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छत्तीसगढ़ कैबिनेट विस्तार: कल हो सकता है तीन मंत्रियों का शपथ ग्रहण

रायपुर  इंतजार की घड़ियां खत्म होने वाली हैं। जल्द ही छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल का विस्तार होने वाला है। संभवत: कल यानी बुधवार को साय कैबिनेट का विस्तार हो सकता है। सीएम विष्णुदेव साय ने इस संबंध में पहले ही संकेत दिये थे। वहीं बीजेपी हाईकमान से भी हरी झंडी मिल चुकी है। ऐसे में प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शपथ ग्रहण समारोह के लिए छत्तीसगढ़ मंडपम में तैयारियां शुरू हो गई हैं। सियासी गलियारे में इस बात की चर्चा है कि 21 अगस्त से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। तीन नये मंत्री बनाये जा सकते हैं। साय मंत्रिमंडल का विस्तार करीब-करीब तय हो गया है। दुर्ग संभाग से दुर्ग विधायक विधायक गजेंद्र यादव, सरगुजा संभाग से अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल और रायपुर संभाग से आरंग विधायक और सतनामी समाज के गुरु खुशवंत साहेब नए मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। हाल ही में सीएम साय ने मीडिया से चर्चा में कहा था कि इंतजार करिए, जल्द ही विस्तार होगा। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार उनके विदेश दौरे से पहले भी हो भी सकता है। सीएम साय 22 अगस्त से पहले विदेश दौरे पर जा रहे हैं। बता दें कि सीएम साय ने हाल ही में दिल्ली से आने के बाद संकेत दिया था कि इंतजार खत्म होने वाला है।  CM के विदेश दौरे से पहले शपथ ग्रहण की तैयारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 21 अगस्त को जापान और दक्षिण कोरिया के दौरे पर रवाना होंगे। इससे पहले शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी चल रही है। मंत्रिमंडल विस्तार पर सीएम साय ने कहा था कि इंतजार करते रहिए, हो सकता है। बीजेपी में इस फॉर्मूले की चर्चा बीजेपी संगठन के नेताओं के अनुसार, सामाजिक और भौगोलिक संतुलन को प्राथमिक महत्व दिया जाएगा। माना जा रहा है कि एक मंत्री सामान्य वर्ग से, दूसरा अनुसूचित जनजाति वर्ग से और तीसरा पिछड़ा वर्ग से लिया जा सकता है। इसी के साथ बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग संभाग से एक-एक मंत्री बनाए जाने की बात कही जा रही है। कैबिनेट में तीन नए चेहरे जुड़ेंगे बीजेपी संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, संगठन विस्तार के दौरान तीन नेताओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसमें सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी। अनुमान है कि एक मंत्री सामान्य वर्ग से, दूसरा अनुसूचित जनजाति से और तीसरा पिछड़ा वर्ग से चुना जा सकता है। ये हैं संभावित नाम     दुर्ग संभाग से विधायक गजेंद्र यादव     सरगुजा संभाग से अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल      रायपुर संभाग से आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। बड़ी बात ये है कि ये तीनों विधायक कभी भी मंत्री नहीं रहे हैं। पहली बार मंत्री बन सकते हैं।  