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रतलाम के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में घायल 02 व्यक्तियों को त्वरित सहायता से पहुँचाया अस्पताल

भोपाल  रतलाम जिले के थाना जावरा शहर क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्पर एवं संवेदनशील कार्रवाई से मोटर साइकिल दुर्घटना में घायल दो व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। इस त्वरित कार्रवाई से घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय सहायता मिल सकी। 29 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना जावरा शहर क्षेत्र अंतर्गत महू-नीमच हाईवे रोड पर पुलिस बटालियन के सामने एक मोटर साइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई है, जिसमें दो व्यक्ति घायल हो गए हैं एवं तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही थाना जावरा शहर क्षेत्र में तैनात डायल 112 वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ आरक्षक  जितेन्द्र व्यास एवं पायलट  मंगलेश्वर सूर्यवंशी ने मौके पर पहुँचकर पाया कि दुर्घटना में दो व्यक्ति घायल हो गये थे, जिनमें से एक को गंभीर चोटें आई थीं। डायल-112 जवानों ने तत्परता एवं मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए दोनों घायलों को तत्काल डायल 112 की सहायता से शासकीय सिविल चिकित्सालय, जावरा पहुँचाया। डायल-112 की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से दोनों घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में आमजन की सहायता हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

पूर्व संध्या पर होगा वृद्धजनों का सम्मान, विशाल भजन संध्या एवं सेवा कार्यक्रमों का आयोजन

