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मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की छापेमारी, सोसाइटी सचिव गिरफ्त में

चंडीगढ़. कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी के सचिव अजय सहगल को एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट(ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है। ईडी की जांच अब सिर्फ एक बिल्डर या प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं रही बल्कि गमाड़ा , टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग और रियल एस्टेट मंजूरी प्रक्रिया के पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं। ईडी ने शुक्रवार शाम अजय सहगल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया। एजेंसी का आरोप है कि किसानों और जमीन मालिकों के फर्जी सहमति पत्र तैयार कर करीब 30.5 एकड़ जमीन का सीएलयू हासिल किया गया। जांच में सामने आया है कि 15 जमीन मालिकों के नाम पर नकली हस्ताक्षर और अंगूठे लगाए गए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर सनटेक सिटी जैसे बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली और बाद में करोड़ों रुपये का कारोबार खड़ा कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा होने के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने आंखें कैसे मूंदे रखीं। एजेंसी को शक है कि मंजूरियों के दौरान कई स्तरों पर मिलीभगत हुई और कुछ अधिकारियों ने कथित तौर पर अवैध लाभ लेकर नियमों को नजरअंदाज किया। इसी कारण अब गमाड़ा और टाउन प्लानिंग विभाग के कुछ अफसर भी एजेंसी के रडार पर आ गए हैं। इस पूरे मामले की शुरुआत पंजाब पुलिस में दर्ज एफआईआर से हुई थी। किसानों ने शिकायत दी थी कि उनकी जानकारी के बिना उनकी जमीनों के सहमति पत्र तैयार किए गए और बाद में उन्हीं दस्तावेजों के जरिए प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई। मामला सामने आने के बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच शुरू की। 7 मई को ईडी ने इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी और एबीएस टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े आठ ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान एक परिसर की बालकनी से 21 लाख रुपये नकद नीचे सड़क पर फेंक दिए गए थे। नीचे लगी नेट से टकराकर नोट सड़क पर बिखर गए। बाद में ईडी अधिकारियों ने पूरी रकम कब्जे में ले ली। इस घटना ने जांच को और चर्चित बना दिया। जांच एजेंसी के अनुसार अजय सहगल ने विवादित सीएलयू के आधार पर केवल सनटेक सिटी ही नहीं, बल्कि ‘ला कैनेला’ नामक मल्टीस्टोरी रिहायशी प्रोजेक्ट और ‘डिस्ट्रिक्ट-7’ कमर्शियल कॉम्प्लेक्स भी विकसित किए। जांच में यह भी सामने आया है कि कई यूनिटों की बिक्री रेरा से मंजूरी और पंजीकरण मिलने से पहले ही शुरू कर दी गई थी, जो नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है। ईडी को यह भी जानकारी मिली है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षित प्लॉट अब तक जीएमाडा को ट्रांसफर नहीं किए गए। वहीं पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जिन अनियमितताओं का उल्लेख हुआ था, उसके बावजूद केवल आंशिक सीएलयू रद्द किए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। एजेंसी यह जांच रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में परियोजना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बजाय सीमित कार्रवाई की गई। सूत्रों का कहना है कि जांच में कुछ ऐसे वित्तीय लेन-देन भी सामने आए हैं, जिनसे संकेत मिल रहे हैं कि कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों तक लाभ पहुंचाया गया। ईडी अब बैंक खातों, प्रॉपर्टी निवेश और मंजूरी प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। आने वाले दिनों में कई और लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। मामले ने पंजाब के रियल एस्टेट सेक्टर में भी हलचल पैदा कर दी है। बिल्डर लॉबी में इस बात को लेकर चिंता बढ़ गई है कि अगर जांच और गहराई तक गई तो कई पुराने प्रोजेक्ट और मंजूरियां भी जांच के दायरे में आ सकती हैं।

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कोपरा जलाशय में जागरूकता कार्यक्रम, संरक्षण का दिया संदेश

