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जाति प्रमाण पत्र विवाद पर मंत्री प्रतिमा बागरी का जवाब, बोलीं- 110 साल पुराने दस्तावेज दिए, फैसला जांच समिति करेगी

भोपाल  मध्य प्रदेश की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने मंगलवार को अपने अनुसूचित जाति (एससी) प्रमाण पत्र को लेकर लगे आरोपों को खारिज किया। बागरी ने कहा कि उन्होंने राज्य की उच्च स्तरीय जाति जांच समिति के समक्ष सभी दस्तावेजी सबूत प्रस्तुत कर दिए हैं और उनका जाति प्रमाण पत्र वैध है। विवाद तब शुरू हुआ जब मध्य प्रदेश कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने आरोप लगाया कि बागरी अनुसूचित जाति श्रेणी से नहीं आती हैं और उन्होंने गलत जानकारी के आधार पर अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र प्राप्त किया था। क्या लगा था आरोप उन्होंने दावा किया कि प्रतिमा बागरी राजपूत समुदाय से हैं और आरोप लगाया कि उन्होंने आरक्षित रैगांव निर्वाचन क्षेत्र से 2023 का विधानसभा चुनाव लड़ा और बाद में एक अमान्य जाति प्रमाण पत्र का उपयोग करके मंत्री बनीं। अहिरवार ने उनका जाति प्रमाण पत्र रद्द करने, विधानसभा से अयोग्य घोषित करने और राज्य मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की थी। सोमवार को जांच समिति के सामने पेश हुईं प्रतिमा बागरी ने बताया कि वह सोमवार को जाति जांच समिति के सामने पेश हुईं और अपने दावे के समर्थन में सभी दस्तावेज प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि समिति के साथ बैठक हुई थी और उन्होंने 110 साल से अधिक पुराने सबूतों सहित सभी दस्तावेज समिति के समक्ष प्रस्तुत किए। दस्तावेजों की जांच के बाद किसी को भी कोई अनियमितता नहीं मिली और उनका जाति प्रमाण पत्र असली है। मंत्री ने दर्ज कराया था बयान सोमवार को बागरी ने समिति के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया और ऐतिहासिक रिकॉर्ड और अनुसूचित जाति सूची में बागड़ी समुदाय के शामिल होने से संबंधित दस्तावेज सहित दस्तावेजी सबूत प्रस्तुत किए। अहिरवार भी समिति के समक्ष पेश हुए और उनकी जातिगत स्थिति को चुनौती देने वाले दस्तावेज प्रस्तुत किए।     प्रतिमा बागरी ने कहा- मेरा जाति प्रमाण पत्र सही     जांज समिति को मेरे जाति प्रमाण पत्र पर आपत्ति नहीं     मंत्री ने कहा- 110 साल पुराने दस्तावेज समिति को सौंपे     जांच समिति का फैसला आना अभी बाकी है जांज समिति का फैसला आना बाकी कांग्रेस नेता के आरोपों को खारिज करते हुए मंत्री प्रतिमा बागरी ने उन पर राजनीतिक कारणों से झूठे दावे करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनका जाति प्रमाण पत्र फर्जी नहीं है और यह साबित हो चुका है। उन्होंने कहा कि अहिरवार ने झूठे आरोप लगाए हैं और मीडिया के सामने गलत तथ्य पेश किए हैं, और अब सच्चाई सामने आ गई है। जांच समिति दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच कर रही है और अपनी जांच पूरी करने के बाद इस मामले पर फैसला सुनाएगी।

मानसून से पहले पंजाब सरकार का बड़ा कदम, बाढ़ से बचाव के लिए 414.75 करोड़ रुपये किए खर्च

