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योगी-राजनाथ ने किया ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का शुभारंभ, INS गोमती बना मुख्य आकर्षण

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 30 मई को लखनऊ में 'नौसेना शौर्य वाटिका' का उद्घाटन किया, जो भारतीय नौसेना की वीरता और तकनीकी शक्ति को समर्पित एक प्रमुख स्थल है। उद्घाटन समारोह सीजी सिटी में भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम के गेट नंबर 5 के पास की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नौसेना वाटिका भारतीय नौसेना के शौर्य, पराक्रम और राष्ट्र सेवा की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। यह वाटिका युवाओं को देशभक्ति और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान की प्रेरणा देगी। उत्तर प्रदेश में विकसित की जा रही ऐसी परियोजनाएं राष्ट्रीय गौरव को नई पहचान दे रही हैं। भारतीय नौसेना और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से विकसित, 'नौसेना शौर्य वाटिका' को एक आधुनिक ओपन-एयर संग्रहालय और व्याख्या केंद्र के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जो भारतीय नौसेना की विरासत, परिचालन क्षमताओं और समुद्री उपलब्धियों को प्रदर्शित करता है। उम्मीद है कि यह वाटिका उत्तरी भारत में एक प्रमुख सैन्य पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगी, जो आगंतुकों को राष्ट्रीय सुरक्षा, नौसैनिक युद्ध और समुद्री अभियानों में नौसेना की भूमिका को करीब से समझने का अवसर प्रदान करेगी। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना की परिकल्पना न केवल नौसैनिक योद्धाओं को श्रद्धांजलि के रूप में, बल्कि बच्चों और युवाओं के लिए एक शैक्षिक और प्रेरणादायक स्थान के रूप में भी की गई है। सेवामुक्त युद्धपोत आईएनएस गोमती यहां आकर्षण का मुख्य केंद्र है। यह नौसैनिक पोत 28 मई, 2022 को सेवा से रिटायर हुआ था, और अब इसे भारत की समुद्री शक्ति के प्रतीक के रूप में वाटिका में स्थापित किया गया है। इस स्थल पर नौसेना के कई युद्धक सिस्टम और संरचनाएँ भी प्रदर्शित की गई हैं, जिनमें जहाज़ का लंगर, AK-726 मध्यम-श्रेणी की तोप, CET-53M टॉरपीडो लॉन्चर सिस्टम, RJ के साथ ZIF-101 लॉन्चर, कैप्स्टन ड्रम, मुख्य मस्तूल और जहाज़ का प्रोपेलर शामिल हैं। इस परियोजना से लखनऊ के पर्यटन को काफ़ी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, साथ ही यह भारतीय नौसेना के इतिहास, रणनीतिक अभियानों और तकनीकी क्षमताओं के बारे में जागरूकता भी बढ़ाएगी। इस वाटिका को देशभक्ति की भावना जगाने और युवाओं में सशस्त्र बलों तथा रक्षा सेवाओं के प्रति अधिक रुचि पैदा करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक पहल के रूप में भी देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि 'नौसेना शौर्य वाटिका' देशभक्ति और सैन्य गौरव का एक नया प्रतीक बनेगी, और भावी पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा तथा बलिदान की भावना से प्रेरित करेगी।

मुंगेली ने स्वास्थ्य क्षेत्र में रचा नया कीर्तिमान, ‘अचीवर्स’ श्रेणी में बनाई खास पहचान

