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भीषण गर्मी के चलते पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, पूरे जून बंद रहेंगे स्कूल-अंगनबाड़ी

मोहाली. पंजाब में पड़ रही तेज गर्मी व हीट वेव के रेड अलर्ट को देखते हुए सरकार ने राज्य के सारे सरकारी व निजी स्कूलों में 1 जून से 30 जून तक छुटि्टयों का ऐलान कर दिया गया। यह घोषणा सीएम भगवंत मान की तरफ से की गई है। इसके बाद सारी स्थितियों को देखकर यह फैसला लिया गया है। वहीं शिक्षा विभाग की तरफ से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस दौरान टीचिंग, नॉन टीचिंग काडर से संबंधित अधिकारी कर्मचारी चुनाव ड्यूटी व चुनाव स्थिति व्यवस्था में लगी ड्यूटी निभाने को यकीनी बनाएंगे। इससे पहले एक जून से गर्मी की छुटि्टयों से संबंधित आदेश जारी किए गए थे, जो कि 30 जून तक है। स्कूलों का पहले बदला था समय इससे पहले गत सप्ताह शिक्षा विभाग की तरफ से राज्य में पड़ रही गर्मी और हीट वेव के अलर्ट को लेकर मंथन किया गया गया था। साथ ही स्कूलों के समय बदलने संबंधी आदेश जारी किए थे। उस समय तय हुआ था 20 मई से 30 मई तक स्कूल सुबह 7 बजे से 12 बजे तक खुलेंगे। जबकि डबल शिफ्ट वाले स्कूलों का समय सुबह सवा दस बजे से दोपहर 1.15 बजे तक कर दिया गया था। पंजाब के आंगनवाड़ी सेंटरों में 30 तक हुई छुटि्टयां पंजाब में पड़ी रही तेज गर्मी व लू के चलते पंजाब सरकार ने आंगनवाड़ी सेंटरों में भी छुटि्टयां कर दी हैं। अब सेंटर 21 मई से 30 जून तक बंद रहेंगे। आंगनवाड़ी सेंटरों में तीन से छह साल तक के बच्चे आते हैं। इनकी देखभाल करना काफी मुश्किल होती है। इसके चलते सरकार की तरफ से यह फैसला लिया गया है। वहीं, आंगनबाड़ी वर्करों को इस दौरान होम विजिट करना होगा। साथ ही बच्चों को टेक होम राशन मुहैया करवाया जाएगा। विभाग द्वारा मांगी जाने वाली रिपोर्ट भी तय समय पर भरी जाएगी। गर्मी से बचना है तो इन चीजों का रखें ध्यान शिक्षा विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि इस मौसम में ज्यादा पानी का पीना चाहिए। अगर आप दिल, किडनी या लीवर की बीमारियों से पीड़ित हैं और कम पानी पीते हैं। ऐसे लोग डॉक्टरी सलाह के बाद तरल पदार्थ का सेवन करें। ओआरस के घोल का प्रयोग करने का सुझाव भी दिया गया है। इसी तरह घरों में तैयार किए जाने वाले तरल पदार्थ जैसे ही नींबू पानी, लस्सी, नारियल पानी आदि तरल पदार्थ का प्रयोग किया जा सकता है। वहीं, हमेशा ही हलके फीके रंग के कपड़े पहन बाहर जाए और डार्क कलर के कपड़े पहनने से परहेज करें। घर से बाहर जाने के लिए सिर और हाथों को अच्छी तरह ढक कर निकलना चाहिए। टोपी और छाते का प्रयोग करना चाहिए। आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा व चमड़ी की सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन का प्रयोग करें।