भोपाल  भारतीय संस्कृति में माता-पिता को देवतुल्य माना गया है। उनके सम्मान, सेवा और आशीर्वाद को जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य माना जाता है। इन्हीं संस्कारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से भाजपा के संस्थापक सदस्य, पूर्व सांसद एवं जनसेवा के पर्याय रहे स्व.  कैलाश नारायण सारंग जी की जयंती 2 जून को इस वर्ष भी देशभर में मातृ–पितृ भक्ति दिवस के रूप में श्रद्धा, सम्मान और सेवा भाव के साथ मनाई जाएगी। सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग के आह्वान पर इस अवसर पर देशभर में वृद्धजनों के सम्मान, सेवा और संस्कार जागरण के विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा द्वारा विभिन्न राज्यों में वृद्धजनों के चरण पखारकर, उन्हें शाल एवं फल भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही सेवा, समर्पण और श्रद्धा के अनेक कार्यक्रम आयोजित होंगे। मंत्री  सारंग ने बताया कि पूज्य पिताजी स्व.  कैलाश नारायण सारंग का सम्पूर्ण जीवन समाज की सेवा के लिए समर्पित रहा। उनका सपना था कि समाज का कोई भी वृद्ध स्वयं को अकेला महसूस न करे और प्रत्येक घर में माता-पिता को सर्वोच्च सम्मान मिले। उन्होंने कहा कि मातृ–पितृ भक्ति दिवस केवल एक आयोजन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, परिवार व्यवस्था और संस्कारों को सशक्त बनाने का संकल्प है, जो नई पीढ़ी को अपने माता-पिता एवं बुजुर्गों के प्रति कर्तव्यबोध का संदेश देगा। नरेला विधानसभा में तीन दिवसीय सेवा कार्यक्रम नरेला विधानसभा के विभिन्न वार्डों में 1 से 3 जून तक वृद्धजनों का सम्मान और अन्य सेवा कार्य आयोजित किए जाएंगे। दिनांक 01 जून को वार्ड 76 (खेड़ापति हनुमान मंदिर), 79 (सरदार पटेल स्कूल), 75 (केनरा बैंक के सामने करोंद), 77 (शिव मंदिर पुलिस चौकी करोंद), 78 (पानी की टंकी के पास विश्वकर्मा नगर करोंद), 37 (मरई माता मंदिर द्वारका नगर) व 38 (साईंराम कॉलोनी) में वृद्धजनों का सम्मान किया जाएगा। वार्ड 38, साईंराम कॉलोनी में विशाल भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। दिनांक 02 जून को वार्ड 71 (स्वामी विवेकानंद चौराहा), वार्ड 39-40 (चाणक्यपुरी), वार्ड 59 (अन्ना नगर), वार्ड 58 (सर्जना पार्क), वार्ड 44 (हनुमान मंदिर आचार्य नरेंद्र देव नगर), वार्ड 70 (पिंक टॉवर के सामने), वार्ड 69-41 (नर्मदा चौरहा) एवं वार्ड 36 (जैन मंदिर के पास शंकराचार्य नगर) में वृद्धजनों का सम्मान किया जाएगा। दिनांक 03 जून को वार्ड 38 कैलाश सारंग पार्क एकतापुरी में सायं 07:00 