मुंगेली. कभी मामूली जटिलता वाले मामलों में भी मरीजों को बड़े शहरों के लिए रेफर करने वाले जिला चिकित्सालय मुंगेली की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। सीमित संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बावजूद जिला अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। आज अस्पताल न केवल जिले बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए भरोसे का केंद्र बनकर उभरा है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के कुशल मार्गदर्शन, सतत मॉनिटरिंग और स्वास्थ्य विभाग की टीम भावना से किए गए कार्यों के परिणामस्वरूप मुंगेली जिला आज प्रदेश के उत्कृष्ट स्वास्थ्य जिलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और 50 प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने के कारण मुंगेली जिला वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ जिलों की श्रेणी में शामिल हुआ है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी ‘स्वास्थ्यांक’ ग्रेडिंग में मुंगेली जिले को ‘अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि जिले के लिए गौरव का विषय बन गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए ‘मुख्यमंत्री अटल मॉनिटरिंग पोर्टल’ के माध्यम से प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों की सतत समीक्षा की जा रही है, जिसका सकारात्मक परिणाम मुंगेली जिले में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जिले की इस उपलब्धि पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम.के. राय, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. गिरीश कुर्रे, सभी बीएमओ, बीपीएम और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि आम जनता तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सरलता से पहुंचाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में शानदार उपलब्धि जिले ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। जिले में गर्भवती महिलाओं के पंजीयन में 98 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई, जबकि संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 99.98 रहा। यह जिले की मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था और स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रियता को दर्शाता है। यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम में जिले ने 103 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। 100 बिस्तरीय मातृत्व एवं शिशु अस्पताल में स्त्रीरोग विशेषज्ञ के छह स्वीकृत पदों के विरुद्ध केवल एक विशेषज्ञ चिकित्सक की पदस्थापना के बावजूद यह उपलब्धि प्रतिबद्धता को दर्शाता है। चिरायु दल की सक्रियता से बच्चों को मिला बेहतर उपचार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चिरायु दल द्वारा जिले के 99.6 प्रतिशत स्कूलों का भ्रमण कर लगभग 100 प्रतिशत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में चिन्हित 99.9 प्रतिशत बीमार बच्चों का उपचार भी सुनिश्चित किया गया। टीबी उन्मूलन और मानसिक स्वास्थ्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन में मुंगेली जिले ने 91.7 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया है। वहीं टीबी मरीजों की उपचार सफलता दर 97 प्रतिशत रही, जो प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत टीबी मरीजों को डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में भी जिले ने बेहतर प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक विकारों की स्क्रीनिंग में जिले ने 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है। आईसीयू में गंभीर मरीजों को मिल रहा जीवनदान जिला चिकित्सालय मुंगेली में पिछले एक वर्ष से अत्याधुनिक आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है, जहां गंभीर एवं अति गंभीर मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखरेख में उपचार प्रदान किया जा रहा है। आईसीयू की स्थापना के बाद से हजारों मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है, जिससे जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिली है आईसीयू का सक्सेस रेट लगभग 80 प्रतिशत हैं, जो कि किसी भी बड़े और आधुनिक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल से पीछे नही हैं। गैर संचारी रोग नियंत्रण में प्रदेश में अव्वल 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों की मधुमेह और उच्च रक्तचाप स्क्रीनिंग में मुंगेली जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। मधुमेह स्क्रीनिंग में 97 प्रतिशत और उच्च रक्तचाप स्क्रीनिंग में 99 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। चिन्हित मरीजों को नियमित उपचार और फॉलोअप की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। आयुष्मान, आभा आईडी और टेली कंसल्टेशन में भी बड़ी उपलब्धि जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर पूर्ण रूप से क्रियाशील हैं। जिले में 95.50 प्रतिशत लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 70 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 100 प्रतिशत वरिष्ठ नागरिकों के वय वंदना कार्ड तैयार किए गए हैं। लगभग 92 प्रतिशत लोगों की आभा आईडी भी बनाई जा चुकी है। टेली कंसल्टेशन के माध्यम से मरीजों को स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराने में जिले ने 78 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से बढ़ा लोगों का भरोसा जिला चिकित्सालय आज आसपास के जिलों के मरीजों के लिए भरोसे का केंद्र बन चुका है। यहां घुटना प्रत्यारोपण, निःशुल्क डायलिसिस, कम दर पर सीटी स्कैन, आधुनिक आईसीयू सुविधा, नवजात शिशु देखभाल इकाई और अत्याधुनिक फिजियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला चिकित्सालय में 04 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन स्थापित की गई है, जिससे मरीजों को जिले में ही सस्ती और त्वरित जांच सुविधा मिल रही है। डायलिसिस सेवा के तहत लक्ष्य से 147 प्रतिशत अधिक डायलिसिस सत्र संचालित कर मुंगेली ने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। वर्तमान में जिले के 52 किडनी मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस सुविधा प्रदान की जा रही है। जिला प्रशासन की पहल पर लोरमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी डायलिसिस सेंटर की स्वीकृति मिल चुकी है। हीटवेव प्रबंधन में भी प्रशासन की संवेदनशील पहल भीषण गर्मी को देखते हुए जिले के सभी शासकीय अस्पतालों में हीटवेव प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं। अस्पतालों में ओआरएस कॉर्नर स्थापित कर लोगों को राहत प्रदान की जा रही है। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को लू से बचाव की जानकारी दी जा रही है। मुंगेली जिले की यह उपलब्धि न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर व्यवस्था का प्रमाण है, बल्कि … Read more

भीषण गर्मी के बीच मौसम का यू-टर्न, श्योपुर-शिवपुरी में ओले; 9 जिलों में तूफान की चेतावनी