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कोपरा जलाशय में जागरूकता कार्यक्रम स्वच्छता अभियान, बर्ड वॉक और सीड बॉल निर्माण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश रायपुर अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर कोपरा रिजर्वायर परिसर में पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन को लेकर जनजागरण कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना था।         आयोजकों ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। स्वच्छता से हुई शुरुआत             कार्यक्रम की शुरुआत क्लीनलीनेस ड्राइव से हुई। नागरिकों, स्वयंसेवकों और पर्यावरण प्रेमियों ने जलाशय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने स्वच्छ और हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया। बर्ड वॉक में पक्षियों का अवलोकन              इसके बाद आयोजित बर्ड वॉक में प्रतिभागियों ने क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न पक्षियों का अवलोकन किया। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में पक्षियों की अहम भूमिका है। उन्होंने पक्षियों और जैव विविधता के पारस्परिक संबंधों की जानकारी दी। सीड बॉल निर्माण बना आकर्षण             वृक्षारोपण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित सीड बॉल निर्माण गतिविधि आकर्षण का केंद्र रही। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सीड बॉल तैयार किए। यह पहल वन क्षेत्र विस्तार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हस्ताक्षर अभियान से जताई प्रतिबद्धता             जैव विविधता संरक्षण, प्रकृति संवर्धन और वन्यजीव सुरक्षा के प्रति उपस्थित लोगों ने हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से   अपनी प्रतिबद्धता जताई। सभी ने पर्यावरण बचाने और भावी पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।            कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों, नागरिकों और प्रकृति प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सतत विकास के संदेश के साथ हुआ।

रेलवे मेंटेनेंस का असर, गोंदिया यार्ड में काम के चलते 6 लोकल ट्रेनें बंद

राजनांदगांव. दो दिनों से आधा दर्जन से अधिक लोकल ट्रेनों के नहीं चलने के कारण यात्रियों की परेशानियां बढ़ रहीं। विशेष रूप से दैनिक यात्री काफी अधिक परेशान हो रहे हैं। गोंदिया रेलवे स्टेशन में मेंटेनेंस का कार्य चल रहा है। ज्ञात हो कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल अंतर्गत आने वाले गोंदिया यार्ड में अधोसंरचना के मद्देनजर निर्माण कार्य किए। मेंटेनेंस कार्य के चलते 21 एवं 22 मई को विशेष ट्रैफिक एवं इंजीनियरिंग ब्लॉक लिया गया। इस कार्य के कारण आधा दर्जन से अधिक लोकल ट्रेन में रद्द रहीं, जिससे यात्रियों की दो दिनों से परेशानियां बढ़ी रहीं। रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोनों दिनों में कुल 08 घंटे 30 मिनट का ब्लॉक लिया। इसमें इंजीनियरिंग विभाग द्वारा स्विच नवीनीकरण एवं पॉइंट सेटिंग सहित आवश्यक कार्य हेतु 06 घंटे का ब्लॉक रखा गया। इसके उपरांत सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग द्वारा वायरिंग डिस्कनेक्शन, परीक्षण एवं संबंधित तकनीकी कार्यों के लिए 02 घंटे का ब्लॉक लिया। साथ ही विद्युत विभाग द्वारा ओएचई परीक्षण हेतु अतिरिक्त 30 मिनट का ब्लॉक लिया। निर्माण कार्य के चलते गाड़ी संख्या 68817 गोंदिया- गढ़ा मेमू पैसेंजर, 21 एवं 22 मई को रद्द रही। गाड़ी संख्या 68818 गढ़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर, 21 एवं 22 मई को रद्द रही. गाड़ी संख्या 68861गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर, 21 एवं 22 मई को रद्द रही। गाड़ी संख्या 68862 झारसुगुड़ा- गोंदिया मेमू पैसेंजर, 22 एवं 23 मई को 68721 रद्द है। गाड़ी संख्या रायपुर – डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर, 21 मई को रद्द रही. गाड़ी संख्या 68723 डोंगरगढ़-गोंदिया मेमू पैसेंजर, 21 मई को रद्द रही. गाड़ी संख्या 68724 गोंदिया-दुर्ग मेमू पैसेंजर, 22 मई को रद्द रही। दो दिनों से लोकल ट्रेनों के नहीं चलने से यात्री परेशान रहे।

सहकार से समृद्धि की नई राह, नवा रायपुर में छह राज्यों की क्षेत्रीय सहकारिता कार्यशाला संपन्न