बजे स्व. कैलाश नारायण सारंग की मूर्ति का अनावरण, भजन संध्या एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। देशभर में सेवा और सम्मान कार्यक्रम अखिल भारतीय कायस्थ महासभा द्वारा भी स्व. कैलाश नारायण सारंग जी की जयंती को देशभर में मातृ–पितृ भक्ति दिवस के रूप में मनाया जाएगा। विभिन्न राज्यों में वृद्धजनों के सम्मान के साथ-साथ सेवा, स्वास्थ्य, सहयोग एवं जनकल्याण के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जनसेवा के प्रकल्प आज भी दे रहे हैं संस्कार और सेवा का संदेश मंत्री  सारंग ने बताया कि स्व. कैलाश सारंग ने अपने पैतृक ग्राम बरेली में वृद्धाश्रम की स्थापना कर बेसहारा बुजुर्गों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया। इसके अतिरिक्त रायसेन जिले के ग्राम घाटपिपरिया स्थित नर्मदा तट पर परिक्रमावासियों के लिए आश्रम की स्थापना कर सेवा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके द्वारा प्रारंभ किए गए सेवा, संस्कार और जनकल्याण के अनेक प्रकल्प आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। आइए, माता-पिता के चरणों में श्रद्धा अर्पित करें मंत्री  विश्वास सारंग ने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि 2 जून को अपने माता-पिता एवं परिवार के सभी वरिष्ठजनों का सम्मान करें, उनका आशीर्वाद प्राप्त करें तथा अपने बच्चों को भी सेवा, संस्कार और श्रद्धा की इस महान परंपरा से जोड़ें। उन्होंने आग्रह किया कि इस अवसर पर अपने अनुभव, फोटो एवं वीडियो सोशल मीडिया पर #सारंग_मातृ_पितृ_भक्ति_दिवस के साथ साझा करें।  

कार्रवाई नहीं होने पर दी चेतावनी, बोले- जवाब नहीं मिला तो खुद पहुंचूंगा जनसुनवाई में

नीमच जनपद पंचायत जावद के अध्यक्ष गोपाल चारण के रिश्वत लेते पकड़े जाने के मामले में लगभग तीन साल तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर कलेक्टर और एसपी को संबोधित पोस्ट करते हुए कई सवाल किए हैं और जवाब नहीं मिलने की दशा में कहा कि अन्यथा मुझे आपकी जनसुनवाई में आना पड़ेगा। सोशल मीडिया पर उठाए सवाल दिग्विजय सिंह ने 30 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक पर पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने जावद के अध्यक्ष के रिश्वत लेते पकड़े जाने पर गिरफ्तार नहीं किए, पद से नहीं हटाए जाने और सरपंच व सचिव के भ्रष्टाचार की जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद पंचायत अधिनियम के तहत पद से बेदखल नहीं करने जैसे सवाल उठाए हैं। नीमच कलेक्टर व एसपी से सवालों के जवाब मांगे हैं।  