भोपाल  मध्यप्रदेश में नौतपा की तपिश के बीच मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में एक साथ 4 ताकतवर मौसम प्रणालियाँ सक्रिय हैं, जो प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रही हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण मध्य पाकिस्तान से राजस्थान और मध्यप्रदेश होते हुए ओडिशा तक जाने वाली ट्रफ लाइन है। इसके अलावा अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण मानसून को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। इन प्रणालियों के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के बीच अचानक धूलभरी आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मध्य प्रदेश में इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है। बुंदेलखंड, बघेलखंड, चंबल से लेकर पूरा इलाका गर्म हवाओं, सीधी तीखी जलाने वाली धूप के कारण लाल हो रहा है। बीते 24 घंटों में खजुराहो और राजगढ़ में 46.5 और 46.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इसके अलावा दतिया में 45.7 डिग्री, मलाजखंड बालाघाट, नौगांव छतरपुर, दमोह और विदिशा में 45.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। रात में सिवनी और राजगढ़ में न्यूनतम तापमान ही 31 डिग्री तक पहुंच रहा है। एक दर्जन जिलों में वार्म नाइट का अलर्ट चल रहा है। मध्य प्रदेश में बीते एक महीने से भीषण गर्मी और झुलसाने वाली गर्मी 46-47 डिग्री तापमान और हीटवेव के बीच राहत मिलने की खबर सामने आई है। आईएमडी ने बताया कि पाकिस्तान से ओडिशा तक ट्रफ लाइन बनी है। मध्य पाकिस्तान से राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ होते हुए आंतरिक ओडिशा तक 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक ट्रफ लाइन गुजरी है, जिससे प्रदेश में नमी और अस्थिरता बढ़ गई है। आसमान में बन रही इस ट्रफ लाइन के प्रभाव से मध्यप्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ धूलभरी आंधी और हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में इसका असर सबसे ज्यादा दिखेगा। आज 9 जिलों में अलर्ट जारी रात से आंधी, बारिश और ओले गिरने का सिलसिला शुरू हो गया. ग्वालियर-चंबल इलाके में शुक्रवार रात अचानक मौसम बदल गया. ठंडी हवाएं चलने लगी. श्योपुर और शिवपुरी में तूफानी बारिश के साथ ओले गिरे. सिंगरौली के चितरंगी में सबसे अधिक 40.1 मिमी वर्षा रिकार्ड हुई. रीवा के हनुमाना में 16 मिमी, मुरैना में 18 मिमी और गोहद में 17 मिमी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने शनिवार को मध्य प्रदश के 9 जिलों के लिए बारिश और ओले का अलर्ट जारी किया है. नौतपा आधा बीत जाने के बाद मौसम की ये करवट लोगों के लिए राहत लेकर आई है।  इन जिलों में बारिश के साथ ओले की चेतावनी भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार को ग्वालियर के साथ ही 9 जिलों में तेज बारिश के साथ ओले गिरने का अलर्ट है. ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, नीमच और मंदसौर में तूफानी बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना है. वहीं नौतपा के दौरान गर्मी से झुलस रहे लोगों को मौसम बदलने से काफी राहत मिली. भले ही ओले व बारिश का अलर्ट 9 जिलों में हो लेकिन इसका असर पूरे प्रदेश में दिखाई देगा. शुक्रवार रात से ही प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान में गिरावट देखी गई।      नौतपा के बीच एमपी में मौसम का बड़ा यू-टर्न     4 शक्तिशाली वेदर सिस्टम एक साथ एक्टिव     कई जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट     धूलभरी आंधी के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना     भीषण गर्मी के बीच मिल सकती है राहत गर्म हवाएं नौतपा में भी भीषण गर्मी मध्य पाकिस्तान के ऊपर 1.5 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके कारण राजस्थान से होकर आ रही गर्म और शुष्क हवाएं प्रदेश के तापमान को सामान्य से ऊपर बनाए हुए हैं, जिससे नौतपा की तपिश बरकरार है। हालांकि शुक्रवार—शनिवार से गर्मी में राहत की उम्मीद जताई गई है। इन जिलों में भीषण आंधी का अलर्ट इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में भी 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है. वहीं, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, दमोह और सागर जिलों में भी मौसम बिगड़ने के संकेत हैं. यहां आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।  अगले 3 से 4 दिन कई जिलों में आंधी-बारिश मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 मई से 2 जून तक भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा. मालवा क्षेत्र के अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों में लगातार तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. वहीं 1 जून को रतलाम में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि अलीराजपुर और झाबुआ में भी तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है. इसके साथ ही कई जिलों में 40 से 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।  इसलिए बदला मौसम का मिजाज मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार "उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान-पाकिस्तान क्षेत्र में बने चक्रवातीय परिसंचरण के कारण मध्यप्रदेश में नमी लगातार पहुंच रही है. इसी सिस्टम से जुड़ी ट्रफ लाइन मध्यप्रदेश से गुजर रही है, जिससे प्रदेशभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं. इसके अलावा अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण बादलों का विकास तेजी से हो रहा है और कई क्षेत्रों में आंधी, बारिश तथा ओलावृष्टि की परिस्थितियां बन रही हैं।  शिवपुरी में गिरे ओले, पारा 32 पर पहुंचा शुक्रवार रात शिवपुरी जिले में अचानक मौसम ने करवट ली. आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से तापमान काफी गिर गया. लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली. तापमान गिरकर 44 डिग्री सेल्सियस से 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचल में बारिश रिकॉर्ड की गई है. सतन बाड़ा, नयागांव, सुभाषपुरा इलाकों के साथ बैराड़ और अन्य इलाकों में बारिश हुई. ठंडी हवाओं के झोंके चलने से लोगों को भारी सुकून मिला।  श्योपुर … Read more

