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आसमान साफ होने से कैथल के तापमान में दर्ज हुई दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी

  कैथल कुछ दिनों की लुका-छिपी के बाद मौसम ने फिर करवट ली है। शनिवार सुबह साफ आसमान और तेज धूप के साथ हुई, जिससे दिन चढ़ने के साथ ही गर्मी का अहसास बढ़ने लगा। ठंडी हवाओं के थमने और बादलों के छंटने से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।  आगामी दिनों में 35 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा पिछले 24 घंटों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में औसतन 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। शहर का अधिकतम तापमान फिलहाल 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। सुबह के समय हल्की ठंडक बनी रहने के बावजूद दोपहर में सूरज के तेवर तीखे हो रहे हैं। बढ़ती गर्मी के चलते दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही में कमी देखी गई और लोग पंखे व कूलर का सहारा लेते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन-चार दिनों तक आसमान साफ रहने की संभावना है। यदि हवाओं की गति में तेजी नहीं आई तो अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे गर्मी और बढ़ने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र के अनुसार हवा की दिशा में बदलाव और आसमान साफ रहने से सूर्य का विकिरण सीधे धरातल तक पहुंच रहा है, जिससे तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है। हालांकि 32 डिग्री तापमान फिलहाल सामान्य श्रेणी में है। बदलते मौसम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाह लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस बदलते मौसम में सतर्क रहने की सलाह दी है। अचानक तापमान बढ़ने से वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। हवाओं के सुस्त पड़ने से वातावरण में गर्मी तापमान बढ़ने का एक प्रमुख कारण हवाओं की गति में कमी भी माना जा रहा है। जहां पिछले दिनों तेज हवाएं चल रही थीं, वहीं अब हवा की रफ्तार घटकर करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटा रह गई है। हवाओं के सुस्त पड़ने से वातावरण में गर्मी ठहर गई है, जिससे धूप की तपिश अधिक महसूस हो रही है।  

भिवानी में साढ़े 16 करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन कर श्रुति चौधरी ने दी बड़ी सौगात

हरियाणा पूर्व मुख्यमंत्री व देश के रक्षा व रेल मंत्री रहे चौ. बंसीलाल ने हरियाणा प्रदेश को एक उन्नत राज्य बनाने में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया था। उन्होंने दक्षिण हरियाणा जैसे रेतीले क्षेत्र में लिफ्ट इरीगेशन जैसी सिंचाई व्यवस्था को खड़ा करके हरा-भरा करने का कार्य किया। वे आधुनिक हरियाणा के निर्माता थे। यह बात सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने चौ. बंसीलाल की 20वीं पुण्यतिथि पर चौ. बंसीलाल के पैतृक गांव गोलागढ़ में चौ. बंसीलाल की समाधि पर पुष्पांजलि भेंट करते हुए कही। शाम और कैरू को मिली साढ़े 16 करोड़ की सौगात इस मौके पर मंत्री श्रुति चौधरी ने भिवानी जिले के गांव कैरू व तोशाम कस्बे में सिंचाई विभाग तथा पंचायत विभाग से जुड़ी साढ़े 16 करोड़ की पंप हाऊस व सिंचाई संबंधी योजनाओं की उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।  मुख्यमंत्री विभिन्न परियोजनाओं को समर्पित करें श्रुति चौधरी ने बताया कि 31 मार्च को मुख्यमंत्री भिवानी जिले के तोशाम में प्रदेश स्तरीय सूक्ष्म सिंचाई मेले में पहुंचेंगे। इस मेले में दक्षिण हरियाणा जैसे रेतीले इलाके को हरा-भरा करने व सिंचाई को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री विभिन्न परियोजनाओं को समर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि आज समय है हमारे प्राकृतिक संसाधनों से प्राप्त पानी के स्त्रोतों को संचित करने का, इस दिशा में सिंचाई विभाग कार्य कर रहा है। पेट्रोल और गैस संकट पर हाई लेवल मॉनिटरिंग के निर्देश इस मौके पर मंत्री श्रुति चौधरी ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल व गैस के प्रबंधन को लेकर प्रधानमंत्री देशभर में व्यवस्थाओं को बेहतर कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पेट्रोल की स्थिति पर हाई लेवल मॉनिटरिंग कमेटी भी बनाई है। देश में पेट्रोल की कमी व कालाबाजारी ना हो, इसके लिए सख्ती से कार्य भी किया जा रहा है।  