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने मानसून सीजन के दौरान संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने मंगलवार को जल संसाधन विभाग के मुख्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर बाढ़ सुरक्षा और ड्रेनेज प्रबंधन कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सभी बाढ़ संभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार लोगों के जान-माल, कृषि भूमि और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पूरे राज्य में मजबूत निगरानी तंत्र विकसित किया है ताकि मानसून के दौरान किसी भी संभावित खतरे से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने अधिकारियों को नदियों, ड्रेनों, बांधों और अन्य बाढ़ सुरक्षा ढांचे की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा जहां भी कोई कमी मिले, उसे तुरंत दूर करने के निर्देश दिए। तैयारियों का निरीक्षण जारी समीक्षा बैठक में ड्रेनों की सफाई, बोल्डर स्टोन और हाइब्रिड सुरक्षा कार्य, तटबंधों को ऊंचा और मजबूत करने, फ्लड कंट्रोल गेटों की कार्यशीलता तथा संवेदनशील स्थानों पर किए जा रहे सुरक्षा उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने हाल ही में स्वयं विभिन्न बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा कर तैयारियों का निरीक्षण भी किया था। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि राज्य में अब तक 101 बोल्डर स्टोन एवं हाइब्रिड सुरक्षा कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इसके अलावा 17 बांधों को ऊंचा उठाने, 22 तटबंधों को मजबूत करने, 188 ड्रेनों की सफाई और पांच फ्लड कंट्रोल गेटों के संचालन से जुड़े कार्य किए गए हैं। इन सभी परियोजनाओं पर लगभग 414.75 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। गाद निकालने का काम किया गया मंत्री ने गाद निकालने के कार्यों की भी समीक्षा करते हुए कहा कि मानसून के चरम दौर से पहले सभी लंबित कार्य समय पर पूरे किए जाएं ताकि जल निकासी व्यवस्था सुचारु रहे और भारी बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति पैदा न हो। उन्होंने सभी फील्ड अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव कृष्ण कुमार, मुख्य अभियंता (ड्रेनेज) हरदीप सिंह मैंदीरत्ता सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत कई जिलों में अगले चार दिन बारिश के आसार

  पटना बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून को प्रवेश किए एक हफ्ता गुजर चुका है पर इस दौरान छिटपुट बारिश ही दर्ज की गई है। झमाझम बारिश के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। मौसम विभाग पटना के मुताबिक बुधवार को पटना समेत 19 जिलों में एक या दो स्थान पर, जबकि बाकी जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है। 4-5 दिनों में राज्य के अनेक स्थानों के तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी का पूर्वानुमान है। मंगलवार को पटना में हल्की बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया। बुधवार को एक या दो स्थानों पर बारिश के बाद दूसरे दिन पटना समेत 14 जिलों में मौसम का रुख सख्त रहेगा। आज से 4 दिन तक बारिश की संभावना पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मुजफ्फरपुर जिले में मौसम में बदलाव शुरू हो गया है। इससे तापमान में कमी आई है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले तीन दिनों में औसत बारिश 13.8 एमएम दर्ज की गई है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक अगले दो दिनों तक धूप-छांव के बीच हल्की बारिश होते रहने के आसार है। उसके बाद अगले तीन दिनों तक मेघगर्जन, वज्रपात तेज झोंकेदार हवा के साथ झमाझम बारिश होने की संभावना है। मंगलवार को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के मौसम विभाग के द्वारा अगले पांच दिनों का पूर्वानुमान जारी किया गया है। वरीय मौसम वैज्ञानिक डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि आठ से 10 जुलाई तक आसमान में बादल छाये रहेंगे। कहीं-कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 31 व न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। 8-12 तारीख तक दक्षिण बिहार के हिस्सों में बारिश की संभावना भागलपुर में मानसून के सक्रिय होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। सुबह का मौसम सुहावना था। जिले के कुछ हिस्सों में 0.4 एमएम बारिश दर्ज की गई है। शहर के कई इलाकों में भी हल्की बारिश के कारण लोगों को बेहतर मौसम मिला। बिहार कृषि विवि (बीएयू) सबौर एवं भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक आठ से 12 जुलाई तक दक्षिण बिहार के जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ आंधी चलने एवं हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान है। अधिकतम तापमान 33-34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25-26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। उक्त जानकारी बीएयू के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल अधिकारी डॉ. बिरेद्र कुमार ने दी। मौसम वैज्ञानिक डॉ. नेहा पारिक ने बताया कि मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस रहा। बीते दिनों में हुई वर्षा जल का लाभ उठाते हुए धान की सबौर दीप, किस्मों जैसे प्रभात, शुष्क सम्राट, सहभागी की बुआई 10 जुलाई तक किसान कर सकते हैं।

CG Transfer News: पांच जिला पंचायत CEO बदले, एक्का संभालेंगे SUDA का अतिरिक्त जिम्मा