तमिलनाडु मॉडल अपनाएगा चंडीगढ़ प्रशासन, फाइलों के झंझट से मिलेगी राहत

चंडीगढ़ प्रशासन ने नागरिक सेवाओं को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए यूटी में सिंगल विंडो सिस्टम-यूनिफाइड पोर्टल के प्रभावी तरीके से लागू और सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी विभिन्न राज्यों में लागू बेहतर व्यवस्थाओं का अध्ययन कर चंडीगढ़ में लोगो के लिए सुविधाजनक और आधुनिक प्रणाली विकसित करने पर काम करेगी। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार कमेटी का गठन मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद किया गया। बैठक में तमिलनाडु सरकार की “सिंपल गव” पहल और डी-रेगुलेशन मॉडल पर चर्चा की गई थी। कमेटी में डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव, सूचना प्रौद्योगिकी सचिव डी. कार्तिकेयन, निदेशक आईटी अविकेश गुप्ता, निदेशक स्कूल शिक्षा नितिश सिंगला और एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारी विवेक वर्मा सहित अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है। कमेटी विभिन्न राज्यों में लागू सिंगल विंडो सिस्टम की कार्यप्रणाली का अध्ययन करेगी और चंडीगढ़ के लिए उपयुक्त मॉडल की सिफारिश करेगी। साथ ही विभिन्न सरकारी सेवाओं की प्रक्रिया को सरल बनाने, प्रोसेस री-इंजीनियरिंग करने और अनावश्यक औपचारिकताओं को कम करने पर भी काम किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से राहत देना और अधिकतर सेवाओं को एकीकृत पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराना है। इससे मंजूरियों और सरकारी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिक हितैषी बनाने में मदद मिलेगी। क्या है तमिलनाडु का मॉडल प्रशासन यदि तमिलनाडु की सिंपल गव और डी-रेगुलेशन नीति लागू करता है तो नागरिक सेवाओं और उद्योगों को बड़ा लाभ मिल सकता है। इस मॉडल के तहत सिंगल विंडो सिस्टम, आनलाइन मंजूरियां, सेल्फ-सर्टिफिकेशन और अनावश्यक नियमों में कमी से लोगों को दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। भवन नक्शा, व्यापार लाइसेंस, एनओसी और विभिन्न प्रमाण पत्रों की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो सकती है। इससे भ्रष्टाचार और फाइलों में देरी कम होगी। उद्योगों और कारोबारियों को भी कम समय में मंजूरी मिलने से निवेश बढ़ने तथा “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” में सुधार की संभावना है। DPR लोड करते ही बन जाएगा एस्टीमेट लोकल बॉडीज महकमे की ओर से तैयार कराए गए EPM सॉफ्टवेयर में तमाम तरह की कैलकुलेशन से लेकर एस्टीमेट बनाने तक सबकुछ किया जा सकता है। अब अफसरों को 50 लाख रुपए से अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट की DPR तैयार कर उसे EPM सॉफ्टवेयर में अपलोड करना होगा। उसके बाद सॉफ्टवेयर खुद ही पहले से फीड आइटम और रेट्स के अनुसार एस्टीमेट तैयार कर देगा। अधिकारियों को सॉफ्टवेयर में सिर्फ आइटम के कोड सिलेक्ट करने होंगे। भागदौड़, कागज, पैसा और समय सबकुछ बचेगा लोकल बॉडीज महकमे में EPM सॉफ्टवेयर लागू होने के बाद सबसे बड़ी राहत अधिकारियों को मिलेगी। उन्हें DPR तैयार कर उसकी फाइल लेकर चंडीगढ़ तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। चंडीगढ़ के चक्कर लगाने में लगने वाला उनका समय और पैसा-दोनों बचेंगे। एस्टीमेट ऑनलाइन चंडीगढ़ मुख्यालय जाने से कागज-स्टेशनरी भी बचेगी। काम शुरू होने के बाद ही पता चलेगी कमियां EPM सॉफ्टवेयर की कमियों के बारे में पूछे जाने पर अधिकारियों ने कहा कि अभी तो सिस्टम लॉन्च हुआ है। जब इस पर काम शुरू होगा, तब धीरे-धीरे इसके बाकी फंक्शन वगैरह पता लगेंगे। उसके बाद अगर किसी तरह की कोई कमी सामने आएगी तो उसे संबंधित प्लेटफॉर्म पर रखा जाएगा। ठेकेदारों को एक करोड़ से ऊपर का भुगतान अब सिर्फ ऑनलाइन अभी तक लोकल बॉडीज महकमे में जिन ठेकेदारों के काम एक करोड़ रुपए से ऊपर के होते थे, उन्हें अपनी पेमेंट के लिए बिल और वर्क कम्प्लीशन की फाइल पास कराने के लिए चंडीगढ़ ले जानी पड़ती थी। इसमें भ्रष्टाचार की गुंजाइश रहती थी। अब ये सारी जानकारी EPM सॉफ्टवेयर की मार्फत एसडीओ, एक्सईएन, एसई से होते हुए आगे तक जाएगी। हर अधिकारी देख पाएगा कि संबंधित पेमेंट को लेकर किसने क्या रिमार्क दिया है। पेमेंट को मंजूरी मिलने के बाद ठेकेदारों को भुगतान भी ऑनलाइन होगा।