फेरबदल हुआ तो ये नाम भी संभावित यदि उपरोक्त नामों में कुछ फेरबदल हुआ तो अमर अग्रवाल बिलासपुर संभाग से, राजेश मूणत रायपुर संभाग से, अजय चंद्राकर रायपुर संभाग से, किरण सिंहदेव बस्तर संभाग से नये मंत्री हो बन सकते हैं। हरियाणा की तर्ज पर हो सकता है साय कैबिनेट का विस्तार हरियाणा की विधानसभा में भी 90 विधायक हैं। हरियाणा में बीजेपी सरकार में मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री हैं। लिहाजा, हरियाणा के फॉर्मूले को छत्तीसगढ़ में भी लागू करते हुए 3 और मंत्री बनाए जा सकते हैं। हालांकि, छत्तीसगढ़ में राज्य बनने के बाद से 13 मंत्री ही बनते आए हैं, जबकि नियम के तहत विधयकों की संख्या के 15 प्रतिशत ही मंत्री बन सकते है। इस नियम के तहत 90 विधायकों में 13।5 मंत्री बन सकते हैं। इसलिए मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री भी हो सकते हैं। इन नामों पर चल रही चर्चा वहीं अगर नामों की बात करें तो दुर्ग विधायक गजेन्द्र यादव, रायपुर आरंग विधायक गुरु खुशवंत, बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल का नाम चर्चा में है. वहीं गोमती साय, पुरंदर मिश्रा के अलावा बस्तर से विक्रम उसेंडी, लता उसेंडी और नीलकंठ टेकाम के नाम भी चर्चा में है. मंथन का दौर चल रहा है. नामों पर एक राय बनाने की कोशिश जारी है. अब देखना होगा सरकार किन पर मुहर लगाती है. पुराने मंत्रियों की कुर्सी सुरक्षित बीजेपी संगठन के अनुसार, नए मंत्रियों की कैबिनेट में एंट्री होगी, लेकिन मौजूदा मंत्रियों के विभाग या पद में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसका मतलब है कि वर्तमान टीम से किसी को बाहर नहीं किया जाएगा। हालांकि पिछले कुछ समय से राजनीतिक हलकों में लक्ष्मी राजवाड़े, दयालदास बघेल और टंकराम वर्मा को लेकर अटकलें चल रही थीं, लेकिन अब ऐसे संकेत दिखाई नहीं दे रहे हैं। क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण के आधार पर होगा मंत्रिमंडल का विस्तार साय कैबिनेट में अभी मुख्यमंत्री समेत 11 मंत्री हैं। सबसे ज्यादा सरगुजा संभाग से मंत्री हैं। रायपुर दुर्ग और बस्तर संभाग से मात्र एक-एक मंत्री हैं। इसलिए रायपुर से राजेश मूणत और अजय चंद्राकर का नाम चर्चा में है। वहीं, बस्तर से केदार कश्यप अकेले मंत्री हैं, ऐसे में बस्तर से प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव का नाम भी सामने आ रहा है। बिलासपुर से रमन सरकार में मंत्री रहे अमर अग्रवाल का नाम चर्चा में है। इसके अलावा यादव समाज को प्रतिनिधित्व देने दुर्ग से गजेंद्र यादव, रायपुर से बीजेपी विधायक खूशवंत साहेब के नाम की चर्चा भी तेज है। साय कैबिनेट में मुख्यमंत्री सेत 12 मंत्री थे, लेकिन लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से मुख्यमंत्री साय 10 मंत्रियों के साथ काम कर रहे हैं। साय कैबिनेट के वर्तमान में मंत्री 1 विष्णुदेव साय,  मुख्यमंत्री 2 अरुण साव, उप मुख्यमंत्री 3 विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री 4 ओपी चौधरी, वित्त मंत्री 5 मंत्री केदार कश्यप, वन मंत्री 6 दयाल दास बघेल, खाद्य मंत्री 7 टंकराम वर्मा, खेल मंत्री 8 लखन लाल देवांगन, उद्योग मंत्री 9 श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री  10 रामविचार नेताम, आदिम जाति कल्याण मंत्री 11 लक्ष्मी राजवाड़े, महिला बाल विकास मंत्री संसदीय सचिवों की नियुक्ति पर भी लग सकती है मुहर अगस्त महीने में ही बीजेपी संसदीय सचिव और रिक्त निगम मंडल के अध्यक्षों की भी नियुक्त कर सकती है। इस नियुक्ति में सीनियर और जूनियर का औसत देखने को … Read more