सहकारिता विभाग में सम्मान समारोह आयोजित, अधिकारियों-कर्मचारियों ने दी शुभकामनाएं

रायपुर आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ श्री महादेव कावरे (आईएएस) के सेवानिवृत्त होने पर आज नवा रायपुर में भावभीनी विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। सहकारिता विभाग राजपत्रित अधिकारी संघ एवं अपेक्स बैंक एम्प्लाइज यूनियन द्वारा आयोजित इस समारोह में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, कुशल नेतृत्व तथा जनहितकारी कार्यों को स्मरण करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी। बीजापुर जिले के मूल निवासी श्री महादेव कावरे की प्रारंभिक शिक्षा बीजापुर में हुई। उन्होंने अपने प्रशासनिक जीवन की शुरुआत विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों से की और रक्षा, रेलवे तथा राज्य प्रशासनिक सेवा में उल्लेखनीय सेवाएं दीं। वे एसडीएम, एनआरडीए महाप्रबंधक, बेमेतरा एवं जशपुर के कलेक्टर तथा रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कमिश्नर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। इसके अलावा उन्होंने सचिव आवास एवं पर्यावरण, सचिव आबकारी, गृह विभाग तथा संचालक कोष एवं लेखा जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अपनी सेवाएं देकर प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सहकारिता विभाग में उनके कार्यकाल को पारदर्शिता, नवाचार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष रूप से याद किया जाएगा। सम्मान समारोह में सहकारिता विभाग के अपर आयुक्त एवं अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री के.एन. कांडे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने श्री कावरे के प्रशासनिक योगदान की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल भविष्य की कामना की।

स्मार्ट पंजीयन मॉडल से साकार हो रहा है “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” का विजन

रायपुर छत्तीसगढ़ में सुशासन और नागरिक सुविधाओं को केंद्र में रखकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। इसी दिशा में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी के नेतृत्व में पंजीयन विभाग में ऐतिहासिक एवं परिवर्तनकारी सुधारों की शुरुआत की गई है। राज्य सरकार का उद्देश्य पंजीयन प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी, तकनीक आधारित तथा नागरिकों के लिए पूरी तरह सुविधाजनक बनाना है। कभी लंबी कतारों, घंटों इंतजार, दस्तावेजों के सत्यापन में देरी और बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने वाली पंजीयन प्रक्रिया अब पूरी तरह बदलती दिखाई दे रही है। पहले जहां एक साधारण रजिस्ट्री पूरी करने में 4 से 6 घंटे अथवा कई बार 1 से 2 दिन तक लग जाते थे, वहीं अब आधुनिक डिजिटल व्यवस्थाओं की मदद से यही प्रक्रिया केवल 15 से 20 मिनट में पूरी हो रही है। इससे नागरिकों के समय, धन और ऊर्जा तीनों की बड़ी बचत हो रही है। राज्य सरकार ने अगले एक वर्ष के भीतर प्रदेश के सभी 119 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट एवं विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पहले चरण में नवा रायपुर सीबीडी बिल्डिंग, बेबीलॉन टॉवर रायपुर, राम बिजनेस पार्क, सड्डू, कलेक्ट्रेट परिसर रायगढ़, दुर्ग, बिलासपुर, कुनकुरी, अभनपुर तथा तिल्दा सहित 10 प्रमुख कार्यालयों को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। इन नए स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों में अब नागरिकों को वेटिंग लाउंज, वातानुकूलित सुविधा, स्वच्छ एवं व्यवस्थित परिसर, निःशुल्क वाई-फाई, मोबाइल चार्जिंग स्टेशन, शुद्ध पेयजल, आधुनिक शौचालय, हेल्प डेस्क तथा प्री-प्रेजेंटेशन काउंटर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। इससे पंजीयन कार्यालय अब किसी आधुनिक सेवा केंद्र की तरह दिखाई देने लगे हैं। रायगढ़ के लाभार्थी  आशीष अग्रवाल ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि, पहले यहां आने पर निराशा महसूस होती थी, लेकिन अब माहौल पूरी तरह बदल गया है। बैठने की अच्छी व्यवस्था है, एसी लगा है, ठंडे पानी की सुविधा है और पूरा वातावरण बेहतर हो गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी का बहुत-बहुत धन्यवाद। डिजिटल तकनीक के उपयोग से पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी बढ़ी है। टोकन सिस्टम लागू होने से भीड़ और अव्यवस्था कम हुई है, वहीं बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने से अतिरिक्त खर्च पर रोक लगी है। अब नागरिकों को व्हाट्सएप नोटिफिकेशन, कैशलेस भुगतान, खसरा नंबर के माध्यम से संपत्ति की ऑनलाइन जानकारी तथा डिजीलॉकर जैसी सुविधाएं भी मिल रही हैं, जिससे दस्तावेज तुरंत और सुरक्षित रूप से उपलब्ध हो रहे हैं। यह पूरी व्यवस्था तेजी से पेपरलेस और डिजिटल मॉडल की ओर बढ़ रही है, जिससे शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत हो रही हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में लागू यह स्मार्ट पंजीयन मॉडल “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के विजन को धरातल पर उतारने का प्रभावी उदाहरण बन गया है। छत्तीसगढ़ आज पुराने, जटिल और फाइलों के बोझ वाले सिस्टम को पीछे छोड़ते हुए आधुनिक डिजिटल प्रशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य का यह स्मार्ट पंजीयन मॉडल न केवल प्रदेश में सुशासन की नई परिभाषा गढ़ रहा है, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनता जा रहा है।