नॉर्वे चेस: कार्लसन की वापसी, गुकेश अंक तालिका में सबसे नीचे खिसके

ओस्लो  विश्व नंबर एक मैग्नस कार्लसन ने नार्वे शतरंज टूर्नामेंट में शानदार वापसी करते हुए मौजूदा क्लासिकल विश्व चैंपियन डी गुकेश को गुरुवार को करारी शिकस्त दी, जिससे युवा भारतीय खिलाड़ी अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर पहुंच गए। वहीं, आर प्रगनानंद ने विंसेंट कीमर को आर्मगेडन टाईब्रेक में हराकर दूसरा स्थान बरकरार रखा। कार्लसन की दमदार वापसी सात बार के नॉर्वे शतरंज चैंपियन कार्लसन ने टूर्नामेंट की धीमी शुरुआत के बाद जोरदार वापसी की। इस जीत से उन्हें पूरे तीन अंक मिले और वह अंतिम स्थान से चौथे स्थान पर पहुंच गए। दूसरी ओर, निराश गुकेश मुकाबले के बाद मुख्य द्वार से बचते हुए पीछे के दरवाजे से बाहर निकल गए, जबकि बाहर बड़ी संख्या में युवा प्रशंसक उनके ऑटोग्राफ का इंतजार कर रहे थे। फिरोजा का जलवा शुक्रवार को विश्राम दिवस से पहले अलीरेजा फिरोजा शीर्ष पर बने हुए हैं। हालांकि फिरोजा को अमेरिका के वेस्ली सो के विरुद्ध टूर्नामेंट की पहली हार झेलनी पड़ी। वेस्ली ने क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहने के बाद आर्मगेडन में उन्हें पराजित किया। इसके बावजूद फिरोजा ने एक अंक हासिल कर 8.5 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर बने हुए है। प्रगनानंद छह अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वेस्ली सो 5.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर काबिज हैं, जबकि कार्लसन 4.5 अंकों के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए। कीमर के खाते में चार अंक हैं। मौजूदा विश्व चैंपियन गुकेश 3.5 अंकों के साथ सबसे नीचे हैं।  

घर में तुलसी और मनी प्लांट साथ रखना कितना सही? जानें वास्तु के नियम और सही दिशा

जब भी घर में शुभ पौधे लगाने की बात आती है, तो हमारे दिमाग में दो नाम सबसे पहले आते हैं, तुलसी और मनी प्लांट.एक तरफ तुलसी घर में सुख-शांति लाती हैं, तो दूसरी तरफ मनी प्लांट है जो आर्थिक तरक्की से जुड़ा है.अक्सर लोग सोचते हैं कि क्या इन दोनों को एक साथ रखा जा सकता है? इन दोनों को साथ रखने का नियम और सही तरीका क्या है, अगर आप वो तरीका जान गए, तो किस्मत चमक सकती है. क्या है वास्तु का नियम ज्योतिष और वास्तु के हिसाब से देखें तो मनी प्लांट का कनेक्शन बुध ग्रह से है, जो हमारे दिमाग और बिजनेस को संभालता है. तुलसी जी का कनेक्शन गुरु ग्रह और भगवान विष्णु से है, जो हमें सुख और अच्छी सोच देते हैं. अब आप ही सोचिए, बिना बुद्धि के पैसा टिकता नहीं और बिना पैसे के जिंदगी चलती नहीं. इसलिए जब ये दोनों पौधे आपके घर में सही तरीके से साथ होते हैं, तो आपको बुद्धि और पैसा दोनों एक साथ मिलते हैं. दूरी है जरूरी दोनों पौधों को साथ रखने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप दोनों को एक ही गमले में लगा दें. दोनों का स्वभाव अलग है, इसलिए इन्हें थोड़ी दूरी पर रखें. तुलसी को कहां रखें? इन्हें हमेशा घर की उत्तर या पूर्व दिशा (North or East) में रखें. यह दिशा भगवान की मानी जाती है. मनी प्लांट को कहां रखें? इन्हें घर के साउथ-ईस्ट कोने (South-East) में रखना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि यह दिशा धन के देवता कुबेर जी की होती है. बालकनी में कैसे सेट करें? अगर आप इन्हें अपनी बालकनी या लिविंग रूम में रख रहे हैं, तो तुलसी को थोड़ा उत्तर की तरफ और मनी प्लांट को थोड़ा दक्षिण की तरफ रखें. दोनों के बीच कुछ फीट का गैप जरूर होना चाहिए. इन दो बातों का खास ख्याल रखें अगर आप इन दोनों पौधों को पास-पास रख रहे हैं, तो बस दो गलतियों से बचना है: मनी प्लांट को तुलसी पर न चढ़ने दें: मनी प्लांट एक बेल (creeper) है जो ऊपर की तरफ भागती है. ध्यान रखें कि मनी प्लांट की बेल बढ़ते-बढ़ते तुलसी के पौधे को ढक न ले. तुलसी का पौधा हमेशा साफ और खुला दिखना चाहिए. साफ-सफाई: तुलसी जी के पास हम सब पूजा करते हैं, इसलिए वहां चप्पल-जूते या कचरा न रखें. साथ ही, मनी प्लांट के जो पत्ते सूख जाएं, उन्हें तुरंत काट कर हटा दें.

