samacharsecretary.com

झाबुआ में 99 क्विंटल से अधिक वजन के गांजे के पौधे जब्त, अनुमानित कीमत 9 करोड़ 42 लाख रूपए से अधिक

भोपाल मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में प्रदेश को 31 दिसंबर 2029 तक (तीन वर्ष में) नशामुक्त बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त सिंडिकेट को ध्वस्त करने, नशीले पदार्थों की अवैध खेती एवं तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा इस कारोबार में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कठोर वैधानिक कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में प्रदेश में मादक पदार्थों की अवैध खेती, तस्करी एवं कारोबार के विरुद्ध पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस महानिरीक्षक इंदौर जोन (ग्रामीण) श्री अनुराग और पुलिस उपमहानिरीक्षक इंदौर रेंज (ग्रामीण) श्री मनोज कुमार सिंह के निर्देशन में तथा पुलिस अधीक्षक झाबुआ श्री देवेंद्र पाटीदार के नेतृत्व में झाबुआ पुलिस ने ग्राम कलमोड़ा के दुर्गम एवं पहाड़ी क्षेत्र में कपास की फसल के बीच की जा रही अवैध गांजा खेती का पर्दाफाश करते हुए तीन अलग-अलग प्रकरणों में 15,609 गांजे के पौधे जब्त किए हैं। इन पौधों का कुल वजन 99 क्विंटल 16 किलो 427 ग्राम तथा अनुमानित कीमत 9 करोड़ 42 लाख रुपये है। तीनों प्रकरणों में एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। ग्राम कलमोड़ा में पुलिस ने तीन स्थानों पर की कार्रवाई थाना कोतवाली एवं चौकी पारा पुलिस को ग्राम कलमोड़ा में पहाड़ी, तलहटी एवं दुर्गम क्षेत्रों में कपास की फसल के बीच में अवैध गांजे की खेती किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने क्षेत्र में दबिश देकर तीन अलग-अलग स्थानों पर अवैध रूप से उगाए गए गांजे के पौधों को जब्त किया। मध्यप्रदेश पुलिस का "नशामुक्त मध्‍यप्रदेश'' के संकल्प को साकार करने के लिए मादक पदार्थों की अवैध खेती एवं तस्करी के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा।  

विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग का बड़ा फैसला

 नई दिल्ली    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने 17 राज्यों में मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) कराने की घोषणा की है। इनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा जैसे वे राज्य भी शामिल हैं, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र भेजकर इस प्रक्रिया की जानकारी दी है। आयोग के मुताबिक, पुनरीक्षण के लिए एक जनवरी 2027 को अर्हता तिथि निर्धारित किया गया है। नए मतदाताओं को जोड़ने पर रहेगा जोर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची में पात्र लोगों के नाम शामिल करना है। इसमें खास तौर पर युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले लोगों पर ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, मौजूदा मतदाता सूची में दर्ज गलतियों को सुधारने और सूची को सटीक व अद्यतन बनाने का प्रयास किया जाएगा। अगले साल कई राज्यों में विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 22 मई को समाप्त हो रहा है। वहीं, मणिपुर, गोवा, पंजाब और उत्तराखंड की विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों पर पूरा होगा। इन राज्यों में विधानसभा सीटों की संख्या क्रमशः 60, 40, 117 और 70 है। छह महीने पहले भी हो सकते हैं चुनाव जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत चुनाव आयोग को विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने पहले भी चुनाव कराने की अनुमति है। ऐसे में चुनाव वाले राज्यों में मतदाता सूची को समय पर दुरुस्त करना महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर लगातार विरोध-प्रदर्शन किया है। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संयोजक अभिजीत दिपके ने भी अपनी पार्टी के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी के खिलाफ दिल्ली में 16 अक्तूबर को कनॉट प्लेस में तिरंगा फहराने के लिए लोगों से अपील की है।