बारिश का कहर जारी, बादल फटने से जनजीवन अस्त-व्यस्त, बहा पुल और दुकानें

हिमाचल प्रदेश  हिमाचल प्रदेश में मॉनसून ने जमकर तबाही मचाई हुई है। अब राज्य के कुल्लू जिले की लग घाटी में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस घटना में तीन दुकानें, एक पुल और बाग-बगीचे बह गए हैं। इस आपदा के बाद कुल्लू और बंजार में सभी स्कूल और कॉलेज बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। कनौण गांव में हुआ भारी नुकसान सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक स्थानीय निवासी ने बताया कि कनौण गांव में बूबू नाले पर बना पुल पूरी तरह बह गया है और वहां मौजूद तीन दुकानों का नामोनिशान तक मिट गया है। बादल फटने से न सिर्फ दुकानें बल्कि खेत और फसलें भी तबाह हो गई हैं। 2 नेशनल हाईवे समेत 389 सड़कें बंद रिपोर्ट के मुताबिक हिमाचल के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। राज्य में कुल 389 सड़कें बंद हो गई हैं जिनमें 2 नेशनल हाईवे भी शामिल हैं। इसके अलावा कई इलाकों में बिजली और पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। इस मॉनसून सीजन में हिमाचल में बादल फटने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ दिन पहले किन्नौर में भी बादल फटा था जहां आईटीबीपी की 17वीं बटालियन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 413 से ज़्यादा तीर्थयात्रियों की जान बचाई थी।  

इस एक्सप्रेस के समय-सारणी में हुआ बदलाव, रेल यात्रियों के लिए अहम खबर

फिरोजपुर रेलवे द्वारा ट्रेन संख्या 12484/12483 अमृतसर-तिरुवनंतपुरम-अमृतसर एक्सप्रेस (साप्ताहिक) का संचालन दिनांक 21.10.2025 से गैर-मानसून समय सारणी के अनुसार करने का निर्णय लिया है। ट्रेन संख्या 12484 (अमृतसर-तिरुवनंतपुरम एक्सप्रेस) अमृतसर से प्रत्येक रविवार को सुबह 05:55 बजे प्रस्थान करेगी और एक दिन बाद मंगलवार को 12:30 बजे तिरुवनंतपुरम नॉर्थ पहुंचेगी। ट्रेन संख्या 12483 (तिरुवनंतपुरम-अमृतसर एक्सप्रेस) तिरुवनंतपुरम नॉर्थ से प्रत्येक बुधवार को सुबह 09:10 बजे प्रस्थान करेगी और एक दिन बाद शुक्रवार को 13:50 बजे अमृतसर पहुंचेगी। प्रमुख ठहराव (दोनों दिशाओं में) पनवेल, रोहा, चिपलून, रत्नागिरी, मडगांव, उडुपी, टोकुर तथा मंगलुरु। परमदीप सिंह सैनी वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उत्तर रेलवे फिरोजपुर ने यात्रियों से अनुरोध है कि वह यात्रा से पूर्व अपने गंतव्य के लिए समय-सारणी की अधतन जानकारी प्राप्त कर यात्रा की योजना बनाएं।

23 अगस्त को हमीरपुर में सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर पदों के लिए इंटरव्यू

हमीरपुर एसआईएस इंडिया लिमिटेड आरटीए हमीरपुर द्वारा सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर के 70 पदों पर भर्ती के लिए 23 अगस्त को सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक जिला रोजगार कार्यालय हमीरपुर में साक्षात्कार लिए जाएंगे। जिला रोजगार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि इन पदों के लिए 19 वर्ष से 40 वर्ष तक के पुरुष उम्मीदवार भर्ती किए जाएंगे। दसवीं फेल या दसवीं पास अथवा इससे अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले उम्मीदवार, जिनकी लंबाई कम से कम 168 सेंटीमीटर और वजन 54 से 95 किलोग्राम के बीच हो, इन पदों के लिए पात्र हैं। चयनित उम्मीदवारों को मौके पर ही ऑफर लैटर प्रदान किए जाएंगे तथा उन्हें 17,500 रुपये से लेकर 22 हजार रुपये तक मासिक वेतन एवं अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।   जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि अगर कोई युवा उपरोक्त योग्यता रखता है और उसका नाम किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है तो वह अपने मूल प्रमाण पत्रों तथा हिमाचली प्रमाण पत्र के साथ साक्षात्कार में भाग ले सकता है। भर्ती के संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-222318 या कंपनी के मोबाइल नंबर 85580-62252 पर भी संपर्क किया जा सकता है। 

मुख्यमंत्री साय ने इंद्रावती भवन नया रायपुर में पंजाब नेशनल बैंक की नई शाखा का किया शुभारंभ