धमतरी में उर्वरक वितरण सुदृढ़ करने प्रशासन और विक्रेताओं के बीच हुआ संवाद

धमतरी. आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर एवं निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन में कृषि विभाग एवं उर्वरक विक्रेताओं की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत धमतरी गजेन्द्र ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उर्वरक भण्डारण एवं वितरण से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा कर समाधानोन्मुख पहल की गई। बैठक में कृषि विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित थोक एवं फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं कीमतों के अनुरूप किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही बताया गया कि जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा निरीक्षण एवं उड़नदस्ता दल नियमित रूप से जांच कर रहे हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर विक्रय, अन्य वस्तुओं की अनिवार्य टैगिंग अथवा वितरण संबंधी किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उपस्थित विक्रेताओं ने प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पूर्ण पालन करने तथा किसानों के हित में सहयोगात्मक भूमिका निभाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उर्वरक विक्रेताओं ने क्रय-विक्रय प्रक्रिया से जुड़ी अपनी व्यावहारिक समस्याओं एवं सुझावों को भी साझा किया। प्रशासन ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित संज्ञान लिया तथा आवश्यक विषयों पर शासन स्तर पर पत्राचार कर समाधान की पहल की है। इस सकारात्मक संवाद से उर्वरक वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सुगम एवं किसान हितैषी बनाने में मदद मिलेगी। बैठक में उप संचालक कृषि मोनेष कुमार साहू, अनुविभागीय कृषि अधिकारी मनोज सागर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, उर्वरक निरीक्षक तथा विकासखंड धमतरी, कुरूद, मगरलोड एवं नगरी के बड़ी संख्या में थोक एवं फुटकर उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे।

कोहली vs गिल की जंग, नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ट्रॉफी के लिए महासंग्राम

नई दिल्ली  आईपीएल-2026 का रोमांच खत्म होने में अब सिर्फ एक मैच ही बचा है। बहुत संभावना है कि ये मैच इस सीजन के सबसे रोमांचक मैचों में गिना जाएगा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को मौजूदा विजेता रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का सामना गुजरात टाइटंस से होना है। ये दोनो टीमें पहले क्वालिफायर में भी भिड़ चुकी हैं जहां आरसीबी ने जीत हासिल की थी। आरसीबी ने वहां से सीधे फाइनल में जगह बनाई तो वहीं गुजरात दूसरे क्वालिफायर में राजस्थान रॉयल्स को मात देने के बाद खिताबी मुकाबले में आ रही है। दोनों ही टीमें दमदार फॉर्म में हैं और दूसरी बार ट्रॉफी उठाने की तलाश में हैं। गिल लेंगे बड़ा फैसला जीत के लिए जरूरी है कि दोनों टीमें अपने बेस्ट 11 चुने। यूं तो टीमें अपने विजयी कॉम्बीनेशन में बदलाव नहीं करती हैं, लेकिन गिल एक बदलाव कर सकते हैं। निशांत सिंधू को लगातार गुजरात ने मौका दिया है, लेकिन इस खिलाड़ी ने निराश किया है। उनकी जगह गिल तूफानी फिनिशर शाहरुख खान को मौका दे सकते हैं जो लंबे-लंबे शॉट्स मार मैच का रुख पलटने का दम रखते हैं। बाकी गुजरात की टीम में बदलाव की संभावना नजर नहीं आती है। राहुल तेवतिया और मोहम्मद सिराज को टीम इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है। गिल और सुदर्शन पारी की शुरुआत करेंगे तो वहीं जोस बटलर तीसरे नंबर पर होंगे। सिंधू के बाहर जाने पर वॉशिंगटन सुंदर चौथे नंबर की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। उनके बाद शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, जेसन होल्डर राशिद खान मध्य और निचले क्रम को मजबूत करेंगे। गेंदबाजी में काफी दारोमदार कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और राशिद खान पर होगा। आरसीबी के सामने टेंशन आरसीबी के सामने एक चिंता की बात फिल सॉल्ट की चोट है। इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है कि सॉल्ट मैच फिट हैं या नहीं। अगर वह आते हैं तो आरसीबी के तूफानी अंदाज में इजाफा होगा। अगर नहीं आते हैं तो टीम फिर वेंकटेश अय्यर और विराट कोहली की सलामी जोड़ी पर निर्भर रहेगी। इसके अलावा आरसीबी अपनी प्लेइंग-11 को छेड़ना नहीं चाहेगी। तीसरे नंबर पर देवदत्त पडिक्कल हैं तो चौथे नंबर पर रजत पाटीदार हैं। मध्य और निचले क्रम में टीम के पास क्रुणाल पांड्या, टिम डेविड, जितेश शर्मा जैसे तूफानी बल्लेबाज हैं। गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, जैकब डफी और रासिख सलाम पर जिम्मेदारी रहेगी। टीम रोमारियो शेफर्ड को बतौर इम्पैक्ट प्लेयर इस्तेमाल कर सकती है। दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11 गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर, वॉशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, शाहरुख खान, राशिद खान, साई किशोर, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा। इम्पैक्ट प्लेयर- राहुल तेवतिया आरसीबी: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, वेंकटेश अय्यर, देवदत्त पडिक्कल, क्रुणाल पांड्या, टिम डेविड, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, जैकब डफी, रासिख सलाम। इम्पैक्ट प्लेयर- रोमारियो शेफर्ड