आज का राशिफल 16 अक्टूबर 2026: शुक्रवार को किन राशियों को मिलेगी सफलता? जानें भविष्यफल

मेष राशि– तनाव दूर करने के लिए वॉक पर जा सकते हैं। सिंगल लोगों की लाइफ में किसी नए शख्स की एंट्री होने की संभावना है। करियर में बैलेंस मेंटेन करके चलें। खुद को हाइड्रेटेड जरूर रखें। वृषभ राशि- आपकी मेहनत आपको पूरी लगन से अपना प्रदर्शन दिखाने में मदद करेगी। शाम रोमांटिक रहने वाली है। ऑफिस का काम आपके दिन को व्यस्त बना सकता है। हाइड्रेटेड रहना न भूलें। मिथुन राशि– फाइनेंशियली आप अच्छे रहेंगे। प्रोफेशनल लाइफ में खुद पर फीलिंग्स को हावी न होने दें। जल्दबाजी में आकर आज कोई जरूरी डिसीजन न ही लें तो बेहतर है। ब्रेक लेते रहें। कर्क राशि– ऑफिस का काम घर लेकर न आएं। सेहत पर ध्यान देने की आज जरूरत है। इन्वेस्टमेंट करना आज ठीक नहीं रहेगा। कुछ लोगों को राजनीतिक लाभ मिल सकता है। सिंह राशि- आपको अपने स्वास्थ्य की देख-रेख करनी चाहिए। बॉस की सलाह पर ध्यान दें। आज डाइट को हेल्दी रखें। भले ही आपकी शादी को काफी समय हो गया हो लेकिन साथ में समय व्यतीत करना जरूरी है। कन्या राशि- थोड़ा स्ट्रेस फील कर सकते हैं। आज का राशिफल नए विचारों को लाइफ में लाने की एडवाइस दे रहा है। करियर तौर पर प्रोडक्टिव रहेंगे। आर्थिक दृष्टि से अच्छा अवसर आज दरवाजे पर दस्तक दे सकता है। तुला राशि- सीनियर्स के साथ किसी नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर सकते हैं। वित्तीय स्थिति आज पॉजिटिव रहने वाली है। वर्क और लाइफ के बीच बैलेंस मेन्टेन करके रखना बेहद जरूरी है। वृश्चिक राशि- सही दृष्टिकोण और थोड़े से साहस के साथ आप अपने रोमांटिक सपनों को एक खूबसूरत हकीकत में बदल सकते हैं। वर्क प्रेशर आज ज्यादा फील हो सकता है। बैलेंस मेंटेन रखें। धनु राशि- काम करते दौरान समय-समय पर ब्रेक लें। सुख-समृद्धि भरा दिन रहेगा दिन। हेल्दी ड्रिंक का सेवन करें। पैसे के मामले में होशियार रहना आज बेहद जरूरी है। आज खुद पर फोकस करें। मकर राशि- आपको सेल्फ केयर पर फोकस करना चाहिए। नए रास्ते खोजने के लिए आप तैयार हैं। अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। आगे बढ़ने और दुनिया को यह दिखाने से न डरें की आप कितने काबिल हैं। कुंभ राशि– आपका शरीर और दिमाग दोनों तालमेल में रहने वाले हैं। अपनी फीलिंग्स को पार्टनर के साथ शेयर करना अच्छा साबित होगा। स्ट्रेस दूर करने के लिए मेडिटेशन या योग का सहारा लें। मीन राशि– करियर में कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। फाइनेंशियल दिक्कतों से छुटकारा पाने के लिए अपने पार्टनर से सलाह लें। आज काफी मोटिवेटेड फील करेंगे। भीड से अलग होने से न डरें।

गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के पांचवे संस्करण का हुआ शुभारंभ