मंदिरों में VIP दर्शन को लेकर हाई कोर्ट के तीखे सवाल, आम श्रद्धालुओं के अधिकार पर चर्चा

चेन्नई मद्रास हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए बीते  पूछा कि भगवान के सामने तो सभी लोग समान होते हैं तो मंदिरों में VIP दर्शन जैसी व्यवस्था क्यों होनी चाहिए। इसकी वजह से आम श्रद्धालुओं को मंदिर के बाहर इंतजार करना पड़ता है। दरअसल, जस्टिस जी. आर. स्वामीनाथन और जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन की बेंच मंदिरों में वीआईपी दर्शन और स्पेशल दर्शन व्यवस्था को खत्म करने की मांग वाली अर्जी पर सुनवाई कर रही थी, तब उन्होंने यह टिप्पणी की। 'मंदिर में मंत्रियों की प्रतीक्षा नहीं कर रहे भगवान' सुनवाई के दौरान, मद्रास हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा, 'मंत्रियों और विधायकों को यह ना समझने दें कि वे किसी भी वक्त मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं और भगवान उनकी प्रतीक्षा कर रहे होंगे। VIP दर्शन की जरूरत ही क्या है? भगवान के सामने सभी समान हैं।' याचिका में की गई VIP दर्शन को खत्म करने की मांग लाइव लॉ में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस याचिका में वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, मंदिर कला से जुड़े कलाकार, नवविवाहित जोड़े, राज्य के प्रमुख, संवैधानिक पदाधिकारी और गर्भवती महिलाओं को छोड़कर बाकी लोगों के लिए VIP दर्शन और विशेष दर्शन व्यवस्था को खत्म करने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान, मद्रास हाईकोर्ट ने पहले यह भी पूछा था कि क्या 15 मई को किसी मंत्री के दर्शन के लिए तिरुपरंकुंद्रम सुब्रमण्यस्वामी मंदिर के बंद होने का वक्त बढ़ाया गया था। 6 हफ्ते बाद होगी मामले की अगली सुनवाई इस पर एडिशनल एडवोकेट जनरल पी. वी. बालासुब्रमण्यम ने बेंच को बताया कि मंदिर के बंद होने के वक्त में कोई बदलाव नहीं किया गया था। इस संबंध में एक रिपोर्ट भी हाईकोर्ट के समक्ष पेश की गई है। फिर, पी. वी. बालासुब्रमण्यम ने बेंच से जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए वक्त मांगा। मद्रास हाईकोर्ट ने इस अपील को स्वीकार करते हुए केस की अगली सुनवाई 6 हफ्ते के लिए स्थगित कर दी। VHP के पदाधिकारी ने दाखिल की है याचिका जान लें कि यह याचिका, मद्रास हाईकोर्ट में विश्व हिंदू परिषद की उत्तर तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष पी. चोक्कलिंगम ने दाखिल की है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम की धारा 6(15)(b) के अंतर्गत उनकी अर्जी विचार योग्य है। सनातन धर्म नहीं सिखाता भेदभाव पी. चोक्कलिंगम ने अपनी याचिका में कहा कि सनातन धर्म, जाति, आर्थिक संपन्नता या सामाजिक हैसियत के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करता है। उन्होंने तर्क दिया कि सनातन धर्म सभी मनुष्यों को एक बराबर मानने की शिक्षा देता है, इसलिए मंदिरों के अंदर वीआईपी और आम श्रद्धालु या अमीर और गरीब के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। क्या है पूरा मामला? दरअसल, यह पूरा विवाद हाल ही में विजय सरकार में मंत्री बने आर निर्मल कुमार के दौरे को लेकर है। उन पर आरोप लगे थे कि उन्होंने दर्शन के लिए तिरुपरनकुंड्रम स्थित सुब्रमण्य स्वामी मंदिर को बंद करवा दिया था। इसके बाद जब उन्होंने दर्शन कर लिए उसके बाद मंदिर खोला गया। विपक्ष के इन आरोपों को विजय सरकार ने खारिज किया है। मद्रास हाई कोर्ट में यह मामला विश्व हिंदू परिषद तमिलनाडु ईकाई के नेता पी, चोकलिंगम की याचिका पर शुरू हुआ। उन्होंने दावा किया कि निर्मल कुमार की तरह ही कई बार मंत्री और विधायक मंदिरों में वीआईपी दर्शन के लिए जाते हैं, जिसकी वजह से आम जनता को काफी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में धन, सामाजिक स्थिति या जाति के आधार पर भेदभाव की अनुमति नहीं देता है और सभी भक्तों के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए। हालांकि, चोकलिंगम ने अपनी याचिका में वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, गर्भवती महिलाओं, नवविवाहित जोड़ों, मंदिर में सेवा करने वाले कलाकारों, राष्ट्राध्यक्षों और संवैधानिक अधिकारियों सहित कुछ श्रेणियों के लिए छूट की मांग की।

31,554 करोड़ रुपये के टर्नओवर के साथ एनएमडीसी का अब तक का सर्वश्रेष्ठ वित्तीय प्रदर्शन