शहरी-ग्रामीण मुकाबले में बदलता ट्रेंड: प्रशासनिक सेवाओं में गांवों की बढ़त

 अजमेर  राजस्थान लोक सेवा आयोग की प्रशासनिक सेवा में ग्रामीण अभ्यर्थियों का चयन हो रहा है। वह शहरी युवाओं को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। हालिया आरएएस भर्ती 2024 में 52.36 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र के अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। पिछली भर्तियों में भी ग्रामीण परिवेश के अभ्यर्थियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। आरएएस भर्ती-2024 में 52.36 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों से चयन हुआ है। आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा आयोग की सबसे प्रतिष्ठित भर्तियों में शामिल है। एक तरफ आवेदनों की संख्या बढ़ रही है। दूसरी तरफ चयन ग्राफ भी तेजी से बदल रहा है। आरएएस 2024 में अनुशंसित 2391 में 1255 अभ्यर्थी ग्रामीण और 1136 शहरी क्षेत्रों के हैं। आरएएस 2023 में 2166 अनुशंसित अभ्यर्थियों में से 1210 (55.86 प्रतिशत) अभ्यर्थी ग्रामीण और 956 (44.14 प्रतिशत) अभ्यर्थी शहरी पृष्ठभूमि के थे। चयन में युवाओं का दबदबा साक्षात्कार के लिए सफल 21 से 25 साल के 725 अभ्यर्थी (30.25 प्रतिशत), 26 से 30 वर्ष के 891 (37.17 प्रतिशत), 31 से 33 वर्ष के 304 (12.68 प्रतिशत) सफल रहे हैं। इनके अलावा 31 से 33 वर्ष के 405 (16.90 प्रतिशत), 41 से 45 वर्ष के 62 (2.59 प्रतिशत), 46 से 50 वर्ष के 10 (0.42 प्रतिशत) अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। पिछली भर्तियों में चयनित आरएएस 2012: 1211 पद-937 शहरी, 274 ग्रामीण आरएएस 2013 में 723 पद-505 शहरी, 218 ग्रामीण आरएएस-2016 में 725 पद-513 शहरी, 212 ग्रामीण आरएएस-2018 में 1051 पद-651शहरी, 400 ग्रामीण आरएएस-2021 में 988 पद-566 शहरी, 422 ग्रामीण शैक्षिक योग्यता में बढ़ोतरी 2024 में साक्षात्कार के लिए सफल 2397 में से करीब 1888 प्रथम श्रेणी हैं। इसके अलावा 39.60 प्रतिशत पीजी हैं। इनमें 14 डॉक्टर, 15 एलएलबी-एलएलएम, 10 एमबीए और 238 इंजीनियर साक्षात्कार तक पहुंचे। 2023 में चयनित 2166 अभ्यर्थियों में से 1707 अभ्यर्थी स्नातक स्तर पर प्रथम श्रेणी, 837 अभ्यर्थी पोस्ट-ग्रेजुएट थे। 2021 में करीब 550 प्रथम श्रेणी, 2018 में 715, 2016 में 500, 2013 में 550 अभ्यर्थी प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण थे। एक्सपर्ट कमेंट शहरी इलाकों में सरकारी नौकरी के अलावा कॉरपोरेट क्षेत्र में नौकरियों के पैकेज,व्यापार, स्टार्ट अप के विकल्प होते हैं। ग्रामीण इलाकों में कई मामलों में संसाधनों की कमी होती है। सरकारी नौकरी उन्हें सबसे अच्छा विकल्प लगता है। इससे ग्रामीण प्रतिभाएं मेहनत कर आगे बढ़ रही हैं।     प्रो. सुभाषचंद्र, जूलॉजी विभागाध्यक्ष मदस विवि