ऑल सीजन टेंट सिटी के साथ रोमांचक साहसिक गतिविधियों का मिलेगा आनंद भोपाल ऑल सीजन टेंट सिटी के साथ जल, नभ और थल पर आधारित साहसिक गतिविधियों का प्रमुख आकर्षक गंतव्य 'गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट' के पांचवें संस्करण का मंदसौर जिले के गांधीसागर जलाशय के सुरम्य बैकवाटर पर शुभारंभ हुआ। एमपी टूरिज्म बोर्ड और लल्लूजी एंड सन्स एवं इवोक कैंपिंग के सहयोग से आयोजित यह रिट्रीट पर्यटकों को चंबल के शांत जल विस्तार और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच रोमांच और सुकून का अनूठा अनुभव प्रदान करेगा। रिट्रीट में पर्यटक हाई रोप, ज़िपलाइन, एटीवी राइड, साइकलिंग, डुओ साइकिल, एयरगन शूटिंग और पैरामोटरिंग जैसी साहसिक और रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। पर्यटक स्पीड बोट, जेट स्कीइंग, बनाना बोट, ड्रैगन बोट और कयाकिंग का भी रोमांच ले सकेंगे। इसके अतिरिक्त जंगल सफारी, नाइट वॉक, स्टार गेज़िंग, बोट सफारी, बोट स्पा, योग एवं वेलनेस सत्र तथा इनडोर खेलों की सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं। गरोठ विधायक श्री चंदर सिंह सिसोदिया और कलेक्टर श्री दिव्यांक सिंह ने रिट्रीट का औपचारिक शुभारंभ किया। स्थानीय संस्कृति और पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन रिट्रीट के माध्यम से पर्यटकों को मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाओं, पारंपरिक जीवनशैली और स्थानीय व्यंजनों से परिचित कराने के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएगे। वर्ष 2023 में शुरू हुआ गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट अपने पांचवें संस्करण के साथ क्षेत्र में प्रकृति-आधारित एवं साहसिक पर्यटन को नई दिशा दे रहा है। गांधीसागर की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से आतिथ्य, परिवहन, खानपान और स्थानीय उत्पादों से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट प्राकृतिक सौंदर्य, साहसिक गतिविधियों, लग्जरी प्रवास और सांस्कृतिक अनुभवों का संगम है, जो मध्यप्रदेश को अनुभवात्मक एवं जिम्मेदार पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। गांधीसागर तक सुगम पहुँच: प्रमुख शहरों से सड़क व रेल संपर्क गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट देश-प्रदेश के प्रमुख शहरों से सड़क एवं रेल मार्ग द्वारा सुलभ है। इंदौर से लगभग 250 से 300 किलोमीटर की दूरी सुगम राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के माध्यम से निजी वाहन, टैक्सी अथवा नियमित बस सेवाओं से 4 से 6 घंटे में तय की जा सकती है। रेल मार्ग से आने वाले पर्यटक नागदा या भवानी मंडी जंक्शन उतरकर वहाँ से स्थानीय परिवहन ले सकते हैं। वहीं, राजधानी भोपाल से लगभग 333 किलोमीटर का सफर सड़क मार्ग से 7 घंटे में पूरा किया जा सकता है। भोपाल से ट्रेन द्वारा आने वाले यात्री निकटतम रेलवे स्टेशनों—भवानी मंडी (55 किमी), मंदसौर (70 किमी) या नीमच (115 किमी) तक पहुँचकर वहाँ से टैक्सी अथवा बस द्वारा आसानी से गांधीसागर पहुँच सकते हैं।  