सहकार से समृद्धि की ओर: नवा रायपुर में छह राज्यों की क्षेत्रीय सहकारिता कार्यशाला संपन्न डेयरी, मत्स्य और बहुउद्देशीय पैक्स को सशक्त बनाने पर मंथन, अनाज भंडारण योजना की प्रगति की समीक्षा रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “सहकार से समृद्धि” की संकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा नवा रायपुर में पूर्वी क्षेत्र के छह राज्यों की एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई। सचिव डॉ. भूटानी ने की अध्यक्षता             कार्यशाला की अध्यक्षता केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने की। इसमें सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारी कार्यशाला में शामिल हुए।           यह कार्यशाला ग्रामीण विकास, किसानों की आय वृद्धि और सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। सहकारिता आधारित योजनाओं से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा किसान, पशुपालक और मत्स्य पालक आत्मनिर्भर बनेंगे। केंद्रीय योजनाओं की हुई समीक्षा            बैठक में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह की पहल पर संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ। पैक्स को बहुउद्देशीय बनाने पर जोर               डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के गठन और सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया। देशभर में 2 लाख नई डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन की दिशा में हो रही प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही विश्व की सबसे बड़ी सहकारी अनाज भंडारण योजना के क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।             विशेषज्ञों ने बताया कि पैक्स समितियों को केवल ऋण वितरण तक सीमित न रखकर बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत खाद-बीज वितरण, धान खरीदी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, डेयरी, मत्स्य पालन, वेयरहाउसिंग और ग्रामीण उद्यमिता जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे किसानों और ग्रामीणों को गांव स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर मिलेंगे। व्यवसायिक विस्तार पर मंथन                कार्यशाला में पैक्स समितियों के बिजनेस डायवर्सिफिकेशन यानी व्यवसायिक विस्तार पर सार्थक चर्चा हुई। अधिकारियों ने पैक्स समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर गहन मंथन किया, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।             कार्यक्रम में केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव सिद्धार्थ जैन, संयुक्त सचिव रमन कुमार, छत्तीसगढ़ शासन के सचिव सहकारिता डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक महादेव कावरे, एनडीडीबी आनंद, गुजरात के डॉ. वी. श्रीधर एवं सीनियर मैनेजर ऋषिकेश कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा अपर पंजीयक श्रीमती सावित्री भगत, संयुक्त पंजीयक यू.बी.एस. राठिया, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डी.के. गवली, डीजीएम ध्रुप राज सिंह, सहायक प्रबंधक मयूर चव्हाण, अपेक्स बैंक के महाप्रबंधक युगल किशोर, मार्कफेड के महाप्रबंधक दिलीप जायसवाल, अपेक्स बैंक के डीजीएम भूपेश चंद्रवंशी, एजीएम अरुण पुरोहित, एल.के. चौधरी तथा प्रबंधक अभिषेक तिवारी सहित सहकारिता, नाबार्ड, भारतीय खाद्य निगम, नाफेड, वेयरहाउसिंग, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

UP कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, डीए में बढ़ोतरी के आदेश जारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में पांचवें और छठवें वेतनमान पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। योगी सरकार ने इन कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में इजाफे के आदेश जारी कर दिए हैं। पांचवें वेतमान में कार्यरत कार्मिकों का डीए नौ प्रतिशत और छठवें वेतनमान में कार्यरत कार्मिकों का डीए पांच प्रतिशत बढ़ाया गया है। वित्त विभाग के मुताबिक इन सभी कर्मचारियों को मई के वेतन में बढ़े डीए का लाभ मिलेगा। आदेश के मुताबिक छठे केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा संस्तुत और राज्य सरकार द्वारा लागू की गई वेतन संरचना में कार्यरत कर्मचारियों का डीए पांच प्रतिशत वृद्धि के साथ 257 से बढ़कर 262 प्रतिशत और पांचवें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा संस्तुत वेतन संरचना में काम कर रहे कार्मिकों का डीए नौ प्रतिशत वृद्धि के साथ 474 से बढ़कर 483 प्रतिशत हो गया है। डीए का लाभ एक जनवरी से दिया जाएगा। एक जनवरी से 30 अप्रैल तक की देय अवशेष राशि (एरियर) अधिकारियों और कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में जमा की जाएगी। जो कर्मचारी भविष्य निधि खाते के सदस्य नहीं हैं उनकी अवशेष धनराशि उनके पीपीएफ में जमा कराई जाएगी या एनएससी के रूप में दी जाएगी। राज्य सरकार भी पेंशन में देगी 14 फीसदी धनराशि राष्ट्रीय पेंशन योजना वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को देय अवशेष राशि में से 10 प्रतिशत के बराबर धनराशि उनके टियर-एक पेंशन खाते में जमा कराई जाएगी। राज्य सरकार की तरफ से भी पेंशन खाते में अवशेष धनराशि की 14 प्रतिशत के बराबर धनराशि जमा की जाएगी। बची हुई 90 प्रतिशत राशि कार्मिकों के पीपीएफ में जमा कराई जाएगी अथवा एनएससी के माध्यम से दी जाएगी। इन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ बढ़े हुए डीए का लाभ राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण और प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों के नियमित और पूर्णकालिक कर्मचारियों, कार्य प्रभारित कर्मचारियों और यूजीसी वेतनमानों में कार्यरत उन पदधारकों को मिलेगा जिनके वेतनमान जनवरी 2016 से पुनरीक्षित नहीं हुए हैं। और वे पांचवें और छठवें वेतनमान में कार्यरत हैं। जिन अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवाएं इस शासनादेश के जारी होने की तारीख से पहले समाप्त हो गई हैं या फिर जो छह महीने के अंदर रिटायर होने वाले हैं, उन्हें महंगाई भत्ते (डीए) की पूरी धनराशि का भुगतान नगद किया जाएगा। बता दें कि अखिल भारतीय सेवाओं के पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स को बढ़ी दर से महंगाई राहत का लाभ देने के लिए भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आदेशों के मुताबिक भुगतान किए जाने का आदेश भी वित्त विभाग ने जारी किया है।