रांची, धनबाद समेत चार जिलों में बिजली गिरने से कहर, एक बच्ची समेत 5 की जान गई

रांची झारखंड के चार जिलों में पिछले 24 घंटों में बिजली गिरने से एक लड़की और दो महिलाओं सहित पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को गढ़वा जिले से दो मौतें और रांची, धनबाद और बोकारो से एक-एक मौत की सूचना मिली। अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को रांची के इटकी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के कुल्ली गांव में अपने माता-पिता के साथ पेड़ से आम तोड़ रही 12 वर्षीय लड़की अश्रिता की बिजली गिरने से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि उसके माता-पिता घायल हो गए और उन्हें स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। वहीं गढ़वा में कंडी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के गराखुर्द गांव में बिजली गिरने से 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि बानाजंघा गांव में 32 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि धनबाद के राजगंज पुलिस थाना क्षेत्र के चुंगी गांव में 44 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि बोकारो के पिंडराजोरा पुलिस थाना क्षेत्र के बाबूडीह गांव में बिजली गिरने से 21 वर्षीय युवक की जान चली गई। शुक्रवार को झारखंड के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश और बिजली गिरने से शनिवार सुबह तक अधिकतम तापमान में गिरावट आई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रांची, रामगढ़, बोकारो, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद और गोड्डा सहित 13 जिलों के लिए रविवार सुबह 8:30 बजे तक गरज के साथ बारिश की ऑरेंज अलर्ट जारी की है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि मौसम में यह बदलाव दो निम्न दबाव प्रणालियों के कारण हुआ है। उन्होंने कहा कि झारखंड में अधिकतम तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। अगले चार दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। शुक्रवार को डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य तापमान से 6.2 डिग्री कम था। वहीं, चाईबासा में 33.4 डिग्री सेल्सियस और रांची में 27.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

PSG लगातार दूसरी ट्रॉफी की दहलीज पर, आर्सेनल पहली जीत के इरादे से मैदान में

 बुडापेस्ट यूरोपीय क्लब फुटबॉल की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफी चैंपियंस लीग के फाइनल में शनिवार को फ्रांसीसी क्लब पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) और इंग्लिश क्लब आर्सेनल आमने-सामने होंगे। मौजूदा चैंपियन पीएसजी के पास लगातार दूसरी बार खिताब जीतकर इतिहास रचने का मौका है। अगर लुइस एनरिक की टीम यह मुकाबला जीतती है तो वह 1992 में यूरोपियन कप के चैंपियंस लीग बनने के बाद लगातार दो खिताब जीतने वाली केवल दूसरी टीम बन जाएगी। अब तक केवल रीयल मैड्रिड ही 2016 से 2018 तक लगातार तीन बार खिताब जीत पाई है आर्सेनल के पास पहली ट्रॉपी जीतने का मौका वहीं मिकेल अर्टेटा की आर्सेनल के पास अब अपनी पहली ट्रॉफी जीतने का मौका है। टीम 20 साल बाद फाइनल में पहुंची है और इस बार इतिहास रचने को बेताब है। फाइनल मुकाबला हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट के सबसे प्रतिष्ठित स्टेडियम पुस्कास एरिना में खेला जाएगा। पीएसजी के कोच एनरिक ने कहा कि उनका लक्ष्य क्लब के साथ इतिहास बनाना था और टीम अब भी नई ऊंचाइयों को छूना चाहती है। पिछले दो वर्षों में पीएसजी ने अपने आक्रामक खेल, तेज रफ्तार फुटबॉल और युवा खिलाड़ियों की बदौलत यूरोप में अलग पहचान बनाई है। पिछले साल फाइनल में इंटर मिलान को 5-0 से हराकर टीम ने टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। युवा खिलाड़ियों की भरमार पीएसजी की मौजूदा टीम युवा खिलाड़ियों से भरी हुई है। पिछले फाइनल में दो गोल करने वाले डिजायर डुए केवल 20 वर्ष के हैं, जबकि मिडफील्डर जोआओ नेवेस 21 साल के हैं। सेमीफाइनल में बायर्न म्यूनिख पर 5-4 की रोमांचक जीत ने भी साबित किया कि यह टीम लंबे समय तक यूरोपीय फुटबॉल पर राज कर सकती है। कतर समर्थित पीएसजी ने लियोनल मेसी, नेमार, किलियन एम्बाप्पे और ज्लाटन इब्राहिमोविच जैसे सुपरस्टार खिलाड़ियों पर अरबों डालर खर्च किए, लेकिन असली सफलता तब मिली जब क्लब ने व्यक्तिगत सितारों के बजाय टीम आधारित मॉडल अपनाया। अब ओस्मान डेंबले, ख्विचा क्वारात्सखेलिया और युवा खिलाड़ियों की नई पीढ़ी टीम की ताकत बनी हुई है।दूसरी ओर, आर्सेनल पहली बार चैंपियंस लीग खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगा। कोच मिकेल अर्टेटा की टीम पिछले साल सेमीफाइनल में पीएसजी से हार गई थी, लेकिन इस बार उलटफेर की उम्मीद कर रही है। अर्टेटा ने कहा कि दोनों टीमें बेहद आक्रामक और ऊर्जावान फुटबाल खेलती हैं और खिताब जीतने के लिए उनकी टीम को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।