हैदराबाद      सरकार के स्वामित्व वाली लौह अयस्क की प्रमुख कंपनी एनएमडीसी ने अब तक के सबसे मजबूत परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन के साथ वित्त वर्ष 26 को समाप्त किया। उत्पादन में मजबूत वृद्धि और अनुशासित निष्पादन ने कंपनी को प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने में मदद की। वित्त वर्ष 26 में लौह अयस्क उत्पादन 21% बढ़कर 53.16 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया और बिक्री 13% बढ़कर 50.24 मिलियन टन हो गई, जिससे एनएमडीसी ने  अपने इतिहास में अब तक की सबसे अधिक वार्षिक मात्रा दर्ज की। ये दोनों मील के पत्थर घरेलू इस्पात की सुदृढ़ मांग और भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक की बढ़ती क्षमताओं दोनों का संकेत देते हैं।  उत्पादन और प्रेषण में वृद्धि ने सीधे एनएमडीसी के वित्तीय प्रदर्शन को बढ़ावा दिया, जिससे वित्त वर्ष 26 में टर्न ओवर 33% बढ़कर अब तक के उच्चतम स्तर 31,554 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। । ईबीआईटीडीए 9% बढ़कर रु. 10,737 करोड़ हो गया जबकि कर पूर्व लाभ 9% बढ़कर रु. 10,155 करोड़ और निवल लाभ 11% बढ़कर रु. 7,421 करोड़.हो गया।  एनएमडीसी ने वित्त वर्ष 26 में 3,690 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया साथ ही शेयरधारक रिटर्न को सुदृढ़ बनाए रखा। बोर्ड ने शेयरधारक अनुमोदन के अधीन, 1 रुपये प्रति शेयर के अंतिम लाभांश की सिफारिश की। साथ ही वित्त वर्ष26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर रु. 2.5 के अंतरिम लाभांश घोषित किया। इस प्रकार वर्ष के लिए कुल लाभांश की राशि रु. 3,077 करोड़ होती है।. एनएमडीसी ने उत्पादन, बिक्री और वित्तीय मेट्रिक्स में व्यापक आधार पर वृद्धि के साथ चौथी तिमाही के उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ वित्त वर्ष 26 को एक मजबूत स्थिति में समाप्त किया। लौह अयस्क का उत्पादन वर्ष -दर-वर्ष 22% बढ़कर 16.27 मिलियन टन हो गया, जबकि बिक्री 21% बढ़कर 15.30 मिलियन टन हो गई। मात्रा में मजबूत वृद्धि ने वित्तीय प्रदर्शन में तेजी से वृद्धि की, जिसमें टर्न ओवर 61% बढ़कर रु. 11,173 करोड़ हो गया। कर पूर्व लाभ 22% बढ़कर रु. हो गया। 2,875 करोड़, जबकि कर पश्चात लाभ 35% बढ़कर रु. 2,020 करोड़ रुपये हो गया। इसे बेहतर प्राप्ति और स्थिर परिचालन दक्षता द्वारा समर्थन मिला। ईबीआईटीडीए 21% बढ़कर रु. 3,072 करोड़ हो गया।  तिमाही के प्रदर्शन ने इस सेक्टर क्षेत्र में एनएमडीसी के प्रभुत्व को और मजबूत किया।   एनएमडीसी के सीएमडी  अमिताभ मुखर्जी ने कहा, “रिकॉर्ड उत्पादन, टॉप लाइन में वृद्धि, रणनीतिक पूंजी नियोजन और सभी क्षेत्रों में मजबूत वित्तीय मेट्रिक्स के साथ, एनएमडीसी ने वित्त वर्ष 26 को एक ऐसी गति के साथ बंद किया जो हमें भारत के बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में एक विशिष्ट उच्च स्थान में रखता है। हम इस मात्रात्मक वृद्धि को बनाए रखने, परिसंपत्ति उत्पादकता बढ़ाने और भविष्य के लिए तैयार खनन क्षमता का निर्माण करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।“    यह प्रदर्शन कंपनी के भीतर चल रहे परिवर्तन को दर्शाता है, जो मुख्य रूप से उच्च-नकदी-प्रवाह खनन पीएसयू से एक बड़े पैमाने वाले, पूंजी-गहन संसाधन उद्यम के रूप में उभर रहा है, जिसमें परिचालन और वित्तीय पैमाना बढ़ रहा है। वृद्धि , नकदी प्रवाह और क्षमता एनएमडीसी के वित्त वर्ष 26 रिकॉर्ड प्रदर्शन को परिभाषित करते हैं – टॉपलाइन में 33% की वृद्धि, आउटपुट में 21% की वृद्धि वि.व. 26    वि.व.25    वृद्धि     4थी तिमाही वि.व.26    4थी तिमाही वि.व.25    वृद्धि उत्पादन    53.16    44.07    21%    16.27    13.31    22% बिक्री    50.24    44.40    13%    15.30    12.67    21% टर्नओवर    31,554    23,668    33%    11,173    6,953    61% पीबीटी    10,155    9,296    9%    2,875    2,351    22% पी ए टी    7,421    6,693    11%    2,020    1,496    35% ईबीआईटीडीए    10,737    9,847    9%    3,072    2,538    21% उत्पादन और बिक्री मिलियन टन में, और वित्तीय आंकड़े करोड़ रुपये में