गर्मी में टिफिन पैकिंग गाइड: खाने को जल्दी खराब होने से बचाने के आसान तरीके

मई में भारत का तापमान 45 डिग्री पार कर चुका है. बाहर हो या घर के अंदर सभी जगह किसी जलती भट्टी की तरह लग रही हैं. ऐसी सड़ी गर्मी में खाने-पीने की चीजों को खराब होने से बचाना सबसे बड़ा चैलेंज बन जाता है. खासकर जब बात स्कूल या ऑफिस के टिफिन की हो, तो थोड़ी सी लापरवाही भी खाने को जल्दी खराब कर सकती है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और उमस की वजह से खाने में बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं, जिससे वो जल्दी ही सड़ने लगता है. यहां तक की कई बार तो उसमें बदबू आने लगती है. अगर गलती से किसी भी बच्चे या बड़े ने ये खाना खा लिया तो पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई बार सुबह बनाया गया खाना दोपहर तक ही खराब होने लगता है, खासकर अगर उसे सही तरीके से पैक न किया गया हो. ऐसे में जरूरी है कि लंच बॉक्स पैक करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए. कुछ छोटी-छोटी आदतें आपके खाने को लंबे समय तक फ्रेश बनाए रख सकती हैं और उसे खराब होने से भी बचा सकती हैं. अच्छी क्वालिटी के डिब्बे का करें इस्तेमाल: गर्मियों में हमेशा अच्छी क्वालिटी के मजबूत लंच बॉक्स का इस्तेमाल करना चाहिए. इंसुलेटेड या एयरटाइट कंटेनर खाने को ज्यादा देर तक ताजा रखने में मदद करते हैं. इससे बाहर की गर्म हवा और नमी खाने तक जल्दी नहीं पहुंचती. गर्म खाना तुरंत पैक न करें: बहुत से लोग खाना बनते ही टिफिन में पैक कर देते हैं, लेकिन ये आदत सही नहीं मानी जाती है. गर्म खाना बंद डिब्बे में रखने से अंदर भाप बनती है, जिससे नमी बढ़ती है और खाना जल्दी खराब हो सकता है. इसलिए खाना थोड़ा ठंडा होने के बाद ही पैक करें. कटे हुए फल ले जाने से बचें: अगर आप टिफिन में फल रख रहे हैं, तो कोशिश करें कि उन्हें पूरा ही रखें. कटे हुए फल जल्दी काले पड़ जाते हैं और लंबे समय तक बाहर रहने पर उनमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है. केला, संतरा या सेब जैसे फल पूरे रखना ज्यादा बेहतर माना जाता है. बचा हुआ खाना पैक करने में सावधानी रखें: रात का बचा हुआ खाना अगले दिन टिफिन में रखना सही नहीं होता, खासकर अगर वो जल्दी खराब होने वाली चीज हो. ज्यादा देर रखा खाना इंफेक्शन का कारण बन सकता है. कोशिश करें कि हमेशा ताजा बना खाना ही पैक करें. खाने को दोबारा गर्म करना हो सकता है फायदेमंद: अगर ऑफिस या स्कूल में माइक्रोवेव है, तो खाना खाने से पहले उसे हल्का गर्म जरूर कर लें. इससे खाने में मौजूद बैक्टीरिया खत्म होने में मदद मिलती है और फूड पॉइजनिंग का खतरा कम होता है. गीले और सूखे खाने को अलग रखें: रोटी, सलाद और सूखी सब्जी जैसी चीजों को हमेशा ग्रेवी वाले खाने से अलग पैक करें. इससे खाना गीला नहीं होता और लंबे समय तक स्वाद भी बना रहता है.