संघ के न्योते पर कांग्रेस का तंज, अंतर्विरोधों पर उठाए सवाल

नई दिल्ली पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को अगले सप्ताह नागपुर में विजयादशमी पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वार्षिक उत्सव में आमंत्रित किया गया है। जगदीप धनखड़ को मिले इस न्यौते पर सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने धनखड़ के बहाने संघ और भाजपा पर निशाना साधा है। संघ का हर साल होने वाला विजयादशमी समारोह हर बार किसी ने किसी कारण से चर्चा में रहा है। कभी मुख्य अतिथि के रूप में दिवंगत राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को मिले आमंत्रण पर तो कभी किसी अन्य अतिथि पर। इस बार के समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को संघ की ओर से मिले न्योते पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। कांग्रेस इसे भाजपा और संघ के बीच टकराव के रूप में प्रचारित कर रही है, जबकि भाजपा चुप है। यह चर्चा तब उफान पर है जब पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ इस समारोह के मुख्य अतिथि नहीं हैं। दरअसल इस बार संघ का हर साल होने वाला विजया दशमी समारोह बेहद खास है, क्योंकि इसके साथ ही संघ अपने शताब्दी वर्ष का समापन समारोह भी आयोजित कर रहा है। हमेशा की तरह इस समारोह में मुख्य भाषण संघ प्रमुख मोहन भागवत का होगा। अतिथि के तौर पर पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ और मध्य एशिया भारत में इस्राइल के महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच। धनखड़ मामले में चर्चा का कारण बतौर उपराष्ट्रपति राज्यसभा का सदन चलाने और सार्वजनिक जीवन में न्यायपालिका पर सीधा हमला बोलने के लिए चर्चित धनखड़ ने 2018 में बेहद कटुतापूर्ण सियासी परिस्थितियों में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। सरकार और उनके बीच कटुता तब अचानक चरम पर पहुंची जब हाईकोर्ट के जज यशवंत शर्मा के घर पर मिले अधजले नोट मामले में उन्होंने बिना सलाह के विपक्ष के महाभियोग के नोटिस को स्वीकार कर लिया। विवाद इसलिए बढ़ा की सरकार खुद इस मुहिम की अगुवाई करना चाहती थी। हालांकि विवाद बढऩे के बाद अचानक धनखड़ के इस्तीफे की खबर आई। कांग्रेस ने बोला हमला धनखड़ को मिले न्योते पर कांग्रेस हमलावर है। पार्टी इसे संघ और भाजपा के बीच मची खींचचान के रूप में प्रचारित कर रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि इस न्योते ने संघ और भाजपा के बीच जारी अंतर्विरोध को उजागर किया है। ऐसे समय में जब मोदी सरकार इस्तीफा देने के बाद धनखड़ को सरकार ने उनका सरकारी आवास के अधिकार की अनदेखी की है, ऐसे समय में संघ उन्हें विजया दशमी समारोह में आमंत्रित किया है।

देवभोग में पीडब्ल्यूडी का एसडीओ कार्यालय शुरू

रायपुर कार्यालय भवन का निर्माण पूर्ण होने के बाद लोक निर्माण विभाग के देवभोग अनुविभाग का कार्यालय अब गरियाबंद से स्थानांतरित होकर देवभोग में प्रारंभ हो गया है। देवभोग में भवन के अभाव में अब तक इसे गरियाबंद से संचालित किया जा रहा था। देवभोग में अनुविभागीय कार्यालय का निर्माण पूर्ण होने के बाद आज से वहां कामकाज शुरू कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने विगत 10 अक्टूबर को गरियाबंद में निरीक्षण के दौरान देवभोग में नवनिर्मित एसडीओ कार्यालय का संचालन शुरू करने के निर्देश दिए थे। इस पर त्वरित अमल करते हुए विभाग ने पांच दिनों के भीतर नए भवन से कार्यालय का संचालन प्रारंभ कर दिया है।

मातृ-नवजात मृत्यु दर घटाने छत्तीसगढ़ में ‘सुमन रोडमैप 2030’ पर मंथन: रायपुर में राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित

रायपुर मातृ-नवजात मृत्यु दर घटाने छत्तीसगढ़ में ‘सुमन रोडमैप 2030’ पर मंथन: रायपुर में राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित छत्तीसगढ़ में मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 'झपाइगो' (JHPIEGO) के तकनीकी सहयोग से ‘सुमन (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन) रोडमैप 2030’ पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन रायपुर के होटल बेबीलोन इंटरनेशनल में किया गया। यह आयोजन  संजीव कुमार झा आयुक्त सह संचालक (स्वास्थ्य सेवाएं) एवं मिशन संचालक एन.एच.एम.छत्तीसगढ़ के निर्देशन तथा संयुक्त संचालक (मातृ स्वास्थ्य) डॉ. निर्मला यादव एवं उपसंचालक (मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम) डॉ. स्मृति देवांगन के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ‘सुमन रोडमैप 2030’ की कार्ययोजना को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप धरातल पर क्रियान्वित करना रहा। इस दौरान विशेषज्ञों ने मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्राथमिकताओं की समीक्षा करते हुए व्यावहारिक अनुभवों और सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों (Best Practices) को साझा किया। 12 हाई-फोकस जिलों पर विशेष ध्यान प्रदेश के 12 प्राथमिकता वाले जिलों—बेमेतरा, बीजापुर, धमतरी, दंतेवाड़ा, कांकेर, केसीजी (खैरागढ़-छुईखदान-गंडई), कोंडागांव, महासमुंद, एमएमएसी (मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी), नारायणपुर, राजनांदगांव एवं सरगुजा के प्रथम संदर्भन इकाइयों (FRUs/DH/CHC) में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और 'जिला कार्ययोजना' (District Action Plan) तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। *प्रमुख रणनीतियां एवं कार्यबिंदु* गुणवत्तापूर्ण मातृत्व सेवाएं: प्रसव पूर्व जांच (ANC), संस्थागत प्रसव तथा प्रसवोत्तर देखभाल (PNC) को शत-प्रतिशत सुरक्षित बनाना। आपातकालीन प्रसूति प्रबंधन: जटिल प्रसव और आपात स्थितियों में त्वरित उपचार के लिए फर्स्ट रेफरल यूनिट्स (FRUs) को सुदृढ़ करना। अंतर-विभागीय समन्वय: जिला स्तर पर स्वास्थ्य तंत्र की जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा तकनीकी व सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना। *चिकित्सा विशेषज्ञों व अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की सहभागिता* इस उच्चस्तरीय कार्यशाला में एम्स (AIIMS) रायपुर के स्त्री एवं प्रसूति रोग (OBGY) विभागाध्यक्ष, प्रदेश के सभी 10 शासकीय व 5 निजी मेडिकल कॉलेजों के विभागाध्यक्ष, समस्त जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), जिला आरसीएच (RCH) नोडल अधिकारी, ब्लॉक नोडल अधिकारी, फॉग्सी (FOGSI) के प्रतिनिधि तथा प्रमुख सहयोगी संस्थाओं (WHO, UNICEF, JHPIEGO, Nutrition International, KPMG, IPAS, Piramal Foundation, Wadhwani AI, Azim Premji Foundation, ARMANN, YosAid) के राज्य प्रमुख उपस्थित रहे। सभी ने वर्ष 2030 तक मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में ऐतिहासिक कमी लाने के लिए समन्वित प्रयास करने का संकल्प लिया।