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा – हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को मिली नई गति : जिलों को 2677 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा – हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवास निर्माण, ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक घर पूर्ण- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  भवन सामग्री आपूर्ति से जुड़कर 10 हजार से अधिक महिलाएं बनीं 'लखपति दीदी' रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन को नई गति मिली है। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपए की केंद्रीय एवं राज्यांश राशि जारी की गई है। यह राशि एसएनए स्पर्श (SNA SPARSH) मॉड्यूल के माध्यम से जिलों को आवंटित की गई है, ताकि पात्र हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जा सकें। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में “हर गरीब को पक्का घर” का संकल्प छत्तीसगढ़ में तेजी से साकार हो रहा है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे। पक्का घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि एक परिवार के सम्मान, सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। राज्य में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवासों का निर्माण किया जा रहा है तथा विगत ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक आवास पूर्ण कराए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 6 लाख से अधिक आवासों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों गरीब परिवारों के सपनों, आत्मसम्मान और सुरक्षित जीवन की कहानी है। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जारी राशि का उपयोग प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करते हुए पात्र हितग्राहियों के आवास शीघ्र पूर्ण कराए जाएं, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को समय पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराया जा सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में महिला स्व-सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश में हजारों स्व सहायता समूह सामग्री आपूर्ति से जुड़कर आजीविका अर्जित कर रहे हैं, इनमें से 10 हजार से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी’ बनीं हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तीकरण, आजीविका संवर्धन और सामाजिक परिवर्तन का भी माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। ऐसे परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और विश्वास का नया वातावरण तैयार किया जा रहा है।     उन्होंने कहा कि प्रदेश में नवाचार के तहत 1.5 लाख से अधिक आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया गया है, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही हितग्राहियों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1290 संचालित की जा रही है तथा योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड भी प्रदर्शित किए गए हैं।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

ट्विशा केस: गिरिबाला सिंह के बयान से मचा हड़कंप, स्टेटस और स्किल ने बढ़ाई CBI की चिंता

