि के नए विकल्पों की तलाश करें। इससे आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के जीवन में आज बड़े बदलाव हो सकते हैं। प्रोफेशनल लाइफ में नए अवसर मिलेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। कानूनी मामलों में जीत हासिल होगी। फैमिली के साथ ट्रिप का प्लान बना सकते हैं। आज आपको फैमिली का सपोर्ट मिलेगा। करियर की बाधाओं से मुक्ति मिलेगी। लव लाइफ में प्यार और रोमांस बढ़ेगा। मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए दिन शुभ रहेगा। सभी सपने साकार होंगे। रुके हुए कार्य चल पड़ेंगे। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। ऑफिस में आपकी परफॉर्मेंस शानदार रहेगी। जीवन में ऊर्जा और उत्साह भरपूर होगा। आय के नए साधनों से धन लाभ होगा। आज आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। लव लाइफ भी अच्छी रहेगी।

शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन मीटिंग के लिए चीन गए पीएम मोदी ने मुइज्जू से भी की मुलाकात

तियानजिन  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन (SCO) के लिए चीन के तियानजिन में हैं। यहां उनकी रविवार को मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई। वहीं, शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू से भी मिले। भारत और मालदीव के बीच कुछ महीनों से संबंधों में सुधार आया है। पीएम मोदी ने मुइज्जू से मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की है। इसमें मोदी और मुइज्जू हाथ मिलाते हुए देखे जा रहे हैं। मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने कहा, ''तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू से बातचीत की। मालदीव के साथ भारत का विकासात्मक सहयोग हमारे लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी है।'' मुइज्जू के मालदीव का राष्ट्रपति बनने के बाद से भारत और मालदीव के बीच संबंधों में दरार आ गई थी। मुइज्जू ने इंडिया आउट का नारा देते हुए चुनाव जीता था और राष्ट्रपति बनने के बाद ही भारतीय सेना को अपने देश से बाहर कर दिया था। इसके बाद वह चीन के नजदीक जाने की कोशिश में लग गया था। मुइज्जू ने शी जिनपिंग से चीन जाकर मुलाकात भी की थी और 20 समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद उनके मंत्रालय के मंत्रियों द्वारा दिए गए भारत विरोधी बयान से दोनों देशों के संबंध खराब हो गए थे। हालांकि, भारतीय पर्यटकों के बॉयकॉट से आर्थिक नुकसान झेलने के बाद मुइज्जू को भारत की अहमियत समझ आने लगी। मोदी के तीसरी बार पीएम बनने के बाद वह भारत से संबंध ठीक करने में लग गया। पहले मुइज्जू पीएम मोदी के शपथग्रहण समारोह में भारत आए और फिर कुछ समय पहले ही पीएम मोदी ने भी मालदीव की यात्रा की। अब दोनों देशों के बीच संबंध फिर से पटरी पर लौट आए हैं।  

शारदा भवानी मंदिर कश्मीर में तीन दशकों बाद फिर हुआ उद्घाटित, स्थानीय मुस्लिमों का सम्मानजनक बयान