पंजाब और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मलेरकोटला में दो आतंकियों को दबोचा, शेरवानी कोटे गांव में मजदूरी करते थे

मलेरकोटला  जम्मू कश्मीर पुलिस ने शनिवार को पंजाब के मलेरकोटला में चलाए गए ऑपरेशन में 2 पाकिस्तानी आतंकियों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया. पंजाब पुलिस के साथ मिलकर चलाए गए इस ऑपरेशन में पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकियों के नाम अबू हुरैरा और उस्मान हैं. जबकि, उनके साथ पकड़ा गया जमील एक स्थानीय निवासी है. जिसने दोनों पाकिस्तानी दहशतगर्दों को किराये का मकान दिलवाने में मदद की थी।  मलेरकोटला से पकड़ा गया पाकिस्तानी आतंकी  इनमें अबू हुरैरा ए प्लस कैटेगरी का खतरनाक पाकिस्तानी आतंकी है. इसकी गिरफ्तारी को खुफिया एजेंसियां बड़ी सफलता मान रही हैं, जिनसे भारत में पाकिस्तान की आतंकी साजिशों के बारे में जानकारी मिल सकती है।  सूत्रों के मुताबिक, श्रीनगर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को मलेरकोटला में पाकिस्तानी आतंकियों के छिपे होने की गुप्त सूचना मिली थी. इसके बाद SOG ने पंजाब पुलिस की क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (CIA) यूनिट के साथ मिलकर मलेरकोटला के शेरवानी कोट गांव में छापा मारा. रेड के दौरान तीनों दहशतगर्दों ने भागने की कोशिश की लेकिन उन्हें दबोच लिया गया।  15 साल से रह रहे थे दोनों पाकिस्तानी बताया जा रहा है कि दोनों मलेरकोटला में पिछले 15 वर्ष से रह रहे थे। दोनों पाकिस्तानी है। गांव शरेवानी कोट के सरपंच सिमरनजीत सिंह ने दोनों को शनिवार को पुलिस के सीआइए स्टाफ की टीम ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ घर में दबिश देकर दोनों को पकड़ा। सिमरनजीत ने बताया कि दोनों करीब पांच साल से उनके गांव में ही रहकर मजदूरी करते थे। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि दोनों करीब 15 वर्ष से जिले के अलग-अलग गांवों में रह रहे थे। दोनों खुद को जम्मू-कश्मीर के रहने वाले बताते थे और वे स्थानीय लोगों से घुलमिल चुके थे। दोनों पाकिस्तानी हैं, किसी को कभी उन पर संदेह नहीं हुआ। 11 मई 2025 को मां-बेटी को भी पकड़ा था जासूसी करते मलेरकोटला से पाकिस्तानी आतंकी पकड़े जाने की यह पहली घटना है। हालांकि इससे पहले 11 मई 2025 में पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में बाप-बेटी को गिरफ्तार किया था। 31 वर्षीय गुजाला अपने पिता यामीन मोहम्मद के साथ सेना व अन्य बड़े प्रतिष्ठानों की जानकारी पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारी अब्दुल्ला तक पहुंचाने का काम करते थे। इसके बदले में उन्हें पैसे दिए जाते थे। पुलिस ने दोनों को डिजिटल सुबूत के साथ गिरफ्तार किया था। वहीं, पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात अधिकारी को देश से निष्कासित कर दिया गया था। श्रीनगर पुलिस ने गुप्त सूचना पर चलाया ऑपरेशन उनकी गिरफ्तारी के बाद तीनों आतंकियों को ट्रांजिट रिमांड पर श्रीनगर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया. जिसके बाद SOG के जवान दोनों आतंकी और उसके मददगार को अपनी कस्टडी में लेकर कश्मीर की ओर रवाना हो गए.  पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों आरोपी पिछले 15 वर्षों से भारत के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे थे और भारतीय नागरिक बनकर बिना शक पैदा किए अपनी पहचान छिपाए हुए थे।  कट्टरपंथी गतिविधियों का गढ़ बन रहा मलेरकोटला इससे पहले भी मालेरकोटला पुलिस ने कट्टरपंथी गतिविधियों के आरोप में फरहान अंजुम, अदनान खान और वारिस अली को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से .32 बोर पिस्टल, कारतूस और मोबाइल फोन बरामद हुए थे. वहीं, एक अन्य मामले में गुजाला और यामीन मोहम्मद को पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 