भोपाल  ट्विशा शर्मा डेथ केस में भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह कानून के शिकंजे में हैं। कोर्ट ने उन्हें 5 दिन की रिमांड पर सीबीआई को सौंप दिया है। देशभर में सुर्खियोें में आने के बाद इस केस की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी यानि सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई के जांच अधिकारी मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे ट्विशा के पति समर्थ सिंह से कई घंटों की पूछताछ कर चुके हैं। इस दौरान सीबीआई अधिकारियों द्वारा उनपर उठे एक सवाल पर पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने स्वीकारोक्ति भी की। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने उनसे कहा कि आप खुद एक जिम्मेदार न्यायिक अधिकारी रह चुकीं हैं, ऐसे में मामले में बेटे समर्थ को फरार क्योें होने दिया! इस पर गिरिबाला सिंह ने माना कि हम दोनों से यह गलती तो हुई है। बयानों के साथ ही साक्ष्य जुटाने के काम में भी लगी सीबीआई एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सास रिटायर्ड जज गिरिबाला को रिमांड पर लेने के बाद सीबीआई फिर पूछताछ में जुट गई है। उन्हें बेटे समर्थ सिंह के साथ बैठाकर सवाल जवाब किए जाने की तैयारी चल रही है। सीबीआई बयानों के साथ ही साक्ष्य जुटाने के काम में भी लगी है। मुद्दे पर अपनी गलती स्वीकार कर ली सीबीआई की पूछताछ के दौरान गिरिबाला सिंह ने एक बड़ी बात कही। शुरुआती ना नुकुर के बाद उन्होंने एक मुद्दे पर अपनी गलती स्वीकार कर ली। गिरिबाला सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश जैसे अहम पद पर रह चुकी हैं। इसी बात का उल्लेख करते हुए सीबीआई ने उनसे बेटे समर्थ सिंह की फरारी की वजह पूछी थी जिसपर पूर्व जज ने मान लिया कि यह हमारी गलती थी। बेटा समर्थ सिंह फरार कैसे और क्यों हो गया? दरअसल जांच अधिकारियों ने गिरिबाला सिंह से सीधा सवाल किया कि आप अहम न्यायिक पदों पर रही हैं, नियम-कानूनों की आपको हर जानकारी है। ऐसे में भी 12 मई को बहू ट्विशा शर्मा की मौत के बाद बेटा समर्थ सिंह फरार कैसे और क्यों हो गया? इस सवाल पर गिरिबाला सिंह पहले तो कुछ असहज हुईं लेकिन बाद में इसे गलती के रूप में स्वीकार कर लिया। उन्होंने यह स्पष्टीकरण भी दिया कि वे परिस्थितियों का ठीक से अंदाजा नहीं लगा सकीं थीं। डरे सीबीआई अधिकारी, 5 वजहों से घिरीं सीबीआई ने भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 5-5 दिन की रिमांड पर ले लिया है। भोपाल कोर्ट ने शुक्रवार को दोनों को 2 जून तक के लिए सीबीआई को सुपुर्द कर दिया। ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह करीब पौने दो साल तक भोपाल की जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर रहीं हैं। इतना ही नहीं, वे क्राइम सीन मैनेजमेंट में भी दक्ष हैं। गिरिबाला सिंह के इस स्टेटस और स्किल का हवाला देते हुए ही सीबीआई ने उनका रिमांड मांगा। जांच अधिकारियों को डर है कि बाहर रहकर वे सबूतों और गवाहों को प्रभावित कर सकती हैं। कोर्ट ने उनके तर्क स्वीकार कर लिए। 7 दिन की रिमांड मांगी पर कोर्ट ने 5 दिन की ही मंजूरी दी सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को भोपाल जिला कोर्ट में पेश किया यहां जस्टिस शोभना भलावे की अदालत के समक्ष वे दो घंटे से ज्यादा कठघरे में खड़ी रहीं। सीबीआइ कोर्ट से पूछताछ के लिए 7 दिन की रिमांड मांगी पर कोर्ट ने 5 दिन की ही मंजूरी दी। मायके वालों ने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया बता दें कि ट्विशा शर्मा की कटारा हिल्स स्थित आवास पर जब संदिग्ध हालात में मौत हुई तब सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह की घर पर मौजूद थे। दोनों ने कहा कि ट्विशा ने सुसाइड की जबकि मायके वालों ने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया। पहले समर्थ सिंह और बाद में गिरिबाला सिंह को कोर्ट में पेश किया पहले सीबीआइ ने समर्थ सिंह और बाद में गिरिबाला सिंह को कोर्ट में पेश किया। बेटे को यहां दोपहर 12.35 बजे लाया गया जबकि 10 मिनट बाद पूर्व जज को लाए। आशंका जताई कि यदि रिमांड पर नहीं रहीं तो जांच प्रभावित कर सकती हैं सीबीआइ ने रिमांड के लिए गिरिबाला सिंह के स्टेटस और स्किल को आधार बनाया। अधिकारियों ने कोर्ट में आशंका जताई कि यदि रिमांड पर नहीं रहीं तो इनके बल पर वे जांच प्रभावित कर सकती हैं। 15 जुलाई 2021 से 28 फरवरी 2023 तक भोपाल की जिला जज रहीं अदालत से सीबीआई ने कहा कि गिरिबाला बड़े न्यायिक पद पर रहीं हैं। उन्होंने गुजरात से क्राइम सीन मैनेजमेंट की ट्रेनिंग भी ले रखी है। ऐसे में गिरिबाला सिंह को बाहर रखने से साक्ष्य प्रभावित कर सकती हैं। इसका बचाव पक्ष के वकीलों ने विरोध नहीं किया। बता दें कि 15 जुलाई 2021 से 28 फरवरी 2023 तक गिरिबाला सिंह भोपाल की जिला जज रहीं हैं। इस प्रकार वे करीब 19 माह तक यहां पदस्थ थीं। इन 5 आधारों पर जांच एजेंसी ने मांगा रिमांड सीबीआइ ने तर्क दिया, गिरिबाला सिंह बड़े न्यायिक पद पर रहीं हैं। यदि रिमांड पर नहीं रहीं तो जांच प्रभावित कर सकती हैं। जिला कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत के बाद लगातार घटनाक्रम को लेकर वे मीडिया में बनी रहीं। गिरिबाला सिंह ने केस को दूसरी ओर मोल्ड करने की भरपूर कोशिश की है। पूर्व जज गिरिबाला सिंह क्राइम मैनेजमेंट में दक्ष हैं, उन्होंने गुजरात से क्राइम सीन मैनेजमेंट की ट्रेनिंग ले रखी है। सीबीआई ने कोर्ट से कहा कि गिरिबाला सिंह को बाहर रखने से वे साक्ष्य प्रभावित कर सकती है। इसका बचाव पक्ष के वकीलों ने विरोध नहीं किया।