श्रीनगर  कश्मीरी पंडित समुदाय ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में शारदा भवानी मंदिर को तीन दशकों से भी ज्यादा समय बाद फिर से खोल दिया। इस समारोह में स्थानीय मुस्लिम समुदाय की भारी भागीदारी रही। मध्य कश्मीर जिले के इचकूट गांव में 'मुहूर्त' और 'प्राण प्रतिष्ठा' के साथ आयोजित इस समारोह में कश्मीरी पंडित परिवारों का एक ग्रुप 1990 के दशक की शुरुआत में कश्मीर घाटी में उग्रवाद भड़कने के बाद पहली बार अपने पैतृक स्थान पर लौटा। इस दौरान एक मुस्लिम बुजुर्ग ने कहा कि कश्मीर घाटी कश्मीरी पंडितों की जन्मभूमि है और दोनों समुदाय साथ-साथ पले-बढ़े हैं। बडगाम स्थित शारदा स्थापना समुदाय के अध्यक्ष सुनील कुमार भट्ट ने कहा, "हम कह सकते हैं कि यह पाकिस्तान स्थित शारदा माता मंदिर की एक शाखा है। हम लंबे समय से इस मंदिर को फिर से खोलना चाहते थे। स्थानीय मुसलमान भी यही चाहते थे। वे हमें नियमित रूप से आकर मंदिर की पुनर्स्थापना करने के लिए कहते थे।" उन्होंने कहा कि पंडित समुदाय ने 35 साल बाद मंदिर को फिर से खोला है। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि यह (सभा) एक वार्षिक आयोजन होगा और हम माता रानी से प्रार्थना करते हैं कि समुदाय के सदस्य जल्द ही कश्मीर लौट आएं।" भट्ट ने कहा कि कुछ कश्मीरी पंडितों ने, जिनमें से ज्यादातर प्रधानमंत्री पैकेज के तहत काम कर रहे हैं, मंदिर का पुनर्निर्माण किया है और पुराने मंदिर के खंडहर हो जाने के कारण, उन्होंने जिला प्रशासन से एक नए मंदिर के निर्माण के लिए संपर्क किया है। उन्होंने कहा, "हम निर्माण की योजना बना रहे हैं। हमने वहां एक शिवलिंग स्थापित किया है जो हमें इस जगह की सफाई और जीर्णोद्धार के दौरान मिला था।" समारोह में घाटी की प्रसिद्ध मिश्रित संस्कृति की झलक दिखाई दी क्योंकि स्थानीय मुसलमान भी इस समारोह में शामिल हुए। भट्ट ने कहा, "स्थानीय समुदाय के बिना, यह संभव नहीं होता।" उन्होंने आगे कहा कि उनका समर्थन बहुत बड़ा है। उन्होंने कहा, "जब हम यहां आए थे, तब हम सिर्फ चार लोग थे। आज पूरा गांव हमारे साथ है। यह स्थानीय समुदाय के समर्थन को दर्शाता है।" एक बुज़ुर्ग स्थानीय मुसलमान ने कहा कि पंडित समुदाय का अपनी जड़ों की ओर लौटने पर हार्दिक स्वागत है। उन्होंने कहा, "ये लोग इसी गांव के निवासी हैं। हालात बिगड़ने से पहले हम साथ रहते और खाते-पीते थे। अगर उन्हें किसी चीज की जरूरत होती है, तो हम उनकी मदद के लिए मौजूद हैं।" उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी पंडितों की 'जन्मभूमि' है और दोनों समुदायों के लोग साथ-साथ पले-बढ़े हैं। उन्होंने कहा, "हम साथ बिताए पलों को कैसे भूल सकते हैं? हमें खुशी है कि वे यहां आए और प्रार्थना की। यह उनकी आस्था का मामला है।"  

धौलीगंगा बिजली परियोजना में संकट, भूस्खलन के बाद सुरंगों में 19 कर्मचारी फंसे

पिथौरागढ़ उत्तराखंड में फिर एक बड़ा हादसा हुआ है। पिथौरागढ़ में धौलीगंगा बिजली परियोजना की सामान्य एवं इमरजेंसी सुरंगों में भूस्खलन के कारण एनएचपीसी के 19 कर्मचारी फंस गए हैं। भूस्खलन से पॉवर हाउस का रास्ता बंद हो गया है। धारचूला के उप-जिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा ने बताया कि भूस्खलन के कारण भारी मलबा जमा हो गया है। मलबा हटाने के लिए मशीनें लगाई गई हैं। शाम तक रास्ता साफ होने की उम्मीद है। फिर सभी कर्मचारी बाहर आ सकेंगे। अधिकारी ने बताया कि भूस्खलन से नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पॉवर कॉर्पोरेशन (NHPC) के 19 कर्मी पॉवर हाउस में फंस गए हैं। भूस्खलन भारी बारिश के कारण हुआ है। धारचूला के पास ईलागढ़ क्षेत्र में धौलीगंगा बिजली परियोजना की सामान्य और आपातकालीन सुरंगों की ओर जाने वाला रास्ता बंद हो गया है। मलबा गिर रहा है। फिर भी सीमा सड़क संगठन की जेसीबी मशीनों रास्ता साफ करने के काम में जुटी हैं। धारचूला के उप-जिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा ने आगे कहा कि सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। ये कर्मचारी बिजली घर का रास्ता खुलने के बाद बाहर आ जाएंगे। विद्युत परियोजना से बिजली उत्पादन का काम सामान्य रूप से जारी है। भूस्खलन की घटना धौलीगंगा पॉवर स्टेशन के मुहाने पर हुई है। डरने या किसी प्रकार के घबराने की बात नहीं है। जेसीबी मशीनों से मलबा हटाने का काम जारी है। फिलहाल सबकुछ सामान्य रूप से चल रहा है। पिथौरागढ़ की पुलिस अधीक्षक (SP) रेखा यादव ने बताया कि मजदूर फंसे हैं। बड़े-बड़े पत्थरों ने सुरंग के मुहाने को बंद कर दिया है। JCB मशीनों को मौके पर भेजा गया है। फंसे मजदूर और कर्मचारी कंपनी और स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में बने हुए हैं। कर्मचारियों के पास अंदर खाने-पीने का सामान भी काफी है। वहीं धारचूला के उप-जिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा ने कहा कि चिंता की बात नहीं है। उम्मीद है कि रास्ता जल्द साफ कर दिया जाए। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन की JCB मशीनों भी काम में जुटी हैं।