अवैध कब्जों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, बहराइच में मदरसा और 11 दुकानें ध्वस्त

बहराइच उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले की पयागपुर तहसील के सिंहपुर गांव में प्रशासन ने ग्राम सभा की जमीन पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुल्डोजर चलाया. कोर्ट के आदेश पर तहसीलदार अंबिका चौधरी के नेतृत्व में राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने ग्राम सभा की बंजर भूमि पर बने 11 अवैध दुकानों और एक मदरसे को ध्वस्त कर दिया. कार्रवाई के दौरान इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।  ग्राम सभा की जमीन पर लंबे समय से था कब्जा जानकारी के अनुसार सिंहपुर गांव में ग्राम सभा की बंजर भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा कर कुछ लोगों द्वारा दुकानें और एक मदरसा संचालित किया जा रहा था. इस संबंध में मामला न्यायालय में विचाराधीन था. न्यायालय से अतिक्रमण हटाने का आदेश मिलने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी थी. निर्धारित कार्यक्रम के तहत राजस्व विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।  कार्रवाई के दौरान बुल्डोजर की मदद से एक-एक कर सभी अवैध निर्माणों को गिराया गया. प्रशासन की टीम ने पहले संबंधित लोगों को न्यायालय के आदेश और कार्रवाई की जानकारी दी. जिसके बाद बुल्डोजर चलाकर कब्जा हटाया गया. किसी भी तरह के विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. हालांकि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या सामने नहीं आई।  तहसीलदार अंबिका चौधरी ने बताया कि ग्राम सभा की भूमि सार्वजनिक संपत्ति होती है और उस पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या कब्जा कानूनन गलत है. उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए यह कार्रवाई की गई है. प्रशासन का उद्देश्य सरकारी और सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना है, ताकि उसका उपयोग जनहित के कार्यों के लिए किया जा सके।  प्रशासन बोला आगे भी अतिक्रमण के खिलाफ ऐसे होगी कार्रवाई उन्होंने यह भी कहा कि जिले में ग्राम सभा और अन्य सरकारी जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों की पहचान की जा रही है. जहां-जहां अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा न करें और यदि कहीं अतिक्रमण है तो उसे स्वयं हटा लें।  प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद गांव में चर्चा का माहौल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्राम सभा की जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग लंबे समय से उठ रही थी. अब कार्रवाई होने के बाद जमीन को सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित किया जा सकेगा. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और किसी भी अवैध कब्जाधारी को बख्शा नहीं जाएगा। 

हवाई अड्डों की सुरक्षा बढ़ी, बिहार के 20 शहरों में निर्माण कार्यों पर नए नियम लागू

मुजफ्फरपुर. बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने और विमानों के सुरक्षित परिचालन को लेकर नीतीश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुजफ्फरपुर के पताही समेत राज्य के कुल 20 शहरों में बनने वाले और वर्तमान में चालू एयरपोर्ट के आसपास अब किसी भी तरह के अनियंत्रित निर्माण पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अब इन चिन्हित हवाई अड्डों के आसपास बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के कोई भी ऊंची इमारत या संरचना नहीं बनाई जा सकेगी। सिविल विमानन विभाग के सचिव डॉ. निलेश रामचंद्र देवरे ने मुजफ्फरपुर समेत राज्य के सभी संबंधित जिलाधिकारियों (DM) को इस बाबत एक आधिकारिक पत्र भेजा है। पत्र में साफ कहा गया है कि विमानों के सुरक्षित टेक-ऑफ और लैंडिंग, हवाई अड्डे की सुरक्षा, रनवे के विस्तार और आधुनिक नेविगेशनल सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए हवाई पट्टियों के आसपास के क्षेत्रों पर पैनी नजर रखी जाए। किसी भी नए निर्माण को मंजूरी देने से पहले विमानन सुरक्षा मानकों और भविष्य की जरूरतों का आकलन करना अनिवार्य होगा। पताही से उड़ान की उम्मीदें हुईं तेज हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर के पताही हवाई अड्डे पर रनवे और टर्मिनल के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए थे। इस निर्देश के बाद से स्थानीय लोगों में मुजफ्फरपुर से हवाई सफर शुरू होने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। सरकार की इस नई बंदिश को भी इसी तैयारी का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है ताकि भविष्य में बड़े विमानों की आवाजाही में कोई तकनीकी या सुरक्षा संबंधी अड़चन न आए। इन शहरों में एयरपोर्ट विस्तार का काम वर्तमान में बिहार के पटना, गयाजी, दरभंगा और पूर्णिया से विमान सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। इसके अलावा मुजफ्फरपुर के पताही सहित राज्य के 20 अन्य शहरों में एयरपोर्ट और हवाई पट्टियों के विस्तार का काम तेजी से चल रहा है। विभाग के मुताबिक, इन सभी जगहों से भविष्य में कमर्शियल और घरेलू विमानों की उड़ानें संभावित हैं। टावर और ऊंची इमारतों की निगरानी विमानन सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि हवाई मार्ग और रनवे के आसपास विमान परिचालन में बाधा बनने वाले ऊंचे भवनों, मोबाइल टावर या अन्य किसी भी तरह के ऊंचे निर्माण की लगातार निगरानी की जाए। अगर कोई अवैध या बिना अनुमति के ऐसी संरचना खड़ी करता है, तो उस पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

सिंधू को कोरियाई स्टार के खिलाफ लगातार हार, सिंगापुर ओपन से बाहर

 सिंगापुर  भारतीय खिलाड़ी पीवी सिंधू विश्व नंबर एक एन से यंग के सामने लगातार दबाव बनाए रखने के लिए जरूरी निरंतरता नहीं दिखा सकीं और शुक्रवार को सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में हारकर उनका अभियान समाप्त हो गया, लेकिन पुरुष डबल्स की दिग्गज जोड़ी सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने कड़े मुकाबले में जीत हासिल करके सेमीफाइनल में जगह बना ली। कोरिया की खिलाड़ी एन से यंग ने इस मुकाबले को 21-17, 21-14 से जीतकर सिंधू पर अपना दबदबा कायम रखा। दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता सिंधू ने बीच-बीच में अपने आक्रामक खेल की झलक दिखाई और कुछ चरणों में कोरियाई खिलाड़ी पर दबाव बनाने में सफल रहीं, लेकिन निर्णायक क्षणों में एन से यंग का बेहतर नियंत्रण, बेहतरीन मूवमेंट और महत्वपूर्ण अंकों को भुनाने की क्षमता हावी रही। पीवी सिंधु की आखिरी जीत इस हार के साथ सिंधू का मौजूदा ओलंपिक चैंपियन के विरुद्ध लगातार हार का सिलसिला नौ मैचों तक पहुंच गया है। इन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ी केवल एक बार ही गेम जीत सकी हैं, जो 2023 बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में संभव हुआ था। एशियाई खेलों के चैंपियन और यहां चौथे वरीयता प्राप्त सात्विक और चिराग ने एक गेम से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए मलेशिया के खाई शिंग कांग और आरोन ताई को एक घंटे पांच मिनट तक चले कड़े मुकाबले में 19-21, 21-17, 21-13 से हराया। भारतीय जोड़ी का मुकाबला शीर्ष अब वरीयता प्राप्त कोरिया के किम वान हो और सियो सेउंग जे से होगा, जिन्होंने सातवीं वरीयता प्राप्त ताकुरो होकी और युगो कोबायाशी की जापान की जोड़ी को 21-19, 21-18 से हराया।