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के कार्यभार में फेरबदल करते हुए कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंगलवार को जारी आदेश के तहत पांच जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) का तबादला किया गया है। इसके अलावा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक रेमिजियुस एक्का को राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। आदेश के अनुसार, रेमिजियुस एक्का (भा.प्र.से. 2011) अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ SUDA के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। इसके अलावा निम्न अधिकारियों के तबादले किए गए हैं – गजेन्द्र सिंह ठाकुर। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत धमतरी को उप सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा पुनर्वास विभाग में पदस्थ किया गया है। प्रतीक जैन को जिला पंचायत बस्तर से जिला पंचायत कोरबा का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। सुरुचि सिंह को जिला पंचायत राजनांदगांव से आयुक्त, नगर पालिक निगम भिलाई पदस्थ किया गया है। जयंत नाहटा को जिला पंचायत दंतेवाड़ा से जिला पंचायत धमतरी का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। एम. भार्गव अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), डोंगरगढ़ को जिला पंचायत दंतेवाड़ा का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है। तनय खत्रा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), कटघोरा को जिला पंचायत बस्तर का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। दुर्गा प्रसाद अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), घरघोड़ा को जिला पंचायत राजनांदगांव का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है।

कवर्धा दौरे पर CM विष्णु देव साय, आज नए BJP कार्यालय का उद्घाटन करेंगे मुख्यमंत्री

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुबह 11:10 बजे रायपुर से कवर्धा के लिए रवाना होंगे. कवर्धा में वे नवीन भाजपा कार्यालय का लोकार्पण करेंगे. इसके बाद दोपहर 1:30 बजे कवर्धा से रायपुर लौटेंगे. दोपहर 2:10 बजे से शाम 4 बजे तक मुख्यमंत्री नया रायपुर स्थित मंत्रालय में कार्यालयीन कार्य करेंगे. इसके बाद शाम 4 बजे से 5:30 बजे तक साय कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता करेंगे. 5:30 बजे से 6:00 बजे तक मंत्रिमंडल उप समिति की बैठक में शामिल होंगे. शाम 6 बजे से 6:15 बजे तक मुख्यमंत्री शासकीय कर्मचारियों के लिए अल्पकालीन ऋण सुविधा योजना कार्यक्रम में भाग लेंगे. वहीं, रात 7:30 बजे डुमरतराई फेस-2 स्थित थोक बाजार में आयोजित नामकरण एवं लोकार्पण समारोह में शामिल होंगे. कार्यक्रमों के बाद रात 8:30 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे. मानसून सत्र से पहले आज होगी साय कैबिनेट की अहम बैठक रायपुर. मानसून सत्र से पहले आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी. शाम 4 बजे मंत्रालय महानदी भवन में होने वाली इस बैठक में 13 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र की तैयारियों और रणनीति पर चर्चा की जाएगी. बैठक में जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा. साथ ही प्रदेशहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और फैसलों पर कैबिनेट की मुहर लगने की संभावना है. उद्योगों के वृक्षारोपण कार्यों की आज होगी समीक्षा रायपुर. आज पर्यावरण संरक्षण मंडल की अहम बैठक आयोजित की जाएगी. बैठक की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद करेंगे. बैठक में उद्योगों को दिए गए वृक्षारोपण लक्ष्यों और उनकी प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी. इसके साथ ही लगाए गए पौधों के संरक्षण और रखरखाव की व्यवस्था पर चर्चा होगी. उद्योगवार वृक्षारोपण कार्ययोजना की समीक्षा कर आगामी रणनीति भी तय की जाएगी. स्व. तीजन बाई को मुक्ताकाशी मंच से  दी जाएगी श्रद्धांजलि रायपुर. आज पद्म विभूषण स्वर्गीय तीजन बाई को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी. दोपहर 2 बजे महंत घासीदास संग्रहालय परिसर स्थित मुक्ताकाशी मंच में आयोजित कार्यक्रम में लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्हें नमन करेंगे. श्रद्धांजलि समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, संस्कृति मंत्री, सांसद, विधायक सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल होंगे. इसके अलावा पद्मश्री और राज्य अलंकरण से सम्मानित अनेक कलाकार भी कार्यक्रम में उपस्थित रहकर स्व. तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.