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन परिसर में पंजाब नेशनल बैंक की नई शाखा, एटीएम और डिपॉजिट मशीन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने विभागाध्यक्ष कार्यालय इंद्रावती भवन के कर्मचारियों, नवा रायपुर के आसपास निवासरत नागरिकों तथा बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दीं।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पहले योजनाओं की राशि का वितरण नगद रूप में किया जाता था, जिससे लीकेज की समस्या बनी रहती थी, लेकिन अब बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हितग्राहियों तक राशि सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुँच रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापना के साथ-साथ बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार भी तीव्र गति से हो रहा है। सरगुजा और बस्तर अंचल के दूरस्थ गाँवों में बैंक शाखाओं की स्थापना से सरकार का “अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधा पहुँचाने” का संकल्प साकार हो रहा है। वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में गुड गवर्नेंस की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। आने वाले समय में प्रदेश के बैंकिंग सेक्टर और अर्थव्यवस्था के लिए अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और उन्होंने बैंकों से भी इस दिशा में अपनी सक्रिय व प्रभावी भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल और पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक श्री अशोक चंद्र सहित अन्य अधिकारीगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

श्रद्धालुओं की उम्मीदों पर पानी, इस साल नहीं होगी किन्नर कैलाश यात्रा

हिमाचल  खराब मौसम के चलते इस साल की किन्नर कैलाश यात्रा रद्द कर दी गई है। यह फैसला लगातार हो रही बारिश, भूस्खलन और रास्तों की खराब स्थिति को देखते हुए लिया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है। इस यात्रा में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। यात्रा काफी कठिन मानी जाती है क्योंकि इसमें ऊंचे पहाड़ों और खतरनाक रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। लेकिन इस साल मौसम की अप्रत्याशित स्थिति ने यात्रा को असंभव बना दिया है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि रास्तों पर कई जगह भूस्खलन हुआ है, जिससे आगे बढ़ना जोखिम भरा हो गया है। इसके अलावा, अचानक बाढ़ और चट्टानें गिरने का भी खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा करने का प्रयास न करें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। यह निर्णय सभी की भलाई के लिए लिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

भारत-चीन रिश्तों में नया मोड़, वांग यी बोले- भारत को प्रतिद्वंद्वी नहीं, सहयोगी मानें

चीन  चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि भारत-चीन संबंध में सहयोग की ओर लौटने की दिशा में सकारात्मक रुझान दिख रहे हैं। यी ने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों को एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी के रूप में नहीं बल्कि साझेदार के रूप में देखना चाहिए। आधिकारिक मीडिया ने मंगलवार को अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। खबर के अनुसार सोमवार को नयी दिल्ली पहुंचे वांग ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक के दौरान यह टिप्पणी की। उनकी यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन की प्रस्तावित यात्रा से पहले हुई है। बैठक में वांग ने जयशंकर से कहा कि चीन-भारत संबंध में सहयोग की ओर लौटने की दिशा में सकारात्मक रुझान दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष चीन और भारत के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के 75 साल पूरे हुए हैं और अतीत से सबक सीखा जा सकता है। उनका यह बयान पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के बाद चार साल से अधिक समय में संबंधों में आई दरार की ओर स्पष्ट संकेत था। सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ' ने बताया कि उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के लिए सही रणनीतिक धारणा रखना, एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी या खतरे के बजाय साझेदार और अवसर के रूप में देखना तथा विकास एवं पुनरुद्धार में अपने बहुमूल्य संसाधनों का निवेश करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को प्रमुख पड़ोसी देशों के लिए आपसी सम्मान और विश्वास के साथ सह-अस्तित्व, साझा विकास और अनुकूल सहयोग हासिल करने के सही तरीके तलाशने चाहिए।   वांग ने कहा कि चीन मैत्री, ईमानदारी, परस्पर लाभ और समावेशिता के सिद्धांतों को कायम रखने और भारत सहित पड़ोसी देशों के साथ मिलकर एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित, समृद्ध, खूबसूरत और मैत्रीपूर्ण क्षेत्र बनाने के लिए काम करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को भरोसा करना चाहिए, एक दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, बाधाओं को दूर करना चाहिए, सहयोग का विस्तार करना चाहिए। खबर के अनुसार, वांग और जयशंकर के बीच बातचीत के बाद दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखने पर सहमत हुए। अमेरिका की परोक्ष रूप से आलोचना करते हुए वांग ने कहा कि दुनिया बदल रही है और एकतरफा धमकाने की प्रथा बढ़ गई है, जिससे स्थिति तेजी से बदल रही है।   