AAP सरकार का बड़ा दावा, किसानों के खेतों तक पहुंचाया गया रिकॉर्ड 21,000 क्यूसिक पानी

जालंधर  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  संत बाबा अवतार सिंह जी की 38वीं सालाना बरसी संबंधी आयोजित समागम के दौरान गांव सीचेवाल में माथा टेका। इस मौके पर एक प्रगतिशील और आत्मनिर्भर पंजाब का सपना देखते हुए भगवंत सिंह मान ने राज्यसभा सदस्य संत बलवीर सिंह सीचेवाल के साथ संत अवतार सिंह मेमोरियल हॉकी स्टेडियम में एक नए एस्ट्रोटर्फ का उद्घाटन किया। आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की ओर से खेल बुनियादी ढांचे, सिंचाई, भूजल रिचार्ज और लोक कल्याण संबंधी किए गए उपायों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने खेतों तक 21,000 क्यूसिक पानी पहुंचाया है, जो दो भाखड़ा नहरों के बराबर है। पर्यावरण अनुकूल उपायों से 21 लाख क्यूबिक मीटर पानी भूमिगत रिचार्ज करने में मदद मिली है, जिससे कई क्षेत्रों में पानी के स्तर में 2 से 4 मीटर की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब विश्व स्तरीय सरकारी स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और खेल सुविधाओं के माध्यम से तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि एक जीवंत “रंगला पंजाब” के रंग अब पूरे राज्य में दिखने शुरू हो गए हैं। इस मौके पर भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है और यहां नफरत और वैर के अलावा सब कुछ उग सकता है। पंजाब महान गुरुओं, संतों और पैगंबरों की पवित्र धरती है, जिन्होंने हमें आपसी प्यार और सहिष्णुता का रास्ता दिखाया है। लोगों के बीच सामाजिक ताने-बाने पहले से ही बहुत मजबूत हैं और इसे और मजबूत करने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए।” उन्होंने कहा, “यह सही समय है कि पंजाबी एकजुट होकर फूट डालने वाली ताकतों को उचित जवाब दें जो राज्य की शांति, सद्भावना और भाईचारे की साझेदारी को नुकसान पहुंचाना चाहती हैं। जो लोग भाईचारे की सद्भावना को भंग करने की कोशिश कर रहे हैं, वे पंजाब के दुश्मन हैं क्योंकि वे राज्य को फिर से अंधेरे में धकेलना चाहते हैं। ये ताकतें सांप्रदायिक झगड़ा पैदा करके सत्ता हासिल करना चाहती हैं, लेकिन उनकी संकीर्ण चालें सफल नहीं होंगी क्योंकि पंजाब के लोग हर मौके पर एकजुट रहते हैं।” लोगों को एकजुट रहने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ राजनीतिक पार्टियां धर्म के नाम पर लोगों में फूट डालने की कोशिश कर रही हैं। उनकी राजनीति समुदायों में विभाजन पैदा करने और फिर वोटों के लिए दोनों पक्षों को डराने पर केंद्रित है। लोगों को ऐसी राजनीति से सतर्क रहना चाहिए। ये लोग जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटकर नफरत फैलाते हैं, लेकिन ‘आप’ ऐसी राजनीति में विश्वास नहीं रखती।” गुरबाणी की तुक “पवणु गुरू पानी पिता माता धरति महतु” का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “महान गुरुओं ने हवा को गुरु, पानी को पिता और धरती को माता का दर्जा दिया था। गुरु साहिब ने आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति का सम्मान करने की शिक्षा दी थी, लेकिन बदकिस्मती से मनुष्य प्रकृति को सुरक्षित रखने में असफल रहा है। अब समय आ गया है कि गुरबाणी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाया जाए और पर्यावरण बचाने का संकल्प लेकर पंजाब की शान को बहाल किया जाए।