मध्यप्रदेश पुलिस का विशेष यातायात अभियान संपन्न

54 हजार से अधिक लापरवाह वाहन चालकों पर कार्रवाई 3 लाख से अधिक नागरिकों एवं विद्यार्थियों को किया सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक भोपाल सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि को रोकने और सुरक्षित यातायात संस्कृति को मजबूत करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाया गया प्रदेशव्यापी विशेष प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पुलिस मुख्यालय, भोपाल एवं पुलिस परिवहन एवं शोध संस्थान (PTRI) के निर्देशन में 10 दिनों तक संचालित इस अभियान में नियमों के उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाने पर विशेष जोर दिया गया। अभियान के दौरान प्रदेश में स्कूल-कॉलेजों, विभिन्न सार्वजनिक एवं शैक्षणिक स्थानों पर कुल 2,582 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें विद्यार्थियों तथा अन्य नागरिकों सहित लगभग 3 लाख 15 हजार 483 लोगों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से हेलमेट एवं सीटबेल्ट के अनिवार्य उपयोग सहित सुरक्षित यातायात व्यवहार अपनाने के लिए नागरिकों को प्रेरित किया गया। स्थानीय टीवी चैनलों के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार गतिविधियों के जरिए यातायात नियमों के पालन का संदेश प्रसारित किया गया। सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोट एवं मृत्यु की आशंका को कम करने के लिए दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट तथा चार पहिया वाहन चालकों एवं यात्रियों द्वारा सीटबेल्ट के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया। अभियान के दौरान हेलमेट नहीं पहनने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध चालान बनाए गए, जिनसे 1 करोड़ 23 लाख 85 हजार 300 का समन शुल्क वसूला गया। इसी प्रकार सीटबेल्ट का उपयोग नहीं करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध चालान बनाए गए तथा 61 लाख 40 हजार 852 का समन शुल्क वसूल किया गया। इस प्रकार हेलमेट एवं सीटबेल्ट के नियमों का उल्लंघन करने पर कुल 54 हजार 767 चालान बनाए गए और 1 करोड़ 85 लाख 26 हजार 152 का समन शुल्क वसूल किया गया। यातायात नियमों की लगातार अवहेलना करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए 1,812 प्रकरणों में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जाने के लिए परिवहन विभाग (RTO) को प्रस्ताव भेजे गए। इससे स्पष्ट है कि अभियान का उद्देश्य केवल मौके पर चालानी कार्रवाई तक सीमित न रहकर नियमों के लगातार उल्लंघन पर प्रभावी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करना भी रहा। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा इस विशेष अभियान के माध्यम से प्रवर्तन और जन-जागरूकता को साथ लेकर सड़क सुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया। सुरक्षित यातायात केवल पुलिस की कार्रवाई से नहीं, बल्कि प्रत्येक सड़क उपयोगकर्ता के जिम्मेदार व्यवहार से सुनिश्चित होता है। इसी उद्देश्य से नागरिकों और विशेषकर युवा वर्ग को हेलमेट, सीट बेल्ट तथा अन्य यातायात नियमों के नियमित पालन के लिए प्रेरित किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि दोपहिया वाहन चलाते समय मानक एवं गुणवत्तापूर्ण हेलमेट अनिवार्य रूप से धारण करें तथा चार पहिया वाहन में यात्रा करते समय सीट बेल्ट का सदैव उपयोग करें। वाहन चलाते समय गति सीमा सहित सभी यातायात नियमों का पालन करें और स्वयं के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। सुरक्षित यातायात व्यवहार को दैनिक जीवन की आदत बनाकर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जन हानि को रोकने में सहभागी बनें।  

विशेष अभियान की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की समीक्षा, आवेदनों के संधारण एवं ऑनलाइन प्रविष्टि के दिए निर्देश

भोपाल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी म.प्र. संजीव कुमार झा ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रदेश के सभी उप जिला निर्वाचन अधिकारियों से चर्चा कर नए एवं छूट गए  पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए संचालित विशेष अभियान की समीक्षा की। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा ने निर्देश दिए कि विशेष अभियान अन्तर्गत आयोजित शिविरों को प्रभावी एवं सार्थक बनाया जाए, ताकि अधिक से अधिक नए मतदाताओं से फॉर्म-6 प्राप्त किए जा सकें। उन्होंने शिविरों में प्राप्त आवेदनों की जानकारी का व्यवस्थित संधारण करने तथा उन्हें ऑनलाइन दर्ज करने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया। मध्यप्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में नए एवं वंचित पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने के उद्देश्य से विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि “कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।” भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश के निर्देशन में अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। बैठक में जिलेवार जानकारी के संकलन एवं समीक्षा, फॉर्म-6 के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की जांच तथा सत्यापन की प्रक्रिया के संबंध में भी चर्चा की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी म.प्र. श्री आर.पी.एस. जादौन, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री राजेश यादव एवं श्री वीरेंद्र सिंह उपस्थित रहे।