EVM की मांग पर हाईकोर्ट सख्त, बोला- अब बहुत देर हो चुकी; पंजाब निकाय चुनाव पर बड़ा फैसला

चंडीगढ़  पंजाब में नगर निकाय चुनाव प्रक्रिया के अंतिम दौर में पहुंचने के चलते पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इसमें हस्तक्षेप करने से साफ इन्कार कर दिया। अब मतदान बैलेट पेपर से होगा।  अदालत ने स्पष्ट कहा कि चुनाव कार्यक्रम 13 मई को ही जारी हो चुका था, नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 19 थी और अब केवल मतदान बाकी है। कोर्ट ने कहा कि इस चरण में ईवीएम पर कोई आदेश पारित करना उचित नहीं होगा। जनहित याचिका दाखिल करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से पंजाब में निकाय चुनाव ईवीएम से करवाने की मांग की गई थी। याची ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा था कि पारदर्शी व निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ईवीएम का इस्तेमाल जरूरी है।  26 मई को होना है मतदान पंजाब में 105 नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के लिए 26 मई को मतदान होगा। मतदान बैलेट पेपर से करवाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।   हम ब्लेम गेम का हिस्सा नहीं बन सकते इस मामले में हाईकोर्ट में इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया व पंजाब राज्य चुनाव आयोग आमने सामने आ गए थे। ईसीआई ने कहा था कि समय रहते ईवीएम की मांग नहीं की गई थी। इसके जवाब में पंजाब राज्य चुनाव आयोग ने कहा था कि उन्हें वह मशीनें नहीं उपलब्ध करवाई जा रही थी जिसकी उन्होंने मांग की थी। वहीं ट्रेनिंग व व्यवस्था के लिए समय को लेकर भी दोनों ने अदालत के समक्ष अपनी दलीलें रखीं। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि ईसीआई व राज्य चुनाव आयोग आपस में ब्लेम गेम खेल रहे हैं और हम इस गेम का हिस्सा नहीं बनना चाहते। याचिकाकर्ता देर से आए कोर्ट ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट से सहमत हैं कि बैलेट पेपर की तरफ वापस जाना सही नहीं है लेकिन याचिकाकर्ता अदालत के समक्ष बहुत देर से पहुंचे हैं। इसी आधार पर अदालत ने संबंधित याचिकाओं को खारिज कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को राहत देते हुए यह स्वतंत्रता भी दी कि यदि उन्हें चुनाव प्रक्रिया या परिणाम को चुनौती देनी है तो वे कानून के अनुसार चुनाव याचिका दायर कर सकते हैं। समाज में अशिक्षा के चलते बनाए रखा गया है बैलेट पेपर का प्रावधान हाईकोर्ट ने कहा कि हमारे समाज में, जहां अशिक्षा आज भी बड़ी आबादी को प्रभावित करती है, नियम बनाने वाले प्राधिकरण ने जानबूझकर मतपत्र और मतपेटियों से संबंधित प्रावधानों को बरकरार रखा और नगर निकाय चुनावों में ईवीएम की अवधारणा लागू करते समय इन्हें समाप्त नहीं किया। ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं, जब ईसीआई या राज्य निर्वाचन आयोग को पुनः पारंपरिक प्रणाली अर्थात मतपत्र और मतपेटियों के माध्यम से चुनाव कराना पड़े।  

प्रेमी से शादी की जिद में मोबाइल टावर पर चढ़ी नाबालिग, जहानाबाद में हाई वोल्टेज ड्रामा