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही है और लोगों को ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाकर सरकार का साथ देना चाहिए। मैं हमेशा धार्मिक और आध्यात्मिक नेताओं से मिलने के लिए उत्सुक रहता हूं क्योंकि उनका काम कभी भी सांसारिक या सरकारी पदों से संबंधित नहीं होता। वे धार्मिक स्थानों तक जाने वाली सड़कें बनाने, संगत के लिए शेड बनाने, श्रद्धालुओं के लिए लंगर का प्रबंध करने, नहरों और पानी की नालियों की सफाई करने, पर्यावरण की रक्षा करने और मानवता की निस्वार्थ सेवा करने की बात करते हैं। यह बेहद गर्व और संतोष की बात है कि प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी और राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलवीर सिंह जी सीचेवाल, ‘सीचेवाल मॉडल’ के माध्यम से बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।” पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, “38 साल पहले, यह जगह रेत के टीबों से ढकी हुई थी जहां मूंगफली और छोटी फसलें उगती थी। बाबा जी के प्रयासों से, यह जगह अब हरे-भरे पर्यावरण में बदल गई है। यहां हजारों पेड़ और सैकड़ों किस्मों के पौधे लगाए गए हैं। ये पेड़ पूरे फल और छांव प्रदान करते हैं और लोग नर्सरी से पौधे लेने यहां आते हैं।” उन्होंने कहा, “प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए सिर्फ कुछ समर्पित आत्माएं ही प्रयासरत हैं और पंजाब भाग्यशाली है कि संत बाबा बलवीर सिंह जी उनमें से एक हैं। जब भी बाबा जी संसद में बोलते हैं, कोई उन्हें नहीं रोकता क्योंकि हर कोई जानता है कि वे हमेशा समाज, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए बोलते हैं। बहुत कम लोगों को ऐसी बहुमूल्य सेवा करने का मौका मिलता है और बाबा जी ने हमेशा मानवता, ईमानदारी से जीवन जीने, मिलजुलकर रहने और नेकी का संदेश फैलाया है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “हाल के वर्षों में गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से संबंधित कई घटनाएं हुई हैं। हर कुछ दिनों बाद सड़कों पर, कूड़े के ढेरों में या अपमानजनक स्थितियों में फटे या जले हुए अंगों की दिल दहला देने वाली खबरें सामने आई हैं। यह बेहद दुखदाई था, लेकिन दुख और भी गहरा हो गया जब दोषियों को कोई ठोस कानून न होने और खामियों के कारण जमानत पर रिहा कर दिया गया।” उन्होंने आगे कहा, “इस मामले पर संपूर्ण संत समाज से सलाह-मशविरा करने, अमृतसर और चंडीगढ़ में मीटिंगें करने और वकीलों तथा सेवानिवृत्त जजों से चर्चा करने के बाद राज्य सरकार ने बिना किसी ढिलाई के ‘बेअदबी’ के खिलाफ एक सख्त कानून बनाया। वाहेगुरु ने मुझे जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का बल बख्शा, जिसमें ‘बेअदबी’ के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। इस कानून के तहत बेअदबी की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा के साथ-साथ 50 लाख रुपए का जुर्माना भी हो सकता है।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “अगर दोषी जुर्माना नहीं भर सकता, तो उनकी … Read more