योगी सरकार का डिजिटल अभियान: एआई के जरिए लागू होंगी कल्याण योजनाएं

लखनऊ  योगी सरकार ने समाज कल्याण योजनाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और गड़बड़ी-मुक्त बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की शक्ति का उपयोग करने की तैयारी में है। समाज कल्याण विभाग वृद्धावस्था पेंशन, पारिवारिक लाभ, छात्रवृत्ति और सामूहिक विवाह जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की निगरानी को तकनीकी रूप से सशक्त करने की दिशा में कदम बढ़ाने जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य न केवल योजनाओं को सही लाभार्थियों तक पहुंचाना है, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पेपरलेस, तेज और जवाबदेह बनाना भी है। योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितताओं से निपटने के लिए समाज कल्याण विभाग एआई-आधारित निगरानी तंत्र को अपनाने पर विचार कर रहा है। पिछले दिनों समाज कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण की मौजूदगी में 'एआई का समाज कल्याण की योजनाओं में उपयोग' विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन भी किया गया। इस तकनीक के माध्यम से डाटा सत्यापन, लाभार्थियों की पहचान और योजनाओं के कार्यान्वयन में सटीकता सुनिश्चित की जाएगी। इससे न केवल गड़बड़ियों पर अंकुश लगेगा, बल्कि योजनाओं का लाभ वास्तविक हकदारों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचेगा। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, वृद्धा पेंशन जैसी योजनाओं में पारदर्शिता और सुगमता लाने के लिए पहले ही ऑनलाइन मॉनिटरिंग को मजबूत किया गया है। छात्रवृत्ति योजना में विद्यार्थियों को बार-बार पंजीकरण की जटिल प्रक्रिया से गुजरना नहीं पड़ेगा, क्योंकि विभाग ने वन टाइम रजिस्ट्रेशन नंबर की व्यवस्था लागू की है। यह नई प्रणाली न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि पात्रों को बिना किसी रुकावट के योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करेगी। एआई के उपयोग से इस प्रक्रिया में और अधिक सटीकता आएगी, जिससे फर्जी आवेदनों पर लगाम लगेगी और पात्रों को त्वरित लाभ मिलेगा। यही नहीं, डाटा विश्लेषण के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल वास्तविक लाभार्थी ही योजना का लाभ उठा सकें। एआई-आधारित सत्यापन प्रणाली से आवेदनों की जांच तेजी से होगी और फर्जी आवेदनों को तुरंत पकड़ा जा सकेगा। योगी सरकार की इस पहल से समाज कल्याण विभाग की योजनाएं डिजिटल युग में एक नया मुकाम हासिल करेंगी। पेपरलेस कार्यप्रणाली को अपनाने से न केवल कागजी कार्रवाई कम होगी, बल्कि योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी आएगी। एआई तकनीक के उपयोग से डाटा प्रबंधन, लाभार्थी सत्यापन और योजना निगरानी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। इससे न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाएं सुगम होंगी, बल्कि जनता का विश्वास भी सरकार पर बढ़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। एआई-आधारित निगरानी तंत्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। समाज कल्याण विभाग जल्द ही इसकी विस्तृत कार्ययोजना को अंतिम रूप देगा।

यूके में शर्मनाक घटना, दो बुजुर्ग सिख बने नस्लीय हिंसा का शिकार

लंदन  ब्रिटेन में वॉल्वरहैम्प्टन रेलवे स्टेशन  के पास एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां तीन युवकों ने दो बुजुर्ग सिखों पर हमला कर दिया। इस दौरान उनकी पगड़ी भी जबरन उतारी गई। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया, लेकिन बाद में उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीनों युवकों ने अचानक बुजुर्ग सिखों को घेर लिया और बीच सड़क पर उनकी पिटाई शुरू कर दी। संघर्ष के दौरान एक सिख की पगड़ी उतर गई जिससे समुदाय में गहरा आक्रोश है।   शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल  ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मांग की है कि भारत सरकार इस मुद्दे को तुरंत ब्रिटेन की सरकार के सामने उठाए। बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X  पर लिखा- “यूके में दो बुजुर्ग सिखों पर हुआ हमला निंदनीय है। एक बुजुर्ग की पगड़ी उतारना नफरत और भेदभाव की मानसिकता को दर्शाता है। मैं यूके सरकार और पुलिस से सख्त कार्रवाई की अपील करता हूं।”  जांच कर रही ब्रिटिश पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा है- “इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है। हमने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनसे पूछताछ जारी है। मामले की गहन जांच चल रही है।”इस घटना के बाद यूके और भारत में सिख समुदाय के बीच गुस्सा और चिंता बढ़ गई है। लगातार मांग उठ रही है कि  ब्रिटेन सरकार सिखों की सुरक्षा के ठोस कदम उठाए और नस्लीय हिंसा पर सख्त कानून लागू करे।

ड्यूटी से नदारद डॉक्टरों पर सख्ती, 13 पर गिरी गाज, 20 अगस्त आखिरी मौका

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में बिना किसी सूचना के लगातार गैरहाजिर रहने व पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही व अनुशासनहीनता बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बाबत लखनऊ के सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने ऐसे डॉक्टरों को नोटिस जारी करते हुए 20 अगस्त को समिति के समक्ष स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राजधानी के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर जिला स्वास्थ्य समिति के अधीन संविदा पर डॉक्टर और कर्मचारी तैनात हैं। इन डॉक्टरों की तैनाती आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर की गई है। इनमें 11 चिकित्सक और दो कर्मचारियों पर अनुपस्थित रहने और अभद्रता करने के आरोप लगे हैं। जिसकी जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई गई है। जांच के दौरान आरोप सिद्ध होने पर इनकी बर्खास्तगी तय मानी जा रही है। 13 डॉक्टर-कर्मचारी गायब, नोटिस जारी कर 20 अगस्त तक तलब फिलहाल, जिन डॉक्टरों को नोटिस जारी की गई है उनमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर दसौली की डॉ. शीतल सोनकर (एमओ), आयुष्मान आरोग्य मंदिर आदर्श नगर के डॉ. अभय नारापन यादव (एमओ), आयुष्मान आरोग्य मंदिर अमराईगांव के डॉ. अभिषेक सिंह (एमओ), पीएचसी तोप दरवाजा डॉ. सुभाष प्रसाद (एमओ), आयुष्मान आरोग्य मंदिर कल्लन खेड़ा की डॉ. कीर्ति राय (एमओ), आयुष्मान आरोग्य मंदिर चौपटिया के डॉ. मोहसिन रजा (एमओ), लोकबंधु अस्पताल की डॉ. नीलम गंगवार (ईएमओ), आयुष्मान आरोग्य मंदिर कटरा विजनबेग के डॉ. मुस्तकुल आफरीन कुरैशी (एमओ), पीएचसी निलमथा की डॉ. शिल्पी गुप्ता (एमओ), आयुष्मान आरोग्य मंदिर मुबारकपुर के डॉ. देवांश सिंह (एमओ), जिला क्षय रोग अधिकारी कार्यालय की डाटा इन्ट्री आपरेटर सरिता कुमारी, सीएचसी माल में तैनात विवेक नवल मिश्रा (बीसीपीएम), केजीएमयू में तैनात डॉ. जिगनेश मिश्रा (ईएमओ) शामिल हैं। पहले भी 4 डॉक्टर बर्खास्त, कार्रवाई का सिलसिला जारी गौरतलब है कि बिना सूचना के ड्यूटी से लगातार गैरहाजिर चल रहे 4 डॉक्टर्स को अभी बीते पहली अगस्त को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर बर्खास्त किया गया था। इनमें स्वास्थ्य विभाग के 3 डॉक्टर सहित कन्नौज मेडिकल कॉलेज में हड्डी रोग विभाग के सहायक आचार्य भी शामिल हैं।