राबड़ी देवी का बड़ा ऐलान, बोलीं- फोर्स बुला लें सम्राट चौधरी, बंगला नहीं छोड़ेंगे

पटना  बिहार में 10 सर्कुलर रोड सरकारी बंगले की लड़ाई में सरकार और विधान परिषद में नेता विरोधि दल राबड़ी देवी के बीच ठन गई है। पूर्व सीएम ने वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को खुली चुनौती दी है कि बंगला खाली नहीं करेंगी, सरकार फोर्स भेजकर खाली करवा ले। शुक्रवार को भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी सरकारी आवास खाली करने का फाइनल नोटिस भेजा। राबड़ी देवी जिस आवास में 2005 से रह रही हैं वह पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया गया है। सरकार की नई चिट्ठी पर सियायी बवाल मच गया है। अपनी नेता रबड़ी देवी के समर्थन में राष्ट्रीय जनता दल(आरजेडी) ने मोर्चा खोल दिया है।  बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी ने अपने आधिकारिक आवास ’10 सर्कुलर रोड’ को खाली करने के सरकारी आदेश पर बेहद कड़ा और बागी रुख अपना लिया है. राबड़ी देवी ने पटना में मीडिया से बात करते हुए साफ तौर पर एलान कर दिया है कि वे किसी भी कीमत पर अपना यह मौजूदा बंगला खाली नहीं करेंगी. उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार चाहे तो पुलिस बल का प्रयोग कर सकती है. पूर्व मुख्यमंत्री के इस तीखे बयान के बाद बिहार की प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है।  “नया-नया मुख्यमंत्री बने हैं सम्राट चौधरी” राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा और तीखा तंज कसते हुए उनकी प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए. उन्होंने तल्ख लहजे में कहा, “मैं किसी कीमत पर यह आवास खाली नहीं करूंगी. सम्राट चौधरी फोर्स बुलवा कर आवास खाली करवाएं. वह अभी नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं.”आरजेडी खेमे का तर्क है कि 10 सर्कुलर रोड का यह बंगला केवल एक पूर्व मुख्यमंत्री का आवास नहीं है, बल्कि यह पिछले दो दशकों से बिहार में सामाजिक न्याय की राजनीति का मुख्य केंद्र और लालू-राबड़ी परिवार की पहचान रहा है. ऐसे में इसे खाली कराने के नोटिस को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई के रूप में देख रहा है।  क्या कहता है सरकारी नियम और आगे की राह? भवन निर्माण विभाग के नियमों के अनुसार, राज्य में सत्ता परिवर्तन और नए मंत्रिमंडल के गठन के बाद पूर्व मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के आवासों का नए सिरे से आवंटन (Re-allotment) किया जाता है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली कैबिनेट के नए मंत्रियों को जगह देने के लिए कई पुराने बंगलों को खाली करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।  क्या मुद्दा खोज रहा लालू परिवार? हालांकि, राबड़ी देवी द्वारा खुलेआम फोर्स बुलाकर बंगला खाली कराने की चुनौती दिए जाने के बाद अब गेंद पूरी तरह से राज्य प्रशासन और मुख्यमंत्री के पाले में है. राजनीति के जानकारों का मानना है कि यदि सरकार बलपूर्वक इस बंगले को खाली कराने का प्रयास करती है तो आरजेडी इसे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाकर सड़कों पर उतर सकती है, जिससे सूबे की कानून-व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा रहेगा। 