 जहानाबाद बिहार के जहानाबाद में एक बार फिर मोहब्बत का मोबाइल टावर वाला हाई वोल्टेज ड्रामा देखा गया। करपी थाना क्षेत्र के पूरान गांव में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब प्रेमी से शादी कराने की मांग को लेकर एक नाबालिग लड़की जिओ कंपनी के मोबाइल टावर पर चढ़ गई। करीब 120 फीट ऊंचे टावर पर लड़की के चढ़ने की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। उसे नीचे उतारने में पुलिस के पसीने छूट गए। जानकारी के अनुसार शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे तपती धूप की परवाह किए बगैर एक नाबालिग लड़की पूरान गांव स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गई। राहगीरों की नजर जब लड़की पर पड़ी तो इसकी सूचना तत्काल करपी थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष संजीव कुमार सिन्हा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लड़की को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास शुरू किया। यह खबर जंगल की आग की तरह इलाके में फैल गई और लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। करीब तीन घंटे तक यह ड्रामा चलता रहा। पुलिस एवं स्थानीय लोगों के समझाने-बुझाने के बाद लड़की टावर से नीचे उतरने को तैयार हुई। पुलिस ने राहत की सांस लेते हुए लड़की को सुरक्षित नीचे उतारा और पूछताछ के लिए थाना ले गई। पूछताछ में लड़की ने बताया कि उसका करपी जगदेव चौक के समीप मोबाइल फोन मरम्मत का काम करने वाले दीपक नामक युवक से लगभग एक वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा है। मोबाइल फोन पर दोनों के बीच संपर्क हुआ था। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और प्रेम संबंध स्थापित हो गया। लड़की युवक से शादी कराने की मांग कर रही थी। घटना के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है तथा लड़की एवं उसके परिजनों से पूछताछ की जा रही है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पुलिस उस लड़के को भी तलब करेगी जिससे अफेयर का दावा लड़की करती रही। नाबालिग होने के कारण उसकी शादी में अड़चन है। बेटी की करतूत से उसके परिजन काफी नाराज हैं। प्यार और शादी के लिए टावर पर चढ़ने की घटना पहली बार नहीं हुई है। बिहार में एक ट्रेंड चल पड़ा है कि अपनी कोई बात मनवाने के लिए टावर पर चढ़ जाएं। कई बार कुछ सनकी किस्म के लोग बिजली के टावर पोल पर भी चढ़ जाते हैं जिन्हें बचाने के लिए इलाके में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो जाती है।

कान्स में ऐश्वर्या राय को लेकर वायरल दावा कितना सच? जानिए पूरा मामला

ऐश्वर्या राय बच्चन कान्स की रियल क्वीन हैं. वो बीते कई सालों से कान्स फिल्म फेस्टिवल में जलवे बिखेर रही हैं. ऐश्वर्या के रेड कार्पेट लुक्स पर दुनियाभर की नजरें टिकी रहती हैं और एक्ट्रेस भी हमेशा अपने ग्लैमरस लुक से हर किसी को वाह…कहने पर मजबूर कर देती हैं. ऐश्वर्या जब भी रेड कार्पेट पर उतरती हैं तो हर कैमरा सिर्फ उनपर होता है. एक्ट्रेस को अपने कैमरों में कैद करने के लिए इंटरनेशनल फोटोग्राफर्स बेकरार रहते हैं. लेकिन क्या इस साल ऐश्वर्या को इग्नोर किया गया है? इस सवाल पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. क्या है वायरल पोस्ट की सच्चाई? ऐश्वर्या राय इस साल इलेक्ट्रिक ब्लू मर्मेड गाउन में कान्स रेड कार्पेट पर जलवे बिखेरती नजर आईं. ब्लू गाउन में एक्ट्रेस का ग्लैमरस अंदाज दिखा. उन्होंने रेड कार्पेट पर फोटोग्राफर्स को फ्लाइंग Kiss करते हुए कई पोज भी दिए. एक्ट्रेस की खूबसूरती पर हर कोई दिल हार बैठा. ब्लू गाउन में ऐश्वर्या के कई फोटोज और वीडियोज इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं. इस साल भी ऐश्वर्या ने अपने गॉर्जियस लुक्स से फैंस का दिल जीत लिया. ऐश्वर्या के हुस्न की तारीफ करते फैंस थक नहीं रहे हैं. लेकिन इसी बीच X पर वायरल एक पोस्ट ने ऐश्वर्या राय के फैंस को नाराज और निराश कर दिया. वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि कान्स में ऐश्वर्या राय को इग्नोर किया गया. पोस्ट में लिखा है-  कोई ऐश्वर्या राय की तस्वीरें क्यों नहीं खींच रहा है? (मैं उनके फैंस की तरह बेवकूफ नहीं हूं, मैं बस उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दे रही हूं.) इस पोस्ट पर ऐश्वर्या राय के फैंस उनके सपोर्ट में आगे आ रहे हैं. फैंस वायरल पोस्ट पर गुस्से में रिएक्शन दे रहे हैं. एक फैन ने ऐश्वर्या के सपोर्ट में लिखा- मुझे नहीं लगता कि दर्शक या कैमरे इतने अंधे हैं जो ऐश्वर्या राय को नजरअंदाज कर दें. जरा कैमरों के फ्लैश तो देखो. सोशल मीडिया पर पोस्ट पर बहस छिड़ रही हैं. वायरल पोस्ट पर एक्ट्रेस के फैंस का गुस्सा फूट पड़ा है. फैंस का कहना है कि निगेटिव पीआर के जरिए ऐश्वर्या के खिलाफ ऐसे पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं. वैसे इस मामले में आपका क्या कहना है?

वास्तु टिप्स: अलमारी में रखी ये 4 खराब चीजें रोक सकती हैं धन का प्रवाह

वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमारे घर की हर एक वस्तु में खास ऊर्जा होती है, जो हमारे जीवन और आर्थिक स्थिति पर असर डालती है.  खासकर हमारी अलमारी, जिसे हम धन और कीमती चीजें रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं, वहां सकारात्मक ऊर्जा का होना बेहद जरूरी है.  कई बार हम अनजाने में अपनी वॉर्डरोब में कुछ ऐसी पुरानी या खराब चीजें छोड़ देते हैं, जो नकारात्मकता बढ़ाती हैं और सीधे हमारे बैंक बैलेंस पर असर डालती हैं. अगर लाख कोशिशों के बाद भी आपके पास पैसा नहीं टिक रहा है, तो तुरंत अपनी अलमारी चेक करें.  वास्तु के अनुसार, वॉर्डरोब में रखी ये 4 पर्सनल चीजें आपका मनी फ्लो ब्लॉक कर सकती हैं: 1. फटा या टूटा हुआ पर्स (Wallet) वास्तु में पर्स को सीधे लक्ष्मी और बरकत से जोड़कर देखा जाता है. अगर आपकी अलमारी या लॉकर में कोई ऐसा पर्स रखा है जो फट गया है, जिसकी सिलाई उधड़ गई है या ज़िप खराब है, तो उसे तुरंत हटा दें. ऐसा माना जाता है कि फटा हुआ वॉलेट पैसों की आवक को रोकता है और जमा पूंजी को भी खर्च करा देता है. 2. खराब या फटे हुए इनरवियर कपड़ों का संबंध ज्योतिष में सीधे शुक्र ग्रह से माना गया है, जो सुख-समृद्धि और वैभव के कारक हैं. अक्सर लोग पुराने या हल्के फटे हुए इनरवियर को अलमारी के कोने में पड़ा रहने देते हैं. वास्तु के अनुसार, शरीर के सबसे करीब रहने वाले इन कपड़ों का खराब होना पर्सनल एनर्जी को बिगाड़ता है. यह आपकी आर्थिक स्थिति के साथ-साथ आपके रिश्तों पर भी बुरा असर डाल सकता है. 3. बंद या टूटी हुई हाथ की घड़ी कलाई घड़ी को वास्तु शास्त्र में हमारे समय, प्रगति और करियर के ग्राफ का प्रतीक माना जाता है. अगर अलमारी में कोई ऐसी घड़ी रखी है जो बंद है, जिसका शीशा चटक गया है या स्ट्रैप (बेल्ट) टूट चुकी है, तो यह जीवन में ठहराव लाती है.  खराब घड़ी को वॉर्डरोब में रखने से करियर में रुकावटें आती हैं, इससे धन लाभ के नए अवसर मिलना बंद हो जाते हैं. 4. टूटे और घिसे हुए जूते-चप्पल कई लोग महंगे लेकिन टूट चुके या घिस चुके फुटवियर को अलमारी के निचले हिस्से या शू-रैक वॉर्डरोब में सहेज कर रख देते हैं.  वास्तु के अनुसार, जूते-चप्पल हमारी जिंदगी की दिशा और रफ्तार तय करते हैं. टूटे-फूटे फुटवियर घर में दरिद्रता और आर्थिक तंगी को बढ़ाते हैं.  तरक्की के रास्ते खोलने के लिए इन्हें तुरंत बाहर करना ही बेहतर है.