परीक्षाओं में नकल पर सख्ती, मध्यप्रदेश के 4 महानगरों में विशेष अदालतें

मध्यप्रदेश शासन ने परीक्षाओं में नकल को रोकने के लिये सख्त कदम उठाते हुए चार महानगरों मे किया फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन प्रधानमंत्री मोदी की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तत्काल फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन के दिये थे आदेश मध्यप्रदेश फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन करने वाला देश का बना सबसे पहला राज्य फास्ट ट्रैक न्यायालयों के लिए विशेष अभियोजकों की हुई नियुक्ति भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के फैसले के बाद मध्यप्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक को रोकने के लिए सरकार और उच्च न्यायालय द्वारा राज्य में पेपर लीक और नकल से जुडे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए चार विशेष अदालतों का गठन किया गया है। फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन करने वाला भारत का सबसे पहला राज्य मध्यप्रदेश बन गया है। विशेष फास्ट ट्रेक कोर्ट परीक्षाओं मे नकल रोकने के लिए बनाई गई त्वरित जाँच/कानूनी प्रणाली या उडनदस्तों से संबंधित है। इन फास्ट-ट्रैक अदालतों को चार्जशीट दाखिल होने के 3 महीने के भीतर मामले का निपटारा (ट्रायल पूरा) करने का लक्ष्य दिया गया है। फास्ट-ट्रैक कोर्ट मे पैरवी विशेष अभियोजक करेंगें। संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व मे एसआईटी का गठन किया गया है। फास्ट-ट्रैक कोर्ट भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, और जबलपुर महानगरों में बनाई जायेगी, जिनका कार्यक्षेत्र निर्धारित किया गया है। भोपाल : भोपाल मे फास्ट-ट्रेक विशेष न्यायालय के अंर्तगत भोपाल, सीहोर, रायसेन, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, राजगढ़ और विदिशा जिलों के मामलों की सुनवाई करेगी। इंदौर : इंदौर में फास्ट-ट्रेक विशेष न्यायालय के अंर्तगत इंदौर, धार, रतलाम, झाबुआ, मंदसौर, उज्जैन, देवास और आसपास के मालवा-निमाड़ क्षेत्र के मामलों को देखेगी। ग्वालियर : ग्वालियर मे फास्ट-ट्रेक विशेष न्यायालय के अंर्तगत ग्वालियर, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर और टीकमगढ़ जिलों का अधिकार क्षेत्र इसके पास है। जबलपुर : जबलपुर मे फास्ट-ट्रेक विशेष न्यायालय के अंर्तगत जबलपुर, सागर, रीवा, सतना, छिंदवाड़ा, शहडोल और महाकौशल/बुंदेलखंड के अन्य जिलों के मामले यहां सुने जाएंगे। राज्य शासन ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट के लिए विशेष अभियोजकों की नियुक्ति की है। विशेष अभियोजक इन प्रकरणों में साक्ष्यों के प्रभावी प्रस्तुतिकरण, गवाहों के समुचित प्रबंधन और न्यायालयीन पैरवी पर विशेष ध्यान देंगे। इससे मामलों की सुनवाई अधिक व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने में सहायता मिलेगी। राज्य शासन का यह प्रयास मेहनत और योग्यता के आधार पर परीक्षा देने वाले युवाओं के हितों की रक्षा तथा परीक्षा प्रणाली में विश्वास बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पेपर लीक, नकल और परीक्षा से जुड़े अन्य अपराधों के मामलों में प्रभावी अभियोजन के माध्यम से दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।