रिशुश्री कनेक्शन पर गिरी गाज, अभिलाषा शर्मा और योगेश सागर सस्पेंड

पटना पटना के टेंडर फिक्सिंग खिलाड़ी रिशुश्री पर स्पेशल विजिलेंस यूनिट की कार्रवाई के बाद सम्राट चौधरी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। बिहार कैडर के कई आईएएस अधिकारियों के रिशुश्री से सांठगांठ और अनुचित लाभ लेने के आरोपों की चर्चा के बीच आईएएस अभिलाषा कुमारी शर्मा और योगेश कुमार सागर को सस्पेंड कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने इसकी पुष्टि की और बताया कि कागजी प्रक्रिया की जा रही है। योगेश कुमार 2017 बैच के अधिकारी हैं और वर्तमान में समाज कल्याण विभाग में निदेशक हैं। 2014 बैच की अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा जीविका परियोजना की निदेशक की जिम्मेदारी निभा रही थी। 27 मई को एसवीयू ने ठेकेदार रिशुश्री के पटना स्थित आवास पर छापेमारी में अकूत संपत्ति की बरामदगी के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था। टेंडर माफिया के घर से दो करोड़ के सोना, चांदी, हीरा, लाखों कैश और प्रॉपर्टी के 61 डीड बरामद किए गए थे। सारण जिले का निवासी रिशुश्री पटना में रहकर सरकारी विभागों के टेंडर कमीशन लेकर मैनेज करता था। इसमें आईएएस लॉबी उसका मदद करती थी जिसके लिए रिशु उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाता था। इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ रिशु से सांठगांठ के आरोप में ईडी भी पहले से कार्रवाई कर रही है। उस केस को स्पेशल विजिलेंस यूनिट को ट्रांसफर कर दिया गया है। आरोप है कि रिशु की कंपनी ने इनके परिवार के लोगों को विदेश यात्रा करवाई और उनके कई बड़े खर्चे उठाए। चर्चा है कि रिशुश्री से मिलीभगत कर सरकारी राशि का घपला करने और मनी लाउंड्रिंग के मामले में अभी कई बड़े चेहरे सामने आ सकते हैं। ठेकेदार रिशु की काफी पैठ है। वह पटना में बैठकर पूरे राज्य में सरकारी टेंडर से खेलता था । अपने चहेतों को 8 से 9 परसेंट कमीशन लेकर बड़े बड़े टेंडर दिलवाता था। एसयूवी रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ करने वाली है।

13 किलोमीटर पैदल चलकर स्वास्थ्य टीम पहुंची बड़ेपल्ली, 227 ग्रामीणों की जांच

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मंशानुरूप संचालित 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' के तहत दंतेवाड़ा जिले के सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीम 13 किलोमीटर का कठिन पहाड़ी रास्ता पैदल तय कर बैलाडीला क्षेत्र के दूरस्थ ग्राम बड़ेपल्ली पहुंची और ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराईं। गांव में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में कुल 227 ग्रामीणों की जांच की गई। इस दौरान मलेरिया, सिकल सेल, हीमोग्लोबिन, मधुमेह, रक्तचाप सहित अन्य आवश्यक परीक्षण किए गए। जरूरतमंद मरीजों को उपचार के साथ निशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। महिलाओं और गंभीर मरीजों पर विशेष ध्यान शिविर में गर्भवती महिलाओं और बच्चों की विशेष जांच की गई। एक उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला को बेहतर उपचार और सुरक्षित प्रसव के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहीं हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से पीड़ित 12 मरीजों को आगे के उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। ग्रामीणों को 'आयुष्मान भारत योजना' की जानकारी दी गई तथा सुरक्षित मातृत्व, पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के माध्यम से दूरस्थ अंचलों के लोगों को घर के नजदीक स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। यह अभियान न केवल उपचार उपलब्ध करा रहा है, बल्कि ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और भरोसा भी बढ़ा रहा है।