आदर्श परीक्षा केंद्र पर अव्यवस्था, घंटों इंतजार के बाद परीक्षा कैंसिल

नोएडा नोएडा सेक्टर-64 स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र में शनिवार को आयोजित सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) परीक्षा छात्रों और अभिभावकों के लिए भारी परेशानी का कारण बन गई। सुबह से परीक्षा देने पहुंचे सैकड़ों अभ्यर्थियों को घंटों इंतजार करना पड़ा, लेकिन तकनीकी खामी के चलते परीक्षा शुरू ही नहीं हो सकी। आखिरकार परीक्षा रद्द होने की घोषणा के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने केंद्र के बाहर धरना-प्रदर्शन करते हुए एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों का आरोप है कि वे सुबह नौ बजे की परीक्षा के लिए समय से केंद्र पहुंच गए थे। लंबी कतारों में खड़े रहने के बाद जब उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश मिला तो वहां भी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। अभ्यर्थियों के अनुसार परीक्षा शुरू होने का इंतजार करते हुए उन्हें एक से दो घंटे तक कक्ष में बैठाए रखा गया, जबकि कई कमरों में पंखे तक नहीं चल रहे थे। भीषण गर्मी के बीच छात्र लगातार परीक्षा शुरू होने का इंतजार करते रहे, लेकिन अंत में परीक्षा रद्द कर दी गई। प्रदर्शन में शामिल अनुज ने बताया कि उनके भाई की परीक्षा सुबह नौ बजे से थी। वह सुबह 6:30 बजे उन्हें केंद्र छोड़कर घर लौट गए थे और दस बजे लेने पहुंचे। लेकिन तब तक कोई भी छात्र बाहर नहीं आया था। अंदर से लगातार घोषणा की जा रही थी कि तकनीकी कारणों से परीक्षा शुरू नहीं हो पा रही है। अनुज के मुताबिक, एक छात्र ने बाहर आकर बताया कि दो घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद परीक्षा शुरू नहीं हुई और छात्रों को बाहर निकलने की भी अनुमति नहीं दी जा रही थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे कई महीनों से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। 12वीं के बाद देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा के रद्द होने से उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

पंचकूला में हाई लेवल बैठक, परीक्षा और कानून व्यवस्था पर सख्त निगरानी

पंचकूला  21 जून को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न करवाना हरियाणा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। खुफिया तंत्र सक्रिय रहेगा और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद पूरे मामले को मॉनिटर कर रहे हैं। इसी संबंध में शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। प्रदेश में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नीट परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था तथा नशामुक्त हरियाणा अभियान की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्रदेशभर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। डीजीपी ने सभी अधिकारियों को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप गंभीरता, सतर्कता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों का समय रहते निरीक्षण किया जाए तथा सुरक्षा, निगरानी एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को पहले से सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश देते हुए कहा कि पेपर लीक अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर हरियाणा पुलिस की नजर रहनी चाहिए। बैठक में नशामुक्त हरियाणा अभियान को लेकर भी व्यापक चर्चा की गई। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो संजय कुमार ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार नशामुक्त अभियान को लेकर काफी संवेदनशील है तथा उच्च स्तर पर निगरानी की जा रही है। नशा तस्करी के नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश एडीजीपी संजय कुमार ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में बढ़ती नशा तस्करी का सीधा प्रभाव हरियाणा पर पड़ता है। ऐसे में डिमांड और सप्लाई दोनों स्तरों पर रणनीतिक कार्रवाई करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा बिक्री अथवा स्टोरेज की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाए। मेडिकल स्टोर एवं केमिस्ट एसोसिएशनों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएं तथा केमिस्ट शाप्स के स्टाक, सीसीटीवी सिस्टम और रिकार्ड की लगातार निगरानी की जाए। डीजीपी ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन हर परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस बल को सदैव तैयार रहना होगा। प्रत्येक जिले में गठित कानून एवं व्यवस्था कंपनियों का नियमित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके।