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सिनर ने ताबुर को हराकर फ्रेंच ओपन में दमदार शुरुआत की

पेरिस  दुनिया के नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी जानिक सिनर ने फ्रेंच ओपन में अपने पहले दौर के मुकाबले में एकतरफा जीत हासिल की। सिनर ने फ्रांस के 171वीं रैंकिंग वाले वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी क्लेमेंट ताबुर को 6-1, 6-3, 6-4 से हराया। इसके साथ ही उन्होंने लगातार 30वीं जीत दर्ज की। अब उन्होंने फ्रेंच ओपन खिताब जीतने की अपनी कोशिश भी शुरू कर दी है। पिछले साल फाइनल में कार्लोस अलकराज से पांच सेटों में मिली नाटकीय हार के बाद रोलां गैरो में वापसी करते हुए सिनर का पहला मुकाबला उस मैच से बिल्कुल अलग रहा। सिनर ने कहा कि मैं यहां वापस आकर बहुत खुश हूं। यहां की यादें बेहद शानदार हैं। पेरिस के माहौल में खुद को ढालने के लिए सिनर और उनके भाई ने एफिल टावर का लेगो प्रोजेक्ट शुरू किया था। इटालियन ओपन जीतने के बाद वह अपने घर गए थे, जहां उन्होंने इस मॉडल पर काम किया। सिनर का प्रचंड फॉर्म 24 वर्षीय सिनर इस समय शानदार फॉर्म में हैं और लगातार पांच टूर्नामेंट जीत चुके हैं। अलकराज के दाएं हाथ की कलाई में चोट के कारण बाहर होने के बाद सिनर को फ्रेंच ओपन जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। वहीं, अन्य मुकाबलों में नीदरलैंड्स के जेस्पर डी जोंग ने इटली के फेडरिको सीना को 6-3, 6-1, 6-3 को मात दी। इसके अलावा बेल्जियम के अलेक्जेंडर ब्लाक्स के विरुद्ध ऑस्ट्रेलिया के आठवीं वरीयता प्राप्त एलेक्स डी मिनौर को वॉकओवर मिला। स्वियातेक तीसरे दौर में दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी इगा स्वियातेक ने बुधवार को फ्रेंच ओपन में अपनी लय हासिल करने की कोशिश जारी रखते हुए तीसरे दौर में प्रवेश कर लिया। उन्होंने चेक गणराज्य की सारा बेजलेक को 6-2, 6-3 से हराया। चार बार की चैंपियन स्वियातेक अपनी प्रतिद्वंद्वी से काफी बेहतर नजर आईं। इसके बावजूद उन्होंने 38 अनफोर्स्ड एरर किए, जिनमें कई डबल फाल्ट भी शामिल रहे। कोर्ट फिलिप चैटियर पर खेले गए मुकाबले में शुरुआती गेमों में दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे की सर्विस तोड़ी। इसके बाद स्वियातेक ने 5-1 की बढ़त बना ली, लेकिन सातवें गेम में डबल फाल्ट कर उन्होंने दुनिया की 35वें नंबर की खिलाड़ी बेजलेक को वापसी का मौका दे दिया। बेलिंडा की एकतरफा जीत स्वियातेक ने कई बार जल्दबाजी दिखाई, लेकिन 19 अनफोर्स्ड एरर के बावजूद पहला सेट आसानी से अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट के शुरुआती आठ गेम में से पांच में सर्विस टूटने के बाद मुकाबला काफी बिखरा हुआ नजर आया। अंत में बेजलेक के फोरहैंड शॉट नेट में जाने के साथ स्वियातेक ने जीत दर्ज की। वहीं, 11वीं वरीयता प्राप्त बेलिंडा बेनसिक ने अमेरिका की कैटी मैकनेली को एकतरफा मुकाबले में 6-4, 6-0 से हराया। वहीं, पांचवीं वरीयता प्राप्त जेसिका पेगुला उलटफेर की शिकार हो गईं। उनको आस्ट्रेलिया की किंबर्ली बिरेल ने 1-6, 6-3, 6-3 से शिकस्त देकर अगले दौर में जगह बनाईं।

बीजेपी ने हरियाणा में बदली कमान, अर्चना गुप्ता बनीं नई प्रदेश अध्यक्ष

चंडीगढ़. लंबे समय से चल रही अटकलों को विराम देते हुए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने डॉ. अर्चना गुप्ता को हरियाणा भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया है। निवर्तमान अध्यक्ष मोहन लाल बडौली के स्थान पर डॉ. अर्चना गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अर्चना गुप्ता अभी तक मोहन लाल बडौली की टीम में प्रदेश महामंत्री के रूप में काम कर रही थी। हरियाणा भाजपा के इतिहास में यह दूसरा मौका है, जब किसी महिला को प्रदेश अध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। सबसे पहले डॉ. कमला वर्मा को 1980 से 1983 के बीच भाजपा का पहला प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था और वे पहली महिला भी थीं। डॉ. अर्चना गुप्ता को दी गई जिम्मेदारी को भाजपा द्वारा महिला नेतृत्व और संगठनात्मक अनुभव पर भरोसे के रूप में देखा जा रहा है। डॉ. अर्चना गुप्ता मूल रूप से पानीपत की रहने वाली हैं और व्यवसाय से रेडियोलाजिस्ट हैं। नौ जुलाई 2024 को जब राई के पूर्व विधायक मोहन लाल बडौली को प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, तब उनकी टीम में शामिल तीन महामंत्रियों कृष्ण कुमार बेदी और सुरेंद्र पुनिया के साथ डॉ. अर्चना गुप्ता को भी यह दायित्व सौंपा गया था। तब से उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार मेहनत की। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने अर्चना गुप्ता को उनके संगठन के प्रति समर्पण का पुरस्कार दिया है। डॉ. अर्चना गुप्ता की प्रदेश अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति कई बड़े दावेदार नेताओं और धुरंधरों को पछाड़कर की गई है। महिलाओं में भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य डॉ. सुधा यादव, सिरसा की पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल और पूर्व राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी के नाम चल रहे थे। पुरुषों में पलवल के पूर्व विधायक दीपक मंगला, पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, सांसद संजय भाटिया और कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी को पीछे छोड़कर अर्चना गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति पाने में कामयाब हो गई हैं। डॉ. अर्चना गुप्ता को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के आशीर्वाद से यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। उनकी नियुक्ति के बाद अब प्रदेश कमेटी में नए सिरे से बदलाव होगा। भाजपा ने अर्चना गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर जहां संगठन में महिलाओं को महत्व देने की अपनी नीति को उजागर किया है, वहीं वैश्यों का भरोसा जीतने में कामयाबी हासिल की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मंत्रिमंडल में एक ही वैश्य मंत्री विपुल गोयल हैं। भाजपा संगठन में प्रदेश अध्यक्ष का न्यूनतम कार्यकाल करीब तीन साल का होता है। ऐसे में निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली को करीब दो साल के कार्यकाल के बाद ही हटा दिया गया है। हालांकि उनके नेतृत्व में हरियाणा में भाजपा तीसरी बार सरकार बनाने में कामयाब रही है। भाजपा के राष्टीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने डॉ. अर्चना गुप्ता की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। हरियाणा के अब तक रहे अध्यक्ष डॉ. कमला वर्मा (1980 से 1983) (हरियाणा भाजपा की पहली अध्यक्ष) सूरज भान (1984 से 1985) डॉ. मंगल सेन (1986 से 1990) प्रो. रामबिलास शर्मा (1990 से 1993 और 2013 से 2014) रमेश जोशी (1994 से 1998) ओपी ग्रोवर (1998 से 2000) रतनलाल कटारिया (2000 से 2003) प्रोफेसर गणेशी लाल (2003 से 2006) आत्मप्रकाश मनचंदा (2006 से 2009) कृष्ण पाल गुर्जर (2009 से 2013) सुभाष बराला (2014 से 2020) ओमप्रकाश धनखड़ (2020 से 2024) मोहन लाल बडौली (2024 से 2026)

प्रणय ने जोनाथन क्रिस्टी को हराकर दूसरे दौर में बनाई जगह

सिंगापुर  भारतीय स्टार शटलर एचएस प्रणय ने बुधवार को खेले गए सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में इंडोनेशिया के पांचवीं वरीयता प्राप्त जोनाथन क्रिस्टी को तीन गेम में हराकर पुरुष सिंगल्स के दूसरे दौर में प्रवेश किया। 33 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने शानदार संयम दिखाते हुए दुनिया के नंबर-5 खिलाड़ी को एक घंटे से कुछ अधिक समय तक चले मुकाबले में 10-21, 21-12, 21-18 से मात दी। यह पांच वर्षों में क्रिस्टी पर प्रणय की पहली जीत रही। इससे पहले उन्होंने आखिरी बार 2021 इंडोनेशिया ओपन में उन्हें हराया था। 2022 थॉमस कप में भारत की ऐतिहासिक जीत और हाल ही में डेनमार्क में कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रणय का अगला मुकाबला सिंगापुर के पूर्व विश्व चैंपियन लोह कीन यू से होगा। भारतीय मिक्स्ड डबल्स जोड़ी ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो ने भी मलेशिया की वोंग टिएन सी और लिम चियू सिएन को 21-14, 20-22, 21-13 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई। हालांकि, किदांबी श्रीकांत और मालविका बंसोड़ शुरुआती दौर की बाधा पार नहीं कर सके

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: 60+ आयु वालों को मुफ्त यात्रा, सरल पोर्टल पर 6 जून तक पंजीकरण

सोनीपत  हरियाणा सरकार द्वारा बुजुर्गों को गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के निशुल्क दर्शन करवाने के लिए सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत एक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। आठ जून को कुरुक्षेत्र से रवाना होने वाली इस स्पेशल ट्रेन को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। 6 जून तक सरल पोर्टल पर करें पंजीकरण जिला सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी राकेश गौतम ने बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र वृद्धजन लाभार्थी 6 जून तक सरल पोर्टल (www.saraharyana.gov.in) पर अपना ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं। कौन कर सकता है अप्लाई और कैसे होगा चयन? यात्रा के लिए लाभार्थी की उम्र 60 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। आवेदक हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए। सभी चयनित लाभार्थियों को यात्रा के दौरान अपना मेडिकल सर्टिफिकेट साथ लाना होगा। इस यात्रा के लिए सीटें सीमित हैं और लाभार्थियों का चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। इसलिए इच्छुक बुजुर्ग जल्द अपना पंजीकरण कराएं। अधिक जानकारी के लिए लघु सचिवालय की तीसरी मंजिल पर स्थित जिला सूचना एवं जन संपर्क कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

पूर्व कांग्रेसी केवल सिंह ढिल्लों बने BJP पंजाब के नए प्रदेश अध्यक्ष, चुनाव से पहले बड़ा फेरबदल

चंडीगढ़. पंजाब भाजपा को नया प्रदेश प्रधान मिल गया है। पार्टी हाईकमान ने बरनाला के पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश भाजपा की कमान सौंप दी है। उनके नाम की घोषणा के साथ ही पंजाब भाजपा में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी नेतृत्व ने ऐसे समय में यह फैसला लिया है, जब पंजाब में संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में पकड़ बढ़ाने की चुनौती सामने है। केवल सिंह ढिल्लों बरनाला के तल्लेवाल गांव से संबंध रखते हैं। उनका जन्म 16 मई 1950 को हुआ था। वह पंजाब के बड़े उद्योगपतियों और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। वह ढिल्लों ग्रुप के प्रमुख हैं और लंबे समय से कारोबार के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई बरनाला में हुई। 12वीं पास हैं केवल सिंह ढिल्लों वह 12वीं पास हैं और 1969-70 में एसडी कॉलेज बरनाला से बीए पार्ट-1 की पढ़ाई की थी। उनके पिता का नाम सजन सिंह ढिल्लों है, जबकि पत्नी का नाम मनजीत कौर है। उनके दो बेटे कंवरइंदर सिंह ढिल्लों और करणइंदर सिंह ढिल्लों पारिवारिक बिजनेस और रियल एस्टेट कारोबार संभाल रहे हैं। ढिल्लों पिछले करीब दो दशकों से पंजाब की राजनीति में सक्रिय हैं। कांग्रेस टिकट पर वह 2007 और 2012 में बरनाला से विधायक चुने गए थे। 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। वह पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपप्रधान भी रह चुके हैं और मालवा क्षेत्र में कांग्रेस का बड़ा चेहरा थे। हालांकि 2017 विधानसभा चुनाव और 2019 के संगरूर लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। जून 2022 में छोड़ी थी कांग्रेस इसके बाद जून 2022 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा ने उन्हें संगरूर लोकसभा उपचुनाव में उम्मीदवार भी बनाया था। फिलहाल वह पंजाब भाजपा की कोर कमेटी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने मालवा क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने और किसान व कारोबारी वर्ग में पकड़ बढ़ाने के लिए केवल सिंह ढिल्लों पर दांव खेला है। पंजाब भाजपा में इससे पहले अश्वनी शर्मा कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वहीं, पूर्व प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। जाखड़ के नेतृत्व में भाजपा ने पंजाब में अपना आधार बढ़ाने की कोशिश की थी। अब केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश प्रधान बनाकर पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि वह पंजाब में नए चेहरों और क्षेत्रीय संतुलन के साथ आगे बढ़ना चाहती है। भाजपा नेतृत्व को उम्मीद है कि केवल सिंह ढिल्लों के अनुभव, कारोबारी पृष्ठभूमि और मालवा क्षेत्र में प्रभाव का फायदा पार्टी को आगामी चुनावों में मिल सकता है। पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पंजाब भाजपा के अध्यक्ष के रूप में सेवा करना उनके लिए गौरव और बड़ी जिम्मेदारी का विषय रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जताया गया विश्वास और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लगातार मिला मार्गदर्शन उनके पूरे कार्यकाल में ताकत का स्रोत बना रहा। जाखड़ ने किया किसकी सीख का जिक्र? जाखड़ ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव संगठन बीएल संतोष से मिली संगठनात्मक सीख का भी जिक्र किया। साथ ही पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के सहयोग व प्रोत्साहन के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि पंजाब भाजपा की असली ताकत राज्यभर के कार्यकर्ता, नेता और समर्थक हैं, जिनकी निष्ठा और सहयोग से उनका कार्यकाल यादगार बना। पूर्व अध्यक्ष ने नए प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब यह जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जा रही है और उन्हें पूरा विश्वास है कि ढिल्लों के नेतृत्व में संगठन और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब की सेवा और संगठन को आगे बढ़ाने में वह हरसंभव सहयोग देते रहेंगे। सुनील जाखड़ ने अपने संदेश में यह भी साफ किया कि उनका पंजाब, पंजाब के लोगों और संगठन के साथ रिश्ता किसी भी पद से ऊपर है। उन्होंने कहा कि यह जुड़ाव आगे भी उसी समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा। गौरतलब है कि भाजपा ने हाल ही में बरनाला के पूर्व विधायक केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। ढिल्लों कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। वहीं, सुनील जाखड़ भी कांग्रेस से भाजपा में आए थे और पार्टी ने उन्हें पंजाब भाजपा की कमान सौंपी थी। उनके कार्यकाल के दौरान अश्वनी शर्मा कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका में सक्रिय रहे। अब संगठन में बदलाव के साथ भाजपा पंजाब में नए नेतृत्व के जरिए राजनीतिक आधार मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

गर्मी की छुट्टियों में भीड़ कम करने के लिए रेलवे का बड़ा फैसला, स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू

पटना गर्मी की छुट्टियों के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ के मद्देनजर नई दिल्ली और हावड़ा के बीच दो जोड़ी स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। इनका परिचालन पटना के रास्ते किया जाएगा। इससे बिहार से दिल्ली और हावड़ा (कोलकाता) जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। गर्मी की छुट्टियों में इस रूट की ट्रेनों में अक्सर भीड़ देखी जा रही है, जिसके चलते रेलवे द्वारा स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। पूर्व मध्य रेलवे मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बुधवार को कहा कि गाड़ी सं. 04048 नई दिल्ली-हावड़ा स्पेशल नई दिल्ली से 28 मई को शाम 6.15 बजे खुलकर अगले दिन 10.30 बजे सुबह डीडीयू, 11.40 बजे बक्सर, 12.25 बजे आरा, दोपहर 01.25 बजे पटना, 02.13 बजे बख्तियारपुर, 03.43 बजे किऊल और 04.55 बजे झाझा सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए रात 11.40 बजे हावड़ा पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी सं. 04047 हावड़ा-नई दिल्ली स्पेशल 30 मई को रात 1.40 बजे हावड़ा से खुलकर सुबह 8.45 बजे झाझा, 9.33 बजे किऊल, 10.38 बजे बख्तियारपुर, 11.40 बजे पटना, दोपहर 12.24 बजे आरा, 01.10 बजे बक्सर, 03.05 बजे डीडीयू सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए अगले दिन सुबह 8.20 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वहीं, गाड़ी सं. 04050 नई दिल्ली-हावड़ा स्पेशल नई दिल्ली से 30 मई को शाम 6.15 बजे खुलकर अगले दिन सुबह 10.30 बजे डीडीयू, 11.40 बजे बक्सर, 12.25 बजे आरा, दोपहर 1.25 बजे पटना, 2.13 बजे बख्तियारपुर, 3.43 बजे किउल एवं 4.55 बजे झाझा सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए रात 11.40 बजे हावड़ा पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी सं. 04049 हावड़ा-नई दिल्ली स्पेशल 01 जून को रात 1.40 बजे हावड़ा से खुलकर सुबह 8.45 बजे झाझा, 9.33 बजे किउल, 10.38 बजे बख्तियारपुर, 11.40 बजे पटना, 12.24 बजे आरा, दोपहर 1.10 बजे बक्सर, 3.05 बजे डीडीयू सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए अगले दिन सुबह 8.20 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।

तेज गर्मी बनी जानलेवा, हर दिन सैकड़ों चमगादड़ों की मौत; नगर पालिका परेशान

बालोद. बालोद जिले के सबसे बड़े नगर पालिका दल्लीराजहरा में नौतपा के दौरान बीएसपी एमव्हीटी सेंटर के पास लगे पेड़ों में रहने वाले 400 से 500 चमगादड़ों की रोजाना मौत हो रही है. मरने वाले चमगादड़ों की संख्या इतनी ज्यादा है कि पालिका का अमला उठाने में नाकाम है, जिसकी वजह से मृत पक्षियों से उठने वाली बदबू से लोग परेशान हो चुके हैं. नगर में इन दिनों दोपहर में तापमान 40 से 45 डिग्री तक बना रहता है. इस गर्मी से बचने के लिए इंसान को अपने लिए एसी-कूलर की व्यवस्था कर ले रहे हैं, लेकिन मूक जानवरों के पास मौत के अलावा कोई चारा नहीं है. जिसका नजारा रोज बीएसपी एमव्हीटी सेंटर के पास देखने को मिल रहा है. ऐसे में तापमान हाई होने के चलाते रोज चमगादड़ों की मौत हो रही है. रोज लाखों चमगादड़ों में से 400 से 500 चमगादड़ों की मौत हो रही है, जिससे आस-पास के एरिया में रहे वाले लोगों का जीना दूभर हो गया है. मौत के बाद चमगादड़ों से आने वाली बदबू से लोग काफी परेशान हैं. हालांकि, पालिका अपने कर्मचारियों को भेजकर मृत चमगादड़ों को उठा ने का प्रयास तो कर रही है, लेकिन सैकड़ों मृत चमगादड़ वहीं छूट जा रहे है, जिससे उसने उठने वाली बदबू से आस-पास के लोगों के साथ रोड़ से गुजरने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस समस्या का समाधान करने में बीएसपी भी कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है. पर्यावरण संरक्षणकर्ताओं की माने तो लगातार बढ़ रहे तापमान और पेड़ों की कटाई के चलते वन्य जीवों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है. पर्यावरण प्रेमी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि चमगादड़ पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये किट नियंत्रण और परागण में मदद करते है. इतनी बड़ी संख्या में इनकी मौत होना चिंताजनक है. 

कलेक्टरों की कार्यशैली पर CS अनुराग जैन नाराज, बोले- लोग आत्मदाह कर रहे, सिस्टम कहां है?

भोपाल ये बात मध्य प्रदेश के प्रशासनिक मुखिया यानी मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बुधवार को कही। जैन की यह नाराजगी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के एजेंडों पर किए जा रहे एक्शन की समीक्षा के दौरान सामने आई। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि खनिज के अवैध परिवहन में लगे बिना नंबर प्लेट और टूटी-फूटी नंबर प्लेट वाले वाहनों को राजसात करें। जितनी जल्दी हो, ऐसे वाहनों को नीलाम भी किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि खनन अपराधों के पुराने केस निकाले जाएं। पता लगाएं कि किन मामलों में अब तक सजा हुई है और यदि सजा नहीं हुई है तो तुरंत औपचारिकता पूरी कर सजा दिलाने के प्रयास किए जाएं। सीएस जैन ने कहा- सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई सर्विस डिलेवरी का सशक्त माध्यम हैं। यहां आने वाले मामलों में प्रशासन को संवेदना के साथ काम करना चाहिए। जनसुनवाई के दौरान अधिकारी मानवीय दृष्टिकोण अपनाएं और शिकायत का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करें। सीएम हेल्पलाइन के शत-प्रतिशत प्रकरणों को अटेंड करने की कार्यवाही करें। जनसुनवाई में जहर, सीएस का सवाल मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन बुधवार को एकदम कड़े मूड में थे। कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सीधे पूछा कि जनसुनवाई में लोग जहर खा रहे हैं, आत्मदाह कर रहे हैं, तो यह कैसा सुशासन है? उन्होंने कहा कि अवैध खनन करने वालों पर पुलिस और प्रशासन का कोई खौफ नहीं है। इसीलिए कोई भी आसानी से ट्रैक्टर या बाइक चढ़ाने की हिम्मत कर लेता है। यह हालत बदलनी ही होगी।सीएस ने साफ कहा कि कलेक्टर और एसपी की यह जिम्मेदारी है कि ऐसे लोगों पर सख्त एक्शन लिया जाए। ताकि दोबारा ऐसी घटनाएं न हों। खनन माफिया पर नई सख्ती मुख्य सचिव ने अवैध खनन और परिवहन पर बड़ा आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर एक भी गाड़ी बिना नंबर प्लेट या टूटी नंबर प्लेट के पकड़ी गई तो उसे सिर्फ जब्त नहीं किया जाएगा। उसे सीधे राजसात करके तुरंत नीलाम किया जाएगा। 104 हैंडपंप निजी कब्जे में होने पर नाराजगी जताई बैठक में पेयजल की समीक्षा के दौरान यह जानकारी सामने आई कि अलग-अलग जिलों में 104 हैंडपंप निजी लोगों के कब्जे में हैं। सीएस जैन ने इस बात पर नाराजगी जताते हुए कहा- ऐसा कैसे हो सकता है कि कोई सरकारी हैंडपंप पर ही कब्जा कर ले। पानी सभी को मिलना चाहिए। संबंधित कलेक्टर ऐसे मामले में जल्द कार्यवाही कर जानकारी देंगे। इसके अलावा शहरों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश भी सीएस जैन ने कलेक्टरों को दिए। सिर्फ डीएपी नहीं, एनपीके के लिए भी दें टोकन खरीफ सीजन के लिए खाद वितरण की समीक्षा करते हुए सीएस जैन ने कहा- खाद का पर्याप्त भंडारण है। किसानों को ई-विकास पोर्टल के जरिये पंजीयन कर खाद देने का काम किया जाए। सिर्फ डीएपी के लिए ही टोकन न दें बल्कि एनपीके के लिए भी टोकन दें ताकि भीड़ की स्थिति न बने। जैन ने दुग्ध उत्पादन के लिए क्षीर धारा कार्यक्रम और नस्ल सुधार के कार्यक्रम भी ग्रामीण इलाकों में तेजी से चलाने के लिए कहा। पुल-पुलिया की मरम्मत कराने के निर्देश मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा- किसी भी जिले की प्रगति वहां होने वाले बैंक फाइनेंस से पता चलती है, कलेक्टर इसके लिए तेजी से काम कराएं। बारिश का मौसम आने वाला है, इसलिए पुल-पुलिया की मरम्मत और नवीनीकरण का काम पूरा करा लिया जाए। बरगी क्रूज हादसे की घटना के मद्देनजर सीएस ने कलेक्टरों से कहा है कि वे अपने जिले के जलाशयों में पहुंचने वाले पर्यटकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। साथ ही पुराने खनन माफियाओं की फाइलें दोबारा खोलने का आदेश भी दिया गया है। यह देखा जाएगा कि किन मामलों में अब तक सजा नहीं हुई है। जहां भी सजा रुकी हुई हो, वहां तुरंत औपचारिकता पूरी करके सजा दिलाने की कोशिश की जाए। भोपाल-सिंगरौली कलेक्टर को फटकार राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान भोपाल कलेक्टर (आईएएस प्रियंक मिश्रा) को कड़ी फटकार लगाई गई है। जमीनों के नामांतरण और बंटान के मामलों में पेंडेंसी बढ़ती जा रही थी और समीक्षा भी नहीं हो रही थी। इस पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जाहिर की। वहीं सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल की भी जमकर क्लास लगाई गई। प्रदूषण, पेयजल संकट और कानून व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिए जाने पर उन्हें सख्त चेतावनी दी गई। सीएस अनुराग जैन ने एक बात और बिल्कुल साफ कर दी। उन्होंने कहा कि अब पुराने ढर्रे पर काम नहीं चलेगा। हर जिले को अपनी अर्थव्यवस्था खुद खड़ी करनी होगी। अगर ऐसा नहीं हुआ तो जवाबदेही तय की जाएगी। जनसुनवाई में लापरवाही नहीं चलेगी सीएस ने यह भी कहा कि लोक सेवा गारंटी, सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई में आम जनता के साथ संवेदनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। अगर ऐसा हुआ तो संबंधित अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई होगी। उन्होंने याद दिलाया कि इन तीनों माध्यमों से ही सरकार की छवि बनती और बिगड़ती है। औद्योगिक नीति की समीक्षा में कलेक्टरों को कहा गया कि अपनी नाकामी छुपाने के बजाय कृषि और उद्यानिकी से तालमेल बिठाकर जिले में औद्योगिक माहौल बनाएं। उन्होंने बताया कि जीएसडीपी (Gross State Domestic Product) में कृषि का हिस्सा 37 से बढ़कर 43 फीसदी हो गया है। वहीं, सिर्फ खेती से जिलों का पूरा विकास नहीं होगा, इसलिए उद्योगों पर भी ध्यान देना जरूरी है। ड्रग्स-नारकोटिक्स पर विशेष अभियान डीजीपी कैलाश मकवाना ने सभी एसपी को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों के आसपास फैले ड्रग्स के जाल को खत्म करके ड्रग फ्री जोन बनाया जाए। पोक्सो एक्ट और विस्फोटक अधिनियम का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। शांति भंग करने वाले और हुड़दंगियों से भी सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए। बैठक में कई और अहम फैसले बैठक में कई और जरूरी बातें भी सामने आईं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 104 सरकारी हैंडपंपों पर रसूखदार या निजी लोगों ने कब्जा कर रखा है। कलेक्टरों को आदेश दिया गया है कि तुरंत कब्जा हटाएं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें। नरवाई जलाने के मामले में लापरवाही पर जबलपुर और नरसिंहपुर के कलेक्टरों को भी फटकार लगाई गई। खरीफ सीजन में किसानों को खाद के टोकन सिर्फ डीएपी (Di-Ammonium Phosphate) के लिए नहीं, … Read more

ओबीसी आरक्षण पर नई जनगणना की मांग, ग्राम प्रधान संगठन ने उठाई आवाज

 लखनऊ यूपी में ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायतों का प्रशासक बनाए जाने के निर्णय पर जिलों व ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर सरकार का आभार जताया जाएगा। वहीं राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन नई जनगणना के आंकड़ों से ओबीसी आरक्षण तय करने की मांग कर रहा है। जल्द वह समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग व राज्य सरकार को मांग पत्र सौंपेगा। बुधवार को राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन ने मांग की कि वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर ओबीसी आरक्षण तय करना ठीक नहीं होगा। क्योंकि 15 वर्षों में ग्रामीण आबादी 78 प्रतिशत से घटकर 70 प्रतिशत रह गई है। आठ प्रतिशत आबादी स्थानांतरित हुई है। ऐसे में अब नई जनगणना के आंकड़ों से ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए ओबीसी आरक्षण तय किया जाए तो ठीक रहेगा। लखनऊ के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अखिलेश सिंह व प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने कहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय हुआ है। पहली बार ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाया गया है। जिसकी लड़ाई प्रधानों ने मजबूती से लड़ी और सरकार के समक्ष तथ्यपूर्ण ढंग से अपनी बात रख यह आदेश कराया गया। मध्य प्रदेश, राजस्थान व उत्तराखंड में पहले से यह व्यवस्था लागू है। अब राज्य, जिलों व ब्लॉकों में कार्यक्रम आयोजित कर आभार जताया जाएगा। प्रधान योगी सरकार को चुनाव में रिटर्न गिफ्ट देंगे। संगठन सभी राज्यों में अपना विस्तार करेगा। देश भर के 2.50 लाख प्रधानों के लिए यूनिक वेलफेयर पॉलिसी तैयार कराएगा। 7.32 लाख ग्राम पंचायत सदस्यों का कार्यकाल हुआ खत्म यूपी में अब सभी 57694 निवर्तमान ग्राम प्रधानों ने ग्राम पंचायतों के प्रशासक का पदभार संभाल लिया। अब पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद यह निवर्तमान ग्राम प्रधान व सचिव ग्राम पंचायत चलाएंगे। वहीं 7.32 लाख ग्राम पंचायत सदस्यों का पांच साल का कार्यकाल खत्म हो गया है। सभी छह समितियां भंग हो गई हैं। पंचायती राज विभाग की ओर से निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में रूटीन कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। वह नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे। नीतिगत निर्णय का प्रस्ताव जिला पंचायती राज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को भेजा जाएगा और उनकी स्वीकृति से ही यह पास हो सकेगा। प्रशासक समिति बनाए जाने की बजाए प्रधान को ही प्रशासक बनाए जाने के चलते सभी छह समितियां भंग हो गई हैं। ऐसे शिक्षा व स्वास्थ्य समिति, स्वच्छता समिति, जल प्रबंधन समिति व निर्माण कार्य समिति के अध्यक्ष ग्राम पंचायत सदस्यों में से ही किसी को बनाया जाता है। सिर्फ प्रशासनिक व नियोजन एवं विकास समिति का अध्यक्ष ग्राम प्रधान होता है।

गर्मी से राहत: पुदीना और गुड़ की लस्सी बनाएगी शरीर को अंदर से ठंडा और तरोताजा

मई-जून की झुलसा देने वाली गर्मी और गर्म हवाओं और लू के कारण शरीर का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है जिससे डिहाइड्रेशन, पेट में जलन और थकान जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. ऐसे में ज्यादातर लोग बाजार में मिलने वाली कोल्ड ड्रिंक्स पीने लगते हैं जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह होती हैं. इस समर सीजन में खुद को अंदर से कूल और एनर्जेटिक रखने के लिए आप घर पर पुदीना और गुड़ की ठंडी-ठंडी लस्सी ट्राई कर सकते हैं. दही के प्रोबायोटिक्स, पुदीने की प्राकृतिक ठंडक और गुड़ के पोषक तत्व मिलकर एक ऐसा चमत्कारी ड्रिंक बनाते हैं जो आपके डाइजेशन को दुरुस्त रखता है और पेट की गर्मी को शांत करता है. आइए जानते हैं इस देसी और हेल्दी लस्सी को मिनटों में बनाने की बेहद आसान रेसिपी. पुदीना और गुड़ की लस्सी रेसिपी की सामग्री ताजा गाढ़ा दही: 2 कप (चिल्ड) ताजी पुदीना पत्तियां: ½ कप गुड़ का पाउडर या कद्दूकस किया गुड़: 3-4 चम्मच (स्वादानुसार) भुना हुआ जीरा पाउडर: ½ छोटा चम्मच काला नमक: ½ छोटा चम्मच चाट मसाला: ¼ छोटा चम्मच ठंडा पानी या बर्फ के टुकड़े: आवश्यकतानुसार बनाने का आसान तरीका सबसे पहले एक छोटे ब्लेंडर जार में ताजी पुदीने की पत्तियां, गुड़ का पाउडर और 2-3 चम्मच ठंडा पानी डालें. इसे अच्छी तरह ब्लेंड करके एक स्मूथ पेस्ट तैयार कर लें. अब एक बड़े मिक्सिंग जार या ब्लेंडर में ठंडा गाढ़ा दही डालें. इसमें तैयार किया हुआ पुदीना-गुड़ का पेस्ट, भुना जीरा पाउडर, काला नमक और चाट मसाला ऐड करें. सारे मिश्रण को कुछ सेकंड के लिए अच्छी तरह ब्लेंड कर लें या पारंपरिक मथानी से मथ लें ताकि सारे फ्लेवर आपस में मिल जाएं और लस्सी झागदार बन जाए. अगर लस्सी ज्यादा गाढ़ी लगे, तो थोड़ा ठंडा पानी मिला सकते हैं. तैयार लस्सी को सर्विंग गिलासों में निकालें. ऊपर से बर्फ के टुकड़े डालें और पुदीने की पत्ती या चुटकी भर भुने जीरे पाउडर से गार्निश करके तुरंत ठंडी-ठंडी सर्व करें.