सोना-चांदी खरीदने वालों की बल्ले-बल्ले! 3 दिन में ₹8,400 सस्ती हुई चांदी, देखें आज का Gold Price

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट (Gold-Silver Rate Fall) का सिलसिला थम नहीं रहा है. साल की शुरुआत में जहां इनके भाव गदर मचा रहे थे, तो अब हाल ये हैं कि हर रोज ये कीमती धातुएं सस्ती होती जा रही हैं. बुधवार को भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही गोल्ड-सिल्वर रेट फिसल गए।  चांदी का तो मानो बुलबुला सा फूटता (Silver Bubble Burst) जा रहा है. जनवरी महीने में 4 लाख के पार निकलकर गदर मचा रही चांदी की कीमत करीब आधी 2.28 लाख रुपये प्रति किलो रह गई है. वहीं सोना भी चांदी के कदम से कदम मिलाकर फिसलता जा रहा है।  चांदी की कीमत में जारी गिरावट एमसीएक्स पर चांदी की कीमत के ताजा हाल की बात करें, तो वायदा कारोबार में 4 सितंबर की एक्सपायरी वाली चांदी का दाम बीते कारोबारी दिन मंगलवार को 2,30,857 रुपये पर क्लोज हुआ था और बुधवार को ओपनिंग के साथ ही ये फिसलकर 2,28,925 रुपये प्रति किलो पर आ गया. वहीं इस सप्ताह की तीन कारोबारी दिनों में अब तक ये 8,485 रुपये सस्ती हो गई है. बता दें कि बीते शुक्रवार को 1 Kg Silver Price 2,37,410 रुपये था।  तीन दिन में सोना इतना सस्ता चांदी ही नहीं, बल्कि वायदा कारोबार में सोने की कीमत भी फिसलती जा रही है. 5 अगस्त की एक्सपायरी वाली ये कीमती पीली धातु इस सप्ताह के तीन कारोबारी दिनों में अब तक 2578 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ती हो चुकी है. दरअसल, बीते सप्ताह शुक्रवार को 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1,47,378 रुपये था, जो बुधवार को गिरावट के साथ 1,44,800 रुपये के लेवल पर आ गया।  सोना भी अपने हाई लेवल से लगातार फिसला है. चांदी की तरह Gold Rate ने भी एमसीएक्स पर बीते जनवरी महीने में ही अपना लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था और पहली बार 2 लाख रुपये के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया था. लेकिन अपने हाई को छूने के बाद ये लगातार टूटा है और अब इसकी कीमत में करीब 50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है।  घरेलू मार्केट में सोना-चांदी के दाम MCX Gold-Silver Rates अपडेट के बाद अगर बात करें, घरेलू बाजारों में इन कीमती धातुओं के भाव के बारे में, तो इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com के मुताबिक, बीते कारोबारी दिन मंगलवार तक ही 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का रेट 1,46,344 रुपये से गिरकर 1,44,083 रुपये पर आ गया है यानी सोना दो दिन में 2261 रुपये सस्ता हुआ है. वहीं इस अवधि में चांदी की कीमत 6658 रुपये प्रति किलो घट गई है. इसका भाव बीते शुक्रवार के 2,33,858 रुपये से 2,27,200 रुपये प्रति किलो पर आ गया है।  सोना-चांदी की ज्वेलरी खरीदते समय इस बात को ध्यान में रखना जरूरी है कि आईबीजेए के अपडेटेड रेट देशभर में समान होते हैं, लेकिन आभूषण खरीदने पर ग्राहकों को इन पर लागू जीएसटी के साथ ही मेकिंग चार्ज भी देना होता है, जिससे इनकी कीमत बढ़ जाती है।  (नोट- सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ खरीदने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.)

बाबरी ढांचे पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले दे रहे आस्था पर उपदेश, राम जन्मभूमि को बदनाम करने का प्रयास: सीएम योगी