डाटा सेंटर, फिल्म सिटी और मैन्युफैक्चरिंग हब से यीडा क्षेत्र बन रहा मल्टी-इंडस्ट्री कॉरिडोर

एयरपोर्ट, औद्योगिक निवेश और मेगा प्रोजेक्ट्स से बदल रही जेवर-यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की तस्वीर डाटा सेंटर, फिल्म सिटी और मैन्युफैक्चरिंग हब से यीडा क्षेत्र बन रहा मल्टी-इंडस्ट्री कॉरिडोर एयरपोर्ट के चलते जमीन की मांग और कीमतों में उछाल, रियल एस्टेट निवेशकों के लिए उभर रहा हॉटस्पॉट गौतमबुद्धनगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) क्षेत्र उत्तर प्रदेश के सबसे तेजी से विकसित होते औद्योगिक और रियल एस्टेट हब के रूप में उभर रहा है। बड़े पैमाने पर निवेश, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और मेगा प्रोजेक्ट्स के चलते यह क्षेत्र अब देश के प्रमुख विकास केंद्रों में शामिल होने की ओर अग्रसर है। डाटा सेंटर से फिल्म सिटी तक, मल्टी-सेक्टर ग्रोथ यमुना औद्योगिक क्षेत्र में डाटा सेंटर पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स हब और वेयरहाउसिंग सेक्टर में तेजी से निवेश बढ़ रहा है। इसके साथ ही नोएडा फिल्म सिटी इस क्षेत्र को मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का भी बड़ा केंद्र बनाने जा रही है। फिल्म सिटी का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है और जल्द ही यहां 'मॉम 2'  फिल्म की शूटिंग भी शुरू होने वाली है। फिल्म सिटी में फिल्म इंस्टीट्यूट के निर्माण का भी प्रस्ताव है, जिसका लाभ हजारों युवाओं को मिलेगा जो इस क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहते हैं। इसी तरह, डाटा सेंटर हब बनने से इस क्षेत्र में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो रहा है।  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना सबसे बड़ा गेमचेंजर इस पूरे क्षेत्र के विकास में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। एयरपोर्ट के निर्माण और संचालन से न केवल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि यह क्षेत्र एक बड़े लॉजिस्टिक्स और ट्रांजिट हब के रूप में विकसित होगा। एयरपोर्ट के कारण आसपास के इलाकों में जमीन की मांग तेजी से बढ़ी है और प्रॉपर्टी की कीमतों में लगातार उछाल देखा जा रहा है। रियल एस्टेट सेक्टर में जबरदस्त उछाल यमुना औद्योगिक क्षेत्र में रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बड़े डेवलपर्स टाउनशिप, प्लॉटिंग स्कीम और ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट लॉन्च कर रहे हैं। निवेशकों के लिए यह क्षेत्र “फ्यूचर ग्रोथ जोन” बन चुका है, जहां बेहतर रिटर्न की संभावनाएं जताई जा रही हैं। खासकर एयरपोर्ट और औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के आसपास के क्षेत्रों में निवेश की मांग सबसे अधिक है। बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ी रफ्तार यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली, नोएडा, आगरा और अन्य प्रमुख शहरों से उत्कृष्ट कनेक्टिविटी इस क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत है। इसके अलावा प्रस्तावित मेट्रो विस्तार, नई सड़क परियोजनाएं और फ्रेट कॉरिडोर इस क्षेत्र को और अधिक सुगम और निवेश के अनुकूल बना रहे हैं। सरकारी नीतियों का मिल रहा पूरा लाभ प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई औद्योगिक नीतियां, सिंगल विंडो सिस्टम और निवेशकों को दी जा रही रियायतें इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित कर रहीं हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली, पानी, सुरक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे उद्योगों को अनुकूल वातावरण मिल रहा है। रोजगार और शहरीकरण का नया केंद्र डाटा सेंटर, फिल्म सिटी, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और एयरपोर्ट जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स के चलते लाखों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। तेजी से हो रहा शहरीकरण इस क्षेत्र को आने वाले वर्षों में उत्तर भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक और रीयल एस्टेट हब बना सकता है।

राजस्थान में श्रमिक संकट गहराया, वोटर लिस्ट से नाम कटने के भय में घर लौटे बंगाली मजदूर

जयपुर. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा। वैसे तो चुनाव बंगाल में हो रहे हैं लेकिन राजस्थान में हलचल बढ़ गई है। वजह है राजस्थान के विभिन्न जिलों में मजदूरी करने वाले बंगाल के लोग वापस लौटने लगे हैं। प्रवासी मजदूरों के वापस लौटने से राज्य के उद्योगों में श्रमिकों का संकट खड़ा हो गया है। राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में बंगाल के करीब ढ़ाई लाख मजदूर काम करते हैं। वहीं करीब एक लाख मजदूर असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। बंगाली मजदूरों के बीच एक भ्रामक संदेश प्रसारित हो रहा है कि यदि इस बार विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं किया तो उनका मतदाता सूची में से नाम कट जाएगा। साथ ही सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा। यही कारण है कि मजदूर अपने राज्य वापस लौट रहे हैं। हालात यह है कि बंगाल जाने वाली ट्रेनों में टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है। कई मजदूर सड़क मार्ग से पश्चिम बंगाल जा रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि एसआइआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) में कई ऐसे लेागों के नाम काटे गए हैं जो राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों में रह रहे हैं। ऐसे में अब यह भय सता रहा है कि यदि इस बार मतदान नहीं किया तो मतदाता सूची से नाम कट सकता है। जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल का कहना है कि जेवरात निर्माण एवं इससे जुड़े काम में करीब एक लाख बंगाली मजदूर काम करते हैं। पिछले दो सप्ताह से मजदूरों के बंगाल लौटने का सिलिसला शुरू हो गया है। प्रवासी बंगाली सांस्कृतिक सोसायटी के सचिव रोबिन सरकार का कहना है कि बंगाली समाज के लेागों को उनके घर तक पहुंचाने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार से भी मदद मांगेंगे।

छत्तीसगढ़ में आज CM साय का व्यस्त कार्यक्रम, सूरजपुर और बिलासपुर में शामिल होंगे समारोह में

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायपुर, सूरजपुर और बिलासपुर के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से “मन की बात” सुनेंगे। इसके बाद वे पुलिस ग्राउंड हेलीपैड से सूरजपुर के लिए रवाना होंगे। सूरजपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री भारत माता कर्मा चौक में भक्त माता कर्मा की पूजा-अर्चना और माल्यार्पण करेंगे। वे “भक्त माता कर्मा जयंती महोत्सव 2026” कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 5:30 बजे बिलासपुर के लिए रवाना होंगे। बिलासपुर के इंदिरा सेतु कूदूदण्ड में वे अटल परिसर एवं विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन करेंगे। शाम 7:40 बजे मुख्यमंत्री बिलासपुर के राजा रघुराज सिंह स्टेडियम में आयोजित स्व. लखीराम अग्रवाल टी-20 ड्यूज बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद वे बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पहुंचकर “नाइट लैंडिंग एवं डिपार्चर शुभारंभ” कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद रात 9:45 बजे मुख्यमंत्री बिलासपुर से रायपुर के लिए रवाना होंगे और रायपुर पहुंचेंगे।

लैब अटेंडेंट भर्ती में बड़ा अपडेट, काउंसलिंग डेट घोषित; 430 उम्मीदवार होंगे शामिल

रायपुर. छत्तीसगढ़ के Directorate of Higher Education Chhattisgarh द्वारा प्रयोगशाला परिचारक (Lab Attendant) भर्ती प्रक्रिया में चयनित अभ्यर्थियों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। विभाग ने काउंसलिंग प्रक्रिया का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है, जिसके अनुसार चयनित उम्मीदवारों की काउंसलिंग 01 और 02 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी। जारी सूचना के मुताबिक, इस भर्ती प्रक्रिया में मेरिट सूची में स्थान पाने वाले कुल 430 अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है। काउंसलिंग प्रक्रिया प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होगी, जिसमें उम्मीदवारों को उनके रैंक के अनुसार निर्धारित समय पर उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है। यह काउंसलिंग नवा रायपुर स्थित Indravati Bhavan के ब्लॉक-3 में आयोजित की जाएगी। पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए इसे दो दिनों में विभाजित किया गया है, जिसमें कुल चार पालियां (Shift) निर्धारित की गई हैं। इससे अभ्यर्थियों की भीड़ को नियंत्रित करने और पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलेगी। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया मेरिट सूची और रोस्टर प्रणाली के आधार पर आयोजित की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को उनके निर्धारित रैंक के अनुसार बुलाया जाएगा और उसी क्रम में उन्हें अपने पदस्थापना स्थल का चयन करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही अंतिम रूप से पदस्थापना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि तय समय पर उपस्थित न होने वाले अभ्यर्थियों के लिए अलग से मौका नहीं दिया जाएगा, इसलिए सभी उम्मीदवारों को समय और निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। यह भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से प्रतीक्षित थी और अब काउंसलिंग शेड्यूल जारी होने के बाद उम्मीदवारों का इंतजार समाप्त हो गया है। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद राज्य के विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशाला परिचारकों की नियुक्ति से शैक्षणिक व्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा भारत का प्रमुख एमआरओ हब

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा देश का बड़ा एमआरओ हब पीएम मोदी ने एमआरओ सुविधा का किया शिलान्यास, विमान रखरखाव में आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम अभी मेंटेनेंस के लिए 85% विमान भेजने पड़ते हैं विदेश, जेवर में एमआरओ हब से रोजगार, निवेश व तकनीकी कौशल को भी मिलेगा बूस्ट जेवर उत्तर प्रदेश का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के एविएशन सेक्टर में एक नए युग की शुरुआत करने जा रहा है। यहां अत्याधुनिक मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (एमआरओ) हब विकसित किया जा रहा है, जिसका शिलान्यास शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश को विमान रखरखाव के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। एमआरओ में आत्मनिर्भरता जरूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर बताया कि भारत अभी विमान रखरखाव के मामले में काफी हद तक विदेश पर निर्भर है। देश के लगभग 85% विमान अभी मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल के लिए विदेश भेजे जाते हैं, जिससे बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा बाहर जाती है। उन्होंने इस स्थिति को बदलने पर जोर देते हुए कहा कि भारत को एमआरओ सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाना समय की आवश्यकता है और इसके लिए देशभर में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अकासा एयर के साथ रणनीतिक साझेदारी नोएडा एयरपोर्ट परिसर में अकासा एयर के सहयोग से पहली एमआरओ सुविधा स्थापित की जाएगी। यह अत्याधुनिक केंद्र विमान रखरखाव, मरम्मत और तकनीकी सेवाओं का व्यापक नेटवर्क तैयार करेगा, जिससे देश की एविएशन इंडस्ट्री को नई मजबूती मिलेगी। इस एमआरओ हब के विकसित होने से एयरलाइंस कंपनियों को अब अपने विमानों को विदेश भेजने की आवश्यकता कम होगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि परिचालन लागत में भी भारी कमी आएगी। भारत में ही विश्वस्तरीय मेंटेनेंस सुविधाएं उपलब्ध होने से देश वैश्विक एविएशन सर्विस मार्केट में प्रतिस्पर्धी बन सकेगा। रोजगार और स्किल डेवलपमेंट को मिलेगा बढ़ावा यह परियोजना स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न करेगी। युवाओं को एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, एविएशन टेक्नोलॉजी और तकनीकी सेवाओं में प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश-प्रोत्साहन नीतियों के चलते प्रदेश में इस तरह की हाईटेक परियोजनाओं का तेजी से विकास हो रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश युवाओं के लिए अवसरों का केंद्र बनता जा रहा है। एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनने की दिशा में बड़ा कदम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि एक समग्र एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। एमआरओ सुविधा इस विजन का अहम हिस्सा है, जो प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एमआरओ सेक्टर को “आत्मनिर्भर भारत” अभियान का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत न केवल अपने विमानों की सर्विसिंग करेगा, बल्कि दुनिया के अन्य देशों को भी सेवाएं प्रदान कर सकेगा। भारत में तेजी से उभर रहा है एमआरओ सेक्टर नोएडा एयरपोर्ट में यह सुविधा स्थापित होने के साथ ही भारत में एमआरओ सेक्टर तेजी से विकास करेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार 2030 तक इसका बाजार 5.7 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। भारत सरकार की एमआरओ नीति 2021 के तहत करों में रियायत और भूमि पट्टे में छूट देकर घरेलू क्षमताओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे भारत को वैश्विक एमआरओ हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी आई है। यूएसए है अग्रणी देश वैश्विक स्तर पर एमआरओ सुविधाएं प्रमुख विमानन हब का अहम हिस्सा हैं, जहां अमेरिका सबसे अधिक एमआरओ कंपनियों के साथ अग्रणी है, जबकि यूके, फ्रांस व जर्मनी यूरोप के प्रमुख केंद्र हैं। एशिया-प्रशांत में सिंगापुर, चीन, भारत और फिलीपींस, जबकि मध्य पूर्व में यूएई महत्वपूर्ण एमआरओ हब के रूप में उभर रहे हैं।

बॉब ची व बोनी कपूर समेत दिग्गजों ने माना- उद्योग, निर्यात और रोजगार के लिए गेमचेंजर साबित होगा यह प्रोजेक्ट

दिग्गज बोलेः जेवर बना यूपी का गहना, वैश्विक हब बनने की ओर अग्रसर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के लोकार्पण और एमआरओ सुविधा के शिलान्यास कार्यक्रम में दिग्गजों ने रखी राय बॉब ची व बोनी कपूर समेत दिग्गजों ने माना- उद्योग, निर्यात और रोजगार के लिए गेमचेंजर साबित होगा यह प्रोजेक्ट एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस कदम से दिल्ली एयरपोर्ट पर दबाव घटेगा, नए अवसरों के द्वार खुलेंगे फिल्म सिटी, लॉजिस्टिक्स और एविएशन के बड़े केंद्र के तौर पर उभरेगा जेवर क्षेत्र जेवर  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का लोकार्पण और एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल) सुविधा का शिलान्यास कई मायनों में खास बन गया। शनिवार को इस आयोजन में शामिल देश-विदेश के उद्योगपतियों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों ने इसे ऐतिहासिक परियोजना बताया है। सिंगापुर की कंपनी सैट्स लिमिटेड के सीईओ बॉब ची और फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने इसे भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम बताते हुए कहा कि यह परियोजना केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि व्यापक विकास का मॉडल है जो देश को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाएगा। वैश्विक पहचान की ओर बढ़ता भारत: बॉब ची सैट्स लिमिटेड के गेटवे सर्विसेज के सीईओ बॉब ची ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह परियोजना नोएडा व उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर जोड़ने का माध्यम बनेगी। सिंगापुर की कंपनी होने के नाते इस ऐतिहासिक परियोजना का हिस्सा बनना हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय निवेश और वैश्विक उत्साह का केंद्र बन रहा है। फिल्म सिटी से जुड़ेगा विकास का नया आयाम: बोनी कपूर फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने कहा कि मैं केवल विकास में सहयोग नहीं कर रहा, बल्कि उसका हिस्सा बन रहा हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपनों को साकार करने की दिशा में हम सभी प्रयास कर रहे हैं। मैं यहां इंटरनेशनल फिल्म सिटी विकसित कर रहा हूं। एयरपोर्ट और फिल्म सिटी मिलकर इस क्षेत्र को नए आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करेंगे। हाईटेक ईंधन सुविधा से तैयार एयरपोर्ट: टीएस दुपारे इंडियन ऑयल स्काईटैंकिंग प्राइवेट लिमिटेड के एमडी और सीईओ टीएस दुपारे ने बताया कि उनकी कंपनी को 2022 में ईंधन फार्म और इन प्लेन फ्यूलिंग सेवाएं विकसित करने का ठेका मिला था। कड़ी प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के बाद यह जिम्मेदारी मिली और अब देश का सबसे आधुनिक ईंधन फार्म तैयार है। कंपनी पूरी तरह से विमानों को ईंधन देने के लिए तैयार है। निर्यात व उद्योग को मिलेगा बड़ा फायदा: ललित ठुकराल नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर के अध्यक्ष ललित ठुकराल ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन नोएडा और पूरे देश के लिए अत्यंत लाभकारी होगा। यह एयरपोर्ट बड़े कार्गो हब के रूप में विकसित होगा और विमान मरम्मत केंद्र के रूप में भी कार्य करेगा। इससे निर्यात उद्योग को नई गति मिलेगी और वैश्विक व्यापार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। 24 घंटे बैंकिंग और फॉरेक्स सुविधा: देबाशीष मेश्राम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सीजीएम देबाशीष मेश्राम ने बताया कि एयरपोर्ट परिसर में दो शाखाएं स्थापित की गई हैं। एक एयरपोर्ट ऑफिस में और दूसरी कार्गो सेंटर में। यहां एटीएम, कैश डिपॉजिट मशीन, ई लॉबी और योनो ऐप की सुविधा उपलब्ध होगी। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 24 घंटे फॉरेक्स काउंटर और 18 से अधिक मुद्राओं को सपोर्ट करने वाला ट्रैवल कार्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा। तेजी से हुआ भूमि अधिग्रहण: बृजेश नारायण सिंह गौतम बुद्ध नगर के पूर्व जिलाधिकारी बृजेश नारायण सिंह ने बताया कि इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण देश में सबसे तेज और किफायती रहा। किसानों की सहमति से यह प्रक्रिया पूरी हुई है जो अपने आप में एक अनूठी उपलब्धि है। शुरुआती मतभेदों के बावजूद संवाद और समन्वय से किसानों ने इस परियोजना का समर्थन किया और वे इसके प्रमुख भागीदार हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर दबाव होगा कम: सुभाष गोयल एविएशन और टूरिज्म कमेटी के चेयरमैन सुभाष गोयल ने कहा कि दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्लॉट की कमी के कारण नई एयरलाइन्स को परेशानी हो रही है। जेवर एयरपोर्ट इस समस्या का समाधान करेगा और दिल्ली के साथ-साथ आगरा और उत्तर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों को भी लाभ पहुंचाएगा। दिल्ली और जेवर के बीच तेज मेट्रो या एक्सप्रेस लाइन, बेहतर कनेक्टिविटी और आसपास होटल सुविधाओं का विकास जरूरी है। रोजगार और निवेश के नए अवसरः मैमुल्लाह अंसारी परियोजना से जुड़े सुरक्षा अधिकारी मैमुल्लाह अंसारी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में उन्होंने इस परियोजना में बड़ा बदलाव देखा है और इसका हिस्सा बनकर गर्व महसूस कर रहे हैं। यह एयरपोर्ट बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करेगा और एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने निवेशकों से इस क्षेत्र में निवेश करने की अपील की, खासकर फिल्म सिटी जैसी आगामी परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए। समग्र विकास का नया केंद्र बनेगा जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं बल्कि बहुआयामी विकास परियोजना के रूप में उभर रहा है। उद्योग, निर्यात, पर्यटन, फिल्म, बैंकिंग और रोजगार हर क्षेत्र के विशेषज्ञ इसे भविष्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ मान रहे हैं। ऐसे में, दिग्गजों की राय यह स्पष्ट संकेत देती है कि जेवर आने वाले समय में भारत के सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक हब में से एक बनने की ओर सशक्त कदम बढ़ा चुका है।

ग्रेटर नोएडा में होगा कौशल का महाकुंभ, 2025-26 इंडियास्किल्स नेशनल कॉम्पिटिशन का आगाज

ग्रेटर नोएडा में सजेगा कौशल का महाकुंभ: इंडियास्किल्स नेशनल कॉम्पिटिशन 2025-26 का होगा आगाज देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 650 से अधिक प्रतिभागी दिखाएंगे अपना हुनर 63 विभिन्न कौशलों में विश्व स्तरीय मानकों पर होगी प्रतियोगिता रोबोटिक्स और ग्रीन स्किल्स जैसे भविष्य के विषयों पर दिग्गज कंपनियां साझा करेंगी अनुभव लखनऊ  भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के तत्वावधान में आयोजित होने वाली देश की सबसे बड़ी कौशल प्रतियोगिता, 'इंडियास्किल्स नेशनल कॉम्पिटिशन 2025-26', का भव्य आयोजन रविवार को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में होगा। उत्तर प्रदेश में इस बड़े आयोजन को सफल बनाने में योगी सरकार का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य सरकार प्रदेश को स्किल डेवलपमेंट का हब बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है और इस तरह के आयोजनों से युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है। यह द्विवार्षिक प्रतियोगिता देश के प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी दक्षता प्रदर्शित करने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करने का एक अद्वितीय मंच प्रदान करती है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता से पहले असम, गुजरात, तेलंगाना, ओडिशा और उत्तर प्रदेश की रीजनल प्रतियोगिता हो चुकी है, जिसमें उत्तर प्रदेश के 40 प्रतिभागियों ने हुनर दिखाया था। इनमें से 16 प्रतिभागियों ने अलग-अलग मेडल अपने नाम किए थे। इंडियास्किल्स नेशनल कॉम्पिटिशन 2025-26 के अंतर्गत उद्घाटन समारोह 29 मार्च 2026 को दोपहर 3 से 5 बजे तक गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद प्रतियोगिता 30 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक इंडिया एक्सपो मार्ट के हॉल 9 से 12 में आयोजित होगी, जहां देशभर के प्रतिभागी अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम का समापन समारोह 2 अप्रैल 2026 को दोपहर 3 से 5 बजे तक हॉल 9, इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित किया जाएगा। प्रतियोगिता में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 650 से अधिक युवा प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं, जो कुल 63 विभिन्न कौशलों (Skills) में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। प्रतियोगिता के साथ-साथ रोबोटिक्स, 'ग्रीन स्किल्स' और भविष्य के रोजगार जैसे समसामयिक विषयों पर विशेष ज्ञान-सत्र और चर्चाएं भी आयोजित होंगी। इसमें FANUC, FESTO, AutoDesk और DMG Mori जैसी वैश्विक स्तर की प्रतिष्ठित कंपनियां अपने अनुभव और तकनीकी जानकारी साझा करेंगी। भारत सरकार और कौशल विकास मिशन ने इस आयोजन के माध्यम से समाज के सभी वर्गों से इसमें सहयोग और सहभागिता की अपील की है, ताकि युवाओं को बेहतर अवसर प्राप्त हों और वे राष्ट्र निर्माण में अपना प्रभावी योगदान दे सकें।