रामभक्तों के सहयोग से भव्य राममंदिर निर्माण सहन नहीं हो रहा सपा व कांग्रेस से: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुल्तानपुर को दी ₹819 करोड़ से अधिक की 99 विकास परियोजनाओं की सौगात बाबरी ढांचे पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले दे रहे आस्था पर उपदेश, राम जन्मभूमि को बदनाम करने का प्रयास सपा-कांग्रेस चाहती हैं कि वक्फ की लूट जारी रहे और वे आस्था से खिलवाड़ करते रहें सुल्तानपुर,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या धाम और राम जन्मभूमि मंदिर को लेकर विपक्ष के दुष्प्रचार का मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रामभक्तों के सहयोग से प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनना समाजवादी पार्टी व कांग्रेस से सहन नहीं हो रहा है। रामभक्तों पर गोलियां चलाने वाले और बाबरी ढांचे के लिए घड़ियाली आंसू बहाने वाले आस्था पर उपदेश दे रहे हैं। एसआईटी की रिपोर्ट पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बावजूद अयोध्या को टारगेट किया जा रहा है। ये लोग चाहते हैं कि वक्फ के नाम पर लूट मची रहे और वे मंदिरों को बदनाम करते रहें। यह दोहरा चरित्र जनता को स्वीकार नहीं। मुख्यमंत्री मंगलवार को जनपद सुल्तानपुर में ₹819 करोड़ से अधिक लागत वाली 99 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सुल्तानपुर व इसौली विधानसभा क्षेत्रों समेत पूरे जनपद के नागरिकों को इन कल्याणकारी योजनाओं के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। रामायण कालीन स्मृतियों से जुड़ी सुल्तानपुर की पावन धरा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का नया उत्तर प्रदेश 'विरासत और विकास' के अद्भुत समन्वय के साथ आगे बढ़ रहा है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और भारी बारिश के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में जनता का उमड़ना इस बात का प्रमाण है कि लोग विकास की राजनीति के साथ मजबूती से खड़े हैं। राम जन्मभूमि को बदनाम करने का प्रयास सीएम ने कहा कि अयोध्या में एक घटना घटित हुई। ट्रस्ट के विनम्र अनुरोध पर एसआईटी गठित की गई। जब तक यह नहीं गठित हुई थी, सपा-कांग्रेस व अन्य सेक्युलर दल इसकी मांग करते थे। एसआईटी की रिपोर्ट पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई, लेकिन सपा-कांग्रेस ने पावन धाम आयोध्या को बदमान करने की मुहिम चला रखी है। राम जन्मभूमि को बदमान करने और आस्था पर प्रहार करने का कार्य किया जा रहा है। सपा के लोग कह रहे हैं कि अयोध्या की घटना से आस्था आहत हुई है। जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलाई हों, वे किस मुंह से आस्था की बात करते हैं? तुष्टीकरण की राजनीति पर कड़ा प्रहार सीएम ने तुष्टिकरण की राजनीति पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा-कांग्रेस ने वक्फ कानून का विरोध किया, नागरिकता कानून का विरोध किया। ये लोग विकास का पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल के निर्माण में खर्च करते थे, जबकि आज वही पैसा बथुआ धाम (बिजेथुआ महावीरन धाम) जैसे पवित्र मंदिरों के सौंदर्यीकरण और विकास पर खर्च हो रहा है। पहले 'चाचा-भतीजे' की जोड़ी युवाओं की नियुक्तियों और जमीनों पर डकैती डालती थी, जबकि वर्तमान सरकार ने बिना भेदभाव पूरी पारदर्शिता के साथ 9 वर्षों में 9 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरियां दी हैं। गत वर्ष पुलिस भर्ती में सुल्तानपुर के भी सैकड़ों युवाओं को भी नौकरी मिली है। माफिया राज बनाम मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कोई भी सार्वजनिक जमीन दिखने पर सपा का गुंडा पार्टी का झंडा लगाकर कब्जा कर लेता था। हमारी सरकार आई तो गुंडों के कब्जे से 64 हजार एकड़ जमीन खाली कराई गई। पिछली सरकार हर जनपद में एक माफिया और हर थाना क्षेत्र में गुंडा पालती थी, जो गरीबों, व्यापारियों और बेटियों को प्रताड़ित करते थे। लेकिन हमारी डबल इंजन सरकार हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज दे रही है। सुल्तानपुर में अब अपना मेडिकल कॉलेज संचालित हो चुका है और आज यहां नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए शिलान्यास भी किया गया है, जो बेटियों के लिए शत-प्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी बनेगा।   शानदार कनेक्टिविटी और इंडस्ट्रियल क्लस्टर 2017 से पहले की बदहाल कानून-व्यवस्था और ठप पड़े विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सुल्तानपुर बेहतरीन कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, अयोध्या फोर-लेन, और प्रयागराज-वाराणसी मार्गों के सुदृढ़ीकरण से सुल्तानपुर की दूरी अब अयोध्या एयरपोर्ट से मात्र 45 मिनट और लखनऊ-प्रयागराज से महज डेढ़ घंटे की रह गई है। इसके साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक इंडस्ट्रियल क्लस्टर भी विकसित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय नौजवानों को उनके गृह जनपद में ही रोजगार और नौकरी के पर्याप्त अवसर मिलेंगे।     खेल और युवा शक्ति को प्रोत्साहन मुख्यमंत्री ने खेल क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि ओलंपिक में मेडल जीतने वाले उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल को सीधे डिप्टी एसपी पद पर नियुक्त किया गया है। राज्य में इंडोर स्टेडियम, ग्रामीण स्टेडियम और खेल के मैदानों का निर्माण कर युवाओं को एक बड़ा प्लेटफॉर्म दिया जा रहा है।   डबल इंजन सरकार ही करेगी विकास मुख्यमंत्री ने इसौली विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां डबल इंजन सरकार का प्रतिनिधि नहीं है, वहां विकास कार्यों में कोई रुचि नहीं ली जा रही है। उन्होंने सुल्तानपुर की जनता से आह्वान किया कि सुरक्षित, समृद्ध और सुशासन युक्त व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार पर अपना आशीर्वाद और विश्वास इसी तरह बनाए रखें। इस सरकार ने बेटी-बहन, व्यापारी, आम नागरिक सबको समान सुरक्षा उपलब्ध कराई है। सुरक्षा का वातावरण बना तो निवेश आया, विकास के काम हुए, रेलवे लाइन-फ्लाइओवर बने। हाईवे, ब्रिज, फोर-सिक्स लेन सड़कें व बाईपास आदि बन रहे हैं। मासूम बच्ची ने छुए सीएम के पैर कार्यक्रम की शुरूआत में सीएम ने महिलाओं को पोषण पोटली दी और बच्चों का अन्नप्राशन कराया। इस दौरान मां के साथ मौजूद एक बच्ची ने सीएम के हाथ से चॉकलेट मिलने पर उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। सीएम ने यहां आयोजित प्रदर्शनी में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, निषाद राज वोट सब्सिडी योजना समेत कई स्टॉल्स पर जाकर जानकारी ली। उन्होंने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्टॉल पर मौजूद छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्हें चॉकलेट व स्कूल बैग किट भी प्रदान की। इस … Read more

बंगाल में रेप आरोपी एनकाउंटर में ढेर, महुआ मोइत्रा भड़कीं; पुलिस कार्रवाई पर छिड़ी सियासी बहस

 बारुईपुर  पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी का एक आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। कहा जा रहा है कि भागने की कोशिश के दौरान वह मारा गया। पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है। इस वारदात में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। खबरें थीं कि अधिकारियों को चौथे संदिग्ध की भी तलाश थी। बुधवार को बारुईपुर एसपी ने जानकारी दी, 'बारुईपुर दुष्कर्म और मर्डर केस का आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। जब क्राइम सीन रीक्रिएट किया जा रहा था, तब उसने पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश की और गोलियां भी चला दी थीं। इसके जवाब में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और प्रभास को मार गिराया। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।' अधिकारी ने बताया कि आरोपी इस मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक था और लड़की से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या से पहले आरोपी को सीसीटीवी फुटेज में लड़की के साथ देखा गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में जांच जारी है। 72 घंटे में मांगी थी रिपोर्ट पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को इस केस की रिपोर्ट तलब की थी। उन्होंने पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता को इसके लिए 72 घंटों का समय दिया था। इससे पहले मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पीड़िता के परिवार से कहा था कि आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे। वह मंगलवार को परिवार से मिलने पहुंचीं थीं। आरोपियों ने कर रखी थी प्लानिंग पीटीआई भाषा से बातचीत में अधिकारियों ने मंगलवार को बताया था कि आशंका है कि आरोपियों में से एक बच्ची को एक झोपड़ी में ले गया था, जहां दो अन्य आरोपी पहले से मौजूद थे और इसके बाद कथित रूप से वारदात को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया, 'प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि ये चोटें कैसे लगीं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।' शव को ठिकाने लगाने की हुई कोशिश जांच दल के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर शनिवार देर रात पीड़िता को ठिकाने लगाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, 'आशंका है कि ठिकाने लगाने से पहले पीड़िता को झोपड़ी में रखा गया था। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि आरोपियों ने उसे प्लास्टिक की बोरी में भरकर ले जाने की कोशिश की, लेकिन बोरी फट जाने पर उसे पास के एक तालाब में फेंक दिया।' इस बीच, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 'एंटे-मॉर्टम डूबने' के संकेत मिले हैं जिसका अर्थ है कि तालाब में फेंके जाने के समय बच्ची जीवित थी। एनकाउंटर पर भड़कीं महुआ मोइत्रा  बारुईपुर में एक लड़की से दुष्कर्म और उसके बाद हत्या करने के मामले का आरोपी प्रभाष मंडल बुधवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। इस एनकाउंटर के बाद राजनीति तेज हो गई है। ममता बनर्जी की करीबी और तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने बड़ा हमला बोला है। उन्होंने पश्चिम बंगाल को उत्तर प्रदेश 2.O करार दिया है। महुआ मोइत्रा ने एक्स पर लिखा, ''बारुईपुर रेप और मर्डर केस का आरोपी प्रभाष मंडल एनकाउंटर में मारा गया। पश्चिम बंगाल पुलिस यह क्या हो रहा है? बंगाल के लोगों नए बंगाल यानी कि उत्तर प्रदेश 2.0 का स्वागत करें। बंगाल भाजपा यह कोई सरकार नहीं है, यह जंगल राज है।'' न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारी ने बताया कि पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए आरोपी को मंगलवार रात बारुईपुर के सूर्यपुर ले जाया गया था। पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी से हथियार छीन लिया और भागने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि उसने पुलिस टीम पर कथित तौर पर गोलियां भी चलाईं, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस ने बताया कि इस दौरान गोली लगने से आरोपी घायल हो गया और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिकारी ने बताया कि आरोपी इस मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक था और लड़की से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या से पहले आरोपी को सीसीटीवी फुटेज में लड़की के साथ देखा गया था। शुभेंदु ने 72 घंटे में मांगी थी रिपोर्ट इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धनाथ गुप्ता को बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ ष्कर्म और हत्या से जुड़े मामले में 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। शुभेंदु ने कहा कि घटना के बाद भीड़ हत्या का शिकार हुआ व्यक्ति बेकसूर था। उन्होंने कहा कि बीते रविवार को पीड़िता का शव मिलने के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति की तोड़फोड़ करने और पुलिस वाहन तथा रेलवे पटरियों को नुकसान पहुंचाने वाले लगभग 200 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात के बाद शुभेंदु ने कहा, “हमने पूरे मामले की जांच की है। मैंने शुरुआती विश्लेषण किया है। मैंने डीजीपी को 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। हम उसी के हिसाब से सख्त कार्रवाई करेंगे। अगर शिकायत दर्ज होने के बाद उचित कदम उठाने में कोई देरी या लापरवाही हुई है, भले ही वह एक प्रतिशत ही क्यों न हो, तो कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने कहा, "भीड़ हत्या के शिकार हुए इंद्रजीत मंडल बेकसूर थे। पुलिस ने मुझे यही बताया; ये मेरे शब्द नहीं हैं। मंडल को भी न्याय मिलेगा। मैंने उनके परिवार वालों से भी मुलाकात की है।" बोरी में मिला था लड़की का शव आपको बता दें कि लड़की का शव रविवार को सुर्ज्यपुर हाट इलाके में एक बोरी में मिला था, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बारुईपुर-जयनगर मार्ग अवरुद्ध किया, टायर जलाए और पुलिस के कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की। शव मिलने के कुछ घंटों बाद गुस्साई भीड़ ने लड़की की मौत में शामिल होने के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मामले के सिलसिले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। राज्य सरकार ने घटना की तहकीकात के लिए एक विशेष जांच … Read more

सरदार सरोवर डैम विवाद खत्म! अमित शाह की मौजूदगी में MP, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक समझौता

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह की मौजूदगी में ऐतिहासिक समझौता, महाराष्ट्र-गुजरात-राजस्थान-एमपी के बीच सुलझा सरदार सरोवर डैम का मुद्दा – सरदार सरोवर परियोजना का दीर्घकालिक मसला समाप्ति की ओर – परियोजना की निर्माण की लागत साझाकरण के मुद्दों पर था विवाद – चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने किए हस्ताक्षर भोपाल/नई दिल्ली  केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बीच नर्मदा अवार्ड लाभार्थी राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबित भुगतान के निपटारे पर ऐतिहासिक समझौता हो गया है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री शाह और केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की उपस्थिति में 7 जुलाई को नई दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। बैठक में केन्द्र एवं चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। यह समझौता मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र राज्यों द्वारा सरदार सरोवर परियोजना के निर्माण के लागत साझाकरण के मुद्दों से जुड़े दीर्घकालिक विवादों को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जिसके तहत लंबित देयों के अंतिम निपटान के रूप में किए जाने वाले भुगतानों को एकमुश्त निपटान (वन-टाइम सेटलमेंट) के रूप में हल किया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबे समय से नर्मदा अवॉर्ड के लंबित भुगतान का विवाद चल रहा था, जिसका आज सौहार्दपूर्ण समाधान निकल गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल सुरक्षा को मजबूत करने और जल क्षेत्र में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए कई ऐतिहासिक पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में अनेक राज्यों में डबल इंजन सरकार बनने का लाभ यह हुआ है कि हम में एक-दूसरे को समझने की क्षमता बढ़ी है, राजनीतिक मुद्दे कम हुए हैं और देश के अनेक विवाद अब तेजी से सुलझाए जा रहे हैं। सरकारों के रचनात्मक सहयोग की सराहना  केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने इस महत्वपूर्ण अंतर-राज्यीय परियोजना पर आम सहमति बनाने में मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र की सरकारों द्वारा दिए गए रचनात्मक सहयोग की सराहना की। मंत्री शाह ने कहा कि इस परियोजना से विशेषकर मध्यप्रदेश, गुजरात तथा राजस्थान को बहुत लाभ हुआ। बांध पूरा होने से इन राज्यों में हर जगह पानी और बिजली पहुंची। उन्होंने कहा कि राजस्थान को हुआ लाभ दिखने में छोटा लग सकता है, पर जिस भूमि तक नर्मदा का पानी पहुंचा है, वहां भूमि का मूल्य और किसान की किस्मत दोनों बदल गई है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल के नेतृत्व में देश में चल रहे जल विवाद या जल वितरण से जुड़े विवाद एक-एक कर सुलझाए जा रहे हैं।  राष्ट्रीय नुकसान को ध्यान में रख कर सुलझाएं मसले गृह मंत्री शाह ने कहा कि पिछले दिनों हरियाणा और राजस्थान के बीच का जल विवाद सुलझाया गया। चाहे किशाऊ बांध परियोजना का मुद्दा हो या राजस्थान, हरियाणा के बीच जल विवाद हो या आज का यह समझौता, ये सभी सहकारी संघवाद के स्वर्णिम उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि चाहे गुजरात हो, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा या महाराष्ट्र, पानी देश के लोगों, खासकर किसानों के ही काम आता है। मंत्री शाह ने कहा कि पानी का उपयोग चाहे देश के किसी भी हिस्से में हो उससे लाभान्वित होने वाला एक भारतीय ही होगा। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि किसी भी विवाद से होने वाले राष्ट्रीय नुकसान को ध्यान में रख कर उसे सुलझाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पड़ोसी राज्य समृद्ध होता है, तो उसका लाभ अपने राज्य को भी मिलता है।

Shilp Sampada Yojana: हरियाणा के शिल्पकारों के लिए बड़ी सौगात, ₹10 लाख लोन और मुफ्त ट्रेनिंग

सिरसा पारंपरिक कला और हस्तशिल्प से जुड़े पिछड़े वर्ग के कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरियाणा पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम की शिल्प संपदा सावधि ऋण योजना एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है। इस योजना के तहत राज्य सरकार पात्र शिल्पकारों को अपने व्यवसाय को आधुनिक संसाधनों और नई तकनीक से जोड़ने के लिए 10 लाख रुपये तक का सावधि ऋण उपलब्ध करा रही है। योजना के तहत लाभार्थियों को न केवल वित्तीय सहायता दी जाएगी, बल्कि कंप्यूटर, कैड डिज़ाइन और अन्य आधुनिक तकनीकी उपकरणों का निशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे कारीगर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुसार अपने उत्पादों की गुणवत्ता और डिजाइन को बेहतर बना सकेंगे। किन्हें मिलेगा लाभ और पात्रता     आयु सीमा: आवेदक की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए।     आय सीमा: ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक न हो।     दस्तावेज: आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी हो और पिछड़ा वर्ग से संबंध रखता हो। आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, बैंक विवरण और पासपोर्ट फोटो अनिवार्य हैं। पात्र आवेदक निगम के पोर्टल https://hbews.org.in/ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। निगम के जिला प्रबंधक धर्मेंद्र खोथ ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक तंगी के कारण कई हुनरमंद कलाकार अपने पैतृक व्यवसाय को आगे नहीं बढ़ा पाते। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करने और पारंपरिक कला को जीवित रखने में मील का पत्थर साबित होगी।